By | March 4, 2023

Aunty Ki Chudai Story: हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब, मैं आपका दोस्त राहुल एक बार फिर एक नयी कहानी के साथ, पिछले भाग मे आपने पढ़ा था कैसे मैंने अपनी कविता आंटी को माँ के रूम से बाहर ले आया था।

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अब आंटी बहुत डर रही थी कही माँ कुछ कह न दे उसको।

तो दोस्तो जायदा समय न लेते हुये अब म सीधा कहानी पे आता हु 

काविता एक पल चुप रही और फिर बोली: हाँ… उनसे बड़ा है और मोटा भी है

राहुल: तब तो आपकी हालत खराब हो जाएगी, कविता कल रात ही अविनाश के लंड से चुदी थी और उसका लंड राहुल से बड़ा था लेकिन इस बात को मैं मन छुपाती हुई कविता बोली:

कविता:  हाँ वह तो है… मेरी तो हालत ख़राब कर दोगे तुम

राहुल कविता के मुँह से सुनना चाहता था तो उसने पुछा: क्यों कैसे होगी हालत खराब?

कविता अपनी उंगलियों के गोले में राहुल के लंड को दबाकर नीचे करती हुई बोली: 

कविता: क्यों की ये बहुत बड़ा है मेरे लिए

राहुल: क्यों? कहा के लिए? कविता के मुँह पर शर्म भरी मुस्कान आ गयी और वह बोली: 

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कविता: हट मुझे नहीं बोलनाराहुल कविता की उंगलियों के गोले में अपना लंड घुसाते हुए बोला:  Aunty Ki Chudai Story

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राहुल: बताओ आंटी क्यों हालत ख़राब होगी आपकी? कविता शर्माती हुई झुकी और राहुल के लंड को चाटती हुई बोली: 

कविता: क्यों की तुम इससे मेरी फाड़ दोगे,अपनी आंटी के मुँह से फाड़ने की शब्द सुन राहुल रोमांचित हो उठा उसके लंड ने झटका मार दिया,

कविता जान गयी की राहुल को उसके मुँह से ऐसे शब्द अच्छे लग रहे थे

राहुल: क्या फाडुगा आंटी बतऔ न।

कविता: कविता उसके लंड को मुँह से निकालती बूँद के गोले को अपनी जीभ की नोक से चाटती हुई बोली: 

कविता: शहहह… चुप और मुझे भी चुप रहने दो अब, कविता अपनी होंटो को खोली और राहुल के लंड को अपने मुँह में ले लिया।

राहुल: अह्ह्ह्ह… अब जाकर मिला मज़ा, कविता अपने सर को ऊपर नीचे करती हुई राहुल के लंड को अपने मुँह में घुसाती और निकालती हुई खेलने लगी,  राहुल लेते हुये मज़े में अपनी आखे बंद कर कर ली, सुबह से वह जिस चीज़ के पीछे था वह अब जाकर उसे मिल रझी थी, उसे इतने मज़े में देख कविता और अच्छे से अपने भूले हुए हुनर वापस लाने लगी, वह मज़े में राहुल के मोटे लंड को अपने मुँह में जीभ के साथ खेलती हुई अंदर बहार लेने लगी।

अगले 55-मिनट कविता ऐसे ही राहुल को मज़ा देती हुई उसके लंड को चूसती हुयी, अपने मुँह में चुदवाती हुई उसे अपने लिए तैयार कर रही थी और फिर मुँह से उसे निकाल कर राहुल को देखने लगी।

राहुल अपनी आँख खोल नीचे की और देख बोला:

राहुल: क्या हुआ? कविता के मन में था की वह राहुल से कहे की अब उसे इस लंड से चुदवाना है पर शर्म के धागो ने उसकी होठ सील रखे थे, 

वह मुस्कुराकर शर्माने लगी, राहुल जान गया और बोला: क्या हुआ आंटी बताओ तो… ऐसे क्यों शर्मा रही हो?

