By | June 16, 2023

Bhaii Bahan Ki Chudai: हैलो दोस्तो, ये कहानी है मेरी छोटी बहन पंखुरी की मेरी दो बहने है एक मुझसे 2 साल छोटी निधि और सबसे छोटी पंखुरी, ये उन दिनों की बात है जब निधि पढाई कर रही थी।

उसकी आगे 21 साल थी पंखुरी जिसकी उम्र उस समय 19 साल थी पंखुरी और निधि दोनों ही देखने में बहुत सुन्दर थी दोनों का बदन मखमली गोरे रंग का था पर पंखुरी हाइट में निधि से बड़ी थी और वह ज्यादा सेक्सी लगती थी 

Bhaii Bahan Ki Chudai

उसके गोरे नरम और मखमली बदन को छूकर जैसे मेरे बदन में आग सी लग जाती थी कुछ दिन यहीं बीत गए , मेरी तड़प और भड़ती जा रही थी।

अब मेरा मन पंखुरी को पूरा तरह नंगा देखने का था मेरी ये मुराद जल्द पूरी हुई निधि की कॉलेज की छुट्टी ख़तम होते ही वह कॉलेज चली गयी ठण्ड का टाइम था।

जनवरी का पहला साप्ता घर पर सब 9 बजे के बाद ही उठते थे पर पंखुरी 5:०० बजे ही उठ जाया करती थी।

मेरा घर चारो तरफ से बड़े बिल्डिंग से घिरा हुआ है घर के एक तरफ बगीचा है ये जगह ऐसी है की ये बगीचा छुपा रहता है बहार से कोई देख नहीं सकता घर के बाथरूम बगीचे के एक कोने में है। Bhaii Bahan Ki Chudai

Bahan ki chudai ki kahani

वह भी थोड़ा पुराना और उस्का दरवाजा अलुमिनम के शीट से बना था उस पर बहुत से होल थे जिससे अंदर दिखाई देता था बहन रोज वहीँ नहाया करती थी 

एक दिन मैं बहार फ़ोन करने बगीचे में गया तो देखा की बहन नहाने जा रही थी अँधेरा था बहार मैंने दरवाज़े मैं बने होल से अंदर देखा, बहन ने अपनी येलो कुर्ती ऊपर की और उससे उतर फेका और एक झटके में अपनी पैंट भी उतार दी।

मैं पंखुरी को फर्स्ट टाइम ऐसे ब्रा पंतय में देख रहा था उसके गोरे बदन पर वह पिंक ब्रा और वह रेड पंतय क्या मस्त लग रही थी।

मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था मेरा दिल बेचैन हो रहा था दिल तो कर रहा था अभी दरवाज़ा खोल कर अंदर जाओं और उससे बाँहों में भर लूँ।

मैं ये सोच ही रहा था की उसने अपनी ब्रा की हुक खोल दी और ब्रा को अपने हाथो से निकाल कर फेक दिया।

मेरी आंखे जैसे उसकी रसीली चूचियों में खो गयी और अगले ही पल उसकी रेड पंतय ज़मीन पर पड़ी थी मैं पहली बार किसी को लाइव ऐसे नंगी देख रहा था।

वह भी मेरी अपनी छोटी बहन मेरी साँसे जैसे थम सी गयी मेरी बहन मेरे सामने नंगी होकर खड़ी थी उसके बदन पर एक डग्गा तक नहीं था मेरा दिल ख़ुशी से झूम उठा क्या नज़ारा था।

वहा मैंने झट से अपना फ़ोन निकला और उसकी कुछ तस्वीरें निकाल ली अब उसने शावर किया और नहाने लगी पानी की बूंदें उसके गोर मख़मली बदन से धीरे धीरे छीटे हुए निचे जा रही थी।

काश मैं उसके बदन पे बहते पानी को पि जाओं मैं अब उसकी वीडियो बनाने लगा उसने बदन पर साबुन लगाया और अपनी चूचियों को मसलकर साबुन लगाने लगी। Bhaii Bahan Ki Chudai

