By | March 8, 2023

Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:हैलो दोस्तो, मैं आपकी दोस्त आकाश, आज फिर पिछली कहानी का अगला भाग लेके आया हु , आप लोगो ने पढ़ा कैसे नीतू ने  मेरी पोल खोल दी थी उसके सामने ओर  अपनी भाभी भावना  को अपनी वासना के जाल में फसा ही लिया और फिर चुदाई की और चुदाई करते करते पीछे से नीतू ने  देख लिया था। अब आगे बताता हु क्या हुआ फिर।

ये भी पढे-> पिछला भाग — देवर के मोटे लंड की दीवानी भाभी 

Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath

आप लोगो ने पढ़ा की मेरे और भावना के बनाये झूठे भाई बहिन के खेल को नीतू जान गयी नीतू चाहती तो अपने माँ बाप को उनकी बहु भावना की करतुते बता कर उसकी ज़िन्दगी बर्बाद कर सकती थी पर नीतू के मन  में अब कुछ और ही था नीतू के मन में मुझे अपनी कठपुतली बनाने का इरादा था नीतू ने मुझे ये धमकी दी की अगर मैं उसके कहे अनुसार नहीं रहा  तो भावना की ज़िन्दगी वह बर्बाद कर देगी मैं अब बुरा फस्स चुक्का था मैं नहीं चाहता था की मेरे कारन भावना की शादी शुदा ज़िन्दगी ख़राब हो, नीतू और मैं किचन में खड़े थे जब भावना अपने कमरे से निकल कर आने लगी भावना को आते देख नीतू धीमी आवाज़ में मुझसे बोली: अब भावना की ज़िन्दगी तुम्हारे हाथ में है आकाश अब से तुम वही करोगे जैसा मैं तुमसे कहूँगी वरना सोच लेना, भावना किचन में आकर मुझसे बोली: 

भावना: तुम्हारा फ़ोन बज रहा था पता नहीं कॉल था या मैसेज पर बज रहा था मैं तो वैसे भी नीतू के पास से भागना चाहता था ये सुनते ही मैं बोला:

आकाश:  हाँ वह शायद घर से होगा, इतना कहकर मैं किचन से निकला और सीधे भावना के रूम गया दरवाज़ा बंद करके चैन की सांसे लेता हुआ सोचने लगा की अब करू क्या,  मैं अपना फ़ोन उठा कर देखा तो शोभा के 3  मैसेज आए हुये थे।

शोभा का पहला मैसेज: हैलो क्या हाल है भावना के यहाँ? मज़े हो रहे है की नहीं?

 दूसरा मैसेज: वैसे ये बताने के लिए मैसेज किया की अगर राकेश का कॉल या मैसेज आये तो बोल देना की तुम घर पे नहीं हो अपने किसी दोस्त के यहाँ हो। Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

Bhai bahan ki chudai story

तीसरा मैसेज था : कुछ पूछना मत बाद में समझाती हूँ आराम से अभी तुम मज़े करो और जो बोला है वैसे ही करना, मैं मैसेज पढ़ कर बेड पर बैठा और सोचने लगा की क्या मज़ा? मैंने  शोभा को वापस मैसेज भेजा: 

आकाश: हेलो क्या हुआ भाभी? भैया से वैसे क्यों बोलू? अन्य प्रॉब्लम? पर शोभा का कोई मैसेज नहीं आया मैं सोचने लगा की बेचारी शोभा भाभी अब भी घर के साफ़ सफाई के काम में ही लगी हुई होगी पर मेरी टेंशन शोभा भाभी के अकेले होने से ज़्यादा यहाँ के हालात की थी लेकिन  पता नहीं कैसे नीतू को सब कुछ पता चला यहाँ तक की कल भावना मेरे यहाँ थी वह बात भी भावना सच बोल रही थी नीतू सच मे काफी नक चढ़ी लड़की है जितनी खूबसूरत वह है उतनी ही उसमे ज़हर भी है उसके अंदर ,ये सब सोच मैं कमरे में ही बैठा रहा कुछ देर तब दरवाज़े पर भावना खट खटाकर बोली:

Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath

भावना: आकाश बिजी हो क्या? मैं बेड से उठा और सोचा की भावना को सब कुछ बता दूँ पर फिर सोचा की नीतू ने मुझे उसे बताने से मना किया है मैं एक पल के लिए सोचने लगा की अब बिना सोचे कुछ नहीं करना है वरना बेचारी भावना की शादी शुदा ज़िन्दगी खतरे में थी, भले मैं सुन्दर दिखने वाली हर लड़की को चोदने का ख्याल रखता हूँ पर ऐसा भी नहीं हूँ जो खामखा एक शादी शुदा लड़की की ज़िन्दगी बर्बाद करू, 

भावना: हेलो! आकाश! तुम अंदर हो की नहीं?

मैं: हाँ हाँ आया, मैंने जाकर दरवाज़ा खोला तो वह मेरे चेहरे के उड़े रंग को देख बोली: क्या हुआ? किसका फ़ोन था? मैं भावना को बोलने ही वाला था की शोभा का मैसेज आया पर इससे पहले ही नीतू भावना के पीछे थोड़ी दूर आकर खड़ी हो गयी उसे देखते ही मैं भावना से बोलै: 

मैं: घर से था।

भावना: घर से?

मैं: हाँ हाँ घर से, मेरे इस तरह जवाब देते ही भावना समझ गयी की नीतू या कोई और उसके पीछे है जिस कारन मैं ऐसा कह रहा हूँ।

भावना: ओह ठीक है ठीक है बात करके आ जाना बहार, इतना कह कर भावना घूमी और नीतू को देख मुस्कुरायी और किचन को चली गयी नीतू मुझे देख तिरछी आँखों के साथ एक मुस्कान दी और बिना आवाज़ के होंटो को हिलाकर बोली: गुड बॉय, नीत ने पलट कर देखा की भावना किचन से कुछ दिखा तो नहीं रही फिर धीरे से मेरे पास आयी और अपना फ़ोन लेकर अनलॉक कर के मुझे दिया और बोली:  Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

नितू: अपना नंबर सेव करो, मेरे पास और कोई चारा तो था नहीं बस जैसा वह बोली उसके फ़ोन में अपना नंबर सेव कर दिया।नीतू फ़ोन लेती हुई बोली:

Bahan ki chudai ki kahani

नीतू: किस नाम से सेव किया?

मैं: आकाश,

नीतू: हम्म गुड ऐसे ही रहना मेरी बात मान कर, इतना कह कर वह वापस चली गयी मैंने वापस दरवाज़ा बंद किया और जाकर बेड पर लेट गया सोचने लगा की बहार जाओ या नहीं, अब मैं सोचने लगा की करू तो क्या करू? 5 मिनट मैं अपनी सोच में पड़ा रहा तब मेरे फ़ोन पर एक अननोन नंबर से मैसेज आया देखा तो वह नीतू का था।

नीतू: ये मेरा नंबर है नीतू,  चलो अब ऐसे चुप मत रहो और बहार आओ मैं लिविंग रूम में हूँ आओ इधर आकर बैठो सबके साथ, मैं गले से थूक का निवाला उतारा और चुप चाप उसकी बात मानता हुआ रूम से निकला और लिविंग रूम को गया वहा अंकल और नीतू बैठे हुए थे, आंटी भावना के साथ किचन में थी, मेरे नीतू के पास जाते ही उसने मुझे अपने बैठे सोफे के बगल में थपथपाई,  ऐसे इशारा किया मानो किसी कुत्ते को बोल रही हो की आओ इधर बैठो,अंकल तब पलट कर मुझे देखे और बोले: 

अंकल: हाँ आओ बैठो आकाश, मैं जाकर नीतू के बगल में बैठ गया मन में घबराहट थी साथ ही गुस्सा भी मैं चुप चाप टीवी के तरफ देख बैठा रहा अचानक से नीतू अपना हाथ मेरी शार्ट के पॉकेट में घुसाने लगी मैं सर घुमा कर उसे देखा तो उसने आँख से इशारा किया फिर मेरे कान के पास आकर काफी धीरे से बोली: 

नीतू: अंदर कुछ पहने हो? मैं उसे देखा और सर हिलाकर नहीं का इशारा दे दिया, नीतू थोड़ी सरकती हुई मेरे से काफी चिपक कर बैठ गयी और अपने हाथ को मेरे पॉकेट में घुसाती गयी मैं अंकल पर नज़र रख रहा था की कही वह इस तरफ न देख ले, लेकिन  नीतू बेफिक्र थी और जल्द ही उसके हाथ मेरे पॉकेट के अंदर से कपडे के साथ मेरे लंड को दबोच पकड़ लिया,

और मैं हलके से उछल पड़ा और वह दबी आवाज़ में मुस्कुरा रही थी एक तो नीतू पर गुस्सा था लेकिन उसकी हरकतों से मेरे अंदर उत्तेजना बढ़ने लगी, पॉकेट के अंदर से वह कभी मेरे लंड को अपने हाथ में कस्ती तो कभी ऊपर से नीचे सहलाती मैं बस टीवी की तरफ देखता रहा जब वह फिर से मेरे कान के पास आकर बोली: अच्छा लगा? Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

मैं अंकल को देखने लगा की वह कुछ सुने तो नहीं, नीतू को जवाब नहीं दिया तो वह फिर से कान में बोली:

Bhai bahan ki chudai hindi mein

नीतू: शायद भावना करती तो अच्छा लगता है ना? मैंने तुरंत उसे सर घुमाकर देखा फिर किचन के तरफ और फिर उसे धीमे आवाज़ में बोला: 

मैं: प्लीज चुप रहो, भले मैं उसे मना कर रहा था लेकिन उसके हाथो की हरकतों से मेरा लंड खुद ही तन कर अपने अकार में भी आने लगा था कुछ ही देर में उसके दूसरे

हाथ में फ़ोन बजने लगा और मेरी नज़र उस पर गयी किसी श्रद्धा का कॉल था, वह मेरे लंड को एक ज़ोर का निचोड़ मारी और फिर हाथ बहार खींच लिया और नीतू उठी और मेरे गाल को सहलाती हुई अपने कमरे में चली गयी, मैं मन  ही मन उस श्रद्धा को शुक्रिया देने लगा जिसने उसे अभी कॉल किया, इतने में भावना किचन से आयी और मेरे बगल में आकर बैठ मुस्कराकर बोली: 

भावना: तो आकाश? भूख लगी है क्या? अंकल तुरंत पलट कर बोले: 

अंकल: खाना तैयार हो गया?

भावना: नहीं बना रही हु अभी , अंकल के पलटते ही भावना मेरे से चिपक कर बैठ गयी और  मेरे कान में बोली: तो भूख लगी है क्या?

मैं: नहीं, भावना ने अपना एक हाथ मेरे शार्ट पर रख दिया  और तभी उसे एहसास हुआ की मेरा लंड सख्त हो बैठा है उसे नहीं पता था की ये क्यों ऐसे है भावना मेरे आकर को अपने हाथ में पकड़ मेरे कान में बोली: 

भावना: हम्म्म भूख तो काफी ज़ोर की  लगी हुई है देखो तो, उसकी बात पर मैं मुस्कुराया तो सही पर भावना तुरंत समझ गयी की कोई बात है जो मुझे परेशान कर रही है भावना अपने भवरो को उठाकर इशारे में पूछी की क्या हुआ पर मैंने ना कहते हुए सर हिला दिया, तभी अंकल खड़े हुए और भावना ने तुरंत अपना हाथ हटा लिया और अंकल अपने कमरे को चले गए और फिर भावना मुझसे पूछी:  Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

भावना: वैसे वह किधर है? नीतू?

मैं: वह उनका कोई कॉल आया किसी का तो वह अंदर गयी है, 

भावना: वह कुछ बोली क्या तुम्हे? तुम्हारा मुँह क्यों उतरा हुआ है?

मैं: नहीं नहीं कुछ नहीं ऐसा कुछ नहीं है, भावना मुझे घूर कर देखने लगी और मैं बोला: अरे सच मे कुछ नहीं है।

भावना: बताओ क्या हुआ?

मैं: अरे यार सच मे कुछ नहीं हुआ,

Devar bhabhi ki chudai

भावना: मुझे पता है कुछ तो है जब से तुम्हे और नीतू को किचन में अकेले छोड़ कर मैं गयी उसके बाद से तुम परेशान से हो आकाश बताओ, मैं समझ गया की भावना से छुपाना मुश्किल है पर उसे बताया तो नीतू… वह भी खतरा है कुछ सेकंड सोचा और फिर मैं बोला: 

मैं: नीतू को पता है हमारे बारे में, भावना आँखे फाड़ कर देख बोली: कैसे?

मैं: पता नहीं कैसे उसे पता है की मैं आपका भाई नहीं हूँ और ये भी पता है की शोभा मेरी भाभी है… और…भावना: और? और क्या?

मैं: उसे ये भी पता है की कल रात आप और भाभी मेरे साथ थे।

भावना: पर कैसे? मैं: पता नहीं लेकिन वह मुझसे बोली की मैं आपसे कुछ ना कहु वरना वह अंकल आंटी को सब बता देगी और आपकी ज़िन्दगी बर्बाद कर देगी, भावना गुस्से के साथ हाथो को बांध कर टीवी के तरफ देख कुछ देर शांत रही फिर बोली: 

भावना: घबराओ मत बस इतना जान लो की जो होगा मेरे हिसाब से होगा ना की उसके हिसाब से, वैसे शोभा ने मेरे लिए कुछ दिया था क्या तुम्हे? मैं सोचने लगा और फिर बोला: अरे हाँ आपकी कोई पर्स उनके यहाँ चूत गया था, आपको देने के लिए।

भावना: हाँ तो वह दे दो मुझे अभी केअभी।

मैं: हाँ ठीक है मैं उठा और फिर भावना के कमरे मे गया और मेरे पीछे पीछे वह भी आयी मैंने अपने बैग से शोभा का दिया गुवा पर्स निकाला और भावना को दे दिया,

भावना उसे लेकर बोली: ठीक है तुम जाओ अब, मैं भावना के कमरे से निकला और वापस लिविंग रूम में जा बैठा पता नहीं क्या था उसके मन मे अब कैसा लग रहा था की इन दो लड़कियों की आपस की तकरार में मैं फस गया हूँ, तभी मेरे पॉकेट में मेरा फ़ोन बजा और निकाल कर देखा तो राकेश भैया का फ़ोन आ रहा था शोभा भाभी के भेजा हुआ मैसेज याद आया और कॉल उठाया, 

मैं: हेलो भैया बोलिये।

राकेश: तुम घर पे होना शोभा को ज़रा फ़ोन देना, नहीं मैं इधर उधर पीछे सब देखा की कोई है तो नहीं और फिर बोला: वह… वह भैया वह मैं अपने फ्रेंड के यहाँ आया हूँ घर पे नहीं हूँ। Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

indian bhabhi ki chudai

राकेश: कोन सा फ्रेंड?

मैं: वह कॉलेज का एक फ्रेंड है मेरा।

राकेश: अरे यार शोभा को अकेले छोड़ आये तुम? कब पहुंचोगे घर?

मैं: वह …कल कल सुबह नहीं कल शाम।

राकेश: तुम भी न अब वह अकेले रहेगी क्या रात को घर पे चलो कोई नहीं।

मैं: क्या हुआ भैया?

राकेश: नहीं वह फ़ोन नहीं उठा रही थी तो तुम्हे कॉल किया सोचा तुम घर पे होंगे।

मैं: वह शायद खाना कुछ बना रही होगी भैया।

राकेश: हाँ ठीक है मैं रखता हूँ बाई, खामखा अब भैया भी मुझ पर गुस्सा थे पता नहीं भाभी ने मुझे ऐसा कहने को क्यों कहा मैंने फ़ोन उठाया और शोभा भाभी को मैसेज भेजा: भैया का कॉल आया था मैंने कह दिया की मैं फ्रेंड के यहाँ हूँ उन्होने मुझे डाट दिया कहा की आपको अकेला छोड़ के क्यों गया, मैसेज भेजकर मैं लिविंग रूम में कुछ देर परेशान बैठा रहा तब नीतू अपने कमरे से ख़ुशी ख़ुशी मुस्कुराती हुई निकली पता नहीं अब इसे किश बात की इतनी ख़ुशी थी, नीतू मुझे देख कर आँख मारी और मेरे बगल में आकर बैठी।

नीतू: मिस्ड में बेब?

मैं: आ नहीं…नीतू ने किचन की  तरफ देखा और फिर पूछा : तुम्हारी भावना दीदी किधर है?

मैं: वह… वह अपने रूम में है शायद, नीतू मेरे जांघ पर हाथ रख सहलाती हुई बोली: तो तुम नहीं जाओगे उसके पास?

मैं: को… क्यों मैं क्यों जाऊं?

नीतू: अच्छा! अब इतने भोले तो मत बनो उससे राखी बंधवाने तो आये नहीं हो तुम हाहाहा! मेरे पास वापस कहने को कुछ नहीं था नीतू ने अपना हाथ मेरे शार्ट पर लंड के ऊपर फेरती हुई बोली: 

नीतू: तो कल क्या कर रहे थे तुम तीनो? मैं: कुछ नहीं बस बाते की  बस वैसे तो सच कहु तो मुझे भी याद नहीं कल क्या क्या किये हम तीनो ने, 

नीतू: अच्छा! बस बाते की ?

मैं: हाँ,  नीतू मेरे लंड को हलके से दबाती हुई मेरे चेहरे के पास आयी और धीमी आवाज़ में बोली: सेक्स नहीं किया तुम लोगो ने?

मैं: नहीं बिलकुल नहीं, मेरे लंड को और ज़ोर से कस्ती हुई वह बोली: ओफ्फो अब मुझसे क्यों छुपा रहे हो बोलना मुझे सब पता है तो फिर ऐसे क्यों छुपाना अब? Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

मैं हलके दर्द में सिसकर्ता हुआ बोला: अह्ह्ह हाँ किया था, नीतू मेरे लंड को कसना छोड़ा और धीरे धीरे सहलाती हुई बोली: मज़ा आया भावना के साथ?

मैं: हम्म्म…

नीतू: हम्म्म मतलब।

मैं: हाँ आया।

नीतू: तो आज भी करोगे?

Sexy bhabhi ki chudai

मैं: प्… पता नहीं, तभी भावना के रूम का दरवाज़ा खुलने की आवाज़ पीछे से आयी नीतू मुझसे अपना हाथ हटाकर थोड़ी हैट कर बैठ गयी,  भावना हमारे पास आयी पर उसकी  शकल पे कोई फ़िक्र नहीं थी बस अजीब सी मुस्कान थी, मेरे दूसरे तरफ आकर बैठी, नीतू को देख बोली: 

भावना: लगता है काफी करीब हो गए हो तुम दोनों, नीतू मुझसे थोड़ी और सरक कर बैठ बोली: ऐसा क्यों?

भावना: देखो तो ऐसा लग ही नहीं रहा की ये मेरा भाई है लग रहा है जैसे तुम्हारा कोई है।

नीतू: हाहाहा हाँ वह तो है क्यों तुम्हे जलन हो रही है क्या की मैं तुम्हारे भाई को छिन लुंगी, भावना हस्ती हुई आँख मार कर बोली: 

भावना: हाहाहा मुझे क्यों जलन होगी वैसे भी मेरा भाई तो हैंडसम है ही क्या पता तुम सच मे छिन लो तो? नीतू भी हस्ती हुई आँख मार कर बोली: 

नीतू: हाहाहा वह तो है बाँदा हैंडसम तो है ही पर मेरी बदकिस्मती की मैंने काफी जल्दी शादी करली , मैं मन  ही मन सोचने लगा की एक बात तो औरतो की माननी पड़ेगी एक दूसरे के लिए मन में ज़हर रख के भी ये आपस में कितना हस्ते हुए बात कर लेते है

 भावना ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और नीतू का हाथ पकड़ कर मेरे जांघ पर रखा।

भावना: अरे डॉन’टी वोर्री नीतू मैं तुम्हारे हस्बैंड को कुछ नहीं बताउंगी हाहाहा! नीतू मेरे ऊपर से हाथ हटाकर बोली: हाहाहा कुछ भी भावना वैसे आईडिया बुरा नहीं है,अब मेरा दिमाग सच मे ख़राब होने लगा इन दोनों के मन में है क्या? एक तो दोनों एक दूसरे को ज़हरीली नागिन मानते है और यहाँ ऐसे दोस्ताना बाते कर रही है तभी पीछे किचन से आंटी की आवाज़ आयी: सबके लिए खाना लगा दूँ क्या?

नीतू यहाँ से बोली: इतनी जल्दी क्या है माँ?

आंटी: अरे खा लोना 930 तो बज ही गए है ऊपर से तुम्हारे पापा को खाने के बाद दवाई भी तो लेनी पड़ती है

भावना: हाँ आप लगा दो हम आ रहे है फिर भावना नीतू से धीमी आवाज़ में मेरे सामने बोली: नीतू अभी खाले खाना क्या पता बाद में खाने को वक़्त ही न मिले हाहाहा।

नीतू: हाहाहा तू भी न बिलकुल अब होसियार हो भावना। Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

भावना: हाहाहा तुझसे तो कम ही हूँ चलो खाना खा लेते है, नीतू और भावना तो ऐसे उठ कर गए हस्ते हुए मनो उनके बीच कोई दुश्मनी है ही नहीं सच मे इन लड़कियों को अपने होंटो पे कुछ और दिमाग में कुछ और इनके पास ये अच्छा टैलेंट होता  है अपने माथे पर एक बार हाथ मारा और उठ कर खाना खाने चला गया, कुछ ही देर में डाइनिंग टेबल पर खाना खाने हम सब बैठे खाना परोसते वक़्त अंकल बोले:

Bhai bahan ki chudai ki kahani

अंकल: वाह आज पूरा टेबल भरा भरा सा लग रहा है।

आंटी: हाँ वरना बस हम दो लोग ही होते है हमेशा अच्छा हुआ आज आकाश और नीतू आ गयी, तभी नीतू बोली: 

नीतू: चिंता मत करिये पापा कल वह जो खाली कुर्सी है उस पर भी कोई होगा, हम चारो नीतू को देखने लगे की वह किस्सके बारे में बोल रही है।

अंकल: वह कैसे?

नीतू: वह मेरे ससुराल से कोई आ रहा है यहाँ आंटी घबराती हुई बोली: अरे कही तुम्हारे सांस ससुर तो नहीं आ रहे न बताया क्यों नहीं अब तक?

नीतू: अरे नहीं माँ वह धीरज के रिलेशन में कोई छोटा भाई है जैसे आकाश है ना भावना का वैसे ही, मैं और भावना एक दूसरे को देखने लगे और फिर मैंने  नीतू को देखा तो वह बोली: धीरज मेरे हस्बैंड है उनका कजिन भाई का कुछ काम है बैंगलोर तो आ रहा है।

भावना: तो वह यहाँ क्यों आ रहा है?

नीतू: अरे उसे काम इसी जगह पे है वरना वह तो मेरे वह ही रुकने वाला था।

अंकल: चलो कोई बात नहीं आकाश को एक कंपनी और मिल जायेगा वरना एक हम दो बुड्ढे बूढ़ी और तुम दो लड़कियों के बीच बेचारा बड़ा गुम सुम सा बैठा है।

नीतू: हाहाहा आकाश और गुम सुम किसने कहा , पापा मुझसे तो अच्छी दोस्ती हो गयी है इसकी क्यों आकाश? सही बोल रहा हु ना मैं ?

मैं: आए हाँ हाँ मैं और भावना एक दूसरे को देख मन  ही मन एक ही सवाल कर रहे थे की अब ये कोन होगा एक मुसीबत पहले सी ही थी अब एक और अंकल: वैसे वह किश काम से आ रहा है? नाम कुछ पता है और कब आएगा?

नीतू: क्या काम से आ रहा है वह तो कल उसी से पूछ के पता चलेगा धीरज बता रहे थे की उसका नाम अमित है, मैं सोचने लगा ये साला अमित कमीने को और कोई वक़्त नहीं मिला था अपनी पूरी ज़िन्दगी में, 

अंकल: ठीक है वैसे भावना बेटा, तुम्हारी चिकन करी बढ़िया बनी है, भावना मुस्कुराने लगी तो नीतू बोली: हाँ भावना का चिकन तो मस्त ही है क्यों आकाश!

मैं: हाँ हाँ बढ़िया दीदी तो… हमेशा अच्छा खाना बनाती है, इसके बाद अगले 15+20 मिनट में हम सबने खाना खाया उसके अगले 10-15 मिनट में अंकल आंटी अपने कमरे में सोने की तयारी के साथ चले गए, अब लिविंग रूम में मैं अकेला बैठा टीवी देख रहा था और आने वाले अमित के और इस नीतू के बारे में सोच रहा था साथ ही साथ भावना के मन  में क्या था वह भी कुछ पता नहीं चल रहा था। Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

भावना और नीतू किचन में थे और बचे बर्तन धो रहे थे कुछ देर बाद नीतू अपने कमरे में गयी और फिर वापस मेरे सामने वाले सोफे पर आ बैठी, तभी भावना किचन से आकर बोली: मीठा कुछ खाओगे तुम लोग?

Bhai aur bahan ki chudai

नीतू: हाँ हाँ क्यों नहीं तुम्हारी चिकन करी वैसे भी काफी तीखी है क्या है मीठे में?

भावना: आइस क्रीम है फ्रिज में लाती हूँ ये कहकर भावना किचन मे  नहीं पर अपने रूम मे  पहले गयी फिर 2  मिनट के बाद बहार निकली तो नीतू उससे बोली: 

नीतू: तू आइस क्रीम लेने अंदर क्यों गयी थी, भावना: अरे नहीं मुझे लगा मेरा फ़ोन बज रहा है तो वही देखने गयी थी, फिर भावना किचन मे गयी और यहाँ नीतू अपने फ़ोन पे कुछ करने लगी अब मैं मन  ही मन चिड़ने लग गया था एक तो अपने घर से सपने देख के आया था की भावना के साथ जम कर मस्ती करूँगा और यहाँ ये नीतू और फिर कैसे उसका वह अमित, तभी भावना 2  गिलास की कटोरी में आइस क्रीम लेकर हम दोनों को दी  फिर जाकर अपने लिए लेकर आयी और मेरे बगल में बैठ गयी अगले 15  मिनट टीवी में कोई तो मूवी चलती रही और हम तीनो बिना एक दूसरे से बात किये बस आइस क्रीम खा कर रहे थे फिर आइस क्रीम खाने के बाद अपनी कटोरी टेबल पर रख नीतू बोली: 

नीतू: हफ़ अजीब है।

भावना: क्या हुआ?

नीतू: आइस क्रीम खायी लेकिन अजीब सी गर्मी लग रही है अब मैं सोचने लगा ये दिमाग से ही नहीं बदन से भी पागल है मैं इतना चीड़ चूका था की सोचने लगा अगर मौका मिले तो इस नीतू के सारे कपडे फाड़ कर इसकी गांड चोद के फाड़ दू वैसे एक बात तो थी की इसका फिगर मस्त है अच्छी गोल गांड है मारने के लिए, भावना की तो काफी सुडौल गांड है साथ ही नीतू के बूब्स भी भावना से बड़े है ये सब सोच में बैठा था अचानक से मैं अपने आप से बोला की भला मैं ये सब क्या सोच रहा हूँ? 

फिर ध्यान आया की मैं उत्तेजित हो रहा था।

नीतू: सेरियस्ली यार मुझे फील सो हॉट।

भावना हस्ती हुई बोली: हाहाहा! हॉट! तू तो हमेशा हॉट ही है ।

नीतू हाहाहा!

नीतू: हाहाहा शट उप भावना सच मे मज़ाक नहीं कर रही तुम दोनों को गर्मी नहीं लग रही क्या?

