By | February 3, 2023

Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me :-हैलो दोस्तो, माँ ने दिया मज़ेदार च्लेंज , सुबह माँ के साथ हुई मस्ती तो अपने भाग 2 में पढ़ा. अगर आपने इस कहानी के पिछले भाग अभी तक नहीं पढे तो यहा क्लिक करके पढ़ सकते है।

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उसके बाद हम दोनों ब्रेकफास्ट करने बैठे और बाते कर रहे थे.माँ: एक बात पूछू तुमसे?मैं: हाँ पूछोना माँ.माँ: तुमने ये सब कहा से सीखा?मैं हैरानी से पूछने लगा: क्या? क्या सब?माँ: यही सब जो तुम मेरे साथ किये.मैं: ओह! वह. हम्म्म!माँ मुस्कुराती हुई बोली: बोलो बोलो. छुपाओ मत.मैं: वह बस हम्म्म… पोर्न देख कर.माँ: कबसे देखते हो पोर्न?मैं: हम्म्म…माँ: देखो झूट मत बोलना सच बताओ.मैं: ओके ओके! बस गुस्सा मत करना.माँ: नहीं करुँगी बस सब सच बताना. जो भी हो.मैं: क्लास 12 से.

Ghar Me Maa Ki Chudai

माँ हरान हुई बोली: क्लास 12 ? तब से? नो वे! क्लास 12 में तुम कहा से देख लिए. तुम्हे तो क्लास 12  के बाद खुद का सेल फ़ोन मिला. और कंप्यूटर तो तुम टीना का इस्तेमाल करते थे.मैं मुस्कुराने लगा.

जिसे देख माँ बोली: झूठे झूट बोलो मत बताओ कबसे  देखते हो?मैं: सचमें. क्लास 12 से. प्रॉमिस.माँ: पर कैसे?मैं: आप दीदी को प्लीज मत बताना.माँ: क्या नहीं बताऊँ? मत कहना की उसके कंप्यूटर में देखा.मैं: हाँ प्लीज आप दीदी पर गुस्सा मत होना.माँ: सही मे ! टीना?

वह भी पोर्न देखती है?मैं: आपने वादा किया की आप नहीं बताओगे दीदी को.माँ: ऐसा लगता है की तुम्हे टीना के बारे में बहुत कुछ और भी पता है.मैं: पहले वादा करो.

माँ: ओके प्रॉमिस! मैं टीना को कुछ नहीं बताउंगी न ही उसे डांटूंगी. अब बोलो.मैं: दीदी भी पोर्न देखती है. पर उनका टेस्ट थोड़ा अलग है.माँ: व्हाट? क्या? बताओ जल्दी.मैं: वह लेस्बियन पोर्न देखती है.माँ: हफ़! तुमने मुझे डरा दिया. लेस्बियन पोर्न ही है ना आईटी’स ओके.

मैं: और….माँ: और क्या?मैं: वह… वह भी एक लेस्बियन ही है.माँ के जैसे चेहरे से छक्के चूत गए और बोली: व्हाट! क्या बकवास कर रहे हो. झूठ मत बोलो.मैं: सच्ची माँ..माँ: कौन?मैं: वह उनकी फ्रेंड स्वाति है ना. वह.माँ: हो ही नहीं सकता स्वाति को तो अक्सर लड़को के साथ बात करती देखि हूँ. और उसके घर तो…को…कुछ नहीं. Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me

माँ कुछ बोलने आ रही थी पर अचानक से पलट गयी. तो मैंने पुछा: क्या उसके घर क्या?माँ: कुछ नहीं मैं बोली उसके घर उसके पेरेंट्स को पता नहीं ये सब?मैं: नहीं माँ सच बोलो तो स्वाति बस दिखावा करती है लड़को के साथ.

Sasu maa ki chudai ki kahani

 मैंने कई बार दीदी के मोबाइल में स्वाति के लव मेस्सगेस देखे है. दीदी अक्सर किसी को ऐसे मैसेज और बाते करती है जैसे वह किसी बॉय फ्रेंड से बात कर रही हो. पर जब भी मैं जासूसी करू तो वह स्वाति ही निकलती है.

