By | January 22, 2023

Sage Bhai Bahan Ki Chudai Ki Kahaniyan:-हैलो दोस्तो, आज मैं आपके सामने पिछली कहानी का भाग 4 लेके आया हु , मुझे उम्मीद है आपको ये कहानी बहुत पसंद आ रही होगी, और अभी तक आपने इस कहानी के पिछले भाग नहीं पढे तो यहा क्लिक करके पढ़ सकते है.
ये भी पढे-> आंटी की लड़की ने नंगा देखा फिर चुदाई कारवाई 3
स्वाति के साथ गुड मोर्निंग

अमित:5 सेकंड किश करने के बाद मैंने स्वाति से पुछा – इतनी पागल कैसे हो तुम अगर आंटी आ गयी तो.स्वाति – तुम्हे क्या लगता है की मैं ऐसे सीरियल देखती हूँ जो वह लगा कर बैठी हूँ. वह माँ की फेवरेट सीरियलो में एक है. कल ही देखा उसकी रिपीट टेलीकास्ट है पर तब भी देखेगी. अब जब तक ब्रेक न हो उसे होश नहीं आने वाला. सो जब तक ब्रेक न आये जो चाहिए कर बिना ब्रेक के.

Bhai Bahan Ki Chudai Ki Kahaniyan

ये सुनते ही ख्याल आया की कैसे मेरी माँ भी सीरियल देखने में पागल है और कुछ न सोचा आवर स्वाति को ज़ोर से गले लगते हुए होंटो से होंठ चिपका डाला. फिर क्या था कान टीवी के साउंड पर.कभी मेरे होंठ उसके होंठ पर तो कभी उसके होंठ मेरे होंटो के ऊपर लोट पॉट रही थी.

फिर टाइम नहीं लगा की कब हमारे जीभ के तरह एक दूसरे से मिलान करने लगे. उस दिन पता चला की फ्रेंच किश क्या होता है.मेरे हाथ जो उसके कमर पर थी वह जल्द ही उसके चुतरो को दबा रही थी और दूसरा हाथ धीरे से उसके बूब्स पर उसके टॉप के ऊपर से. मैं पागलो की तरह उसे किश किये जा रहा था. साथ ही उसके टॉप पे उबरे निपल को कभी चने के तरह मसलता तो कभी पुरे बूब को आम की तरह निचोड़ता.उसकी हलकी आह से मुझे और उत्तेजना हो रही थी और में तब बेकाबू हो गया जब स्वाति ने झट से मेरे शार्ट के ऊपर से मेरे लंड को अपने एक हाथ से दबा डाला. Sage Bhai Bahan Ki Chudai Ki Kahaniyan:-

Badi bahan ki chudai ki story

देर नहीं की मैंने और मेरा एक हाथ जो उसके कमर पर थी उसके शार्ट में घुसकर उसकी चूत को छू डाला.जैसे ही मैंने छुआ उसकी किश करने की उत्तेजना बढ़ गयी और अब वह मेरे होंटो को हलके से काट भी रही थी. उसकी चूत के एहसास से बोलू तो बाल नाम की चीज़ ही नहीं थी शायद वह वह शेव करती थी.

मैं धीरे धीरे उसके चूत के उबरे दाने को सहला रहा था.उसका असर दिख रहा था जिस तरह से वह एक हाथ से मेरे लंड को शार्ट के ऊपर से मसल और खींच रही थी और दूसरे हाथ से अपने नाखून मेरे पीठ में उतार रही थी. कुछ ही सेकंड में ऐसा लगा की उसकी चूत में फिसलन(स्लीपिंग) बढ़ गयी और तब समझ आया की उसकी चूत से नमी बहार आने लग गयी.

पर मेरी बत किस्मती बोलो की ये टीवी वाले 10 मिनट ही सीरियल दिखाते है और बाकि ब्रेक आ गयी. स्वाति झट से मुझसे अलग होकर अपने कपड़ो को ठीक किया और फिर अपना कप लेकर धोने लगी. मैं भी उस समय से बहार होश में आया और झट से अपना कप लेकर खड़ा उसके पीछे जैसे की उसके बाद मैं धोऊंगा.तभी आंटी आयी और बोली.आंटी – देखो बेटा तेरे आने का असर दिख रहा है. आज तक अपना पिया कप उसने धोया नहीं वही टेबल पर रख के जाती है.

आज देखो कैसे. तुम यही रुक जाओ जब तक इसकी शादी न हो जाये.मैं – ऐसा कुछ नहीं है आप खमका इसे डाठते रहते हो.यूं तो अब तक आंटी की हर बात पर स्वाति जवाब देती थी लेकिन इस बार नहीं दिया. चुप चाप कप धो रही थी और मैं समझ गया की क्यों. शायद वह चीड़ गयी थी क्यों की कोई भी लड़की या औरत मज़े के उस सीमा तक पहुँच कर वापस आना पसंद नहीं करती. Sage Bhai Bahan Ki Chudai Ki Kahaniyan:-

इतना ज्ञान मिला है मेरे एक्सपेरिएंस्ड दोस्तों से.तभी लिविंग रूम से स्वाति के मोबाइल की घंटी सुनाई दी. उसने कप उसके जगह पर रखा और मुझसे भी नज़र मिलाये बिना अपने कोहनी से मेरे हाथ को मारते हुए लिविंग रूम से अपना मोबाइल उठाकर अपने रूम को चली गयी.

Bhai bahan ki chudai hindi awaz mai

मैं सोचने लगा की भला मैंने क्या गलत कर दिया? उसके शकल में निराशा और साथ ही साथ गुस्सा दिख रहा था जब वह गयी. वह अपने कमरे को गयी और डोर बंद कर दिया लेकिन पूरा नहीं. मैं थोड़ी देर आंटी से बात किया और फिर अपने रूम जाकर उसे व्हाट्सप्प में मैसेज किया.मैं – हेलो क्या हुआ?स्वाति – कुछ नहीं.मैं – बोल तो…स्वाति – क्या बोलू?मैं – कुछ भी?स्वाति – बोलने का मूड नहीं.मैं – तो क्या करने का मूड है?स्वाति – कुछ नहीं बाई..मैं – अरे ऐसे न बोलो. वरना में दीवार थोड़ कर आ जाऊंगा.स्वाति – जब दरवाज़ा लॉक नहीं है तो फिर दीवार क्यों खामका थोड़ोगे?मैं मैं ही मैं फिर से पुरे जोश में आ गया.
फिर धीरे से दरवाज़ा खोल कर देखा तो आंटी फिर से टीवी के सामने बैठी हुई थी. मेरा और स्वाति का रूम अगल बगल ही था और हमारा डोर ठीक टीवी के अपोजिट जिससे आंटी नहीं देख सकती थी पीछे.

मैं धीरे से अपने कमरे से निकला और अपने रूम के डोर को हलके से सताया तभी सोचा की बाद में अगर आंटी रूम को आयी तो मुझे न देख क्या सोचेगी? फिर तभी दिमाग में आईडिया आया.मैंने आंटी को पीछे से आवाज दी – आंटी में ज़रा बाथरूम होकर आता हूँ पेट थोड़ा गड़बड़ी कर रहा है.आंटी तो सचमे इतनी बिजी की बोली – ठीक है बेटा.वह टीवी देखते रही और झट से मैंने अपना रूम पूरा बंद कर दिया जिससे वह अंदर से लॉक हो गया. मैं झट से नीचे बैठ गया ये सोचकर की कही आंटी पलट कर न देखे आवाज़ सुनने के बाद.

पर वह मूड के देखि भी नहीं.मैं धीरे से बिना आवाज़ किये स्वाति के कमरे का डोर जो लॉक नहीं था वह खोला और अंदर को चला गया. डोर को सटाया और पलट कर देखा तो स्वाति बेड पर लेटी हुई मोबाइल पर कुछ कर रही थी. उसने मुझे देखा और भवरो को उठाते हुए इशारा किया.मैंने भी आंख मरते हुए इशारा किया की बस तेरे लिए आया हूँ.

indian bhai bahan ki chudai ki kahani

हम इशारे इस लिए कर रहे थे क्यों की हम कुछ ज़्यादा आवाज़ में बोल नहीं सकते थे. इतने में स्वाति बेड से उठी और मेरे तरफ आने लगी. मेरे पास पहुँचते ही उसने मुझे अपने कमर से एक ढाका देकर दरवाज़े के सामने से हटाई.डोर को थोड़ा खोल कर बोली – माँ में नहाकर आती हूँ.आंटी टीवी में व्यस्त बिना मुड़कर देखे बोली – हाँ ठीक है जल्दी करो. Sage Bhai Bahan Ki Chudai Ki Kahaniyan:-

अब जाकर नाहा रही है.स्वाति ने धड़ाम से दरवाज़ा बंद किया तो समझा की ये तो उसका डोर लॉक करने का बहाना था.

ब जाकर मुझे लग रहा था की अब मेरा वक़्त आ गया और यही एहसास उसके चेहरे पर भी दिखा जब वह मुड़कर मुझे देख नॉटी भरी मुस्कराहट दी.उसकी वह होंटो को दबाते हुए आँखों के भवरो को उठाकर वह मुस्कान है

भगवान् मेरा झुका हुआ लंड फिर से मज़बूत होने लगा. बस देर न की और उसके बाज़ुओ को पकड़ कर उसे डोर से उसकी पीट लगाकर खड़ा किया और चेहरे के काफी करीब जाकर कहा – इतनी भी क्या जल्दी है नहाने की? बोलो तो में नहला दूँ क्या?स्वाति – हाँ नहला दो पर नहलाने से पहले थोड़ा गन्दा करना.

तभी तो नहलाने में मज़ा आएगा? पढ़ने की इच्छा हो तो मुझे कमेंट ज़रूर करो.
Read More Sex Stories…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *