By | January 28, 2023

Apni Nayi Bhabhi Ki Chudai ki story:- हैलो दोस्तो, केसे हो आप सब, सबको मेरा बहुत थैंक्स मेरे स्टोरी को पढ़ने के लिए. आज का एपिसोड भाग 6 का अगला हिस्सा है. जिसमे शोभा आकाश के लिए उसके ज़िन्दगी का सबसे मज़ेदार लाइव शो करती है. आप अपनी ओपिनियन मुझे कमेंट कर के दे सकते है कहानी पढ़ने के बाद.

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शोभा: में राकेश को धक्का मार कर पीछे हटाया. टेबल से खाने का पार्सल उठा कर उसे उंगलियों से मेरे पीछे पीछे आने का इशारा करती हुई. डाइनिंग टेबल के तरफ पूरी नंगी ही चलने लगी. मेरी चुत से बहती रस मेरे जांघो के बीच रगड़ फिसल रही थी.पर मुझे ऐसे रहना पसंद थी. न मैं पोछने गयी न कुछ और. ऐसे ही मुठ से चमकती झंगो का प्रदर्शन की. राकेश को अपनी गांड लचकती हुई दिखा कर अपने पीछे पीछे चलती हुई डाइनिंग टेबल पर पहुंची.

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और जैसे ही मैंने टेबल पर पार्सल रखा वह मुझे पीछे से गले लगाकर.मेरी फिसलती जांघो के बीच अपना लोड़ा घुसाया. कमर को आगे पीछे हिलाकर धीरे धीरे रगड़ने लगा.मैं -तुम तो बिलकुल पागल हो गए हो आज. थोड़ा भी वेट नहीं कर सकते क्या? खाना नहीं खाना क्या? राकेश: मुझे तो सिर्फ तुम्हे खाना है जानु.मैं -मुझे खाने के लिए ही तो ताकत चाहिए वरना मुझे अच्छे से रात भर नहीं खा पाओगे.राकेश: मेरी ताकत की चिंता तुम मत करो. मेरे पास ताकत की गोली है आज.राकेश मुझे अपने बाहो से आज़ाद करता है. और फिर मैं झट से किचन को जाकर दो प्लेट निकाल कर हल्का पानी डाल उसे साफ़ कर रही थी. राकेश ने डाइनिंग से पुछा – ये ३ बिरियानी किश के लिए? ये वह आकाश को सुनाने के लिए कह रहा था.

तो मैं भी बात बनाती हुई आकाश को सुनाती हुई बोली -अरे वह जब मैं आर्डर की तो भूल ही गयी की आकाश यहाँ नहीं है और ३ आर्डर कर दी.राकेश – कोई बात नहीं. बाद में अगर टाइम मिला तो मैं नीचे जाकर सिक्योरिटी वाले को दे आऊंगा खुश हो जायेगा.मैं इस पर कुछ बोली नहीं और फिर प्लेट लेकर हम दोनों खाने के लिए बैठ गए. खाना खाते वक़्त भी राकेश का बया हाथ चुप नहीं था. कभी मेरी बूब्स को दबाता तो कभी बातो बातो में निप्पल पे चींटी काट देता. और मैं भी झूट मुठ का मना करती आकाश को दिखाने के लिए. Apni Nayi Bhabhi Ki Chudai ki story:

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मैं कभी कुछ तो कभी कुछ और बोलकर नौटंकी करती. राकेश का साथ देती और इसी तरह 15-20  मिनट में मैंने खाना ख़तम कर लिया. और अपनी प्लेट धोने के बाद हमारे रूम मे गयी. और राकेश के सर पर मार कर बोली: अपना ख़त्म कर कर आओ.मैं अब भी नंगी ही थी और अपनी ठुमकती गांड दिखाती थी. कमरे में घुस कर डोर को बंद कर दी पर लॉक नहीं की. इसके बाद मैंने वह नाईट ड्रेस उठायी जो पहले मैंने पहनने की सोची थी. वह की काली साटन की थी और छोटी इतने की सिर्फ मेरी आधी जांघ से भी ऊपर ख़त्म हो जाती.जल्दी में उसे पहनी पर अंदर ब्रा नहीं थी पर पैंटी थी. क्यों की मैं चाहती थी की वह मेरी पैंटी फाड़ कर फेके.