माँ: ओह गॉड टीना ऐसे.माँ उदास होती हुई अपने सर पर हाथ रख बैठ गयी.मैं: डॉन’टी वोर्री माँ ये सब तो आज कल नार्मल है.माँ: शट उप. ये कोई साधारण सी बात नहीं. कैसे भी करके मुझे उससे इस बारे में बात करनी होगी.मैं: प्लीज आप ऐसा कुछ नहीं करोगे. आपने प्रॉमिस किया है.

माँ: ओके ठीक है तुमने बताया कभी नहीं बताउंगी. एक दिन कभी उसे रंगे हाथो पकड़ूँगी और फिर पूछूँगी.मैं सोचने लगा भला माँ को क्यों बताने गया? खामखा मूड ख़राब हो रहा था इनका. तो सोचा इस किस्से को यही ख़तम कर देता हूँ और पुछा: वैसे एक बात बताओगी माँ?माँ: हाँ पूछ.मैं: आपने कब पोर्न पहली बार देखा था?माँ मुस्कुराती हुई बोली:

मैं वह सब नहीं देखती.मैं: क्या माँ मैंने तो सब सच बता दी. आप भी बताओ अब तो हम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड के तरह है.माँ: ओके ओके! जब मैं गर्ल्स कॉलेज में थी तब.मैं उन्हें चिढ़ाते हुए बोला: ओहो! हम्म्म! और सबसे पहले सेक्स किसके साथ?माँ: शट उप राहुल. तुम्हारे पापा के साथ ही तो किया होगा और नहीं तो किसके साथ.मैं: झूठ मत बोलो माँ. बतावा. वैसे भी अब हम क्यों कुछ छुपाये मैं ऐसा वैसा कुछ नहीं सोचूंगा.

आप सच बोल दो.माँ: हम्म्म! किया था शादी से पहले. कॉलेज लाइफ में.मैं: ओहो! तो अब भी लेस्बियन थे?माँ हैरान होती हुई बोली: नहीं नहीं. बॉय के साथ ही. इडियट.मैं: पर आप तो गर्ल्स कॉलेज में थी अभी तो कहा.माँ: हाँ पर एक बॉयफ्रेंड था उसके साथ.

मैं चिढ़ाते हुए फिरसे पुछा: बस एक? आपके जैसे खूबसूरत लड़की की तब बस एक ही बॉयफ्रेंड था ऐसा मैं नहीं मैंने वाला.माँ हस्ती हुई बोली: Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me

तुम भी न राहुल. कुछ भी.माँ के शर्माने से साफ़ ज़ाहिर था की शादी से पहले इनका एक से ज़्यादा लड़को के साथ रिश्ता हुआ होगा. फिर माँ जान गयी की मुझे अगर सवाल करने छोड़ दिया तो माँ की सारा इतिहास बहार आ जाएगी. तो शायद इसी लिए माँ ने पुछा: अच्छा अब तो तुम्हारा अपना लैपटॉप है. तो काफी पोर्न देखते होंगे.

मैं: हाँ देखता तो हूँ.माँ: ओके कोई बात नहीं देखलो. पर पढ़ाई ख़राब की तो फिर देख लेना.मैं: नहीं. पढ़ाई के बाद रात को सोने से पहले कभी कभी देख लेता हूँ.फिर मुझे एक इच्छा होने लगी की क्यों न आज माँ के साथ पोर्न देखा जाए तो मैंने पुछा: क्या आप देखोगी?माँ: क्या? पोर्न?

मैं: हाँ.माँ: तुम्हारे साथ? नहीं नहीं!मैं: मुझे पता है आपका मैं है शर्माओ मत अब तो हम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हैना माँ.माँ हस्ती हुई बोली: है है है! तुम इस बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड का काफी फायदा उठा रहे हो.मैं: तो बोलो देखोगी मेरे साथ?माँ: हम्म्म! ओके. बस एक बार.मुझे पता था अगर एक बार तो मतलब कई बार होने वाला है.

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मैंने कहा: ओके ब्रेकफास्ट के बाद.माँ: ओके ओके हड़बड़ी मत करो आराम से खाओ पहले.इसके बाद हम दोनों ने अपना ब्रेकफास्ट ख़तम किया. और फिर किचन जाकर सब प्लेट वगेरा धोये. फिर अपने अपने कमरे को जा रहे थे तो माँ ने पुछा: कहा देखेंगे तुम्हारे रूम या मेरे?मुझे काफी मन था की माँ को उनके कमरे में चोदू तो बोला: आपके रूम.

आप जाओ मैं अपना लैपटॉप लाता हूँ.माँ अपने रूम गयी और फिर मैं अपने कमरे जाकर अपना लैपटॉप लिया. फिर अपने लाकर जिसकी चाबी सिर्फ मेरे पास होती है उसमे से एक हार्ड डिस्क निकाला और माँ के रूम चल दिया.माँ के रूम जाते ही देखा तो वह अपने बेड पर लेटी मेरा इंतज़ार कर रही थी.मैं: क्या बात है माँ पूरी तयारी के साथ लेती हो.माँ इस पर कुछ नहीं बोली और मुझे देखने लगी. मैं अपना लैपटॉप बेड पर रख दूसरी तरफ लेट गया की अब लैपटॉप हम दोनों के बीच में था.

लैपटॉप ऑन किया और फिर हार्ड डिस्क लगाने लगा तो माँ पूछी: ये कहा से?मैं: ये कुणाल का है.(कुणाल मेरा कोचिंग क्लास का फ्रेंड है जो इसी अपार्टमेंट में रहता है. उसके बारे में आप आने वाले किसी एपिसोड में ज़रूर पड़ोगे)माँ: कुणाल? वह पायल का बेटा जो तुम्हारे साथ पड़ता है.मैं: हाँ.माँ: उफ़ आज कल के बचे सबके सब बिगड़े हुए है.मैं हस्ता हुआ हार्ड डिस्क में एक फोल्डर खोला और माँ से पुछा: तो बोला किश टाइप की पोर्न देखोगे आप?माँ: क्या मतलब किश टाइप की क्या इतना बड़ा कलेक्शन बना रखे हो? Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me

मैं: अच्छा चलो मेरी फवौरीते देखोगे.माँ: हम्म्म दिखाओ.फिर मैंने माँ को उत्तेजित करने के इरादे से एक ऐसा अंग्रेजी पोर्न लगाया जिसमे हलकी सी स्टोरी भी थी. उसमे एक 35  के करीब की औरत घर के किचन में काम कर रही होती है. और घर में आये मेहमानो में से एक जवान लड़का किचन में पानी पीने आता है.उसमे वह लड़का अपनी आंटी को छोटे स्कर्ट में देख उत्तेजित होता है.

फिर वह दोनों बाते करते है और लड़का उसकी आंटी की तारीफे करता हुआ किश करने लगता है. उसकी आंटी उसे कई बार धकेलती है और रुकने को कहती है. पर वह माना नहीं और अपना हाथ उसके स्कर्ट में घुसकर उसकी गांड को दबाने लगता है.आपको तो पता ही है इन अंग्रेजी पोर्न में सब कितना जल्दी होता है. तो इस पर माँ हस्ती हुई बोली: है है है! ऐसा सब थोड़ी होता है. माँ आपको क्या लगता है की सारी फिल्म बनके दिखाएंगे क्या ये पोर्न बनाने वाले.

इसके बाद उस लड़के की आंटी भी उसे किश करती हुई उसके साथ सहमत हो जाती है. फिर वह उसे धकेल कर अपने रूम चली जाती है. लड़का वापस मेहमानो के बीच आकर बैठ जाता है. तब उसकी आंटी हलके से अपने रूम का दूर खोलकर उसे इशारा करती हुई अपने कमरे में बुलाती है.और फिर पोर्न सेक्स चालू हो जाता है.

किश कपडे उतरना बूब्स दबाना चूसना फिर लंड चूसना और फिर चूत की चुसाई. माँ ये सब देख बिकुल शांत थी और ध्यान से देख रही थी. मेरी नज़र तो बस माँ पर थी. जिसके हलके कपडे में उनकी निप्पल नोकीली हो रही थी.जिससे मैं समझ गया की वह उत्तेजित हो रही है. साथ ही मेरा लंड भी तन चुक्का था मेरी शॉर्ट्स में.

 मैं सीधा लेटा और अपना शार्ट निकालते हुए लंड को टटोलते हुए ऐसे पोर्न देखने लगा मनो मैं पोर्न देखने के लिए कर रहा हूँ. पर मैं तो माँ को उकसाने के लिए किया.और तब माँ बोली: शुरू हो गये बेशरम.मैं: आप भी करना. भजन थोड़ी देख रहे हो जो इतना चुप चाप देख रहे हो ध्यान लगाकर. Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me

माँ की चुदाई की रात मे

मेरी इस बात पर माँ हश पड़ी. फिर उठ कर बेडरेस्ट पर पीट टिका कर बैठी और अपना पैर फैलती हुई अपने हाथ से अपनी काली रंग की पैंटी पर हाथ फेरती हुई मज़े लेने लगी.मैं: क्या मैं कर दूँ?माँ: क्या?

मैं: आप पोर्न देखो और जो भी ये लड़का करेगा वह मैं आपको करूँगा.माँ: हम्म्म! ओके.मैं उठा और फिर माँ की टैंगो के बीच जा बैठा. फिर उनकी पैंटी को साइड को करके उनकी चूत पर ऊँगली से सहलाने लगा.

माँ भले लैपटॉप के तरफ देख रही थी पर बार बार उनकी नज़र मेरे तरफ आ रही थी.मैं: मुझे मत देखो माँ. पोर्न देखो.इसके बाद उनकी चूत पर जीभ से टटोला जिसपर उनकी आहा निकल आयी. जीभ से आराम से चाटेते हुए उनकी चूत के दाने को टटोलने लगा.

माँ की आँखों में नशा उतर रहा था. वह अपना कमर धीरे धीरे मेरी मुँह के तरफ ऊपर नीचे करती हुई अपनी चूत मुझे दे रही थी.तभी मैंने देखा की अब पोर्न में वह लड़का उठा और अपना लंड अपनी आंटी की चूत में रगड़ने लगा. पर मैंने तो अभी चूत खाना शुरू ही किया था तो अपना हाथ बढ़ाया और वीडियो को पॉज कर दिया. माँ मेरी तरफ देखि तो मैंने अपने जीभ से एक लम्बी से चाट मारी.

वह समझ गयी मेरी बात और फिर मेरे बालो को पकड़ अपनी चूत से सटाने लगी. मैं पुरे चाव से अपनी माँ की चूत को चाटने और दाने को चूसने लगा.माँ: ओह! राहुल कीप दोंग आईटी!मैं उनकी चूत की होंटो को दन्त से कभी कभी हलके से काट मर जाता तो उनकी पकड़ मेरे बालो पर ज़ोर की हो जाती. Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me

थोड़ी ही देर बाद उनकी चूत में अपना जीभ डालकर जीभ को घुमाने लगा. काफी अंदर तो नहीं जाती जीभ लेकिन जहा तक गया उन्हें उससे काफी मज़ा आने लगा धीरे धीरे उनकी सांसे और आहे तेज़ होने लगी.

माँ: ओह्ह्ह्ह! ओह्ह्ह! बहुत अच्छा लग रहा है!थोड़ी देर बाद मैं उठा और उठ कर बेड पर उनके मुँह के पास अपना लंड तान कर खड़ा हो गया. वह समझ गयी और मेरे लंड को पकड़ चूमने लगी और फिर बोली: वैसे ये तो नहीं था पोर्न में.मैं: अरे माँ उसकी आंटी ने उसका चूसा तब हमने नहीं किया न उसी लिए.

माँ मुस्कुराती हुई मेरा लंड अपने मुँह में घुसकर चूसने लगी. उन्हें अब मेरा लंड चूसते देख ऐसा बिलकुल नहीं लग रहा था की वह अपने बेटे का लंड चूस रही हो. बड़े ही चाव से चूसती हुई वह मुझे भरपूर मज़ा दे रही थी.धीरे धीरे अपने हाथो से मेरे लंड को ऐसे खींचती हुई अपने मुँह में ले रही थी. मनो उनका मन ही नहीं भर रहा हो शायद वह पोर्न में लंड चूसते देख काफी उत्तेजित हो चुकी थी.

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वह मेरे लंड को ऐसे खींचने लगी अपने तरफ. मुझे अपने हाथो को दिवार पर टिका कर खड़ा होना पड़ा.लंड को मुँह में रख अपनी जीभ से लंड के सर को वह किसी माहिर खिलाडी की तरह चूसे जा रही थी. मैं भी धर्म संकट में था की कही माँ मुझे चूस कर ही झाड न दे. शायद ये माँ भी जान गयी थी इसी लिए वह मेरा लंड चूसना बंद कर बोली: चलो अब पोर्न को आगे देखे?

मैं खुश हो गया की अब बारी आ गयी माँ को चोदने की. इतने में मैं बेड पर वापस आकर पोर्न चालू किया. तो वही से चालू हुआ जिसमे उस लड़के की आंटी बेड पर पाँव फैलाई हुई लेटी थी. वह लड़का फ्लोर पर खड़ा अपना लंड चूत पर रगड़ रहा होता है.मैं भी उठा और फ्लोर पर जा खड़ा हुआ. माँ समझ गयी और उन्होंने एक ही बार में अपनी पेंटी खींच कर निकली.

मेरे तरफ अपनी टैंगो को फैलती हुई ऊपर उठाकर लेट गयी. एक हाथ से उनकी एक टांग पकड़ दूसरे हाथ से लंड पकड़ कर उनकी चूत पर मैं भी लंड का सर रगड़ने लगा.माँ: हम्म्म्म! नीस. अच्छा लगता है.मैं अपने लंड के सर से उनकी चूत के दाने को रगड़ने लगा और वह लैपटॉप के तरफ देखने लगी. पोर्न देखती हुई वह मेरे लंड का मज़ा अपने चूत के दानो पर ले रही थी.

कुछ ही देर बाद पोर्न में लड़के ने अपना लंड अपनी आंटी की चूत में घुसा दिया. उसे देख मैंने भी लंड माँ की चूत में धीरे से उतार दिया.माँ: यस. धीरे धीरे प्लीज.मैं धीरे धीरे उनकी गर्म चूत में अपने लंड को धकेलने लगा. यूं तो ज़ोर ज़ोर से करता. लेकिन इस बार मैंने ठान लिया था  की थोड़ा ज़्यादा देर टिकना है वर्ण माँ फिर से मज़ाक उड़ाएगी. करीब 2 से 3 मिनट माँ को ऐसे ही धीरे चोदने पर माँ मुझे देख बोली: क्या हुआ बड़े धीरे कर रहे हो? Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me

मैं: मुझे लगा आपको धीरे ही पसंद है.माँ: है है है! बाते मत बनाओ तुम डरते होना की कही जल्दी करोगे तो तुम्हारा जल्दी हो जायेगा?मैं: नहीं.ऐसा कुछ नहीं है.माँ: अच्छा.माँ लैपटॉप के स्क्रीन में देखि. उस तरफ जहा उस पोर्न मूवी की बची हुई टाइम लिखी होती है और फिर मुझे देख बोली: तो क्या तुम मुझे इस पोर्न के ख़तम होने तक चोदेगे ?मैंने भी बिना टाइम जाने हाँ कर दी.माँ: पूरे 22 मिनट्स बाकी है है है है!मेरी सुनके हालत ख़राब हो गयी की अगले 22  मिनट मैं कैसे माँ को लगातार चोदुगा .

माँ मेरी हालत जान गयी और बोली: चिंता मत करो तुम मुझे चोदो . जब निकलने वाला हो तो बताना मेरे पास उसकेलिये एक आईडिया है.मैं ये सुन माँ की टैंगो को पकड़ ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया. माँ फिर से पोर्न देखती ही मेरे चोदने का मज़ा लेने लगी. धीरे धीरे मैं राफ्तेर बढ़ाता हुआ उनकी चूत चोदता गया.

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माँ: करते रहो करीब 3 मिनट ऐसे ही चोदने पर माँ ने मुझे रोका और लैपटॉप की टाफ इशारा किया. जिस पर मैंने देखा की पोर्न में अब उन दोनों ने अपनी पोजीशन बदल ली. मैं समझ गया और जैसा उस पोर्न में देखा वैसा ही किया. मैंने माँ को बेड पर पलटा और उन्हें कुतिया बना दिया घुटनो पर.

फिर मैं उनकी गांड को फलाते हुए अपना मुँह घुसा कर गांड की छेद और चूत को चूसने और चाटने लगा पीछे से.माँ: बहुत अच्छे राहुल और चाटो.मैं तो चाटने मैं लगा हुआ था. पता नहीं कितनी देर और चाटना था क्यों की हम पोर्न के हिसाब से कर रहे थे. तभी माँ अपनी गांड पर हाथ थप थापती हुई बोली: चलो उठो अब चोदो मुझे वह चोदना शुरू कर दिया.मैं भी उठा और बेड पर खड़ा हो गया और थोड़ा झुक कर चूत में लंड घुसा दिया.

माँ की कमर को सहारा बनाकर हाथ से पकड़ा और कमर हिलाते हुए उन्हें पीछे से कुतिया की तरह चोदने लगा.माँ: आह्ह्ह्ह! यस यस यस राहुल. फ़क में राहुल! और 17  मिनट्स यस फ़क में!माँ की बाते और आहे सुन और साथ ही उनके टाइम का हिसाब सुन मेरा जोश बढ़ने लगा. थप थप थप की आवाज़ के साथ में उनकी चूत को अच्छे से चोदता हुआ

उन्हें भरपूर मज़ा देने लगा. ऐसे ही करीब 4  मिनट मैं लगातार चोदा की मेरी हालत ख़राब होने लगी.मैंने माँ से कहा: माँ! मेरा निकलने वाला है.मैं अपनी बात पूरा करता इससे पहले ही माँ मेरे लंड को अपनी चूत से निकालते हुए आगे को कुतिया की तरह चल दी. Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me

 मैं बस गिरते गिरते सम्भला.माँ मुझे मुड़कर अपनी गांड दीखती हुई बोली: ऊप्स सॉरी बिना बोले हैट गयी.मैं: क्या हुआ?माँ: मैं बोली न मेरे पास एक आईडिया है.मैं खड़ा उन्हें देखने लगा की उनका क्या आईडिया है. मेरा लंड बस झड़ते झड़ते बचा. माँ उठी और बेड से उतर कर अपनी ड्रेसिंग टेबल की सबसे नीचे वाली ड्रावर खोली और फिर कुछ निकलने लगी. पर वह कुछ सोच भी रही थी मनो उनके मैं में कोई सवाल हो.मैं: क्या हुआ माँ. आप क्या ढून्ढ रही हो?माँ: कुछ नहीं तुम मेरे रूम आये थे क्या मेरी ड्रावर खोली क्या?मैं: मैं? नहीं मैं तो यहाँ आया ही नहीं.माँ: तो ये सब चीज़ ऐसे वैसे किसने किया और वह कहा गया.मैं: क्या कहा गया? व्हाट माँ?

माँ: न न कुछ नहीं.इतना कहती हुई माँ उठी और देखा तो उनके हाथ में एक लम्बा सा डिलडो था.मैं: माँ! आपके पास डिलडो?माँ हस्ती हुई बेड पर चढ़ी और वापस मेरे तरफ अपनी गांड दिखाती हुई कुतिया बनी. मेरे तरफ डिलडो देती हुई बोली: सवाल मत करो अब मुझे इससे चोदो. फिर जब तुम थोड़े ठन्डे हो जाओगे तो अपने लंड से चोदना .मैं माँ के हाथ से डिलडो लिया और उनकी चूत में डिलडो को धीरे से घुसते हुए उन्हें देखने लगा. डिलडो करीब मेरे लंड से 2 इंच लम्बा था.

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 मैंने अपने लंड की लम्बाई तक डिलडो डाला उनकी चूत में ये सोचकर की शायद इससे ज़्यादा वह और नहीं ले सकती.तो मुझे हैरान करती हुई माँ बोली: क्या हुआ? पूरा डलवाना. वह और अंदर जायेगा.मैंने उसे 2 इंच और अंदर धकेलते हुए चोदने  लगा. माँ पूरा मज़ा लेती हुई डिलडो से चुदवा रही थी. जिससे देख मुझे पता चल गया की माँ काफी बड़ी वाली चुड़क्कड़ औरत है.

मैं उनकी चूत में डिलडो से तेज़ प्रहार करने लगा. पर उन्हें मानो हर प्रहार पर उतना ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था.माँ: यस! और और! और अंदर यस राहुल यस! फास्टर. चोदो मेरी चूत. बहुत मज़ा आ रहा है.मैं अब उन्हें काफी तेज़ और काफी अंदर तक डिलडो से चोद रहा था. भले अब मुझे कोई मज़ा नहीं मिल रहा था. लेकिन माँ को ऐसे मज़ा लेती हुई गन्दी और सेक्सी बाते बोलते देख काफी मज़ा आ रहा था.

माँ: फक में राहुल. चोदने के साथ मेर गांड भी चाटो .इतना कहती हुई माँ ने अपना एक हाथ पीछे बढ़ाते हुए मेरे सर को अपनी गांड के तरफ खींचा. मेरे मुँह को उनकी गांड से चिपकती हुई बोली: डिलडो से चोदो और साथ में मेरी गांड चाटो .मैं एक हाथ से उनकी चूत में डिलडो से चोदने लगा.

साथ ही दूसरे हाथ से उनकी गांड को फलाते हुए गांड की छेद को चाटकर उन्हें मज़ा देने लगा. करीब 5 मिनट ऐसे ही चोदने पर माँ बोली: मैं झड़ने वली हु  रुको अब रुको.मैं रुक गया जिस पर माँ कुछ सेकंड बिना हिले बैठी.

फिर उठ कर मुझसे बोली: चलो अब अपना लंड डालो और एकदम ज़ोर से चोदना .मैं ख़ुशी से उठा और वापस खड़ा हो गया फ्लोर पर. उनकी कमर को पकड़ उहने अपने पास खींचा. अपने लंड को उनकी चूत में लगाया और फिर दे मारा ज़ोर से.माँ: यस नाउ फ़क में!लंड उनकी चूत में काफी आराम से चला गया. Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me

ये सब उस लम्बे मोठे डिलडो के कारन था जो उनकी चूत को इतना ढीला बना दिया. मैं उनकी कमर को पकड़ ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. क्यों की अब हम दोनों ही झड़ने वाले थे तो हम दोनों को कोई फ़िक्र नहीं थी.माँ: फ़क में राहुल फ़क में हार्ड!मैं उनकी बाते सुन उन्हें और ज़ोर से चोदने लगा.माँ: यस राहुल यस फ़क में. फ़क योर माँ राहुल. फ़क हर्डर!माँ की बातो से उत्तेजित होकर में किसी सांड  के तरह खड़ा उनकी कमर पकड़ कर उनकी चूत को ऐसे चोद रहा था. मनो वह कोई खिलौना हो. सट सट सट की आवाज़ काफी तेज़ राफ्तेर में रूम में सुनाई दे रही थी. करीब 1 मिनट ऐसे ही चोदने पर हम दोनों अपने चरम सीमा पर थे.माँ: आई ऍम क्युम्मिंग राहुल मैं झड़ने वाली हूँ!अब जाकर मुझे ख़ुशी और उत्साह होने लगा.

ये देख कर की माँ को मैंने चोद कर उनकी चार्म सीमा पर ले आया. मेरी राफ्तेर और तेज़ हो गयी और फिर वह पल आया जहा माँ की ज़ोर की आह निकली और मेरे मुँह से घुराहट.और हम दोनों के अंदर से हमारा रस निकल पड़ा. उनकी चूत में मैं अपना मुठ निगल रहा था.

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उनकी चूत मेरे लंड को अपने अंदर दबाती हुई मेरे मुठ के साथ अपना रस घोल रही. करीब 15 सेकंड मेरा लंड उनकी चूत में झटके खाता हुआ उन्हें बढ़ता रहा.और वही माँ भी बेड पर पड़ी अकड़ती और अपना रस उगलती रही.

थक कर जब मैंने अपना लंड उनकी चूत से बहार निकला. तो कुतिया बनी सहमी मेरी माँ के चूत से रस की एक फुहार बहार बेड पर गिरी. यकीनन इतना सारा मेरा मुठ तो हो ही नहीं सकता था.ये उनका भी रस था. मैं बेड  पर चित होकर लेट गया और माँ भी बेड पर वैसी ही कुछ देर कुतिया बनी अपना मुँह बेड पर सटाकर पड़ी रही. कुछ पांच मिनट हम दोनों ऐसे ही आंख बंद कर पड़े रहे.

तभी फ़ोन की घंटी बजी और माँ ने कहा: ओह सहित तुम्हारे पापा है.वह सुन मैंने अपना आंख खोली तो माँ ने कहा: जाओ निकलो यहाँ से. तुम्हारे पापा का वीडियो कॉल है. गेट आउट! Ghar Me Maa Ki Chudai ki raat me

तो दोस्तो आज इस कहानी मे बस इतना मुझे उम्मीद है आपको ये कहनी बहुत पसंद आए होगी.

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