By | January 19, 2023

Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:– हैलो दोस्तो, मेरा नाम आकाश है और में मकॉम करके मुंबई से बैंगलोर जा रहा था सोचा इतना पढ़ाई किया है तो थोड़ा छुट्टी लेलु फिर जॉब खोजने निकलूंगा क्यों की अभी किसी भी कंपनी में ओपनिंग नहीं था
वैसे आज तक कभी में बंगलोरे गया नहीं पर मेरे एक चचेरे भैया राकेश वहा रहते है वही उनका वह खुद का लिया हुआ घर है उनकी शादी भी हो चुकी है लेकिन मेरे एक्साम्स के कारन में उनकी शादी में जा नहीं पाया और मैंने आज तक उनकी बीवी यानि मेरी भाभी को देखा नहीं था

मेरी ट्रैन सुबह पहुँचने वाली थी तो पिछली रात को ही मैंने राकेश भैया से एड्रेस ले लिया था क्यों की सुबह सुबह क्या पता वो फ़ोन उठाएंगे या नहीं सो में जब ट्रैन में में था तो सोचे आ रहा था की क्या बोलूंगा जब भैया पूछेंगे की शादी में नहीं आया नहीं रिसेप्शन में वगैरा वगैरा और तो अपनी भाभी को भी सोच रहा था

माँ पापा गए थे शादी में पर मेरी बदलूक की आज तक उनकी शादी का एक फोटो तक न देख पाया वैसे माँ और पापा ने कहा था माँ और पापा ने बताया था भाभी काफी खूबसूरत है और राकेश भैया बहुत ही किस्मत वाले है क्यों की वो सबसे घुल मिलकर बात करती है और जॉब भी है में तो मन

Bhabhi Ki Chudai ki Kahani

मैं सोच रहा था साडी में एक सुन्दर सी लड़की जिसे में भाभी मानूंगा और उन्दोनो को देखने को बेताब था
सफर 18 घंटे का था और अभी सारी रात बाकि थी ट्रैन में सोन के अलावा करता क्या? फ़ोन में गेम खेलता रहा क्यों की रेंज नहीं थी तो नेट भी नहीं था वर्ण एक अड़ पोर्न देख के मुठ मार्के सो जाता कब नींद आयी कब सोया कुछ उतना पता नहीं चला लेकिन पांच बचते ही ही पैंट्री वालो ने चाय चाय की आवाज़ कर जगा दिया

मनो आज का दिदं’टी ही राम नाम नहीं चाय शब्द से शुरू हुआ में उठा तो अब भी और 2 घंटे थे पहुँचने को तो में फिरसे सोने की कोशिश करने लगा पर नींद आयी नहीं ऐसे ही कुछ न कुछ सोचते हुए टाइम निकल गया बहार जब स्टेशन पहुंचा तो फ़ोन देखा फ़ोन बस बंद हो गया Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

10 मिनट रूक कर स्टेशन में रिचार्ज किया और मैसेज में आया हुआ भैया के घर का एड्रेस निकला और ऑटो में चल पड़ा ऑटो में बैठ एक सिगरेट भी पिया क्या पता भैया के घर जाने के बाद पिने को न मिले स्टेशन से काफी दूर था और तो और ऑटो वाले को रास्ता भी नहीं पता था सुबह सुबह कोई दुकान भी नहीं खुला था ज़ादा की एड्रेस पूछलो फ़ोन का बैटरी भी लौ था तो नेविगेशन भी नहीं इस्तेमाल कर रहा था अगर करता तो फ़ोन बंद हो जाता और इतनी सुबह भैया को फ़ोन करू तो शायद अच्छा न लगे अगर सो रहे हो तो

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जैसे तैसे करके थोड़ा घूम फिर के अटलास्ट 1घंटे खोजने के बाद आखिर कार मुझे राकेश भैया का घर मिल ही गया उनका घर एक कुमार एन्टेर्प्रिसेस नाम के आलीशान अपार्टमेंट में 16 फ्लोर पे था अटलास्ट में उनके घर के दरवाज़े के सामने था और चैन की सांस ले रहा था

सुबह के 8 बज रहे थे और सारा अपार्टमेंट सन्नाटे से भरा हुआ था शायद इस शहर में कोई भी इतना जल्दी नहीं सो कर उठ-ता नीचे कुछ बूढ़े लोग ही थे जो चलने फिरने निकले थे मेने दूर बेल बजा दी लेकिन कोई आया नहीं फिर मैंने दूसरी बार बजायी तो अंदर से कुछ चहल पहल की आवाज़ आयी कुछ करीब 2 से 3 मिनट के बाद दरवाज़े की लॉक खुली और एक हाथ अंदर से एक बर्तन दिखाई दी

मुझे समझ नहीं आया सिर्फ हाथ दिख रही थी और बर्तन लेने का इशारा कर रही थी हाँ पर वो हाथ एक औरत का थी ये तो पता चल ही गया था तब में गेट पे ऊँगली से खत खतया और हेलो बोला तब जाकर वो गेट थोड़ा खोली और मेरे तरफ देखि देखने में एक नंबर मनो कोई एंजेल हो जो सो कर उठी हो बिना मेकअप के वो जन्नत की परी लग रही थी
खुले बिखरे बालो में में तो जैसे खो गया था तभी उसकी एक – हाँ बोलिये?” की आवाज़ ने मुझे जन्नत से बहार वापस ले आयी में “जी में आकाश राकेश भैया है क्या?”वो “ओके आकाश तुम एक मिनट” , उन्होंने गेट की चैन निकाली और गेट ओपन किया “राकेश ने बताया था

तुम आ रहे हो”जैसे ही उन्होंने गेट पूरा खोला तो उन्हें पूरा देख में तो बस और भी होश खो बैठा वो एक लम्बी सी शर्ट पहनी हुई थी जो उसके आधे जंगो तक ही थी और में उनकी जंगो को साफ़ देख पा रहा था ऐसा लग रहा था मनो की उसने सिर्फ वो शर्ट ही पहना हो काफी ढीला और नंगे पाँव Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

तो उसे और भी आकर्षक बना रही थी वो “तो कोनसे ट्रैन से आये?”में उनकी आवाज़ सुनकर खुद के आँखों को थोड़ा काबू किया और बोला “वो राजधानी एक्सप्रेस से उसी लिया इतना सुबह सुबह पहुंचा”वो “राकेश ने कहा था के तुम दिदं’टी में आ रहे हो पर मैंने सोचा नहीं था की तुम इतनी जल्दी आ जाओगे?”में “अरे सॉरी अगर मुझे पता होती ये इतनी सुबह आ जायेगी तो में कोई और ट्रैन ले लेता”वो -अरे इसमें सॉरी कैसा? वैसे भी थोड़ी देर में दूध वाला आकर उठा ही देता है मुझे लगा वही है”
अब वो आगे आगे जा रही थी और में उसके पीछे उसे फॉलो कर रहा था और उसके दूध गोर जैसे जांघो को पीछे से निहार रहा था की वो हलके से पीछे मुड़ी और बोली “क्या तुम्हे पता है में कौन हूँ?”में “हाँ आप राकेश भैया की मिसिस होना? मैं वाइफ”वो “है है है! चलो उतना तो पता है पर नाम पता है

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तुम हमारी शादी में भी नहीं आये थे”में “हाँ वो क्या है की तब मेरी एंट्रेंस की एग्जाम थी तो बस माँ और पापा आये थे”वो थोड़ी आगे बड़ी और अचानक से मूड गयी जब में चलते चलते उनको निहार रहा था
मैंने तुरंत अपना नज़र उनके टैंगो से हटा ली और उन्हें देखने लगा दो पल के लिए वो चुप सी थी शायद उसे लगा गया की में क्या कर रहा था

फिर वो बोली -नाम पता है क्या?”में “सॉरी वो नहीं पता शादी की कार्ड में देखा था लेकिन याद नहीं”वो “कैसे हो तुम भी न अपनी भाभी का नाम नहीं पता? मेरा नाम शोभा है भूलना मत”जैसे ही उन्होंने भाभी कहा मुझे थोड़ा सा करंट ज़रूर लगा क्यों की अक्सर में सविता भाभी की कॉमिक्स किरतु साइट से पढ़ा करता था

उनके बोलने पर मेने जवाब दिया “ठीक है भाभी अब कभी नहीं भूलूंगा”वो “ओए हेलो तुम मुझे नाम से बुला लो ये भाभी वाभी बड़ी टिपिकल लगती है”में “नाम से नहीं आप बड़े हो भैया सुनेंगे तो लाथ मारेगे”वो “अरे यहाँ कोई ऐसे नहीं बोलता नाम ही लेते है चलो ठीक है घर में तुम भाभी बोल लेना राकेश के सामने लेकिन बहार दुसरो के सामने मत बोलना नहीं तुझसे लाथ पड़ेगी” ये कहते हुए उन्होंने मज़ाक मज़ाक में टो दिखने के लिए अपनी कालर ऊपर खींची जिससे की उनकी शर्ट थोड़ी और ऊपर उठ गयी और थोड़ा ज़ादा जांघ का प्रदर्शन होने लगा

ये देख मेरी पैंट में थोड़ी हलचल होने लगी क्यों की में ट्रैन से आया तो में बस ट्रैक में था और अंदर अंडरवियर भी नहीं था जिससे मेरा लैंड जो आधा तन गया था वो थोड़ा उबरने लगा में झट से सोफे पे बैठ गया ताकि उन्हें मेरी पैंट में छुपी नियत न दिख जाये पर वो हलके से मुस्कुरायी Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

शायद उन्हें पता चल गया था शोभा “ठीक है चलो तुम बैठो फ्रेश होना है तो बाथरूम उधर है राकेश अभी उठेगा पता नहीं ये दूध वाला किधर है आज ये बर्तन यही रखती हूँ अगर वो आये तो दूध ले लेना में थोड़ा चेंज करके आती हूँ”इतना बोलते हुए वो अपने रूम को चल पड़ी
और दरवाज़ा बंद कर दी में वही बैठा रहा की थोड़ी बहुत आवाज़े आने लगी हसने की शायद भैया उठ चुके थे पर मैंने जायदा ध्यान नहीं दिया और उनके घर को देखने लगा इतने में गेट पर बेल बजी और अंदर से आवाज़ आयी शोभा की – आकाश ज़रा देखना दूध वाला होगा वो दूध लेलो” में झट से बर्तन लेकर उठा और गेट ओपन करके दूध ले लिया

दूध वाला “जी आप कोन ? शोभा मैडम नहीं है क्या?”में “में राकेश भैया का भाई हूँ आज ही आया हूँ शोभा मैडम थोड़ी बिज़ि है”दूध वाला – अच्छा तो राकेश साहब भी होंगे शायद तभी अच्छा तो कहियेगा मैंने पेमेंट की बात कही है की थाई महीने के 8 हो गए न”में “ठीक है में कह दूंगा” और फिर मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया पर उसकी ये बात की “अच्छा तो राकेश साहब भी होंगे शायद तभी” थोड़ी सी पची नहीं और में मुस्कुराने लगा की भला ये क्या था

मैंने देखा की किचन किधर है और किचन को जाकर दूध के साथ वो बर्तन वहा रख दिया वैसे इनका घर काफी अच्छा था बड़ा लिविंग रूम बड़ा किचन जिसमे सेंटर यूनिट भी है 3 बैडरूम जिसमे एक वो रहते और दूसरा दो पता नहीं और लिविंग के दूसरे और एक बड़ा सा बालकनी भी जहा से सारा शहर दीखता है अंदर उनके कमरे से काफी हसी की और बाते करने की आवाज़े आ रही थी

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लेकिन में ज़ादा ध्यान नहीं दे रहा था मुझे ऐसा शक ज़रूर हो रहा था की सिर्फ बाते नहीं पर थोड़ा बहुत हस्बैंड वाइफ का रोमांस भी हो रहा होगा राकेश भैया तो स्कूल के टाइम से ही लड़कियों को पटा कर उन्हें चोदने में माहिर थे
ये तो हमारा सारा मोहल्ला जनता था और अब ऐसी खूबसूरत बीवी भी अगर हो तो क्या कहने उनकी तो चाँदी ही चाँदी थी
मेरा मैं बार-बार उनके कमरे से आती हुई हसी और धीमी आवाज़ में हो रही बातो पे जा रही था में उनके घर को देख ही रहा था ठीक से तभी दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आयी और शोभा बहार आयी अब जब वो आयी तो वो एक पूरा लम्बा नाइटी में थी में समझ गया था की शायद भैया के सामने वो सिर्फ शर्ट पहनकर मेरे सामने नहीं आना चाहती थी Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

लेकिन अब भी वो उस नाइटी में कमल की कहर ढाने वाली मस्त भाभी लग रही थी साथ ही उनकी नाइटी जो एक तरफ से आधी जांघ तक कटी हुई थी उसे अब भी कभी कभी उनके चलने पर टाँगे अच्छी खासी दिख रही थी

उन्होंने मुझे देखा की में उन्हें देख रहा हूँ सो उन्होंने भवरो को ऊपर उठाते हुए इशारो में ऐसा पुछा की क्या हुआ मैंने भी आंखे मींचने के इशारे से कहा की कुछ नहीं फिर वो किचन के तरफ चलते हुई बोली – तो आकाश कैसा लगा घर?”

मैं- बढ़िया भाभी सुपर से भी उप्पेर इसका रेंट कितना है?”शोभा – अभी तो 23000 है महीने के”में – 23000? इतना ज़ादा?”शोभा “हाँ पर एमिनिटीज भी तो है इतना बढ़िया?”में “क्या है वो?”शोभा “अरे यहाँ इस अपार्टमेंट में नो पावर कट स्विमिंग पूल गयम पार्क सब है तो ऑब्वियस्ली 23000 तो होना ही है”में “अरे वह स्विमिंग पूल भी है? और जिम भी?”
शोभा “हाँ क्यों तुम स्विमिंग करते हो? जिम तो जाते ही हो देख के लग ही रहा है”में “हाँ! आप भी न हम कोस्टल एरिया से हैं भला स्विमिंग कैसे नहीं आएगी?”शोभा “ठीक है तो में तुम्हे इंट्रोडस करवा दूंगी स्विमिंग पूल के इंचार्ज से फिर तुम जा सकते हो”इतने में भैया बहार आये एक शार्ट और गंजी पहनकर और अपनी शार्ट का नाडा बांधते हुए और बोले “तो आकाश हाउ वास् थे जर्नी?”

उन्हें में अब जाकर 5 साल के बाद देख रहा था इससे पहले उनको मैंने शादी से पहले देखा था लेकिन अब भी वैसे के वैसे फिट एंड फाइन थे कोई बदलाव नहीं में “आई वास् गुड भैया बस पता नहीं था की ट्रैन की तिमिंग चेंज हुई है सो काफी हड़बड़ी में निकलना भी पड़ा और तो और इतना सुबह पहुंचा की सबको परेशां भी किया” Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

ये मैंने भाभी की तरफ देखते हुए कहा भैया “अरे नहीं मैंने कहा था शोभा को की तुम आ रहे हो पर टाइम नहीं पता था” शोभा “और परेशानी कैसे मैंने कहा न की दूधवाला भी उसी टाइम जगाता है यहाँ सबको”तभी याद आया मुझे और मैंने कहा “अरे हाँ भाभी दूधवाले ने कहा की उसके पेमेंट का टाइम हो गया है”शोभा थोड़ा संकोच में बोली “अच्छा अच्छा क्या कोई बात नहीं में दे दूंगी में भूल ही गयी”

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भैया उनके तरफ देखते हुए “ऐसा है तो उसे परसो दे देना कल शाम में आउट ऑफ़ स्टेशन जा रहा हूँ”शोभा “ओके राकेश रुक कर जाना चलो तुम लोग बैठ कर बात करो में मज़ेदार चाय बनाकर लाती हूँ कही ऐसा न हो की देवर जी घर जाकर बोले की भाभी को अच्छा चाय भी बनाना नहीं आती”

में “अरे भाभी ऐसा कुछ नहीं है आप भी न मुझे शर्मिंदा कर रहे हो”शोभा -अच्छा ऐसा क्या है है है! एक मौका तो दो देवर जी ऐसी चाय पिलऔगी दूध वाली की जाखिर हुसैन के तरह वाह ताज!! बोलते रह जाओगे”
भैया “तुम बोलते ही रहोगी या बनाकर पिलाओगी भी फिर होने देवर जी से ही पूछ लेना वह ताज बोले या कुछ और है है है! जल्दी बनाओ मुझे ऑफिस जाना है”
शोभा “आप तो बस मेरी टांग खींचने पे पड़े रहते हो जब देखो”ये कहते हुए भाभी किचन के तरफ जाने लगी और फिर पलट कर पता नहीं क्यों मुझे आँख मारते हुए बोली – तुम्हारे भैया को भी मेरी टाँगे इतनी पसंद है की जब देखो मौका मिलने पर खींचते रहते है है है है!

“उनके पलटने पर मैंने देखा की वो नाइटी पीछे से डीप कट थी और उन्होंने कोई ब्रा नहीं पहनी थी उनका इस तरह से आंख मरना और साथ में ये कहना की “भैया को भी!” मुझे सवालो पे सवालो के घेरे में डाल रही थी अब मुझे पक्का पता था की शायद उन्होंने मुझे उनके टाँगो को घूरते देख लिया था इतना कह कर वो किचन में चली गयी Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:
इतने में किचन से आवाज़ आयी भाभी की “अरे देखना राकेश उसने आज पानी मिला दिया दूध में ये तो हद ही हो गयी”भैया “तो तुम भूलेगी उसका मंथली पगार तो और क्या होगा उसके घर पानी ज़ादा हो गया है थोड़ा कम करने का टाइम हो गया”इन दोनों की आधी अधूरी बाते भगवान् ही जाने मुझे तो इनकी बाते कुछ भी समझ में ही नहीं आ रही थी मनो सीधे तरीके से तो ये दोनों कभी कुछ बोल ही नहीं रहे थे

फिर में और भैया कुछ 10 मिनट बाते कि ये घर की और हमारे गांव की तभी भाभी आयी चाय लेकर और टेबल पर रखी जब वो टेबल पर रखी वो इतना झुकी की नाइटी लूज़ था पूरा क्लीवेज दिखा गयी मुझे और जैसे ही उन्होंने ऐसा किया मुझसे कहा “देवर जी देखते रहोगे या चख के बताओगे कैसा है? मेरी दूध की चाय”ये सुनते ही में तो बस ये तो डबल मीनिंग बात की हद ही हो गयी
मुझे हैरानी में देख भाभी ने कहा “अरे दूध की चाय देवर जी ब्लैक चाए नहीं है आप ने क्या सोचा?”ये सुनकर भैया ज़ोर-ज़ोर से हसने लगे और बोले “अब बस भी करो शोभा कितना चिड़ोगी उसे वैसे तुम्हारा कोई इंटरव्यू अभी है क्या आकाश?”में “हाँ परसो एक मिला है भैया यहाँ ये इंदिरानगर है ना वही है”भैया “अरे वह वो तो काफी एक्सपेंसिव जगह है बंगलोरे में मतलब अच्छी खासी सैलरी भी शायद देंगे”

शोभा “अरे हाँ मिनी भी वही रहती है उसका कंपनी वही है राकेश”भैया “तब तो मिनी से कह देना इसकी थोड़ी मदत करदे”शोभा “बोलने की ज़रुरत भी नहीं राकेश में अपने देवर जी की हर तरह से हेल्प करुँगी”में “मिनी? कोन है भैया”शोभा “अरे मेरी बहन मीनाक्षी है वो भी यही जॉब करती है इंदिरानगर में ही है में उसे बोलती हूँ तुम्हे जो भी हेल्प हो करदे”में “थैंक यू भाभी अगर शहर नया न होता तो इतनी तकलीफ नहीं देता”

घर पर भैया के जाने के बाद भाभी की चुदाई

शोभा “कोई बात नहीं देवर जी जितनी भी तकलीफ है सब वसूल कर के ही जाने दूँगी आखिर बनिया की बेटी हूँ है है है! “भैया “ओहो शोभा तुम तो आज कुछ ज़ादा ही बक-बक कर रही हो और जाओ कुछ पहनो इसके ऊपर खमा खा मेरे भाई को परेशां करने में लगी हुए हो”शोभा “है है है! Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:
भाई को छेड़ा तो जलने लगी क्या राकेश जीईई?”भाभी ये बात भैया के कानो को उंगलियों से छेड़ते हुए बोली और फिर बोली “वैसे भी मुझे ठण्ड लग रही है और आज क्लीमेंट भी थोड़ा ठंडा है ना राकेश”भैया “हाँ शायद आज बारिश होगी”शोभा “होना तो है ही आज जाकर एक सालो बाद अपनी भाभी को मुँह जो दिखाया है है है है!
“इतना कहते हुए और मुझे सताते हुए भाभी रूम मे गयी और एक साटन रोबे पहन कर आयी जो भी कहो चाहे कपडा आधा हो या पूरा जो भी भाभी पहने हर चीज़ में भाभी कयामत लग रही थी वो बार बार मनो मज़ाक मज़ाक में अपनी रोबे को नीचे ऊपर कर रही थी

मनो उन्हें ठण्ड नहीं गर्मी लग रही हो फिर भैया का चाय ख़त्म हुआ और वो उठे – चलो में नाहा कर ऑफिस के लिए जाता हूँ तुम ब्रेक फ़ास्ट रेडी करो और उसे पहले आकाश को उसका रूम भी दिखा दो “शोभा “जी पति देव जी आपके भाई को में उनका कमरा दिखा दूँगी है है है!

“भैया मेरी तरफ देखते हुए “देखो भाई तुम्हारी भाभी आज तेरे आने से काफी खुश हो गयी है इसी लिए ऐसे ओवर एक्टिंग कर रही है”में “ऐसा क्यों भाभी? आप नार्मल ही रहना में आपकी कोई बुराई नहीं करने वाला माँ पापा से प्रॉमिस”
भैया “ये हुई न बात देखो शोभा मेरे घर वाले तेरे घरवालों जैसा नहीं ओके चलो में चलता हूँ लेट हो रहा है ब्रेकफास्ट रेडी कर देना भाभी जी है है है! “जैसे ही भैया उठ कर गए शोभा भैया के बैठे सीट पर बैठ गये मैंने पुछा “क्या हुआ भाभी? “भाभी “तुम्हारे भैया की और मेरी लव मैरिज थी न कहते हुए भी शादी तो करवादी लेकिन तुम पहले हो जो तेरे भैया के घर से पहली बार हमें मिलने आये

अगर जॉब के लिए न होता तो शायद नहीं आते पर आ गए सो वास ओवर एक्सीटेंड तभी राकेश वो बोल गया”में “अरे भाभी आप भी न चलो नाश्ता बनाते है साथ में मेरा रूम दिखावा में फ्रेश होकर आता हूँ फिर हम हमारे गऊ का पोहा बनाते है राकेश भैया को वो बहुत पसंद है”शोभा “हाँ वो अक्सर बोलते है चलो उठो जल्दी से में तेरा रूम दिखाती हूँ”फिर वो मुझे एक रूम को ले गयी और बोली “ये लो आकाश अब ये तुम्हारा रूम है ओके बाथरूम अटैच्ड है”में “वो दूसरा रूम किसका है?”शोभा -वो है है है! वो मेरी सिस्टर का है वैसे उस के लिए नहीं पर जब भी वो आती है वो उसका रूम होता है चलो वो रहा तुम्हारा बाथरूम ओके जाकर नहाना है Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

तो नहाओ फ्रेश होना है तो फ्रेश हो जाओ और ब्रेकफास्ट के लिए आओ तुम्हारे भैया तो 5 मिनट में नहाकर रेडी भी होकर आ जायेंगे चलो जाओ मुझे जल्दी से कुछ बनाने दो खाने के लिए”इतना कह कर भाभी तो निकल गयी पर मेरा क्या है इतना देर जो हुआ जो देखा उसके असर से में जल्दी ही बाथरूम को घुसा हगने बैठा वेस्टर्न कोड में और साथ ही भाभी को याद करके मुठ भी मार लिया करीब15 मिनट के बाद में 3-4 मिंट और एक टी शर्ट में निकला तो भैया डाइनिंग टेबल पे नेवस पपेर पढ़ रहे थे
मैं भी जाकर बैठ गया फिर भाभी आयी गरमा गर्म सैंडविच और जूस लेकर मेरा पोहा बनाना का प्लान तो चौपट हो गया भैया की टाइमिंग देख कर हम दोनों चालू हो गए पेट पूजा करने में फिर भाभी आयी पर प्लेट नहीं थी तो मैंने पुछा – भाभी आप नहीं खाओगे क्या?”शोभा “नहीं अभी नहीं अभी तो जिम जाना है”में “जिम? आप जिम भी जाती हो?”ये सुनते ही भाभी मनो अजीब से देखते हुए

भाभी ने देवर के साथ लिए सेक्स के मज़े

क्यों देवरजी मुझे देख क अपने क्या सोचा? अगर जिम न जॉन तो ऐसे कैसे रहूंगी?”में -अरे भाभी ऐसा नहीं बोला मैंने मेरा मतलब आप बिना भैया के जिम जाते हो?
वैसे जिम में अगर में भी आऊं तो आपको तकलीफ होगि ना जैसे के चार दिन के लिए आया हूँ और मंथली पेमेंट देना होगा”शोभा “तुम न जितना चाहिए उतना सो

थोड़ी देर में तेरे भैया ऑफिस जायेंगे फिर बताती हूँ तुम्हारे पास जिम वियर है क्या?”
में “वैसे तो लाया नहीं है है है! जिम नहीं जॉब के लिए आया हूँ तो जिम वियर क्यों लाऊंगा”शोभा “चलो कोई बात नहीं आज तुम ऐसे ही चलो फिर हम बहार जायेंगे ले लेंगे ओके और तुम जिम रेंट मैथ देखो वो सब मैं संभाल लूंगी”में फिर भैया के होने का एहसास करते हुए बोला “भाभी आपको क्या ज़रूरत जिम जाने की आप तो वैसे भी कमाल की दिखती हो”
जैसे ही मैंने ऐसा कहा तभी भाभी एकदम सा ज़ोर से बोली पड़ी “ओए क्या मतलब हम्म अपनी भाभी के बारे में ऐसा बोलोगे बताऊँ क्या तुम्हारे भैया को?”में अचानक सा डर गया -सो सॉरी भाभी मेरा वो मतलब नहीं था सॉरी”मेरी घबराहट को देख कर भाभी बोली -है है है! तुम डर गए में तो बस मज़ाक कर रही थी

मुझे अपने आप से बहुत लगाव है और तुम्हारे भैया भी मेरी फिगर के फैन है सो मेंटेन तो करना ही पडेगाना? चलो तुम ऐसे ही आना चाहते हो तो आओ या अगर कुछ और है जिम के लिए तो वो पहले तेरे भैया के जाने के बाद हम जिम को जायेंगे ओके वही स्विमिंग इंस्ट्रक्टर से भी मिला दूंगी”में

“ओके भाभी में तो ऐसे ही आऊंगा कुछ और लाया नहीं जिम के लिए बोलकर आप चलो में आता हूँ” इतने में भैया निकले अपने रूम से पुरे फॉर्मल्स में और शोभा को गले लगाया हलके से और मुझे देख कर बोले “चलो आकाश में निकलता हूँ शाम को मिलता हूँ अपना ही घर समझना एंड बे कम्फर्टेबले”शोभा “अरे इसकी चिंता मत करो राकेश में हूँ न यहाँ उन्हें भी बात चीत करने को कोई मिल गया Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

अब”में “कोई बात नहीं भैया में टीवी वगैरा देख क टाइम काट लूंगा”भैया “चलो ठीक है फिर में चलता हूँ बाई और टीवी ही मैच देखते रहना दिन भर और भी बहुत कुछ है यहाँ है है है!

मेरा मतलब शहर में बाई!”इतना कहते हुए भैया भी निकल गए और गेट बंद कर दिया अब घर में सिर्फ में और शोभा थे वो मेरे सामने वाले सोफे पे बैठ कर टीवी चालू कर दी वो एक पेअर के ऊपर दूसरा पेअर रख कर बैठी थी जिससे की उनके लम्बे नाइटी का कटा हिस्सा खुला हुआ था और मुझे उनकी जंगो का बढ़िया प्रदर्शन दे रही थी कुछ चॅनेल हटाने के बाद उन्होंने ऐसा चॅनेल लगा दिया जिसमे गाने चल रहे थे और अब उसमे हाफ गर्ल फ्रेंड मूवी का बारिश गाना चल रहा था

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इतने में अचानक से भाभी ने पुछा “तो आकाश तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? “में “नो! नहीं भाभी अभी तक तो नहीं (वैसे तो थी लेकिन नहीं बोलै)शोभा “क्यों? झूठ मत बोलो दिखने में तो स्मार्ट ही हो कितनो को पटाया अब तक ज़रा बोलो या कोई हाफ गफ है है है है! “में “अरे आप भी न भाभी मेरी न आधी है न पूरी आप तो बस कुछ भी”शोभा “अरे ऐसे कैसे बड़े पढ़ाकू किस्म के हो क्या?

जो किसी लड़की पर अबतक नज़र नहीं गयी? बोलो भी इतना क्या शर्माना मुझसे?” इतना कहते हुए भाभी ने अपने घुटनो से नाइटी को और थोड़ा हटाया और खुलम खुला अपनी खुली जांघो को मेरे सामने खुजलाने लगी जैसे के वो कह रही हो की शर्माओ मतमें “एक थी पर अब नहीं सच मे नाउ ऍम सिंगल”

शोभा “ सिंगल अगेन तो मिंगले अगेन है है है! कोन थी ज़रा बताओ”में “कॉलेज में थी जब में सेकंड ईयर में था लेकिन कॉलेज के बाद सब ख़त्म हो गया दूरी बढ़ने के साथ”शोभा “ओके तो प्यार व्यार नहीं था बस लगाव था है ना? तो गर्लफ्रेंड थी या उसे भी बाद कर कुछ हुआ
बोलो बोलो” मेरी तो जैसे भाभी के सवालो से दिमाग मचला जा रहा था उस पर से भाभी का जांघ प्रदर्शन भी लोहा गर्म कर रहा था फिर मैंने बोला- छोड़ो न भाभी आप क्या क्या पूछ रहे हो”

शोभा “अच्छा चलो जाने दो नहीं बताना चाहते तो में क्यों फोर्स करू”इतने में अगला गण चालू हुआ जुड़वाँ मूवी की ऊंची है बिल्डिंग इस गाने में जैक्वेलिन अपनी टाँगे खूब धिका रही थी अपनी छोटी सी ड्रेस में जिसे देख भाभी ने कहा “शी गोत सेक्सी लेग्स है ना?”में हकबकाते हुए क्या क्या? क्या कहा आपने भाभी?”शोभा “मैंने कहा उसकी टाँगे काफी सेक्सी है ना जैक्वेलिन की है ना?”में हैरानी के साथ की भाभी ने टाँगो की बात की “मुझे क्या पता भाभी हाँ गोरी है बहुत”शोभा “क्या गोरी है वो या उसकी टाँगे? हीहीह”में “आप क्या क्या पूछती रहती हो भाभी?”शोभा “इतने तो भोले मत बना करो की हज़म भी न हो”

मैं “आप क्या कह रही हो में समझा नहीं”शोभा फिर मुझे तिरछी नज़रों से देखते हुए बोली “मुझे पता है की तुम इतने भोले नहीं जितना दिखा रहे हो समझ मे आता है पता चल गया था” मैं “क्या मतलब आपका में कुछ नहीं समझा”शोभा “हाँ हाँ उफ़ में इतना खुल कर बात करना चाहती हूँ और तुम हो की नकली भोलेपन का नौटंकी किये जा रहे हो

तुम्हे लड़कियों की टाँगे और जांघो को देखना पसंद है ना?”में “भला आप को ऐसा क्यों लग रहा है की में भोलेपन का नाटक कर रहा हूँ और क्या टाँगे?”शोभा “हाँ टाँगे और जंघे देखा मैंने जब तुम आये मेरे शकल से ज़ादा मेरी टैंगो को ताड़ रहे थे और तुम्हे क्या लगा मुझे पता नहीं चलेगा?” Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

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अब तो में पूरा फस चुक्का था पूरा पानी में दुब ही गया और कोई चारा नहीं था सरेंडर करने का टाइम हो गया था और भाभी की बात सुनकर मुझे भी थोड़ा रोमांच हो रहा था मैंने कहा – उफ़ भाभी आपने तो बस पकड़ ही लिया मुझे है है है!
क्या करू आप ही ऐसे कपड़ो में आ गयी अचानक से और…”शोभा – और क्या बोलो बोलो अब जाकर मुँह खुला कमीना”
मैं- और आप काफी खूबसूरत हो सचमे”

शोभा -बस खूब सुरत बस इतना ही चलो बोलो भी”में अब इतना उकसाने के बाद भला कैसे चुप रहता ऐसा लग रहा था जैसे भाभी को शरारती नॉटी बाते करने में बड़ा दिल लगता है तो फिर मैंने भी कह दिया “आप काफी सेक्सी हो यार और क्या कहु भैया तो बस लकी है जिन्हे आप जैसी बीवी मिली”

शोभा “क्यों क्यों लकी?”में “अगर में उनके जगह होता तो बस कभी ऑफिस नहीं जाता”शोभा “तो कहा जाते क्या करते ऑफिस न जाकर बोलो बोलो”में “है है है! अगर बोलू तो शायद आप मरके भागे दोगी”शोभा “है है है!
नहीं नहीं मारुगी बोलो क्या करते बोलो”में “बस पूरा दिन प्यार करता आपको सुबह शाम दिन दोपहर”शोभा “प्यार मतलब वो लवर वाला रोमांस या कुछ और?”में “अरे भाभी अब तो आप भोलेपन का नाटक कर रहे हो
जैसे आपको पता नहीं”शोभा “है है है! मुझे पता है क्या बोलना चाहते हो तुम में बस तेरे मुँह से सुनना चाहती थी चलो तो बोलो मेरी टाँगे काफी पसंद आयी क्या तुम्हे जो इतना घूर रहे थे”

मैंने कुछ न सोचा और बस बोल दिया एक ही बार में “हाँ काफी पसंद आया और बार बार देखना चाहता हूँ”शोभा “है है है! चलो बहुत हुआ जिम “चलते है वरना भीड़ बढ़ जाएगी औरतो की”में “औरतो की तो क्या प्रॉब्लम है अच्छा है ना”शोभा “ख़ाक अच्छा है भला क्या मज़ा उसमे इस टाइम जाओ तो थोड़ा बहुत मर्द लोग होंगे और जब वो मुझे घूरते है तो मुझे मज़ा आता है फील लिखे सेक्सी एंड ब्यूटीफुल”में “तो जब में घूर रहा था तब भी अच्छा लगा क्या आपको?”शोभा “तो तुम्हे क्या लगा में ऐसे ही थोड़ी तुम्हे फ्री शो दे रही थी आगे आगे देखो तुझे पागल कर दूंगी.

तुम भाग जाओगे”भाभी की बाते सुनकर तो में बस अब और थोड़ा खुल गया था मानो कोई आज़ादी मिल गयी हो उतना कहते ही भाभी उठकर अपने रूम को चली गयी और दरवाज़ा बंद करते हुए बोली “बस पांच मिनट में अपना जिम वियर पहनकर आता हूँ तुम वही रहना बस पांच मिनट ओके”इतना कहते भाभी इ दरवाज़ा बंद तो किया पर इस बार उन्होंने पूरा बंद नहीं किया और थोड़ा सा खुला रखा पर में बेवक़ूफ़ बोलो या लूज़र जो उनका इशारा समझा नहीं और वही बैठा रहा जैसा की उन्होंने कहा 5 मिनट हुए और भाभी बहार आयी और एक बार फिर भाभी ने मेरी आँखों को अपने ऊपर लगा डाला

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वो एक टाइट स्पोर्ट वियर में आयी और दरवाज़े से आते ही स्ट्रेचिंग करने लगी उनका टॉप और शार्ट इतना टाइट था मनो वो कुछ पहनी ही न हो अगर किसी ने उनकी परछाई दिवार पर देखली तो और जब वो स्ट्रेच कर रही थी तो में उन्हें देख रहा था उनके बॉडी पे चिपकी उस कपडे को देख ऐसा लग रहा था मनो उन्होंने अंदर कुछ भी नहीं पहना हो अगर होता तो पैंटी और ब्रा की स्ट्राप तो उबार के दिखती पर ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा था इतने में भाभी मेरे तरफ पीठ दिखा कर खड़ी हुई और झुक कर अपने बदन को स्ट्रेच करने लगी जिम के लिए इस हरकत से उनकी गांड मेरी तरफ को उभर रही थी और मुझे पक्का पता था की ये भाभी जान कर मुझे दिखाने के लिए ही कर रही थी Apni Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

और अब तो में भी पूरा खुले आम उन्हें ताड़ रहा था क्यों की भाभी ने तो बोल ही दिया उन्हें मज़ा आता है खुद को इस तरह से खुद को दिखाना तो फिर अब छुप छुप के क्या देखना था और भी मुझे खुल कर बात करने में भी कोई झिजक नहीं हो रही थी और में बोल पड़ा – वाओ भाभी क्या माल लग रही हो?”शोभा “माल? है है है!”में “हाँ माल रापचिक माल लग रही हो आप”शोभा “है है है!

सच्ची इतनी माल लग रही हूँ क्या? लिखे हॉट सेक्सी भाभी तेरे नज़र में?”में “हाँ बिकुल सविता भाभी की एपिसोड 20 और 30 की जैसी पताका”शोभा “ सविता भाभी? अरे वाह तो तुम भी पड़ते हो क्या?”में “हाँ पूरा एपिसोड है वैसे आपने तुम भी क्यों बोला? है है है!

आप भी पड़ते हो?”शोभा “हाँ कभी कभार वैसे फैन नहीं तेरे टाइप की एपिसोड का नंबर तक याद रहे है है है!
“में – हाँ में तो बहुत बड़ा फैन हूँ सविता भाभी कॉमिक का हर एपिसोड है मेरे पास” शोभा जल्दी से चलते हुए गेट के पास गयी और पलट कर बोली “ठीक है ठीक है चलो इस बारे में बाद में आकर बात करेंगे अभी चलो वरना देर हुई तो वो मिश्रा आंटी आ जाएगी अपनी पल्टन के साथ पाद पाद के सारा जिम महका देते है”

में “पाद पाद के?”शोभा “हाँ यार अब चलो तुम लेट कर रहे हो बाकि में लिफ्ट में बताती हूँ अब चल सेल”में तो बस भाभी के मुँह से ऐसी छोटी छोटी गालिया सुन कर और उनके टाइट शॉर्ट्स से उबरते गांड को देख कर बस मज़े ले रहा था और फिर उनके पीछे पीछे चल दिया…

खतम ऑफ़ भाग 1 उमीद करता हूँ आपको अच्छा लगा और आगे पड़ने की इच्छा हो तो मुझे कमेंट करके अपनी राय भी दे


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