मैं खुद को आईने में उस ड्रेस में देख निहार रही थी. और सोच रही थी की कैसे आज राकेश मुझे अपने भाई को दिखाते हुए पटक पटक कर चोदेगा .और ये सोच की इससे पहले ही ये जानने पर की आकाश देख रहा है. तो राकेश उस जोश में किश तरह से चोदा लिविंग रूम में. यही बात मेरी चुत में हलकी चुलबुली गुदगुदी लगने लगी. इतने में राकेश अपना खाना ख़त्म करके हमारे कमरे आ मे घुसा.और मुझे देख बोला – वाओ कितनी सेक्सी लग रही हो मेरी छम्मकछल्लो.मैं -सचमे? ये ख़ास तुम्हारे लिए खरीदी मैंने.राकेश -ओहो आज के लिए सब प्लान करके रखा था मैं – और मेरे पास कुछ और ख़ास है.राकेश – क्या बोलो? कोई नया पोजीशन ढूंढा क्या?मैं -नया पोजीशन नहीं पर कुछ तो नया है. जो तुम्हे बहुत पसंद आएगा.राकेश – तो फिर और वेट न कराओ न बोलो.मैं उसके पास गयी और बोली -अगर हम ऐसे कमरे में करे तो आकाश को कैसे दिखेगा.राकेश: बात तो सही है तो क्या करे उसके लिए लिविंग रूम चले फिरसे.

मैं -नहीं यही करेंगे. पर ये लो इसे पहनो.ये बोलती हुई मैंने उसे एक आँखों पे बाधने वाली काली रंग की पट्टी दे दी.राकेश – ये क्या? इसका क्या करू.मैं धीरे से उसके पीछे गयी. और उसके आँखों पे पट्टी बांध कर बोली: अगर तुम्हारी आंखे खुली रही तो आकाश नहीं आएगा देखने. मैं उसे लिविंग रूम में आकर बैठने बोलती हूँ. और डोर र ओपन रखूंगी.फिर मैं राकेश से अलग हुई. और डोर ओपन कर के आकाश के कमरे में जाकर बिना बात किये उसे इशारा की.

की लिविंग रूम में आकर बैठे और फिर वापस अपने रूम गयी. वहां राकेश अब भी अँधा बना वहीँ खड़ा था जहाँ मैं उसे छोड़ गयी थी. मैं पीछे से जाकर उसे गले लगाया .फिर बोली: अब अपना खेल शुरू करते है.

मैं अपना हाथ आगे बड़ाया. उसके तने लोडे को हाथ में लेकर पीछे से गले लगाती हुई हिलाती . इतने में देखा बहार तो आकाश दबे पाँव लिविंग में मुझे देख आकर बैठा. तब उसे दिखा की राकेश के आँखों में पट्टी है. तो वह खुश होकर हमारे रूम के ठीक सामने सोफे पर बैठ गया.मैं उसे देख एक मुस्कान मारी. और आंख मारती हुई नीचे को इशारा की की देखो मेरे हाथो में क्या है. वह भी मुझे मुस्क़ुआन देते हुए अपने लोडे को अपने शार्ट के ऊपर से रगड़ने लगा. फिर मैंने अपनी हाथ और थोड़ा नीचे बढ़ाया. राकेश के अंडो को हाथ में लेकर प्यार से मसलने लगी. Apni Nayi Bhabhi Ki Chudai ki story:

जिसपर राकेश बोला- आह्हः शोभा ऐसे ही अच्छा लग रहा है.मैं उससे अलग हुई और अब उसके आगे आकर एक हाथ से उसके अंडो को मसली. और दूसरे हाथ से लोडे के सुपड़े को आगे पीछे हिलाने लगी. कुछ ही देर में मैं अपने नाख़ून उसके नंगे छाती पर रगड़ रही थी. फिर नीचे को गयी और अपने घुटनो पर बैठ उसके लोडे को अपनी मुँह के सामने हिलाती हुई आकाश को देखा.वह उधर मुझे देख पागल हो रहा था.मैं – कैसा लग रहा है राकेश. मुझे देखे बिना.राकेश -आह बहुत अच्छा लग रहा है जान.

मैं – सिर्फ एक तुम ही हो जो मुझे नहीं देख सकते पर दूसरी नज़रे नहीं.ये मैं इस लिए बोली ताकि राकेश को पता चल जाये की हमारा दर्शक आकाश हमे देख रहा है. पर राकेश भी बात बनाते हुए बोलै -क्या मतलब कौन देख रहा है जान?मैं -तुम्हारा लोडा मुझे देख देखो कैसे लार टपका रहा है.ये बोलती हुई मैं आगे बड़ी और उसके लोडे की छेद पर उबारती हुई पानी की बूँद को अपने जीभ से चाट गयी.

राकेश -आह वह क्या था?मैं – महसूस करो और बताओ ये क्या है.मैं अपनी जीभ से उसके लोडे के सर पर गोल गोल चाटने लगी.राकेश – अह्ह्ह्हह तुम्हारी जीभ है.मैं फिर उसके लोडे के सर को अपने मुँह में ली और उसे लोल्लिपोप की तरह चूसने लगी. राकेश -आह ये तेरा मुँह है आह. और करो.मैं अपनी मुँह आगे बढाती गयी और उसका लोडा मेरी मुँह में चला गया. फिर थोड़ी देर मुँह में रख चूसने के बाद उसे बहार निकाल कर थोड़ी देर हिलाया. पलट कर आकाश के तरफ देखि तो वह अब अपना लोडा शार्ट से बहार निकल हाथ में पकडे हुए था.मैंने आकाश को दिखा कर लोडा हिलाती हुई बोली -और मज़ा लो अच्छे से मज़ा आ रहा है ना?आकाश हकबका गया की भला मैं उसे क्यों बोल रही हूँ. तभी मैं फिर से बोली: हाँ और मज़ा लो राकेश. मैं तुम्हे पूरा मज़ा करवाउंगी आज.

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इससे आकाश को लगा की में राकेश को बोल रही थी.राकेश – हाँ ले रहा हूँ जान और करो.मैं उसके लोडे को अपने मुँह में वापस घुसा लिया . और अपने सर को आगे पीछे हिलाती हुई अपना मुँह चोदने लगी.साथ ही दूसरे हाथ से उसके अंडो को भी हलके हलके मसलने लगी. इतने में राकेश अपने हाथ से मे रे सर को पकड़ा. मैं उसे धक्का मार कर हटती हुई लोडा मुँह से बहार निकाल राकेश को बोली: नो टचिंग. Apni Nayi Bhabhi Ki Chudai ki story:

 तुम मुझे हाथ नहीं लगाओगे. सिर्फ मज़े लो. हाथ लगाने जब बोलूंगी तब लगाना.वह अपने हाथ पीछे ले लिया. मैं वापस लोडा चूसने और उससे मुँह को चोदने लगी. साथ ही कभी कभी नज़र आकाश पर जाती जो दूर हमे देख अपने लोडे को हिलाकर मज़ा ले रहा था. कुछ पांच मिनट ऐसे ही उसके लोडे को जी भर चूसी.

और मुँह चुदवाने के बाद मैं उसे मुँह से बहार निकाला.उसके तने लोडे को एक थपड मारी और बोली -अब चलो नेक्स्ट गेस.इतना कहती हुई मैं उठ खड़ी हुई. और राकेश को बेड के तरफ पीट पलटकर एक धक्के में उसे बेड पर गिरा दी. वह अब बेड पर पीट के बल लेटा हुआ था. उसका लोडा मुझे आस्मां की तरह झटके मारता हुआ सलामी दे रहा था.

मैं बेड पर चाहड़ अदाओ के साथ आकाश को दिखाई.राकेश के बगल चल कर उसके सर के पीछे आ खड़ी हुई. आकाश को देख अपने पाओ के अंघूठे से राकेश के सीने पर अपने नाम का स अक्षर लिखने लगी.मैं – बताओ में क्या लिख रही हूँ.राकेश तुरंत समझ गया में अब उसके पीछे खड़ी हूँ और स अक्षर लिख रही हूँ.राकेश -स जान स. स फॉर शोभा एंड स फॉर सेक्स. मैं यस! इस सही जवाब का इनाम ये रहा जान.ये कहती हुई में अपनी छोटी नाइटी का सीने पे बंधा नाडा खोला. और मेरे बूब्स आकाश को दिखाती हुई बहार निकाल दिये.

मैं भी अपनी छाती हिलायी. और हिलती हुई आकाश को उकसाई जिस पर वह और तेज़ी से अपने लोडे को हिलाने लगता. फिर मैं धीरे से राकेश के सर के पीछे अपने घुटनो पर बैठी.धीरे से झुक अपने दोनों बूब्स उसके मुँह से सटाकर दाए बाए रगड़ती हुई बोली – ये रहा तुम्हारा इनाम बताओ क्या है.वह तुरंत मेरी हिलती बूब्स को अपने मुँह में पकड़ने की कोशिश करता बोलै – योर स्वीट मैंगोज जान.

और मत सताओ. मुझे चूस खाने दो इन्हे प्लीज.मैं अपने बूब्स और निप्पल राकेश को चूसने दी. झुकने से गिरी सर के बालो को हाथ से पीछे को हटाई. और सर उठा कर बूब चुसवाने के मज़े में आकाश को दिखाई. अपने दांतो से होंटो को काट नशीली आँखों से उसे आँख मार कर पागल करने लगी.वहीँ वह मेरे हर हरकत के साथ अपने लोडे को और ज़ोर से हिलाता जाता. दो मिनट अपने बूब्स चुसवाने के बाद मैं उठी. और घुटनो को और थोड़ा आगे बढ़ाकर राकेश के सर के इर्द गिर्द रखि. मेरी फैली जांघो के नीच उसका सर फसा ली. और हलकी सी झुक कर अपनी चुत को पैंटी के साथ ही राकेश के नाक के पास ले जाकर बोली – अब बताओ ये क्या है.राकेश मेरी महक को तुरंत पहचान गया. और एक ही बार में बोला. Apni Nayi Bhabhi Ki Chudai ki story:

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तेरी चुत  जिसे आज में चोद कर फाड़ने वाला हूँ. इतना उकसाने और तड़पाने का बदला ले कर रहुगा.वह और कुछ आगे बोले मैं एक हाथ से अपनी पैंटी को एक साइड को हटाई. और अपनी गीली चुत उसके मुँह में रख दबायी.

उसे चुप करती हुई बोली – शठ कुछ मत बोलो और इसे खाओ अब. ये अपनी रस चुसवाने के लिए कब से तड़प रही है. चूसकर चाट कर खाओ राकेश.राकेश के चेहरे पर बैठ घुटनो के सहारे अपनी कमर हिलायी. चुत को उसके होंठ जीभ और नाक पर रगड़ कर उससे चटवायी. आकाश को देख अपने बूब्स के साथ खेली. उसे मदहोशी भरी चेहरे बनाकर दिखा रही थी.

इस पर आकाश जोश में आता हुआ पागलो की तरह मुझे अपने बड़े तने हुए लंडड का प्रदर्शन किया.मेरी तरफ अपना लंड हिलाने लगा. साथ ही होश खोता हुआ अपनी टांग से लिविंग के टेबल पर रखी एक स्टील की गिलास गिरा डाली. गिलास की तन तन की आवाज़ सुन आकाश रुका. साथ ही राकेश भी मेरी चुत चूसना बंद करते हुए बोला -वह क्या था?मैं आकाश को देख राकेश को बोली -क्यों रुके शायद कोई बिल्ली होगी.वह जान गया की वह आकाश होगा तो उसने भी बात बनाते हुए बोला u- बिल्ली या बिल्ला? तो में मुस्कुराती हुई बोली – तुम्हे क्या? तुम बस मेरी चुत को कुत्ते की तरह चूस खाओ चुप चाप.राकेश – सिर्फ चूसूंगा नहीं तुम्हे अपनी कुतिया बनाकर सारी रात चोदुगा. हम दोनों ये ज़ोर से आकाश को सुनते हुए कह रहे थे. तो राकेश को मैं भी बोली -हाँ और शायद हम दो कुत्ते कुतिया का खेल देखने कोई बिल्ला ही आया होगा.

अब चलो चुसो मुझे चुसो. अपनी जीभ मेरी चुत में घुसाकर  चाट कर चुसो. मैं जल्दी ही तुम्हे प्यार का रस देने वाली हूँ राकेश.ये बोल मैं वापस उसकी मुँह पर अपना चुत को रखी. और वह अपनी जीभ मेरी चुत में धकेलने लगा. कितना मज़ा आ रहा था. और कुछ एक मिनट भी नहीं हुआ की मेरी बदन कापने लगा. एक तेज़ धार मेरी चुत से राकेश के मुँह के अंदर उमड़ पड़ी.मैं -आअह्ह्ह्ह राकेश में झड़ गयी.मेरी आह सुनकर आकाश का लंड जवाब दे गया. और वह भी दूर बैठा. अपनी आंखे बंद कर अपने लंड से लिविंग के टेबल और फर्श पर मेरी रूम के तरफ लम्बी छीटे मारने  लगा.और थका लेट गया सोफे पर. और मैं भी इसके बाद चूर होकर राकेश पर गिरी. और ठीक उसका लंड मेरी मुँह के पास आ गया.

मैं उसे अपने थकी आँखों से देखा. एक हाथ से धीरे धीरे हिलाकर उसकी अकार को नापते हुए बोली – ये इतना बड़ा तो आज मेरी हालत ख़राब करने वाला है.राकेश: हाँ और ऐसी हालत ख़राब करूँगा की तू चीक उठेगी.मैं -मैं भी इसके अत्याचार से चिकना चाहती हूँ आज रात भर.इतना कहती हुई में राकेश के बदन से अपनी पैंटी को खींच निकाल फेकि. और घूम कर उसके कमर पर आ बैठी.अब मैं आकाश को अपनी पीठ दिखा कर बैठी थी.

