By | April 3, 2023

Maa Bete Ki Chudai kahani: हैलो दोस्तो, मेरा नाम रिंकू है मेरी उम्र 21 साल है और मैं उत्तर प्रदेश के एक गाओं का रहने वाला हु मेरी ये कहानी मेरी मम्मी और मेरे बीच बने रिश्ते की है मेरी फॅमिली में हम 4 लोग है

पापा मम्मी मैं और मेरा बड़ा भाई, मेरा बड़ा दिल्ली में जॉब करते है और पापा खेतो को सँभालते है और मैं शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा हु।

हमारी वैबसाइट से चुदाई की मस्त कहानिया पढ़ने के लिए यहा क्लिक करे-> www.xstory.in

Maa Bete Ki Chudai  Dosto Ki Help Se

मेरी मम्मी का नाम रम्भा (बदला हुआ नाम) है और उनकी उम्र 42  साल है गाओं की भोली भाली और पूजा पाठ करने वाली औरत है मगर उनका गदराया बदन मर्दो के लंड में भी जान डाल सकता है

मैंने मम्मी की जवानी को बहुत पास से देखा है और मेरा लंड उनके गोरे गोरे  दूध और उनकी बड़ी और मोटी गांड को देखकर खड़ा ही रहता है मम्मी का फिगर 42-36-44 है।

उनका ये फिगर पढ़के आप समझ ही गए होंगे की मैं अपनी माँ का दीवाना कैसे बना और इसमें काफी हद तक मम्मी ने भी मुझे अपना दीवाना बनाया है मैं मम्मी को शुरू से नंगा देखता आया हु

वह अपने बूब्स तो हमेशा मुझे दिखाई ही देती है अगर मैं सामने बैठा हु तब भी मम्मी अपने ऊपर के कपडे बदल लेती है

उनके वह गोरे  और बड़े बूब्स देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता है और मेरा मन करता है की उनके बूब्स चूस चूस के निचोड़ दू, मगर मुझे मम्मी से डर लगता था मगर फिर भी मैं उन्हें देखने का कोई मौका जाने नहीं देता था

हर दोपहर जब वह सोती  थी तब मैं उनके साथ ही होता था क्यु की यही वह मौका होता था जब मैं मम्मी की बगले (आर्मपिट) और उनकी मैक्सी को उठा के उनकी चूत को देखता था . Maa Bete Ki Chudai kahani

Maa bete ki chudai xxx kahai

लेकिन मम्मी अपनी बगलो के बाल साफ़ रखती थी जिसे देखकर मन करता था की उसे जी भर के चाट लू और मम्मी की चूत तो एक डबल रोटी की तरह फूली हुई दिखती थी

और उनकी चूत से बहार निकला हुआ चमड़ा मम्मी की चूत को और भी जयादा खूबसूरत बना देता था

मम्मी की चूत को देखकर लगता था की पापा ने उसकी बहुत चुदाई की है मगर जब से मैं माँ की चुदाई के बारे में सोचने लगा।

Maa Bete Ki Chudai  Dosto Ki Help Se

तब से मैं मम्मी और पापा पर नज़र रखने लगा और मैंने कई बार पापा को माँ की चुदाई करते देखा पापा की चुदाई देखकर मैं ये समझ गया थे की मम्मी की चूत को पापा अब ठंडा नहीं कर पाते है और मम्मी की गर्मी वह अब नहीं निकाल पाते है

मगर इस सब के बावजूद भी मम्मी ने बहार का लंड नहीं लिया और अपनी जिंदगी वह ऐसे ही जी रही थी मगर जब ये बात मुझे पता चली तो मेरा लंड मम्मी के लिए और भी जयादा खड़ा होने लगा,

मगर मम्मी बहुत सीधी है मगर मैं ये भी जनता था की अंदर से उनकी चूत भी एक दमदार लंड मांग रही है मैं मम्मी से डरता जरूर था मगर उसके बाद भी मैं उनके साथ हलकी फुलकी हरकते करता रहता था

जब बाथरूम होने के बावजूद भी मम्मी कई बार नल के पास ही नाहा लेती थी और मैं इस नज़ारे को हमेशा देखता था मम्मी के बड़े बड़े बूब्स  बिलकुल नंगे ही होते थे यहाँ तक की अगर मैं उनके सामने भी जाता था

Antarvasna maa ki chudai

तो भी वह अपने बूब्स नहीं ढकती थी और मैं मम्मी के बूब्स जी भर के देखता था और जब वह नाहा के खड़ी होती थी तो मम्मी का पेटीकोट उनकी गांड से चिपका होता था Maa Bete Ki Chudai kahani

और मैं मम्मी को देखकर अपना लंड हिला रहा होता था और जैसे हो वह आपने पेटीकोट बदलती थी तो कुछ पल के लिए ही मम्मी की बड़ी और मोटी गांड के दर्शन हो जाते थे जिसे हर मर्द देखने के लिए पागल हो जाय।

मैं इस सारे नज़ारे की वीडियो बनाता था और बाद में उसे देखकर अपना लंड हिलाता था मैंने हमेशा मम्मी की गांड पर अपना लंड लगाया है और जैसे ही उन्हें मेरे लंड का अहसास मिलता था वह मुझसे अलग हो जाती थी

ज़िंदगी ऐसे ही चल रही थी और मैं माँ की चुदाई करने के लिए मरा जा रहा था मगर कहते है न की हर चीज का वक़्त आता है

मेरा भी मम्मी को चोदने का वक़्त आ गया था और इसकी शुरुवात हुई मेरे शहर में जाने से,  मैं शहर में अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने आया था और इसकी राय  मुझे भैया ने दी थी

Maa bete ki chudai ki kahani

और पापा भी मान गए भैया ने मेरी पढ़ाई का सारा जुगाड़ कर दिया था अब शुरू में मेरा भी मन नहीं था क्युकी मैं मम्मी को छोड़ के जाना नहीं चाहता था मगर फिर भी मैं पढ़ने चला गया और कॉलेज मैं जाके सब बदल गया कॉलेज में मुझे वह दोस्त मिले, जिनकी मदद से मैंने माँ की चुदाई कर ही दी वैसे दोस्त तो कई बने मगर मेरे सबसे पक्के दोस्तों का नाम करन और साहिल है पहले मैं अलग रहता था मगर फिर हम तीनो ने 2 कमरों वाला रूम ले लिया

और हम तीनो साथ ही रहने लगे, अब वक़्त बीतने लगा और हम तीनो बहुत पक्के दोस्त बन गए हम तीनो के शौक एक जैसे थे हम तीनो को ही लड़कियों से जयादा भाभी और आंटीया  में दिलचस्पी थी हम लोग हमेशा आंटीया की चुदाई की बाते करते थे और हम तीनो ही चुदाई वाली वीडियोस और कहानी पढ़ते थे

जिसमें सबसे जयादा माँ की चुदाई वाली कहानी होती थी जिसे पढ़के हम तीनो के लंड खड़े हो जाते थे मेरे दोनों दोस्तों में सबसे जयादा हरामी करण है मगर साहिल भी कुछ कम नहीं है करण हर काम में आगे है

उसने दुनिया के सरे करम काण्ड किये है जिसमें सबसे जयादा भाभी और आंटीया की चुदाई है करण साहिल और मेरा गुरु है उसी ने हम दोनों को सिगरेट और दारू पीना सिखाया है