Bhai bahan ki chudai ki kahani

उन् मस्त चूचियों को ऐसे देख कर उन्हे खा जाने का दिल करने लगा,की अभी जाओं और उनने दबा दबाकर चूस चूसकर उनका रस पि जाओं।

वह थोड़ी सिसकियाँ लेती हुई ऐसे ही अपने चुत को सेहला रही थी मैं भी अपने लंड को हिलाने लगा।

काश वह मुझे अंदर बुला लेती तो उससे वहीँ पर अपने हाथो से नहलाते हुए उससे खा जाता।

उसकी चुत को उसकी चूचियों को चाट चाट कर खाता, क्या चुदाई करता मैंने ऐसे ही उसे देखता हुआ 2-3 बार झड़ चूका था।

मैंने अब फ़ोन की रिकॉर्डिंग बंद की और वहां से हट गया थोड़ी दूर पर फ़ोन पर बाते करने की एक्टिंग करने लगा। वह बहार निकली और मुझे देख कर मुस्कराने लगी।

पंखुरी: वाह भैया गुड मॉर्निंग! सुबह सुबह उठ गए क्या बात है आज नींद नहीं लग रही क्या? मैं मन ही मन सोच रहा था की कैसे नींद आएगी अब तो जब तक अपने हाथ से तेरे बदन से एक एक कपडे उतर कर तुझे पूरी नंगी न करूँ तब तक कहा चैन मिलेगा।

पंखुरी: कहाँ खो गए भैया किसकी यादों में हो?

मैं: (मैं सकपक्का गया और पता नहीं मेरे मन से निकल गया) तुम्हारे ही ख्यालों में और किसके?

पंखुरी: (शरमाते हुए) आप बहुत नॉटी हो हे हे हस्ते हुए जल्दी से भाग कर रूम में चली गयी अब तो रात का इंतज़ार था आज उसकी नंगी चूचियों को देखने के बाद उन्हें छूने का मन कर रहा था। Bhaii Bahan Ki Chudai

मैंने आज ठान लिया था की आज तोह उसके ब्रा के अंदर से ही उसकी चूचियों को दबाऊंगा, पर ख़ुशी के मारी कब नींद आ गयी पता ही नहीं चला रात को अचानक नींद खुल गयी और मैंने देखा की बहन एक हाथ अपनी पंतय के अंदर रख अपनी चुत को मसल रही है और एक हाथ से मेरे लंड को ऊपर से ही हिला रही है मेरी ख़ुशी का तो ठिकाना नहीं था।

Bhai aur bahan ki chudai

मैं समझ गया की उसका भी चुदवाने का मन है मैंने झट से उसके हाथ को मेरे लंड पर से ही पकड़ लिया वह डर गयी और रोने लगी।

मैं: यह क्या कर रही हो पंखुरी तुम्हे शर्म नहीं आती ?

पंखुरी: भैया आप सोये नहीं हो मुझे माफ़ कर दों मैं आगे से ऐसा नहीं करुँगी।

मैं: तुम ऐसा क्यों कर रही थी? मैं तुम्हारा भाई हूँ ऐसे करने में अच्छा लगता है क्या मम्मी को बोल दूँ?

पंखुरी: नहीं भैया मम्मी को मत बताना प्लीज! आपको मेरी कसम, वह डर से और शर्म के मारे काप रही थी मैंने उसे शांत करवाया।

मैं: पर तुमने ऐसे क्यों किया? क्या तुम्हे ऐसा करने में अच्छा लगता है? क्या ऐसे रोज़ मेरे सोने के बाद ऐसा करती हो? वह शर्म से पानी पानी हो रही थी मैं अंदर ही अंदर ख़ुशी से झूम रहा था मेरी बरसो की तम्मना पूरी होने वाली थी

पंखुरी: (धीरे से कहती है) आप भी तो रोज़ मेरे बूब्स को छूते हो और निचे हाथ लगाते हो पर मैंने कभी मम्मी को नहीं बताया।

मैं ये सुन कर हैरान हो जाता हूँ और थोड़ा डर भी जाता हूँ सकबका कर उससे ताल मटोल करने लगता हूँ।

मैं: मैंने कब किया ऐसे? कुछ भी मत बोलो चोरी पकड़ी गयी तो अब बहाने मत बनाओ अब मेरी इस बात से उसका कॉन्फिडेंस थोड़ा बढ़ता है।

पंखुरी: झूट मात बोलो भाई मैं रोकती नहीं हूँ पर आप हर रोज़ मेरी बूब्स को ऐसे सहलाते हो आज सुबह जब मैं नाहा कर निकली तो आप क्या कर रहे थे? 

मैं डर गया की कही उसे पता तोह नहीं चला की मैं उसकी वीडियो बना रहा था।

मैं: क्या कर रहा था? कुछ नहीं तुम ही बाताओ क्या कर रहा था। Bhaii Bahan Ki Chudai

पंखुरी: आप नंगी वाली वीडियो देख रहे थे और आपका लंड भी खड़ा था उसके मुंह से लंड सुन कर मैं दंग रह गया।

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उसने मुझे उसकी वीडियो देखते सायद देख लिया था आप पोर्न देख रहे थे न? उसे ये नहीं देखा की ये उसी की नंगी वीडियो थी जो मैं देख रहा था वरना पता नहीं क्या कहती।

मैं: हाँ पर क्या करू देखना पड़ता है कभी कभी मन करता है मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है न।

पंखुरी: तो क्या गर्लफ्रेंड के साथ ये सब करते है छि !

मैं: छि क्या भगवान् ने बनाया है ये तुम भी तो मेरा लंड हिला रही थी क्यों बताओ? अच्छा लगता है न?

पंखुरी अब शरमाते हुए आहें भरती हुई कहती है।

पंखुरी: आप कितने बेशरम हो।

मैं: क्या बेशरम? अच्छा लगता है की नहीं ये बोलो? वह चुप हो जाती है और उसकी सांसे तेज़ हो जाती है।

मैं: बोलो न शर्माओ मत कैसा लग रहा है डरो मत मैं किसी से कुछ नहीं कहूंगा ये हमारा सीक्रेट रहेगा।

मैं निधि से भी नहीं कहूंगा ये बात सिर्फ हम दोनों के बीच रहेगी प्रॉमिस।

पंखुरी: पर भाई से ये सब गलत तो नहीं?और ऐसा कह कर वह अपना हाथ हटा लेती है उसके बदन में जैसे सिहरन से दौड़ रही थी शर्दी के मौसम में भी उसकी बदन से पसीना निकल रहा था।

मेरा हाल भी कुछ ऐसा ही था मेरी तो ख़ुशी के मारे सांसे जैसे अटक सी जा रही थी अपनी छोटी बहन से कैसे बाते कर रही थी  

मैंने उसकी आंख से आंसू साफ और उसकी हाथ को पकड़ कर कहा। Bhaii Bahan Ki Chudai

मैं: ये तो सब लोग करते है एक बात बताओ मैं जब तुम्हारे चूचियों को छुता हूँ तो कैसा लगता है? पंखुरी अपना मुह अपने हाथों से छुपा कर उधर कर लेती है।

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मैं उससे अपनी और घूमाता हूँ और कहता हूँ।

मैं: क्यों शर्म आती है न? मुझे भी आती है पर जब भी तुम्हे देखता हूँ तो तुम्हे छुने का दिल करता है तुम्हे अपनी बाँहों में भर कर तुम्हे प्यार करने का दिल करता है।

पंखुरी: हाँ।

मैं: क्या हाँ? अब बोल भी दो।

पंखुरी: थोड़ा अजीब सा लगता है भाई आप जब मुझे छूते हो न मेरे बदन में जैसे आग सी लग जाती है आप जब मेरे बूब्स को सहलाते हो न दिल करता है की इन्हे अपने अंदर ले लू न, बस इतने कह कर वह चुप हो जाती है उसका बदन जैसे जल रहा था।

मैं: बोलो न रुक क्यों गयी पंखुरी? और बोलो न मुझे अच्छा लग रहा है मैं कब से तुम्हारे मन से ये सब सुनना चाहता था बोलो न।

