By | January 23, 2023

Real Bhai Bahan Ki Chudai:-हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब मुझे थोड़ी बहुत उम्मीद है की आपको ये कहानी पसंद आ रही होगी, आज मैं आपके साथ इस कहानी का भाग 5 लेके आया हु.अगर आपने इस कहानी के पिछले भाग नहीं पढे हो तो यहा क्लिक करके पढ़ सकते है।
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स्वाति के साथ गुड मोर्निंग:
अमित:इतना कहते हुए उसने जिस तरह से अपने होंठ काटी की है भगवान् इससे जायदा कोई क्या सुनेगा चिपका डाला होंटो को दुबारा उसके नरम होंटो से. फिर से हमारे होंठ एक दूसरे के ऊपर लौटने लगे. जल्द ही दोनों की जीभ एक दूसरे को गले लगाने लगे.दोनों के हाथ एक दूसरे के जिस्म को कपड़ो के ऊपर से ही हर जगह सहलाने लगे. कुछ 2 या 3 मिनट हमने पागल प्रेमियों की तरह किश किया कभी वह मेरे चुतरो को हाथ से दाबाती तो कभी में उसके और जैसे ही में उसके बूब्स पर हाथ रखा स्वाति ने मेरी छाती पे धक्का देकर मुझे अपने से अलग किया.

 Bhai Bahan Ki Chudai

मैंने उसे दोनों हाथ फैलते हुए इशारा किया की क्या हुआ. तो वह धीरे से आगे बढ़ कर मेरे पास आयी और फिर से मुझे धक्का दिया. और फिर आगे बढ़कर एक और धक्का और इसके बाद एक और धक्का मारा ज़ोर से और इस धक्के में में पीछे की तरफ गिर पड़ा.ऐसा लगा में गिरा ज़ोर से फ्लोर पर लेकिंग पीछे बढ़ते हुए में अब उसके ठीक बेड के पास था और गिरा तो बेड पर गिरा. मैं अब चारो खाने चित पड़ा था बेड पर स्वाति धीरे धीरे मेरे तरफ बड़ी मनो कोई जंगली बिल्ली अपने शिकार को खाने जा रही हो.

उसके मुस्कान में वह घुराहट साफ़ झलक रही थी. इतने में वह भी बेड पर घुटने टेक कर चढ़ी और फिर अपना दूसरा घुटना मेरे कमर के दूसरे तरफ रख कर मेरे ऊपर आ गयी. मेरे सीने पर अपना हाथ टिका कर बोली – क्यों भैया आप तो बिलकुल वह निकले.मैं – वह क्या?स्वाति – बहनचोद. है है है!!मैं – तुम्हारी जैसी सेक्सी बहन हो तो क्या कर सकते है.स्वाति मेरे पर गिर पड़ी. और होठो से होंठ मिलाकर हम एक बार फिर किश करने लगे. Real Bhai Bahan Ki Chudai:

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उसके बाल ने पुरे चेहरे को ढक लिया. उसके होंठ जितने गरम थे उतने ही उसके बालो में ठंडक थी. मेरे हाथ किस करते हुए पहले उसके पीठ को टॉप के ऊपर से सहलाते हुए कमर तक पहुंचा.उसकी टॉप ऊपर चढ़ चुकी थी और में उसके नरम कमर पर हाथ फेर रहा था.

फेरते फेरते उंगलिया उसकी शार्ट की इलास्टिक को छुआ और फिर अंदर घुस गयी. अब मैं अपने दोनों हाथो से उसके चिकने नरम पॉ-रोटी सी चउथारो को सहला रहा था तो कभी दबा कर दोनों को अलग कर उसकी दरार को और खोल रहा था.ये पहली बार था जब में किसी लड़की को महसूस कर रहा था. अब भी हमारे होंठ चिपके हुए ही थे पर मेरे हाथ अपने काम में लगा हुआ था.

मैंने थोड़ा ज़ोर लगाया और उसको को अपने तरफ खींचा जिससे वह और थोड़ा आगे होकर अब मेरे पेट के ऊपर बैठी थी.और इससे मेरे हाथ उसके शार्ट के अंदर और गहराई तक चला गया. उसके चुतरो को थोड़ा फैलाया और राइट हैंड से उसकी दरार के अंदर हाथ बड़ा दिया और फिर मुझे वह ज़िंदगी का पहला एहसास भी मिल गया. मेरे उंगलियों ने उसकी गांड की छेद को हलके से छुआ और फिर धीरे धीरे दबाया.स्वाति ने किश को तोडा और सर उठा कर बोली – तुम गंदे बॉय.मैं – तुमने ही तो कहा की तुम्हे गन्दा करू नहलाने के लिए.

स्वाति – पर यहाँ तो तुम खुद ही गंदे हो रहे हो?इतना कहते हुए उसने एक हाथ को मेरे सर के बगल कोहनी टिकते हुए मेरे बालो को पकड़ी. और दूसरे हाथ से मेरे हाथो को अपने शार्ट से निकाल फेकर हाथ अपने पीछे ले गयी. फिर कुछ हलचल करने लगी नीचे पर मुझे दिख नहीं रहा था क्यों की वह मेरे ऊपर थी.इस कारन मैं अपना सर थोड़ा घूमा कर देखने की कोशिस की तो उसने अपना हाथ जो मेरे सर पर था उससे मेरे आँखों पर रख दिया Real Bhai Bahan Ki Chudai:

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जिससे मुझे कुछ नहीं दिकने लगा. महसूस हुआ की वह एक एक कर के अपने पैर को उठा रही थी. फिर थोड़ी सेकण्ड्स में उसने मेरे आँखों से हाथ हटाया.फिर जो हाथ पीछे था वह धीरे से सामने को लायी और देखा तो मेरी तो हालत और भी पागलपन वाली हो गयी. उसके हाथ में उसकी पहनी हुई शार्ट थी जो वह अब तक निकल रही थी.

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क्यों की मुझे पता था की उसने शार्ट के अंदर कुछ नहीं पहना था तो वह एहसास हुआ की अब वह नीचे नंगी है मुझे पागल कर रही थी.मैंने दुबारा थोड़ा सर हिलाकर नीचे देखने की कोशिश की तो झट से स्वाति ने अपना शार्ट फेका और मेरे चेहरे को अपने हाथ से मूडा कर उसके चेहरे से सीधा करते हुए मेरी आँखों में आंखे डालते हुए बोली – नो नो नो….. देखो मत. इतना जल्दी कुछ नहीं देखने मिलेगा.

बस महसूस करो.अब तक मेरा टी-शर्ट भी मेरे पेट के ऊपर आ गया था उसने थोड़ी सी कमर हिलायी तो एहसास हुआ की उसकी गरम नरम चूत मेरी नावी के नीचे रगड़ रही थी. उस गर्मी से पता चल रहा था की मेरे नावी के ऊपर उसकी गीली चूत है.इतनी गरम मनो मोम को भी पिगलादे और इतनी नरम और मुलायम मनो पत्थर भी पिघला दे.

मेरा लंड अब मेरे शार्ट के अंदर थान कर दर्द देने लगा हो पर मुझे कुछ होश नहीं था और मैंने पुछा – ऐसा क्यों की में देख नहीं सकता?स्वाति – इतनी जल्दी सब देख लोगे तो फिर बाकी क्या रहेगा?मैं – सच मे ऐसा मत सोचो में हर दिन तुम्हे पहली की तरह ही देखूंगा. सोचा थोड़ा फ़्लर्ट मारु तो कुछ देखने दु

स्वति – शट उप एंड से. इतना उसने बोला ही था की तभी आंटी की आवाज़ आयी.आंटी – अमित क्या हुआ? पेट ठीक नहीं क्या?
में बिना सोचे समझे जवाब देने वाला था. तभी स्वाति ने मेरे मुँह पर हाथ रखा और बोली – इडियट तुम मेरे रूम में हो.तब ख्याल आया की में कुछ अभी बोल नहीं सकता क्यों की में स्वाति के रूम में था. स्वाति झट से उठी और उठते ही पास ही रखी टॉवल को अपने कमर पे लपेट लिया. हलकी सी ही झलक थी उसके आधे नंगे बदन की लेकिन मिली तो सही.

तभी…आंटी – अमित तुम हो क्या रूम में या अब भी बाथरूम में हो?स्वाति टॉवल लपेटने के बाद दौड़ते हुए बालकनी का स्लाइडिंग डोर ओपन की और बहार बालकनी को गयी. मैंने देखा तो वह इधर उधर बहार देखने लगी और फिर अंदर झांक कर उसने हलकी आवाज़ में कहा – आओ बहार आओ. Real Bhai Bahan Ki Chudai:

मैं बिना कुछ बोले उसके कहने पे बहार गया. और देखा की वह अगल बगल सब देखि की कोई कही हमें देख रहा है या नहीं और फिर बोली – वह तुम्हारे रूम का बालकनी है चलो जाओ जल्दी उधर किसी के देखने से पहले.तब मेने गौर से देखा तो पता चला की मेरे रूम के बालकनी से एक छलांग मारो तो स्वाति के रूम का बालकनी आ जाता है. मैं ये देख खुश भी हुआ साथ ही उससे पुछा – यार कल रात को क्यों नहीं बताया.

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मैं आ जाता न.स्वाति – इसी लिए तो नहीं बताया अब भागो जाओ अपने रूम और डोर ओपन करो.मुझे ऐसा लगा की इतना बड़ा बेवकूफी वाला धोका हुआ साथ ही ख़ुशी भी की अब पता है मुझे की कैसे स्वाति के पास हर रात जाना है. मैंने एक छलांग मारी अपनी बालकनी के तरफ और फिर मूड कर उसे एक आई लव यू बोलना चाहता था.

पर उसने मेरे मुँह पर हाथ रखा और कहा – चुप कुछ नहीं अभी निकलो बाई. मैं यही सोचते हुए मेरे बालकनी का स्लाइडिंग डोर ओपन किया और अंदर गया. सोचा ये की यार इन लड़कियों को इतना कण्ट्रोल कैसे होता है मेरा तो लंड का बांड टूटने वाला हो तो में किसी को भी न देखु.

मैंने डोर ओपन किया और फिर आंटी को बोला – कुछ नहीं आंटी अभी अभी निकला.आंटी – पेट ठीक नहीं क्या? पुरे माथे पे पसीना आ रहा है. कुछ चाहिए क्या?मैं मैं ही मैं बोलने लगा की हाँ आंटी आप बस थोड़ी देर घर से बहार जाकर आओ. पर फिर उनसे कहा – नहीं आंटी वह बाथरूम में गर्मी है न . सब ठीक है आप चिंता मत करो.आंटी – ठीक है बेटा शायद ट्रैन का खाना पच्चा नहीं होगा कल का.

वैसे नाश्ता बना के रखा है तुम खालो अगर ठीक लगे तो. मैं थोड़ी बहार जाकर आती हूँ आज शाम एक फंक्शन में जाना है.ये सुन कर में फिरसे खुश. मन मे दूसरा नहीं तीसरा बड़ा वाला लड्डू फूट पड़ा. पर आंटी को दिखा तो नहीं सकता था इसी लिए पुछा – अच्छा तो क्या गिफ्ट लेने जा रहे हो?आंटी – हाँ आओगे क्या? Real Bhai Bahan Ki Chudai:

उस नालायक को बुलाया तो कहती है हम उनके के फंक्शन के बारे में उसे कोई इंटरेस्ट नहीं. तुम आना चाहोगे.मैं मन ही मन मे बोला की मेरी मैथ मारी गयी है क्या जो में अभी आपके साथ आऊं. स्वाति को अकेले छोड़ कर और फिर निराशा का शकल बनाते हुए बोला – नहीं आंटी मुझे मेरे एक फ्रेंड से मिलने जाना था जॉब के सिलसिले में. सॉरी आंटी.आंटी – नहीं बेटा जॉब पहले बाकि सब बाद में.

कोई बात नहीं. तुम अपना काम कर लो में थोड़े देर में निकलती हूँ.मैं – ठीक है आंटी. आप चिंता न करो में खाकर निकल जाऊंगा. आप आराम से जाकर आईये. इतना बोलते ही आंटी पलट कर अपने रूम को जाने लगी और उनके पीठ पीछे मैं मन ही मन सोचकर नाचने लगा मेरे चेहरे पर वह ख़ुशी थी जो इंडिया को वर्ल्ड कप जीत जाने पर मिलती है.

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पर मेरी खुसी पर लगता है आज ग्रहण लगा हुआ था.मैं ख़ुशी से पागल हुए खड़ा था की तभी स्वाति का डोर ओपन हुआ और वह जिम जाने को रेडी होकर निकली. मैंने उसे देखा और तभी आंटी ने भी पूछा। आंटी – अरे ये क्या? तुम नहाने को गयी थी न अभी गयम?मैं भी पुरे निराशा के साथ बोला – हाँ अभी जिम? तुम तो शाम को जाती हो न?आंटी – हाँ अभी कैसे जाना हुआ?स्वाति हम दोनों को बारी बारी देखने के बाद – ओके शाम को जाती हूँ तो क्या हो गया शाम को मुझे बहार जाना है उसी लिए अभी जा रही हूँ.

आंटी ने अपने माथे पर हलके से मारते हुए कहा – जो चाहे कर बस जल्दी से शादी करके निकल इस घर से.इतना कहते हुए वह चली गयी. तभी वह मेरे पास से गुज़री तो मैंने हलके आवाज़ में बोला – क्या कर रही हो? अभी तो मौका मिला. क्यूँउउउउ.स्वाति – मौका तो पुरे शाम मिलेगा जब ये लोग फंक्शन में जायेंगे. मेरी फ्रेंड का पार्टी है वह जल्दी अटेंड करके आ जाउंगी. ज़बान देती हूँ आज की रात तुम कभी नहीं भूलोगे.

मैं – पर अभी……. इतना कहते ही उसके सेल पे कॉल आया और उसने मेरी होंटो पर ऊँगली रखड़ी और बोली – शहहह! जाओ अपने फ्रेंड से मिल आओ. बाई… शाम को ओके उमाह….. और आंख मारते हुए फ़ोन अटेंड करते हुए वह जाने लगी.उसे जाते देख ऐसा लगा की मानो मेरे पैर के नीचे से ज़मीन नहीं पूरी दुनिया खिसक गयी. Real Bhai Bahan Ki Chudai:

खड़े लंड पर डंडा नहीं पूरा हथौड़ा मार दिया.
बस डोर पे उसकी मीठी आवाज़ सुनता हुआ उसकी टाइट कपडे से उभरी गांड देखता रहा जो हर चल पर मटक कर मुझे लुभा रही थी.उसकी आवाज़ भी कितनी प्यारी और मदहोश भरी थी.

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स्वाति फ़ोन में बोली – डॉन’टी वोर्री यार. मैंने शॉपिंग कर दी है. तुम बस मेरे बताये डिलीवरी स्पॉट पर पहुँच जाना. ओके..इतना कहते हुए उसने मैं डोर खोला और बहार निकलते हुए डोर बंद करके निकल गयी. मैं एक 15 सेकंड वही निराशा के साथ खड़ा रहा. और फिर अपने रूम के अंदर आ गया. रूम में घुसते ही गुस्से से मैंने फ्लोर पर पड़े जूते को लाथ मारी.

फिर बेड पर बैठकर अपना फ़ोन निकाला और व्हाट्सप्प में स्वाति की कल रात हुई मैसेज को पढ़ने लगा. और लंड निकाल कर हिलाते हुए उसकी नाम का मुठ मार लिया. Real Bhai Bahan Ki Chudai:

और फिर सब साफ़ करके अपने फ्रेंड जिससे मुझे सचमे मिलने था उसे मैसेज किया की कब और कैसे मिलना है. बस यही था मन में की जल्दी से शाम हो जाये और बस स्वाति कोई साथ मज़े लेने का अधभुद मौका मिल जाये.

तो दोस्तो आज इस भाग मे यही तक आगे क्या हुआ ये मैं आपको अगले भाग मे बतऔगा भाग 6.

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