फिर अपने हाथ से राकेश का लंड पकड़ा. रस से भरे चुत  पर लगाकर उसे अंदर समाती हुई बैठ गयी. पर क्यों की मैं अब भी वह नाइटी में थी तो वह पीछे से देख रहा था  तो आकाश के लिए मैं वह तुरंत खोल फेकि.

अब मैं राकेश के ऊपर पूरी नंगी उसका लंड अपने अंदर लिए बैठी थी. फिर मैं अपने हाथ राकेश के कंधो पर टिकती हुई अपनी गांड को ऊपर नीचे हिलायी. उसका लंड अपनी चुत में चोदने लगी. आकाश भी अब पीछे से साफ़ देख सकता था.किस तरह उसके भैया का लम्बा लंड मेरी गहरी चुत  में उसे खाये जा रही थी. कुछ 2 से 3 मिनट ऐसे ही अपनी गांड हिलाती हुई आहे भर्ती चुदी. उसके बाद मेरी स्पीड कम होने लगी. Apni Nayi Bhabhi Ki Chudai ki story:

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राकेश को लग गया की मैं थक रही हूँ. तो इस पर वह पूछा -तुम तो थक गयी हो जान. क्या अब भी मुझे हाथ लगाने नहीं दोगी ?मैं -हाँ राकेश इस बार हाथ लगा लो और चोदो मुझे.वह तुरंत मेरी गांड को अपने दोनों हाथो से पकड़ उठाया. फिर अपनी कमर को ऊपर मारता हुआ मेरी चुत के अंदर अपना लंड और भी गहराई तक मारने लगा.मैं – राकेश ऐसे ही चोदो मुझे रुकना मत.उसकी रफ्तार इतनी तेज़ थी की हमारे पलंग से भी आवाज़े आने लगी. मैं चढ़ते हुए ही अपना सर पलट कर पीछे देखि. तो आकाश भी अपना अगला फौवारा मारने के लिए तैयार था. वह मेरी चूत में घुसती निकलती और झटके से उछलती मेरी गांड को देख अपना लंड फिर से हिलने लग गया था.उसे और थोड़ी जोश देने के लिए मैं अपनी एक ऊँगली चाट कर गीली की.

फिर हाथ पीछे लेजाकर ऊँगली को अपने गांड की छेद पर मसलने लगी. और थोड़ी ही देर में आकाश को दिखाई. नीचे चूत चुदवाने के साथ ही साथ अपनी ऊँगली गांड में डालने लगी.ये देख की किस तरह मेरी हरकतों से वह और पागल हो रहा है मैं और भी मस्ती में आयी. अपनी गांड में ऊँगली डालती हुई राकेश पर और ज़ोर से मरने को चिल्ला रही थी.मैं – फ़क में राकेश फ़क में. और तेज़ मैं फिर से झड़ने वाली हूँ.मेरी इस चीक पर राकेश और जोश में आया. मेरी चूत को और तेज़ी से खोदने लगा. और 1 मिनट भी नहीं लगी मुझे की मेरी कमर फिर से अकड़ी. Apni Nayi Bhabhi Ki Chudai ki story:

और रस की धार छोड़ती हुई मैं फिर झड़ गयी. पर राकेश रुकने को नाम नहीं ले रहा था. और मैं समझ गयी वह भी झड़ने वाला है.मेरी गांड को अपनी हाथो में जकड़ा. मेरी झड़ने से बेहाल चूत में राकेश मारता जा रहा था.

मेरी चूत भी थक कर कस रही थी उसे बहार धकेलने को. पर वह तब तक न माना जब तक मुझे एहसास न हुआ की मेरी चूत उसके गरम रस से भर गयी. और तब जाकर वह शांत होकर लेट गया और साथ ही मैं उसके ऊपर.थोड़ी होश संभल कर पीछे देखा. तो आकाश का बेहाल हालत देख पता चला की इस बार हम तीनो एक साथ झड़े. मैं मन ही मन आंख बंद कर सोच मे गिनने लगी.

आकाश 2 राकेश 2 और में 3 बार झड़ गयी शाम से अब तक. पता नहीं अभी ये रात ख़त्म होते होते मैं और ये दोनों भाई कितनी बार और झड़ने वाले है.

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