By | February 13, 2023

Cousin Ki Chudai Ki Story: हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब कैसे हो आप सब, मैं उसे चोदने की इच्छा मेरे मेरे शॉर्ट्स के अंदर असर दिखने लगी, मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा और मन में कुछ उटपटांग करने की सोची, शायद उससे मुझे कुछ फायदा हो जाता.

मैं अपना हाथ अपने शॉर्ट्स के बाए पॉकेट में डाला, फिर धीरे से अंदर हाथ घूमाता हुआ अपनी चड्डी के कोने से अपने खड़े होते हुए लंड को निकला और जांघ से सीधे सटाकर रख दिया फिर पॉकेट से हाथ निकलते हुए अपने शार्ट को थोड़ा ऊपर कर के आराम से अपनी जांघो को खोलकर बैठा.

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इससे मेरे लंड का मुँह सीधे मेरे शॉर्ट्स के खुले मुँह के पास बहार को आ गया और फिर मैं भारती को वापस टेक्स्ट करने लगा.
मैं: तो और बताओ कुछ भारती अपने फ़ोन में कुछ टाइप करने के बाद मुझे दिखा और फिर नीचे को जैसे ही वह नीचे को देखा मैं अपना फ़ोन देखने लगा, मानो मैं उसे नहीं देख भारती: कुछ नहीं है बताने को.

मैं अपने फ़ोन को देख रहा था और साथ ही सामने हो रही हलचल भी नज़र में आ रही थी, भारती अपनी टाँगो को मोड़ती हुई सोफे पर रख कर बैठ गयी जैसे कोई किसी डर से बैठा हो.

मैं उसे तिरछी नज़र से देख रहा था वह एक टक मेरी शकल और फिर नीचे मेरी शॉर्ट्स के तरफ देखती और वापस मेरी शकल को देखती, साफ़ पता चल रहा था की मैं जो दिखाना चाहता था वह अच्छे से उसे दिख रहा था वह छुप छुपाती नज़रो से उसे देख रही थी उसकी इस हरकत ने मेरे अंदर रोमांच दौड़ाया और मेरा लंड पूरा उत्तेजित होकर खड़ा हो गया, इससे मेरे लंड का मुँह शॉर्ट्स के सिरे से और थोड़ा बहार आ गया मैंने उसे मैसेज किया. Cousin Ki Chudai Ki Story

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मैं: गेम खेली हो?

भारती: हाँ पर तुम्हारे साथ नहीं खेलनी मुझे तो ऐसा कुछ सोचना भी मत.

मैं: क्यों?

भारती: तुम बकवास चीज़े पूछोगे.

मैं: ओके चलो तुम्हारी माइंड चेक करता हूँ.

भारती: वह कैसे?

मैं: वह क्या है जो तुम्हारे पास दो है और गाय के पास चार होते है, वह मेरे मैसेज को देख तुरंत रिप्लाई टाइप करने लगी.

भारती: व्हाट दो यू मीन?

मैं मुस्कुराता हुआ उसे मैसेज करने लगा में: जवाब दो देखे कितनी इंटेलीजेंट हो.

भारती: ये क्या पूछ रहे हो, मुझसे?(गुस्से वाली समिली)

मैं: अरे अरे गुस्सा क्यों हो रही हो तुम्हारे पास 2 पैर है और गाय के पास 4 सिंपल तो था

भारती मेरे मैसेज को पढ़ मुस्कुरायी और फिर रिप्लाई टाइप करने लगी.

भारती: मुझे पता था.

मैं: तो बताया क्यों नहीं तुम तो कुछ और ही सोच रही थी डर्टी माइंड.

भारती: शट उप मैं कुछ नहीं सोच रही थी.

मैं: तो फिर गुस्सा क्यों कर रही थी? सच बताओ तुम बूब्स सोच रही थी न.

भारती मेरे मैसेज को पढ़ी और मुँह दबती हुई मुस्कान के साथ रिप्लाई करने लगी.

भारती: शट उप, मैं वह सब नहीं सोच रही थी.

मैं: हाँ हाँ सब पता है.

भारती: गेट लॉस्ट.

मैं फिर सोचकर दुबारा उससे पुछा: अच्छा ये बताओ तुम रात को पहन कर सोती हो या खोल कर?

मैं भारती की शकल पे देख रहा था वह मेरे मैसेज को पढ़ कर इस बार गुस्सा नहीं हुई बस दबी मुँह में मुस्कान छुपाती हुई सोची और फिर रिप्लाई टाइप करने लगी.

भारती: मैं सब कुछ पहन कर सोती हूँ तुम्हारे तरह बेशरम नहीं. Cousin Ki Chudai Ki Story

मैं: अच्छा तो क्या तुम चप्पल पहन कर सोती हो? मैं तो चप्पल की बात कर रहा था.

भारती की दबी मुस्कान फूट पढ़ी और वह हस्ती हुई मुझे टेक्स्ट करने लगी.

भारती: कुछ भी.

मैं: तुम क्या सोच रही थी?

उसके साथ ऐसे मज़ाक करते काफी मज़ा आ रहा था और नीचे मेरे शॉर्ट्स के सिरे से झांकता लंड का मुँह उछलने लगा, उछलने से शॉर्ट्स में होती हरकत पर कई बार उसकी नज़र जाती, वह एक टक मेरी शकल और फिर मेरे लंड के तरफ देखती, वह ये ध्यान रख रही थी की कही वह मेरे लंड को देखती हुयी ना पकड़ी जाए,

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साफ़ था की वह काफी देर से मेरे लंड के मुँह को देख रही थी उसका मुझे तुरंत रिप्लाई.

भारती: वॉट थॉट क्लोथ्स.

भारती: शट उपमाएँ: डर्टी माइंड(आँख मारने वाली समिली)

भारती मुस्कुराती हुई रिप्लाई की: जावा यू’रे डर्टी माइंड

मैं: हाँ वह तो दिख ही रहा है.

मैं: चलो एक और पूछता हूँ-सामने 2 लेटर लगाकर वर्ड बनाओ.

भारती फिर से मुस्कुराती हुई रिप्लाई दी.

भारती: कंडोम (आँख मारने वाली समिली)

मैं: गलत ही सोच रही हो तुम अब पकड़ी गयी ना.

भारती हस्स पढ़ी और बगल में रखी कुशिओं मेरे ऊपर फेक मारी इतने में कविता आंटी और माँ किचन से लिविंग रूम को आकर बैठी,

माँ मेरे बगल में आयी भारती ने जिस कुशिओं को मेरे तरफ फेका उसे अपनी गोद में रख बैठी ,

कविता आंटी दूसरी सिंगल सोफे पर.

भारती की नज़र एक टक माँ आंटी और मुझे देखने लगी वह यही देख रही थी की कोई और मेरे शॉर्ट्स से झाकते लंड को न देख ले लेकिन आंटी ऐसे साइड पर बैठी थी जिस तरफ से वह मेरे जांघो के बीच न देख सके.

लेकिन माँ मेरे बिलकुल बगल में बैठी थी,भले माँ को मेरे झाकते लंड का मुँह नहीं दिखाता, लेकिन अगर वह नीचे शॉर्ट्स पर देखती तो मेरे तने हुए लंड का उभरा हुआ आकर शॉर्ट्स मे ज़रूर देख लेती.

कविता आंटी भारती को देख बोली: जब देखो तो मोबाइल में बिजी दिन भर टेस्टिंग वेस्टिंग पूछने पे अब बोलेगी की पढ़ाई की नोट्स है. Cousin Ki Chudai Ki Story

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भारती आंटी को मुँह चिढ़ाती हुई मुझे टेक्स्ट करने लगी.

माँ: आज कल तो सबका यही हाल है इधर देखो ये कुछ काम है क्या?

माँ ये मुझे इशारा कर बोल रही थी तभी भारती का मैसेज आया.

भारती: अच्छा चलो मैं कुछ पूछू?

मैं: हाँ पूछो, इतने में कविता आंटी बोली: ये दोनों कब से यहाँ बैठे है लेकिन इन्हे इतनी भी फ़िक्र नहीं की एक दुसरे से बात कर ले, बस मोबाइल में अपने अपने दुनिया में है.

माँ: सही में हमारे उम्र में तो न मोबाइल था न कुछ इसी लिए लोग आपस में बात किया करते थे.

उन दोनों की इस बात पर मैं और भारती दोनों ही अपने होंटो में मुस्कान दबाये बैठे रहे ये सोच कर की हम एक दूसरे से ही बात कर रहे है और इन्हे पता भी नहीं इतने में भारती का मैसेज आया.

भारती: बताओ ऐसा क्या है जो तुम्हारा छोटा है और मेरे बड़े, उसकी इस सवाल पर मेरे लंड ने एक हलकी हलचल की मैं घबरा गया की कही माँ और आंटी की नज़र न पढ़ जाए पर ऐसा शायद हुआ नहीं क्यों की वह दोनों आपस में हमारे जनरेशन को ताने मारने में लगे हुए थे.

मैंने रिप्लाई में भारती को लिखा: तुम्हारे बूब्स?

इस पर भारती ने रिप्लाई किया: मैं तो अपने बालो की बात कर रही थी मेरे बड़े है तुम्हारे छोटे से यू’रे डर्टी माइंड(जीभ निकाल कर किडनी वाली समिली)

मैं: ओह तो तुम्हारे बड़े है? मुझे लगा तुम शेव करती होगी वह.

ये रिप्लाई जैसे ही भारती पढ़ी वह आँखे फाड़ कर देखा मुझे और होंटो में हसी दबा कर रिप्लाई करने लगी पर इस बीच मेरे लंड ने 2 से 3 और झटके मारे इस बार शायद माँ की नज़र मेरे शॉर्ट्स पर पढ़ गयी, वह अपनी गोद में रखी पिलो मेरे गोद में रख के बोली: वैसे तुम किसे इतना टेक्स्ट कर रहे हो?

मैं: वह… वह मैं अपने एक फ्रेंड को,

कविता आंटी हस्ती हुई बोली: ज़रूर कोई गर्लफ्रेंड होगी. Cousin Ki Chudai Ki Story

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माँ मेरी गोद पर रखी कुशिओं को थप थापती हुई बोली: हाँ तभी तो इतना खुश दिख रहा है.

अब मुझे पूरा यकीन था की माँ ने मेरे शॉर्ट्स में फुदकते लंड को देख ही लिया है इतने में भारती का रिप्लाई आया: की,
भारती: मैं सर के बाल की बात कर रही हूँ इडियट.

भारती के ऊपर भी इस तरह से मैसेज करने का असर अब दिख रहा था क्यों की वह बार बार कुशिओं के नीचे से मेरे शॉर्ट्स से झांकते लंड को देख रही थी, उसे ऐसा लग रहा था की मानो मुझे पता ही नहीं की उसे सब दिख रहा हो और अगर उसे वह बुरा लगता तो शायद वह न देखती या उठ कर चली जाती.

पर ऐसा तो नहीं हो रहा था तो मैंने कुशिओं के नीचे अपना हाथ डाला और ऐसे हाथ हिलाया मानो मैं अपनी शार्ट के ऊपर से अपनी जांघ खुजला रहा हूँ पर मेरे दिमाग में कुछ और ही था मैंने खुजलाने के बहाने अपने शॉर्ट्स को थोड़ा और ऊपर को खींचा,

इससे की मेरा लंड करीब एक तिहाई हिस्सा बहार निकल आया अब साफ़ साफ़ मेरे सामने बैठी भारती को अच्छा खासा नज़ारा भी देने लगा.

मैं अपने फ़ोन को देखने के बीच उसे देखता की उस पर क्या असर हो रहा है तो देखा की वह अब अच्छे से घूर घूर कर देख रही थी, लेकिन आंटी और माँ से नज़र बचाकर और साथ ही उसके बदन में मचलाहट भी आ रही थी मनो वह एक जगह ठीक से बैठ नहीं पा रही हो, तब मैंने उसे मैसेज लिखा: चलो एक मैं पूछता हूँ ऐसी एक जगह बताओ जहा ऊँगली डालकर खुजलाने पर आराम मिलता है.

भारती को देखा तो वह भरे उठती हुई मुँह पर झूठा गुस्सा दिखती हुई मैसेज टाइप करने लगी, पर इतने में माँ मेरे पेट पर थप थापती हुई बोली: पर राहुल तो मुझसे कुछ छुपता नहीं है अगर गर्लफ्रेंड हुई तो मुझे ज़रूर बताएगा है ना राहुल?

कविता आंटी: ऐसा है क्या? तब तो राहुल इस गुड बॉय,

तभी भारती का रिप्लाई आया: कान में ऊँगली डाल कर खुजलाओ तो आराम मिलता है(हसने वाली समिली)

मैं: हाँ पर मेरे ख्याल में तो कुछ और जवाब था.

माँ का हाथ अब भी मेरे पेट पर थी और वह बोली: अगर वह किसी लड़की को मैसेज करे तो मुझसे नहीं छुपायेगा.

कविता आंटी: अच्छा है एक ये है न जाने किस किस को मैसेज करती है और किसी को कानो कान खबर नहीं होने देती, हर वक़्त फ़ोन लॉक ही रहता है.

इतने में भारती का रिप्लाई आया: तुमने क्या सोचा? Cousin Ki Chudai Ki Story

मैं: तुम बताओ.

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भारती: गांड का छेद? (आँख मरने वाली समिली)उसके इस रिप्लाई पर मैंने उसे देखा तो वह होठो के बीच मुस्कान दाबती हुई अपनी फ़ोन को देख रही थी,मनो मुझसे नज़र नहीं मिलाना चाहती हो, पर बात उसके जवाब का सिर्फ नहीं था कुछ और भी था और वह थी माँ का हाथ वह मेरे पेट को सहलाती हुयी मेरे गोद में रखी कुशिओं के नीचे जार ही थी.

मैं एक टक माँ को देखा तो माँ ने अपनी दायी आँख से मुझे आँख मारी, जिससे की ना ही भारती और ना ही आंटी को दिखा की वह मुझे आँख मारी, धीरे धीरे माँ का हाथ कुशिओं के नीचे से मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से मेरी जांघ पर आ गयी और फिर मेरे तने हुए लंड के ऊपर, अब मैं पूरा फसने वाला था.

क्यों की एक तो भारती को पटाने में लगा हुआ था और साथ ही यहाँ माँ की हाथ मेरे लंड पर वह ये सोच रही थी की कुशिओं के कारन किसी को दिख नहीं रहा पर उन्हें ये नहीं पता था की सामने बैठी भारती को कुशिओं के नीचे सब कुछ दिख रहा है.

माँ ना चाहती हुई हमारी पोल भारती के सामने खोलने वाली थी भारती की मैसेज में गांड का छेद देख मैं समझ गया की भारती भी नॉटी टेक्स्ट का मज़ा ले रही है क्यों की वह होठो में अपनी मुस्कान छुपाई हुई थी तो मैंने रिप्लाई में लिखा.

मैं: हाँ मुझे लगा गांड का छेद.

भारती: उफ़ यू अरे सो डर्टी.

मैं: क्यों? तुम्हे भी तो पहले वही लगा तभी तो अभी बोली.

मैं: क्यों क्यों तुम्हारी नियत भी बहार आ रही है इसीलिए?इतने में कविता आंटी माँ से बोली: चलो 6 बजने वाले है.
मैं जाके फ्रेश हो जाती हूँ फिर रेडी होकर बहार जायेंगे. Cousin Ki Chudai Ki Story

माँ मेरे लंड को एक ज़ोर की निचुड़ देती हुई अपना हाथ कुशिओं से बहार निकलती हुई बोली: हाँ चलो मैं भी आती हूँ.
पर माँ ऐसे करती हुई एक झटके दार काम कर गयी जब वह कुशिओं से हाथ निकाला तो कुशिओं मेरे गोद से सरकता हुआ मेरी दूसरी साइड को गिर पड़ा तब जाकर माँ ने देखा की मेरा एक तिहाई लंड मेरे शार्ट से बहार निकल आया था.
मैं पिछली बार जांघ खुजलाने के बदले बहार निकाला रखा था.

भारती की नज़र पड़ी मेरे शार्ट के सिरे से निकले लंड पर और तुरंत उसने नज़र अपने फ़ोन पर ले ली मानो उसने कुछ भी नहीं देखा, साथ ही माँ भी चॉक कर पहले भारती को देखा और फिर आंटी को की कोई देखा तो नहीं पर हम दोनों थोड़े से सहम गए, जब अचानक से माँ और मैंने दोनों ने कविता आंटी को नज़र दूसरी तरफ करते देखा, शायद उन्होंने भी देखा लेकिन अनदेखा कर रही थी.

मुझे घबराहट आ गयी बात माँ या भारती की नहीं पर शायद आंटी ने कुछ देखा तो नहीं मैं झट से कुशिओं उठाकर अपने गोद पर रख लिया.

कविता आंटी कुछ बोली नहीं और भारती को देखने लगी पर वह भारती चेहरे पर बिना किसी हाव भाव के फ़ोन देख बैठी रही,
तो आंटी उठ कर माँ के कमरे को जाने लगी माँ तब मुझे देखि और फिर उठ कर चुप चाप वह भी चली गयी.

तब मैं सोचने लगा की कही आंटी ने कुछ देखा तो नहीं और फिर सोचा जाने दो अगर नहीं देखा तो ठीक ये सोच मैं वापस भारती को मैसेज करने लगा फिर सोचा की भारती तो अब मेरे लंड को भी आधा देख चुकी थी पर वहा से उठ कर नहीं जा रही थी.

मानो बेशरम हो पर वह ये भी सोच रही थी की मुझे कुछ पता नहीं और वह गलती से सब देख पा रही है इसका फायदा उठाते हुए मैं उसे फिर से मैसेज करने लगा.

मैं: क्या हुआ? कोई रिप्लाई नहीं?

भारती: क्या रिप्लाई करू?

मैं: एक और सवाल पूछू क्या?

भारती: नो एनफ.

मैं: क्यों?

भारती: बस.

मैं अपने जांघो को थोड़ा सा फैलाया और कुशिओं को थोड़ा सा ऊपर कर अपने पेट तक ले आया इससे नीचे मेरे शॉर्ट्स के सिरे से मेरा लंड अच्छे से उसे दिखे फिर मैंने उसे रिप्लाई दिया: बोर तो तुम नहीं हो रही हो इतना तो मुझे पता ही है. Cousin Ki Chudai Ki Story

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तब मैंने आँख उठाकर देखा तो वह पहले मेरे मैसेज को पढ़ी और फिर मेरे तरफ देखि जैसे ही वह देखा मैं मोबाइल देखने लगा और फिर उसे देखा तो उसकी नज़र नीचे थी मेरे जांघो के बीच फिर वह रिप्लाई लिखने लगी.

भारती: ऐसा क्यों लग रहा है तुम्हे?

मैं:वरना तुम वही क्यों बैठी रहती इसका मतलब वह बैठने में तुम्हे कुछ बोर तो नहीं लग रहा.

मेरे इस रिप्लाई को पढ़ते ही वह फिर से मुझे देखा की कही मैं देख तो नहीं रहा और फिर नीचे देखा और फिर मुझे मानो वह देख रही हो की कही वह पकड़ी तो नहीं गयी, फिर उसने रिप्लाई किया.

भारती: मेरे पास जाने को रूम नहीं उसी लिए यहाँ बैठी हूँ वरना कब की चली जाती.

मैं: मेरे रूम चलो.

भारती: मुझे नहीं आना तुम्हारे रूम.

मैं: क्यों?

भारती तब पहले माँ के रूम के तरफ देखा की उनका रूम बंद है और फिर मुझसे बोली सीधे मुँह बोली: क्यों की मुझे तुम्हारे साथ तुम्हारे रूम में नहीं रहना, तब जाकर मैं भी अपना फ़ोन बगल में रखा और बोला: क्यों? ऐसा क्या करती हो तुम अपने रूम में?

भारती मुँह बनाती हुई बोली: उफ्फ्फ! तुम लड़को को क्या पता हम लड़कियों की काफी कुछ प्राइवेसी होती है.

मैं मुस्कुराते हुए पुछा: जैसे की.

भारती: जैसे की तेरा सर.

मैं: है है है! बोलो तो क्या बिना कपड़ो के डांस करती हो.

भारती: वह तुम करते होंगे मैं नहीं.

मैं: हाँ मैं तो करता हूँ नहाते वक़्त है है है!!

भारती: उफ़.मैं: अरे टेंशन मत लो तुम मेरे रूम जा सकती हो और ऊपर से मैं तुम्हारा बॉयफ्रेंड भी नहीं हूँ.

भारती: क्या मतलब?

मैं: है है है! कुछ नहीं.

भारती उठी फिर मुँह बनाती हुई एक आखरी बार जल्दी से नीचे मेरी जांघो के बीच नज़र दौड़ाई फिर मेरे रूम के दरवाज़े तक पहुंची और पलट कर मुझे देखा मेरे कमरे में घुस कर डोर अंदर से बंद कर दिया कुछ सेकंड बाद मैसेज आया उसका.

भारती: तुम शायद पहले लड़के होंगे जो अपना रूम साफ़ रखते हो. Cousin Ki Chudai Ki Story

सगी बहन की चुदाई की रात मे

अच्छा हुआ की उसके आने से पहले मैंने अपना रूम साफ़ कर दिया था, मैंने तुरंत उसे रिप्लाई किया: ऐसे तो बोल रही हो जैसे की तुम कई लड़को के रूम गयी हो?

भारती: ओह गॉड! तुम हर चीज़ का उल्टा मतलब मत निकालो मेरे फ्रेंड’स है जिनके भाई है उनसे सुना है की लड़के लोग अपना रूम कैसे रखते है.

मैं: तो मतलब तुम्हे मेरे कमरे में रहने में कोई प्रॉब्लम नहीं है ना?

भारती: नहीं एक मिनट आओगे इधर?

मैं ख़ुशी से उछल पड़ा की भारती अब जाकर मेरे कमरे में है और अब मुझे वह बुला भी रही है ख़ुशी से मन ही मन झूमता हुआ मैं अपने रूम के डोर के पास पहुंचा और दरवाज़े पर हलके से खटखटाया कुछ सेकंड बाद डोर खुली.

भारती मुझे मेरा कम्बल और एक तकिया देती हुई बोली: चलो हो गया अब जब तक मैं यहाँ हूँ तुम वहा,उसका इशारा लिविंग रूम के तरफ था और आगे बोली: वह लिविंग रूम सोफे पर ओकेबाई, उसने मुझे एक शब्द बोलने न दिया और डोर बंद कर लॉक भी कर डाला.

तो दोस्तो आज इस कहानी मे बस इतना ही आगे क्या हुआ ये मैं आपको अगली कहानी मे बतऔगा.

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