By | December 27, 2022

Aunty ki chudai Ki kahani:-हैलो दोस्तो, मैं आपका दोस्त शुभम एक बार फिर पिछली कहानी का 2 भाग लेके आया हु अगर आपने भाग 1 नहीं पढ़ा तो इस लिंक पे क्लिक करके आप भाग 1 पढ़ सकते है “पापा की दोस्त आंटी को जबर्दस्ती चोदा” मैंने आंटी को छोड़ने का प्लान बनाया, अब आगे । शाम को 5बजे मेरी नींद खुलती है और मैं बाहर आता हु रूम से. फिर मैं देखता हु की किचन मैं आंटी कॉफ़ी बना रही होती है. मैं आंटी से पूछता हु-


मैं: दर्द कैसा है अब?आंटी: हां काफी रिलैक्सिंग लग रहा है.
मैं: मेरे हाथो मैं जादू है आंटी. हर काम मैं एक्सपर्ट हु मैं.आंटी: हर काम मैं?मैं: हां आज़मा के देख लो.आंटी: तो अभी तक गर्लफ्रेंड क्यों नहीं बना पाए?मैं (मैं धीमे आवाज़ मैं): उसमे बस थोड़ा कच्चा हु.

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आंटी:. हाहाहाहा.फिर हम लोग कॉफ़ी पी कर बाहर टहलने और डिनर का प्लान बनाते है. उसके बाद हम तैयार होते है. आंटी जीन टॉप पहन के बाहर आयी. उसमे उनके बड़े-बड़े बूब्स उठे हुए साफ़ दिखाई दे रहे थे. और उनकी जीन्स एक-दम फिटिंग वाली थी. उसमे उनकी मस्त गांड फिट हो गयी थी.मैं: आंटी हॉट लग रही हो इस जीन्स-टॉप मैं.आंटी: चल हट!

फिर शुरू हो गए तुम.फिर हम मॉल गए और वह से हम रेस्टोरेंट की तरफ जा ही रहे थे की आंटी को गोलगप्पे की दूकान दिख गयी. उन्होंने मुझे कार रोकने को कहा.मैं: क्या हुआ आंटी?आंटी: रुको ना गोलगप्पे खाके चलते है. Aunty ki chudai Ki kahani

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मैं: ओह बिलकुल आंटी आप हुकुम करिये.इस बात पे आंटी हसने लगती है.आंटी: मुझे गोलगप्पे बहुत पसंद है.मैं: मुझे भी.आंटी: अच्छा? चलो ना फिर इसी बात पे कम्पटीशन हो जाये की कौन गोलगप्पे ज़्यादा खायेगा.मैं: लेकिन अगर मैं जीत गया तो मुझे इनाम मैं क्या मिलेगा?आंटी: मुझसे आज तक अच्छे अच्छे नहीं जीत पाए है. तुम क्या चीज़ हो?

मैं: सोच लीजिये फिर बाद मैं मत कहना.आंटी: ठीक है अगर आज तुमने मुझे हरा दिया. तो जो तुम कहोगे वो मैं करुँगी. 1विश कोई भी.मैं( आंटी मेरे जाल मैं फस्स चुकी थी): ठीक है फिर. गोलगप्पे वाले भैया लगाओ.फिर हमने बारी-बारी खाना शुरू किया. आंटी की गोलगप्पा खाने की स्पीड देख कर मैं चौंक गया. वो बिना रुके लगातार खाये जा रही थी. फिर मैंने भी सोचा-मैं(मन मन ): बेटा आज नहीं आंटी को नहीं हराया तो आंटी की चुत कभी चोदने को नहीं मिलेगी.अब मैंने गोलगप्पे खाने शुरू किये. आंटी को जल्दी-जल्दी तेज़ स्पीड मैं खाते देख मैंने भी स्पीड बढ़ा दी.

आंटी को देख के ऐसा लग रहा था जैसे वो अब ढीली पढ़ रही थी. लेकिन मैं खाता रहा.फिर आंटी ज़बरदस्ती गोलगप्पा खा रही थी. शायद उनका पेट फुल गया था और वो हार मानने लगी थी. लेकिन मैं बिना रुके खाता रहा. मेरी हालत भी खराब हो रही थी. इतने बताशे मैंने कभी नहीं खाये थे. फिर आंटी ने हार मान ली. उनसे रहा नहीं गया.

आंटी: बस मेरा हो गया. अब मुझसे और नहीं खाया जाता. मेरा पेट पूरा फुल हो गया.मैंने फिर गोलगप्पे वाले भैया से पुछा किसने ज़्यादा खाये?गोलगप्पे वाले ने मुझे इशारा करते हुए बोले-भैया: भैया ने आपसे तीन बताशे ज़्यादा खाये है मैडम.मैं: यस! यस! ! मैं जीत गया. हुर्रे!आंटी: अरे यार पहली बार किसी ने मुझे हराया है.हम फिर निकल पड़े. Aunty ki chudai Ki kahani

हमारी भूख सारी गोलगप्पो की वजह से ख़तम हो गयी थी. और हमने डिनर ना करने का फैसला किया.हम घर वापस आ जाते है. फिर हम आराम कर रहे होते है. तभी मैं आंटी की मीटिंग के बारे मैं पूछने लगता हु.मैं: आंटी आपकी मीटिंग कैसी रही?आंटी: अच्छी थी सब अच्छे से कोआर्डिनेट हो गया. हो सकता है कल मीटिंग अटेंड करके मैं वापस निकल जाऊ अपने घर.मैं: कल! इतनी जल्दी -मैं दुखी होकर बोलै )?आंटी: क्यों क्या हुआ?

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मैं: कुछ नहीं बस आपकी बहुत याद आएगी.फिर मैं दुखी होने का नाटक करने लगा और बिना कुछ बोले थोड़ी देर ऐसे ही बैठा रहा. फिर आंटी बोली-आंटी: चलो उठो ऐसे दुखी नहीं होते. मुझे तो जाना ही होगा. पर जाने से पहले मुझे फेयरवेल पार्टी नहीं दोगे?फिर आंटी ने मुझे अपने दोनों हाथो से पकड़ कर मुझे हुग कर लिया. और बोलने लगी-आंटी: ऐसे नहीं दुखी होते बेटा. (उनके दोनों बड़े-बड़े बूब्स मेरे सीने से टच हुए मानो मेरे शरीर मैं करंट दौड़ गया हो और मैंने भी फिर अपने दोनों हाथो को उनके बदन को ज़ोर से जकड लिया.अब उनके दोनों बूब्स मेरे सीने मैं आधे धस्स गए थे.

मुझे बहुत मज़ा आ गया और महसूस हुआ की आंटी के बूब्स कितने बड़े और सॉफ्ट थे अंदर से.मैं: आंटी आप बहुत अच्छी हो.आंटी: थैंक यू बेटा.अब वो फ्रेश होने बाथरूम चली गयी.

और मैं बिन बताये मार्किट से केक और बियर और कुछ बल्लोंस के साथ रोजेज भी लेने चला गया. मैंने 8 बियर खरीदी और सोचने लगा अगर आज आंटी को नहीं चोद पाया तो कभी ज़िन्दगी मैं दूसरा मौका नहीं देगी.फिर मैं घर आ गया और उन्हें सरप्राइज देने के लिए बियर और केक छुपा दिया. आंटी रूम मैं बैठी मोबाइल चला रही थी. फिर वो बोली-आंटी: कहा चले गए थे तुम?मैं: कही नहीं यही तो था छत पे. आंटी मैंने आपके लिए फेयरवेल पार्टी के लिए कुछ सरप्राइज रखा है. आप तैयार हो जाओ.आंटी: वैरी इंटरेस्टिंग दिखाओ कहा है मेरा सरप्राइज?मैं: ऐसे नहीं आप चेंज कर लीजिये पहले. और आप वो प्लीज ब्लैक वाली साड़ी पेहनियेगा. उसमे आप बहुत हॉट लगती हो. Aunty ki chudai Ki kahani

फिर आंटी ने मेरा गाल पकड़ के चिकोटी काट ली और बोली-आंटी: तुम बहुत नॉटी हो गए हो शुभम.फिर वो अंदर रूम मैं चली गयी तैयार होने. मैंने भी शावर लेकर नयी शर्ट और जीन्स पहन ली. मैंने केक मे सारी कैंडल्स लगा के जला दी और उनके आने का इंतज़ार करने लगा. फिर 2 घंटे के बाद उन्होंने गेट खोला. तब मेरी आँखें फटी रह गयी.उन्होंने ब्लैक ट्रांसपेरेंट साड़ी के साथ स्लीवलेस ब्लाउज पहन रखा था जो केवल एक स्ट्रिंग के सहारे पर टिका हुआ था. उनके बड़े-बड़े बूब्स ब्लाउज मैं डीप क्लीवेज बना रहे. उन्होंने थोड़ा मेकअप भी लगा रखा था. जिसमे उनका फेस बहुत ही प्रीटी लग रहा था.

उनकी ट्रांसपेरेंट साड़ी मैं उनकी नैवेल साफ़-साफ़ दिख रही था. और उनका मस्त – मलाईदार पेट देख के तो मेरा लुंड खड़ा हो गया. फिर वो बोली-आंटी: कहा खो गए?फिर मैंने घुटनो पे बैठ के उन्हें एक रोज ऑफर किया. और मज़ाक मैं कहा-मैं: आई लव यू आंटी.वो हस्ते हुए बोली: आई लव यू टु शुभम.

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फिर मैंने उठ कर उनके हाथ को चूमा और उनकी आँखों को अपने हाथो से बंद करके उन्हें रूम मैं ले गया. जहा मैंने केक और सारे बैलून्स से रूम को डेकोरेट कर रखा था. फिर रूम मैं पहुँचते ही मैंने उन्हें आँखें खोलने को कहा. जैसे ही उन्होंने आँखें खोली मैं ज़ोर से चिल्लाया-मैं: सरप्राइज!आंटी को सरप्राइज बहुत अच्छा लगा और वो बहुत खुश थी. फिर मैंने उन्हें केक काटने के नाइफ दी. उन्होंने पहले कैंडल्स बुझाई और फिर केक काटा. पहले उन्होंने मुझे केक खिलाया. केक के साथ मैंने उनकी एक ऊँगली पे मज़ाक मैं काट लिया .आंटी: यू नॉटी बॉय -उन्होंने मेरे गाल खींचते हुए कहा).फिर मैंने केक का एक पीस उठाया और उन्हें खिलाने लगा. तब उन्होंने भी मेरी उँगलियों

पे काट लिया.आंटी (हस्ते हुए): क्यों मज़ा आया?मुझे भी मज़ा आ रहा था.
फिर मैं रेफ्रीजिरेटर से बियर की साड़ी कैन्स निकाल लाया और वह रख दी.आंटी: इतनी सारी बियर? इतनी कौन पियेगा?मैं: मैं और आप. आप बियर पीती हो न वैसे? ये तो मैंने पुछा नहीं आपसे?आंटी: मैं केवल बियर ही पीती हु. वैसे ज़्यादातर .फिर मैंने एक कैन आंटी को दे दिया और हमने चियर्स किया. मैंने वूफर पर स्लो वॉल्यूम मैं सांग प्ले कर दिया.

आंटी की बियर पीने की स्पीड काफी तेज़ थी. जहा मैं 2 कैन ख़तम नहीं कर पाया वो 4 ख़तम करने वाली थी.मैं: आंटी आप तो पीने मैं काफी एक्सपर्ट लग रही हो?आंटी: हां जब भी मैं पीती हो तो दिल खोल कर. वैसे भी आज मैं बहुत खुश हु. इसीलिए सारी बियर मैं ही पियूँगी.मैं: बिलकुल जैसी आपकी मर्ज़ी. जितनी मैं हो आप उतनी पीजिये.जैसे-जैसे वो बियर पी रही थी उनके होंठो से कुछ बियर की बूंदे उनके मस्त होंठो से होकर उनकी क्लीवेज मैं जा गिर रही थी. और मैं उनकी क्लीवेज को ध्यान से देख रहा था. Aunty ki chudai Ki kahani

उन्हें देख कर मुझे बिना बियर पिए ही हवस का नशा चढ़ने लगा था.मैंने जहा दो बियर ख़तम की उन्होंने 4 पी डाली थी. और अब नशा उनके ऊपर चढ़ने लगा था. फिर आंटी ने मेरे पास रखे रिमोट को उठा लिया और वूफर का वॉल्यूम फुल कर दिया. आंटी अब पूरे नशे मैं थी और मुझे खड़ा करके मेरे साथ डांस करना चाहती थी.मैं भी ये मौका कहा छोड़ने वाला था. फिर मैंने भी “तू इसक मेरा तू” सांग लगा दिया. काफी सेदूसिंग सांग सुन के वो मेरे पास आयी और कहने लगी.आंटी: यू नॉटी बॉय. अपनी आंटी के साथ इस गाने पे डांस करोगे?

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मैं कुछ नहीं बोला और उनकी अदाओं को खड़े-खड़े देखता रहा. वो मेरे सामने सेदूसिंग डांस कर रही थी और मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था.अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और फिर मैं भी उनके पास जा कर उनकी कमर मैं हाथ डाल के अपना लंड उनकी मस्त गांड मैं चिपका कर मूव करके डांस करने लगा.कुछ देर ऐसा करने के बाद मैंने उनका हाथ पकड़ के गोल-गोल घुमा कर अपनी बाहों मैं भर लिया.

फिर उनकी कमर मैं दोबारा हाथ डाल दिया और उनके एक हाथ को पकड़ के डांस करने लगा. वो मेरी आँखों मैं देख रही थी और मैं उनकी आँखों मैं. और हम दोनों कुछ देर ऐसे ही डांस करते रहे.फिर मैंने दबी हुई आवाज़ मैं बोला: आंटी मुझे मेरा इनाम नहीं दिया आपने अब तक?आंटी: तो बोलो क्या चाहिए मेरी जान को जान सुनते ही मैं समझ गया की अब आंटी पूरे नशे मैं थी और इसका मुझे फ़ायदा उठाना चाहिए.मैं: एक किश.आंटी: बस एक किश? Aunty ki chudai Ki kahani

और उन्होंने मेरे गाल पे एक किश दे दिया.मैं: आंटी ये क्या?आंटी: क्या हुआ?मैं: ये वाली नहीं.आंटी: फिर कोन सी?मैं: लिप तो लिप.आंटी: बद्तमीज़ हो रहे हो तुम.मैं: क्या करू आप जैसी हॉट लेडी हो तो कोई भी बदतमीज़ी पर उतर आये.आंटी: अच्छा ठीक है अपनी आँखें बंद करो.(और जैसे ही मैंने आँखें बंद की उनके सेक्सी होंठ मेरे होंठो के पास आने लगे.

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और उनकी तेज़ी से ले रही साँसों को मैं महसूस करने लगा. फिर हम दोनों के होंठो का मिलान हुआ और उनके होंठ मेरे होंठो से चिपक गए.वो इतना करने के बाद अपना होंठ हटाने वाली थी. तभी मैं उनका सर पकड़ के अपना नीचे वाले होंठ को उनके मुँह मैं पूरा डाल कर उन्हें ज़ोरो से किश करने लगा और अपनी जीभ को उनकी जीभ से लिप्त कर कर लिप लॉक कर ली.मैं उनकी जीभ के रस का स्वाद लेने लगा.

मैं उनके होंठो का स्वाद ले ही रहा था की आंटी ने मुझे धक्का देकर अपने से अलग कर दिया. और फिर हम एक-दुसरे की आँखों मैं देखते हुए ज़ोर-ज़ोर से साँसे ले रहे थे.शायद ये बियर का नशा था जो हवस मैं बदल रहा था. फिर वो बिना कुछ बोले एक बियर उठा के पीने लगी. और तभी मुझसे रहा नहीं गया.


तो आपको स्टोरी काफी अच्छी लग रही होगी. अब इसका अगला पार्ट कमेंट पर निर्भर करेगा.

आगे स्टोरी मैं जानिये शुभम अपनी निशा आंटी को रात भर कैसे छोचोदता है. इसलिए कमेंट देना मत भूलियेगा.
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