By | May 9, 2023

Meri Apni Sagi Maa ki chudai:-हैलो दोस्तो, पिछली कहानी का ये भाग 5 है और अभी अगर आपने इस कहानी के पिछले भाग नहीं पढे तो प्लीज यहा क्लिक करे।
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मम्मी मेरी तरफ घूमी और मुझे देखने लगी,

मम्मी – बेटा तूने तो बहुत बड़ी गलती कर दी है जिसे तू चाहकर भी ठीक नहीं कर सकता है,

मैं -मम्मी मैंने सिर्फ आपको प्यार किया है और इसे मैं गलती नहीं मानता हु पहले मैं भी नहीं चाहता था की आपका और मेरा ऐसा रिश्ता बने मगर मैं चाहकर भी आपको नहीं भूल प रहा था मुझे हर जगह सिर्फ आप ही आप दिखती हो यहाँ तक की मुझे सपने भी आपके ही आते है और अगर कल आप मुझसे खुल के बात नहीं करते तो मेरी हिम्मत ही नहीं होती आप से ऐसे बात करने की.

Meri Apni Sagi Maa ki chudai

मम्मी उठके जाने लगी मगर तभी मैंने उनका हाथ पकड़ लिया मम्मी ने पीछे देखा और अपना हाथ मुझसे छुड़ाने लगी मगर मैंने उठके उन्हें पीछे से पकड़ लिया और उनकी चूचियों को दबाने लगा मम्मी मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी

मगर इस बार वो कुछ कह नहीं रही थी शायद आंटी की बातो का असर उन पर थोड़ा बहुत हो रहा था और इस बार मैं भी पूरी तरह तैयार था मैंने तुरंत अपना हाथ मम्मी की कुर्ती के अंदर डाल दिया और ब्रा के ऊपर से ही मैं उनकी चूचिया दबाने लगा मम्मी मेरा हाथ रोक रही थी.

मगर वो रोक नहीं पा रही थी फिर मैंने मम्मी की कुर्ती निकाल दी हाला की मम्मी ने मुझे रोकने की कोशिश जरूर की,मगर फिर भी मैंने उसे निकाल दिया और अब मम्मी सफ़ेद ब्रा और लेग्गिंग में मेरे सामने थी.

मैं मम्मी की चूचिया ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा और मेरा लंड पीछे से मम्मी की गांड में घुसा जा रहा था मम्मी मेरे हाथ रोक रही थी मगर मैं उनकी चूचिया दबाते ही जा रहा था.

फिर मैंने मम्मी की लेग्गिंग नीचे कर दी मगर मम्मी उसे ऊपर करने लगी और फिर मैंने उसे अपने पैर से दबा लिया जिससे मम्मी उसे ऊपर न कर सकी,

फिर मैंने मम्मी के कंधा पकड़ के उन्हें बेड पर बिठा दिया और फिर उनकी लेग्गिंग निकाल के फेक दी Meri Apni Sagi Maa ki chudai:

Maa ki chudai ki kahani

अब मम्मी सफ़ेद ब्रा पेंटी में मेरे सामने थी मैं मम्मी के ऊपर आ गया और उनके होंठों को चूसने लगा मम्मी बार बार अपने मुँह इधर उधर कर रही थी इसीलिए मैंने उनकी चुचि बहार निकाल ली और उसे चूसने लगा अब मम्मी बस लेटी हुई थी और कुछ देर चूचिया चूसने के बाद मैं मम्मी का पेट चाटता हुआ उनकी नाभि को चूसने लगा।

मम्मी की नाभि बहुत गहरी थी और मेरी आधी जीभ मम्मी की नाभि में समां चुकी थी, मम्मी की नाभि चूसते हुए मैंने अपना हाथ मम्मी की पेंटी में डाल दिया और उनकी चूत को सहलाने लगा मम्मी की चूत को छूते ही मैं समझ गया की वो सिर्फ ऊपरी तौर पर ड्रामा दिखा रही है अंदर से उनका भी दिल यही चा रहा है।

मैंने मम्मी की पेंटी को दोनों हाथो से पकड़ा और उसे नीचे करने लगा मगर तभी मम्मी ने पेंटी को पकड़ लिया और वो मुझे रोकने लगी

मम्मी -बेटा ऐसा मत कर ये ठीक नहीं है अगर तूने ऐसा किया तो हम दोनों का रिश्ता ख़राब हो जायेगा।

मैं -मम्मी अगर ये बात सच होती तो आपके नीचे इतना गीलापन नहीं होता मैं जनता हु आपको भी ये सब अच्छा लग रहा है मगर फिर भी आप मुझे मना कर रहे हो, मम्मी सिर्फ एक बार आप मेरे प्यार को अपना के देखो आपको भी ये बुरा नहीं लगेगा मम्मी मेरी बात सुनके मुझे ही देखने लगी और मैंने उनकी पेंटी निकाल दी पेंटी निकालते ही मम्मी ने अपनी चूत को हाथो से ढक लिया और मैं मम्मी की पेंटी को उनके सामने ही सूंघने लगा।

मम्मी बड़ी गौर से मेरी तरफ देख रही थी क्युकी उनका बेटा उनकी पेंटी सूंघ रहा था मैंने मम्मी की पेंटी उनकी चूतवाली जगह से देखि तो वो वह से गीली पड़ी थी Meri Apni Sagi Maa ki chudai

मैं -ये देखो मम्मी आपके नीचे से कितना पानी निकल रहा है जिसने आपका सारा राज़ खोल दिया है और फिर भी आप ऊपर से ऐसे बन रही हो जैसे आपको कुछ मालूम ही नहीं है मैं मम्मी की पेंटी उनके सामने चाटने लगा और फिर मैंने उसे साइड में फेक दिया फिर मैंने मम्मी का हाथ उनकी चूतसे हटा दिया और हाथ हैट ते ही बालो से भरी चूत मेरे सामने थी

मम्मी की चूत पर काफी बाल थे शायद उन्होंने काफी टाइम से उसे साफ़ नहीं किया था मगर मुझे तो सिर्फ चूत से मतलब था मैंने मम्मी की टाँगे फैलाई और तुरंत अपना मुँह मम्मी की चूत पर लगा दिया मम्मी अभी भी मुझे रोक रही थी और मेरा मुँह हटा रही थी मगर अब तो मैं मम्मी की चूतसे चिपक गया था मम्मी की चूतकी महक मुझे और भी जयादा उत्तेजित कर रही थी और फिर मैंने मम्मी की जंघे पकड़ ली और फिर मैं मम्मी की चूत चाटने लगा मम्मी की चूत बहुत गीली हो गयी थी

और मैंने मम्मी की चूत को चाट चाट के साफ़ कर दिया कुछ देर तक मम्मी मुझे रोकती रही मगर फिर उन्होंने भी मुझे रोकना बंद कर दिया और चुप चाप लेटकर अपनी चूत चटवाने लगी मम्मी की चूत के साथ साथ मैं उनकी गांड को भी चाटने लगा जिससे मम्मी को भी अंदर से मज़ा आने लगा होगा फिर मैंने बड़े ही प्यार से अपनी 2 उंगलिया मम्मी की चूत में डाल दी और मम्मी की गांड को चाट ते हुए उनकी चूत की चुदाई करने लगा. Meri Apni Sagi Maa ki chudai:

मम्मी भी कब तक खुद को रोक पाती आख़िरकार उनकी हवस उन पर हावी हो गयी और वो भी आँखे बंद करके इस पल का मज़ा लेने लगी मैंने मम्मी की गांड को चाट चाट के गिला कर दिया और फिर मैं ऊँगली करते हुए मम्मी की चूतके दाने को चाटने लगा मम्मी कास मसाने लगी और कुछ ही देर में उनका पानी निकल गया और जब मम्मी का पानी निकला तो उन्होंने मेरे ऊपर हाथ रखकर मुझे रोक दिया फिर

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मैं भी उठ गया और मम्मी को देखने लगा वो आँखे बंद किये लेटी हुई थी फिर मैंने अपना कच्छा उत्तार दिया और मेरा लंड पहले से खड़ा और गिला था मम्मी की चूत और गांड को चाट ते हुए मेरा काफी निकल आया था ।

जिसने मेरे लंड को गिला कर दिया था मम्मी वैसे ही टाँगे फैलाये लेटी हुई थी फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चूत पर लगा दिया और जैसे ही मेरा लंड मम्मी की चूत पर लगा मम्मी ने आँखे खोल के मुझे देखा और तभी मैंने अपना लंड मम्मी की चूत में उतार दिया मेरा लंड बड़े ही आराम से अंदर चला गया और जैसे ही मेरा पूरा लंडअंदर गया मम्मी के मुँह से अह्ह्ह करके आवाज निकली और मैं बड़े ही आराम से अपना लंड अंदर बहार करने लगा

मैं मम्मी के ऊपर झुक गया और अपनी कोणी के बगल टिक गया और फिर मैं धक्के लगाने लगा मम्मी की चूत ने खुल के मेरे लंडका स्वागत किया और फिर मैं मम्मी की चुचि चूसते हुए उनकी चुदाई करने लगा मम्मी ने अपना मुँह साइड में कर लिया और मैं वैसे ही धक्के लगाता रहा मम्मी की चूत मुझे आंटी से भी जयादा अच्छी लग रही थी

शायद इसीलिए की ये मेरी मम्मी है और आंटी एक बहार वाली थोड़ी ही देर मम्मी की चुदाई करने से मुझे लगने लगा की मेरा पानी निकलने वाला है और तभी मैंने अपना लंड बहार निकाल लिया और फिर से मम्मी की चूचिया चूसने लगा मम्मी ने भी एक पल के लिए अपनी आँखे खोली और वो मुझे देखने लगी फिर कुछ ही देर में मेरा पानी रुक गया और मैंने फिर से अपना लंड मम्मी की चूत में डाल दिया

मैं चाहता था की मम्मी की पहली चुदाई अच्छी हो ताकि वो आगे भी इस चुदाई को याद करे मैं फिर से धक्के लगाने लगा और इस बार मैं धक्के लगाते हुए मम्मी के होंठों को चूसने लगा मम्मी वैसे ही लेटी हुई थी और मैं धक्के लगाते हुए उनके होंठ चूस रहा था मम्मी की चूत बहुत पानी छोड़ रही थी।

जिससे मेरा लंड जल्दी जल्दी अंदर बहार हो रहा था मम्मी की चूतको देखकर लग रहा था की उन्हें भी बहुत टाइम से अच्छी चुदाई नहीं मिली है कुछ देर धक्के लगाने के बाद मैं मम्मी के ऊपर से हैट गया।

मेरा लंड मम्मी की चूतके पानी से चमक रहा था और वो देखने में पहले से भी जयादा मोटा लग रहा था मम्मी भी मेरा लंड देख रही थी फिर मैं बेड से नीचे उतर गया और मम्मी की टाँगे पकड़ के उन्हें भी सीधा कर दिया मम्मी मुझे ही देख रही थी.

मैंने फिर से मम्मी की चूत में मुँह लगा दिया और उनकी चूत चाटने लगा कुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने फिर से अपना लंड डाल दिया और मम्मी की चुदाई करने लगा मैं धक्के लगते हुए मम्मी की चूतके दाने को रगड़ने लगा और मम्मी ने फिर से अपनी आँखे बंद कर ली और मैं भी बस धक्के लगता ही जा रहा था।

चूत के दाने को रगड़ने से कुछ ही देर में मम्मी का पानी निकल गया और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया मेरा लंड अभी भी अंदर ही था और अब मम्मी के चेरे पर संतुष्टि के भाव थे मैं मम्मी के ऊपर झुक गया और उनके पास जाके बोला मैं -मम्मी जो अहसास अभी आप महसूस कर रही हो मैं यही सुख आपको देना चाहता हु जो पापा अब आपको नहीं देते है Meri Apni Sagi Maa ki chudai:

मम्मी मुझे देखने लगी और इस वक़्त उनकी आँखों में गुस्सा नहीं था

मैं -मम्मी मैं आपसे बहुत प्यार करता हु और मैं ऐसे ही आपको खुश देखना चाहता हु आप मेरी बात का भरोसा करो हमारे इस रिश्ते के बारे में किसी को पता नहीं चलेगा और मैं आपको हमेशा ऐसे ही प्यार करूँगा

मम्मी मुझे ही देख रही थी और फिर मैं जब मम्मी के होंठों को चूसने के लिए आगे बड़ा तो मम्मी ने अपनी आँखे बंद कर ली और मैं उनके होंठों को चूसने लगा मम्मी ने इस बार अपना मुँह खोल दिया और मैं उनके होंठों को चूसते हुए उनकी जीभ को भी चूसने लगा मैंने फिर से नीचे से धक्के लगाने शुरू कर दिए और मम्मी के होंठों को चूस चूस के पूरा गिला कर दिया।

फिर कुछ देर बाद मैंने अपना लंड निकल लिया और मम्मी की कमर को पकड़ के घुमाने लगा वैसे तो मम्मी भी समझ गयी थी की मैं क्या चाहता हु और शायद इसीलिए वो खुद घूम गयी मम्मी की उठी हुई गांड आज पहली बार मेरे इतने पास थी मम्मी की चूत और गांड बिलकुल खुली हुई दिख रही थी और मेरे लिए तो ये जन्नत जैसा था

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मैंने मम्मी की गांड को फैलाया और अपना मुँह उनकी गांड पर लगा दिया मैं मम्मी की गांड और चूत दोनों चाट रहा था और मम्मी वैसे ही झुकी हुई थी मम्मी को भी अंदर से मज़ा आ रहा था मगर अभी वो पूरी तरह से उसे जाहिर नहीं कर रही थी हर औरत को अपनी चूत और गांड चटवाने अच्छा लगता है

और मम्मी के लिए तो ये एक दम नया अनुभव था कुछ देर मम्मी की चूत और गांड चाट के मैंने अपना लंड चूत में डाल दिया और उसे पूरा जड़ तक उतार दिया ।

फिर मैंने मम्मी की गांड पकड़ी और धक्के लगाने शुरू कर दिए पुरे कमरे में थप थप की आवाज गूंज ने लगी फिर मैंने मम्मी की ब्रा का हुक खोल दिया और अब ब्रा पूरी नीचे कर दी जो मम्मी के हाथ के पास जाके रुक गयी।

फिर मैंने मम्मी की चूचिया पकड़ ली और उन्हें पीछे की तरफ खींच लिया Meri Apni Sagi Maa ki chudai:

मैं मम्मी की दोनों चूचिया मसल रहा था और उनकी गर्दन को चुम रहा था मैं बहुत जोश में आ गया था और तभी मैंने मम्मी की गर्दन के पास काट लिया और तभी मम्मी बोल पड़ी मम्मी -बेटा काट मत नहीं तो निशान पड़ जायेगा मम्मी के मुँह से ये शब्द सुनके ऐसा लगा जैसे अब मम्मी मेरी तरफ हो गयी है और वो भी इस चुदाई का पूरा मज़ा ले रही है फिर मैंने मम्मी का मुँह पीछे किया और डोगग्य स्टाइल में चोदते हुए ही उनके होंठों को चूसने लगा

ये मेरी ज़िंदगी का सबसे हसीं पल था जो मैं अपनी मम्मी के साथ बिता रहा था कुछ देर धक्के लगाने के बाद मैंने फिर से मम्मी को सीधा लिटा दिया और फिर सामने से उनकी चुदाई करने लगा।

अब मैं आपने धक्के रोक नहीं रहा था और मम्मी भी अह्ह्ह अह्ह्ह कर रही थी और कुछ ही देर में मम्मी का पानी फिर से निकल गया मैं धक्के लगता ही जा रहा था और जैसे ही मेरा पानी निकलने वाला था।

मैंने अपना लंड बहार निकाल लिया और सारा पानी मम्मी की चूतके ऊपर निकाल दिया और फिर से मम्मी से चिपक के लेट गया हम दोनों की साँसे तेज चल रही थी और मैं मम्मी से बिलकुल चिपक के लेटा हुआ था।

जैसे एक छोटा बच्चा दूध पीते समय लेटा होता है कुछ देर हम दोनों ऐसे ही लेते रहे फिर मैं मम्मी के ऊपर से उठा और अपने कच्छे से सारा पानी साफ़ कर दिया पानी के साफ़ होते ही मम्मी बाथरूम चली गयी और मैं बेड पर लेट गया मैं बेड पर लेटे लेटे खुद को शाबाशी दे रहा था

की मैंने जो चाहा वो पा लिया और फिर कुछ देर बाद मम्मी भी आ गयी वो शायद टॉयलेट करके आयी थी
मैं उनके सामने आपने लंड सहलाने लगा और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।

जिसे मम्मी भी देख रही थी मम्मी अपने कपडे पहनने लगी और हम दोनों एक दूसरे को ही देख रहे थे फिर मम्मी कपडे पहन के चाय लेके किचन में चली गयी क्युकी चाय तो हम दोनों पी ही नहीं पाए थे और।

फिर मैं भी मम्मी के पास किचन में गया मम्मी की नज़र मुझपे पड़ी और उन्हें मेरा खड़ा हुआ लंड दिखा और फिर मैंने जाके मम्मी को पकड़ लिया मेरा लंड लेग्गिंग के ऊपर से ही मम्मी की गांड में घुसा जा रहा था और मम्मी वैसे ही खड़ी हुई थी

मैं मम्मी की चूचिया दबाने लगा और उनकी गर्दन को चूमने लगा
मैं -मम्मी आप मुझसे अभी भी नाराज हो क्या?मम्मी -अब नाराज हु भी तो तुझे क्या फरक पड़ेगा? जो होना था वो तो हो ही चूका है मैं मम्मी की गांड पर अपना लंड रगड़ रहा और उनकी चूचिया दबाता ही जा रहा था

मैं -मम्मी मैं जनता हु जो हमारे बीच अभी हुआ वो सही नहीं है मगर सच तो ये है की जिस काम को करने से खुशी मिले वो काम गलत नहीं होता और मैं जनता हु आप भी इस चीज के लिए तरस रही थी तभी मेरे छूते ही आपके नीचे भी गीलापन आने लगता है और ये तभी होता है जब आप भी ऐसा सोच रहे हो Meri Apni Sagi Maa ki chudai:

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मम्मी चुप हो गयी फिर मैंने मम्मी को सीधा कर दिया और उन्होंने मुझे देखा मैंने उनके दोनों गालो पर हाथ रखा और उनका मुह पकड़ के कहा:

मैं -मम्मी हम दोनों ने कुछ गलत नहीं किया है मैं जनता हु आपको भी इसकी जरुरत थी और मैंने देखा था की आपको भी इसमें मज़ा आ रहा था बस आप ये बात मान नहीं रही हो

मम्मी -बेटा जो हमारे बीच हुआ इसके बारे में किसी को पता नहीं चलना चाहिए नहीं तो हम दोनों किसी को मुँह दिखने लायक नहीं रहेंगे।

मैं -मम्मी जो हुआ है इस घर के अंदर हुआ है जिसका पता किसी को भी नहीं चलेगा और मैं सारी ज़िंदगी आपसे ऐसे ही प्यार करूँगा मेरी बात सुनते ही मम्मी मुझे देखने लगी और फिर मैं उनके होंठों को चूसने लगा मम्मी वैसे ही खड़ी हुई थी।

फिर मैंने मम्मी की लेग्गिंग नीचे कर दी और नीचे बैठकर उनकी चूत को चाटने लगा और मम्मी मुझे रोकने लगी।

मम्मी -बेटा अब तो मुझे छोड़ दे मुझे बहुत काम है

मैं -मम्मी बस थोड़ी देर फिर मैं चला जाऊंगा पता नहीं क्यों मम्मी मगर मुझे आपकी चूत और गांड चाटना बहुत अच्छा लग रहा है मम्मी आप स्लैप पर झुक जाओ फिर मैंने मम्मी को झुका दिया और उनकी गांड और चूत चाटने लगा मम्मी की चूत पानी पानी हो रही थी और मैं वो सारा पानी चाट रहा था मम्मी भले ही कुछ नहीं बोल रही थी मगर उनकी चूत से बहता पानी मुझे सब कुछ बता रहा था

और वैसे भी मैं ये बात जनता था की वो बस ऊपर ही ऊपर ड्रामा दिखा रही है अंदर से उन्हें भी बहुत मज़ा आ रहा है कुछ देर मैं मम्मी की चूत और गांड चाट ता रहा फिर मम्मी ने अपना पानी निकाल दिया जिसे मैंने चाट के साफ़ कर दिया फिर मैं खड़ा हो गया और मम्मी की पेंटी और लेग्गिंग ऊपर कर दी मम्मी मुझे ही देख रही थी

मैं -मम्मी पहले जिस काम के लिए आपको अपनी ऊँगली का इस्तेमाल करना पड़ता था अब वो काम मैं खुद कर दिया करूँगा आप भले ही ऊपर से नहीं मान रही हो मगर मैं जनता हु आपको भी उतना मज़ा आ रहा है जितना मुझे मम्मी से ये बात बोलके मैं निकल गया और मम्मी के कमरे में आ गया।

वह अपने कपडे पहने और फिर मैं अपना काम करने लगा मम्मी को भी थोड़ा टाइम चाहिए था ये सब समझने के लिए दोपहर के टाइम फिर मम्मी ने मुझे खाने के लिए बुलाया और हम दोनों खाना खाने लगे मम्मी मुझे अजीब ही नज़र से देख रही थी क्युकी मैं बिलकुल नार्मल था मगर मम्मी के लिए सब बदल गया था Meri Apni Sagi Maa ki chudai

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खाना खाने के बाद मम्मी अपने कमरे में चली गयी और फिर मैं भी सो गया शाम को जब मेरी आँख खुली तो मम्मी किचन में काम कर रही थी मैंने जाते ही मम्मी को पीछे से पकड़ लिया और सीधा उनकी चूचिया दबाने लगा

मैं -आई लव यू मम्मी लव यू सो मच मम्मी ने कुछ नहीं कहा और मैं उनकी गर्दन को चूमने लगा फिर मैंने अपना एक हाथ मम्मी की लेग्गिंग के अंदर डाल दिया और उनकी चूत को सहलाने लगा। मम्मी की चूतके बाल काफी बड़े थे जो मेरे हाथ में आ रहे थे

मैं -मम्मी आपके नीचे के बाल बहुत बड़े हो गए है और मुझे ये बिलकुल भी अच्छे नहीं लगते कल मैं इन्हे साफ़ कर दूंगा मम्मी ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया और मैं उनकी चूत को सहलाता रहा मम्मी की चूत गीली होने लगी और मैं उनकी चूत के दाने को सहलाने लगा मगर तभी घंटी बजी और हम दोनों अलग हो गए।

मैं गेट खोलने गया तो सामने आंटी खड़ी थी आंटी मुझे देखकर हसने लगी और फिर वो अंदर आ गयी मैंने देखा मम्मी अभी भी किचन में थी इसीलिए मैंने पीछे से आंटी की गांड को दबा दिया आंटी ने पीछे मूड के देखा और हसने लगी।

फिर मैंने मम्मी को बोल दिया की मैं ऊपर जा रहा हु मगर मैं गया नहीं बल्कि वही किचन के बहार खड़ा होके आंटी और मम्मी की बात सुनने लगा।

आंटी -क्या हुआ भाभी? बड़ी गुमसुम सी दिख रही हो कुछ हुआ है क्या?

मम्मी -अरे नहीं बस ऐसे ही कुछ सोच रही थी।

आंटी -भाभी कम से कम मुझसे तो झूठ मत बोलो मैं अच्छे से जानती हु की कुछ हुआ जरूर है और वैसे भी जहा ऐसा बेटा रहता हो जो अपनी माँ के साथ सोना चाहता है वहा तो जरूर कुछ हुआ ही होगा मम्मी आंटी की तरफ देखने लगी और वो भी जानती थी की आंटी इस दौर से गुजर चुकी है

मम्मी -कोमल क्या तेरा बेटा हमेशा तुझे प्यार करना चाहता है?

आंटी -भाभी अगर मेरे बेटे का बस चले तो वो मुझे कपडे पहनने ही न दे वो मुझे हमेशा नंगी रखना चाहता है यहाँ तक की वो मुझे कच्छी भी पहनने नहीं देता है जब भी उसका मन करता है, तब वो मेरी साडी ऊपर कर देता है और मेरी चूत और गांड को चाटने लगता है

मम्मी -तेरा बेटा तेरे पीछे भी चाटता है।

आंटी -हा भाभी आज कल के लड़के पता नहीं क्या क्या करते है? जब मेरे बेटे ने पहली बार मेरे पीछे चाटा था तो मुझे भी अजीब लगा था मगर सच कहु अजीब से जयादा मज़ा आया था Meri Apni Sagi Maa ki chudai:

वो मेरी चूत और गांड दोनों को बहुत चाट ता है अब आप बताओ क्या विशाल बेटा ने भी ऐसा ही किया है जो आप ऐसे गुमसुम खड़ी हो या आप दोनों के बीच सब हो चूका है मम्मी ने आंटी की तरफ देखा मगर कुछ कहा नहीं मगर आंटी पहले ही समझ चुकी थी की सारा काण्ड हो गया है

आंटी -वैसे भाभी जब मैं आयी थी तब मैं आपको देखकर समझ गयी थी की विशाल बेटा ने अपनी मम्मी को अच्छे से प्यार किया है क्युकी आज आपके चेरा काफी खुश दिख रहा है

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आप गुमसुम तो हो मगर उसके बाद भी आपके मुह पे एक नयापन है।

मम्मी -हा कोमल तू सही कह रही है हम दोनों के बीच सब हो गया है

आंटी -तो क्या हुआ भाभी? मैंने तो पहले ही आपसे ये बात कही थी की आपका बेटा आपको प्यार करके ही रहेगा वैसे जो इस वक़्त आप महसूस कर रही हो वो चीज मैंने भी पहली बार महसूस की थी, जब मेरे बेटे ने मुझे वो खुशी दी थी जो मेरा पति मुझे नहीं देता था मैं समझ सकती हु आपका मन यही सोच रहा है की ये गलत हुआ या सही।

मम्मी -हा कोमल मेरा दिल और दिमाग यही बार बार सोच रहा है की ये सही है या गलत

आंटी -भाभी एक बात बताओ सच सच जब आपके बेटे ने आपको वो खुशी दी जो भाई साहब आपको नहीं दे पाते है तो आपको कैसा लगा क्या उस पल का मज़ा अपना लिया या नहीं, मम्मी आंटी की बात सुनके चुप हो गयी क्युकी आंटी भी जानती थी की मम्मी को मज़ा जरूर आया होगा

आंटी -बताओ न भाभी क्या आपको मज़ा नहीं आया?

मम्मी -हा कोमल मैंने उस पल का मज़ा लिया और तब मैं ये भी भूल गयी थी की मुझे ये सुख देने वाला मेरा बेटा है मगर जब सब कुछ शांत हुआ तो मुझे बहुत अजीब लगा।

आंटी -मैं समझ सकती हु भाभी की आपको कैसा लगा होगा मुझे भी ऐसा ही लगा था मगर मेरे बेटे ने फिर से मुझे वही सुख दिया और मैंने भी उस पल का भरपूर मज़ा लिया मैंने आपने बेटे को कई बार समझाया, मगर उसने मेरी एक भी बात नहीं मानी और हर बार मुझे वो पहले से भी जयादा प्यार करता। फिर मैंने भी अपने बेटे को नहीं रोका और हर बार मैंने भी उसका साथ दिया वैसे भी भाभी वो मेरा बेटा है और हम दोनों पर कोई शक भी नहीं कर सकता है।


वैसे भाभी आपको याद है जब आपने मुझे अपने अकेलेपन की बात बताई थी तो मैंने भी यही कहा था की आप बहार ये सम्बन्ध बना सकती है और आपने कहा था की बहार बहुत खतरा होता है Meri Apni Sagi Maa ki chudai:

मगर देखो आपका भी काम मेरी तरह ही घर में चल गया अब आपको भी इस चीज चिंता नहीं होगी क्युकी आपका बीटा तो ये बात किसी से नहीं कहेगा।

मम्मी -तू कह तो सही रही है कोमल मगर ये सच में बड़ा अजीब है

आंटी -वैसे भाभी आपको ये खुद अपनाना ही पड़ेगा क्युकी अब आपका बीटा आपसे दूर नहीं रहेगा जैसा मेरा बेटा हर समय मुझे प्यार करता है कई बार खुली छत पर भी हम दोनों प्यार करते है

मम्मी -क्या बात कर रही है कोमल? तुम दोनों खुली छत पर भी ये सब करते हो।

दोस्तो आज इस कहानी मे बस इतना ही आगे क्या हुआ कैसे मैंने आंटी और मम्मी को एक साथ चोदा ये मैं आपको अगले भाग मे बतऔगा।

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