और जब आप इतने अच्छे दोस्त बन जाते हो तो हर दोस्त अपने राज़ भी बात लेता है, अब करण ने मुझे बताया था की वह अपनी चाची को चोद चूका है और जब भी वह गाओं जाता है Maa Bete Ki Chudai kahani

तो उसकी चाची उससे बहुत चुदवाती है क्युकी अब उसका चाचा उसकी चाची को चोद नहीं पाता है अब मैंने भी दोनों को अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बताया जिसे मैं गाओं में चोद चूका हु और साहिल ने भी बताया की वह अपने कजिन भाई की बीवी को चोद चूका है हम तीनो कुछ ही टाइम में बहुत खुल गए थे फिर ऐसे ही एक शाम हम तीनो बैठे बाते कर रहे थे तभी करण मुझसे बोल,

Maa bete ki chudai hindi mein

करण::- भाई कभी किसी आंटी या भाभी को चोद के देख तुझे इतना मज़ा आएगा की तू अपनी गर्लफ्रेंड को भूल जाएगा, मैंने अभी करण को ये नहीं बताया था की मैं अपनी मम्मी को चोदना चाहता हु क्युकी ऐसी बात शायद कोई किसी से नहीं कह सकता है अब

मैं – अरे भाई आंटी भाभी पटाना इतना आसान नहीं होता है अगर वह अपने पति से कह दे तो मेरी तो गांड ही टूट जाये, 

करण – बहनचोद इतना डरेगा तो क्या ख़ाक चुदाई कर पायेगा?

साहिल – हा  भाई करण ठीक कह रहा है मेरे कजिन की बीवी भी बहुत मस्ती से चुदवाती है तू भी किसी भाभी या आंटी को चोद के देख वैसे भी गाओं में आंटी भाभी की कमी नहीं होती है

मैं – अरे भाई मुझे डर लगता है इसीलिए आज तक किसी आंटी भाभी को नहीं चोदा है।

करण – तू साले डरता बहुत है वैसे मेरी नज़र में एक आंटी है जो पैसे लेके चुदाई करवाती है और वैसे भी चूत मिले काफी टाइम हो गया है चल तीनो एक एक शॉट मारके आते है

मैं – साले तू बहुत बड़ा चोदू है हर चीज की जुगाड़ होती है तेरे पास,  वैसे जयादा पैसे तो नहीं लेती है वो ,

करण – अरे यार तू उसकी टेंशन मत ले तेरा भाई है न तेरे साथ पैसे की कोई टेंशन मत ले।

फिर करण ने एक कॉल किया और जैसे ही किसी  कॉल उठा सामने से एक औरत बोलने लगी।

आंटी – हेलो कोन बोल रहा है?

करण – हेलो आंटी मुझे आपकी सर्विस लेनी थी और मुझे आपका नंबर बृजेश ने दिया है

आंटी – अच्छा अच्छा  वैसे अकेले हो या और भी कोई है

करण – आंटी हम ३ लोग है आप बताओ अभी फ्री हो।

आंटी – हा  अभी फ्री हु आ जाओ 1  शॉट के 500  लुंगी। Maa Bete Ki Chudai kahani

करण – ठीक है आंटी हम लोग आ रहे है फिर हम तीनो उस आंटी के घर के लिए निकल पड़े, करण काफी अच्छे परिवार से है उसके पास पैसे की कोई कमी नहीं है यहाँ तक की करण सिर्फ टाइमपास के लिए ये ग्रेजुएशन कर रहा है इसीलिए उसे किसी बात की टेंशन नहीं है कुछ ही देर में हम लोग उस आंटी के घर चले गए, 

Maa bete ki chudai kahani

अब आंटी का घर काफी सुन सां वाली जगह पर था दूसरे घर भी काफी दूर बने हुए थे करण ने घंटी बजायी और कुछ देर बाद एक आंटी बहार आयी, आंटी बिलकुल मेरी मम्मी की उम्र की थी और उसका बदन भरा हुआ था

मेरी और साहिल की नज़र तो उसके मोठे मोठे बूब्स पर टिक गयी फिर वह आंटी हम तीनो को अंदर ले गयी फिर हम तीनो घर के अंदर आ गए , अब मैं और साहिल तो घर ही देख रहे थे जो काफी अच्छा था और करण चलते हुए उस आंटी की गांड को दबा रहा था और आंटी भी उसे कुछ नहीं कह रही थी फिर आंटी हमें एक कमरे में ले गयी।

आंटी – तो तुम तीनो करोगे वैसे एक बार करना है या घंटे के लिए आये हो, 

करण – बस आंटी एक एक राउंड ही लगाना है वैसे मैं पहले भी आपके पास आ चूका हु बस आपको याद नहीं है

आंटी – अरे बेटा कई लंड लेती हु दिन भर में किस किस को याद रखूंगी चलो फिर पहले कोन करेगा।

करण – मैं ही करूँगा आंटी।

आंटी – तो चलो तुम दोनों बहार जाके बैठो इसके बाद तुम्हे बुलाती हु,

करण – अरे आंटी यही रहने दो न अब आपके लिए चुदाई में कोनसी शर्म है आंटी ने फिर कुछ नहीं कहा और करण आंटी के होंठों को चूसने लगा आंटी भी करण का साथ दे रही थी और फिर आंटी ने जल्दी से आपने ब्लाउज निकाल दिये और आंटी के बड़े बड़े बूब्स  बहार निकल आये,

करण आंटी के बूब्स  पकड़ के मसलने लगा और आंटी भी करण का लंड सहलाने लगी फिर अब आंटी नीचे बैठ गयी और करण का लंड बहार निकाल लिया करण का लंड सादे 8 इंच का है और काफी मोटा है आंटी करण का लंड पकड़ के चूसने लगी और करण भी आपने लंड मुँह में अंदर बहार करने लगा Maa Bete Ki Chudai Dosto Ki Help Se

और करण नंगा होने में कभी नहीं शर्माता था वह तो कमरे में भी नंगा ही बैठा रहता था तो यहाँ चुदाई करते वक़्त वह कैसे शर्माता कुछ देर लंड चूसने के बाद आंटी खड़ी हो गयी और फिर आंटी ने जल्दी से अपनी साड़ी और पेटीकोट भी निकाल दिए, अब आंटी का बदन देखकर मेरा और साहिल का लंड बहुत टाइट हो गया था,

साहिल की नज़र आंटी की गोल और गहरी नाभि पर थी साहिल को गोल और गहरी नाभि बहुत पसंद है वह गहरी नाभि का दीवाना है और गहरी नाभि के लिए तो साहिल हमेशा पागल रहता है और मैं आंटी के बड़े बड़े बूब्स  देख रहा था ,

करन और आंटी बेड पर आ गए थे और अब मैं और साहिल बेड के पास आ गए फिर हम दोनों ने भी अपने अपने कपडे निकाल दिए और आंटी के एक बगल में मैं था और दूसरी बगल में साहिल बैठा था और इधर आंटी ने अपनी टाँगे फैला ली थी और करण ने कंडोम लगाके,

Indian maa bete ki chudai

अपना लंड आंटी की चूत में डाल दिया था आंटी को करण के लंड से जयादा फरक नहीं पड़ा क्युकी वह तो कई लंड ले चुकी है अब करण आंटी की टाँगे पकड़ के चुदाई करने लगा और मैं आंटी के बड़े बड़े बूब्स चूसने लगा आंटी के बूब्स  बहुत बड़े थे जिसे चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था  Maa Bete Ki Chudai kahani

मैं तो आँखे बंद करके यही सोच रहा था की मैं अपनी मम्मी के बूब्स  चूस रहा हु और उधर साहिल आंटी की नाभि को कुत्ते की तरह चाट रहा था अब साहिल ने चाट चाट के आंटी का पेट गिला कर दिया था

साहिल आंटी की नाभि में अपना थूक भर देता था और फिर उसे चाट लेता था और करण दाना दान धक्के लगा रहा था आंटी को भी मज़ा आ रहा था क्युकी 2  लड़के उनके बदन को चाट के गरम कर रहे थे

और एक लड़का अपने लंड से उनकी चूत शांत कर रहा था फिर आंटी ने साहिल का लंड पकड़ लिया और उसे आगे पीछे करने लगी और मैंने आंटी का हाथ ऊपर कर दिया

जिससे मुझे आंटी की बगले दिखने लगी जिसे देखकर लग रहा था की आंटी ने उसे कुछ दिन पहले ही साफ़ किया था

अब फिर मैं अपनी नाक आंटी की बगल के पास ले गया और उनकी पसीने से भरी बगल को सूंघने लगा आंटी की बगल से बहुत ही मादक सुगंध आ रही थी जिसे सूंघ कर मैं और जयादा पागल हो गया,

फिर मैंने अपनी जीभ बहार निकाली और आंटी की बगल को चाटने लगा मुझे औरतो की बगले देखना और चाटना बहुत पसंद है अब जब भी मैं किसी औरत की बगल को देखता हु तो मेरा मन करता है की उसे जी भर के चाट जाऊ, मुझे मेरी मम्मी की बगले भी बहुत पसंद है

जिसे मैं अक्सर देखता हु मगर आज तक मैं उनकी बगल को चाट नहीं पाया था और आज आंटी की बगल को चाट के ऐसा लग रहा था की जैसे मैं अपनी मम्मी की बगल को चाट रहा हु आंटी भी अपनी मदहोश भरी आँखों से मुझे ही देख रही थी आंटी को देखकर ऐसा लग रहा था की ये मज़ा उन्हें पहली बार मिल रहा था

क्युकी जयतर लोग बस अपना पानी निकाल के चले जाते है मगर जिस तरह मैं आंटी को मज़ा दे रहा था उससे कोई भी औरत पागल हो सकती है और आंटी को देखकर ये साफ़ पता चल रहा था की

उन्हें अपनी बगलो को चटवाने में मज़ा आ रहा था तो अब मैंने भी चाट चाट के आंटी की बगल को गीला कर दिया था और करण ने अपनी चुदाई से आंटी का पानी भी निकल दिया था फिर करण हैट गया और साहिल कंडोम लगाके आंटी की चुदाई करने लगा और अब करण अपना लंड चुसवाने लगा और मैं भी अपना लंड आंटी से चुसवाने लगा कुछ देर चुदाई करने के बाद साहिल हटने लगा मगर तभी आंटी बोल पड़ी। Maa Bete Ki Chudai kahani

Maa bete ki chudai story

आंटी – लड़को ये थोड़ी थोड़ी देर चुदाई करके हटो मत एक बार मैं एक लड़का चुदाई करेगा और आपने पानी निकाल के साइड हो जाओ वरना ऐसे तो तुम तीनो लगे ही रहोगेआंटी का कहना भी ठीक था

ऐसे हम तीनो को जयादा टाइम मिल जाएगा  मगर आंटी भी कुछ कम नहीं थी इसीलिए वह इस तरीके को समझ गयी और फिर साहिल ने अपना लंड फिर से डाल दिया और आंटी की चुदाई करने लगा,

अब साहिल जल्दी जल्दी धक्के लगा रहा था और मैं और करण अपना अपना लंड आंटी से चुसवा रहे थे अब लगभग 20 के मिनट बाद ही साहिल का पानी निकलने लगा और उसने कंडोम हटा के सारा पानी आंटी की नाभि में भर दिया।

आंटी – ये क्या किया तूने? कंडोम के अंदर ही पानी निकाल लेता।

साहिल – अरे आंटी मुझे आपकी नाभि बहुत पसंद आयी और मुझे नाभि में पानी भरना ही पसंद है

आंटी – अच्छा चल वह कपडा उठा के ला और इसे साफ़ कर, आंटी ने साहिल से कपडा मंगवाया और साहिल से ही उसका पानी साफ़ करवाया, 

करण – आंटी अब घोड़ी बन जाओ मुझे पीछे से करना है करण की बात सुनके आंटी उठ गयी और घोड़ी बनने लगी मगर उससे पहले मैं बेड पर लेट गया। Maa Bete Ki Chudai kahani

मैं – आंटी आप मेरे ऊपर घोड़ी बन जाओ फिर आंटी मेरे ऊपर आ गयी और वह झुक गयी आंटी के बड़े बड़े बूब्स  मेरे मुँह पर लटक रहे थे और मैं एक गाये के बच्चे की तरह आंटी के दोनों बूब्स को बूब्स को  चूस रहा था।

करण ने अपना लंड आंटी की चूत में डाल दिया और उनकी गांड को पकड़ के चुदाई करने लगा कमरे में थप थप की आवाज गूंज रही थी और हर धक्के में आंटी के बड़े बड़े बूब्स हिल रहे थे, कुछ देर बाद आंटी एक दम से उछल पड़ी और उन्होंने पीछे मूड के करण को देखा और करण वैसे ही धक्के लगाता रहा मगर मैं समझ गया की करण ने चुदाई करते हुए आंटी की गांड में ऊँगली कर दी थी इसीलिए वह एक दम अस उछल पड़ी थी।

मगर आंटी को कुछ भी फरक नहीं पड़ा शायद वह पहले भी गांड मरवा चुकी थी फिर करण तेज तेज धक्के लगता रहा और कुछ ही देर बाद करण का पानी निकल गया, करण ने अपना लंड आंटी की चूत से बहार निकाल लिया और करण का सारा पानी कंडोम में भरा हुआ था फिर करण आंटी के पीछे से हैट गया और अब सिर्फ मैं ही बचा था

आंटी मेरे ऊपर तो झुकी हुई थी फिर आंटी ने मेरा लंड पकड़ा और उसे अपनी चूत में डाल लिया और मेरे ऊपर बैठ गयी अब आंटी अपनी कमर चलाने लगी और मैं उनके बूब्स मसलने लगा आंटी की चूत में एक अलग ही मज़ा आ रहा था

इतना मज़ा मुझे अपनी गर्लफ्रेंड की चूत में भी नहीं आया था और आंटी के बड़े बड़े दूध चूसने में अलग ही स्वाद आ रहा था इसीलिए कहते है की एक लड़की से जयादा मज़े एक बड़ी उम्र की औरत देती है

फिर मैंने आंटी का मुँह पकड़ा और उनके होंठों को चूसते हुए नीचे से धक्के लगता रहा, अब  साहिल और करण अपने अपने कपडे पहन के बैठ गए थे और और वह मेरी और आंटी की चुदाई देख रहे थे कुछ देर चुदाई  के बाद मैंने आंटी को उठा दिया और आंटी को सीधा बेड  परलेटा दिया.

Maa bete ki chudai hindi kahani

फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया और धक्के लगते हुए उनके बूब्स  को मसलने लगा आंटी ने भी मुझे खुद से चिपका लिया और वह आहे भरने लगी अह्ह्ह अह्हह्ह्ह हहहहह उम्म्म मैं भी आंटी की ऐसे आवाज सुनके और जोश में गया और तेज तेज धक्के लगाने लगा और कुछ देर बाद आंटी का पानी फिर से निकल गया,

जैसे ही आंटी का पानी निकला तो मैंने धक्के हलके कर दिए मगर तभी आंटी बोल पड़ी।

आंटी – रुक मत रुक मत ऐसे ही करता रहे आंटी की ये बात सुनके मैं फिर से धक्के लगाने लगा वैसे मानना पड़ेगा बड़ी उम्र की औरते चुदाई में माहिर होती है वरना एक साथ 3 लड़को को ठंडा करना आसान नहीं होता है अगर आंटी की जगह कोई लड़की होती तो वह कब का ना कर चुकी होती मगर आंटी अभी भी पूरा साथ दे रही थी

अब  मैं धक्के लगाए जा रहा था और कुछ ही देर बाद मेरा भी पानी निकल गया मेरा लंड अभी भी अंदर ही था और मैं आंटी से चिपका हुआ था फिर कुछ देर बाद मैंने अपना लंड बहार निकाल लिया और कंडोम निकाल के साइड में फेक दिया

आंटी भी बेड से उठ गयी और अपने कपडे पहनने लगी और मैंने भी कपडे पहन लिए आंटी ने सिर्फ ब्रा और पेटीकोट ही पहना था तभी करण आंटी के पास आया और पैसे निकाल के उनकी ब्रा में रख दिए आंटी एक दम साउथ की हीरोइन लग रही थी साहिल ने भी जाते जाते आंटी की नाभि में ऊँगली कर दी आंटी ये देखकर हसने लगी और बोली।

आंटी – देखने में तो तीनो बच्चे हो मगर चुदाई पूरी मर्दो की तरह करते हो फिर आना।

मैं – आंटी अगर पूरी रात आपकी चुदाई करनी हो तो आप कितने पैसे लेते हो।

आंटी – 5000 लेती हु मगर तुम लोग से 4000 ले लुंगी जब भी मन करे आ जाना बस आने से पहले बता देना, हम लोग कमरे से बहार निकल आये और बहार आते ही मेरी और साहिल की गांड फैट गयी क्युकी बहार एक आदमी बैठा था जो हम तीनो को ही देख रहा था तभी करण उसके पास गया और उससे हाथ मिलाने लगा, 

Maa bete ki chudai xxx story

करण – और अंकल क्या हाल है?

अंकल – मैं ठीक हु और हो गया तुम लोगो का काम, 

करण – हा  अंकल बस अभी ख़तम हुआ है अंकल हम लोगो को ही देख रहा था तभी आंटी बहार आयी और उन्होंने पैसे निकाल के अंकल को दे दिए फिर हम तीनो बहार आ गए।

मैं – भाई ये अंकल कोन है जो बहार बैठा हुआ था।

करण – भाई ये इस आंटी का पति है करण की बात सुनके मैं और साहिल शॉकेड हो गए मैंने ये सब सिर्फ कहानी में पड़ा था मगर आज ऐसे इंसान से मिला था जो अपनी बीवी को चुदवाता है।

मैं – भाई ये अंकल अपनी बीवी को चुदवाता है

करण – हा  भाई ये अपनी बीवी को दुसरो से चुदवाता है क्युकी ये आंटी बहुत बड़ी चुड़क्कड़ है देखा नहीं कैसे हम तीनो को शांत कर दिया।

मैं – हा भाई ये बात तो सच है यार मगर साला ये अंकल भी हरामी है

करण – भाई कुछ औरतो को एक लंड से तसल्ली नहीं होती है इसीलिए वह चुपके बहार के लंड लेती है वैसे ही ये अंकल भी अपनी बीवी की तसल्ली नहीं कर पता है इसिलए वह भी बहार के लंड लेती है और पैसे भी कमाती है 

अब फिर हम लोग अपने रूम पर आ गए और खाना खाके सो गए उसके बाद भी हम लोगो ने आंटी को कई बार चोदा और कई बार पूरी रात अंकल के सामने आंटी को चोदा कई बार तो मैं अकेला ही आंटी को चोदने जाता था।

ऐसे ही 2  साल निकल गए और हम तीनो और भी जयादा पक्के दोस्त बन गए हम लोगो के घर वाले भी हमारे पास कभी कभी आ जाते थे और बीच बीच में हम लोग भी घर जाते रहते थे और

तब मैं मम्मी की भरी जवानी के रस को अपनी आँखों से पीता था मम्मी को देखकर मैं हमेशा यही सोचत था की काश मम्मी को भी मैं उस आंटी की तरह चोद पाता और अब जल्दी ही मेरा ये सपना पूरा होने वाला था 2 साल के अंदर मैं भी ये जान गया था की मेरे दोनों दोस्त मेरी ही तरह अपनी अपनी मम्मी को पसंद करते है

जब भी हम लोगो की मम्मी हमारे कमरे पर आती थी तो हम तीनो एक दूसरे की मम्मी को बहुत देखते थे हम तीनो की मम्मी एक दम  बवाल है हम तीनो की मम्मी के बदन एक दम भरे हुए थे और उनकी गांड उठी हुई है

और साहिल गहरी नाभि का दीवाना भी अपनी मम्मी की वजह से था Maa Bete Ki Chudai kahani

जब मैंने साहिल की मम्मी को देखा था तो मुझसे पहले मेरे लंड ने उन्हें सलाम किया था आंटी का बदन एक दम भरा हुआ था उनके बूब्स  एक दम तने हुए थे और साहिल की मम्मी ने साड़ी नाभि के नीचे बंदी हुई थी और साहिल की मम्मी की नाभि को देखकर ऐसा लग रहा था

Maa bete ki chudai sex story

जैसे किसी ने अपना लंड घुसा घुसा के उस छेद को बड़ा किया हो इतनी गहरी नाभि मैंने आज तक नहीं देखि थी अब मेरे जैसा हाल करण का भी था और जब मेरी मम्मी को मेरे दोनों दोस्तों ने देखा था तो उनके लंड भी मम्मी को सलामी दे रहे थे 

साहिल तो मेरी मम्मी की नाभि देखकर खुस था मगर करण की नज़र तो मम्मी की गांड से हैट ही नहीं रही थी अब मैं अपने दोस्तों की ये सब हरकते देखकर समझ आ गया था की ये दोनों भी मेरी तरह ही है बस अब मुझे इनसे बात करनी थी पहले मैंने इसके बारे में बहुत सोचा की बात करू या न करू

मगर मैं तो बस ये चाहता था की मैं जल्दी से जल्दी अपनी माँ की चुदाई कर दू इसीलिए एक दिन मैंने अपने दोस्तों से इसके बारे में बात कर ही ली उस दिन हम तीनो घर पर ही थे अब हम तीनो माँ की चुदाई वाली वीडियो देख रहे थे हम तीनो के ही लंड खड़े हुए थे हम तीनो ही अपने अपने लंड सेहला रहे थे वीडियो के ख़तम होते ही साहिल बोल पड़ा।

साहिल:- यार ये विदेश वाले लड़के कितने मस्त होते है अपनी ही मम्मी को चोद देते है और उनकी मम्मी भी कितने मज़े से चुदवाती है क्या हमारे यहाँ भी ऐसा होता होगा?

करण – भाई ये दुनिया बहुत बड़ी है और इस दुनिया में सब तरह के लोग रहते है अब हम लोग जो कहानी पढ़ते है वह भी तो माँ बेटे पर होती है हो सकता है किसी ने सच में चोदा भी हो बस कोई बताना नहीं चाहता हो  वैसे भी हर लड़के ने अपनी मम्मी को नंगा देखा ही होता है

मैं – भाई तू बिलकुल सही कह रहा है हर लड़के ने अपनी मम्मी को नंगा देखा है और सच कहु यार ये वीडियो और कहानी पढ़के तो मेरा भी मन करता है की मैं अपनी मम्मी को चोद दू।

साहिल – हा भाई तू ठीक कह रहा है ये वीडियो और कहानी पढ़कर तो सच में मन करने लगता है मगर भाई सिर्फ कहानी तक ही सही लगता है

करण – वैसे मुझे तो लगता है की कई लोग ऐसा कर भी चुके होंगे वैसे मेरे गाओं में मेरा एक दोस्त है जब हम दोनों छोटे थे तो हम दोनों उसकी मम्मी को नहाते हुए देखते थे

मैं – सही में भाई वह अपनी मम्मी को तुझे दिखता था

करण – हा  तू तो जानता है गाओं में सब खुले में ही नाहा लेते है उसकी मम्मी भी जब नहाती थी उससे पहले में उसके घर चला जाता था हम दोनों उसकी मम्मी को देखते थे मुझे लगता है मेरा दोस्त अपनी मम्मी को चोद चूका है बस उसने बताया नहीं, 

मैं – वैसे आज हम लोग ये सब बाते कर रहे है तो क्या मैं तुम दोनों को अपना एक राज़ बताऊ?

करण – भाई ऐसा कोनसा राज़ बताने वाला है कही तू भी तो ये सब नहीं करता है

मैं – भाई राज़ तो बताऊंगा मगर उससे पहले हम तीनो अपनी अपनी मम्मी की कसम खाएंगे की ये बात हम तीनो के अल्वा किसी को पता नहीं चलनी चाहिए।फिर करण साहिल और मैंने अपनी अपनी मम्मी की कसम खायी की हम ये बात किसी से नहीं कहेंगे

Maa bete ki chudai hindi xxx story

मैं – यहाँ पर आओ तुम दोनों को कुछ दिखता हु, करण और साहिल मेरे पास आ गए और फिर मैंने अपने मोबाइल से मम्मी की फोटो और वीडियो निकाली और उन दोनों को दिखाने लगा साहिल और करण के मुँह खुले के खुले रह गए और वह दोनों मेरी तरफ देखने लगे।

करण – बहनचोद तू भी कहानी वाले लड़को की तरह अपनी मम्मी की फोटो और वीडियो बनाता है

मैं – है कुछ टाइम पहले से ही मैं भी ऐसा करता हु और मुझे अपनी मम्मी को नंगा देखना बहुत पसंद है

करण – भोसडीके सिर्फ देखना ही पसंद है या और भी कुछ, 

मैं – देख भाई आज मैंने इतने सालो बाद अपना राज़ तुम दोनों को बताया है तो आज मैं झूठ नहीं बोलूंगा मैं अपनी मम्मी को चोदना चाहता हु और तू ही उनका बदन देख ले कितना भरा हुआ और कामुक बदन है।

करण और साहिल मम्मी की नंगी वीडियो बड़े गौर से देख रहे थे और मैं जनता था मम्मी के बारे में सोचने भर से लंड खड़ा हो जाता था तो आज तो मैं इनको उनकी नंगी वीडियो दिखा रहा था।

करण – भाई तू कह तो सही रहा है यार ऐसे मस्त गांड तो किसी को भी पागल कर सकती है लगता है तेरे बाप ने अच्छे से तेरी मम्मी का भोसड़ा फाड़ा है। Maa Bete Ki Chudai kahani

साहिल – भाई वैसे आंटी का पूरा बदन बहुत मस्त है मगर मुझे तो उनकी नाभि और बूब्स  बहुत मस्त लग रहे है

मैं – बहनचोद वैसे एक बात मैं तेरे बारे में भी जनता हु और शायद ये बात करण भी जानता है

साहिल – कोनसी बात के बारे में बात कर रहा है तू?

मैं – बहनचोद जैसे मैं अपनी मम्मी के बदन का दीवाना हु वैसे ही तू भी अपनी मम्मी की नाभि का दीवाना है और मैं जनता हु अपनी मम्मी की नाभि देख देखकर ही तू नाभि का दीवाना बना है मेरी बात सुनते ही साहिल मुझे और करण को देखने लगा क्युकी वह समझ गया था की हम दोनों ये बात जानते है।

करण – रिंकू ठीक कह रहा है ये तो मैंने भी देखा है की तू कैसे अपनी मम्मी की नाभि को देखता है और सच में तेरी मम्मी की नाभि बहुत गहरी है अब तू भी बता दे क्या तू भी अपनी मम्मी को चोदना चाहता है?

साहिल – अरे नहीं यार मैंने कभी उन्हें चोदने के बारे में नहीं सोचा है बस मुझे उनकी नाभि बहुत पसंद है

मैं – मगर भाई जब कहानी और वीडियो देखता है तब तो मम्मी को चोदने के बारे में सोचा ही होगा और उनकी नाभि देखकर मुठ भी जरूर मारी होगी।

साहिल – हा  भाई मैंने उनके नाम की मुठ मारी है और कहानी पढ़ने के बाद तो सब को ही ऐसा लगता है की काश अपनी मम्मी को ही चोद दे मगर ये सच थोड़ा होता है तू भी तो सिर्फ देखता ही है 

मैं – भाई मैं देखता भी हु और हलकी बहुत कोशिश भी करता हु मैं हमेशा उनकी गांड पर लंड लगाता रहता हु कई बार सोते हुए उनकी गांड भी दबायी है और उनके बूब्स  भी दबाये है क्या तूने ऐसा कुछ किया है?

माँ बेटे की चुदाई की कहानी हिन्दी मे

साहिल – नहीं भाई मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है मगर है एक बार उन्हें नींद की गोली देके उनकी नाभि बहुत चाटी थी उस दिन से  मैंने मम्मी को पूरा नंगा कर दिया था मगर किया कुछ नहीं बस उनकी नाभि चाटता रहा, फिर हम दोनों अपनी अपनी मम्मी के बारे में बात कर रहे थे और करण मेरी मम्मी की फोटो और वीडियो देख रहा थाMaa Bete Ki Chudai Dosto Ki Help Se

मैं – करण भाई तू तो हर काम में हम दोनों से आगे है क्या तूने ऐसा कुछ नहीं किया है?

करण – अगर मैं तुम्हे बता दूंगा तो तुम दोनों यकीं नहीं करोगे

मैं – भाई तू हम दोनों का गुरु है हम दोनों तेरी हर बात पर यकीं करते है तो बोलके तो देख।

करण – भाई वैसे मैं ये बात किसी को नहीं बताता मगर आज मुझे मेरे जैसे ही दोस्त मिले है जिनकी सोच मेरे जैसे ही है तो आज मैं तुम दोनों को सच बता हु और मेरा सच ये है की मैं अपनी मम्मी को चोद चूका हु।

करण की ये बात सुनके मैं और साहिल हैरान रह गए हम दोनों उसकी तरफ देखने लगे।

साहिल – भाई क्या तू सच में अपनी मम्मी को चोद चूका है?

करण – हा चोद  चूका हु और अभी भी चोदता हु, 

मैं – भाई अगर ये बात सच है तो कोई फोटो और वीडियो तो बनाया ही होगा दिखा हमें भी या।

करण – साले ये इतना बड़ा राज़ है की अगर किसी को इसकी भनक लग जाये तो हम दोनों की ज़िंदगी बर्बाद हो जाये और तू सोचता है मैं अपनी मम्मी की फोटो और वीडियो बनाऊंगा मैं तो ये कहूंगा की तुम दोनों भी ऐसे कुछ मत रखा करो, 

साहिल – करण हम दोनों तेरी हर बात का यकीं करते है मगर ये थोड़ा जयादा हो गया,

करण – मैं जनता था तुम दोनों यकीं नहीं करोगे इसीलिए माँ बेटे के इस रिश्ते का कोई भी सबूत नहीं होता है मगर मैं तुमको सबूत जरूर दूंगा, 

करण ने अपना मोबाइल निकला और फिर उसने अपनी मम्मी को कॉल किया और जल्दी ही उसकी मम्मी ने कॉल उठा लिया, 

करण – हेलो मम्मी कैसे हो आप? Baap Beti Ki Chudai Randi Bankar

करण की मम्मी – मैं ठीक हु बेटा तू बता कैसा है तूने  खाना खाया या नहीं,

करण – हा  मम्मी खाना खा लिया है बस आपकी याद आ रही थी इसीलिए आपको फ़ोन कर लिया वैसे पापा कहा है, 

करण की मम्मी – बेटा तेरे पापा किसी काम से गए है और मैं घर पर अकेली हु।

करण – ओह्ह काश मैं आपके साथ होता तो कितना मज़ा आता है वैसे मम्मी आज कोनसी ब्रा पेंटी पहनी है। करण ने जब अपनी मम्मी से ऐसे बात कही तो मेरी और साहिल की धड़कने बढ़ने लगी हम दोनों सोच रहे थे करण फेक रहा है मगर वह तो सच में अपनी मम्मी से खुल के बात कर रहा था। Maa Bete Ki Chudai Dosto Ki Help Se

Maa ne bete se chudwaya sex story

करण की मम्मी – बेटा तू हमेशा यही सब सोचता रहता है क्या?

करण – बताओ न मम्मी अब मैं आपके पास तो हु नहीं जो खुद देख लू,

करण की मम्मी – सफ़ेद वाली ब्रा पहनी है और नीचे कुछ नहीं पहना है करण की मम्मी के मुँह से ये बात सुनके मेरी और साहिल की बोलती बंद हो गयी क्युकी करण जो कुछ कह रहा था उस बात का उनसे हमें सबूत दे दिया था।

करण – वह मम्मी मतलब नीचे से आपकी बुर (चूत) नंगी है काश मैं आपके साथ होता तो आपकी दोनों टाँगे फैला के आपकी बुर (चूत) को मैं जी भर  के चाटता, करण की 

मम्मी – मैं सब जानती हु की तू क्या क्या करता? वहा पढ़ने गया है मगर फिर भी सारा धयान तेरा यही लगा रहता है

करण – क्या मम्मी सिर्फ मैं ही आपको याद करता हु लगता है आपको मेरी याद आती ही नहीं है और न ही आपकी बुर (चूत) को मेरा लंड की, 

करण की मम्मी – बेटा ऐसा क्यों कह रहा है? मैं तो तुझे हमेशा याद करती हु ।

करण – मम्मी आपने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया क्या आपकी बुर (चूत) मेरे लंड के लिए तरसती है? या पापा उसकी सारी गर्मी निकाल देते है, 

करण की मम्मी – बेटा अगर तेरे पापा मेरी गर्मी शांत कर रहे होते तो तेरे मेरे बीच में ये रिश्ता नहीं बनता हर रोज मुझे तेरी याद आती है कैसे तू सुबह सुबह अपने पापा के बहार जाते ही मेरे पास आता थाऔर मेरे होंठों को चूसते हुए मेरे दोनों बूब्स  को दबाता था और मैं कैसे तेरा खड़ा हुआ लंड पकड़ के सहलाती थी और उसे चूस के खड़ा कर देती थी

और कैसे तू मुझे अपने पापा के ही बेड पर नंगा कर देता था और मेरी दोनों टाँगे फैला के मेरी बुर (चूत) को चाटने लगता था तू कितनी बार मेरी बुर को चाटता था Maa Bete Ki Chudai Dosto Ki Help Se

जब तक मैं तुझे रोकती नहीं थी तब तक तू मेरी बुर को चाटता रहता था फिर कैसे तू मेरी बुर को अपने लंड से शांत करता था। अब बेटा तूने मुझे जितना प्यार किया है उतना तो तेरे पापा ने भी नहीं किया है मैं भी हर रोज तेरे लिए तड़पती हु मगर तेरा पढ़ना भी तो जरूर है

Maa bete ki chudai kahani

करण – मम्मी आपकी बातो ने तो मेरा लंड खड़ा कर दिया है काश मैं आपके साथ होता,

करण की मम्मी – बेटा मेरा भी यही हाल है तेरे बारे में सोचने भर से ही मेरे नीचे गीलापन आ जाता है वैसे भी तू ही कह रहा था बस कुछ महीने की बात और है फिर तो तू मेरे पास आ ही जायेगा, 

करण और उसकी मम्मी की ऐसे बाते सुनके मैं और साहिल अपना लंड सहलाने लगे थे करण हमेशा अपनी मम्मी से बात करने ऊपर छत पर चला जाता था शायद इसीलिए वह हमारे सामने बात नहीं करता था।

करण -हा मम्मी बस कुछ महीने की बात और है कॉलेज के पेपर ख़तम होते ही आपके पास आ जाऊंगा उसके बाद तो रोज सुबह उठते ही आपको नंगी करके घोड़ी बना दिया करूँगा और पीछे से जोर जोर से धक्के लगाया करूँगा, 

करण की मम्मी – बेटा वैसे कोनसा तू काम करता है बीच बीच में आके तू मेरी अच्छे से तसल्ली करवा तो देता है

करण – मम्मी आप यहाँ आ जाओ न 1 दिन के लिए मेरा बहुत मन हो रहा है करण की मम्मी – बेटा तेरे वहा  मुझे बहुत डर लगता है ऊपर से तेरे 2  दोस्त भी होते है उनके रहते हुए अच्छा नहीं लगता है

करण – अरे मम्मी अब तक पापा को तो पता नहीं चला की मैं आपको चोद रहा हु और अभी तक मेरे दोस्त भी नहीं जान पाए की आप यहाँ आके मुझसे चुदवाती हो तो अब कैसे पता चलेगा, करण की बात सुनके मेरे और साहिल के होश उड़ गए,  

पिछेल 2 साल से करण की मम्मी हमारे कमरे पर आ रही थी हम दोनों भी उनसे मिले थे मगर उन्हें देखकर ये लग ही नहीं रहा था की वह करण से चुदवाने आती है करण की मम्मी – चल ठीक है बीटा कल में दोपहर तक आ जाउंगी और रात को तेरे साथ रहूंगी जितना मर्ज़ी हो कर लेना,  Maa Bete Ki Chudai kahani

करण – ठीक है मम्मी कल मैं आपको लेने आ जाऊंगा अब मैं रखता हु आई  लव यू मम्मी, 

करण की मम्मी – आई लव यू बेटा फिर करण ने कॉल काट दिया और मोबाइल साइड में रखकर हम दोनों को देखने लगा और तभी मैंने और साहिल ने करण के पेअर छुए।

साहिल – भाई करण मान गए भाई तुझे तू सच में गुरु बनने लायक है

मैं – हा भाई मैं भी हमेशा यही सोचता था की ये कहानी में सब झूठ लिखते है मगर कही न कही थोड़ा बहुत सच भी लगता था मगर आज मुझे यकीं हो गया की दुनिया में कुछ भी हो सकता है वैसे भाई तूने अपनी मम्मी को राज़ी कैसे किया, 

करण – भाई वैसे ये बात मैं कभी किसी को नहीं बताता मगर अब जब तुम दोनों को मैंने अपना राज़ बता ही दिया है तो अब तुम दोनों को बता ही देता हु की ये सब कैसे हुआ वैसे भाई हर औरत माँ होने के साथ साथ एक औरत भी होती हैऔर हमारी मम्मी के की उम्र की औरतो को भी प्यार की जरुरत होती है और इस उम्र में पापा लोग उतना प्यार करते नहीं है जितना मम्मी को चाहिए होता है अब तुम दोनों ही बता दो क्या अपनी अपनी मम्मी को खुस देखा है 

मैं – भाई तू ठीक कह रहा है मैंने मम्मी और पापा को चुदाई करते देखा था और पापा कुछ ही देर में अपना पानी निकाल के साइड में हो गए थे और मम्मी वैसे ही लेती हुई थी

करण – है पापा इस उम्र में जयादा ध्यान नहीं देते है और यही जयादातर औरते झेलती है कुछ को कोई फरक नहीं पड़ता है मगर कुछ अपना काम बहार के मर्दो से निकाल लेती है मेरी मम्मी ने किसी और के साथ ऐसा किया था

मैं – क्या कह रहा है भाई? तेरी मम्मी का चक्कर चलने लगा था

करण – हा  हमारे घर से कुछ दूर एक अंकल रहते है वह पापा के दोस्त भी है जिन्हे मैं चाचा कहता था उनसे मम्मी का चक्कर शुरू हो गया था और एक दिन मैंने उन दोनों को चुदाई करते देख लिया था Maa Bete Ki Chudai Dosto Ki Help Se

तब मैं भी चाची को चोदने जाया करता था और तब मम्मी उस अंकल से चुदाई करवाती थी क्युकी पापा तब होते नहीं थे और अंकल और मम्मी खुल के चुदाई करते थे मगर एक दिन ऐसा हुआ की मैं दोपहर को बहार गया तब मम्मी छत पर थी और मम्मी ने मुझे बहार जाते देख लिया था मगर बीच रस्ते में मुझे चाची मिल गयी और वह चाचा के साथ जा रही थी

इसीलिए अब मेरा उनके घर जाने का कोई फायदा नहीं था इसीलिए मैं घर वापस आ गया और बिना मम्मी को बोले अपने ऊपर वाले कमरे में चला गया मम्मी को मेरे वापस आने की भनक तक नहीं थी

और फिर लगभग आधे घंटे बाद मुझे मम्मी के हसने की आवाज आयी, वह किसी से हस हस  के बाते कर रही थी तब मैं दबे पाँव नीचे आया और मम्मी के कमरे में देखने लगा अंदर जो मैंने देखा उससे मेरे होश उड़ गए मम्मी का ब्लाउज खुला हुआ था और

वह सिर्फ पेटीकोट और ब्रा में खड़ी हुई थी और वह अंकल मम्मी के दूध को दबा दबा के उनके होंठों को चूस रहे थे मम्मी को ऐसे हालत मैं देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया,

मैं भी अपनी मम्मी का दीवाना था मगर मैं उनसे ये बात कह नहीं सकता था मगर मैं उन्हें हमेशा देखता था और आज उन्हें किसी और के साथ देखकर बड़ा अजीब लग रहा था

अंकल ने मम्मी की ब्रा भी जल्दी से निकाल दी थी और उनके बूब्स को जोर जोर से मसलने लगे तभी मम्मी अंकल से बोली, 

Maa bete ki sex story hindi

करण की मम्मी – विजय (अंकल का नाम) जो करना है जल्दी से कर लो मेरा बेटा कभी भी आ जायेगा, 

अंकल – अरे यार तुम्हारे पास तो कभी टाइम ही नहीं होता है जब देखो जल्दी जल्दी करने को बोलती हो मैं तुम्हे अच्छी तरह से प्यार करना चाहता हु जैसे उस रात किया था जब अनिल (करण के पापा) बहार गया था Maa Bete Ki Chudai Dosto Ki Help Se

वैसे फिर कब जाने वाला हैअंकल की बात सुनके मैं चौक गया क्युकी अभी पापा कुछ दिन पहले किसी रिस्तेदार के घर गए थे और जयादा रात होने की वजह से वही रुक गए थे और तब मम्मी ने अंकल से खुल के चुदवाया था और

उस दिन तो मैं भी घर पर था करण की मम्मी – जब भी वह जायेंगे तो तुम्हे बुला ही लुंगी वैसे भी तुम कोनसा मौका जाने देते हो लगभग रोज ही तो आते हो।

मम्मी की बातो से मैं समझ गया था जब दोपहर में पापा और मैं नहीं होते थे तब अंकल और मम्मी चुदाई का खेल खेलते थे और मुझे भी इस बात की भनक नहीं थी फिर अंकल ने अपनी पैंट निकाल दी और उनका लंड बहार आ गया, 

साहिल – भाई क्या अंकल का लंड बहुत बड़ा था? इसीलिए तेरी मम्मी भी अंकल से चुदाई करवा रही थी

करण – भाई अंकल का लंड 5 इंच के आस पास ही था और वैसे लंड के साइज से जयादा फरक नहीं पड़ता है बस चोदने का दम होना चाहिए और औरतो को साइज से जयादा फरक नहीं पड़ता है

अगर बड़ा मिल जाये तो अच्छा है वरना जिसकी जरुरत लंड है वह किसी से भी काम चला लेती है फिर अंकल का लंड बहार आ गया जो खड़ा पड़ा था और मम्मी ने उनका लंड मुँह में ले लिया और

उसे चूसने लगी वैसे मैं अपनी मम्मी को पहले भी देख चूका हु मगर आज एक अनजान आदमी के साथ ऐसा देखकर बड़ा अजीब लग रहा था फिर अंकल ने मम्मी को बेड पर लिटा दिया

Bete ne maa ko choda hindi kahani

और मम्मी ने खुद अपनी टाँगे फैला ली और फिर अंकल ने अपना लंड डाल दिया और वह माँ की चुदाई करने लगे, फिर  लगभग 20  मिनट चुदाई करके अंकल का पानी निकल गया

फिर वह कपडे पहनने लगे और फिर मैं ऊपर आ गया और कुछ देर बाद अंकल देख दाख के बहार निकल गए ताकि उन्हें कोई देख न सके और अंकल के जाते ही मैं नीचे आ गया मम्मी की नज़र जैसे ही मुझपे पड़ी, उनकी सांस ही रुक गयी और मैं उन्हें घूर के देखने लगा

फिर मैंने मम्मी से इसके बारे में पूछा और वह मुझसे माफ़ी मांगने लगी और पापा को न बताने के लिए कहने लगी और उस दिन मम्मी ने मेरी कसम खायी की वह ये सब बंद कर देगी और उस दिन के बाद से वह अंकल दुबारा कभी मेरे घर नहीं आया बल्कि कुछ टाइम बाद तो वह गाओं छोड़ के भी बहार चले गए Maa Bete Ki Chudai kahani

मगर उस घटना के बाद से मैं मम्मी के साथ खुल गया और  पहले तो मैं हलकी फुलकी हरकते करता था मगर उसके बाद मैं उनसे बाते करने लगा और कई बार तो मैंने सोते हुए उनके बूब्स  भी दबा दिए मगर मम्मी ने मुझे मारा भी मगर अब मुझे उनसे डर नहीं लग रहा था

क्युकी मेरे पास उनका राज़ जो था मगर फिर भी मैंने उन्हें ब्लैकमेल नहीं किया मैं बीच बीच में उनसे उनकी चुदाई की बाते पूछता था मगर मम्मी कोई जवाब नहीं देती थी अब मुझसे और बर्दास्त नहीं हो रहा था और कुछ दिन की हरकतों के बाद एक दिन जब मम्मी दोपहर में सो रही थी तब मैं उनकी चूत चाटने लगा मम्मी तुरंत ही उठ गयी और मुझे हटाने लगी

मगर अब मैं कहा मानने वाला था फिर मैं लगातार उनकी चूत चाटता ही जा रहा था और वह मुझे हटाने की बहुत कोशिश कर रही थी मगर मैं ये मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहता था

कुछ ही देर बाद मेरी मेहनत रंग लाने लगी और मम्मी की चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया इससे मैं समझ गया की वह भी अंदर से गरम हो चुकी है और अब बस मेरा काम बनने वाला है Maa Bete Ki Chudai Dosto Ki Help Se

Maa beta chudai kahani

मैंने मम्मी की चूत चाट चाट के उनका पानी निकाल दियाऔर फिर उनके सामने ही नंगा हो गया वैसे तो मेरी मम्मी ने मेरा लंड पहले भी देखा था मगर आज ये लंड उन्हें ही चोदने वाला था मम्मी मेरा लंड देखकर पीछे होने लगीऔर मैंने उनकी टाँगे पकड़ के खींच लिया और अपना लंड उनकी चूत पर लगा दिया।

करण की मम्मी – बेटा ऐसा मत कर ये ठीक नहीं है मैं तेरी माँ हु ये सब पाप है 

करण – मम्मी अगर ये सब पाप है तो आप अंकल से क्यों चुदवा रही थी? वह भी तो पाप ही था मम्मी मैं जनता हु पापा आपको प्यार नहीं करते है इसीलिए आप अंकल से चुदाई करवाती हो मगर आपकी ये जरुरत तो मैं भी पूरी कर सकता हु

फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चूत में डाल दिया और उनकी चुदाई करने लगा मम्मी मुझे रोक रही थी मगर मैं धक्के लगाए ही जा रहा था और कुछ देर बाद मम्मी ने भी मुझे रोकना बंद कर दियाऔर मैं उनकी चुदाई करता रहा उस दिन मैंने मम्मी को 3 बार चोदा मगर उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया

मगर मम्मी ने मेरी चुदाई का पूरी तरह से मज़ा लिया और फिर हलके हलके मैं उनसे बात करने लगा और कुछ दिन बाद वह भी मेरे साथ खुल गयी और फिर वह खुद मुझसे चुदाई करवाने लगी पापा के होते हुए भी मैं उन्हें चोद देता था और वह भी मेरे लंड का बहुत ख्याल रखती थी

मैं – भाई सच में यार ये सब तो एक कहानी की तरह लग रहा है

करण – भाई सारी कहानी जूठी नहीं होती है बस कोई भी लड़का अपनी माँ के बारे में ऐसे बात किसी से कह नहीं सकता है मगर आज मुझे भी इस बात का जवाब मिल गया है की इस दुनिया में मैं ही अकेला नहीं हु जो अपनी मम्मी को चोद चूका है

मैं – भाई मैं भी अपनी मम्मी को चोदना चाहता हु बस यार डर बहुत लगता है Maa Bete Ki Chudai kahani

Maa bete ki chudai wali xxx story

करण – भाई डर लगना लाज़मी है क्युकी ये रिश्ता इतना आसानी से नहीं बनता है मैं मम्मी का राज़ जनता था उसके बाद भी उनसे मार खायी है मगर है जब मम्मी भी मान गयी उसके बाद तो बहुत मज़ा आया भाई,

साहिल – भाई जब आंटी यहाँ आती थी तब भी तू उन्हें चोदता था यार हमें तो पता ही नहीं चला,

करण – भाई तब तुम लोग कॉलेज चले जाते थे और रात को तुम दोनों बहार वाले कमरे में सोते थे और मैं और मम्मी अंदर चुदाई का मज़ा लेते थे सच बताऊ डर के अंदर चुदाई करने का मज़ा अलग है

मैं – भाई वैसे क्या तू अपना पानी अपनी मम्मी के अंदर ही निकलता है या बहार निकलता है

करण – भाई अंदर ही निकलता हु मगर वह सब संभाल लेती है आज तक उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई

मैं – भाई वैसे कल आंटी आने वाली है क्या हम दोनों उनकी चुदाई देख सकते है?

करण – देख भाई चुदाई देख लेना मगर उसके सिवा कुछ नहीं क्युकी वह मेरी मम्मी है

मैं – अरे हा भाई इतनी इज्जत तो हम भी उनकी करते है वैसे भाई तू हम दोनों का गुरु है एक बात सच सच बता हम दोनों की मम्मी को देखकर क्या लगता है? क्या वह भी चुदाई करवा सकती है , तो दोस्तो आज इस कहानी मे बस इतना ही अगले भाग मे बतऔगा, तब तक के लिए करते रहो आफ्नो की चुदाई।  Maa Bete Ki Chudai kahani

आप भी घर में ऐसी चुदाई करते हो तो बताना कोई इंटरस्टेड हो तो भी जरूर मैसेज भेजना घर में 

अब आगे की स्टोरी अगले भाग मे जब तक के लिया  आप के साथ भी कुछ ऐसा हुआ हो तो  बताना ।

Read More Sex Stories…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *