By | March 12, 2023

Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai: हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब, पिछले भाग मे आपने पढ़ा होगा की कैसे भावना दीदी ने अपनी ननंद, जिसका नाम नीतू है उसको चुदवाने के लिए मेरे पास आई थी, अब आगे की कहानी।

ये भी पढे –पिछला भाग यहा से पढ़ा– बहन ने भाई का मोटा लंड भाभी की चूत मे फसाया

Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai

मैं मुस्कुराया और अपने कपडे तुरंत निकाल फेके मेरा लंड अपने पूरे आकर में था, जिसे देख भावना बोली: 

भावना: देख ले मेरे भाई का पूरा तैयार है तेरे लिए! 

नीतू: तो उसे बोल जल्दी करे मैं भी पूरी तैयार हूँ उसे अंदर लेने के लिए, भावना मेरे हाथ को पकड़ खींचती हुई मुझे सोफे पर बैठा कर नीतू से बोली: 

भावना: ले अब दे दिया तुझे ले ले मेरे भाई के लंड  का मज़ा! नीतू उठ खड़ी हुई और मेरे सीने को धकेल मेरे ऊपर आ गयी मुझे अपनी पीठ दिखाती हुई मेरी गोद में चढ़ अपनी चूत के नीचे मेरे खड़े लंड को लगा लिया, भावना के चाटने से उसकी चूत गीली थी जब नीतू बैठी तो मेरा तना मोटा लंड उसकी चूत को फैलाते हुए उसके अंदर गायब हो गया, भावना सामने खड़ी नीतू की निप्पलों को अपनी उंगलियों से निचोड़ती हुई बोली:  Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai:

भावना: अच्छे से ले मज़ा अब! नीतू उठने और बैठने लगी मेरे लंड के ऊपर और अपने अंदर घुसाती और  निकालती हुई खुद को मज़ा देने लगी, हमें देख भावना सामने खड़ी एक हाथ से अपनी चूत सहलाने लगी, नीतू मुझ पर उछलती हुई उससे पूछा: 

नीतू: तू कल भी सिर्फ देख रही थी आज भी बस देखोगी क्या? भावना अपने निप्पल निचोड़ती हुई बोली:

Bahan ki chudai ki kahani

भावना: तो और क्या करू? नीतू अपनी ऊँगली से उसे पास आने का इशारा किया और भावना उसके पास आकर उसे चूमने लगी नीतू भावना के कंधो पर हाथ रख उसे चूमती हुई अपनी कमर उछालने लगी और मेरा कड़क लंड उसकी चूत को चोदता गया और मज़े में आती हुई नीतू भावना से लिपट कर चूमने लगी, कुछ देर चूमने के बाद नीतू भावना के कंधो पर ज़ोर देती हुई उसे नीचे धकेलने लगी,  भावना समझ गयी और नीतू की चुदती चूत के होंटो पर अपनी जीभ फेरने लगी, नीतू दुगने मज़े में बोल पड़ी:

Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai

नीतू: यह! बहुत अच्छा है ! चाटो ! भावना नीतू को और मज़ा देती हुई चूत के दाने  को चाटती तो कभी होंटो में लेकर खींचने लगी कई बार भावना की जीभ मेरे लंड से भी टकरा जाती और भावना अपनी उंगलियों से अपनी चूत भी मसल रही थी,

इन दोनों को देख मैं काफी उत्तेजित हो रहा था और मेरा लंड सख्त बना सीधे ऊपर खड़ा रहा जिस पर नीतू उछल उछल कर चुदती गयी कुछ देर बाद नीतू थकने लगी तो में उसकी कमर को पकड़ कर अपनी  कमर को ऊपर मारता हुआ उसकी चुदाई को रुकने नहीं दिया, नीतू: यह यस आकाश! नीतू आहे भर्ती रही और मैं कमर मारता गया अगले 2 से 3-मिनट में लगातार उसे चोदने के बाद थकने लगा शायद वह भी समझ रही थी क्यों की मेरे मारने की रफ़्तार कम हो रही थी ,

नीतू: क्या हुआ! धीरे क्यों हो गए! ताकत नहीं है क्या! वह मुझे उकसा रही थी मैं उसके कमर को पकड़ कर अब अअपनी बगल मे लेटा  दिया अब मेरा लंड अब भी उसकी चूत के अंदर ही था और मैं पीछे से उसे अपनी बांहो में लेकर कमर के धक्के मारने लगा,

नीतू: यह! यस आकाश! बहुत अच्छे! भावना उठ कर नीतू और मेरे टाँगो के पास आ बैठी पीछे से ही नीतू की चूत चाटनी शुरू कर दी और साथ ही मेरे अंदर बहार निकलते लंड को भी चाट रही थी कभी मेरे लंड को चाटती तो कभी नीतू की चूत को और कभी मेरे मज़े को बढ़ाती हुई मेरे हिलते हुये अंडो को चाट रही थी,  Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai:

नीतू: आह्हः! मममम! अह्ह्ह! करते रहो बहुत मज़ा आ रहा है! कुछ देर में नीतू की  चूत को ऐसे ही चोदता रहा अब भावना मेरे अंडो को चाटती हुई  मुझे और तेज़ मारने को उकसाती रही, नीतू मुझे रोकती हुई बोली: रुको! भावना ने सर उठाकर पूछा: 

भावना: क्या हुआ?

नीतू: मैं झड़ने वाली हूँ रुको! प्लीज! मैंने चोदना  बंद कर दिया और सोचने लगा की झड़ने के लिए ही तो चुदवा रही है तो फिर रोक क्यों रही है नीतू मुझसे अलग होती हुई बोली:

Bhai bahan ki chudai hindi mein

नीतू: मैं इतनी जल्दी नहीं झड़ना चाहती आराम से अच्छे से चुद चुद कर झड़ूंगी, इतना कहती हुई वह उठ बैठी फिर भावना के करीब जाकर मेरे लंड को लेकर चूसने लगी अपनी चूत के रस से साने मेरे लंड को चूसने और चाटने के बाद वह भावना को देख बोली: 

नीतू: तू भी चख के देखले,

 भावना: नहीं! तू ही कर, नीतू मेरे लंड को भावना के होंटो के सामने हिलाती हुई बोली: नीतू: माना तेरा भाई है पर तेरा अपना भाई तो नहीं वैसे भी किसी को कुछ नहीं पता चलेगा भावना शर्माती हुई मुस्कुराने लगी और नीतू मेरे लंड को उसकी होंटो पर मारती हुई बोली: 

नीतू: चल मुँह खोल भाई के लंड को खाते बहन को, देखने में और भी मज़ा आएगा! भावना कुछ नहीं  बोली और बस फिर एक पल न लगा जब दोनों तरफ से वह दोनों मेरे लंड के गुलाबी सर को चूमने चाटने लगी और उनके होंठ आपस में भी एक दूसरे से सटा रहे थे वह मेरे लंड को बारी बारी  अपने होंटो के घेरे में लेकर चूम रही थी, कुछ पलो बाद भावना मेरे लंड के सर को अपने मुँह में डाल जामुन के तरह चूसने लगी, वही नीतू बची हुई बाकी की लम्बाई को अपनी जीभ से चाट काट बोली: अब मुझे दे ना! 

फिर भावना अपने होंटो में ही मेरे लंड को रख कर अब नीतू को चूमती हुये बोली ले खा ले इसे फिर नीतू ने अपने मुँह में ले लिया अब नीतू मेरे लंड को चूस रही थी और भावना चाट रही थी

भावना: चल ज़्यादा नहीं अब मुझे दे, नीतू मेरे लंड के सर को मुँह में ही रख दबी आवाज़ में बोली: ममम ममम रुक ना !भावना मेरे लंड को पकड़ कर उसके मुह से खींच निकाली और मेरे लंड पर नीतू के दांतो की रगड़ लग गयी और मैं दर्द से उछल पड़ा भावना मेरे लंड को किसी खिलौने के तरह नीतू से छिन कर बोली:  Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai:

भावना: कल रात से तू ही तो खा रही थी अब मेरी बारी है ,भावना लंड मुँह में लेकर चूसने लगी तो नीतू बोली: 

नीतू: हाँ हाँ चूसले मेरा भी स्वाद मिलेगा तुझे,

भावना: मममम वह तो है ही जो इसे और मज़ेदार बना रही है ,

नीतू: तो फिर मुझे भी चाहिए!

भावना: क्या?

नीतू: तेरा स्वाद इसके लंड से! भावना ऊपर मेरे तरफ देख बोली: 

भावना: पर ये तो मेरा भाई है, 

नीतू: ओह भावना जब मुँह में ले सकती हो तो और कही क्यों नहीं? भावना अब भी नीतू के सामने शर्म का ढोंग कर रही थी नीतू उठी और भावना को खड़ा कर मेरे ऊपर बैठती हुई बोली: 

नीतू: ज़्यादा नाटक मत कर भावना चल ले इसे अंदर और चुप चाप मज़े कर, ये कहती हुई भावना को वह मेरे ऊपर बैठाती हुई मेरे लंड को पकड़ कर उसकी चूत पर लगा दिया, फिर क्या था भावना भी यही चाहती थी और मेरे लंड को अपने अंदर उतारती हुई बैठ गयी,

Bhai bahan ki chudai ki kahani

नीतू: मज़ा आया!

भावना: हाँ! नीतू उसकी गांड पर मार कर बोली: तो फिर चालू हो जा अब! भावना अपनी कमर उछालने लगी और पहली बार मैं भावना को अब अपनी होश में चोद  रहा था और भावना की  बगल नीतू मेरे सामने घुटनो पर आ बैठी मेरे हाथ को नीचे से अपनी चूत पर लगा बोली: 

नीतू: अपने हाथो को भी काम पे लगो आकाश, मैं अपनी उंगलियों से नीतू के चूत को कभी सहलाता तो कभी एक ऊँगली अंदर घुसाकर हिलाता अब मेरे ऊपर उछल उछल कर चुदती रही अब भावना बोली: अह्ह्ह! यस! कब से ये करना चाहती थी! एक और भावना की चूत में मेरा लंड खेल रहा था तो दूसरी और नीतू की चूत में मेरी उंगलिया भावना और नीतू मज़े लेती हुए एक दूसरे को कभी चूम जाती तो कभी आपस में एक दूसरे के निप्पलों को निचोड़ती, Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai:

अब दोनों को ऐसे एक साथ संतुष्ट करते देख मुझे खुद पर काफी गर्व हो रहा था अब अगले 5-मिनट यही करने के बाद भावना धीमी पड़ी और नीतू बोली: चल अब मुझे चखने दे मैं भी तो जानू तेरा स्वाद आकाश से,

भावना मुस्कुराती हुई अपनी चूत से मेरे लंड को निकाल खड़ी हुई वह बोली: 

भावना : गेट उप आकाश! बहुत आराम फार्मा लिए तुमने, मैं उठ खड़ा हुआ और दोनों सोफे पर घुटनो के बल जा बैठी मेरे लंड को पकड़ कर खींचती हुई नीतू ने उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, लंड पर लगे भावना के रस को चखती हुई बोली: 

नीतू: ये तो तेरी चूत से चखने से भी ज़्यादा मस्त है भावना भी उसके साथ मिलकर मेरे लंड को खाने लगी सच बताऊँ तो यहाँ आया था सिर्फ भावना के लिए पर अब इन दोनों की  एक साथ लेते हुए लग रहा था मनो जन्नत ही मिल गयी हो, कुछ देर चूसनेओर  चाटने के बाद नीतू बोली: 

नीतू: अब मेरी बारी दुबारा इसे अंदर लेने की, 

भावना: नहीं मेरी!

नीतू: चल हैट अभी तो लिया था तूने, 

भावना: तो क्या हुआ कल सारी रात तूने ही तो लिया इसका  तो अब मैं  कुछ बोली क्या ऊपर से अभी तूने मुझे बीच में ही रोक दिया, 

नीतू: बिलकुल नहीं अब मैं, भावना उसके हाथ से मेरे लंड को छिनती हुई बोली: 

भावना: शट उप! अब मैं लुंगी, इन दोनों को मेरे लंड से चुदवाने की  बहस को देख मेरे अंदर उत्तेजना की आग भड़क रही थी,

नीतू: ओके एक शर्त पर ये मेरे अंदर झाड़ेगा!

Bhai bahan ki chudai hindi

भावना: हम्म्म… चल ठीक है! इसके बाद देखते ही देखते नीतू सोफे के एक छोर पर पीठ के बल अपनी जांघो को फैला कर लेट गयी भावना उसकी चूत चाटती हुई मेरी  तरफ अपनी गांड दिखा कर घुटनो पर आ गयी, भावना पलट कर मुझसे बोली: 

भावना: अब तुम करो आराम और हम लेंगे मज़ा! फिर क्या था जल्दी से भावना की चूत में पीछे से अपना लंड घुसाया और खचा खच चोदना शुरू कर दिया अब नीतू भावना से चूत चटवाती और  चुस्वाति हुई आहे भर रही थी वही भावना मेरी कुतिया बन कर मुझसे चुदती हुई सिसकारियां निकालती हुई नीतू की चूत खा रही थी, भावना की चूत में मेरा लंड तेज़ी से अंदर बहार हो रहा था और उसके मज़े में आती हुई भावना भी उसी तीव्रता के साथ नीतू की चूत को खाती रही और लंड भावना की चूत में जाता पर आहे नीतू के मुँह से निकलती, Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai:

ये देखने में काफी मज़ेदार लग ररहा था अब  मैं बिना थके भावना के अंदर मारता गया जिस कारन अगले 5 से 6 -मिनट में ही भावना की चूत पानी की चलकर जैसी आवाज़ निकालने लगी मैं समझ गया की वह झड़ने वाली है और अपनी तेज़ी बढ़ा दि, एक मिनट भी नहीं हुई जब वह अपने बदन को कप कपाती हुई बोल पड़ी: यह! मैं झड़ रही हूँ!

नीतू: आकाश निकालो बहार तुम मत झड़ना उसके अंदर, मैंने तुरंत अपने लंड को बहार खींच निकाला भावना हलके पानी के छीटे बहार दे मारे और एक तरफ कमज़ोर होकर गिरि  पड़ी नीतू उसके हाथ को पकड़ सोफे से नीचे बिठा दिया और मुझसे बोली: 

इसे आराम करने दो पर तुम नहीं, नीतू सोफे पर पूरा लेते हुये मेरे लंड के पास अपनी चूत ले आयी और बोली: अब मेरे साथ करो! मैंने उसकी टाँगो को फैलाया और अपने लंड को उसकी चूत पर लगा कर धक्के मारना शुरू कर दिया भावना के चाटने ओर चूसने से नीतू की चूत मे मेरे लंड को आराम से अंदर लेने लगी फिसलन के सहारे मैं भी अपनी कमर को पूरी तेज़ी के साथ आगे पीछे मारने लगा, कुछ ही पलो में भावना उठ खड़ी हुई और बोली: 

भावना: अच्छे से चोद इसे आकाश! 

नीतू: अह्ह्ह! हाँ आकाश और तेज़… अह्ह्ह्हह! भावना नीतू के ऊपर जाती हुई अपनी चूत उसके मुँह पर रख बोली: 

भावना: इतनी ज़ोर से ना चिल्ला कमीनी पडोसी जाग जायेंगे और अपना मुँह बंद रख! ये नज़ारा सच मे लाखो का था जहा मैं नीतू को चोदे जा रहा था और मेरी तरफ देख भावना अपने निप्पल को निचोड़ती हुई नीचे लेटी हुयी नीतू के मुँह में अपनी गीली चूत रगड़ रही थी

भावना: यह! चाट मेरी चूत नीतू! चाट! जैसे जैसे मैं अपने कमर आगे पीछे हिलाता वैसे ही मेरे सामने खड़ी थी अब भावना भी अपनी कमर आगे पीछे हिलाती मेरे हिलाने से मेरा लंड नीतू की चूत में घुसाती और निकालती अब भावना के हिलाने से उसकी चूत नीतू के होंठ और नाक पर रगड़ती इस ताल मेल को देख मैं और नहीं सह सकता था जल्द ही वह वक़्त आया जब नीतू भावना के नीचे कमर मचलती हुई दबी आवाज़ में बोली:  Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai:

Bhai bahan ki chudai story

नीतू: हम्म्म मैं झड़ने वाली हूँ मेरे लंड से भी इतने देर की उत्तेजना और वासना एक साथ फूट पड़ा नीतू की चूत को भरता हुआ मेरा लंड छीटे पे छीटे मारता गया जब नीतू से हुई नहीं तो वह मचलती हुई मेरे लंड को अपने अंदर से निकाल फेका और मेरा लंड बचा हुआ रस नीतू की चूत पर सफेद कवच बनता हुआ धक् गया, 

ये देख भावना सामने को झुकती हुई नीतू की चूत के पास गयी और मेरे रस के छिटो को अपनी जीभ से चाटने लगी नीतू बेसूद पड़ी रही और मेरा लंड मेरे साथ कमज़ोर पड़ता गया मैं खड़ा साँसे समेटता हुआ भावना को मेरे रस को नीतू की चूत से चाट कर निगलते देखता रहा, कुछ देर बाद नीतू उठती हुई भावना को अपने ऊपर से हटाती हुई बोली:

भावना: चल हैट हफ़ मुझे सांस तो लेने दे, भावना उठ खड़ी हुई और बोली:  Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai:

भावना: तुझे तो इसने अपने रस से नहला दिया पूरी गांड को, इसमे नीतू भी भावना के मुँह और होंटो पर लगे मेरे रस को ऊँगली से छु कर बोली:

Bhai bahan ki chudai sexy

भावना: तेरे ऊपर भी देखते ही देखते भावना और नीतू एक दूसरे को चूमने लगे मेरा बचा हुआ कुछ रस को चाटते और चूमने के बाद भावना बोली: 

भावना: अब तो हमे नहाना पड़ेगा, 

नीतू: हाँ पर रुक मुझे एक कॉल करनी है वह मेरा रिलेटिव कहा है पूछने के लिए,

भावना: हाँ कर ले फिर आ तू मेरे बाथरूम मैं इंतज़ार करुँगी,

मैं: तो फिर मैं भी आऊं?

नीतू तब मुझसे बोली: नहीं तुम यही रुको जब मेरा वह रिलेटिव आये तो यहाँ कोई होना चाहिए ना, 

मैं: हम्म्म ठीक है वैसे नाम क्या था उसका?

नीतू: अमित!

मैं सोचने लगा की आने दो साले कमीने को लात मारके  भगाऊंगा वरना फिर मेरे हाथ अब कुछ नहीं आएगा। तो दोस्तो आज इस कहानी मे बस इतना ही.  Ek Saath Bhai Bahan Ki Chudai:

Read More Sex Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *