By | December 29, 2022

desi bhabi ki chudai:- हैलो दोस्तो, सभी साथियों को नमस्कार. मेरा नाम सुनील है. मैं जबलपुर से हु. मैं आप सब के लिए एक नयी कहानी लेकर आया हु. जो घटना मैं आप लोगों के साथ शेयर करने जा रहा हु ये मेरे साथ असल ज़िन्दगी में हुई है.

Abbu or Unke Dost Ne ki chudai इसलिए इस कहानी को केवल सेक्स कहानी की दृष्टि से न देखे.मैं पेशे से एक डॉक्टर हु. मेरी पोस्टिंग जबलपुर के पास ही एक गाओं में हुई थी.


ये बात आज से तीन-चार साल पहले की है. अपने क्लिनिक के पास में ही मैं कमरा लेकर रहता था. मैंने जिस जगह पर कमरा लिया हुआ था वहा मेरे पड़ोस में एक आंटी रहती थी.आंटी के पास एक ही बेटा था और उनके पति यानी की अंकल की मृत्यु हो चुकी थी.

Desi bhabi ki chudai


वो अपने बेटे रमेश के साथ अकेली ही रहती थी. उनके साथ मेरे अच्छे सम्बन्ध थे.जब भी मैं उनके घर पर जाता था तो मेरी बात रमेश से भी हो जाती थी. रमेश को देख कर मेरे मन में कुछ सवाल थे. दरअसल मुझे उसके मर्द होने पर शक रहता था. वो दिखने में तो सही दीखता था लेकिन फिर भी वो मर्दों वाली बात उसमे दिखाई नहीं देती थी.


ये बात मेरे मन में ही थी. मैंने कभी न तो रमेश को इस बात को ज़ाहिर होने दिया और न ही आंटी को. मैं उनसे नोर्मल्ली ही मिलता था. ऐसे ही दिन बीत रहे थे. धीरे-धीरे मुझे वह रहते हुए कई महीने बीत गए. desi bhabi ki chudai

Sexy bhabi ki chudai

समय का पता भी नहीं चला.आंटी के बेटे रमेश की शादी भी हो गयी. मैं भी उनकी शादी में शरीक हुआ. आंटी की बहु यानि की रमेश की पत्नी का नाम कोमल था.


यहाँ पर नाम बदल कर लिख रहा हु. मैं किसी की पहचान यहाँ पर नहीं बताना चाहता.जब मैंने कोमल को देखा तो मुझे उस पर बहुत तरस आया. वो एक हुस्न की देवी थी. मुझे तो यकीन भी नहीं हो रहा था की रमेश जैसे लड़के की किस्मत में ऐसी सुन्दर बीवी भी हो सकती है.कोमल का रंग दूध के जैसा सफ़ेद था. उसके नैन कंटीले थे और बदन भरा हुआ था. उसकी चूचियां 36″ की थी.


उसकी चूचियों को देख कर ही उनको दबाने का मन कर जाता था. मेरा तो मन कर रहा था की उसको पकड़ कर चोद दू. वैसे भी रमेश से तो कुछ होने वाला नहीं था.मैंने किसी तरह खुद को कण्ट्रोल करके रखा हुआ था. फिर शादी के हफ्ते भर तक तो मैं उनके घर पर नहीं गया क्यूंकि घर में नयी बहु आयी थी. इसलिए मैं भी थोड़ा वक़्त उनको देना चाह रहा था.


उसके बाद फिर से मैं उनके यहाँ पर जाने लगा. इस तरह से धीरे-धीरे कोमल से भी मेरी बातें होने लगी. आंटी मुझे भी अपने बेटे की तरह ही मानती थी. वो मुझे देखते ही खुश हो जाती थी.दिन बीत-ते गए और उनकी शादी को एक साल गुज़र गया. अभी तक रमेश की बीवी कोमल को गर्भ नहीं ठहरा था. एक दिन जब मैं अपनी ड्यूटी से वापस आ रहा था तो आंटी ने मुझे रोक लिया.आंटी बोली: सुनील बेटा घर जैसे ही हो. मुझे तुमसे कुछ ज़रूरी बात करनी है.मैं आंटी के साथ अंदर चला गया.desi bhabi ki chudai

Devar bhabi ki chudai

आंटी बोली: बात ये है की रमेश की शादी को 13-बीत गए है. अभी तक बहु को गर्भ नहीं ठहरा है. मेरा कोई भरोसा नहीं है की मैं कितने दिन इस दुनिया में रहूंगी. मैं चाहती हु की मेरा शरीर पूरा होने से पहले मैं पोते का मुँह देख लू. उसके बाद तो भगवान अगले दिन ही उठा ले.


मैंने कहा: नहीं आंटी आप ऐसा न कहे. सब ठीक हो जायेगा.आंटी बोली: बेटा तुम डॉक्टर हो. बहु का कुछ इलाज कर दो.जैसे ही मैंने कोमल के इलाज की बात सुनी तो मेरे दिमाग में कोमल की जवानी को छूने और उसको भोगने के ख़याल आने लगा.
फिर विशवास दिलाते हुए मैंने आंटी से कहा: आप चिंता न करे. जल्दी ही आपकी गॉड में पोता खेलेगा.आंटी ये सुन कर खुश हो गयी और मुझे आशीर्वाद देने लगी.


फिर मैंने आंटी से पुछा-मैं: आंटी रमेश की जांच हो गयी है क्या?आंटी बोली: ये लोग तो मेरी सुनते ही नहीं है. तुम बात करके देख लो अगर तुम्हारी कुछ सुन ले तो.मैंने कहा: ठीक है. आप सब कुछ मुझ पर छोड़ दीजिये.


मैं सब संभाल लूँगा.उस रात मैंने कोमल के बारे में सोच कर ही दो बार मुठ मार डाली. वो सच में कमाल की लगती थी. मुझे पहले से ही पता था की रमेश नामर्द था इसलिए कोमल की जवानी को भोगने के ख़याल से ही मेरा लंड बार-बार खड़ा हो जाता था. अगले दिन मैंने रमेश से बात की. मैंने उसको कहा-मैं: तुम मेरे क्लिनिक में आओ.desi bhabi ki chudai


जब वो आया तो मैंने उससे कहा: तुम्हारी जांच करवानी है.रमेश भी जानता था तो वो बोले: ठीक है डॉक्टर साहब. आप ही कुछ सलाह दीजिये.मैंने कहा: पहले तुम्हारी जांच होगी. उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है की आगे क्या करना है. अगर सब कुछ सही पाया गया तो फिर तुम्हारी पत्नी कोमल की जांच होगी.

Bhabi ki chudai story

अगले दिन मैंने रमेश की जांच की. मैंने पाया की उसका लंड महज़ 3 इंच का था. उसके वीर्य में शुक्राणु भी नहीं थे.
रमेश की जांच से ही ये साफ़ हो गया की कमी रमेश के अंदर ही थी. कोमल के अंदर कोई कमी नहीं थी.मगर मेरे मन में कुछ और प्लान था. मैंने रमेश को कह दिया की वो ठीक था. हालांकि मेरा पेशा मुझे इसकी इजाज़त नहीं देता था. फिर भी पता नहीं उन दिनों मैं कोमल के जिस्म को भोगने के लिए जैसे पागल सा हो गया था.


मैंने रमेश को बोला: तुम ठीक हो. कमी शायद कोमल के अंदर ही है. वो माँ नहीं बन पायेगी.ये सुन कर रमेश का चेहरा उतर गया.वो बोला: डॉक्टर साहब आप कुछ करिये न. ऐसे तो मेरे घर में वंश का अगला चिराग जल ही नहीं पायेगा.


रमेश को समझाते हुए मैंने कहा: देखो महिलाओं का इलाज काफी महंगा होता है. उनका लम्बा इलाज चलता है. इलाज के बाद भी कोई गारंटी नहीं है की वो माँ बन पाए.मैंने कहा: देखो मेरे हाथ में बस कोशिश करना है. आगे तो ऊपर वाला जाने.

वो बोला: ठीक है आपको जो ठीक लगे वही सही है. लेकिन एक बार कोशिश करने में क्या हर्ज है.मैंने कहा: ठीक है. मैं कोशिश करके देख लेता हु. desi bhabi ki chudai

Bhabi ki chudai dekhi

आंटी को भी मैंने ये बात बताई. आंटी ने भी यही कहा की मैं ही कुछ कर सकता था. मैंने उनको भरोसा दिलाया और कोमल को मेरे पास भेजने के लिए कहा.अगले दिन ही कोमल मेरे क्लिनिक में थी. वो एक लाल रंग की साड़ी पहन कर आयी थी.

उसमे वो गज़ब की माल लग रही थी. मैं उसको अंदर वाले केबिन में ले गया. मैंने उसको लेटने के लिए कहा. अंदर ले जाके मैंने उसको लिटा लिया. फिर मैंने अंदर वाले केबिन को भीतर से लोक कर लिया.मैंने उसको कहा: देखो कोमल तुम्हारी सास तुमको बाँझ समझ रही है.वो बोली: हां मैं जानती हु. मैं रोज़-रोज़ के तानो से तंग आ चुकी हु.

आप कुछ कीजिये.मैंने कहा: मुझे तुम्हारी जांच करनी होगी.वो बोली: आपको जो करना है आप कर लीजिये लेकिन मैं अपनी सास के ताने और ज़्यादा बर्दाश्त नहीं कर सकती.


मैंने कहा: ठीक है. तो फिर तुम सब मुझ पर छोड़ दो.उसको लिटाने के बाद मैंने उसकी साड़ी का पल्लू उतार दिया. उसके ब्लाउज में उसकी 36″ की चूचियां उठी हुई थी. उसकी चूचियों की वक्ष-रेखा मुझे पागल कर रही थी. उसकी चूचियां एक-दम गोरी थी. उसके ब्लाउज के अंदर ही उनको मसलने का मन कर रहा था.

मैंने उसके बदन को टच करना शुरू कर दिया. एक दो मिनट तो उसने कुछ नहीं कहा. वो सोच रही थी मैं उसके बदन की जांच कर रहा था जबकि मैं उसके बदन को सेहला कर उसके बदन का पूरा जायज़ा ले रहा था.मैंने कोमल की चिकनी कमर को छू कर देखा. वो एक-दम संगेमरमर के जैसी थी.


फिर मैंने उसकी साड़ी को पेटीकोट से बाहर निकाल लिया. वो सोच रही थी की ये भी जांच का हिस्सा था.मेरा लंड तो अभी से खड़ा होने लगा था. मेरी पेंट में मेरे लंड ने उछाला लेना शुरू कर दिया था. desi bhabi ki chudai

मैंने उसकी साड़ी को उसके पेटीकोट से निकाल दिया. उसकी सुन्दर सी नाभि अब मुझे साफ़ दिख रही थी.फिर मैंने उसकी ब्लाउज की तरफ देखा तो उसकी चूचियां एक-दम दो बड़े-बड़े पहाड़ों की तरह ऊपर निकली हुई थी. मन तो कर रहा था की उनको अभी दबा कर उनका दूध निकाल लू.

bhabi ki chudai ki kahani

लेकिन मैं पहले कोमल को गरम करना चाह रहा था. फिर मैंने उसको पेटीकोट उतारने के लिए कहा. वो मेरी तरफ अजीब सी नज़रों से देखने लगी.मैंने कहा: मैं तो डॉक्टर हु. मुझसे क्या शर्म कर रही हो.

ये सब तो तुम्हारी जांच का हिस्सा है.फिर उसने मेरे कहने पर पेटीकोट ढीला कर दिया. उसके बाद उसने पेटीकोट का नाडा खोल दिया और उसको नीचे सरका दिया. उसने नीचे काले रंग की पेंटी पहनी हुई थी. उसकी चुत की शेप एक-दम उठी हुई दिख रही थी.


चुत की शेप को देखते ही मेरे लंड में झटके लगने लगे. मेरी साँसे भारी सी होने लगी थी और मुँह में लार आ गयी थी. मैंने फिर उसको पेंटी उतारने के लिए कहा.वो बोली: लेकिन आपके सामने… कैसे?


मैंने कहा: देखो जांच तो पूरी करनी ही होगी. जब तक मैं तुम्हे पूरी तरह जांच नहीं लूँगा तो तुम्हारा इलाज कैसे कर पाउँगा?उसने मेरे कहने पर हिचकते हुए अपनी पेंटी भी उतार दी. अब उसकी चुत नंगी हो गयी थी.

उसकी चुत को देखते ही मैं तो बेकाबू सा होने लगा. उसकी चुत एक-दम से ऐसी लग रही थी जैसे अधकटे सेब के बीच में चीरा लगा दिया गया हो.ऐसा लग रहा था की उसकी चुत को किसी ने छुआ तक नहीं था.desi bhabi ki chudai


मैंने उसकी चुत को उँगलियों से छू कर देखा तो मेरे लंड का हाल बेहाल हो गया. मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा तो वो भी एक-दम से पानी-पानी हो रही थी.उसका मुँह लाल हो गया था.

फिर मैंने उसकी चुत में ऊँगली डाल दी. वो एक-दम से उछाल कर बैठ गयी.फिर वो बोली: ये आप क्या कर रहे हो?मैंने कहा: देखो कोमल तुम्हे बच्चा चाहिए की नहीं?वो बोली: हां चाहिए!मैंने कहा: तो फिर बिना जांच के मुझे पता कैसे चलेगा की तुम्हारे अंदर क्या कमी है?

भाभी की चुदाई की कहानी

अभी मुझे टोर्च से देखना पड़ेगा की तुम्हारी योनि में कही कोई रुकावट तो नहीं है.मेरी बात सुन कर वो वापस लेट गयी. फिर मैंने उसकी चुत में ऊँगली दे दी. मैं उसकी चुत को खोल कर देखने लगा.

उसकी चुत अंदर से एक-दम लाल थी. मैंने टोर्च मार कर उसको जांचना शुरू कर दिया. मैं बहाने से उसकी चुत को सेहला रहा था.कोमल के चेहरे की तरफ देखा तो वो उत्तेजित होने लगी थी. मैंने उसकी चुत में कई मिंटो तक ऊँगली करके देखा. इस दौरान कोमल की साँसे भारी होने लगी थी.

उसका ब्लाउज ऊपर-नीचे हो कर उसकी चूचियों को संभाल नहीं पा रहा था.जब मुझसे रुका नहीं गया तो मैंने टोर्च को एक तरफ रख दिया और उसकी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया. इससे पहले की वो कुछ बोलती मैंने उसके होंठो को चूसना शुरू कर दिया. एक बार तो उसने गुण-गुण की मगर दो पल के बाद ही उसने मेरे सर को पकड़ लिया और मेरे बालों में हाथ फिराते हुए मेरे होंठो को चूसने लगी. desi bhabi ki chudai


काफी देर तक हम दोनों एक-दुसरे के होंठो को चूसते रहे. वो तैयार हो गयी थी सेक्स के लिए. मैंने उसकी चूचियों को ज़ोर से दबाया और उसके ब्लाउज को उतरवा दिया.अब वो पूरी तरह से नंगी हो गयी थी.

मैंने अपने कपडे भी निकाल दिए और नंगा हो गया. अब मैंने उसकी टांगो को वही पर ऊपर की तरफ मोड़ कर उसकी जाँघों को चौड़ी कर लिया और उसकी चुत में मुँह देकर उसको चाटने लगा.वो सिसकारने लगी और मेरे मुँह को अपनी चुत में दबाने लगी. मैं उसकी चुत में जीभ देकर उसको चूसने लगा.

सेक्सी भाभी की चुदाई की कहानी

मैं तेज़ी से उसकी चुत में जीभ को चला रहा था. वो अपनी गांड उठा-उठा कर मेरे मुँह की तरफ चुत को फेंक रही थी.अपने हाथो से ही उसने अपनी मोटी और गोरी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया था. कुछ देर तक उसकी चुत को चाटने के बाद मैंने उसकी चूचियों को भी पिया.


उसकी चूचियों को चूस-चूस कर मैंने लाल कर दिया.फिर मैंने उसकी चुत में ऊँगली करनी शुरू कर दी. उसकी चुत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था. मैं तेज़ी से उसकी चुत में ऊँगली कर रहा था. कोमल ने अब मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया था. वो मेरे 7 इंच के लंड को पकड़ कर उसकी मुठ मार रही थी.फिर वो बोली: आहहा डॉक्टर साहब चोद दो मुझे और अपने बच्चे की माँ बना दो.


मैंने उसकी चुत में दो उंगलिया घुसा दी और तेज़ी के साथ अंदर-बाहर करने लगा. वो एक-दम से पागल हो उठी.फिर वो उठ गयी और नीचे आके मेरे घुटनो में बैठ गयी. मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी. मैं भी नंगा होकर उसको लंड चुसवाने का मज़ा ले रहा था. वो मस्ती में मेरे लंड को चूस रही थी.

10 मिनट तक लंड चुसवाने के बाद मैंने उसको लेटने के लिए कहा. मैंने उसको वही पर दोबारा लिटाया और फिर उसकी टांगो को खोल लिया. फिर मैंने उसकी चुत पर लंड लगा दिया और रगड़ने लगा. वो कसमसाने लगी.फिर मैंने उसकी चुत में लंड को धकेल दिया तो उसकी आँखें बाहर आ गयी. मैंने उसकी चूचियों को दबा दिया और कस कर उनको भींचने लगा. उसकी जाँघों के बीच में खड़ा हुआ था desi bhabi ki chudai
मैं और उसकी चुत में आधा लंड घुस चू

का था.फिर मैंने थोड़ा विराम दिया और दोबारा से हल्का सा धक्का लगाया. उसको दर्द हो रहा था. रमेश के 3 इंच के लंड के सामने तो मेरा लंड बहुत बड़ा था. उससे लंड झेला नहीं जा रहा था. मैंने उसकी चुत में धीरे-धीरे आधे लंड से ही धक्के लगाए.अब उसको मज़ा आने लगा था.

देसी भाभी की चुदाई की स्टोरी

उसके मुँह से निकल रहा था ‘उम्म्ह… अहह… है… यह…’. फिर मैंने उसको चोदना शुरू कर दिया. अब मैं रफ़्तार बढ़ाने के साथ ही लंड को थोड़ा-थोड़ा और अंदर धकेल रहा था. उसकी चूचियां आगे-पीछे झूल रही थी. मैं उसकी चूचियों को दबाते हुए उसको चोद रहा था और कोमल के मुँह से सिसकारियां निकल रही थी.कोमल की टाइट चुत में जा कर मेरे लंड की नस्से फटने को हो रही थी. बहुत दिनों के बाद मुझे ऐसी चुत चोदने के लिए मिली थी.

मैंने धीरे-धीरे करके पूरा लंड उसकी चुत में उतार दिया.अब कोमल आराम से मेरे लंड को ले रही थी. मैं भी उसको चोदने लगा. आधे घंटे तक मैंने कोमल की चुत को चोद -चोद कर चौड़ी कर दिया.


फिर मैं उसकी चुत में ही झड़ गया. कोमल इस दौरान तीन बार झड़ गयी थी.फिर हम शांत हो गए. उसके बाद वो अपनी साड़ी को वापस पहनने लगी और मैंने भी अपने कपडे पहन लिए. कोमल की चुत को चोद कर मैंने अपने वीर्य से भर दिया था.


वो उस दिन चल भी नहीं पा रही थी लेकिन मैंने उसको बोल दिया की घर पर इस बात का ज़िकर ना करे.मैंने कोमल को कहा की वो हर रोज़ अपने पति से सेक्स करे. मैंने उसको विटामिन की गोलियां दे दी ताकि उसके पति और सास को लगे की वो इलाज ले रही थी.वो मेरी बात समझ गयी थी.

उस दिन के बाद से वो रोज़ ही मेरे क्लिनिक में आती थी और मैं उसकी चुत को चोदता था. दो महीने तक ये सिलसिला चला.दो महीने तक रोज़ होने वाली चुदाई के बाद कोमल गर्भवती हो गयी.

sunita bhabi ki chudai

जैसे ही आंटी को मैंने बताया की कोमल को गर्भ ठहर गया था तो आंटी ने मेरे माथे को चूम लिया. उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा.कुछ समय पर कोमल ने एक बेटे को जनम दिया. desi bhabi ki chudai

पहला बच्चा होने के बाद भी कोमल मेरे पास आती रही.

मैंने उसकी कोख से कुल तीन बच्चे पैदा करवाए.
उसके बाद मेरी पोस्टिंग उत्तर प्रदेश में हो गयी. अब भी कोमल मुझे याद करती है. वो अपने परिवार के साथ खुश है.
Read more sex stories..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *