By | April 3, 2023

Beti Ne Dekhi Aunty Ki Chudai story: हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब मैं आपका दोस्त राहुल, अगर दोस्तो इस कहानी का ये भाग आपको समझ नहीं आ रहा हो तो आप नीचे दिये हुये लिंक पे क्लिक करके पिछले भाग पढ़ सकते है, अब आगे की कहानी,

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Beti Ne Dekhi Aunty Ki Chudai

कविता आंटी के दिए इशारे पर मेरे लंड ने उत्तेजना की ज़ोरदार झटके दे मारे,

मैं बिना आवाज़ किये उठा अपने बहार निकले लंड को बिना अंदर डाले ही मैं दबे पाँव उनके कमरे के तरफ जाने लगा,

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फिर मैंने कमरे में घुसकर दरवाज़ा बंद किया और देखा तो आंटी मुझे देख अपनी नाइटी निकालने लगी ओर देखते ही देखते वह अपने बड़े मुलायम बूब्स को लटकाकर पूरी तरह से नंगी खड़ी होकर मुझे देखकर बोली:

आंटी: बड़ा मन हो रहा है ना मुझे नहलाने का? Beti Ne Dekhi Aunty Ki Chudai

मैं: हाँ बहुत, मेरा लंड उन्हें देख उछलता हुआ सलामी दे रहा था जिसे देख आंटी बोली:

आंटी: हाहाहा देखो तो उसे चलो कपडे निकालो और आओ आज तुम मुझे अपनी बच्ची बनाकर नहलाओ,

मैंने अपनी टी-शर्ट खींच कर निकाल फेकी फिर शॉर्ट्स निकालकर पूरा नंगा होकर उनके पास जाकर उनके नंगे गदरायी जिस्म को बांहो में लेकर बोला:

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मैं:  बच्ची नहीं,

आंटी: तो?

मैं: सच बताऊँ?

आंटी: बोलो।

मैं: अब मैं अपना हाथ सामने लेकर उनके दोनों बूब्स को हाथो में लेकर उसके भार को तोलता हुआ बोला: 

मैं: मेरी दूध देने वाली गाय के तरह!

आंटी: हाहाहा गे में तुम्हारी गाय हूँ? आंटी मेरे कान को पकड़ आगे बोली: 

आंटी: तुम मुझे गाय बोल रहे हो क्या मैं गाय जैसी मोटी हूँ? मैं उनके बूब्स को दबाकर बोला: हाहाहा नहीं आप मेरी सबसे सेक्सी बड़े बूब वाली दूध देने वाली गाय हो, मेरे बात से उनके मुँह पर शर्म भरी मुस्कान आयी फिर वह मेरे कान को छोड़ बोली: 

आंटी: हम्म्म ठीक है चलो तो अपनी गाय को नहलाओ अब, 

मैं: चलो मेरी गाय बाथरूम चलो, वह आगे बढ़ने लगी तो मैंने उनके हाथ को पकड़ कर रोक लिया और बोला: अरे ऐसे कैसे?

आंटी: क्या हुआ? मैंने  उनकी नंगी गांड पर हल्का से थप्पड़ मार कए बोला: 

मैं: गाय 2 पेअर पर नहीं चलती, 

आंटी: हाहाहा! पागल… तो फिर क्या मैं…मैं उन्हें टोकता हुआ बोलै: 

मैं: हाँ… अपने चार पैरो पर चलोगी आप,

आंटी: राहुल पागल मत बनो, उनके चेहरे पर इस बात से गुस्सा नहीं था पर थी तो एक मुस्कान जो मुझे ये कह रही थी की ये बात उन्हें भी काफी उत्तेजित कर रही है

मैं: शठ… चलो बैठो… नहीं तो मैं चला… आप खुद ही नाहा लो। Beti Ne Dekhi Aunty Ki Chudai

आंटी: अच्छा अच्छा ठीक है मैं जानता था की वह उत्तेजित है और वह मुझे मना नहीं करेगी वह झूठा मुँह बनाने लगी की मानो में काफी परेशान कर रहा हूँ पर सात ही वह धीरे से झुकती हुई पहले अपने घुटनो पर बैठी और फिर सामने को झुक अपने हाथ के बल घोड़ी बन गयी, उन्हें ऐसे नीचे मेरे तरफ अपनी गांड दिखाकर गाय बनी देख मेरे लंड ने हल्का पानी छोड़ दिया और एक हाथ से अपने तन्ने लंड को सहलाता हुआ दूसरे हाथ से उनकी गांड पर धक्का देकर बोला: 

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मैं: चलो आगे बड़ो बाथरूम में घुसो, वह अपने हाथ और पैरो पर चलती हुई नीचे अपनी बूब्स को लटका कर बाथरूम में घुस गयी और मैं उनके पीछे-पीछे बाथरूम मे घुस गया और दरवाज़ा बंद कर लिया और फिर उनकी गांड पर थप्पड़ मार कर बोला: 

मैं: चलो आज मेरी गाय को अच्छे से नहलाऊंगा फिर वह मेरी  हर बात पर हस्स रही थी मैंने  बाल्टी में रखा गर्म पानी लिया और ऊपर से उनके पीठ पर डालने लगा पीठ से होता हुआ उनकी कमर पर और फिर उनकी चिकनी बड़ी गांड पर पानी डाल दिया, फिर कुछ देर पानी उनके ऊपर डालते रहने पर वह पलट कर ऊपर मुझे देख बोली: आंटी: सिर्फ पानी डालते रहोगे क्या? साबुन नहीं लगाओगे अपनी गाय को हाहाहा!

मैं शावर का जैल  लिया और नीचे उनकी पीठ से लेकर गांड की दरार तक जैल की एक लम्बी रेखा थी  फिर उनके पास बैठा और साबुन को उनके पूरे पीट पर मलने लगा आंटी मुझे देख रही थी मैं कितने चाव से उन्हें साबुन लगा रहा हूँ और साथ ही उनकी नज़र मेरे जांघो के बीच तने और  झूलते मेरे लंड पर भी थी वह देख कर समझ गयी थी की उन्हें ऐसे नहलाना मुझे कितना मज़ेदार लग रहा था और फिर वह मेरे मज़े को बढाती हुई बोली: 

आंटी:मोओओओ! हाहाहा! सच मे उनके इस तरह गाय की आवाज़ निकलते सुन मेरा लंड फिर से झटका दे गया वह भी मेरे इस खेल में साथ दे रही थी मैं उनकी गांड पर गीले हाथो से  थप्पड़ मार  कर बोला:

मैं:  चुप रहो मैं आवाज़ मत करो,  मेरी गाय पर वह जानती थी की मुझे कैसे उकसाना है वह अपनी गांड को दाए-बाए हिलाती हुई फिर से आवाज़ की और फिर बोली Beti Ne Dekhi Aunty Ki Chudai

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आंटी: भूऊऊऊ! हाहाहा नीचे यहाँ भी लगाओ ये कहकर आंटी ने अपनी छाती को हिलाया.

नीचे लटकते उनके बड़े बूब्स आपस में टकराते हुए इधर-उधर झूलने लगे मैं उनकी पीठ से उनके कंधे पर साबुन लगाने लगा और फिर नीचे उनकी कांक में गुड़गुड़ाहट होने से वह और कुलबुलाने लगी जिस कारन उनके लटकते बूब्स फिरसे इधर-उधर झूलने लगे, उनके बूब्स को ऐसे किसी पेड़ पर लटके बड़े आम के तरह झूलते देख मैं पागल होने लगा जल्द ही मेरे हाथ से उनके एक बूब को साबुन से मलने लगा, तो वह बोली: 

आंटी: सामने से करो दोनों एक साथ कर पाओगे तब, मैं उठा और उनके सामने जा कर बैठा और मग में पानी लेकर नीचे से उनके बूब्स पर फेका जैसे की मानो वह सच मे एक गाय ही हो और मैं उसके स्थान धो रहा हूँ सामने बैठ कर उनके दोनों बूब्स को एक-एक हाथ में लिया और साबुन के जैल को अच्छे से मलने लगा, पर आंटी के मन में कुछ और था जब वह मुझे आगे आने को बोला और वह थोड़ा सामने बढ़ी और मेरे झूलते लंड को अपने हाथ में ले लिया फिर जब मैंने उन्हें देखा तो वह मुझे देख कर बोली: 

आंटी: मोओओओओ हाहाहा! इस उम्र की एक महिला जब इस रोलप्ले का ऐसे साथ दे रही थी ये बात इस खेल को बेहद ज़्यादा उत्तेजनात्मक बना रही थी मैं उनके निप्पल को निचोड़ कर बोला: 

मैं: बदमाश गाय हो आप, आंटी अपने सर को मेरे जांघो के बीच झुकाई और लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी एक बार चूस कर वह थोड़ी पीछे हैट कर बोली: 

आंटी: इसका स्वाद… ऐसा क्यों?

मैं: आए… कैसा…आंटी: जैसे आयल लगा हुआ हो… हाँ कुकिंग आयल जैसा स्वाद आ रहा है आंटी को क्या पता था की आंटी को कमरे में बंद कर मैं माँ और इनकी बेटी क्या कर रहे थे बेचारी आंटी ये भी नहीं जानती थी वह मेरे उस लंड को चूस रही है जिससे कुछ देर पहले कुकिंग आयल लगाकर मैं अपनी माँ की गांड में घुसा रहा था, मैं अपने एक हाथ से लंड को सहलाकर उस पर तुरंत साबुन मल दिया और बोला:  Beti Ne Dekhi Aunty Ki Chudai

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मैं: ओफ्फो ऐसा कुछ नहीं है आपको बस लग रहा होगा,

आंटी: अरे साबुन क्यों लगाए? ये कहकर उसने मग में पानी ली और मेरे लंड पर डाल दिया और साबुन को धोकर फिर मेरे लंड को हाथ से पकड़ कर अपने मुँह में दुबारा ले लिया,  इसके बाद मैं उनके बूब को अच्छे से साबुन लगाकर नीचे की और खींच, खींचकर सहलाते हुए धोने लगा और वह मज़े से मेरा लंड चूस-चूस कर खाने लगी।

मैं अपने जांगे और फैलाकर बैठा ताकि वह और अच्छे से मेरे लंड के पूरे आकर को लेकर चूसे फिर कुछ पल बाद, वो अपना एक हाथ मेरे नीचे लेकर आई और मेरे अंडो को पकड़ सहलाने लगी उनके मुँह से निकलता थूक मेरे लंड से होता हुआ मेरे अंडो पर जाता रहा फिर जिसे वह हाथ में समेत कर मेरे अंडो पर मलती हुई मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा दे रही थी,

मैं भी मज़े में उनके बूब्स को दबाता हुआ खींचने लगा और वह उसका जवाब मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से चूस कर देने लगी कुछ देर बाद में समझ गया की अगर ज़्यादा देर अपने लंड को उनके मुँह में दे दिया तो मैं झड़ जाऊंगा, क्यों की माँ को चोदने पर भी मुझे झड़ने का मौका नहीं मिला था तो मैं अपने लंड को उनके मुँह से खींच कर निकाला लिया और उठ खड़ा हुआ वह सर उठाकर मुझे देखा तो मैं बोलै:  Beti Ne Dekhi Aunty Ki Chudai

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मैं: अब मैं अपने गाय की बाकी बदन की सफाई करूँगा, वह मुझे देख मुस्कुरायी और पीछे गांड हिलाती हुई बोली: 

आंटी: यहाँ का?

मैं उनके पीछे जाता हुआ बोला: हाँ… बहुत गोबर डाल रही थी आज हाहाहा!

आंटी: हैट बदमाश… कुछ भी… पागल लड़का, मैं हस्ता हुआ शावर जैल की बोतल ली और उनकी गांड की दरार में डाला और गांड पर एक थप्पड़ मार कर बोल: सच बताऊँ तो मेरी गाय की गांड सबसे ज़्यादा खूबसूरत है आंटी पीछे देख बोली: 

आंटी: वह क्यों? मैं साबुन को उनके गांड पर गोल-गोल मलता हुआ बोला:

मैं:  इतना बढ़िया अकार है इसका जैसे की उपरवाले ने ऐसे ही अपने हाथो से बनाया हो,

आंटी: हाहाहा! इतनी पसंद हु  तुम्हे? मैं अपनी उंगलिया उनके दरार में ले गया और साबुन को उनकी गांड की छेद पर मलता हुआ बोला: 

मैं: बहुत… बहुत ज़्यादा… आपकी गांड मेरी माँ से भी बेहतर लगती है मुझे,

आंटी: सच मे पर सारिका का फिगर मुझसे कई गुना ज़्यादा बेहतर है।

मैं: मुझे नहीं पता वह सब,  मैं तो बस ये जानता हूँ की इस गांड के लिए में सब कुछ छोड़ दूंगा, मेरी बात से आंटी काफी प्रभावित हो रही थी और धीरे-धीरे वह अपने घुटनो को हल्का दूर कर रही थी ताकि मेरा हाथ उनकी दरार में अच्छे से घुसे मैं उंगलियों से उनकी गांड से नीचे चूत तक रगड़ा कर साबुन मलता हुआ सहलाने लगा और आंटी हलकी आहे छोड़ने लगी,

मैं जान गया था की उन्हें काफी मज़ा आ रहा है  क्यों की साबुन के झाग के बीच मुझे उनकी चूत से निकलती फिसलन भरी गीलेपन का भी एहसास हो रहा था,मैंने  पानी लिया और उनके गांड पर डालकर साबुन को धोकर हटाया फिर नीचे से उनकी चूत  में अपनी 3 उंगलिया एक ही बार में घुसा दी फिर  काफी कस्सी हुई थी उनकी चूत लेकिन वह अपनी जांगे फैलाकर मेरी 3  उंगलियों को रास्त दे रही थी  लेकिन साथ ही वह पलट कर बोली:  Beti Ne Dekhi Aunty Ki Chudai

आंटी: अरे अरे… वहा कोन ऐसे करता है अपनी गाय के साथ ?

मैं: ऐसे करते हु  मैंने वाइल्डलाइफ चैनल में देखा था ऐसे अंदर तक साफ़ करनी पड़ती है

आंटी: जो भी करो मुझे अच्छा लग रहा  है करते रहो हाहाहा! कुछ देर मैं अपनी उंगलिया उनकी चूत में घुसाकर गोल-गोल घूमाने लगा मानो जैसे मैं उनकी चूत  की अंधरुनि दिवार को रगड़ कर धो रहा हूँ और वह इसके मज़े में सिसकारियां निकालती हुई अपने घुटनो और हाथो पर खड़ी रही, इसके बाद मैं उनकी चूत में ऊँगली से चोदते हुए बोल : 

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मैं: एक और चीज़ देखि है मैंने…

आंटी: क्या?

मैं: करू क्या? आंटी काफी मज़े में थी वह ये पूछना भी नहीं चाहती थी की मैं क्या करने की बात कह रहा हूँ वह सीधे बोली: जो भी देखा हो कर लो बहुत मज़ा आ रहा है मुझे, 

मैंने अपनी उंगलिया उनकी चूत से निकाली और दिवार पर लगी पानी की फॉसेट लेकर उनकी चूत और गांड के छेद पर पानी मारने लगा।

आंटी: उफ्फ्फ… इससे अच्छा तो वही था जो तुम पहले कर रहे थे , आंटी ने  तुरंत बोलना बंद किया और पलट कर मुझे देखा तो मैं दांत दिखता हुआ शैतान के तरफ हसने लगा।

आंटी: ये… रुको… ये तुम! मैं फॉसेट को उनकी चूत  के मुँह पर लगा कर पूरी फाॅर्स में पानी मार रहा था पानी उनकी चूत में भरने लगा और फिर वही पानी चूत से ज़ोर से बाहर निकाल फेकती।

आंटी: अह्ह्ह! ओह्ह्ह्ह! मैं: मज़ा आया?

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आंटी: उफ्फ्फ… कहा… कहा से सीखते हो ये सब तुम! मैं समझ गया उन्हें इसमें बहुत मज़ा आया और दुबारा उनकी चूत  पर फॉसेट लगाकर अंदर पानी मारने लगा हर बार 2-3 सेकंड पानी अंदर भरता रहा और फिर ज़ोर से बहार निकाल लिया , सच मे ये नज़ारा काफी उत्तेजनात्मक था

ये देखने में की कैसे वह अपनी चूत में पानी भर रही थी और फिर बहार को निकाल रही थी जैसे पोर्न मूवी में पोर्नस्टार्स स्क्वीरट करने वाली वीडियो बनाते है कुछ पल ऐसे ही उनकी चूत  में पानी भरने का खेल खेलने पर बहार कमरे के दरवाज़े के खुलने की आवाज़ आयी आंटी चौक उठी और दबी आवाज़ में पूछा: तुम… तुमने लॉक नहीं किया? हम दोनो शांत थे इतने शांत की बाल्टी में गिरते पानी की आवाज़ पूरे बाथरूम में गूँज रही थी, बहार से भारती ने आवाज़ दी: माँ सुनना! Beti Ne Dekhi Aunty Ki Chudai

अगर ये मेरी माँ होती तो घबराने की बात नहीं थी पर ये तो भारती थी जिसकी आवाज़ सुन आंटी के चेहरे का रंग सफ़ेद पढ़ गया था , 

तो दोस्तो इस कहानी मे आज इतना ही बस आगे क्या हुआ ये पढ़ने के लिए मुझे अच्छे अच्छे कममेंट करे ।

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