पंखुरी: न भाई शर्म आती है वह पूरी तरह गरम हो गयी थी फिर क्या था मैंने उसके हाथ को अपने लंड पर रख दिया और कहा।

मैं: पंखुरी अब और शर्म नहीं तुम जब जहाँ चाहे मुझे छु सकती हो मैं नहीं रोकूंगा क्या मुझे ये हक़ नहीं दोगी ? अगर नहीं तो अपना हाथ हटा लो मेरे लंड पर से।

पंखुरी: क्यों हटाओं? ये तो मेरा है मुझे हक़ है न और उससे जोर जोर से हिलाने लगती है।

मैं: और मुझे? कुछ कहो न नहीं तो मैं पागल हो जायूँगा मुझे और न तडपाओ। Bhaii Bahan Ki Chudai

पंखुरी: हाँ भाई आपको पूरा हक़ है और ऐसा कहते कहते मेरे होटों पर किश करती है बहन अब पूरी तरह से सेट हो चुक्की थी मैंने 2-मिनट उसे यहीं किश किया क्या मस्त गुलाबी होंठ थे उसके उसने धीरे से मेरे हाथों को लिया और अपने चूचियों पर रख कर कहती है।

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पखुरी: आप जो चाहे कर सकते हो भाई मुझे बहुत अच्छा लगता है मेरी बूब्स को चूसो भाई उन्हें आज़ाद कर दों न अपने बहन के मुंह से ऐसा सुन मेरे बदन में आग सी लग गयी।

मैं अपने बहन पर टूट पड़ा इतने दिन की तम्मना आज पूरी होने वाली थी मैंने उससे बिस्तर पर ठीक से लेटाया और उसके हाथो को सर के ऊपर किया।

उसे फिर से किश किया फिर उसकी दोनों चाचियों को हाथ से ऐसे मसलने लगा की जैसे आज ही उनका सारा रस निकाल लूंगा।

बहन तड़प उठी और सिकियाँ लेने लगी मैंने बहन से कहा।

मैं: पंखुरी मैं इन दोनों रसीले आम को खाना चाहता हूँ मुझे ये आम खाने दोगी न बोलो, पंखुरी आहे भर्ती हुई कहती है।

पंखुरी: हाँ भाई आपके ही आम है आज़ाद कर दों न इन्हे चूस चूस कर खा जाओ ने ये आम ये आम तो आपके लिए फ्री है न इनका पूरा रस पि जाओ न प्लीज खाओ न देर मत करो।

पंखुरी की ऑंखें शर्म के मारे बंद थी वह बस मेरे निचे युहीं पड़ी थी जैसे उसने अपना सब कुछ मुझे सौंप दिया हो पंखुरी ने एक पर्पल कलर की सिल्की नाईट ड्रेस पहनी थी और एक पर्पल कलर की पैंट,

उसके मखमली बदन पर ये पर्पल कलर की नाईट ड्रेस क्या लगा रही थी मैंने बहन की चूचियों को दबाते हुये अपने हाथो को ऊपर उसके टॉप तक ले गया और दोनों और से उसके टॉप को खिच कर फाड़ दिया। Bhaii Bahan Ki Chudai

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उसकी नाईट ड्रेस के सारे बटन टूट गए उसने अंदर भी वह पर्पल पहन रखी थी।

पंखुरी: क्या हुआ भाई? मेरी ब्रा उतार फेकों न मेरी बूब्स को आज़ाद करदों न मुझे और मत तड़पाओ,

ये सुनते ही मैं उसकी चूचियों पर टूट पड़ा उसके ब्रा को दोनों हाथो से ऊपर की और उठता हुआ उसके बदन से अलग कर दिया उसकी रसीली मस्त टंकी हुई चूचियां मेरे सामने थी।

मुझसे जैसे कह रहे हो की आज ये मेरी प्यास भूझा कर ही दम लेंगे मैं उन पर झपट पड़ा दोनों हाथो से उन्हें पकड़ा और जोर जोर से उन्हें मसलता हुआ बहन की निप्पल को अपने हाथो से चूसने लगा, कभी मैं एक निप्पल को चूसता तो कभी दूसरे को।

मैं: देखो न पंखुरी मैं कैसे तुम्हारा दूध पि रहा हूँ, मैं उसके निप्पल को अपने दातों से काट रहा था वह तड़प उठती है।

पंखुरी: हाँ भाई मेरे निप्पल को ऐसे ही काटो न भाई बहुत अच्छा लग रहा है और चूसो न इन्हे आह ।

मैं दोनों हाथों से उन्हें दबाता हुआ 15-मिनट तक उन्हें चूसता रहा बहन की ख़ुशी की कोई सीमा नहीं थी।

उसे तो जैसे जन्नत का एहसास हो रहा था वह सिसकियाँ लेते हुए कहती।

पंखुरी: आह!! भाई और जोर से दबाओ न और जोर से चूसा न खा जाओ,

बहन पूरी तरह मदमस्त हो चुकी थी वह मोअन कर रही थी अब मैं उसकी चूचियों का रस चख चुक्का था अब तो उसे और तड़पाने की बारी थी मैं दोनों हाथो से चाचियों को दबाता हुआ उसकी नाभि तक आया। Bhaii Bahan Ki Chudai

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अब मैं अपने हाथो से चूसने लगा वह बिस्तर पर ही उछल पड़ी मैंने जैसे ही उसके चुत को किश किया वह पूरी तरह मदमस्त हो गयी उसने मेरे सर को पकड़ा और अपने चुत पर रगड़ने लगी।

पंखुरी: और मत तड़पाओ न आज़ाद कर दो न मेरी चुत को खोल्दो न सब कुछ मुझे पूरी तरह नंगी कर दो, ये सुन मैंने उसकी पंत फाड़ कर उसके बदन से उतर फेकी जैसे ही उसकी पैंट फटी वह पूरी घूम गयी।

अब उसकी मस्त गांड मेरे सामने थी मैं उस पर चढ़ गया और उसकी पीठ पर किश किया, अपने दोनों हाथो हाथो से उससे छुता हुआ हर तरफ किश करने लगा।

उसके बदन को ऐसे छुता हुआ उसकी पंतय तक आया फिर उसके पीछे से ही उसकी पंतय उतारने लगा।

अब पंतय उसके गांड से होते हुए उसकी जांगों तक लाया और उसकी चुत को आज़ाद कर दिया।

मेरी बहन मेरे सामने पूरी तरह नंगी होकर लेटी थी मैंने जैसे ही उससे सीधा किया वह उठी और मुझसे लिपट गयी।

उसकी नंगी चूचियां मेरे बदन पर रगड़ रही थी मैंने उसकी दोनों चाचियों को हाथो से पकड़ा उसके निप्पल को काटते हुए उसे अपनी गोद में बैठा लिया।

फिर उसे सर के बाल लेटाया और उसकी जांगों को किश किया वह बिस्तर पर मचलने लगी।

उसकी चुत पर बहुत बाल थे मैंने उसके जांघों को किश करता हुआ उसकी चुत तक गया और उन्हें सहलाता हुआ किश करने लगा।

मैं: पंखुरी तुम्हारे चुत पर कितने बाल है इन्हे शेव क्यों नहीं करती?

पंखुरी: (सिसकती हुई) हाँ भाई इन्हे आप ही अपने हाथो से शेव कर दो न।

मैं उसे बेड के किनारे लाता हूँ और बड़े प्यार से अपनी बहन की चुत रेजर से साफ़ कर देता हूँ वह मज़े से अपने दोनों टैंगो को फैलाकर मुझसे अपनी चुत के दर्शन करवा रही थी। Bhaii Bahan Ki Chudai

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फिर क्या था मैंने उसके चुत को दांतून से काटने लगा उसने भी मेरे सर को पकड़ा और कहने लगी।

पंखुरी: भाई खाओ जाओ इन्हे यह कितनी प्यासी है इनकी प्यास भुजा दो न प्लीज और ऐसा कहते हुए मेरी शर्ट खोल देती है।

मैं: हाँ बहन आज इनकी सारी प्यास भुजा दूंगा तू देखना मैं इन्हे कैसे चाट रहा हूँ वह जैसे ही उठ कर देखती है मैं उसकी चुत को अपने जीब से चाटने लगता हूँ।

अब मैं अपने दोनों हाथो से उसकी चूचियों को दबाता हुआ उसकी चुत के अंदर तक चाट चाट कर खाने लगता हूँ।

मैंने जैसे ही उसकी चुत को दांत्तों से कट्टा वह तड़प उठी है।

पंखुरी: बहुत अच्छा लग रहा है मैं कब से ऐसा चाहती थी और चाट चाट कर खाओ न।

मैं अब उसके ऊपर आ जाता हूँ और उससे किश करता हुआ कहता हूँ।

मैं: आज सब कुछ दोगी न मुझे बोलो न।

पंखुरी: हाँ भाई सब कुछ ले लो न सब आपका है मेरी चुत प्यासी है भाई ले चलो न मुझे अपने गोद में उठा कर ले चलो न बाथरूम में, मेरा लंड पहले से ही उसकी चुत की गहरायी नापना चाहता था। Bhaii Bahan Ki Chudai

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मैंने उसे अपनी बाँहों में उठाया और उससे बाथरूम में ले गया मेरी बहन मेरे बाँहों में नंगी थी।

मैंने जैसे ही उसे बाथरूम में खड़ा किया उसने मेरी पैंट उतार फेकी मैं उसके सामने नंगा होकर खड़ा था।

हम दोनों पूरी तरह नंगे होकर एक दूसरे के पास खड़े थे वह मुझसे लिपट गयी और मुझे चारो तरफ किश किया।

वह अब मेरे लंड पर टूट पड़ी मैंने सुबह ही शेविंग की थी मेरे लंड को देख कर कहती है।

पंखुरी: क्या मस्त लंड है भाई कितना बड़ा और मोटा है ये मेरी चुत को तो ये फाड़ डालेगा और ऐसा कहते हुए उसे चूसने लगी है।

पंखुरी: कितना मस्त क्लीन क्लीन है ये इससे खा जऔगी आज।

मैं: हाँ तुम्हारे लिए ही है तुम्हारा लॉलीपॉप खाओ न इससे खा जाओ न पूरा मेरा लंड को वह जोर जोर से चूस रही थी।

मैंने उसके शर को अपने हाथो से पकड़ रखा था और उसे अपना लंड चूसा रहा था उसके बैलन को जोर से पकड़ उससे अपना लंड चूसा रहा था।

वह 10मिनट तक यूँ हीं मेरा लंड चुस्ती रही अब मैं झड़ने वाला था मैंने कहा।

मैं: पंखुरी मेरे लंड का पानी निकलने वाला है।

पंखुरी: हाँ भाई निकलने दो न उसे मैं पि जऔगी आज मैं आपके प्यार का रस,  जैसे आपने मेरी चूचियों का रस पिया मैं लंड का रस पि जयुंगी, मेरे लंड का पानी जैसे ही ही निकलने लगा उसने उसे अपने मुंह में ले लिया। Bhaii Bahan Ki Chudai

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पर बास आधा रस ही उसके मुंह में गया बाकि उसे होठ से निकाल कर उसकी चूचियों पर और उसकी पेट से बहता हुआ उसकी चुत तक पहुंच गया।

मैंने उसे फिर बाथरूम की फर्श पर लेटाया उसके चुचिया और चुत के पानी से साफ़ किया।

फिर उसके ऊपर से पानी की बूंदों को चाटने लगा बहन तड़पती रही, अब मैंने उसको पेअर फ़ैलाने को कहा ताकि मैं उसकी चुत की चालू कर सकूं।

मैं: पंखुरी चल अब अपने दोनों पेअर को पहला कर दिखा मुझे।

पंखुरी: हां भाई ये चुत आपका लंड का इंतज़ार कर रही है तड़प रही है उससे भाई अंदर डालो न इसके लिए मैं तैयार हूँ।

मैं: हाँ मेरी प्यारी बहन तेरी चुत की प्यास भुझाने के लिए मेरा लंड भी तड़प रहा है।

पंखुरी: भाई आराम से मेरी चुत नाज़ुक है आराम से भाई मैं उसकी चुत पर टूट पड़ता हूँ उससे अपने मुह से किश करता हुआ उससे चाट चाट का खाने लगता हूँ । वह अब ज़ोर ज़ोर से सिसकने लगी है।

पंखुरी: आह हाँ देखो न भाई मैं कैसे आपके सामने नंगी हूँ और फिर मैंने उसकी चुत पर अपने लंड रखा और उससे रगड़ता रहा वह मदमस्त हो कहती रही।

पंखुरी: चोदो चोदो न भाई आपकी बहन आपसे चुदने को तड़प रही है फाड़ दो न मेरा बूर मेरे चुत आपकी दीवानी है।

मैं: हाँ बहन देख तेरा भाई तुझे कैसे चोदता है और अगले ही पल मैं एक झटके से उसके चुत में मेरे पूरा लंड डाल देता हूँ उसकी चीक निकल जाती है और चुत पर से खून निकल आता है मेरी कमसिन बहन अब कली से फूल बन गयी थी।

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अब मैं उसके चुत की धक्के चालू करता हूँ जैसे ही मैं लंड को बहार करता हूँ वह मुझे पकड़ लेती है है दो तीन बार ऐसे ही करते ही उसकी सिसकियाँ तेज हो जाती है वह पूरी तरह मदहोश हो जाती है, मैं इतने में शावर मे कर देता हूँ।

उसके गोरे बदन पर पानी को पीता हुआ उसकी चुदाई करने लगता हूँ लंड अब आराम से उसके चुत में जा रहा था, पानी में भीगी उसकी चुत जब मेरे लंड से टकराती तो एक काट काट की आवाज़ करती। Bhaii Bahan Ki Chudai

बहन ये देख कर और भी मदमस्त हो रही थी कहती है।

पंखुरी: भाई देखो न आपका लंड मेरे चुत पे कैसे जा रहा है कैसे जन्मो का प्यासा है आपका लंड ये कैसे आवाज़ कर रहा।

मैं: हाँ बहन ऐसे ही तुझे रात भर चोदुगा आज।

पंखुरी: हाँ भाई ऐसे ही रात भर आपसे चुदवाना चाहती हूँ और ज़ोर जोर से चोदो न भाई, 2 घंटे तक मैं बार बार उसे चोदता रहा और उसे मैं अपने लंड का रस पिलाता तो कभी उसकी चुत का पानी मैं पी जाता।

ऐसे हम दोनों 4-5 बार झड़ चुके थे मैं शावर बंद कर उसे ज़मीं पे लेटा कर फिर से उसे चोदता हूँ और हम दोनों की कब आंख लग जाती है पता ही नहीं चलता।

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फिर जैसे ही 5 बजे को अलार्म बजता है बहन की नींद खुल जाती है बहन उठते ही कहती है।

पंखुरी: भाई ये मेरा बेस्ट दिन था आज आपने मेरी तंमनाः पूरी की है ये बेस्ट गिफ्ट था भाई।

मैं: हाँ पंखुरी तुम्हें आज मेरी भी ख्वाइश पूरी की है।

पंखुरी: पर भाई आपकी बहन की ये प्यासी चुत इतने से नहीं मानेगी आप रोज़ ऐसे मुझे चोदोगे न ।

मैं: हाँ बहन बनाओ जो लिस्ट बनानी है मैं तुम्हे हर एक तरीके से चोदना चाहता हूँ।

हम ऐसे ही एक साथ शावर में नहाते हैं मैं उसे बाँहों में भर कर बहार ले जाता हूँ अपने हाथो से उसे ब्रा एंड पंतय पहनता हूँ।

वह ख़ुशी ख़ुशी मुझे ड्रेस पहनाने को कहती है वह भी मुझे कपडे पहनाती है और फिर मैं उसे ड्रेस में बाइक पर छोड़ कर आता हूँ।

इस तरह मैंने अपनी बहन की प्यासी चुत की प्यास को थोड़ा कम किया पर उसकी प्यास अभी बाकि थी 

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