कविता राहुल के थूक से सने  लंड को धीरे धीरे हिलाती हुई बोली:  Aunty Ki Chudai Story

कविता: मममम… अब क्या करना है?

राहुल: आप बड़े हो आप को तो सब पता है आप बताओ,

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कविता कुछ बोली नहीं और फिर उठ खड़ी हुई ओर राहुल को मुस्कराहट देती हुई कविता अपनी नाइटी को पकड़ ऊपर की और अपनी नंगी जांगे दिखाती हुई सोफे पर चढ़ने लगी,

पहले एक घुटना राहुल की कमर के एक तरफ और फिर उसकी नावी के ऊपर आ बैठी और बोली: बिना बोले भी तो कर सकती हूँ मैं।

उसने एक हाथ से अपनी नाइटी उठायी और दूसरे हाथ को नीचे ले जाकर, राहुल के लंड को पकडा फिर  अपनी चूत  के मुँह पर सही जगह लगा लिया और अपनी आँखे बंद कर धीरे से अपनी कमर नीचे कर लंड को अपनी प्यासी चूत में लेने लगी।

अब अपनी आंटी के चूत में जाते हुये लंड को महसूस कर रहा था राहुल को ख़ुशी हुई मानो दुनिया ही जीत ली हो, उसके अरमान अब जाकर पूरे हुए और इस उत्तेजना में उसका लंड कविता की चूत में झटके मारने लगा।

कविता: अहह! बहुत बड़ा है…ओह्ह्ह्ह! इसके बाद कविता 11-मिनट के लिए उसके लंड को अपनी चूत में ही रहने दिया और  फिर धीरे धीरे अपनी कमर उछालती हुई चूत चुदवाने लगी,

कविता की चूत पहले ही एक बार झड़ने से काफी गीली थी राहुल के लंड पर लगे उसके थूक की चिकनाहट से लंड फिसलता हुआ आराम उसकी चूत के अंदर जाने लगा, धीरे धीरे कविता अपनी कमर के उछलने की रफ़्तार बढ़ाती गयी, Aunty Ki Chudai Story

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राहुल का लंड उसकी चूत की चुल बुलाहट को रगड़ता गया राहुल ऊपर अपनी आंटी को इस अवस्था में देख उत्तेजित होता हुआ अपनी भी कमर ऊपर मारने लगा, राहुल का लंड अपनी पूरी लम्बाई कविता की चूत के जड़ तक ले जाने लगा, कविता आनंद की सागर में तैरती हुई अपनी आहे संभाल नहीं पा रही थी और धीरे धीरे उसकी दबे हाथो ने उसके बॉल खोल दिये,

वह आहे भर्ती हुई राहुल का नाम लेने लगी, 

कविता: अह्ह्ह! राहुल! ओह्ह्ह!राहुल: धीरे आंटी धीरे माँ उठ सकती है।

कविता: अहह अहह अहह! ममममम अह्ह्ह!कुछ देर ऐसे ही छोड़ने के बाद राहुल बोला:

राहुल:आंटी आप सोफे पर लेटो, कविता नशीली आँखों के साथ राहुल को देखा और फिर उसके लंड को अपनी चूत से निकाल कर, उठ खड़ी हुई राहुल सोफे से उठा और बोलै: 

राहुल: आप पीठ के बल लेटो, कविता उसके कहे अनुसार सोफे पर पीठ के बल लेटी, राहुल उसकी नाइटी को ऊपर कमर तक उठाकर उसकी टाँगे पकड़ कर अब अपनी  तरफ खींच लिया।

कविता: ओह! क्या कर रहे हो? राहुल कविता की टाँगे पकड़ कर  ऊपर उठाकर अपने दोनों कंधो पर टिका लिया,वह थोड़ा झुक कर नीचे से कविता के रस से नाही  हुई चूत में अपना लंड घुसा दिया

इसके बाद राहुल कविता की टाँगो को पकड़ कर सहारा बनाकर अपनी  कमर नीचे मारता हुआ अपना लंड आसानी से कविता की चूत में मारने लगा। Aunty Ki Chudai Story

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कविता मज़े में आती हुई बोली: मममम अह्ह्ह्ह… तुम तो माहिर निकले राहुल… ये सब किसने सिखाया?

राहुल: बस सीख लिया कही से आंटी… आपको चोदने के लिए सब खुद ही सीख लिया, कविता जान गयी थी की राहुल किसी और को भी चोद कर ये सब सीखा है लेकिन मज़े में चूर वह अभी ये सब पूछना नहीं चाहती थी।

कविता अपनी आँखे बंद कर लेती है और चुदवाती हुई सोचने लगी, जिस छोटे बच्चे को वह कभी अपनी ममता के साथ लाड प्यार देती थी आज वह इतना बड़ा हो गया की अपने लम्बे जवान लंड से उसकी ही चूत फाड़ रहा था,

मज़े के अलावा ये भी एक कारन था जिसके कारन वह अपनी आँखे बंद की हुई थी वह शायद राहुल को देखाना नहीं चाह रही थी की कुछ देर तक राहुल एक ही गति के साथ कविता की चूत में अपने लंड से चोदता रहे, कविता की ख़ामोशी को देख वह रुक गया राहुल ने अब अपना लंड धीरे से चूत से बहार निकाला और फिर ज़ोर से अपनी कमर दे मारी, इतनी ज़ोर से की उसकी जागे कविता की गांड पर टकराकर फट की आवाज़ निकल गयी,

साथ ही उसका लंड कविता की चूत में ज़ोर से जड़ तक चला गया।

कविता इस पर आखे खोल ज़ोर से बोल पड़ी: 

कविता: यह! उसकी ऐसी आह सुनकर राहुल के अंदर रोमांच का जानवर घुर्राह उठा वह फिर से वैसे ही अपना लंड बाहर निकाल कर चूत में फिर से ज़ोर से दे मारा।

कविता: अह्ह्ह्ह! क्या कर रहे हो?

राहुल: आपको जगा रहा था आंटी मुझे लगा आप…ये कहते हुए उसने एक और बार ज़ोर से दे मारा और बोला: आप सो तो नहीं गयी। Aunty Ki Chudai Story

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कविता: आआह्ह्ह्ह! इसके बाद राहुल कविता को फिर से खड़ा करके अपनी कमर हिलाता हुआ चोदने लगा राहुल को इस बात का कोई डर नहीं था कविता की आहे ज़ोर से निकले या नहीं,

उसे पता था की उसने कविता को आते वक़्त दरवाज़ा बहार से लॉक करने को कहा था, इस बात के भरोसे में वह कविता की आहों  का मज़ा लेता हुआ चोद रहा था।

लेकिन वह दूसरी और अपने कमरे में लेटी सारिका को अब कविता की आहे सुनाई देने लगी कविता की आहे ने उसे बता दिया की शायद राहुल उसकी काफी बढ़िया चुदाई कर रहा है।

सारिका बहार से आती हलकी आहे सुन कर अपने विचारो में देखने लगी,  राहुल कैसे कैसे कविता को चोद रहा होगा इन विचारो में वह खुद अपने  निप्पल को निचोड़ती हुई उत्तेजित होने लगी,

कुछ देर बाद अपना सयम  थोड़ वह बिस्तर से उठ गयी, सारिका धीरे से अपने रूम के दरवाज़े को खोला और चुप कर लिविंग रूम के तरफ देखने लगी,

वाह राहुल पीठ दिखाए उसके सामने पड़ी कविता की टाँगो को पकड़ उसकी चूत के तरफ अपनी कमर मरता हुआ दिखाई दिया।

वह नज़ारा देख सारिका अपने होंटो को काट रही थी और अपने जवान बेटे से चुदवाना एक बात थी लेकिन उसे किसी और औरत को चोदते देख सारिका के अंदर आग उमड़ने लगी,  जल्द ही सारिका अपना हाथ नीचे ले गयी और अपनी नाइटी के ऊपर से ही अपनी चूत को सहलाने लगी। Aunty Ki Chudai Story

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अपने बेटे को अपनी सबसे अछि सहेली और नातून को चोदते देख वह अपनी चूत को रगड़ मज़ा लेने लगी और वाह लिविंग रूम में इस बात से अनजान कविता और राहुल अपने मज़े में खोये हुए थे

राहुल अब भी लगातार अपनी कमर हिलाता हुआ कविता की चूत में अपने लंड का कहर बरसा रहा था

कुछ देर बाद राहुल थकने लगा और अपने कंधो पर गिरते हुये  कविता की टाँगो का भार उसे अब थकाने लगा और वह रुक गया 

वह कविता से अलग होकर बोला: आंटी उठो अब, ये सुन उधर सारिका झट से अपने कमरे में वापस छुपी गयी और दरवाज़ा धीरे से बंद कर लिया, कही राहुल पलट कर देख न ले, राहुल की बात सुन कविता ने पूछा: क्यों क्या हुआ?

राहुल कविता के हाथो को पकड़ उसे खींच कर उठा दिया और  बैठके बोला:अब आप अपने घुटनो पे बैठो, कविता जानती थी की राहुल उसे घोड़ी बनने को कह रहा है लेकिन अनजान बनने की ढोंग करती हुई बोली: क्यों?

राहुल: ओफ्फो शायद आपने ये किया या नहीं है कभी,

कविता: क्या? क्या नहीं किया?

राहुल: डोगग्य स्टाइल।

आंटी कविता भी जानती थी की डोगग्य स्टाइल क्या होता है लेकिन उसे राहुल के मुँह से सुनने में मज़ा आने लगा और वह फिर से अनजान हो कर बोली: डोगग्य स्टाइल? वह क्या है? Aunty Ki Chudai Story

राहुल: आप उठो तो और अपने घुटनो पर बैठो, कविता बेवक़ूफ़ बनती हुई अपने घुटनो पर राहुल को मुँह दिखा कर बैठ गयी और बोली: अब?

राहुल अपने माथे पर हाथ रख बोला: अरे आंटी आपको कुछ नहीं पता उस तरफ मुड़ कर बैठो, 

कविता: क्या करवाना चाहते हो तुम?

राहुल उसकी कमर पकड़ा और मुड़ते हुए बोला: आप बैठना जैसा मैं कह रहा हूँ, 

कविता अपनी मुस्कान होंटो में छुपाती हुई मुड़ कर राहुल को अपनी पीठ दिखाती हुई घुटनो पर बैठ गयी,

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राहुल उसकी पीठ को दबाता हुआ उसे झुका कर बोला: अपने हाथ नीचे रखो और घोड़ी बन जाओ, फिर कविता ने वैसा ही किया  जैसे राहुल ने बोला  और ऐसे  दिखाया, मानो उसे कुछ नहीं पता और वह राहुल से सीख रही हो, राहुल उसकी नाइटी को पकड़ पीछे से उठाकर गांड से ऊपर कमर पर रख दी, फिर वह झुक कर नीचे बैठा और अपना मुँह कविता की गांड के पास ले आया

कविता सर घुमा कर उसे देख रही थी जब राहुल अपना मुँह सटाकर पीछे से उसकी चुदी हुई चूत को चाटने लगा, राहुल अपनी जीभ से चूत को चाटता हुआ, ऊपर की और ले गया फिर कविता की गांड की छेद पर अपने जीभ की नोक लगाकर खेलने लगा।

कविता: अह्ह्ह… ऐसे मत करो… की!कविता को काफी मज़ा आया लेकिन वह अपनी शराफत का ढोंग कर रही थी राहुल न सुनता हुआ उसकी गांड चाटने लगा फिर उठ खड़ा हुआ और बोला: 

राहुल: आंटी कुछ भी गन्दा नहीं है सेक्स में।

कविता: तो इसे कहते है क्या डोगग्य स्टाइल? Aunty Ki Chudai Story

राहुल ने कविता की कमर एक हाथ से पकडी और दूसरे हाथ से अपने खड़े लंड को पकड़ कर  उसकी चूत के मुँह पर लगाकर बोला: नहीं नहीं अब जो करूँगा उसे कहते है डोगग्य स्टाइलये कहते हुए राहुल अपने कमर को आगे बढ़ाया और उसका लंड पीछे से कविता की चूत में उतार दिया, 

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कविता: अहह!और फिर अपने दोनों हाथो से कविता की कमर पकड़ कर वह पीछे सो चोदता हुआ बोला: 

राहुल: आपको डोगग्य बनके चोद रहा हूँ आंटी इसे कहते है डोगी  स्टाइल अच्छा लगा?

कविता: हाँ… बहुत अच्छा लगा, राहुल इस बात की ख़ुशी में की ना सिर्फ वह अपनी आंटी के साथ सेक्स कर रहा है साथ ही उसे सीखा भी रहा है इस बात की ख़ुशी के जोश में अपनी कमर को पूरी तेज़ी के साथ आगे पीछे हिलाने लगा,

वह कमरे के अंदर कुछ देर बाद सारिका फिर से दरवाज़ा खोल छुप कर देखने लगी इस बार कविता को कुतिया बनी चुदते देख सारिका के तन्न बदन में मस्ती की लहर पड़ी वह अपनी नाइटी को ऊपर उठाकर अपनी चूत के दाने को मसलती हुई नज़ारे का मज़ा लेने लगी,

राहुल के लगातार धक्को से कविता की चूत अब जवाब देने वाली थी कविता सोफे पर अपना  मुँह दबाकर अपने होंटो से दबी आहे चोद  रही थी

 राहुल अब भी अपने चरम सीमा पर पहुँचने वाला था, उस एहसास में वह आक्रामक होता हुआ अपनी कमर को किसी मशीन की तरह बिना रुके हिलाने लगा, कविता की चूत में उसका लंड पूरी तेज़ी के साथ अंदर बहार जा रहा था।

कविता के हाथ कांपने लगे और उसकी आँखे सम्भोग के नशे में घुलती हुई बंद होने लगी, राहुल भी अब कुछ ही पालो के लिए बचा हुआ था वह जान गया था की वह झड़ने वाला है पर वह ये नहीं जानता था की कविता को अंदर लेना पसंद है भी या नहीं,

कविता चरम सुख का आनंद उठा रही थी। Aunty Ki Chudai Story

बेटे ने की अपनी सगी आंटी की चुदाई

राहुल: आंटी मेरा निकलने वाला है अंदर चोड़ू क्या?

कविता हिम्मत करती हुई उसे रोकना चाहती थी इस बार मज़े में चूर वह कुछ बोल नहीं पायी इससे पहले की वह कुछ बोलती उसका  जिस्म कापता हुआ अकड़ने लाग,

 राहुल को कविता से कोई जवाब न आया तो उसने उसे हाँ समझ अपने लंड को कुछ अंदर मारा और फिर उसकी बाँध टूट गयी उसका गरम गदा मरदाना रस कविता की चूत में मस्ती की लहरे बन कर भरने लगा फिर  उस बहते गरम एहसास को चूत में लेती हुई कविता भी झड़ पड़ी,

कविता की चूत में राहुल का लंड घुसा रहा उन् दोनों के मिले झूले रस ने उसकी चूत के अंदर एक दबाव सा बना लिया करीब 1515 से 2020 सेकंड राहुल और कविता एक साथ झड़ते हुए झटके खाने लगे, जैसे ही उनका मज़ा धीरे धीरे शांत होता हुआ कम होने लगा तो उनके पीछे से एक आवाज़ आयी, सारिका: तो ये हो रहा है मेरे घर में मेरे पीठ पीछे! 

तो दोस्तो आज बस इतना ही आगे बतऔगा की फिर सारिका ने क्या किया ।

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