भावना: वैसे गर्मी तो लग ही रही है मुझे भी रुक मैं रूम हीटर चेक कर के आती हूँ कही टेम्प ज़्यादा तो नहीं सेट हो गया, भावना उठी और किचन को चली गयी और फिर वापस आ कर बैठ कर बोली: नहीं सब ठीक है शायद आज क्लाइमेट ही ऐसा है। Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

Bhai bahan ki chudai hindi

नीतू: तुम्हे गर्मी नहीं लग रही क्या आकाश?

मैं: हाँ… नहीं… मतलब ओके ओके सा है पर थोड़ी गर्मी है, तभी नीतू की नज़र मेरे शार्ट पर गयी और वह बोली: गर्मी तो तुम्हे भी लग ही रही है उसके नज़र पर मैं धीरे से नीचे देखा तो मेरे शार्ट पर हल्का सा उभर था शायद मेरे सोच  विचारो के कारन मैं थोड़ा उत्तेजित था, 

भावना तब नीतू से बोली: वैसे भी तू ये फुल स्लीव शर्ट पहनी हो शायद उसी लिए।

नीतू: हम्म्म शायद।

भावना: तो बदल लेना जाकर। नीतू ने मुझे देखा और फिर आँखों में अदाओ के साथ पूछा : बदल लू क्या आकाश? मैं शर्माने लगा और फिर सोचा की मैं भला शर्मा क्यों रहा हूँ ये मुझे हो क्या रहा था? नीतू उठी और मुझे देख मुस्कुराती हुई अपने रूम को चली गयी उसके जाते ही भावना मेरे कंधे पर हाथ डाला।

भावना: तो आकाश तुम्हे भी गर्मी लग रही है क्या?

मैं उसे देख कर बोला : हाँ ठंडा करोगे क्या आप? उसने अपना दूसरा  हाथ बढ़ाकर मेरे बढ़ते अकार को शार्ट से सहलाती हुई बोली: 

भावना: क्यों नहीं ऐसा ठंडा करुँगी की जमके बर्र्फ बन जाओगे, मैं सोचने लगा फिर से की यार आखिर मुझे हो क्या गया था इतने गंभीर माहौल में भी मैं सेक्स के बारे में सोचने लग गया भावना मेरे लंड को शार्ट के ऊपर से हिलाने लगी, 

भावना: क्या हुआ डर गए?

मैं: पर नीतू? 

नीतू का क्या?

भावना: उसे भी ठंडा कर देंगे हाहाहा, 

मैं: क्या? क्या कह रहे हो आप?

भावना: बोली न अब जो होगा वह मेरे और तुम्हारे हिसाब से होगा भरोसा रखो, तभी नीतू का दरवाज़ा खुला और भावना मुझसे अलग होकर बैठ गयी हम दोनों ने उसके दरवाज़े के तरफ देखते रहे वह हलकी पारदर्शी नाइटी पहनकर बहार निकली इतनी पारदर्शी के अंदर पहनी उसकी ब्रा पंतय का कला सान्या दिख रहा था, Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

नाइटी उसके घुटनो से अच्छी खासी ऊपर थी और उसकी गोरी जांघो का भी नज़ारा मिल रहा था उसे देख मेरे तन्न में वासना की बिजली दोड़ गयी मेरे शार्ट में मेरा लंड तो मानो धड़कने लगा पर ये सब हो क्यों रहा था? नीतू भला ऐसे कपडे पहनकर क्यों आ रही थी मेरे सामने? नीतू हमारे पास आयी तो भावना बोली: वाओ नीतू लुकिंग गुड।

Hot bhabhi ki chudai

नीतू: हाहाहा थैंक्स भावना क्या करू मेरे बाकी सारे कपडे मेरे ससुराल में है तो यहाँ जो भी मिला पहन लिया, वह हमारे सामने वाले सिंगल सोफे पर बैठ कर बोली: और सोची माँ पापा भी सो गए है तो दिक्कत नहीं, 

भावना: अरे तुम्हारा घर है दिक्कत क्यों तुम्हे ओह्ह समझी आकाश के सामने हाहाहा!

मैं तो बस शर्माने लगा पर शर्म तो मेरे ऊपर थी और अंदर उत्तेजना की आग लग रही थी।

नीतू: हाहाहा हाँ वही तो आकाश के सामने ऐसे कपडे पह्नु तो माँ पापा कुछ गलत न सोच ले ।

भावना: घबराओ मत अब माँ पापा कल सुबह से पहले अपने रूम से नहीं निकलेंगे मैं जानती हूँ उनकी नींद को।

नीतू: हाँ वह भी सही है पर आकाश की शकल देख के तो ऐसा लग रहा है मानो आज उसे नींद नहीं आने वाली हाहाहा! भावना मेरे कंधे पे मार कर बोली: हाहाहा ध्यान से नीतू कही ऐसा ना हो की आकाश तुम्हारी नींद चुरा ले।

नीतू: हाहाहा तेरी बाते सुनकर तो ऐसा लग रहा है की तू मेरी सेटिंग कर रही है अपने भाई के साथ भूल मत मैं शादी शुदा हूँ, इन दोनों की बाते काफी आगे जा रही थी और पता नहीं भावना करना क्या चाहती थी पर इनकी बातो का असर और नीतू के कपड़ो से झांकती उसकी टाँगे मेरे लंड पर गहरा प्रहार कर रही थी, 

नीतू को साफ़ दिख गया की मेरे शार्ट में उभार की ऊंचाई ज़्यादा हो गयी थी वह अपनी एक टांग को  दूसरी टांग पर रख मुझे अपनी जांगे कुछ और ज़्यादा दिखाती हुई बोली: तो आकाश क्या हुआ? काफी चुप हो! हाहाहा!।

भावना: तुझे ऐसे देख उसकी बोलती बंद हो गयी है।

मैं: नहीं नहीं अच्छी लग रही हो आप।

नीतू आँख मारती हुई बोली: बास अच्छी! तभी अंकल आंटी के रूम से अंकल के खासने की आवाज़ आयी और हम सब शांत हो गए।

भावना: शठ! धीरे बात करते है कही वह ये सब सुन न ले।

नीतू: तो क्या प्लान है तुम लोगो का? मुझे तो नींद नहीं आ रही।

भावना: मुझे भी नहीं आ रही 1030 ही तो हुआ है। Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

नीतू: एक काम करते है ना तुम्हारे रूम चले चलते है, ना भावना वहा भी तो टीवी है मैं भावना को देखने लगा और फिर भावना बोली: 

भावना: हाँ वही सही रहेगा चलो यहाँ ज़्यादा बाते करेंगे तो वह सुन सकते है ,नीतू उठ खड़ी हुई और टीवी बंद करने लगी भावना उठती हुई मेरे हाथ को पकड़ अपने साथ उठाने की कोशिश करने पर मैं उठा नहीं अगर उठता तो मेरे शार्ट में मेरा लंड अपना टेंट बना होता,

Sagi bahan ki chudai ki kahani

भावना: अरे उठो  क्या हुआ?

मैं: रुको रुको मैं आता हूँ आप जाओ।

नीतू: क्यों क्या हुआ आकाश यहाँ सोफे पे सोना है क्या तुम्हे? इतना कहती हुई नीतू मेरे दूसरे तरफ आयी और मेरे दूसरे हाथ को पकड़ खींचने लगी मैं बुरा फस्स गया वह दोनों जब एक साथ मुझे खींचे तो मुझे खड़ा होना ही पड़ा फिर मेरी छुपी हुई नीयत उनके सामने मेरे शार्ट के अंदर तन्न कर खड़ा हो उठा मेरा लंड बेकाबू हो गया चूत की भूख से नीतू नीचे देख बोली: ओह ओह!

भावना: ओह माय गॉड! 

नीतू: पता नहीं क्यों यकीन तो नहीं तुझ पर पर भरोसा करना भी चाहती हूँ

भावना: मैं मन ही मन बोली ये तो मेरे खेल का जादू है जो तुझे भटका रहा है कमीनी

मैं नीतू से बोली: तुझे किश बात का  डर है? मेरे भाई का लंड तो मेरे हाथ में है अभी अगर मैं तुझपे भरोसा कर ये कर सकती हूँ तो तू मुझ पर नहीं कर सकती क्या?

मैं आकाश के लंड के चमड़े को पूरा नीचे खींचा और  अपने अंघूठे से उसके गोल गुलाबी सर को गोल गोल सहलाकर नीतू को दिखाती हुई बोली: ज़्यादा सोच मत आज की रात तू मज़े कर भरोसा रख मुझ पर, नीतू किसी को कुछ पता नहीं चलेगा, नीतू खड़ी रही चुप चाप पर उसके  पैरो की मचलाहट देख में समझ गयी की वह आगे बढ़ना तो चाहती है पर शायद मेरे कारन कर नहीं रही है । Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

मैंने अपना  हाथ आकाश को चोद सामने बढ़ाया फिर नीतू के हाथ को पकड़ उसे आकाश के तरफ खींचती हुई उसके हाथ को उसके लंड को  पकड़ा कर बोली: एन्जॉय नीतू आज रात आकाश तुम्हारा हुआ लूट ले मज़ा! इतना कह कर मैंने अपना हाथ हटा लिया और नीतू मुस्कुराती हुई आकाश के खड़े लंड को सहलाने लगी मैं पीछे हटकर वापस अपनी जगह खिसक कर बैठ गयी और उन्हें देखने लगी।

नीतू ने पूछा:: तू यही रहेगी क्या हमे देखने के लिए ।

मैं: हाँ बोली न आज ये तुम्हारा हुआ… और रही बात मेरी…मैं अपने टॉप के ऊपर से अपने निप्पल को सहलाती हुई बोली: तो तुझे मेरे मज़े के लिए कुछ करना पड़ेगा।

नीतू: वह क्या?

मैं अपने होंटो को काटती हुई बोली: मैंने तुम्हें कुछ कहुगी तो तुम करोगी क्या !

आकाश मुझे आश्चर्य से देखने लगा और नीतू बोली: मतलब?

Badi bahan ki chudai

मैं: जो मैं कहु तू वह कर और मैं तुम्हे करते देख अपने हिस्से की मज़े लुंगी… किश हिम नाउ!

नीतू: ओह ऐसा! ये कहती हुई नीतू अपने दूसरे हाथ से आकाश के सर को पकड़ उसे चूमने लगी नीतू और आकाश के तन्न बदंन में सेक्स का नशा उतर चूका था नीतू चाह कर भी मुझे माना नहीं कर सकती थी मैं आराम से अपने बिस्तर पर पीठ टिका कर उन दोनों ने मज़े लेने की शुरुवात कर दी, आकाश के लंड को सहलाती हुई नीतू उसके होंटो को अपनी होंटो में फसा कर चूम रही थी शादी-शुदा नीतू गैर मर्द के साथ वह भी मेरे ही सामने और ये चली थी मेरी ज़िन्दगी बर्बाद करने,  मन ही मन  इन बातो को सोच मुझे जीत का  एहसास होने लगा, एक मिनट चूमने के बाद नीतू ने मुझे देखा तो मैं बोली: 

मैं रुकने को तो नहीं बोली, नीतू हस्स पड़ी और बोली: हाहाहा! ओह के भावना अब तू बड़ी मिस्ट्रेस न बन ।

मैं: हाहाहा! ओके मज़ाक कर रही थी रे आकाश की शार्ट खींच निकालो अब उसे उसकी क्या ज़रूरत, नीतू ने तुरंत आकाश के शार्ट के बटन खोलती हुई बोली: तू क्या सिर्फ मुझपे हुकुम चलाएगी? इस पर क्यों नहीं? Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

मैं: टेंशन न ले ये तो वही करेगा जो हम दोनों कहेंगे इसको, 

नीतू: हाँ वह सही रहेगा इस पर तो मैं भी हुकुम चलाऊंगी आज, ये बोलती हुई नीतू शर्ट को पकड़ खींची और आकाश अपने टाँगो को सीधा कर शर्ट को आराम से अपने से अलग करवा लिया आकाश टी-शर्ट पहना नीचे से पूरा नंगा बैठा था जब मैं बोली: 

आकाश चलो इधर लेटो अब आकाश ने मुझे देखा तो मैं बोली: ओफ्फो! समझे नहीं बोली न की जो होगा मेरे हिसाब से होगा चलो अब लेटो इधर, मैंने उसे पहले बोला था ये  बात याद दिलाना चाहती थी आकाश समझदार था की वह समझ गया नीतू को न दिखते हुए वह मुझे एक मुस्कान देता हुआ बिस्तर पर मेरे बगल ने लेट  गया।

मैं नीतू को देख बोली: नीतू! उसके ऊपर आओ और खाओ उसे, नीतू मुस्कुराती हुई आकाश के टाँगो के बीच जा बैठी और उसके लंड को अपने हाथो में लेकर मुझे देख कर बोली: कैसे खून? चुस्की या काट के हाहाहा!

indian bhai bahan ki chudai

मैं  मुस्कुरा कर बोली: अच्छे से काट खा नीतू लंड को पकड़ उसके गोल सर को अपनी दांतो के बीच ले गयी और हलके से काटती हुई मुझे दिखाया जिस पर आकाश के मुँह से हलकी आह निकल गयी इसके बाद नीतू मेरी आँखों में देखती हुई आकाश के लंड को धीरे से अपने मुँह में समां लिया, सच कहु तो मैं ये नीतू को फसाने के लिए कर रही थी पर उसे ऐसे करते देख मेरे रगो में भी रोमांच का कीड़ा दौड़ने लगा। Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

मैं: अब चुस्की खाओ नीतू मेरी बात सुन्न आकाश के लंड को चूसती हुई मुँह से बहार निकाला  फिर दुबारा मुँह में लेकर फिर से वैसे करने लगी 3 से 4  बार ऐसे करने के बाद मैं बोली: अपने दांतो से रगड़ के निकाल और उसे मुँह से थोड़ा दर्द भी दो आकाश को मज़े के साथ, 

नीतू आकाश के लंड को अपने मुँह में पूरा अंदर लिया और  फिर मुझे दिखती हुई लंड पर दांतो का घेरा बनाती हुई रगड़ती हुई उसे बहार निकाला अब आकाश इसे बर्दाश न कर पाया और उसकी मुँह से लम्बी आह निकल पड़ी, मैं झट से उसके मुँह पर हाथ रख बोली: शठ इडियट आवाज़ नहीं, मैं फिर नीतू से बोली: नीतू अपनी पेंटी खोल नीतू उठ कर अपनी पेंटी खोल कर मुझे देखा तो मैं आगे बोली: ला इधर दे मुझे, 

नीतू: व्हाट! तू क्या करेगी मेरी पेंटी का?

मैं: ओफ्फो देना मेरे लिए नहीं है घबरा मत हाहाहा! उसनेन मेरी तरफ अपनी पेंटी फेकि और मैंने उसे अपने हाथो से दबोचकर बोली: हम्म्म! पूरी गीली है तू तो!

jawan bhabhi ki chudai

नीतू: क्या करू तेरे भाई ने मुझे भीगा ही डाला, मैं उसकी पेंटी बगल में लेते हुए आकाश के मुँह के ऊपर झूलती हुई बोली: क्यों आकाश जाना चाहोगे की नीतू कितनी गीली है? Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

आकाश: क्यों नहीं दोना, मैंने पेंटी आकाश के होंटो पर छूती हुई उसे तरसाने लगी वह अपने सर को ऊपर उठता हुआ उसे सूंघने लगा तो कभी मुँह से काटने आता तो मैं ऊपर खींच लेती मैं और नीतू उसे ऐसे करते देख मज़े में हसने लगे आकाश के मुँह में पेंटी को देती हुई अपनी उँगलियों से अंदर ठूसी, नीतू से बोली:

भावना: अब अच्छे से काट के खा इसके लंड को बिलकुल आवाज़ नहीं करेगा, मेरी हरकत और बात को सुन नीतू आकाश के खड़े तने लंड पर एक थप्पड़ मारती हुई बोली: ओह अब यह  कोई आवाज़ नहीं निकालेगा , आकाश के मुँह से बस “ममम” की आवाज़ आयी और फिर नीतू उसके लंड को चूसती काटती हुई मुझे दिखाकर खाने लगी.

मैं इन्हे देख अपनी टॉप पर से अपनी निप्पल को निचोड़ती हुई अपनी जीत का मज़ा लेने लगी, नीतू लंड को चूसती हुई अपनी चूत की खुजली को अपनी उंगलियों से आराम देने लगी उसे ऐसे करते देख मेरी भी इच्छा होने लगी मैं अपने दूसरे हाथ को अपनी पायजामे के अंदर ले गयी खुद को मज़ा देती हुई नीतू के मुँह में सख्त लंड को देख मैं खुद भी मदमस्त होने लगी, पर इस बात का ध्यान रखना की मुझे आज रात अपनी वासना पर लगाम रखनी पड़ेगी कुछ और देर नीतू आकाश के लंड को खाने के बाद उठ कर बोली:

नीतू: सारी रात क्या मैं सिर्फ इसे मज़ा दूँगी? मैं: हाहाहा! मैं बस तुझे अच्छे से उसे तैयार करने का वक़्त दे रही हूँ एक काम कर इसके ऊपर आजा पलट कर,  Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

नीतू: पलट कर? यू मैं 69  पोजीशन? मैं आकाश के मुँह से पेंटी खींच निकाली और बोली: हाँ तू खा भी और खिला भी इसे चलो आओ इसके ऊपर देखु तो ज़रा नीतू खड़ी हुई और आकाश के ऊपर से चलती हुई उसके मुँह के ऊपर आ खड़ी हुई अपनी नाइटी को उठाया तो मुझे भी उसकी चूत दिखने लगी, मुझे उसकी चूत को देखते हुये  नीतू बोली: भावना अब तू ऐसे मत देख मेरी चीज़ो को अजीब सी शर्म लगती है

मैं: अब भी शर्म चुटकुले मत मार और काम पे लग? नीतू अपनी चूत आकाश के मुँह पर रख बैठी और उसके लंड के पास अपनी मुँह ले गयी एक बार पलट कर वह मुझे देख बोली: तू भी निकाल लेना अपना पायजामा तू अपने भाई के सामने बेशरम बनोगी तो मेरी बची कुछ शर्म भी निकल जाएगी, आकाश भी उसकी बात पर मुझे देख बोला : हाँ दीदी अपने भाई से क्या शर्माना अब?

Sexy bhabhi ki chudai video

मैं उनकी बात मानकर अपना पायजामे को एक ही बार खींच कर निकाल फेकि और उनके सामने सिर्फ अपनी टॉप और चूत में खड़ी बोली: अब खुश इससे ज़्यादा नहीं, 

नीतू मुस्कुराती हुई अपनी गांड नीचे कर आकाश के मुँह में अपनी चूत देकर बोली: 

चलो आकाश दिखाओ अपनी दीदी को कैसे करते हो तुम ये कह कर नीतू आकाश के लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी मैं वापस इस मद मस्त नज़ारे को देखती हुई बिस्तर पर वापस बैठ गयी नीतू बेशर्मी के साथ मुझे अपनी नंगी गांड दिखाती हुई आकाश से अपनी चूत चटवा रही थी, साथ ही नीचे अपनी सर को उछालती हुई उसके लंड को चूस चूस कर खा रही थी नीतू वासना में इतनी चूर थी की अब न उसे कोई शर्म थी न ही उसे कुछ गलत नज़र आ रहा था फिर मैंने अपना  फ़ोन निकाला  और चुप चाप उसकी वीडियो बनाने  लगी। Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

मैं: और नीतू मज़ा आ रहा है? मेरी अच्छी किस्मत की नीतू बिना मुझे देखे लंड को चाटती हुई बोली: मममम बहुत आकाश खाते रहो मुझे!

मैं: बेचारा तेरा हस्बैंड उसे क्या पता तू यहाँ कितना मज़ा ले रही है उसके बिना,

नीतू: मममम भाड़ में गया मेरा हस्बैंड अह्ह्ह! आकाश! जीभ अंदर डाल ना, नीतू वापस उसके लंड को चूसने लगी और मैंने वीडियो लेना बंद कर दिया और  जो चाहिए था वह तो मुझे मिल गया था, मैंने भी अब अपनी पेंटी को एक तरफ खींची और उन्हें देखती हुई अपनी चूत को सहलाने लगी, कुछ 5  मिनट बाद मैं नीतू की गांड पर थपथपाती हुई बोली: 

भावना: चल चल काफी खाना खिलाना हो गया अब असली काम पे उतर, नीतू झट से उठ गयी और मुझे अपनी चूत सहलाती देख बोली: 

नीतू: हम्म्म तू तो बड़ी मज़े ले रही है हम दोनों के  ! मैं: जितना तू ले रही है उतना तो नहीं चल अब आ इधर वह मेरे तरफ अपने घुटनो पर चलती हुई आने लगी उसके हाथ पकड़ खींच मैं उसे अपनी तरफ घोड़ी बना कर  झुका दिया और आकाश से बोली: आकाश उठो और जाओ इसके पीछेआकाश और नीतू पर ऐसे हुकुम चलाने का भी अलग ही मज़ा था ख़ास कर की नीतू पर जिसे मैं बिलकुल पसंद नहीं करती आकाश तुरंत नीतू के पीछे जा बैठा और फिर मुझे देखने लगा, उसकी ऐसी नज़र पर मैं हस्स पड़ी और बोली:  Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

Hindi bhai bahan ki chudai

भावना: हाहाहा! देखो तो उसे मेरे अगले हुकुम का इंतज़ार में खड़ा है, नीतू पलट कर उसे देख बोली: ओफ्फो आकाश! फ़क में इडियट वह भी बताना पड़ेगा क्या?

मैं: खड़े क्या हो? चोदो नीतू को अब! तुरंत ही आकाश नीतू की  कमर को पीछे से पकडी  और फिर सामने को अपनी कमर बड़ा दिया उसके लंड के करतूत मेरे तरफ से तो नहीं दिखी लेकिन सामने नीतू की शकल को देख समझ गयी की आकाश ने अपने लंड को इसके अंदर उतार डाला, 

नीतू: अहह! ओह! यस! फ़क में आकाश! नीतू की ऐसी आह सुन मेरी उंगलियां खुद ब खुद मेरी चूत में जा घुसी और मैं मज़े लेती हुई नीतू और आकाश को देखने लगी धीरे धीरे आकाश अब अपनी तेज़ी बढाता हुआ अपनी कमर को मारने लगा, मेरे सामने नीतू उसके झटको के साथ पागल होती हुई बिस्तर की चादर को हाथो से दबोचने लगी, मैं अपनी चूत में ऊँगली करती हुई आकाश से बोली: स्लैप हेर आकाश! थपड मर कर चोदो इसे!

आकाश मेरी बात सुन शायद नीतू से जो उसे पहले गुस्सा था उसके आग़ोश में उसकी गांड पर ज़ोर का थपड दे मारा नीतू सिसकारती हुई बोली: 

नीतू: अहह एस! फिर से मारो आकाश फिर से!आकाश अपने धक्को के साथ 3 से 4  और थपड की बरसात नीतू की गांड पर कर डाली और नीतू उसकी मार खा कर और चुदाई के मज़े में मेरा टॉप पकड़ गयी पहले सोचा की उसकी हाथ फिर ध्यान न दिया , लेकिन कुछ ही पालो में आकाश के धक्को के साथ उसका लंड नीतू की चूत को धना धन चोदने लगा नीतू अपनी मुठी में टॉप के साथ मेरी बूब को निचोड़ने लगी, एक पल के लिए सोचा की उसे रोकू पर फिर अपनी चूत में ऊँगली करती हुई खुद को रोकती क्यों अब और भी  मज़ा आने लगा था ।

Sexy bahan ki chudai

नीतू: ओह! यस! यस! आकाश और अच्छे से मारो आकाश! अह्ह्ह!आकाश काफी ज़ोर के तेज़ धक्के मार रहा था और धक्को की ताकत से धीरे धीरे नीतू मेरे काफी करीब आ रही थी कुछ देर में ही नीतू का चेहरे मेरे चेहरे के काफी पास था और हाथ मेरे बूब को नोच नोच के दबा रहे थे  तब जाकर मैं और नीतू एक दूसरे को आँखों में देख मुस्कुराने लगे, वह आकाश की चुदाई का मज़ा लेती हुई बोली:  Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

नीतू: अहह अहह अहह! भावना मुझे नहीं पता था की तुम इतनी मस्त विचारो की हो!

मैं भी मज़े लेती हुई बोली: हाँ तुम भी नीतू मममम! मेरी बातो का  असर था  या पीछे से पड़ते आकाश के धक्को का असर था नीतू मेरे चेहरे के इतनी करीब आ गयी की उसकी होंठ मेरे होंटो के बिलकुल पास थे  और नीतू के हर आह में उसकी गरम सांसे मेरी नरम होंटो को गर्म कर रही थी, न जाने क्यों नीतू से सारी दुश्मनी भूल मैं अपने होंटो को आगे ले गयी और वह भी मेरी होंटो से होंठ मिलाकर मुझे चूम गयी नीतू के चूमते ही मेरे अंदर और ज़्यादा मस्ती आ गयी और अपनी चूत में तेज़ी से ऊँगली मारने लगी।

मुझे चूमती हुई ही नीतू अपनी हाथ नीचे ले गयी और मेरी उँगलियों को मेरी चूत से हटाकर अपनी उँगलियों से मुझे मज़ा देने लगी मैं उसे रोकने नहीं गयी भला क्यों रोकती अगर वह खुद मुझे भी मज़ा देना चाहती थी तो अगले 2 से 3  मिनट हम एक दूसरे को ऐसे ही चूमते रहे नीतू की उँगलियों का मुझ पर और आकाश के तेज़ी से मारते लंड के धक्को का हो रहा था नीतू पर असर,  अब हमे हमारे शिखर पर ले जाने लगी, हम दोनों ही लड़किया एक दूसरे की मुँह में सिसकारियां मारती हुई झड़ पड़े मैं अपनी जंघे सत्ता कर झड़ने के मज़े में आंखे बंद कर लेती और मेरे सीने पर थकी हारी नीतू। कुछ देर बाद मैं आंखे खोल नीतू से बोली:

Bhai ne bahan ki chudai ki

भावना: हमारा तो हो गया पर वह तो अब भी खड़ा है! नेतु पलट कर आकाश को देखा जो अब भी अपने तने हुए लंड के साथ अपने घुटनो पे उसके पीछे खड़ा था फिर नीतू मुझे देख बोली: हम्म्म सोच रही थी की अगर तुम्हे प्रॉब्लम नहीं तो इसे मैं अपने रूम ले जाओ क्या?

मैं: हम्म्म ले जा चाहिए तो, नीतू मेरे होंटो के पास आकर बोली: नहीं यार तू नहीं तो मज़ा नहीं, नीतू पलट कर आकाश को देख बोली: क्यों आकाश सही बोली न?

आकाश अपने लंड को हिलाता हुआ बोला : बिलकुल! जो आप दोनों कहो! नीतू मेरे बगल में पीट के बल लेट गयी और अपनी जांगे फैलाकर आकाश को अपनी चूत दिखाती हुई बोली: तो फिर टाइम खराब  मर करो आओ और शुरू हो जाओ आकाश!

मैंने  नीतू से पूछा::: तुझे फिर से करना है क्या ?नीतू मुझे और फिर आकाश को देख बोली: हाँ और बस एक बार नहीं जब तक मेरा मन न भरे तब तक चोदोगे तुम और हाँ… लगातार!!! तो दोस्तो आज इस कहानी मे बस इतना ही अगले भाग मे बतऔगा कैसे फिर अंकल आंटी ने हम तीनों को चुदाई करते हुये पकड़ा. Bhai Bahan ki chudai bhabhi ke saath:

Read More Sex Stories…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *