By | February 18, 2023

Baap Beti Ki Chudai: हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब मैं आपका दोस्त आज एक बार फिर से नयी कहानी लेकर आया हूँ। ये कहानी बाप और बेटी की चुदाई की है। तो आप सबका ज्यादा टाइम वेस्ट ना करते हुए चलो अब कहानी स्टार्ट करते है..

तो दोस्तो जैसा की आप सब जानते है की मेरे अमित भैया ने मुझे कसके चोदा था। अब मुझे चुदाई के बिना नींद ही नहीं आती थी। तो सुबह की चुदाई के बाद शाम को तो देखा ही आपने की कैसे अमित भैया बालकनी से मेरे रूम आते है फिर थोड़ी बातो के बाद माँ के बुलाने पे वह चले गए उसके बाद पता नहीं माँ की क्या बात हुई अमित के साथ। मैं उठी और फिर बालकनी अच्छे से बंद कर के पर्दा डालकर अपने बेड पर आ गयी।

फिर अपनी टाइट पेंटी को खींच नीचे की ओर तो वैसे भी मैंने पहनी नहीं थी टीना को याद करती हुई अपनी चूत में डिलडो के साथ थोड़ी देर खेली और फिर थक कर नहाने चली गयी फिर यूं ही अपने फेसबुक इंस्टाग्राम और व्हाट्सप्प में रही और समय 9 बज गए पापा कब वापस आये,

Baap Beti Ki Chudai

कुछ नहीं जाना पर ये तब सोची जब बहार से उनकी आवाज़ आयी की: स्वाति! खाना खालो!

मैं तब उठी और बहार एक टाइट टॉप और शार्ट पहन कर निकली क्यों की माँ सत्संग में गयी हुई थी तो छोटे कपडे पहनने पर उनके ताने नहीं सुनने पड़ेंगे सोच वैसी ही निकली, मुझे रूम से ऐसे आते देख पहले अमित देखा वह मुझे देख मुस्कुराया कोई शक नहीं की उसकी आंखे ऊपर नीचे कई बार जा रही थी इसके तुरंत बाद पापा ने मुझे देखा,

फिर नार्मल होकर बोले: आओ खाना खा लो तुम्हारी माँ बना के गयी थी मैंने और अमित ने मिलकर सब गरम कर दिया,

मैं सोचने लगी की ये सब हो गया और मुझे पता ही नहीं चला मैं जाकर उनके बीच में खाली कुर्सी पर बैठ गयी हमारे यहाँ 6 सीट वाली डाइनिंग टेबल है जिसके दो तरफ 3-3 कुर्सी लगती है। Baap Beti Ki Chudai:

पापा हमें खाना परोसने लगे तो अमित की बायीं हाथ टेबल के नीचे मेरी चिकनी जांघो पर आ गया, मैं अपने दाए हाथ से उसके हाथ को पकड़ा और उसकी तरफ देख आँखों को बड़ा कर इशारे करने लगी,

Baap Beti ki chudai ki kahani

वह मेरे इशारे पर भी अपना हाथ नहीं हटा रहा था तो मैंने उसके हाथ को वही रहने दिया हम सभी खाना खाने लगे अमित तो यूं ही खाना खाने के साथ पापा से बाते कर रहा थाऔर साथ ही उसके हाट मेरी चिकनी जांघो का मज़ा भी शुक्र हो पापा का की वह टेबल के इस तरफ नज़र ही नहीं ला रहे थे और बेशरम अमित अपने अंकल के सामने बेझिझक उनकी बेटी की जांघो को सहला रहा था।

भले मुझे ये अच्छा लग रहा था लेकिन अपने पापा के सामने थोड़ी अजीब भी लग रहा था, डर के साथ एक बेशर्मी का एहसास हो रही था

अमित अपने हाथ  को ऐसे ही थोड़ी देर रखने के बाद थोड़ा और अंदर को लेजा कर ठीक मेरी चूत के पास जहा मेरी शार्ट ख़त्म होती है वह अपनी ऊँगली ले गया मेरे मुँह से एक हलकी आह निकली तो पापा की नज़र मेरे चेहरे पर गयी।

मैं झट से बोली: अपनी जीभ काट ली।

पापा: खाते वक़्त भी तेरा शैतान भरा दिमाग में कुछ चल रहा  होगा, उसी लिए जीभ कटी होगी, उनकी बात सुन अमित हसने लगा और मैं अमित को देख गुस्सा करने लगी,

इसको पीटने से बचाया और ये हस्स रहा है पापा मुझसे नज़र हटाते ही मैं अपना बायीं हाथ नीचे ले गयी और अमित के हाथ की ऊँगली मोड़ दी वह तुरंत अपना हाथ वापस खींच लिया और मुँह दबाते हुए अपने दर्द के साथ खाना खाने लगा, पर ज़्यादा देर नहीं लगी की उसका हाथ वापस आ गया,

इस बार सीधे मेरी शार्ट के ऊपर से मेरी चूत पर आ बैठा क्यों की मैंने अंदर पैंटी नहीं पहनी थी तो अमित को अपनी उंगलियों से पता चल ही गया था उसकी उंगलिया मेरी चूत की रेखा को शार्ट के ऊपर से सहला रहा था ,

वैसे तो मन में पापा के डर से उसे रोकने को था  पर मुझे मज़ा भी आ रही था इतने में उसने अपनी ऊँगली हलके से दबायी मैं मज़े में सिहर गयी और मेरी बायीं हाथ जो टेबल पर थी झटके से उछली पापा के दाए तरफ गिलास में पानी था

जो मेरे झटके से हाथ से टकराई वह पापा के तरफ गिर पड़ा. Baap Beti Ki Chudai:

अमित ये देख तुरंत अपना हाथ हटा लिया पर बेचारे पापा पूरा पानी उनके शर्ट और फिर उनके पायजामे के सामने के हिस्से पर गिर गया

पापा: अरे अरे! ये कर क्या रही हो तुम!

मैं: वह… वह अचानक से हिचकी आ गयी।

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पापा: मैंने तो कोई हिचकी नहीं सुनी ठीक से बैठके खा नहीं सकते क्या? ऐसे ही नहीं तुम्हारी माँ दिन भर चिल्लाते रहती है तुम पर, पापा मुझे बेहद काम डाटते है और ये उनमे से एक हुआ आज सब कमीने अमित के कारन वह मेरे बगल में बैठा मुस्कुराते हुए अपना खाना खा रहा था।

मैं अपने बाए हाथ से सामने रखी टेबल क्लॉथ ली और उनके पायजामे के सामने समेटे पानी को सोखने के लिए रख दिया कपडे को रख कर जब पानी सोखा तो मुझे एहसास हुआ कुछ और मैं तुरंत पापा को देखा वो मुझे देख रहे थे और फिर सामने देखने लगे बोलना तो नहीं चाहिए पर उनके पायजामे में उनका लंड तना हुआ था ।

मैं झट से पानी साफ कर वापस बैठी एक निवाला खाया और फिर उठ कर प्लेट लेकर किचन को चली गयी अमित मुझे ऐसे जल्दी उठ कर जाते देख हैरानी के साथ देखने लगा,

पर पापा अपने खाने को देख कहते रहे किचन में जाकर अपनी प्लेट धो कर रखी और फिर बिना किसी से नज़र मिलाये अपने रूम चली गयी मैं दरवाज़ा बंद कर ही रही थी तब एक हलकी झलक में मैंने डाइनिंग के तरफ देखा पापा पलट कर मुझे देख रहे थे और मेरे देखने पर वह वापस सामने मूड गए,

मैं डोर बंद कर लॉक किया और अपने बेड पर लेटी सोचने लगी की पापा ऐसे उत्तेजित क्यों थे और वह मुझे ऐसे क्यों देख रहे थे?

वह क्या था उनकी आँखों में आज क्या सच मे कही मेरे कारन उनको… नाह… कितनी गन्दी सोच है वह मेरे पापा है पर जो मैंने देखा वह भी आँखों से नहीं जा रहा था उनका लुंड ऐसे तना हुआ था मेरे हाथ पे मज़बूती के साथ धकेल रहा था जब मैंने दबाव दिया तो और वह ऐसे देख रहे थे मुझे उनकी आँखों में मुझे आज वह पापा वाले प्यार नहीं दिखा। Baap Beti Ki Chudai:

क्या वह सच मे मुझे देख उत्तेजित थे? पर क्यों!

मैं इन बातो को अपने दिमाग से निकलना चाहती थी पर जो हुआ वह मेरे दिमाग और आँखों से जा भी नहीं रहा था पर आखिर हूँ तो एक लड़की ही और ऐसी चीज़ो को जानने की उत्सुकता तो फितरत में थी।

मेरे दिमाग में ऐसी खिचडिया पकने लगी जो शायद इस दुनिया की कोई बेटी न सोचे, पर दिमाग तो दिमाग ही है और जो हुआ उसे भूलने की कोशिश भी करू तो नहीं हो पा रही थी।

मुझे कैसे भी इस बात को जानना था क्या सच मे पापा मुझे उस नज़र से देखते है? इन सोच में लेटी हुई थी जब बहार से प्लेट धोने की आवाज़ आने लगी मैं जान गयी की उन दोनों का खाना हो गया, मैंने अपने रूम की लाइट ऑफ कर दी और फिर अपने बेड पे वापस लेट गयी कुछ 15 मिनट बाद अमित का मैसेज आया।

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अमित: हेलो! जल्दी क्यों भाग गयी।

मैं: तुमने इतना परेशान किये की मुझे खाने का मन नहीं किया देखा नहीं पापा ने डाट दिया।

अमित: अरे सॉरी मुझे क्या पता ऐसे सब हो जायेगा तभी मुझे टीवी की आवाज़ आने लगी शायद कोई क्रिकेट मैच चल रहा था,

मैंने तुरंत अमित को मैसेज किया: तुम हो कहा?

अमित: और कहा अपने रूम में आओगी?

मैं: नहीं ये  मैंने ये जानने के लिए पुछा की अभी टीवी कोन  देख रहा है अगर अमित रूम में है तो लिविंग में पापा ही होंगे।

अमित: अच्छा तो चलो मैं आ जाता हूँ,

मैं: नहीं पागल हो क्या पापा टीवी देख रहे है आज मत आओ॥

अमित: अरे उनको नहीं पता चलेगा

मैं: नहीं बोला तो नहीं मैं सोने जा रही हूँ गुड नाईट!

अमित: इतनी जल्दी?

मैं: हाँ नींद आ रही थी बाई।

अमित: अच्छा ठीक है कल मुझे भी जल्दी उठना है बाई इसके बाद मैंने उसे कोई मैसेज नहीं किया पर व्हाट्सप्प में वह ऑनलाइन था,

यकीनन वह किसी और के साथ चैट कर रहा था पर अभी मेरी टेंशन वह नहीं थी अभी मेरे दिमाग में पापा के ही विचार घूम  रहे थे कुछ देर मैं अपनी सोच में लेटी रही करीब 12 बजने पर अपनी व्हाट्सप्प में अमित को मैसेज बेजा। Baap Beti Ki Chudai:

अमित के तरफ से कोई मैसेज नहीं आया और देखा तो व्हाट्सप्प में ऑनलाइन भी नहीं था क्या सच मे वह सो गया इतनी जल्दी ऐसा क्या किया उसने जो इतना थका हुआ था आज मैं उसकी बात अपने दिमाग से निकल पापा के बारे में सोचने लगी टीवी की आवाज़ अब भी आ रही थी 

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मैं उठी और दरवाज़े के पास जाकर धीरे से डोर खोलकर देखा लिविंग रूम की लाइट बंद थी मगर टीवी की रौशनी में साफ़ दिख रही थी की पापा जगे हुए है और सोफे पे बैठ टीवी देख रहे है मैं बहार जाने का सोचा, 

फिर दरवाज़ा बंद कर के अपने वार्डरॉब को खोलकर देखि जल्दी से अपनी शार्ट निकाल फेकि और एक काळा रंग की स्कर्ट पहनी अब मैं अपनी टाइट टॉप और काळा रंग की स्कर्ट में थी जो शार्ट से थोड़ी बड़ी थी पर मेरी आधी जांघो तक ही थी पता नहीं क्यों मैंने ये चुना.

मेरे मन में कुछ था  जो मैं जानना चाहती थी और यही जानने की कोशिश के साथ मैं ये पहन लिया  बेड पर रखी अपनी पानी की बोतल निकाली और उसमे जो पानी थी वह फेक दिया  फिर रूम से बहार निकली किचन को जाती हुई मैंने एक नज़र पापा को देखा।

वह टीवी में ही आँख गड़ाए बैठे थे शायद बाकी जगह अँधेरा होने के कारन मैं उन्हें दिखी नहीं किचन को पहुंचकर लाइट ऑन  की और तब देखि की अब जाकर पापा की नज़र मुझ पर पड़ी वह एक टक  मुझे मेरी शकल और फिर मेरी खुली जांघो को देखने लगे।

मैं बोतल मे  पानी भरने के इरादे से उन्हें पीठ दिखाती हुई झुक गयी ऐसे झुकने से मेरी स्कर्ट पीछे से थोड़ी और उठ गयी थी और पीछे से मेरी जांघो का उन्हें अच्छा नज़ारा दे रही थी उन्हें पता नहीं था की मेरे ठीक सामने किचन के शेल्फ में मैं उन्हें देख सकती थी हलकी फुल्की तो दिख ही रहे थे वह क्यों की टीवी की चमकती रौशनी उनके मुँह पर पड़ रही थी

उनके चेहरे के दिशा से साफ़ ज़ाहिर था की वह मेरी गांड के तरफ देख रहे है मैं पानी भर कर उठी और थोड़ा पानी पीते हुये उनके पास जाने लगी मानो मुझे कुछ पता ही न हो उनके पास जाकर में पूछा: आप सोये नहीं अब तक?

पापा: न… नहीं बेटा मैच देख रहा था

मैं: आज कैसे अचानक मैच देखने की पड़ी आपको?

पापा: अरे वह तुम्हारी माँ नहीं है ना तो अकेले कमरे में अजीब सा लग रहा था तुम्हारी माँ की खिटपिट सुने बिना अजीब सा सूनापन सा था तो यहाँ आ गया

मैं: ओके ओके कोन जीत रहा है? Baap Beti Ki Chudai:

बाप ने बेटी को रात भर जम के चोदा

पापा: पता नहीं अभी दूसरी टीम को बैटिंग करना बाकी है

पापा बड़े वाले 3 सीटर सोफे पर बैठे हुए थे अपने पाँव सेंटर टेबल पर रख कर मैं तुरंत उनके बगल बैठ गयी और बोली: मुझे भी नींद नहीं आ रही मैं भी देखूंगी पापा थोड़ा खिसकते हुए मुझे और थोड़ी जगह देने लगे पर मैं उनसे ठीक चिपकती हुई अपनी टाँगे उठाकर सेंटर टेबल पर रख बैठ गयी।

हम दोनों ही टीवी के तरफ देख रहे थे और थोड़ी ही देर बाद में जान गयी की वह सिर्फ टीवी तो नहीं देख रहे उनको मेरे बगल में बैठने में अजीब सी मचलाहट हो रही थी थोड़ी देर बाद वह उनके बगल में पड़े पिलो को लेकर अपनी गोद में रख लिया।

 पूरे रूम में अजीब सा सन्नाटा था टीवी की हलकी आवाज़ थी और हम दोनों कुछ बोल ही नहीं रहे थे ऐसा कभी नहीं हुआ पर आज होने लगा, तभी चुप्पी तोड़ती हुई मैं बोली: पापा! एक बात पूछू?

पापा: पूछ बेटा: माँ मुझसे इतना चिढ़ती क्यों है?

पापा हलके से हस्ते हुए बोले: है है है! अब तुम्हारी करतूते भी ऐसी होती है की क्या कहु।

मैं: मैं कोनसा उनके सर पे बम फोड़ती हूँ कुछ भी करो तो ताना ही मारती है।

पापा: ऐसा नहीं है उसको तुमसे बहुत प्यार है इसी लिए डांटती है।

मैं: पर आप तो मुझे नहीं डांटेते न उतना तो वह क्यों ओवर एक्टिंग करती है?

पापा: वही फरक है बेटा एक माँ और एक बाप में।

मैं: क्या? क्या फरक?

पापा: ये अभी तुम्हे बातो में नहीं समझा पाउँगा जब तुम उनके जगह होगी अपनी लाइफ में तब तुम समझोगे।

मैं: ओके ओके अब मुझे वह जानने की कोई जल्दी नहीं Baap Beti Ki Chudai:

पापा: है है है! जो तुम समझो।

इतना कहते हुए पापा ने अपने बाए हाथ मेरे कंधे पर रख मुझे अपने पास खींच लिए मैं भी चैन से उनके कंधे पर अपना सर रख कर आराम से बैठ गयी इससे उनके हाथ की उंगलिया अब ठीक मेरी टॉप के सामने मेरे बाए बूब के ऊपर थी, पर छु नहीं रही थी।

पापा ने की बेटी की चुदाई

कुछ 10 मिनट वह ऐसे ही बिना हिले रहे और फिर उन्होंने धीरे से पहल की जिसका  मुझे इंतज़ार था उनकी उंगलिया मेरे टॉप के थोड़े और करीब आने लगी और कई बार उंगलियों की नोक मेरी बूब को टॉप के ऊपर से छु जाती थोड़ा वेट किया और फिर वह वक़्त आ ही गया जिससे मेरे सारे सवालो के जवाब साफ़ होने लगे।

उनकी उंगलिया मेरी टॉप पर मेरे बूब को हलके से सहलाने लगे पर मेरे अंदर ऐसा कुछ भी नहीं आया की वह मेरे पापा है और शायद मुझे उन्हें रोकना चाहिए बस वैसी ही अनजान बनी बैठी रही बिना हिले धीरे धीरे उनकी उंगलिया मेरे बूब को टॉप के ऊपर से लगातार सहलाने लगी।

उनके इस हरकत से मेरे बूब सख्त होने लगे और साथ ही मेरी निप्पल अब उत्तेजना से उभरने लगी मेरे निप्पल मेरी टॉप पर नोकीली होने लगी और शायद पापा भी ये जान चुके थे उनकी उंगलिया अब मेरी निप्पल को मेरी टॉप के ऊपर से सहला रही थी।

मैं अनजान बनती हुई इसका मज़ा ले रही थी ये सोच कर की ये मेरे पापा है मुझे शर्म और घृणा आनी चाहिए थी पर उसके विपरीत मुझे मज़ा आ रहा था  ऐसा नहीं था की उन्हें पता नहीं की मुझे अच्छा लग रहा है वह भी एक मर्द है और काफी तजुर्बा भी होगा उन्हें मेरी उभरती निप्पल से तो उन्हें अब तक पता चल ही जाना चाहिए था॥

थोड़ी देर और यही चलता रहा की तभी पापा मेरी गोद में पड़ी पानी की बोतल लेने के लिए हाथ बढ़ाये वैसे तो वह अपने दाए हाट से भी ले सकते थे पर उन्होंने ऐसा नहीं किया वह अपने बाए हाथ से जो मेरे कंधे से होते हुए मेरी बूब को सहला रहे थे  उसे आगे बढ़ाये और ऐसे करते हुए वह मेरी बूब को अच्छे से दबा गए। Baap Beti Ki Chudai:

अब पानी की बोतल उठा ली उन्होने मेरे कंधे से हाथ हटा लिया और फिर पानी पीने लगे पानी पीकर उन्होंने बोतल वापस दे दी मैं बोतल ली और फिर में भी पानी पीने लगी और इस बार जानकर बोतल को थोड़ा ज़्यादा ऊपर उठा दिया।

इससे पानी मेरे मुँह से बहार गिरता हुआ मेरे टॉप के सीने पर गिरा और टॉप सामने से गीली हो गयी पापा मुझे देख बोले: अरे देख के पियो ना ।

मैं छोटी बच्ची के तरह हस्ती हुई बोली: इस बोतल का मुँह बड़ा है हर बार में भूल जाती हूँ, बात तो वह मेरी सुन रहे थे लेकिन उनकी निगाहें मेरे सीने पर थी मैंने नीचे देखा तो जिस कारन से मैंने जान बुचकर पानी गिरायी वैसा ही हुआ।

टीवी की हलकी रौशनी में मेरी गीली टॉप पर मेरे बूब के अकार और निप्पल छप चुके थे, मैं फिर पापा को देखा तो वह तुरंत अपनी नज़र टीवी के तरफ कर दि,

अब मुझे इस खेल में मज़ा आने लगा भले ये सामने मेरे पापा थे पर थे तो थे तो मर्द ही और वह मुझे ऐसे देख और छु रहे थे तो क्यों न थोड़ी और खेलु अपने पापा के साथ पानी की बोतल बंद कर रही थी की तभी मेरी उंगलियों से बोतल की ढक्कन नीचे गिरा देखि तो ठीक सामने ही पड़ा था ।

 पर वह पापा को नहीं दिख रहा था, दिमाग में बदमाशी का कीड़ा दौड़ा और मैंने हलके से अपने पेअर से दकन को मार्डी इससे ढकन सीधे हम जिस सोफे पे बैठे थे ठीक उसके नीचे चली गयी।

Papa ne beti ko choda

पापा: अरे तुम्हे हो क्या रहा है कभी पानी गिरा रही हो कभी ढक्कन।

मैं: वह हाथ से फिसल गयी पानी लगा हुआ है ना हाथ में इतना कहती हुई में सीधे फ्लोर पर अपने घुटनो पर बैठी और झुक कर कुतिया बनती हुई सोफे के नीचे देखने लगी।

वैसे तो ढक्कन मेरे आँखों के सामने ही था पर में पापा को सुनती हुई बोली: ओफ्फो कहा चली गयी मेरी आवाज़ सुन कर पापा सीधे होकर बैठे और नीचे मुझे देख बोले: क्या हुआ मिल नहीं रहा ?

मेरे ऐसे कुतिया बने बैठने से भी उन्हें कुछ ज़्यादा नहीं दिख रहा था क्यों की वह मेरे बाए तरफ मेरे सामने बैठे हुए थे तो में बोली: आपके पास फ़ोन है?

पापा: हाँ है टोर्च चाहिए क्या? Baap Beti Ki Chudai:

मैं: हाँ पापा अपना फ़ोन मुझे देने लगे तो में बोली: अरे आप जला के दिखा दो, वह वही बैठे फ़ोन में टोर्च जलाकर नीचे दिखने लगे पर इससे तो मेरी बात नहीं बनने वाली थी तो मैं बोली: वैसे नहीं दिख रहा आप मेरे पीछे आकर दिखा दो।

वह थोड़ा झिझकने लगे तब समझी की वह गोद से पिलो हटाने के लिए झिझक रहे है शायद उनका लंड  तन चुका था तब में और ज़ोर देकर बोलने लगी: पापा उठिये ना!

इसपर पापा धीरे से उठे और जल्दी से मेरे पीछे चले गए ताकि मैं उनकी हालत न देख लू।

अब वह मेरे पीछे थे और मैं उनके सामने कुतिया बनी बैठी थी सोफे के अंदर में सर घुसकर मुस्कुराने लगी और बोली: हाँ अब दिखाइए टोर्च वह फ़ोन में टोर्च जलाये और सबसे पहले मेरे गांड के तरफ लाइट मारी ऐसे कुटिया बनने से भले मेरी स्कर्ट थोड़ी ऊपर आ चुकी थी पीछे से पर अब भी उन्हें मेरी जंघे ही दिखा रही थी।

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मैं बोली: आप कहा टोर्च मार रहे है मुझे कुछ नहीं  दिख रहा वह तुरंत हड़बड़ाते हुए मेरी गांड पर से लाइट हटाकर सोफे के नीचे मारने लगे और बोले: दिखा?

मैंने ढक्कन अपने हाथ में लेली और बोली: हाँ दिखा थोड़ी और अंदर है  Baap Beti Ki Chudai:

पापा: तो रुको मैं दूसरे तरफ से उठा लेता हूँ मैं तुरंत बोली: नहीं नहीं बस थोड़ी ही दूर है आप वही रहो लाइट दिखाओ।

मैं नहीं चाहती थी की पापा अपने जगह से हटे अब वक़्त था उनको थोड़ा और दिखाने का मैं सोफे के अंदर और थोड़ी घुसती हुई फ्लोर पर लेट गयी थोड़ी सेकंड अंदर ऐसी आवाज़े बनायीं मानो मैं काफी मुश्किल के साथ ढक्कन ले रही हूँ।

पर ढक्कन तो मेरे हाथ में ही था इसके बाद में बहार निकलने के लिए पीछे को खिसकने लगी इससे मेरी स्कर्ट फ्लोर और मेरे बदन के बीच रगड़ती हुई मेरे कमर तक गयी सोफे के नीचे से तुरंत लाइट मेरे पीछे चली गयी हलकी धीमी ठंडी हवा मेरी गांड पर पड़ रही थी।

इससे मैं जान गयी की मेरी बिना पैंटी की गांड पूरी नंगी खुला नज़ारा दे रही थी पर मैं अपने पापा की नादान और मासूम बच्ची का ढोंग करती हुई वैसी ही कुछ सेकंड रही इसके बाद थोड़ी उठती हुई वापस कुतिया  बनी जिससे अब साफ़ था की वह मेरी गांड की छेद और शायद चूत  के होंठ भी देख रहे है.

मुझे इस खेल में काफी मज़ा आने लगा पता नहीं क्यों पर हाँ पापा के साथ इस खेल का मज़ा ही कुछ और था उनके मुँह से एक लब्ज़ नहीं निकल रहे थे.

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मैं वापस उठ खड़ी हुई और अपनी स्कर्ट को नीचे करने लगी पापा हड़बड़ाते हुए वापस सोफे पे जाकर जल्दी से बैठ गए।

फिर मैं भी अपनी गीली टॉप में अपने बूब और निप्पल के छपे अकार को दिखती हुई उनके साथ बैठ गयी ।

मैंने पूछा : कितना ओवर बाकी है? Baap Beti Ki Chudai:

पापा: अभी तो सेकंड इनिंग शुरू ही हुआ है 11 ओवर ही हुआ है 1919 ओवर बाकी है मैं उठी और उन्हें देख नादान बनती हुई बोली: तब तो आज रात काफी देर तक हम लोग जागने वाले है और अगर मैं इस गीली टी-शर्ट में रही तो शायद बुखार हो जाये मेरी बात सुन पापा मुझे आँख फाड़कर देखने लगे साफ़ दिख रहा था की वह क्या सोच रहे थे।

तो दोस्तो इस कहानी मे आज बस इतना ही अगले बहग मे मैं आपको बतऔगी की कैसे माइनपने पापा से चुदी ओर मेरी चूत मे 12 इंच का लंड गया।

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