By | December 20, 2022

Bua ki chudai ki kahani :हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब , इतने मैसेज किये आप सबने इस स्टोरी के नेक्स्ट पार्ट के लिए मुझे बहुत अच्छा लगा. मुझे उम्मीद है की आप सबको लेके करते हुए ऊपर आए. और ऊपर आके मेरे अंडो को मुँह में लिया और हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर ऊपर निचे करने लगी.

मैंने बुआ को ऊपर आने का इशारा किया. पर वह मेरा लंड चूसने में इतना मस्त थी की वह सुन्न ही नहीं रही थी. मैंने फिर बुलाया और उन्होंने नहीं सुना यह देख के मुझे गुस्सा आ गया.

मैंने बुआ के बाल पकडे और सर को ऊपर किया और ज़ोर से एक झापड़ उनके गाल पे लगा दिया. बुआ के गाल एक दम लाल पड़ गया और आँखों में आशु निकलते निकलते रह गए.

Bua ki chudai ki kahani`

हलाकि यह दूसरी बार था जब बुआ को मैंने मारा था पर शायद उनके दिमाग में अभी भी मैं उनका भतीजा था और उनको ऐसे पीटने की आदत नहीं थी.
बुआ – क्या हुआ?
मैं – कब से ऊपर बुला रहा हु तुम आ ही नहीं रही थी.
बुआ फेर हसी हस्ती हुई. Bua ki chudai ki kahani

Meri Bua ki chudai ki kahani

बुआ – आपका लंड इतना बड़ा और मोटा है की चूसने में मज़ा आ रहा था. मन ही नहीं हो रहा था ऊपर जाने का. मन था की खा जाऊ.

मैं – खा लोगी तो तुम्हारी चुत में क्या डालूंगा.मैं थोड़ा निचे गया और उनके बड़े बड़े बूब्स पकड़ के दबाने लगा और उनको मुँह में लेके चूसने लगा. कही काट भी लेता था तो बुआ एक दम से आहे भर्ती थी.

फिर मैंने बुआ की गांड को पकड़ के दबाने लगा. बुआ समझ गयी थी की अब मुझे चोदना है उनको.
उन्होंने अपनी गांड उठाई और मेरा लंड पकड़ के अपनी चुत के पास रखा और मुझे देखते हुए धीरे धीरे मेरा लंड चुत के अंदर ले लिया.जब भी मेरा लंड बुआ के अंदर होता और मैं उनको देखता तो एक अजीब सी एक्ससिटेमेंट होती थी. जिसको इतना मिस करता था कभी सोचा भी नहीं था की उसको चोद पाउँगा और वह आज मेरे लंड के ऊपर बैठी है.

मेरा लंड अंदर जाने के बाद हमने झटके नहीं लगाए. उसके बाद हमने किश करना स्टार्ट कर दिया. वह मेरे होठो को मेरी टंग को ऐसे सूचक कर रही थी जैसे फिर कभी नहीं मिलेगी.
मैं भी अपनी टंग उनके मुँह में डाल देता था और वह उसको पागलो की तरह सूचक करने लगती. फिर मेरे दिमाग में ख्याल आया मैंने बहुत सारी सलीवा अपने मुँह में जमा की और फिर सारी की सारी उनके मुँह में डाल दी.

उसने मेरी तरफ देखा की वह क्या करती है उनका रिएक्शन क्या होता है. उन्होंने मेरी तरफ देखा और हलके से स्माइल करते हुए वह मेरी पूरी सलीवा को अंदर ले गयी और मुझे यह देख के बहुत अच्छा लगा.

इसका मतलब था की वह अब मुझे अपना पति मान चुकी है और वह एक्सेप्ट कर चुकी है की वह मेरी स्लेव है.

मैंने उनकी गांड पे हाथ रखे और दबाया और फिर धीरे धीरे उनको उछलने लगा.
बुआ – फाइनली.बुआ भी मस्ती में उछलने लगी और उछलते उछलते वह सीधा बैठ गयी मेरे लंड के ऊपर. मुझे उनके बड़े बड़े बूब्स उछलते हुए दिखाई दे रहे थे. मैंने उनको पकड़ा और दबाना सुरु किया.और मुझे उनके उछलने पर उनके गले में मेरे नाम का जो मंगलस्त्र था वह भी उछलता हुआ दिखाई दे रहा था.

मैंने बुआ को रोका और डोगग्य पोजीशन में जाने के लिए बोला.और मैं उनके पीछे चला गया. फिर मैंने उनकी चुत में अपना लंड डाला और बाल पकड़ के खींचे और झटके मरना सुरु किया. उनके बाल लम्बे थे. मैं कितना खींच सकता था उतना खींच रहा था और धक्के मार रहा था जोर जोर से.

थोड़ी देर ऐसे चुदने के बाद बुआ झड़ने वाली थी. तो बुआ को किसी पोजीशन में सेक्स करो कोई प्रॉब्लम नहीं पर झड़ने के टाइम उनको चाइये था की वह. मेरा फेस देख के झड़े.तो हम मिशनरी पोजीशन में आ गए और हमने फिर चोदना सुरु किया.
बुआ – मैं बहुत खुशनसीब हु जो मुझे आपके जैस पति मिला पति परमेश्वर अब मैं झड़ने वाली हु.

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इतना सुनते ही मैंने स्पीड बढ़ा दी और एक दूसरे को देखने लगे. मुझे बुआ के फेस के एक्सप्रेशन देखने थे जब वह झड़ती है. और थोड़ी ही देर में बुआ झड़ गयी.उनके इतने सेडक्टिव एक्सप्रेशन देख के मैंने और स्पीड बढ़ा लिया. और जैसे ही झड़ने वाला था अपना लंड निकाल के उनके मुँह में डाल दिया.

वह अब मेरे लंड को ब्लोजॉब देने लगी.फिर मैंने उनका सर पकड़ के पूरा लंड उनके मुँह में डाल दिया जिससे उनका गाला चोक होने लगा. और फिर मैं झड़ गया. जो भी निकला बुआ ने सब अंदर ले लिए और मेरा लंड को मुँह से चाट चाट के ही साफ़ कर दिया.यह सब होने के बाद में बेड पे लेट गया और बुआ अपना सर मेरे चेस्ट पे रख के मेरे से चिपक के लेट गयी.

मेरा एक हाथ उनकी पीठ पे था और दूसरा उनके गांड पर और वह एक पैर मेरे ऊपर रख कर लेटी थी.
मैं – तो तुम खुसनसीब हो?
बुआ – क्या?
मैं – अभी कह नहीं रही थी की मैं खुसनसीब हु.
बुआ – हा मुझसे जयादा और कौन खुसनसीब होगा? इतनी उम्र पर मुझे इतना हॉट और जवान पति मिला है. सभी की यह इच्छा होती है पर सबको मिलता नहीं.
मैं – अच्छा.
बुआ – हा मैं सब कुछ करुँगी. कभी भी आपको ऐसा नहीं लगने दूंगी की आपकी पत्नी की आगे इतना जयादा है.
मैं – शादी तो हो गयी हमारी पर हनीमून पे चलना है हमको.
बुआ – जैसी आपकी मर्ज़ी. हम चलने गे हनीमून पे.
मैं – घर पे क्या बोलेंगे?

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बुआ – वह मैं देख लुंगी की क्या बोलना है.मैंने उनके गले में हाथ फेरा और मंगलसूत्र देखा.
मैं – यह तुम्हरे ऊपर अच्छा लग रहा है.

बुआ – सिर्फ मंगलसूत्र नहीं है. यह जैसे कुत्ते के गले में कालर होता है न वैसे ही मेरे गले में यह है आपके नाम का जिसका की दूसरा एन्ड आपके पास है
.बुआ की बातें मुझे एक्साइट करने लगी.
मैं – मुझे तुम्हारे बूब्स से निकलता हुआ दूध पीना है.
बुआ – अब वह तो मुमकिन नहीं है क्यूंकि वह तो डिलीवरी होने के बाद ही आता है.
मैं – तो कर लेते है.
बुआ – मतलब?
मैं – हमारी शादी हुई है तुम मेरी पत्नी हो और मुझे हमारी फॅमिली कम्पलीट करने के लिए एक बच्चा चाइये.
बुआ मेरे तरफ अजीब तरीके से देखने लगी. फिर कुछ देर सोचने के बढ़ बोली.
बुआ – जैसी आपकी इच्छा. आपकी हर एक इच्छा को पूरा करना मेरा कर्त्तव्य है
मैं – तो मैं हां समझू?

बुआ – हां और मैंने भी इसके बार्रे में सोचा था. इससे हमारा रिस्ता और स्ट्रांग होगा.यह बात सुन्न के मेरा लंड खड़ा हो गया.बुआ – यह तो फिर से खड़ा हो गया?मैं – हा अब तुम्हारी गांड मारनी है मुझे.
बुआ – गांड क्यों? जब बच्चा चाइये तो चुत में ही

मैं – अभी नहीं मैं चाहता हु की हनीमून में हम करे और तभी उधर ही प्रेग्नेंट हो.
बुआ – जैसी आपकी मर्ज़ी.
फिर बुआ उठ के अपनी गांड साफ़ कर आ जाती है. मैं उसमे कुछ लुब्रीकेंट डाल के उनको डोगग्य स्टाइल में बैठा देता हु. बुआ ने कभी भी अनल सेक्स नहीं किया था वह अनल वर्जिन थी.
मैंने उनकी गांड पे अपना लंड रखा और अंदर करने की कोसिस की पर उनकी गांड बहुत टाइट थी.
मेरे १/३ ही लगभग लंड अंदर गया होगा. बुआ दर्द से तड़प रही थी. पर मैंने हिलने नहीं दिया.
फिर मैंने धीरे धीरे लंड अंदर करना सुरू किया. 3-4 बार ट्राइ करने के बाद मेरा लंड उनकी गांड में चला गया. वह ज़ोर से चिल्ला दी.

फिर मैं रुका थोड़ी देर वैसे ही.क्या बताऊ तुम सब को उनको गांड में लंड डाल के कैसा लग रहा था इतनी टाइट गांड उनकी की मेरा लैंड ऊपर से चिल सा गया था. फिर मैंने धीरे धीरे उनको धक्के मारने सुरु किये.
बुआ के लिए पहली बार था और उनकी गांड बहुत टाइट थी इसलिए जयादा टाइम तक मैं नहीं टिक पाया और उनकी गांड के अंदर ही पानी छोड़ दिया. Bua ki chudai ki kahani

बुआ – आपको मैं अपनी चुत की विर्जिनिटी तो नहीं दे पाई पर आज आपको मैंने अपनी गांड की विर्जिनिटी दे दी.
मैंने स्माइल किया और उनकी गांड पे ज़ोर दर स्लैप किया. फिर जाके कर मैं बेड पे लेट गया और बुआ वाशरूम में चली गयी साफ़ करने के लिए.

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मुझे लेटे लेटे ख्याल आया की अब तो यह मेरी वाइफ है तो मैं जो कहूंगा इनको करना पड़ेगा.जैसे ही बुआ बहार आई वाशरूम से.
मैं – आज न मैं बहुत थक गया हु.
बुआ – हा मैं भी और आप थक तो जाओगे ही 5 दिनों से म्हमेहनत जो कर रहे हो मुझपे.
मैं – हा और मेरे पैर भी बहुत दर्द कर रहे है.
बुआ – अच्छा जयादा दर्द हो रहा हो तो में दबा दू.
मुझे यही तो चाइये था मैं चाहता तह वह मेरे पैर दबाये.
मैं – हां जरूर अगर थके हुए न हो तो.

बुआ – अरे थके हुए से क्या आप मेरे पति है और आपकी सेवा करना मेरा कर्त्तव्य.इतना कहने के बाद वह मेरे पैरो के पास बैठ गयी और पैर दबाने लगी. मुझे यह देख के बहुत प्राउड वाली फीलिंग आ रही थी. मुझे पता ही नहीं चला की मैं कब सो गया.और जब उठा तो देखा की बुआ मेरे पैरो पे बिना कपड़ो के लेटी हुई है और वह उधर ही सो गयी. मैंने मौका देखते हुए अपना फोन उठाया और उनके कुछ कुछ फोटो ले लिए ताकि मेरे पास कुछ प्रूफ रहे.

फिर मैंने उनको जगाय और जगा के अपने पास ले आया और अपने हाथ को ऊपर उनका सर रख कर लेटा लिया.
मैं – नींद आ रही है क्या?
बुआ – नहीं बस आराम कर रही हु आज सुबह से इतना सब हुआ तो थक गयी थी.
मैं – हां थक तो मैं भी गया था पर तुम्हारे हाथो ने थाकान निकल दी मेरी.

यह सुन्न के बुआ स्माइल देनी लगी और अपना हाथ मेरे चेस्ट पे रब करने लगी.
मैं – अब आगे क्या?
बुआ – अब आगे से क्या मतलब?

मैं – मतलब अब आगे क्या करना है?
बुआ – जो आप चाहेंगे वह करेंगे हनीमून पे चलना है साथ में एन्जॉय करना है खूब.

मैं – पर तुम फूफा से क्या बोलोगी और अपने बच्चो से?बुआ – बच्चो से?यह कह कर बुआ सरकास्टिक स्माइल करने लगी.
मैं – और नहीं तो क्या अब वह मेरे बच्चे ही तो है. मैं उनका स्टेप फादर.

बुआ – हा और बहुत जल्दी एक बच्चे के फादर भी हो जाओगे.मैं समझ गया था बुआ क्या कहना चाहती थी.
मैं – पर मुझे मेरे सरे राइट्स कब मिलेंगे हस्बैंड के?बुआ – सब कुछ तो दिया अपना आपको अब और क्या बचा?
मैं- जैसे साथ में रहना हमारे बेड पे तुमको चोदना . और हस्बैंड वाइफ की तरह साथ में रहना जब मन करे तब तुमको घोड़ी बनके चोदना .Bua ki chudai ki kahani

बुआ – थोड़ा रुको सब मिलेगा.
मैं – हा इंतज़ार के सेवा और कर भी क्या सकता हु.फिर बुआ ने टाइम देखा तो 4 बज गए थे शाम के
.बुआ – अब मुझे चलना चाहिए.

मैं – मत जाओ न.
बुआ – जाना कौन चाहता है अपने हस्बैंड को छोड़ कर इधर से पर अभी तो जाना पड़ेगा.

मैंने उनको खींचा अपनी तरफ और हग किया उनको. मुझे अब सिर्फ वह सेक्स जैसा चाहिए वैसा नहीं रह गया था मुझे उंनसे प्यार जैसा हो गया था. मुझे उनके साथ और उनको मेरे साथ अच्छा लगने लगा था.रहना चाहते थे हम दोनों एक दूसरे के साथ.
मैं – मुझे हमेशा रहना है तुम्हरे साथ फॅमिली की तरह.

तुमको वैसे रखा है जैसे अपनी वाइफ को रखते है.उनके फेस पे स्माइल थी और वह एक हाथ से मेरे सर के बालो से खेल रही थी. फिर मैंने दो ऊँगली उनके मुँह में डाल दी और वह सूचक करने लगी.

उनको समझ आ गया था की क्या करना है.उन्होंने एक हाथ से मेर लंड पकड़ा जो की खड़ा हो चूका था और उसको हाथ से सहलाने लगी. फिर उठी और जाके मेरे पैरो के बीच में बैठ गयी.वह ब्लोजॉब देने में इतना प्रो हो गयी थी की मुझे एकदम से जन्नत में हु ऐसा फील आती थी. फिर थोड़ा देर ब्लोजॉब करने के बढ़ मेरे ऊपर आके बैठी और बोली.

बुआ – आप मुझे जाने नहीं दोगे.

आगे क्या हुआ वह मैं नेक्स्ट पार्ट में बताऊंगा.
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