By | February 1, 2023

Ghar Par Sexy Bhabhi Ki Chudai ki:-हैलो दोस्तो, एक बार फिर आपके साथ आया हु आपका दोस्त अमित.

पिछली कहानी का ये भाग 4 है जब मैंने श्रद्धा को चोदा था अब आगे ओर अभी तक किसी ने इसके पिछले भाग नहीं पढे तो यहा क्लिक करके पढ़ सकते है.

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रात के करीब 1 से 2 बजे तक श्रद्धा को चोदने के बाद हम दोनों काफी थके हरे सो गए थे. अगली सुबह मेरी आंख खुली और घडी पे 11 बजे देख में हड़बड़ाता हुआ उठा और अपना फ़ोन ढूंढ़ने लगा.

आस पास फ़ोन न मिलने पर याद आया की फ़ोन कल रात लिविंग रूम में ही भूल गया था. मैं एक टॉवल लागा कर कमरे से निकलने ही वाला था की बेड पे पड़ी श्रद्धा का फ़ोन विबरते होने लगा जिस्सके कारन मेरी नज़र उस पर पड़ी और देखा तो हैरानी हुई की स्वाति का कॉल क्यों आ रहा है श्रद्धा को.

शायद किसी दूसरे स्वाति का कॉल होगा सोच कर मैं लिविंग रूम को गया.वह मुझे किचन में खड़ी श्रद्धा देख कर बोली: गुड मॉर्निंग सर.

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मैं: गुड मॉर्निंग मैडम. है है है!श्रद्धा मज़ाक बनाती हुई बोली: बड़ी जल्दी उठे.मैं: अरे क्या करू कल किसी ने नाईट ड्यूटी पर लगा दिया था. Ghar Par Sexy Bhabhi Ki Chudai ki

श्रद्धा हस्ते हुए बोली: मनो मैं तो सो रही थी की सुबह उठकर अक्षुण को स्कूल भेजवाया वगैरा सब की.इस पर मैं उसे जीभ दिखाते हुए चिढ़ाते हुए अपने सेल फ़ोन पर देखा. तो 12 मिसकॉल स्वाति का.

मैं अपने सर पर हाथ रख बैठ गया की अब उससे बोलू क्या? फिर हिमत करके कॉल किया. पहले तो बिजी आया पर दुबारा लगाने पर उसने उठाया.स्वाति: हेलो? वेयर अरे यू?मैं: मैं अपने फ्रेंड के यहाँ.स्वाति: सुबह से कितनी बार कॉल किया? सो रहे थे क्या इतनी देर.मैं: हाँ वह मेरे फ्रेंड के कुछ और फ्रेंड आये और फिर बहुत देर तक हम सबने बाते की.

तो लेट सोया.स्वाति: सीधे सीधे बोलना पीकर सोये हुए थे. है है है!मैं उसकी बात को सहमति देते हुए बोला: हाँ थोड़ी बियर पी ली थी. आंटी अंकल ने कुछ पुछा क्या?स्वाति: हाँ पुछा पर मैंने कहानी बना दी. की आज तुम्हारा तुम्हारे फ्रेंड के साथ कुछ ज़रूरी काम है तप अपने फ्रेंड के यहाँ रुकोगे.मैं: वह क्या बात है. सही है. थैंक्स बचाने के लिए.

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स्वाति: हम्म कोई बात नहीं तुम अपने फ्रेंड के सात रहो शाम को वापस आ जाना.मैं: ओके थैंक्स स्वाति.स्वाति: हाँ ओके.ओके बाई.मेरे बाई बोलते ही श्रद्धा किचन से मेरे पास एक कप चाय लेकर आने लगी. काफी खूबसूरत लग रही थी अपने पीले रंग की कपडे में जो एक बनयान की तरह थी. Ghar Par Sexy Bhabhi Ki Chudai ki

बिना शेल्वे और कालर के और लम्बाई उसकी आधी जांघो तक ही थी और उस पर एक हलकी पावर वाला चस्मा उसके आँखों पर जो उसे एक पढ़ाकू खूबसूरत लड़की का लुक दे रही थी.श्रद्धा: स्वाति का कॉल था क्या? सुबह से कॉल कर रही है.मैं: हाँ स्वाति का ही है.श्रद्धा: क्या बोला उसने? कोई प्रॉब्लम तो नहीं न.मैं: नहीं नहीं उसने सब संभल लिया है. वैसे ये चस्मा क्यों?

वह मुझे चाय का कप देती हुई बोली: हु मैं सुबह थोड़ी देर लैपटॉप पे काम कर रही थी तो पहना था. तो अभी कब जाओगे वापस घर?मैं: फ़िलहाल तो शाम 4 या 5 बजे तक रुकूंगा. क्यों की स्वाति ने आंटी को बताया है की मैं अपने फ्रेंड के सात कुछ ज़रूरी काम में हूँ. तो अगर अभी गया तो स्वाति का झूट पकड़ा जायेगा.

इस पर श्रद्धा के चेहरे पर एक स्माइल आ गयी जिससे मैं समझ गया की वह क्या सोच रही है. श्रद्धा अपनी नीचे का होंठ हुई बोली: अभी तो 11 ही बजे है. तब तक क्या करोगे?मैं मज़ाकिया मूड में बोला: हम्म्म ये तो सोचना पड़ेगा की क्या करे. तुम्हारे पास कुछ है करने को?श्रद्धा: हाँ हैना. लंच बनादो अगर कुछ नहीं करने को तो. है है है!

मैं: अरे लंच के लिए तो टाइम है. वैसे अक्षुण कब आएगा स्कूल से?श्रद्धा: वह शाम के 4 बजे तक. क्यों?मैं टॉवल से अपना लंड बहार निकल हिलाते हुए बोला: अगर वह जल्दी आ गया तो उसकी माँ को शाम तक कैसे चोदेगा .श्रद्धा: है है है! कितना गन्दा सोचते हो. है है है!मैं: क्यों तुम्हे तो डर्टी पसंद है ना?इस पर वह मुस्कुराती हुई टाँगो को फैलाकर सोफे पर आराम से बैठ गयी. इससे उसका बनियान जैसा कपडा खींचकर जांगों से और ऊपर उठ गया.

मुझे साफ़ दिखने लगा की उसने अंदर कोई पेंटी नहीं पहनी है. वह मुझे देख भवरो के इशारे से बोलने लगी की क्या देख रहे हो. Ghar Par Sexy Bhabhi Ki Chudai ki

मैं: अगर अंदर कुछ नहीं पहनना था तो ये क्यों पहनी पूरी नंगी ही रहो न घर पे.श्रद्धा होंटो को काटती हुई आँख मारती हुई बोली: कपडे उतारने का मज़ा भी तो आना चाहिए न?मैं अपने टॉवल को अपने से निकाल पूरा नंगा होकर बैठ गया. अपने लंड को हिलाने लगा जिसे देख श्रद्धा धीरे से अपने कपडे को थोड़ा और ऊपर उठायी.

और अपनी चूत को मसलती हुई पूछी: कल मज़ा आया?मैं: बहुत. पूछो मत.श्रद्धा: क्यों? बतावा.मैं: इतना मैंने आज तक किसी को नहीं चोदा अपने लाइफ में.श्रद्धा अपनी दो ऊँगली चूत में डालती हुई बोली: और मेरी गांड मारने में मज़ा आया?

मैं: हाँ. मैंने कल पहली बार गांड चोदा. श्रद्धा: पता है मुझे. जिस तरह से तुम चोद  रहे थे पता चल गयी थी मुझे.मैं: काफी एक्सपीरियंस है. मुझे अपना स्टूडेंट बनालो.श्रद्धा: वह तो तुम्हे कब का मैंने बना लिया.इतने में किचन से कुकर की एक सीटी बजी और वह अपनी चूत से ऊँगली निकाल कर खड़ी हो गयी.श्रद्धा: तुम यही बैठोगे क्या? क्यों की मुझे तो किचन में काम है.मैं: मैं आ जॉन क्या हाथ बाटने ?श्रद्धा इस पर आंख मारती हुई बोली: वह तो मैं तुम पर छोड़ती हूँ. आना है तो आओ वरना यही हिलाते रहो. है है है!

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इतना कहती हुई वह मुस्कुरायी और तिरछी नज़रो से मुझे देखती हुई किचन को चली गयी. मैं अपनी चाय का कप लेकर नंगे ही किचन को चल दिया.मुझे किचन में नंगा आते देख वह बोली: है है है! मस्त लग रहे हो. बेशरम कहीं के.मैं कप को सिंक में रख कर उसके तरह मुड़ा . पीछे से उसे अपनी बहो में लेकर उसके कान में बोलै:

और तुम कोन सी कम बेशर्म हो?इतना कहते हुए मैंने एक हाथ से पीछे से उसके कपडे को उठाकर उसकी गांड को दबाने लगा.श्रद्धा: मेरी गांड से प्यार हो गया है क्या जो पहले उसपर हाथ मार रहे हो?मैं: हाँ काफी टाइट गांड है और मुझे इसे ढीला करना बहुत पसंद आ गया.मैं अपनी ऊँगली को अपने मुँह में डाल चाटकर गीला किया. और फिर से इसके कपडे को एक हाथ से उठाया और थूक लगी ऊँगली से उसके गांड की छेद पर आराम से मसलने लगा.

श्रद्धा: हम्म्म थूक ही लगाना था तो डायरेक्ट मुँह से ही लगा देते.मैं समझ गया की वह मुझे नीचे जाकर उसकी गांड चाटने को कह रही है. तो इस जोश में मैंने अपने एक ऊँगली उसकी गांड में धकेल दी.श्रद्धा: आठ.श्रद्धा मज़े में मुझे मूड कर किस करने लगी और मैं धीरे धीरे उसकी गांड में ऊँगली चोदने लगा. उसकी आहे मेरी होंटो में दबी दबी निकल रही थी और में जोश में आता हुआ उंगलियों को थोड़ी तेज़ी से अंदर बहार करने लगा. Ghar Par Sexy Bhabhi Ki Chudai ki

श्रद्धा किश तोड़ती हुई बोली: अच्छा लग रहा है. मममम! वाओ.!इस पर मैंने उसकी गांड से ऊँगली निकाली और उसके होंटो के पास ले गया. वह पहले मेरी आँखों में देखि. फिर मेरी ऊँगली सूंघी और फिर अपने मुँह में डाल चूसने लगी सुर बोली: मुँह खोलो.मेरे मुँह खोलते ही उसने मेरी मुँह के अंदर थूक दिया.ये सब गन्दा था पर मुझे काफी मज़ा आ रहा था.

मेरा लंड काफी तन चुक्का था. वह मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर हिलाती हुई बोली: प्लीज मेरी गांड चाटना और फिर ऊँगली करो.तभी एक और सीटी आयी कुकर से तो वह मूड कर स्टोव बंद कर अपना काम करने लगी. तो मैं उसके पीछे बैठ कर उसके कपडे को उठाकर उसकी गांड में अपना मुँह घुसा दिया.

कभी उसकी गांड को सूंघता और कभी जीभ से चाटने लगा.वह आहे भर्ती हुई मज़े में अपना काम करती तो कभी मेरे सर के बालो को पकड़ अपने गांड में मेरा मुँह दाबाती . अच्छे से चाट कर गीला करने के बाद मैंने उसकी गांड में फिर से एक ऊँगली घुसाई. थूक के चिकनाहट से पूरी ऊँगली आराम से उसकी गांड में घुस गयी.

श्रद्धा: फिंगर माय अस्स. ऊँगली से चोदो . बहुत अच्छा लग रहा है!मैं उसकी गांड में तेज़ी बढ़ाते हुए ऊँगली से चोदने लगा और फिर दो ऊँगली डालने लगा तो वह काफी टाइट थी.

इस पर श्रद्धा शेल्फ पे रखी कुकिंग आयल की बोतल से कुछ बूँद तेल ली. उससे गांड में घुसी हुई ऊँगली के कोने में डाली और बोली: और थोड़ी चिकनाहट की ज़रुरत होगी.तेल से सनी हुई मेरी उंगलिया उसके गांड के अंदर पिसलती हुई घुसी और निकलने लगी. अब आराम से में उसकी गांड दो ऊँगली से चोद रहा था और उसकी आहे भी तेज़ हो रही थी.

इतने में मैंने एक और ऊँगली मिलकर 3 उंगलिया साथ में घुसा दिया.इस पर वह ज़ोर की आह के साथ वह बोल पड़ी: धीरे धीरे पूरा हाथ घुसाने का इरादा है क्या?मैं: अगर वैसा इरादा हुआ तो करने दोगी.श्रद्धा: व्हाट? नहीं! पागल हो क्या?मैं अपनी 3 उंगलियों को उसकी गांड में दाए बाये घुमाने लगा. उसे और भी मज़ा आने लगा और बोली:

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मेरी गांड तो तुम्हारे लिए खुली किताब हो गयी है. नयी नयी चीज़ सीख रहे हो. माज़ा आ रहा है. करते रहो.!फिर मैं अपनी उंगलिया निकाल कर उठा और अपनी उंगलियों को उसकी मुँह में देने जा रहा था. Ghar Par Sexy Bhabhi Ki Chudai ki

उसने मेरे हाथ पकड़ कर रोक लिया और मेरे उंगलियों को मेरे मुँह के पास लेकर बोली: ज़रा चख के बताओ मेरी गांड का रस .मुझे पता था ये गन्दा है. पर उसके इस तरह कहने पर में जोश में उसके सामने उसकी गांड में डाल कर चोदी हुई उंगलियों को चाटने और चूसने लगा.

मुझे तेल के साथ उसकी गांड की खुशबू और स्वाद मिल रही थी.तभी मेरी नज़र किचन काउंटर पे रखे हुए एक बाउल पर गयी जिसमे कुछ गाजर और दूसरी सब्जिया थी. मेरे दिमाग में एक आईडिया चल पड़ा और मैं उस बाउल में से एक गाजर निकाला. जिसे देख श्रद्धा समझ गयी की मैं क्या करने वाला हूँ.मैंने एक मध्यम साइज की करीब 7 इंच लम्बा गाजर उसके मुँह में घुसकर उसे अच्छे से चटवाया.

फिर श्रद्धा को वापस घुमा कर कपडे उठा कर उसकी गांड में वह गाजर घुसाने लगा. गाजर काफी सख्त था जिससे उसे जलन होने लगी. वह मुझे तेल की बोतल देती हुई बोली: थोड़ा तेल और डालो जलन हो रही है.मैं तेल की बोतल से उसकी गांड की छेद पर तेल डाला और गाजर को धीरे से अंदर डाला –

इस बार उसके मुँह से मस्ती भरी आह निकल पड़ी जिससे समझ गया की उसे इस बार मज़ा आ गया. तो मैं गाजर को आधा घुसा कर उसे धीरे धीरे चोदने लगा. वह आहे भरती हुई काउंटर पे हाथ रख झुकने लगी.मैं समझ गया की वह गाजर को और अंदर लेना चाहती है. थोड़ी देर मैं ही गाजर करीब 5 से 6 इंच उसकी गांड के अंदर चोद रही थी.

वह मज़े में पूरी चूर हो कर आहे भर रही थी. उसे इस हालत में देख मुझे भी मज़ा आ रहा था.तेज़ी से उसकी गांड में गाजर को गोल गोल घूमता हुआ अंदर बहार कर रहा था. कुछ देर बाद श्रद्धा मेरे हाथ को पकड़ ली जिससे गाजर से चुदाई रुक गयी. अपना सर मुड़कर मुझे देख बोली: एक चीज़ देखोगे?मैं: क्या? दिखाओ. श्रद्धा अपने गांड में घुसी हुई गाजर से मेरा हाथ हटाकर अपने हाथ से उसे अंदर ही पकडे रखी और बोली: थोड़ी दूर होकर बैठो.मैं उसके पीछे थोड़ी दूर होकर बैठ.

फिर श्रद्धा ने अपना हाथ हटाया और कैच बोलती हुई अपनी गांड से उस गाजर को पंप करती हुई मेरे तरफ फेकि. मनो किसी बन्दूक से गोली निकली हो. गाजर ठीक मेरे हाथ  पर आ मारा.श्रद्धा: है है है! कैच करना नहीं आता? कैसा लगा बोलो?मैं ये देख हैरान था की किस तरह उसने अपनी गांड से गाजर मेरे तरह फेकि और बोलै: मस्त लगा देखने में.

श्रद्धा: फिर से करू?मैं: हाँ.इतना कहते हुए मैंने गाजर उसकी गांड में घुसाई और पीछे हटा. और एक बार फिर उसने अपनी गांड से गाजर पंप करती हुई मेरी तरह दे मारी और मैंने कैच करली . 3-4 बार ऐसे ही हम दोनों उसकी गांड में से गाजर खेलते रहे. क्या नज़ारा था देखने में. Ghar Par Sexy Bhabhi Ki Chudai ki

किश तरह से उसकी गांड अपने अंदर घुसी गाजर को मेरे तरफ फेक रही थी. फिर मैं उठा और श्रद्धा को अपने तरफ मूडा  उसे काउंटर पे पीट के बल लेटा दिया. उसकी टांको को उठाकर उसे पूरा फलाते हुए एक टाँग अपने कंधे और दूसरा काउंटर पर उसकी गांड में गाजर घुसाने लगा.

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श्रद्धा: चूत ने क्या बिगाड़ा तुम्हारा जो उसके साथ नहीं खेल रहे.उसकी गांड में गाजर रखते हुए मैंने एक और गाजर निकला बाउल से और उसकी चूत में घुसा दिया.श्रद्धा: वाओ! यस. दोनों से  एक साथ चोदो अमित.

फिर में दो गाजर को एक हाथ से पकड़. एक गांड और दूसरा चूत में घुसते हुए चोदने लगा. उसकी चूत से रस और मुँह से आहे काफी तेज़ी से निकल रही थी. ऐसे ही दोनों गाजर से करीब 5 से 6 मिनट लगातार चोदता रहा.

मेरा हाथ दर्द दे रहा था पर श्रद्धा की ऐसी मदहोश हालत देख मैं सारा दर्द भूल रहा था.कुछ देर बाद जब हाथ काफी थक गया. तो मैंने दोनों गाजर उसकी गांड और चूत से निकाली और उसके मुँह में डाल कर गाजरों को चुसवाया.

मानो वह दो लंड चूस रही हो एक साथ. फिर झुक कर उसे किश करते हुए उसकी चूत और गांड का स्वाद उसके मुँह से चखने लगा.चूमने के बाद मैंने उसे नीचे उतरा और वापस मुड़ी और तेल की बोतल से अपने लंड पर तेल डाला और उसे काउंटर पर झुका कर उसकी गांड में अपना लंड घुसाने लगा. तेल की चिकनाहट और ऊँगली डालने से गांड में लंड आसानी से एक ही बार में पूरा समां गया. Ghar Par Sexy Bhabhi Ki Chudai ki

फिर उसके कंधे और कमर को पकड़ उसकी गांड तेज़ी चोदने लगा.श्रद्धा: यस यस यस. फ़क माय अस्स. चोद के फाड़ दो. आह्ह्ह्हह!मैं उसकी गांड में तेज़ी से लंड घुसाने लगा. तेल का असर था की लंड पूरा आराम से गांड की जड़ तक जा रही थी. मेरी कमर के उसके गांड पर लगने से फटा फटा की आवाज़ और उसकी आहों से किचन भर गया था.

सटासट मेरा लंड उसकी गांड में फिसलता हुआ चोद रहा था.और साथ ही वह अपने हाथ को नीचे से लेकर अपनी चूत को मसल कर मज़ा ले रही थी. तुरंत मैंने अपना लंड उसकी गांड से निकाला और वह सोचने लगी क्या हुआ की इतने में उसे थोड़ा और झुका कर लंड को चूत में घुसा दिया.

श्रद्धा: यस मेरी चूत को भी उसी तरह चोदो गांड चोदने से चूत से काफी रस निकाल चुकी थी और लंड पे तेल होने के कारन लंड चूत को भी आराम से चोद रहा था. उसकी आहे अब इतनी तेज़ थी की कोई भी बहार दरवाज़े से सुन लेता.

पर उसे ऐसे ज़ोर से आहे भरना पसंद था. मुझे क्या था ये तो उसका घर था सोच कर अच्छे से उसकी चौड़ाई कर रहा था.तभी मुझे लग गया की मैं झड़ने वाला हूँ. झड़ने के कगार पर मेरा लंड और सख्त हो गया जिससे उसे भी पता चल गया और श्रद्धा बोली: अंदर ही भर तो अमित. हाँ अंदर ही छोडो अपना रस और चोदो . फास्टर अमित.मैं झड़ने के जोश में उसकी चूत ज़ोर से चोदने लगा.

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इतनी ज़ोर से की उसका चश्मा भी उसके चेहरे से निकल नीचे गिर पड़ा. कुछ ही पालो में 4 से 5 पिचकारियां मरता हुआ मेरे लंड ने अपना गदा गर्म रस उसकी चूत में भर दिया.कुछ देर मैं वैसे ही उसके चूत में लंड डाले उसके पीट के सहारे खड़ा रहा. फिर अपना लंड निकाला और देखा तो फर्श पर उसकी टाँगो के बीच से मेरा रस टपक रहा था.

वह फिर खुद को संभालती हुई मुड़ी.और मेरे झुकते हुए लंड को सहलाती आँख मारती हुई बोली: कुछ खालो. खली पेट टेबलेट नहीं खाते. फिर ज़्यादा देर चोदना मुझे. Ghar Par Sexy Bhabhi Ki Chudai ki

मैं थके हुए आवाज़ मैं बोला: हाँ मुझे वह टेबलेट चाहिए.पता नहीं क्यों पर मुझे भी ऐसा लगने लगा की उस टेबलेट के कारन मैं सच मे काफी देर तक चोद  सकता हूँ. इसके बाद श्रद्धा किचन में काम करती हुई मुझे एक प्लेट में ब्रेक फ़ास्ट देकर बोली: लो खालो फिर देती हूँ टेबलेट.

मैं: पर मैंने ब्रश नहीं की.श्रद्धा: मेरे वाशरूम में मेरी ब्रश है वह उसे कर लो.मैं: तुम्हारी?श्रद्धा: हाँ दूसरी तो है नहीं. क्यों मेरे मुँह से किश कर सकते हो उसमे उसे किया ब्रश नहीं उसे कर सकते.मैं: हम्म्म बात तो सही है ओके मैं ब्रश करके खाकर आता हूँ तुम टेबलेट रेडी रखो. 12  ही तो बजे है अभी तो कई घंटे है मेरे पास.

श्रद्धा हस्ती हुई बोली: है है है! ओके तो जाओ जल्दी.मैं तुरंत श्रद्धा के कमरे में गया. उसके वाश रूम में अपना काम ख़तम कर नाहा भी लिया. कल रात से काफी गंदगी लगी हुई थी मेरे बदन पर. पसीना एक दूसरे का मुठ सब. मैं नहाकर अपना खाना खा रहा था.

श्रद्धा आयी डाइनिंग टेबल के पास और बोली: नाहा भी लिए इतनी जल्दी. इतना कहते हुए वह अपने रूम को गयी. फिर मुझे एक टेबलेट लेकर दी और बोली: लो खालो और रेडी हो जाओ. मेरा काम ख़तम. इस पर मैं जल्दी से अपना खाना ख़तम किया और टेबलेट खाकर लिविंग मैं वापस आया.

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श्रद्धा अपने फ़ोन पे कुछ कर रही थी. उसके सामने नंगा खड़ा मैं अपने लंड को हाथ में लेकर दाए बाए हिलाने लगा. तभी अचानक डोर की घंटी बजी और मैं सोचने लगा अब ये कोन  कबाब में हड्डी आ गया.इतने में श्रद्धा ने मुझे इशारा किया की मैं उसके रूम में जाओ. उसके इशारे से समझ गया की वह नहीं चाहती थी की कोई जाने की मैं उसके घर में हूँ.

तो मैं चुप चाप उसके रूम को जा रहा था. तो उसने फिर से इशारा किया की अक्षुण के रूम में जाओ .मैं तुरंत नंगा ही दौड़ा अक्षुण के रूम में घुस कर डोर बंद कर लिया. इतने में बहार श्रद्धा को किसी से बाते करते सुना. वह कोई महिला थी जिससे वह बाते कर रही थी. और उन दोनों की बाते सुन मेरे होश उड़द गए.

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