By | January 29, 2023

Apni Hot Bhabhi Ki Chudai:हैलो दोस्तो, कैसे हो आप  आज मैंने आपके साथ पिछली कहानी का भाग 8  लेके आया हु, अब आगे, अगर आपने इस कहानी के पिछले भाग नहीं पढे तो यहा क्लिक करके पढ़ सकते है।

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शोभा की हुई हालत बेहाल थी फिर  होश संभाल कर पीछे देखा तो आकाश की बेहाल हालत देख पता चला की इस बार हम तीनो एक साथ झड़े. मैं मन ही मन आंख बंद कर सोचने लगी की आकाश 2 राकेश 2 और मैं 3 बार झड़ चुकी थे शाम से अब तक. और पता नहीं अभी ये रात ख़तम होते होते मैं कितनी बार और झड़ने वाली हूँ.कुछ ही देर में मेरे नीचे से राकेश ने कहा: क्या हुआ जान अब आगे क्या ऐसे ही सो जाने का इरादा है?मैं धीमे आवाज़ में बोली: नहीं बिलकुल भी नहीं मैं आकाश को देख रही थी. वह भी हमारे साथ पूरा मज़ा ले रहा था.

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राकेश भी धीमी आवाज़ में बोला: काश मैं भी उसे देख पाता कैसे कोई और तुम्हे चुदते देख रहा है.मैं: शठ कुछ और बोलो.राकेश: अभी तो आधा ही हुआ है जान चलो उठो.

मैं: हाँ बोलो अब तुम्हारी वह गोली किधर है.राकेश: वह तो मैंने कब की खाली जब तुम बहार गयी थी मुझे छोड़ कर.इस बात पर में नीचे को हाथ बढ़ा कर पकड़ी तो पाया की राकेश का लंड फिर से तन्न चूका था.राकेश: है है है! तुझे तो आज मैं ऐसा चोदुगा की तू कभी नहीं भूलेगी और नहीं वह घर में घुसा बिल्ला जो हमे देख रहा है.

इस बात पर मैं आकाश को देखा तो वह मुस्कुराने लगा मनो वह यही सोच रहा है की राकेश किसी बिल्ली की ही बात कर रहा हो. मैं राकेश के बदन से उठी. उसके हाथ को पकड़ उसे उठती हुई बेड पर उसे उसके घुटनो पर बैठा दी. फिर उसके सामने जाकर मैं भी कुतिया बनकर अपनी गांड उसके मुँह पर लगाकर बैठ गयी.और बोली: चोद के सुझा दिया चलो थोड़ा चाट कर आराम दो वरना नहीं चोदूंगी दूंगी.

पल भर का वक़्त नहीं लगा राकेश के लिए बिना देखे सूंघ कर ये पता लगाने में की मेरी चूत और गांड कहा. फिर वह मेरा कुत्ता बनकर आकाश को दिखते हुए मेरी चुदी हुई चूत और कसी हुई गांड को चाटने लगा. Apni Hot Bhabhi Ki Chudai:

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दरअसल जब हमारी लव मैरिज हुई थी तब राकेश के परिवार वालो ने शादी से इंकार कर दिया था.जब शादी जैसे तैसे हुई तो इसके परिवार से लोग भी काफी काम आये थे.

आकाश को भी मैं उन लोगो मैं ही गईं रही थी क्यों की वह भी नहीं आया था हमारी शादी में. इस कारन मुझे इस बात से और भी ज़्यादा मज़ा आ रही थी की किस तरह मैं आकाश को दिखा रही हूँ.यही की देखो तेरा बड़ा भाई कैसे मेरे लिए आँखों में पट्टी बांध कर मेरे आवाज़ पर मेरा कुत्ता बन जाता है. राकेश पीछे से मेरी चूत और गांड को चाट चाट कर निकलती हुई रस को साफ़ कर रहा था.और अगली चढ़ाई के लिए तैयार कर रहा था.

मैं उसे उकसाने के लिए और साथ ही आकाश को सुनते हुए गन्दी बोल बोल रही थी.मैं: ओह राकेश कितना अच्छे हो तुम मेरे प्यारे कुत्ते और चाटो. अच्छे से चाटो मेरी टपकती चूत और गांड.राकेश: कितनी नमकीन है तू.

खुशबू भी कितनी मादक है.राकेश मेरी चूत को चाट चाट कर उससे निकलती मेरी और उसकी रस को साफ़ करता हुआ मेरी गांड की छेद को भी चाट रहा था. मुझे काफी मज़ा आ रही थी. और मैं बार बार आकाश को देखती तो वह हमारी बाते और हमारे कुत्ते जैसी हरकतों को देख उत्तेजित होकर लंड को हिला रहा था.मैं आकाश को देख कर अपनी होंटो को कटती हुई राकेश से बोली: आह मेरी चूत में खुजली हो रही है राकेश थोड़ा खुजला दोना अपनी उंगलियों से.

इस बात पर वह चाटना बंद करके अपने एक हाथ की उंगलियों से मेरी चूत को खुज लाया. फिर उसने पीछे से ऊँगली डालकर अंदर खुजलाने जैसी उंगलियों की हरकत करने लगा.मैं: राकेश. वाओ. तुम खुजलाते भी कितना अच्छा हो और करो.और फिर आकाश को देख राकेश को बोली: पर कुत्ते चाटने को किसने रोका तुम्हे. चल चाट मेरी गांड.भले मैं आकाश के सामने उसके भाई को गाली देकर अपनी गांड चटवाने का मज़ा ले रही थी. Apni Hot Bhabhi Ki Chudai:

पर आकाश को देख ऐसा लग रहा था उसे इसमें काफी मज़ा आ रहा हो.वह मेरी हर बात पर अपने लंड को और भी ज़ोर से हिलाते जाता. कुछ 5 मिनट ऐसे ही मैं राकेश को कई बार गाली देती हुई. फिर उससे अपनी गांड चटवाने और चूत में ऊँगली से चुदवाने के बाद मैं बोली: चल मेरे कुत्ते अब अपनी इस घुटने पे बैठी कुतिया को चोदो.

ये बोल मैं बेड पर कुतिया बनी आकाश को लंड हिलाते हुए देखते रही थी. राकेश ने बिना देखे मेरे कमर को पकड़ सहारा लिए मेरे पीछे घुटनो पे होकर अपना लंड का सुपर मेरी चूत के अंदर ज़ोर से दे मारा.मैं: अह्हह्ह्ह्ह! फ़क!मैं बेड को कस कर पकड़ती हुई सहम गयी. राकेश मुझे बिना देखे मेरी कमर को कस के पकड़ कर अपनी कमर हिलता हुआ मुझे चोदने लगा. मेरी चूत में उसका लंड समाता और निकलता.

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और इस रगड़ में हर धक्के में मेरी ‘आह्हः’ की आवाज़ के अलावा और कुछ नहीं निकल रही थी.करीब 5 मिनट ऐसे ही चुदने के बाद वह मेरी एक टांग को मरोड़ते हुए ऊपर उठाया. और अपनी पूरी ताकत के साथ मुझे चोदने लगा. इस तरह करने से आकाश को साफ़ दिखने लगा कैसे उसके भाई का लोहे जैसा लंड मेरी चूत के अंदर धस रही थी. मनो कोई सांप अपने बिल में घुस रहा हो.

इस तरह चुदने से भले मेरी जंघे दर्द दे रही थी. पर मुझे मज़ा इतनी ज़्यादा आ रही थी की मुझे दर्द का एहसास ही नहीं हो रही थी.राकेश: अब बोल मेरी कुतिया कैसा लग रहा है तुझे तो आज तोड़ मरोड़ के चोदुगा .मैं: अह्ह्ह्हह्हह जो करना है करो बस चोदता रहो. रुकना मत कुत्ते.राकेश: इतना चोदना की कल तू उठेगी नहीं.मैं: मैं उठना भी नहीं चाहती. फ़क में मोरे राकेश.

करीब 15  मिनट इसी तरह राकेश मुझे सांड की तरह चोदता रहा. और साफ़ था की ये उस टेबलेट का असर है और फिर मेरी चीख निकल आई.मैं: अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह राकेश बस मैं झड़ रही हूँ.मैं राकेश को एक धका मैं अपने से दूर हटाई. उसे अलग होकर सिकुड़ती और कपकपाती हुई बेड पर तड़पती हुई अपने रस से बेड को भिगोने लगी. मेरे हाथ जांघो के बीच चूत को दबती हुई रस फेकने लगी. मनो मैं कह रही हूँ की मेरी चूत को और मत चोदो वर्ण मैं मर जाउंगी.अच्छा हुआ की राकेश मुझे देख नहीं पाया की मैं बेड पर कहा हूँ. वह मुझे इधर उधर हाथ मार कर अंधे की तरह खोजने लगा.

 राकेश मुझे खोज आया और मेरी सिकुड़ी हुई बदन के ऊपर लेट कर बोला: क्या हुआ जान हालत ख़राब हो गयी क्या?मैं: अहह रुको रुको थोड़ी देर मेरी जांघ दुख रही है तुमने ऐसे क्यों मरोड़ा.राकेश तब थोड़ा आराम से बोला: ओह सॉरी बेबी दर्द हुआ क्या?मैं: हाँ रुको 5 मिनट. Apni Hot Bhabhi Ki Chudai:

राकेश: ओके अगर चाहो तो तुम बस मुझे चूस कर झाड दो आज के लिए.मैं तब उसे एक हाथ से गले लगाती हुई बोली: नहीं कोई ज़रुरत नहीं. जब तक तेरा लंड 2 से 3 बार और मेरी चूत न भर दे मुझे नींद नहीं आएगी.राकेश: ओह माय डार्लिंग यू अरे सो स्वीट.वह मेरे ऊपर से हैट गया. फिर मैं जांघो को फैलाकर अपनी चूत की होंटो को उंगलियों से मसलकर उसे आराम दी. इस चुड़क्कड़ सांड के साथ अगले राउंड की तयारी करने लगी.

तभी राकेश मेरे कान में पुछा: आकाश अब भी है क्या?मैं हल्केसे सर उठा कर देखि तो दिखा की उसका लंड फिरसे नीचे है मतलब वह फिरसे मेरे साथ झड़ गया . मैंने राकेश को धीमी आवाज़ में जवाब दी: हाँ वही है और शायद अब तक मेरे साथ ही साथ 3 बार झाड़ चूका है.मैं फिर बेड से उठी और राकेश का हाथ पकड़ कर उसे भी अपने साथ उठायी. और हमारे ड्रेसिंग टेबल के पास ले गयी जो हमारे बेड के साइड पर है.

उसका आईना ठीक दूर के बहार आकाश के तरफ थी. मैं ड्रेसिंग टेबल पर हाथ के बल झुक कर खड़ी हो गयी.राकेश मुझे छू कर महसूस कर जान गया की मैं उस के लिए झुकी हुई हूँ. राकेश मेरे पीछे आकाश को पीट दिखाके खड़ा हुआ और अपना लम्बा लंड मेरी चूत के अंदर घुसा डाला.मैं: अह्ह्ह्हह! उफ्फ्फ्फ़ राकेश बहुत अच्छा लगा और ज़ोर से.इसके बाद राकेश अपने कमर को हिलाते हुए मेरी चूत में पीछे से चोदने लगा.

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मैं ड्रेसिंग टेबल पर हाथ टिका कर मज़े लेने लगी. इस तरह आईने के तरफ देख चुदवाने का एक कारन ये था की मैं आईने में आकाश को और आकाश आईने में मुझे देख सकता था.मैं आईने में आकाश को मुझे चढ़ते देख रही थी. वह मेरे चेहरे पे उभरती मस्ती को देख अपने लंड को हिला रहा था. इसी बीच राकेश चोदते  हुए मुझसे बोला : प्लीज जान गांड भी चोदने दो ना.मैं: नहीं राकेश प्लीज आज बस मेरी चूत मारो गांड रोज़ नहीं मारते प्लीज.

कल ही तो किये थे.राकेश: प्लीज जान. प्लीज.मैं: नहीं आज बस चूत चोद कर फाड़ डालो. जब तुम वापस आओगे तो गांड मारना जी भर कर.मेरी गांड न चोदने देने का गुस्सा राकेश मेरी चूत में अपना लंड बेरहमी से उतार कर दे रहा था.मैं आहे भर्ती हुई उसके गुस्से का. और साथ ही आकाश को उसके लंड को मुझे देख हिलने का मज़ा ले रही थी. करीब 10 मिनट ऐसे चोदवाने के बाद राकेश को मैं पीछे हटाई. Apni Hot Bhabhi Ki Chudai:

और पलट कर ड्रेसिंग टेबल पर बैठ अपनी टाँगे फैलाई और उसके लंड को पकड़ खींच अपनी खुली चूत पर टिका दी.बेचारा राकेश कुछ न देखते हुए मुझे अँधा बना लंड को अंदर घुसकर चोदने लगा. अब मुझे आईने की ज़रूरत नहीं थी. राकेश के कंधे पर अपना सर टिका कर मैं चुदवाती हुई आकाश को देख मुस्कुरा रही थी. मेरे हाथ राकेश के पीठ पर मेरे नाखून गदा रही थी.क्यों की उसका लंड मेरी चूत में इस कदर धास्ति जा रही थी मनो और गहरी होती जा रही हो मेरी चूत.

करीब 15  मिनट बाद अब राकेश की चोदने की रफ़्तार इतनी तेज़ हो गयी थी की पूरा ड्रेसिंग टेबल मेरे साथ हिल रही थी. और उस पर रखी  कास्मेटिक के डब्बे नीचे गिर रहे थे.पर राकेश कहा रुकता भले मैं चीखु या चिल्लाऊं. मेरी मुँह से चीक क्या सांस भी नहीं निकल रही थी. आँखे नशे से बंद चूत चौधवटी हुई बेहाल होते जा रही थी.

इतने में मैं धीमी आवाज़ में राकेश को बोली: रा…रक्… राकेश बस बस करो बस हो गया मेरा.मेरी चूत से रस एक बार फिर छिटक पड़ी. पर वह रुका नहीं जब तक उसने मेरी चूत अपने रस से न भर दिया. मेरे झड़ने के बाद वह भी मेरी चूत में अपना गदा मुठ भर डाला. शायद ये उस टेबलेट का असर था जो उसने इस बार मेरी चूत को इतना भर दिया.

मेरी चूत से रस संभाली नहीं गयी और सारा रास मेरी चूत से निकल मेरी गांड से होती हुई ड्रेसिंग टेबल पर गिरी. और फिर वह से फर्श पर. मैं वही बैठी रही राकेश के कंधे पर अपना सर रख आंखे बंद कर. राकेश मुझे और खुद को संभाले ड्रेसिंग टेबल के दिवार पर हाथ के सहारे खड़ा रहा.करीब पांच मिनट बाद मैं होश में आयी. राकेश को अपने से अलग कर आकाश को देखि तो हस्स पड़ी.

 ये सोच की आकाश सचमे मुझे झड़ते देख उत्तेजित होकर खुद भी झड़ जाता है. क्यों की फिरसे उसका लंड मुरझाया हुआ था.मेरी हस्सी सुन राकेश पुछा: क्या हुआ क्यों हस्सी?तो मैं भी चालाकी के साथ आकाश को सुनती हुई बोली: देखो राकेश तुम्हारा लंड तो डाउन हो गया है है है! . Apni Hot Bhabhi Ki Chudai:

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राकेश: घबराओ मत जान एक बार मुँह में लेकर देखो फिरसे तैयार हो जायेगा.मैं: नहीं राकेश प्लीज आज अभी और नहीं. वहा जलन हो रही है.राकेश: अच्छा इतनी जल्दी?मैं: हाँ प्लीज. तुमने तो टेबलेट ली है तो हो जाएगी पर मेरी हालत का क्या.मैं राकेश का हाथ लेकर अपनी चूत पर रख उसे बोली: लो देखो अपने हाथ से छू कर.इस पर राकेश मेरी चूत को अपनी उंगलियों से महसूस किया. उसे भी एहसास हो गया की मेरी चूत के दोनों तरफ के होंठ फैल कर बहार को उभर आयी है.

मेरी चूत की हालत महसूस कर वह हसने लगा. मैं मज़ाक में मुँह फेरती हुई आकाश को देखि.फिर आकाश को इशारा की की वह डाइनिंग में रखे खाने को लेकर अब जल्दी से अपने कमरे में जाये. मेरी थकी बर्बाद हालत देख वह भी समझ गया की शो ख़तम और मैं भी. फिर मैं जाकर दूर र बंद की. डोर  बंद होने की आवाज़ सुनते ही राकेश समझ गया.और तुरंत अपनी आँखों से पट्टी हटा कर मुझे देखा और देखते ही मुझे मेरे हाथ से पकड़ बेड पर फेक डाला. मैं बेड पर अपनी पेट के बल गिरी तो वह मेरे बगल आकर मेरी गांड पर लगातार तमाचे मरने लगा.

मैं: आउच राकेश क्या हुआ? मारो मत. दर्द हो… अह्ह्ह्ह.राकेश: कामिनी इतना देर मुझे नचा रही थी न.मैं मर के दर्द के साथ हस्ती हुई बोली: अह्ह्ह सॉरी सॉरी प्लीज मारो मत.राकेश: तो क्या करू बोल.इतना कहते हुए उसने मेरी गांड को दो तरफ फैलाया. मेरी गांड के छेद पर थूकने के बाद अपनी एक ऊँगली गांड के अंदर पूरी की पूरी उतार दी.मैं: राकेश प्लीज…राकेश: गांड नहीं मारना देगी क्या बोल?

मैं: नहीं राकेश आज नहीं बोली न कल ही तुमने चोदा था आज नहीं प्लीज.इस बात पर वह मेरी गांड में दो ऊँगली घुसा कर चोदने लगा और मैं दर्द में बोली: रुको वरना …राकेश: वरना क्या? हम्म्म्म बोल.मैं: मैं चिलऔगी और केस कर दूंगी तुम पर. है है है!मेरी ये की बात और हस्सी सुन वह मुझे पलटाया. मुझे पीठ के बल लेटा कर एक हाथ से मेरे सीने पर दबाकर रखा. और अपने दोनों घुटनो के सहारे मेरी जांघो को फैलाया.

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एक ही बार में मेरी बेहाल चूत में थीं उंगली घुसा कर ज़ोर से अंदर बहार और ऊपर के तरफ हिलने लगा. मेरी चूत में दर्द होने लगी आंखे ज़ोर से बंद कर मैं बर्दास्त करती रही. पर एक अंजना सा मज़ा भी था उसके इस जानवरो जैसे हरकत पर जो मुझे उसे रोकने से मना कर रही थी.

फिर वह चूत से ऊँगली निकल कर मेरी गांड में दो ऊँगली घुसा कर चोदा . फिर दुबारा 3 ऊँगली चूत में घुसेड़ मुझे मनो सजा दे रहा हो और ये करीब 2 मिनट चलता रहा. मैं तड़पती और कमर के झटके खा रही थी. फिर एक ही बार में उसके पुरे बदन पर झड़ी.ऐसी मनो चूत से कम रस नहीं पानी की फुवार निकल रही हो.

इस पर वह मुझे चोद तो दिया. पर मैं वैसी ही टाँगे फैलाई झटके कहती हुई चूत से रस फेकती हुई बेड पर बिना किसी आवाज़ के बेहोश सी होने लगी. मुँह से आह निकलना चाहती थी. पर मनो मेरी आवाज़ ख़तम हो गयी हो.ऐसा लगा की उसने मुझे मार ही डाला. कुछ देर बाद उसका हाथ मेरे सर को सहलाते हुए महसूस हुआ. Apni Hot Bhabhi Ki Chudai:

क्यों की मेरी आंखे अब भी बंद थी और खुल नहीं रही थी चाहने पर भी. तभी राकेश मेरे कान में बोलै: बाथरूम जाना है क्या तुम्हे बाबू?वह अक्सर जब भी मैं ऐसे थकी या बीमार राहु तो प्यार से बाबू ही बुलाता है.मैं कुछ बोल तो नहीं पायी उसे हिम्मत नहीं थी तो हाँ में सर हिला दी.

तभी ऐसा लगा की वह मुझे अपनी गोद में उठा कर चल रहा हो. फिर मुझे नीचे उतरा तब जाकर आंख खुली तो मैं बाथरूम में थी.मैं उसे देख बोली: लव यू.राकेश भी वापस लव यू तू’ बोलकर मेरे माथे पर किश किया और मुझे कमोड पर बैठा दिया. थोड़ी हिम्मत कर के मैंने अपना काम ख़तम किया. चूत में काफी जलन हो रही थी.

मैं फॉसेट लेने की कोशिश की तो राकेश खुद फॉसेट लेकर मेरी चूत को धो कर दिया.मैं उसे देख मुस्कुराने लगी की वह कितना प्यार करता है. फिर वह मुझे फिरसे अपनी गोद में उठा कर बेड पर ले जाकर लेटाया. और इस बीच मैंने देखा की उसका लंड अभी भी तना हुआ है. वह मेरे बगल में लेटा  मुझे अपनी बहो में लेकर लाइट बंद कर दिया.मैं: सॉरी राकेश.राकेश: क्यों क्या हुआ बाबू?मैं उसके लंड को सहलाती हुई बोली: इसका ख्याल नहीं रख पायी पूरी तरह से.राकेश: पागल हो क्या बाबू? यूमसे जितना हुआ उतना तो किया. और वैसे आँखों पे पट्टी वाला खेल मुझे बहुत पसंद आया ख़ास कर वह गेस करने वाली गेम है है है!मैं प्यार से उसके लंड को ऊपर नीचे करने लगी. इस निराशा में की उसे संतुस्ट नहीं कर पायी तभी उसने पुछा: वैसे मेरे भाई का क्या हल था? Apni Hot Bhabhi Ki Chudai:

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मैं: उसका भी मेरे जैसा ही हाल होगा क्यों की मेरे साथ ही वह हर बार झाड़ा साफ़ दिख रहा था. बेचारा खाली पेट इतना बहाया. है है है!राकेश: वह बेचारा?मैं: हाँ क्यों जलन हो रही है क्या है है है!राकेश: बिलकुल नहीं.मैं फिर राकेश के लंड को अचे से हिलाती हुई बोली: वैसे उसका लंड भी काफी तगड़ा है बिलकुल तुम पर गया है.

राकेश: अच्छा? पसंद आ गया क्या.मैं चुप हो गयी की कही राकेश बुरा न मान जाये. उसका लंड हिलाती रही की तभी उसने मेरी मन की बात पूछी  हुए पुछा: उसके साथ सेक्स करना चाहती हो?मुझे ये सुन ख़ुशी हुई और साथ ही ये दिखाना नहीं चाहती थी राकेश को. तो बोली: क्या? पागल हो क्या?राकेश: देख रहा था किट तुम क्या बोलोगी.इस बात पर की कैसे राकेश खुद मुझे अपने भाई के साथ सेक्स करने को कहा ये सोच मेरे हाथ राकेश के लंड को ज़ोर से हिलाने लगी.

मैं ही मन ही मन  उत्तेजित हो रही थी की मेरा हस्बैंड खुद मुझसे किसी और के साथ सेक्स करने को कह रहा था.इसके बाद मैं उठ कर उसका लंड ख़ुशी से चूस कर दी और उसे एक बार और झड़वा दी. और फिर हम गले लगाकर सो गए. सोते वक़्त मैं राकेश के बाहो में थी. पर मेरे मैं में विचार ये थी की कैसे आकाश के साथ आने वाले दिनों में मस्ती कर सकू.

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