भाभी चुदाई के लिए बनी मेरी बहन Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai: हैलो दोस्तो, मैं आकाश काफी दिन हो गए अपनी कहानी सुनाये, पिछले बार आप लोगो को बताया था की कैसे शोभा भाभी के बनाये प्लान के हिसाब से मैं भावना के यहाँ उसका कजिन भाई बनकर आया. प्लान यही था की अब मैं अगले 2-3 दिन भावना के यहाँ उसका भाई बनके रहु और मौका मिलने पर उसके साथ मज़े भी कर सकू।

ये भी पढे:-> पिछला भाग रास्ते मे मिली नयी भाभी की चुदाई 1

Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

भावना की सांस ससुर उन दोनों को तो चुटकी में बेवक़ूफ़ बना लिया, वो बिना किसी शक के मुझे भावना का भाई मान गए और मेरा और भावना का रास्ता अब साफ़ था, लेकिन  वक़्त को कुछ और ही चाहिए था जो आज मैं आपको बताऊंगा, शाम को मैं आंटी के साथ लिविंग रूम में था, जब अंकल के बहार जाते ही भावना वापस मेरे पास आकर बैठ गयी, वह ऐसे मुस्कुरा रही थी मानो उसके मन में कोई शरारत हो, पर मेरे मन में एक और बात घूम रही थी की अंकल ने भला मज़े करो बोलकर क्यों गए?

Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

मैं ये सोचकर बैठा था की अचानक से भावना फिर से मेरी जांघ पर अपना हाथ रख दिया , आंटी क्यों की टीवी के तरफ देख रही थी तो मैंने भी अपनी जांगे खोल दी. भावना सामने आंटी को देखती हुई यहाँ मेरी गोद में अपने हाथ को आगे बढ़ाकर मेरे लंड को शर्ट के कपडे के साथ पकड़ लिया. Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

Devar bhabhi ki chudai

मैंने भावना को देखा और वह तुरंत मूड कर मुझे देख कर होंटो को काटती हुयी मुझे आँख मारी, सच मे यारो भावना बहुत खूबसूरत लगती है जब ऐसे करती है तो।

अब वह तुरंत वापस आंटी को देखने लगी और फिर शर्ट के ऊपर से ही मेरे लंड को हिलाने लगी, मौका सही था तो मैंने अपना हाथ भावना की पीठ पर लगा दिया और फिर धीरे-धीरे नीचे ले जाता हुआ उसकी कमर पर पहुँच गया.

सच मे क्या मज़ेदार माहौल था कैसे आंटी की बहु उनके पीठ पीछे किसी पराये मर्द के लंड को हिला रही थी, मैं मज़े में आता हुआ अपना हाथ भावना के पायजामे के अंदर घुसाकर उसकी पैंटी के साथ गांड को पकड़ लिया. कुछ पल बाद अपना हाथ थोड़ा बहार निकला और इस बॉर पायजामे के साथ पैंटी के अंदर घुसाते हुए उसकी चिकनी नंगी गांड के ऊपर सहलाने लगा, इससे उत्तेजित होती हुई वह मेरे लंड को निचोड़ने लगी।

मैं अपनी उंगलिया उसकी गांड के दरार में ले जाने लगा.वह मेरे करीब आयी और मेरे कान में बोली:

भावना: तुम्हारा फ़ोन किधर है?

मैं: मैं अपने दूसरे हाथ से अपने पॉकेट को छू कर देखा और फिर उसके कान में बोला: शायद तुम्हारे रूम में है क्यों? भावना ने मेरे लंड को छोड़ा और अपने पायजामे के पॉकेट से अपना फ़ोन निकालकर कुछ करने लगी और फिर मेरे कान में बोली:

भावना: साइलेंट तो नहीं है ना?

मैं: नहीं पर क्यों? बताओतो…

भावना: तुम्हे फ़ोन लगा रही हूँ रूम में जाकर अटेंड करो और ऐसे बात करना जैसे तुम्हारे घर से कॉल आया है और फिर दरवाज़ा बंद कर लेना. Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

Bhabhi ki chudai story

मैं: दरवाज़ा बंद कर लु पर क्यों?

भावना अपनी होंटो पर ऊँगली रख मुझे कुछ न पूछने का इशारा दिया, इतने में भावना के कमरे में पड़ा मेरा फ़ोन बजने लगा, आवाज़ सुनकर आंटी तुरंत पलटी और बोली: किसका फ़ोन है वह.

मैं हड़बड़ाने लगा की मैं बोलू क्या? की तभी भावना बोली: शायद आकाश का है है ना?

मैं भावना और आंटी को एक टक देखता हुआ बोला: आए… हाँ मेरा है.

आंटी: तो जाओ जाकर अटेंड करो बेटा शायद तुम्हारे घर से हो.

मैं अब उठा तो आंटी की नज़र मेरे सामने मेरे शार्ट पर ज़रूर जाती भावना के हरकतों से मेरा लंड तना हुआ था, मेरी हालत समझ कर भावना तुरंत टीवी के तरफ देख बोली:

भावना: वह कोन है मम्मी? वह उसकी पहली बीवी है क्या?

आंटी: आंटी टीवी के तरफ देख बोली: अरे नहीं ये बास उसके ऑफिस में काम करती है और हक़ जताती है कल मुही घर उजाड़ने आयी है,आंटी तुरंत टीवी के तरफ देख भावना को सीरियल के बारे में बताने में लग गयी, भावना मेरे कंधे को धक्का देती हुई इशारा करने लगी की अब मैं जाओ सही में भावना ने क्या दिमाग लगाया, मैं झट से उठा और अपने शॉर्ट्स में बने उभार के साथ तुरंत भावना के कमरे में चला गया, रूम जाकर फ़ोन काटा और बहार बैठी भावना और उसकी सांस को सुनाता हुआ बोला: हेलो हाँ माँ पहुंच गया, सफर अच्छा रहा.

ये कहते हुए मैं रूम का दरवाज़ा बंद कर दिया सोचने लगा शायद भावना आएगी पर 1-2 -मिनट हो गए वह आयी नहीं, मैं शार्ट के ऊपर से लंड सहलाता इंतज़ार में खड़ा रहा, फिर फ़ोन में भावना ने मैसेज किया . Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

Indian bhabhi ki chudai

भावना का व्हाट्सप्प मैसेज: अब दरवाज़ा खोलो और मुझे बुलाकर बोलो की तुम्हारी माँ मुझसे बात करना चाहती है, मैं झट से दरवाज़ा खोला और दरवाज़े से झाँक कर बोला:

मैं: भावना दीदी! भावना ने पलट कर मेरी तरफ देखा और उसके साथ आंटी ने भी मैं आगे बोला: वह माँ आपसे बात करना चाहती है.

भावना: हाँ हाँ आ रही हूँ एक मिनट, मैं दरवाज़े के पास खड़ा रहा और भावना उठकर मेरे तरफ मुड़ कर मुस्कुराती हुई आने लगे, उसे देख मेरे तन्न बदन में मस्ती आने लगी, दरवाज़े के पास पहुँचते ही उसने मेरे हाथ से फ़ोन लिया और आंटी को सूनाती हुई बोली:

भावना:हाँ आंटी कैसे हो आप? इतना कहती हुई वह मेरे सीने पर अपने दूसरे हाथ से धक्का दिया  और मुझे अंदर धकेल खुद भी अंदर आयी और दरवाज़ा बंद कर दिया ,फिर  फ़ोन को मुझे देती हुई खड़ी  भवरो को उछलकर मुस्कुराती हुईे, अपने होंटो का इशारा किया मानो उसके मन में काफी शरारत हो. Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

Dewar bhabhi ki chudai

उसने मेरे नीचे देखा और मेरे शार्ट पर बने उभार को पकड़ लिया फिर उसे अपने तरफ खींच कर मुझे किस करने लगी, इसके बाद हमने कुछ न देखा और एक दूसरे को होंटो से होंठ चूमना शुरू कर दिए, भावना मुझे खींचती हुई खुद दरवाज़े पर पीठ लगा के टिक गयी.

फिर हम पागलो की तरह एक दूसरे को चूमने लगे, होंटो से होंठ जीभ से जीभ टकराते हुए कभी वह अपनी जीभ मेरे मुँह में धकेलती तो कभी मेरी जीभ को चूसती हुई अपने मुँह में ले लेती, भावना काफी अच्छे तरीके से चूमना जानती थी पिछले रात की तो मुझे कुछ याद नहीं था ,पर अब मज़ा आ रहा था जल्द ही भावना अपना एक हाथ नीचे ले गयी और शार्ट के ऊपर से मेरे तने लंड को पकड़ दबाकर उसे आगे पीछे हिलाने लगी, मैं अपना एक हाथ उसके छाती पर ले गया और उसकी टॉप के ऊपर से उसके बूब को दबाता तो कभी निप्पल पर चींटी काट लेता, वह चूमती हुई मेरे मुँह में अपनी आहे छोड़ रही थी.

तुरंत वह मुझे खुद से अलग कर लिया और अपने टॉप को पकड़ बूब्स के ऊपर टिका के मुझे अपने नंगे बूब्स को दिखाने लगी और  फिर मेरे सर को पकड़ अपने बूब्स के बीच मेरे मुँह को खींच लिया, मैं उसके मुलायम गोल बूब्स को बारी बारी चूमता और सुने  अपने हाथ अब मेरे शॉर्ट्स के अंदर धकेल कर मेरे लंड को अपने मुलायम हाथो  में पकड़ लिया था था , कुछ देर मैं ऐसे ही उसके बूब चूसता रहा और वो मेरे लंड को सहलाती रही और फिर सुने मुझे हटाया और अपने पाँव के बल नीचे बैठ गयी. Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

Sexy bhabhi ki chudai

सर उठाकर वह मुझे देख मुस्कुराती हुई मेरे शार्ट को पकड़ नीचे खिचा और मेरा लंड रबर की तरह उसके मुँह के सामने उछल पड़ा, भाभी की जवानी अब चुदाई के लिए तड़प रही थी.वह धीमी आवाज़ में बोली: 

भावना: ओह वाओ! मुझे इस की बहुत याद आ रही थी !मेरे लंड को हाथ में लेकर उसे अच्छे से 3-4  बार ऊपर नीचे हिलाया,फिर अपने होठो में लेकर उसके सर को चूमने लगी, मैं मज़े में खड़ा उसे देखने लगा, भावना ऊपर को देख मेरी नज़रो में नज़रे डाल मेरे लंड को अपने मुँह में धीरे धीरे पूरा ले लिया. फिर अपने सर को आगे पीछे कर मुझे मज़ा देती हुई पागल करने लगी, मुझे काफी मज़ा आ रहा था ये सोच के की अब जाकर बैंगलोर में आने का सही मज़ा मिला मुझे, नीचे उसे देख उसके सर को अपने हाथ में लिया और कमर हिलाकर उसके मुँह में अपने लंड से धक्के मारने लगा,वह गैग-गैग की आवाज़ करती हुई मेरे लंड को अपने मुँह में भरने लगी, मैं अपने मज़े में खोया हुआ था फिर एक दम से जब बहार गाते की घंटी बजने की आवाज़ सुनाई आई. फिर भावना तुरंत अपने मुँह से मेरे लंड को निकाला और बोली: 

भावना: अंकल? इतने जल्दी कैसे आ सकते है?

मैं: अब क्या करे? वह मुझे होंटो पर ऊँगली रख चुप रहने बोली और फिर बहार से आती आवाज़ को सुनने लगी, बहार हमे आंटी और किसी और लड़की की आवाज़ आने लगी, तभी भावना घबराती हुई झट से उठ खड़ी हुयी और बोली: 

भावना: ओह सहित! मैं उसकी घबराहट देख पुछा:

मैं:: क्या हुआ? कोन है? भावना जल्दी जल्दी उठी  और अपना टॉप नीचे करती हुई बोली: 

भावना: नीतू! मैं भी समझ गया की कुछ तो बात है अपने तने लंड को शार्ट में घुसाता हुआ खुद को ठीक किया और पुछा:

मैं; नीतू? नीतू कोन? भावना अपने बालो को ठीक करती हुई बोली: मेरी नन्द यार वह कहा से आ गयी अब? चलो तुम अपने कपडे ठीक करो और फ़ोन पे बात करते रहो कुछ देर.

मैं: मैं किस्से बात करू?

भावना: ओफ्फो! ऐसे  ही नाटक करो पर अंदर ही बैठे रहो बहार मत आना, उसके चेहरे पर काफी घबराहट थी तो मैंने उसकी बात मानना सही समझा और फिर कुछ नहीं  पुछा, भावना अपने कपडे बाल सब ठीक करके फिर दरवाज़ा खोल कर बहार चली गयी,मैंने  दरवाज़े को बंद किया और फिर कान लगा कर बहार आवाज़ सुनने लगा. Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

भावना: अरे नीतू! तू कब आयी?

नीतू: बस अभी.

भावना: कुछ बताई नहीं?

नीतू: हाँ सोचा की सबको सरप्राइज दूँ.

भावना: हाँ सच मे बढ़िया सरप्राइज दिया तूने.

आंटी: आकाश अब भी फ़ोन पे है क्या बेटा?

भावना: आए… हाँ मम्मी.

नीतू: आकाश? कोन आकाश

भावना: मेरा कजिन भाई है नई ईयर की छुट्टी मनाने बैंगलोर आया है तो मैंने यही बुला लिया.

आंटी: और बेटा तुम बताये बिना क्यों आयी?

नीतू: बताया न माँ सरप्राइज देने, पापा किधर है?

भावना: वह बहार गए है अभी आएंगे.

Hot bhabhi ki chudai ki kahani

नीतू: ओके चलो मैं थोड़ी फ्रेश होकर आती हूँ काफी थक गयी हु ट्रैवेलिंग में, इसके बाद बहार से कोई आवाज़ नहीं आयी और दरवाज़े पर कान लगाए खड़ा था तभी अचानक से दरवाज़ा खुला और मुझे धक्का लगा, मुझे दरवाज़े के पीछे देख भावना हलके से मुस्कुरा पड़ी, फिर गंभीर होकर दरवाज़ा बंद कर बोली:

भावना:: बुरे फस गए.

मैं: क्यों क्या हुआ? ये अभी कहा से आ गयी?

भावना: क्या कहु मुझे भी पता नहीं.

मैं: अब क्या करेंगे हम?

भावना: अगर पहले पता होता की ये आ रही है तो मैं तुम्हे नहीं बुलाती पर अब वापस भी नहीं भेज सकती तुम्हे.

मैं: ये नीतू कैसी है?

भावना: मतलब?

मैं: मतलब करैक्टर से.

भावना: सामने से तो हस्स के बात करती है पर पीठ पीछे कुछ और अगर उसे हमारे बारे में पता चला तो बुरे फसे हम.

मैं: ममम… तो अब क्या प्लान है? Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

Moti bhabhi ki chudai

भावना अपने कमर पर हाथ रख कर सोचने लगी और बोली: जो भी है अब तुम्हे मेरा भाई ही बने रहना है, मम्मी और अंकल को संभालना आसान है पर नीतू को नहीं,वह बड़ी चालु है गलती हुई तो तुरंत पकड़ लेगी, कम्बख्त बताकर आया नहीं गया कमीनी कही की.

मैं सोचने लगा की सच ही कहते है लोग नातून और नन्द की कभी नहीं पटती.

मैं फिर बोला: चलो अब खेल शुरू करे है कोई और चारा नहीं अब .

भावना ने लम्बी सांस छोड़ी  और बोली: हम्म्म… चलो अब तुम बहार आओ, वह फ्रेश होने गयी है, जो भी मम्मी और अंकल को बोले हो वही कहना उससे भी वरना प्रॉब्लम हो जाएगी.

मैं: वह बात करेगी क्या मुझसे?

भावना: हँ बात? मौका मिले तो डोरे भी डालने लग जाएगी चुड़ैल,भले भावना गुस्से में थी पर जब वह बोली की डोरे भी डालेगी तो एक हलकी ख़ुशी आ गयी मेरे मन में.

भावना: चलो मैं बहार जाती हूँ अब उस कमीनी के लिए भी चाय बनानी होगी, तुम जाकर बहार बैठो, इतना कह कर वह कमरे से चली गयी, मैं अपने शार्ट को सही से ठीक कर लिया, देखा की कही मेरा लंड कोई कारनामा तो नहीं दे रहा अंदर से और फिर बाल सवार कर बहार जा बैठा,आंटी तब मुझे देख बोली:  Bahan Bani Bhabhi Ki Chudai

Bhabhi ki chudai hindi mein

आंटी: हो गयी बात?

मैं: हाँ आंटी माँ चिंता में थी की पहुँच कर बताया नहीं.

आंटी: नीतू आयी है, मैं अनजान होने का नाटक करता हुआ बोला: नीतू?

आंटी: हाँ मेरी बेटी उस वक़्त बताया था न?

मैं: ओह हाँ…आंटी सोफे से उठती हुई बोली:

आंटी: अभी फ्रेश होने गयी है आएगी थोड़ी देर में।

मैं किचन को जाती हूँ देखती हूँ भावना क्या कर रही है.आंटी उठकर किचन को चली गयी और मेरे मन में डर होने लगा अब पता नहीं नीतू कैसी होगी, जैसा भावना ने बताया उस हिसाब से तो शायद हिटलर लगती होगी देखते है भला ये नीतू है कैसी.

इसके आगे क्या होता है आप पढियेगा कल के एपिसोड में शाम के 4: ०० बजे के बाद, तब तक के लिए, धनयाद.

Read More Sex Stories…