By | January 20, 2023

Real Bhai Bahan Ki Chudai:-हैलो दोस्तो , कैसे हो आप सब , आज मैं आपके साथ फिर से पिछली इस कहानी का भाग 2 लेके आया हु, मुझे उम्मीद ह आपको ये कहानी पसंद आ रही होगी, अगर आपने इस कहानी का भाग 1 नहीं पढ़ा तो प्लीज यहा क्लिक करके पढे .

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मेरा नाम अमित है और मैं भिलाई शहर छतिसघर का रहने वाला हूँ. में कुछ दिनों के लिए बंगलोर शहर आया हुआ हूँ काम की तलाश में. मेरी उम्र 26 है और अभी अभी पढ़ाई ख़त्म किया है. डिग्री सर्टिफिकेट लेकर में बंगलोर पहुंचा मेरे मां के घर जो बंगलोर में किसी कुमार अपार्टमेंट नाम के बड़े नामी अपार्टमेंट में रहते थे. फ़ोन में – देख कर उनका अपार्टमेंट जल्दी ही मिल गया. सच मे जैसा सुना था वैसा ही बड़ा आलीशान अपार्टमेंट था वो. स्विमिंग पूल पार्क वगैरा सब था.

और तो और लोग भी काफी डेवलप्ड थे वहा तो हर छोटा बचा इंग्लिश ही बोल रहा था. वक़्त कुछ 12 बज रहे थे और मेरी हालत थोड़ी ख़राब थी क्यों की उसी दिन 3 बजे मेरा एक कंपनी में इंटरव्यू भी था. जल्दी से में उन तक पहुंचा और नॉक किया. दरवाज़ा आंटी ने खोला और आंटी ने तुरंत मुझे पहचान लिया और कहा “अरे अमित बेटा काफी देर लगा दी?

Bhai Bahan Ki Chudai

मुझे लगा तुम 10 बजे तक आजाओगे. आओ अंदर.”में घर घुसने से पहले उनके पॉ छुवे और नमस्ते बोलते हुए अंदर घुसा.आंटी “बहुत बहुत बढ़िया बेटा कुछ खाये या नहीं सुबह से?”आंटी की उम्र कुछ 45 की होगी और बिलकुल मेरे माँ जैसी ममता भरी आवाज़ में बात करती थी. “तो बेटा कैसा था सफर चलो नहालो जल्दी से में खाने के लिए कुछ लाती हूँ
फिर आराम कर लेना थोड़ा “नहीं आंटी आज 3 बजे मेरा एक कंपनी में इंटरव्यू है. तो आराम कुछ नहीं कर पाउँगा.”आंटी “ठीक है बेटा जो तुम्हे सही लगे पर कुछ खा कर जाना.”में “हाँ ओतय बिलकुल , बाथरूम?”आंटी ने कहा – वो रहा तुम्हारा कमरा उसमे अटैच्ड बाथरूम भी है.”में झट से अपना बैग उठाया और अपने रूम को चल दिया और कुछ 45 मिनट के बाद रूम से बहार निकला फॉर्मल्स पहनके इंटरव्यू के लिए.

इतने देर में आंटी ने भी झट से खाना बनाया और डाइनिंग टेबल पे रख दिया. में खाने के लिए बैठा तो आंटी भी आकर बैठ गयी और घर के लोगो का हाल चाल पूछने लगी “तो बेटा माँ कैसी है? और सब वहा.”में “सब बढ़िया है
आंटी आपको माँ बहुत याद करती है.”आंटी “तो उन्हें भी ले आते न कुछ दिनों के लिए.”में “वो आना तो चाहती थी पर घर और पापा को कैसे छोड़ कर आते पापा की तो तबियत आपको पता ही है.”आंटी “हाँ वो भी सही है. तुम्हारे अंकल तो ऑफिस गए है वरना वो हेल्प कर देते तुम्हारी इंटरव्यू में ले जाने के लिए.”मैं “कोई बात नहीं आंटी वैसे भी अगर यहाँ काम मिलेगा तो शहर को भी तो जानना पड़ेगा. Real Bhai Bahan Ki Chudai

Bhai bahan ki chudai hindi mein

वैसे स्वाति किधर है(मेरी कजिन बहन) वो अभी क्या कर रही है.”आंटी “क्या जाने कहा है सुबह सज धज के दोस्तों के साथ निकल जाती है फिर जब मन हुआ तो आती है.”इतने में टाइम देखा तो 1.20 हो गया और में झट से खाना खाया और इंटरव्यू के लिए निकलने लगा “तो ठीक है आंटी में जा कर आता हूँ. देर हो रही है.तभी आंटी ने एक कटोरी में दही चीनी लाकर दिया और कहा “लो बेटा ये थोड़ा चक लो शुभ काम के लिए जा रहे होना.”

में “आप तो बिलकुल मेरी माँ के ही तरह है” इतना कहते हुए में उनके पॉ चुवे और आशीर्वाद लिया और फिर चल पड़ा. कंपनी ढूंढ़ने में ज़ादा दिकत नहीं हुई वो मान्यता नाम के एक टेक्-पार्क में था जो कोई भी ऑटो वाला जनता था. सही वक़्त पर इंटरव्यू के लिए भी पहुंचा और इन्तेर्विए शाम क 5.30 तक चला क्यों की 3 राउंड थे.
मेरे तरफ से तो मेने अपना पूरा कॉन्फिडेंस के साथ इंटरव्यू दिया अब भगवान् जाने क्या होना था. इतने में एक बाँदा आया और बोला की कंपनी से आपको कॉल आने तक थोड़ा दिन वेट करे. फिर में वहा से निकल गया और बहार जाकर एक चाय पिया चैन से.

अब वक़्त हो चला तो घर को वापस जाने का कही अंकल आंटी को ऐसा न लगे की में आते ही घूमने फिरने निकला हूँ ये सोचकर में घर को डायरेक्ट निकला.तो शाम को इंटरव्यू के बाद में वापस अंकल के घर पहुंचा. काफी थक चुक्का था और टाइम भी शाम के 6 बज रहे थे. घंटी बजने पर आंटी ने दरवाज़ा खोला. आंटी ने पुछा – तो बेटा कैसा गया इंटरव्यू?”
मैं- उतना ख़ास नहीं आंटी काफी थक चुक्का हूँ. हालत ख़राब हो गयी इंटरव्यू में और उसके बाद बस का यात्रा.”आंटी – अरे बेटा कैब ले लेते. स्वाति को कह कर ओला बुक करवा लेते.”में – नहीं आंटी बार बार क्या उसे परेशान करू. वैसे वो है कहा?”आंटी “है अपने कमरे में बैठी होगी अपने कंप्यूटर के सामने आज कल की लड़किया न किचन में हाथ बताती है न कुछ बस दिन भर वाट्सअप फेसबुक और न जाने क्या क्या.

रुको बुलाती हूँ”में – अरे नहीं आंटी क्यों डिस्टर्ब करना. में जल्दी से नाहा कर थोड़ी पूजा प्रार्थना कर लेता हूँ.”आंटी “वाह क्या संस्कार है बेटा स्वाति को भी शहर नहीं लाना चाहिए था. अगर टाइम मिले तो उसे थोड़ी नसीयत दे देना.”
मैं- है है है! नहीं आंटी शहर की लड़किया समझदार होती है अच्छा ठीक में नाहा लेता हूँ.”इतना कह कर में नहाने को निकल गया अपने कमरे में. कुछ 15 मिनट के बाद में नहाकर निकला. मेरे गांव में रहने की आदत के कारन नहाकर डायरेक्ट दिया जलने की आदत थी. मैंने अपने साथ हनुमान जी की फोटो लायी थी जिसे में रोज़ पूजता था.

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उसे बेग से निकाला और दिया न होने के कारन अगरबत्ती बस जलने की सोची तो देखा की माचिस नहीं जलने को. मैंने आव न टो देखा और टॉवल में ही निकल गया कमरे से किचन को आंटी से माचिस मांगने.जैसे ही में किचन क पास पहुंचा वह एक खूबसूरत लड़की खड़ी थी. पर वो दूसरी तरफ देख रही थी जहा आंटी खड़ी थी. Real Bhai Bahan Ki Chudai

आंटी ने मुझे देखा और पूछा -क्या हुआ बेटा क्या चाहिए?”तभी वो लड़की पलटी. कितनी खूबसूरत की में कुछ बोल ही नहीं पा रहा था. और फिर उसने कहा -तो अमित भैया कैसे हो आप.”तब पता चला मुझे ये अपनी स्वाति है लेकिन अब कितनी बड़ी हो गयी थी मेरे हाथ अपने आप सीने को ढकने लग गए तो वो ज़ोर से है दी.
इतनी खूब सूरत हसी. वो एक टाइट जिम वियर में थी.आंटी ने फिर से पुछा – बोलो अमित क्या चाहिए?”में – वो आंटी माचिस चाहिए थी.”तभी स्वाति झट से चिढ़ाते हुए बोली अच्छा तो तुम सिगरेट भी पिने लग गए.”

Bhai bahan ki chudai ki kahani

में – नहीं नहीं वो अगरबत्ती जलानी थी.”आंटी – सीख इससे कुछ सीख तेरे कॉलेज क दोस्तों की तरह नहीं सिगरेट पिने वाले तू एक लड़की होकर भी एक दिया तक नहीं जालती. ये लो बेटा.”आंटी ने एक डब्बा माचिस मेरे तरफ बढ़ाया जैसे ही में वो लेने हाथ बढ़ाया मेरे हाथ को स्वाति ने अपने कमर से मारा. ये देख आंटी बोली -हैट बतमीज़ उसे छेड़ मत उससे सीखो हुआ तो.”इसपर स्वाति मुझे तिरछी आँखों से देखते हुए बोली “सीखना तो नहीं पर जाने से पहले इसे सीखा दूंगी बहुत कुछ.”
इतने में जैसे तैसे माचिस लिया तभी स्वाति ने मुझे रोका और कहा” क्या अमित इतने सालो बाद मिल रहे हो और तुम हो की भागे जा रहे हो.”में -शाम बहुत हो गयी न दिया जलाने का भी टाइम होता है. अच्छा तो में चलता हूँ.”इतने में उसने चिढ़ाते हुए कहा

ऐसे दिया जलाते रहे तो तेरी दिया का क्या होगा?”मुझे लगा वो किसी दिया नाम की लड़की के बारे में बोल रही है तो मैंने पुछा -कोन दिया?” काफी हैरानी के साथ.तो उसने हस्ते हुए कहा – है है है! दिया दिया कोई और नहीं तुम्हारी दिया है है है! “आंटी -नालायक बंद कर अपनी बत्तमीज़ी.”स्वाति – क्या माँ बस मैंने ऐसा क्या कह दिया.”आंटी – तेरी गन्दी ज़बान बच्चा ही हो उसे या किसी को भी समझ आये योर टीना के साथ रह कर तू बस……. में कुछ ज़ादा बोलूंगी नहीं.
अमित तू जा”में -टीना ये टीना कोन है?”स्वाति – यार मेरी फ्रेंड है वो माँ को लगता है वो ठीक नहीं पर बड़े तो बड़े ही रहेंगे ना हमें कहा समझेंगे.”आंटी – हाँ हाँ समझ लिया बहुत तुम लोगो के बारे में बोलना शुरू करू तो गले से पानी न जाये.”
स्वाति – पानी न जाये तो पाइप लगा लेना है है है!.”आंटी – अमित तू जा इससे दूर रह न जगह का न लोगो का लिहाज़”में – मुझे तो कुछ भी नहीं समझ में आ रहा आंटी. आप क्या बोल रहे हो और ये क्या बोल रही थे

वे स्वाति तुम मुझे नाम से और यार सब क्या बोल रही हो में तुमसे 6 साल बड़ा हूँ.”सवति – ओके भैया बनना है तो भैया बनो या फिर नाम से बुलाऊंगी यहाँ तो भैया नार्थ से आये हुए लबोरस को बोलते है है है है!
आप बनोगे भैया या – सोचलो.”में – क्या लबोरस? नहीं नहीं मेटो एमएससी पास हूँ जॉब करूँगा लेबर नहीं तुम नाम ही बुला लो.” इतना कहते ही स्वाति ने अपनी टीशर्ट उतर दी मेरे ही सामने और में बस देखता रहा. Real Bhai Bahan Ki Chudai

अब वो सिर्फ अपने स्पोर्ट ब्रा में थी और आंटी तो बस सबसे मुँह ही फेर लिया ही जैसे मनो इस लड़की को न शर्म है न कुछ में उसे देख देख के मैं ही मन लार टपका रहा था तो वही एक और बात थी की में वो बहत नहीं दिखा सकता था लेकिन शायद स्वाति पता चल गया था की मेरे मन में उसे देख के कुछ कुछ हो रहा था जिस कारन से वो ऐसे अंगड़ाईयाँ ले रही थी

मनो बस मुझे दिखने के लिए थी और नाकि सच की अंगड़ाइयां. पर शायद उसे पता था की किसी न किसी तरह से वो मुझे लुभा रही थी और यही चीज़ उकसा रही थी. उसने पुछा – तो अमित तुम सचमे क्या करने आये हो यहाँ जॉब और क्या ?”स्वाति तुम्हे लगता है इतनी जल्दी मिल जाएगी यहाँ इस बड़े शहर में?”में -पता नहीं डिग्री है काम करना जनता हूँ और क्या चाहिए?”स्वाति – बस काम करना आने से यहाँ कुछ नहीं होता यू है वे तो एक्स्ट्रा टैलेंटेड.”में – एक्स्ट्रा? जो काम है उसे जायदा और क्या?”स्वाति – डॉन’टी वोर्री में तुम्हे सब के लिए रेडी कर दूंगी. “में – क्या सब बोलना में रेडी हूँ जैसे तो कैसे करके बस एक नौकरी मिल जाये बस फिर तो देखना में काम कर कर के यूं बढूंगा की बस.”तभी स्वाति एकदम से टोकते हुए बोली -बस काम से कॉर्पोरेट जॉब में कुछ नहीं होता हुनर होना चाहिए.”आंटी – बेटा तू अब इसकी बातो में न पड़ तुझे पता है तुम क्या हो और क्या कर सकते हो.”स्वाति अचानक से छिकते हुये – ओहो माँ आप ज़रा चुप रहोगे.

Meri chhoti bahan ki chudai

आप और आप का पुअरना नजरिया कब तक यु लेके घूमोगे? अब बस भी करो. “स्वाति “सुनो अमित इस सोसाइटी में बहुत से लोग रहते है जो तुम्हे हेल्प कर सकते है और उनसे में तुम्हे मिलाऊँगी ओके. जस्ट बे रेडी फॉर व्हाटएवर आईटी टैक्स.
“में – अगर में पढ़ा लिखा हूँ तो मुझे क्या डर ?”स्वाति – यार समझा करो बस पढे लिखे होने से जॉब मिलता तो आज के इंटरव्यू में क्या हुआ बोलो?”में – वो मुझे कॉल क्रेगे.”स्वाति – तो तुम्हारे हिसाब से अब में क्या करू?”स्वाति – राइट नाउ तुम जाकर दिया जलाओ है है है! शायद कुछ हो जाये हीहीहीह वैसे तुम टॉवल में अच्छे लगते हो आधा नंगा है है है!“

में अब और इस तरह सिर्फ एक टॉवल में नहीं रह सकता था उसके सामने झट से माचिस लिया और अपने कमरे में चला गया.हनुमान चालीसा पढ़ते पढ़ते में अगरबत्ती तो जला और शर्मिंदगी भी लग रही थी की में कैसे टॉवल में खड़ा रहा. पूजा पाठ के बाद में वापस निकला रूम से बहार आंटी किचन में ही थी तो सोचा किसी क घर खाली न बैठ और थोड़ा हाथ बटाऊ ये सोच में किचन को गया और बोलै -आंटी कुछ मदत चाहिए क्या?”आंटी -अरे नहीं बेटा रहने दो तुम जाकर टीवी कुछ देखो.
”में – अरे नहीं आंटी घर में जब बी वक़्त मिलता है में और माँ साथ में खाना बनाते है.”आंटी – सचमे ललिता बहन कितनी भाग्यशाली है जिसे तुझ जैसा बेटा मिला. और एक में हूँ जिसे देखो दुनिया की सबसे बेकार बेटी मिली.”में – अरे आंटी ऐसा क्यों बोलना वो क्यों बेकार हुई. पढाई कर रही है ना फिर वो ही तो आप लोगो को देखेगी बुढ़ापे में.”आंटी – अरे बेटा वो सब तो है लेकिन तुम्ही बोलो जब तुम शादी करोगे तो कैसी लड़की ढूंढोगे. Real Bhai Bahan Ki Chudai

इसे तो बस एक चाय और कॉफ़ी बनानी आती है. एकलौती है बोलकर तेरे अंकल ने इसे बचपन से सर पर चढ़ा रखा है. घर का कोई काम नहीं करती यहाँ तक की उसके मैले कपडे भी मुझे उठाकर वाशिंग मशीन में डालने पड़ते है. तुम थोड़े तो बड़े होना अपनी बहन समझ कर थोड़ा नसीयत दो.”मेरे पास तो कुछ नहीं था बोलने को में बस चुप चाप खड़ी रही.
आंटी -बेटा तेरे अंकल आएंगे अभी जल्दी से में रोटी बना देता हु फिर थोड़ी चावल बनानी है.”में – करी में क्या बनाया आंटी?”आंटी – उतना खास तो कुछ नहीं बस दाल बनायीं है और थोड़ा आलू भुजा हुआ.”में – आलू बनादि क्या?”
आंटी -नहीं बेटा क्यों?”में थोड़ी प्याज़ मिर्ची उठाते हुए बोला -तो फिर चलो आप रोटी की तयारी करो में आज आलू की करी बनाऊंगा रोटी क साथ खाने को”आंटी -हाहाहा तुम तो मानोगे नहीं अच्छा चलो बनाओ देखते है ललिता ने क्या बनाना सिखाया.”उसके बाद किचन की एक तरफ आंटी और एक तरफ में दोनों लगे खाना बनाने ने कुछ 1 घंटे बाद सब ख़त्म रोटी करी दाल चावल सब बनके तैयार की तभी घंटी बजी और टाइम कुछ 8 बज रहे थे.

Sagi bahan ki chudai ki story

मैंने जाकर दरवाज़ा खोला तो अंकल थे.अंकल -तो अमित कैसा रहा इंटरव्यू?”में -बढ़िया था अंकल बस पता नहीं वो काल करेंगे या नहीं.”अंकल -ऐसा क्यों क्या बोला उन्होंने?”में -सब बढ़िया रहा अंकल बस मेरी थोड़ी इंग्लिश ख़राब है ना सो पता नहीं उन्होंने बोला की वो काल कर के बताएँगे.”अंकल-अरे तब तो भूल ही जाओ चलो में फ्रेश होकर आता हु बाद में बात करते है.”
इतना कहते हुए अंकल अपने कमरे को चले गए. फिर में बैठ कर थोड़ी देर टीवी देखा और सब अपने काम में लगे थे अपने अपने जगह. आधे घंटे बाद 9 बज रही जब आंटी ने कहा की खाना लगा रही है सो सब खाने क लिए आ जाये. में किचन को चला गया उठ कर आंटी की मदत करने फिर थोड़ी देर बाद अंकल आकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गए और अपने फ़ोन में कुछ करने लगे.

उसके बाद में और आंटी ने साथ मिलकर टेबल पर खाना सब लेकर रखा इतने में अंकल ने पुछा -आज क्या स्पेशल है खुशबू तो अच्छी आ रही है.”आंटी -अरे आज तो आपको अपनी बहन की याद आ जाएगी आज अमित के हाथो का बनाया आलू की सब्ज़ी है.”अंकल-अरे वाह बेटा तुम कुक भी कर लेते हो?”

अमित -हाँ थोड़ी बहुत आप खा कर बतऔ पहले. फिर वाह बोलिएगा.”इतने में स्वाति के रूम का दरवाज़ा खुला और वो निकल कर आयी अपने फ़ोन पे टेक्स्ट करते हुए मुस्कुराती हुई.”आंटी -जब देखो यही फ़ोन फ़ोन पता नहीं इतना क्या है उसमे.
आकर खाना खा देख अमित ने सब्ज़ी बनायीं है.”स्वाति -ओहो माँ क्या है तेरा प्रॉब्लम?”स्वाति अब एक टाइट टी शर्ट और पाजामे में थी उसकी खूबसूरती निहारे बिना कोई रह नहीं सकता था एक तो उसके बूब्स इतने अच्छे शेप के उस पर हमेशा टाइट कपडे सच कहो तो रिश्ते में बहन लगती है पर हनुमान भक्त मेरे नियत की नीव में दरार आ रही थी. ऐसे तो बस मैंने टीवी में देखा तो किसी लड़की को गाँव में तो ऐसा कभी सच मे देखा नहीं. Real Bhai Bahan Ki Chudai

वो अब भी अपने सेल फ़ोन में खिटपिट कर रही थी. जब सबके प्लेट परोस लिए तब उसने अपनी फ़ोन टेबल पर रखी और बोली “ओहो तो आज माइ शेफ अमित का वाली करी है ज़रा देखे इसमें मसाला कितना है.”आंटी -तू उसकी टांग मत खींचना शुरू कर अब और हुआ तो थोड़ा बहुत सीक्लए खाना बनाना उसे.”स्वाति -ओके मैं सीखूंगी बस खाना बनाना नहीं बहुत कुछ.”में -और क्या सीखना है तुम्हे मुझसे.”स्वाति -है है है!
देखते जाओ मेरे प्यारे भैया अमित खुद ही जान जाओगे.”हम सब फिर खाना खाने बैठे. हम एक 4 सीटर डाइनिंग टेबल पे बैठे थे जहा अंकल आंटी एक साइड पे थे और हम दोनों दूसरी साइड पर. हम सब ने खाना शुरू किया इतने में अंकल ने कहा -मममम वाह अमित सच कहा तेरी मामी ने की में ललिता को याद कर जाऊंगा एकदम उसके बने खाने का स्वाद.”
स्वाति -हम्म वैसे मान न पड़ेगा माइ शेफ आलू करी मस्त बनी है. और मसाला भी बढ़िया है. गरमा गरम गरम मसला.”आंटी -तू तो बस चुप ही रह. आती है

तो एक दूध उबालना और खुद के लिए मलाई निकलना मुँह पे लगाने के लिए.”में ये सुन मुस्कुरा पड़ा तभी स्वाति ने कहा -अरे डॉन’टी वोर्री में इन्हे भी मलाई मारना सीखा दूंगी मतलब मलाई निकलना है है है! “पता नहीं वॉक इस दुनिया की क्या बात कर रही थी मुझे तो उसकी कोई बात नहीं समझ आ रही थी
इतने में उसके फ़ोन पे एक मैसेज आया. क्यों की उसने टेबल पर फ़ोन रखा था मुझे भी वो दिख गया जिसमे लिखा था -उम्र क्या है? और रेट बी बोलो.” ये जब में देख रहा था तो उसने छूटे काट दी मेरे जंगो पर मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से में थोड़ा उछला तो अंकल ने पूछ की क्या हुआ तो मेने बोला कुछ नहीं. Real Bhai Bahan Ki Chudai

आंटी की लड़की ने मुझे नंगा देखा फिर चुदाई कारवाई

फिर में स्वाति को देखा तो उसने घूरा गुस्से वाला और फिर अपना सेल उठाकर टेक्स्ट करने लगी बाये हाथ से.आंटी -देखो एक हाथ से खाना तो दूसरे हाथ से मोबाइल. पता नहीं किस करम जले ने ये मोबाइल बनाया.”में उनकी बात सुनके हस्स पड़ा जिस पर अंकल ने कहा -तुम ध्यान मत दो बेटा इन दोनो की खिटपिट तो हर रोज़ होता है
तुम ध्यान मत देना.”में -अरे नहीं अंकल मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं अच्छा लग रहा है जैसे घर घर सा हो. माँ बहन पापा सब”स्वाति -बहन? एक बाथ बोलता हूँ अमित ऍम नॉट योर रियल बहन एंड मुझे नहीं कभी बहन वहाँ बोलो तो फिर बात नहीं करुँगी.
कॉल में स्वाति ऑलवेज ओके.”आंटी -अरे नालायक भाई अगर बहन को बहन न बोले तो और क्या बोलेगी?”अंकल“ओफ्फो तुम दोनों ज़रा बस करो वो कुछ बोले तो तुम और तुम कुछ बोले तो वो.

उसने कहा न बहार नहीं बोले को बुलवाना चाहती है.”अचानक से अंकल के आवाज़ के बाद सनता हो गया
तभी एक और मैसेज आया उसके सेल पे -फोटो भेजो.”इस पर उसने मुझे टेबल क नीचे मेरे पेअर पे लाथ मारी और बोली -तुम ये बार बार मेरे सेल पे देखना बंद करो.”में -सॉरी ये ऐसे अचानक से जला तो नज़र चली गयी मैंने कुछ नहीं पड़ा सच्ची.”फिर हम सबने खाना खाया और फिर डिनर ख़तम हुआ.
अंकल और स्वाति अपना अपना प्लेट वही रख कर चले गए पर मुझे अपना प्लेट खुद धोने की आदत थी तो मैंने अपना और स्वाति का प्लेट उठा लिया और किचन को गया और धोने लगा.इतने में आंटी आयी और देखा कर फिर खड़ी होकर थोड़ी देर देखि मुझे की किस तरह में अपना और उसके बाद वह रखी बर्तन धोने लगा.

मैंने पुछा -क्या हुआ आंटी ऐसे क्या देख रही हो आप?”आंटी -बस यही की काश कोई संस्कारी लड़का तुम जैसा मिल जाये इस नालायक को बांध के देने को.”में -अरे आंटी हमारी स्वाति कोई गैर नहीं जिसे किसी तम्बू पे बांध दो वो इस नए दुनिया में जीने वाली होशियार लड़की है उसके मार्क्स मुझे पता है.
मेरी माँ ने मिठाई बाटी थी गांव में जब वो अपने कॉलेज में डिग्री टॉप किट ही.”आंटी -क्या डिग्री शादी उसकी डिग्री देख के थोड़ी न होगी.
तुझे पता नहीं उसके बारे में एक नंबर की बेकार नालायक अगर तेरे मां न होते तो में उसे खींच के मार मार के सही कर देती.”में अरे आंटी आपने तारे ज़मीन पे देखि है?
आंटी -नहीं बेटा इस शहर में तारे दीखते ही नहीं सारा आसमान बस चमकता रहता है लाइट से इतने बिल्डिंग जो है.”में -है है है!
अरे आंटी में आमिर खान की मूवी का बात कर रहा हूँ उसमे उसने कहा था की एक पेड़ को काटो मत उसे बस रोज़ पत्थर मारो और कोसते रहो तो वो खुद ही टूट के गिर जाता है.”आंटी -तो यहाँ मैंने किस पेड़ को कोसा?”में -इस तरह बार बार उसे बेकार बोलोगे आप तो वो खुद ही बेकार हो जाएगी प्यार दो तो हर पत्थर के ऊपर भी नवरंग दिख जाता है तो अपनी स्वाति क्या है?” Real Bhai Bahan Ki Chudai

हम जब बात कर रहे थे ये सब तो मुझे पता नहीं था की स्वाति थोड़ी ही दूर पानी पी रही थी और हमारी बाते सुन रही थी. जब मैंने ऐसे ही अपना सर घुमाया तो देखा वो वही खड़ी हमारी बाते सुन रही थी.
जब मैंने उसे देखा तो उसने एक मुस्कराहट दी और वह चली गयी. उसके मुस्कराहट से साफ़ दिख रहा था मनो जैसे कोई है जो उसे भी समझ सके.इतने में कुछ 15 मिनट में सारा काम ख़त्म हुआ और सब अपने अपने कमरे को चले गए. मैंने अपने घर माँ को कॉल किया और सब शुभ मंगल समाचार दे दिया.

सगी बहन ने मुझसे चुदाई कारवाई और मुह मे लिया

फिर ऐसे ही फ़ोन पे थोड़ी वाट्सअप उसे किया और दोस्तों से मैसेज किया जॉब ऑफरिंग और सब इतने में 11.30 बज गए थे और मैंने बोतल में पानी भरना भूल गया क्यों की मुझे रात को नींद के बीच प्यास लगती है सो में पानी भरने को चला गया किचन को. सारी लाइट बंद थी बाहर हर जगह नाईट लैंप थी तो चलने फिरने की रौशनी थी. मैं किचन को पहुंचा और लाइट ऑन किया और बोतल में पानी भरने लगा -से. इतने में स्वाति के रूम का गेट धीरे से बिना आवाज़ के खुला और देखा तो वो बहार आयी और हॉल का लाइट जिसका स्विच उसके रूम के बगल में ही है उसने ऑन किया. जैसे ही लाइट जली उसने मुझे देखा और मैंने उसे और जैसे ही मैंने उसे देखा में बस देखता रह गया.

वो उसी टी शर्ट में तो थी पर अब वो उस पाजामे में नहीं थी जो उसे पूरा धक् रही थी. अब वोट क छोटे से शार्ट में थी और में आज पहली बार किसी लड़की की जांघ को सच्ची नज़र से देख रहा था.
हनुमान भक्त मेरी नीव में दरार नहीं पूरा का पूरा नीव ही टूट गया. टाइट टी शर्ट और भी उस छोटे शार्ट में पूरा टांग दिखते हुए वो नज़ारा मुझे असल दुनिया से बहार ले गया और ये उसे भी पता चल गया जब मेरी बोतल में पानी भर गया और फिर भी में उसे भरता रहा ये देखते हुए जब उसने टोकते हुए कहा मुझसे -ओए कर क्या रहे हो? पानी क्यों वेस्ट कर रहे हो?”
तब जाकर होश आया की बोतल में पानी भर गयी है लेकिन मुझे ध्यान नहीं. में झट से उठा और बोला -तुम सोई नहीं अब तक?”स्वाति -सोना है अभी छुट्टी चल रही है ना तो थोड़ा लेट सोती हूँ और तुम? तुम नहीं सोये अब तक?”में -हाँ सोया पर प्यास लगी तो पानी लेने आया.”स्वाति -पर तुम्हारी आँखों को देख तो ऐसा लग नहीं रहा किट तुम सोकर उठे हो?”में -नहीं सोया मतलब लेटा था पर नींद नहीं आ रही थी”स्वाति -अगर ऐसा था

तो मेरे रूम आ जाते न मुझे इतनी जल्दी नींद नहीं आती लेट सोती हूँ. हम बाते करते.”में -नहीं नहीं आंटी अंकल क्या सोचेंगे न न.”स्वाति -है है है! क्यों तुम्हारे हिसाब से क्या सोचते बोलो आफ्टर आल उनके हिसाब से हम तो भाई बहन है ना तो क्या?”उसके सवालो में सवाल कम और उकसाना जायदा लग रहा था.

मैंने उसे गूडनिघत बोला और अपने कमरे को निकल गया. सच बोलू तो अगर वो बहन न होती तो माँ कसम उसकी जंघे देखने क बाद सच बोलू तो उसे चोद ही डालता. अब मेरे मैं में भी उसको लेकर अश्लील ख्याल आने लग रहे थे
लेकिन बस बहन के नाम पर खुद को सयम दे रहा था. इतने में मेरे मोबाइल में एक मैसेज आया -मुझे भी नींद नहीं आ रही थोड़ी बाते कर ले क्या?”अननोन नंबर से था पर जब चेक किया तो ये वही नंबर था जो अंकल ने दी थी सुबह स्वाति की.
मैंने जवाब में लिखा -रात बहुत हो गयी है अंकल आंटी को शायद अच्छा न लगे.”इस पर 1 मिंट बाद जवाब आया -वो तो सो गए क्या तुमने उनकी खर्राटे नहीं सुनी?”मेरा रिप्लाई -सुना पर फिर भी इस टाइम तू लेट न.”वहा से रिप्लाई -तू लेट तो सो जावा मुझे सोचना बंद करो.”में तो जैसे दंग ही रंग गया की उसका क्या मतलब था की “मुझे सोचना बंद करो”.

मैंने रिप्लाई में लिखा -क्या क्या मतलब में समझा नहीं.”उसका रिप्लाई” समझ तो तुम गए हो बस नासमझ बन रहे हो”में “घुमाओ फिराओ मत. बोलो भी.”स्वाति “घूमने की क्या बात रही अब सारी बात तो सामने है तुम मुझे सोच रहे थे अभिन है ना.”में “ऐसा

मेरी आंटी ने अपनी बेटी से मेरी चुदाई कारवाई

क्यों लग रहा है तुम्हे?”स्वाति “जिस तरह से शाम से तुम मुझे घूर रहे हो सब पता चल रहा है.”में “क्या मतलब किस तरह से?”स्वाति “सारी बात में ही उधर बोलू या तुम खुदसे भी कुछ बोलना का हिम्मत रखोगे?”में “क्या बोल रही हो?(वैसे तो पता था की वो क्या कह रही है पर में अपने तरफ से पहल नहीं करना चाहता था)
मुझे थोड़ा हिंट तो दो.”स्वाति “हिंट हम्म्म मुझे जिम वियर में ऐसे क्यों ताड़ रहे थे?”मुझे तो शोक लग गया की इसे कैसे पता लगा की में उसे उस वक़्त पूरा ऊपर से नीचे चुप चुप नज़र से देख रहा था और रिप्लाई किया “क्या? में कब ताड़ रहा था कुछ भी बस.

”स्वाति “अच्छा तो कोन बार बार मुझे चुप चुप नज़र में देखे जा रहा था और वैसे देखा भी तो मान लो ना
मैं कोन सी माँ को शिकायत करुँगी की अमित भैया एक ठरकी है है है है! “में “ठरकी?? व्हाट दो यू मैं? अच्छा चलो अब वाट्सअप में आओ मेरे है.”इतना कह कर मैंने वाट्सअप खोला और उसके वाट्सअप नंबर पर एक ही भेजा क्यों की ये मेरा पहला मैसेज था उसको वाट्सअप पे. और इतनी बात होने के बाद में उसे और बात करने की इच्छा करने लगा.
एक 2 मिंट लगा और टिंग.स्वाति का वाट्सअप मैसेज आया “हेलो सेक्सी…”में तो सेक्सी शब्द उसके तरफ से सुनकर एक रोमांच में पड़ गया और रिप्लाई किया “सेक्सी? कोन?”स्वाति “तुम और कोन एटलीस्ट में खुल कर बोलती तो हूँ.”में “तुम्हे में सेक्सी क्यों लगा?”स्वाति “अब आधा नंगा जवान तो सेक्सी ही लगेगा न है है है!

टॉवल में थे ना तब. और पीछे से मेरे रूम की लाइट में सब दिख रहा था अंदर.”में तो बस शर्म से नाहा गया जब उसने ये बोला मेरा टॉवल थोड़ा गीला होने पर ट्रांसपेरेंट हो जाता है और शायद वो उसी की बात कर रही थी. रिप्लाई में बोला “तो तुमने क्या देखा और बेशरम नज़र हटनी चाहिए थी ना.”स्वाति “इतना अच्छा नज़ारा दोगे तो और क्या करुँगी. परछाई जैसे दिख रही थी सब कुछ है है है! “में “डॉन’टी लिए.

सब झूठ है वरना आंटी ने कुछ बोली क्यों नहीं?”स्वाति “अरे उनके लिए तो तुम मेरे भैया होना है है है! वो क्यों कुछ गलत समझे? और तो और तुम तो संस्कारी भी हो इतना”में “ऐसा कुछ नहीं है. सब बना बना के बोलो मत.”स्वाति “में बना रही हूँ तो ओके एक बात बोलू तुम सिर्फ टॉवल में थे न क्यों की तेरा वो लटक रहा था अंदर है है है!
“में अब बस शर्म नाम की बाद में डूब ही गया सच मे क्या मेरा लंड दिख रहा था टॉवल में क्यों की मैंने सचमे अंदर कुछ नहीं पहना था. मुझे जायदा शर्म ये सोचके आने लगा की आंटी ने भी शायद देखा होगा तो मैंने रिप्लाई किया “अरे यू टेलिंग थे ट्रुथ? सच बोलो यार.” Real Bhai Bahan Ki Chudai

स्वाति “हाँ मेरे भैया अमित में सच बोल रही हूँ सब कुछ दिख रहा था है है है! “मैंने थोड़ा देर मैसेज नहीं किया तो वहा से रिप्लाई आया “हेलो कहा गए?”में “कुछ नहीं थोड़ा इशारा तो कर देती में थोड़ा संभल कर खड़ा रहता न.”स्वाति “अगर इशारा कर देती तो इतना अच्छा नज़ारा फिर दिखना बंद हो जाता न.”ये सुन तो मेरे अंदर बस एक करंट सा आ गया की क्या सच मे शी वास् एंजोयिंग सीइंग माय थिंग और फिर मेरे अंदर का मर्द रिप्लाई करने लगा “अच तो तुम्हे देख के मज़ा आ रहा था क्या?”स्वाति “जैसे तुम्हे मुझे देख के मज़ा आया वैसे मुझे भी आएगा न.”

में “मुझे कब मज़ा आया तुम्हे देख के?”स्वाति “जब तुम मुझे मेरे टाइट वियर में देख रहे थे पीछे से.”मैंने सोचा हाँ जब वो ऐसे अपनी पीठ मेरे तरफ कर के खड़ी थी

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तब में उसकी गांड को घूर रहा था. तब उस पल में सच मे उसे थोड़ी बुरी नज़र से देख रहा था शायद क्यों की मन में बहन का रिलेशन भी था साथ में उसकी हसीं जवानी भी. मैंने “तुम्हे कैसे पता चला की में तुम्हे ही देख रहा था?”स्वाति “क्यों की उसके बाद जब मैंने दुबारा पलट कर तुम्हे देखा तो तेरा वो थोड़ा पहले से ज़ादा दिख रहा था है है है! “अब ये सुनकर मेरा लंड धीरे धीरे हरकत पे आ रहा था और मेरा एक हाथ फ़ोन पकड़ा था तो दूसरा न जाने खुद से लंड को शार्ट के ऊपर से सहलाने लगा.
मन में इच्छा बनने लगी की स्वाति शायद सेक्स चाट के डायरेक्शन को जा रही है तो मैंने भी हिमत की और कह दिया “हाँ अब तुमने कहा अगर तुम नज़ारा दे रही थी तो भला देखु कैसे नहीं.”स्वाति “अच्छा अब जाकर बोला है है है! तो कैसे लगी आपको अपनी बहन.”में “बहन मत बोलो यार थोड़ा अजीब लगता है.”स्वाति “क्यों बहन ही हूँ न आपकी आप मेरे बुआ के बेटे हो तो में बहन ही हुई न.”में पर हम दोनों की नज़रे भाई बहन की नज़रो से नहीं देख रहे थे ने” ये मैंने भी आग लगन के लिए बोल दिया.
स्वाति “अच्छा तो बहार से शरीफ संस्कारी लड़का और अंदर से बहनचोद मर्द. है है है! “इस बार उसके टेक्स्ट में बहनचोद शब्द देख कर मेरा लंड खड़ा ही हो गया और मैंने भी ताव न आव देखा और लिख दिया “अब तुम्हारी तरह सेक्सी बहन हुई अगर तो भला कोनसा भाई बहनचोद न बने.” अगर उसने गाली न बोली होती तो मैंने भी न किया होता ये.

स्वाति “तो कमीने अब खुल कर बोलो क्या देख रहे थे मुझमे इतना?”में “कब? जब तुम सामने थे या जब में पीछे?”स्वाति “दोनों बता दो.”में “जब में पीछे खड़ा था तो तुम्हारा चुचि और बॉडी देख रहा था.”स्वाति “अच्छा चुचि बॉडी बस पीछे से दिखा? सामने से नहीं?”में “अगर बोलू तो बुरा तो नहीं मनोगिना?”स्वाति “बोलना अगर बुरा लगता तो जब तुम ताड़ रहे थे मेरी गांड को पीछे से तभी लग जाता.”उसके टेक्स्ट में गांड शब्द देख कर मेरा हाथ अब मेरे लंड को शार्ट के ऊपर से हिलने लगा और रिप्लाई और एक हाथ से रिप्लाई किया “हाँ चलो मान लिया तेरा गांड ही देख रहा था. Real Bhai Bahan Ki Chudai

और मस्त है एकदम सेक्सी.”स्वाति “अच्छा ऐसा क्यों इतना भी क्या सेक्सी लगा?”में “तू मुझे बोल रही है की मेरा दिखा रहा था वैसे तेरे टाइट वियर में पता चल रहा था की तूने भी अंदर कुछ नहीं पहना है ओके बस मेरा मज़ाक मत उड़ा.”स्वाति -है है है! क्ष रे विज़न?? हाँ नहीं पहनी थी और एक बाथ बोलू में अंदर के कपडे कम ही पहनती हूँ.”
मेरा तो हाथ अब ज़ोर ज़ोर से चलने लगा मेरे लंड पे और इतने में मैंने अपना शार्ट थोड़ा नीचे किया लंड को बहार निकाला और उसका चमड़ा ऊपर नीचे करने लगा. मैंने रिप्लाई किया -तेरे टाइट जिम वियर में विज़न नहीं चाइये जानने को की अंदर कुछ पहना है या नहीं.

बिलकुल पीछे से नंगी लग रही थी.”स्वाति -और सामने से?”में “सामने से ज़ादा नहीं देखा तुम जो नज़रो से नज़रे मिला कर बात कर रही थी लेकिन साइड से देखा तो लगा तेरे चुचि भी अच्छे खासे है.”स्वाति “चुचि? ये क्या होता है ?”में “अरे मोमे बोले तो ब्रैस्ट.”स्वाति -है है है!

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बूब्स?”में “हाँ बूब्स.”स्वाति “और बोलो और क्या अच्छा लगा.”में “सब कुछ जब तुम पायजामे में थी तब भी”स्वाति “हाँ पायजामे से याद आया अभी जब शॉर्ट्स में देखे तब कैसी लगी?”में “उफ्फ्फ सच बोलू तो पहली बार मैंने किसी लड़की की जांघ देखि यार.”स्वाति -है है है! क्यों ऐसा क्यों?”में “मेरे शहर में तो ऐसे कोई कपडे नहीं पहनते बस टीवी में देखा है वरना रियल में तो आज पहली बार देखा है.”स्वाति “ओह गॉड रियली? तभी तो सोचु तुम ऐसे तम्बू के जैसे क्यों खड़े थे मुझे शॉर्ट्स में देख कर है है है!

“में “हाँ और नहीं तो क्या अचानक से तुमने मुझे शोक ही दे डाला.”स्वाति -है है है! ऐसे अहइ तो जब भी मौका मिले तो में तेरा दिमाग ख़राब कर दूंगी ऐसे ड्रेस पहन कर है है है! “में “प्लीज यार ऐसा ज़ादा मत करना वरना मेरा आप पार हो जायेगा.”स्वाति “अच्छा आप पार होगा तो क्या कर दोगे? और वेज़ दिस हाथ से टस्ट करना मुश्किल नहीं होता? है है है! “ये सुन में हैरान हो गया और सोचने लगा की इसे कैसे पता की में एक हाथ से मुठ मार रहा हूँ Real Bhai Bahan Ki Chudai

और दूसरे से टेक्स्ट. रिप्लाई में मैंने पुछा “क्या क्या मतलब एक हाथ से?”स्वाति “लेट रिप्लाई एंड स्पेलिंग मिस्टेक सब पता चल जाता है बाबू तुम पहले नहीं जिसको टेक्स्ट कर रही हूँ.”में “लेट शायद नेट है और स्पेलिंग क्यों की मुझे नींद आ रही है.(ेसा था नहीं पर मैंने झूट बोल दिया).”स्वाति “क्या में बोर कर रही हूँ जो तुम्हे नींद आ रही है मुझसे बात करते हुए?”में “अरे नहीं कल रात का सफर भी तो थोड़ा थका हुआ था.

”स्वाति “बड़े जल्दी थकने वालो में से हो शायद.”में “नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं ओके वरना हर मामले में में जल्दी थकने वालो में से नहीं.”स्वाति “जैसे की किस मामलो में?”पता नहीं क्यों मुझे वो नॉटी बाते करने के लिए उकसाये जा रही थी मैंने रिप्लाई किया “है कुछ मामले जिसमे में बहुत देर से थकता हूँ .”स्वाति “ओके नहीं बताना तो मत बताओ वैसे क्या कर रहे हो?”
में “तुमसे चैटिंग कर रहा हूँ.”स्वाति “और?”में “और लेटा हुआ हूँ.”स्वाति “और?”में “और क्या? लेटकर तुम्हे मैसेज कर रहा हूँ.”स्वाति “और सच मे कुछ नहीं कर रहे?”में “तुम्हे क्या लगता है में क्या कर रह हूँ? तुम क्या कर रही हो?”स्वाति “अगर तुम कुछ नहीं कर रहे तो में भी कुछ नहीं कर रही. काफी गर्मी भी लग रही है “हाँ गर्मी मुझे भी लग रही है. पर तुम तो ऐसे कपड़ो में हो जिसमे गर्मी नहीं लगनी चाहिए.”स्वाति “ येह गयम वियर का तो पूछ लिया वैसे जब शॉर्ट्स में देखे तो कैसा लगा?”

में “अछि लग रही थी.”स्वाति “बस अछि??”मैंने अब सोच लिया जब आगे से वो सुन्ना ही चाहती है तो में लिहाज़ क्यों करू कुछ और बोल दिया “सेक्सी लग रही थी.”स्वाति “सेक्सी? लास्ट कुछ तो बोला. और बोलो.”में “और क्या बोलू? सेक्सी थी तुम्हारी नंगी टाँगे और खुली हुई बाहे.”स्वाति “और?”में “उफ़ तुम और तेरा और और क्या बोलू में?” इसका हर बार और और पूछना मेरे हाथो को ज़ोर ज़ोर से चला देता अपने लंड पर.” Real Bhai Bahan Ki Chudai

स्वाति “सच बोलो क्या कर रहे हो मुझे याद कर के कही…?”मैंने अब अपना आप खो दिया और कह दिया “हाँ तुम्हे याद करके मज़े ले रहा हूँ.”स्वाति “वो कैसे? मज़ा कैसे ले रहे हो? कही तुम वो तो नहीं कर रहे?”में “क्या?”स्वाति “मस्टरबैशन है है है! “मुझे बस शायद इसी का इंतज़ार था इस एक शब्द का इसके मुँह से और मैंने बोला “हाँ पर तुम्हे कैसे पता चला?”स्वाति “मुझे पता चल गया जब तुम्हारे मैसेज लेट आ रहे थे तब.”में “क्यों तुमने कभी किया है मस्टरबैशन?”स्वाति “हाँ.”मुझे अब और भी ज़ादा मज़ा आने लगा क्यों की हमारी चैट की लेवल थोड़ी और बढ़ गयी थी “कितने बार?”

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स्वाति “जयस तुम गिनते हो कैलेंडर में है है है! रोज़ करती हूँ. अब बोलो सुनकर मज़ा आया?”में “हाँ बहुत रोज़ बोले तो आज भी किया क्या?”स्वाति “नहीं पर सोने से पहले करुँगी. और एक बात बोलू?”में “हाँ बोलो पूछो मत अब बस बोलते जाओ.”
स्वाति “में अभी सिर्फ अपने टॉप में हूँ.”में “सच्ची? और शॉर्ट्स?”स्वाति “वो तो कबका निकाल दिया जब मैंने गर्मी लगने की बात की.”अब में उसे आधा नंगा सोचकर ज़ोर ज़ोर से हिला रहा था फिर मैसेज किया “और पेंटी ?”स्वाति -है है है! वो तो में कभी पहनती नहीं तुम्हे तो पता ही हैना है है है!”में “तो अब क्यात तुम भी मुठ मरोगी?”स्वाति “हाँ पर बाद में चलो अब में चलती हूँ टाइम देखो क्या हुआ.”में “क्यों ऐसे अब मत जाओ यार.”स्वाति “चलो चलो भागो बस हम्म्म्म आज इतना सुनते ही मेरा हाथ और ज़ोर दर चलने लगा मेरे लंड पे उसके टेक्स्ट में लंड का शब्द तो बस मुझे पागल ही कर डाला.

फिर मैंने थोड़ा हिला कर रिप्लाई किया “तुझे कैसे लगा की में हिला रहा हूँ?”स्वाति “अगर में अपने एक हाथ से रिप्लाई कर रही हूँ तो तब ही वही कर रहा होगा न.”ये सुन में समझ गया की उसका भी एक हाथ किसी और काम में लगा हुआ है और मैंने टेक्स्ट पूछा “अगर मतलब तुम क्या कर रही हो?”स्वाति “वही जो तुम कर रहे हो अगर तुम बोलो तो में भी बोलूंगी.”में “हाँ ओके में मुठ मार रहा हूँ
अब तुम बोलो.”स्वाति “तो में भी अपनी चूत रगड़ कर मुठ मार रही हूँ.”उसकी बस इतनी सी छोटी बात सुनकर मेरा तो झड़ने वाला था. पूरा लंड उसके पानी से सनसना गया था और में मज़े में था इतने में मुझे याद आय वो मैसेज उसके मोबाइल पे की उम्र क्या है और रेट बताओ तो लगने लगा की ये ज़रूर रंडी का काम भी करती हैvidhwa bahan ki chudai ki story

तो मैंने बोल डाला “अच्छा तो वो मैसेज क्या है जो हम डिनर करते समय आया तुम्हे?”स्वाति “कोनसा मैसेज?”में “अरे वही जिससे जब मेने देखा तो तुमने मुझे चुटी काट दी.”स्वाति “पता नहीं कोनसे मैसेज की बात कर रहे हो बहुत सारे मैसेज आते रहते है.”में “अरे वही जिसमे उम्र और रेट पूछ रहा था कोई तुमसे.”स्वाति -है है है! Real Bhai Bahan Ki Chudai

वो अरे वो तो बस ऐसे ही हम फ्रेंड्स मज़ाक मज़ाक में लिख दिए थे तुम्हे क्या लगा?”में “मुझे लगा की कोई तुम्हारी उम्र और रेट पूछ रहा है है है है! “स्वाति “अच्छा तो इतना आगे सोच लिए मेरे बारे में? बड़ी गन्दी सोच है तुम्हारी.”में “अच्छा अभी सब पता चल रहा है मुझे किसकी क्या सोच है और कितनी अछि सोच है.”स्वाति “ओके चलो मेरा हो गया अब में सोने जा रही हूँ और ये टेक्स्ट वाली बाथ सीक्रेट रहे तो और भी मज़े करेंगे.”में ख़ुशी से पागल हो गया भाड़ में गया जॉब एंड नौकरी अब तो बस मेरी चाहत स्वाति को एक दम छोड़ने की थी.

मुझसे रहा नहीं जार अहा था “इतनी जल्दी क्या सोना अंकल आंटी तो सो रहे है कहो तो में आ जाओ क्या?”स्वाति “किस लिए?”में “जो कर रहे थे उसमे एक दुसरे का हाथ बाटने के लिए.”स्वाति “तो सब्र रखो थोड़ा.
इतनी क्या जल्दी है? सब्र रखोगे तो आगे इससे भी बहुत ज़ादा मिलेगा.”में निराशा में पड़ गया लेकिन फिर अपने आप को ये दिलासा दिया की आगे और भी बहुत दिदं’टी है “ओके यार जो तुम्हारी मर्ज़ी में किसी को फोर्स नहीं करना चाहता.”स्वाति “ये हुई न मर्दो वाली बात चलो गूड नाइटे कल मिलते है.”में “ओके गुड़ नाईट स्वीट ड्रीम्स.

”स्वाति “सेक्सी ड्रीम्स बेब.”में “येह ड्रीम्स ऑफ़ फूकिंग यू.”इसके बाद उसके तरफ से कोई मैसेज नहीं आया में थोड़ा देर वेट किया फिर सोचा हाथ आयी मुर्गी को इतना जल्दी इर्रिटेट न करू और उसके मेसेजेस को स्टार्टिंग से फिर से पढ़कर 2 बार मुठ और मारा और सो गया Real Bhai Bahan Ki Chudai

एन्ड ऑफ़ पार्ट 2 उमीद करता हूँ आपको अच्छा लगा और आगे पड़ने की इच्छा हो तो मुझे मेल करे और अपनी रायभी दे .

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