By | April 6, 2023

Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10: हैलो दोस्तो, मेरा नाम रिंकू है मेरी उम्र 21 साल है और मैं उत्तर प्रदेश के एक गाओं का रहने वाला हु मेरी ये कहानी मेरी मम्मी और मेरे बीच बने रिश्ते की है मेरी फॅमिली में हम 4 लोग है पापा मम्मी मैं और मेरा बड़ा भाई, मेरा बड़ा दिल्ली में जॉब करते है और पापा खेतो को सँभालते है और मैं शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा हु।

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Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

मैं – मम्मी वैसे सच कहु तो पापा के सामने आप कुछ जयादा ही गरम हो गयी थी और आपके नीचे से बहुत पानी आ रहा था.

जिसे मैंने ही चाट के साफ़ किया था.

मम्मी मेरी बाते सुनके हलकी सी शर्मा गयी और उन्होंने एक प्यारा सा थप्पड़ मेरे गाल पर मार दिया.

फिर मैंने आगे बढ़के मम्मी के होंठों को चुम लिया फिर मैं मम्मी के होंठों को चूसने लगा।

मम्मी ने भी अपनी आँखे बंद कर ली और इस बार उन्होंने भी अपना मुँह खोल दिया मैं मम्मी के होंठों को चूसते हुए उनके बूब्स को दबाने लगा और बीच बीच में मम्मी के होंठ भी मेरे होंठों को दबा रहे थे। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

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मैं लगभग 5 मिनट तक मम्मी के होंठों को चूसता रहा और बीच बीच में मम्मी के होंठ भी मेरे होंठों को दबा लेते थे।

फिर मम्मी अलग हो गयी फिर मैंने उन्हें दीवार से लगा दिया और उनके दोनों हाथो को ऊपर उठा दिया हाथ ऊपर होते ही मम्मी की दोनों बगले साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी

मम्मी ने मेरी तरफ देखा मैं उनकी आँखों में देखते हुए उनकी बगलो को चाटने लगा।

मम्मी को हलकी हलकी गुद गुदी  होने लगी वह अपने होंठों को मुँह में दबाने लगी मगर मैं तो बड़े मज़े से मम्मी की बगलो को चाट रहा था।

मैंने चाट चाट के मम्मी की दोनों बगलो को गीला कर दिया था फिर मैंने मम्मी के हाथो को नीचे कर दिया क्युकी उन्हें भी हाथ ऊपर किये किये दर्द हो गया होगा।

मम्मी और मैं एक दूसरे को बड़े ही प्यार भरी नज़रो से देख रहे थे फिर मैंने मम्मी को गोदी में उठा लिया और उन्हें उन्ही के कमरे में ले आया।

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मैंने मम्मी को बेड पर लिटा दिया फिर उनके ऊपर आ गया फिर मैंने मम्मी के होंठों को चूसना शुरू कर दिया।

इस बार मम्मी के हाथ मेरे बालो को सेहला रहे थे।

हम दोनों इस बार एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे।

मम्मी के होंठों को चूसने के बाद मैं उनके गले को चूमता हुआ नीचे आ गया।

फिर मैंने मम्मी के दोनों पैर को पकड़ा और उनकी पैरो की उँगलियों को मुँह में ले लिया।

मैं बारी बारी से मम्मी की पैरो की उँगलियों को चूस रहा था और उधर मम्मी चादर को जोर से पकड़ के अपने होंठों को काट रही थी।

मैंने मम्मी की पैरो की उँगलियों और तलोको चाट चाट के गिला कर दिया था।

फिर मैं मम्मी की टांग को चाट ते हुए उनकी जांघो के पास आ आया और अब मैं मम्मी की दूध जैसे जांघो को चाट ते हुए सेहला रहा था।

सच में दोस्तों एक औरत की जांघो को चाटने और सहलाने से वह और भी जयादा गरम हो जाती है जैसे इस वक़्त मम्मी गरम हो रही थी।

मम्मी की दोनों जांघो को चाट के मैंने उनकी मैक्सी उनके पेट के ऊपर पलट दी और अब मेरे सामने वह जगह थी जहा से मैं इस दुनिया में आया था। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

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मैंने मम्मी की टाँगे पकड़ के फैला दी।

मम्मी की चूत के होंठ एक जन्नत के दरवाजे की तरह खुल गए।

आज मैं पहली बार बिना किसी परदे के मम्मी की चूत को सामने से देख रहा था।

सच मे  दोस्तों आज मैं खुद को बहुत किस्मत वाला मान रहा था।

मम्मी की चूत का चमड़ा उनके पानी से गिला हो गया था और उनकी चूत खुलने से उसका दाना उभर के दिख रहा था।

फिर मैंने अपना मुँह मम्मी की चूत पर लगा दिया मम्मी के मुँह सी करके आवाज आयी।

मैं – मम्मी मैंने इस पल का बहुत सालो से इंतजार किया है की कब मैं आपको ऐसे प्यार कर पाउँगा और आज जब आप मेरे सामने ऐसे लेटी हो।

तो लगता है बस आपको प्यार करता ही रहु करता ही रहु, मम्मी मेरी बाते सुनके पानी पानी हो रही थी और उनकी चूत मेरी तारीफ से और जयादा पानी हो रही थी।

जिसे मैं चाट चाट के साफ़ कर रहा था मेरी जीभ मम्मी की चूत के अंदर तक घूम रही थी।

मैं अपनी जीभ से मम्मी की चूत को चोद रहा था फिर मैंने अपनी 2 ऊँगली मम्मी की चूत में डाल दी और ऊँगली करते हुए उनके चूत के दाने को चूसने लगा।

मम्मी के मुह के भाव बदल रहे थे वह कसम साने लगी थी मैं जल्दी जल्दी ऊँगली अंदर बहार करने लगा।

फिर जब मम्मी की चूत का पानी निकलने ही वाला था तब उन्होंने मेरे सर पर हाथ रखा और उसे वह अपनी चूत पर दबाने लगी।

इस पल का इंतज़ार शायद हर लड़के को होता है की कोई औरत उसका सर अपनी चूत पर दबाये क्युकी ऐसा वही औरत करती है जिसे अपनी चूत चटवाने में सच में मज़ा आया हो।

मम्मी मेरा सर अपनी चूत पर दबा रही थी मैं भी एक आज्ञा कारी बच्चे की तरह अपनी मम्मी का कहना मान रहा था।

मैं लगातार चूत चाट रहा था और जब मम्मी का पानी निकल गया तो उनका हाथ मेरे से हैट गया।

मम्मी जोर जोर से साँसे लेने लगी मैं फिर से मम्मी के ऊपर आ गया और उनके होंठों को चूसने लगा।

मम्मी भी मेरे होंठों को चूसने लगी मम्मी ने अपनी ही चूत का स्वाद मेरे मुँह से ले रही थी हम दोनों कुछ देर तक एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे।

फिर मैं मम्मी के बगल में आ गया और उनके सामने ही अपना कच्छा नीचे कर दिया कच्छा के नीचे होते ही मेरा लंड बहार आ गया। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

और इस बार मम्मी ने खुद मेरा लंड पकड़ लिया और उसकी खाल को वह आगे  पीछे करने लगी।

लंड की खाल पीछे होते ही मेरा सूपड़ा मम्मी के सामने आ गया जो मेरे प्रेकम से भीगा हुआ था फिर मम्मी ने मेरे ही कच्छे से मेरा लंड साफ़ किया और लंड के साफ़ होते ही उन्होंने उसे मुँह में ले लिया।

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सच में दोस्तों उस पल को मैं सब्दो में बया नहीं कर सकता जब मेरा लंड मम्मी के मुँह में था वह उसे चूस रही थी।

मम्मी ने अपनी  जीभ मेरे लंड के सुपडे पर घुमा रही थी और मुझे अंदर ही अंदर एक गुद  गुदी  हो रही थी।

मैं मम्मी के सर पर हाथ रखकर अपना लंड उनके मुँह के अंदर डाल रहा था जिससे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था कुछ देर अपना लंड चुसवा के मैं हैट गया।

फिर मैंने मम्मी की मैक्सी पूरी ही निकाल दी अब मम्मी पूरी नंगी हो गयी थी और उनके गले में लटकता उनका मंगलसूत्र बहुत अच्छा लग रहा था।

 फिर मैंने मम्मी को लिटा दिया फिर मैं उनके ऊपर आ गया और उनके बड़े बड़े बूब्स को चूसने लगा।

मम्मी का एक बूब्स मेरे मुँह में था और दूसरे बूब्स  से मैं खेल रहा था।

फिर  मम्मी मेरे बालो में हाथ फिर रही थी मम्मी ने मुझे एक छोटे बच्चे की तरह अपने आप से चिपका रखा थाऔर मेरा लंड मम्मी की चूत से चिपका हुआ था।

मम्मी के बूब्स चूसते हुए मैं फिर से उनकी चूत को सहलाने लगा और साथ ही साथ उनकी आँखों में भी देखने लगा।

फिर कुछ देर मम्मी की चूत सहलाने के बाद मैं उठ गया और सीधा जाके मम्मी के पैरो के बीच बैठ गया।

इस बार मम्मी ने खुद अपनी टाँगे फैला ली फिर मैं मम्मी की चूत के चमड़े से अपना लंड रगड़ने लगा और ऐसा करने से मम्मी की चूत का छेद खुल रहा था।

फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चूत के छेद पर लगा दिया और बड़े ही आराम से मेरा पूरा लंड मम्मी की चूत में समां गया।

जैसे ही मेरा पूरा लंड अंदर गया तभी मम्मी के मुँह से आआह्ह्ह निकल गयी।

फिर मैं मम्मी के ऊपर झुक गया और उनसे चिपक के धक्के लगाने लगा मम्मी अपनी टाँगे फैलाये लेटी हुई थी।

मैं दना दन धक्के लगा रहा था मेरा लंड एक दम अंदर तक जा रहा था।

मम्मी आह अह्ह्ह मममम’ कर रही थी फिर मैंने मम्मी का बूब्स मुँह में ले लिया और उसे चूसते हुए।

मैं धक्के लगाने लगा कमरे में थप थप की आवाज गूंज रही थी मम्मी आँखे बंद किये चुदाई का मज़ा ले रही थी।

कुछ देर धक्के लगाने के बाद मैं उठ गया मम्मी की कमर में हाथ डाल के उन्हें भी उठा लिया।

मेरा लंड अभी भी चूत में ही था फिर मैं ऐसे ही पीछे लेट गया और अब मम्मी मेरे लंड के ऊपर आ गयी थी।

मैं नीचे से धक्के लगा रहा था मम्मी मेरे लंड पर बैठकर मुझे ही देख रही थी मैं धक्के लागते हुए उनके बूब्स को मसल रहा था।

फिर मैंने मम्मी की गांड पर हाथ रखा और उनकी गांड को पकड़ के अपने लंड को चलाने लगा।

मम्मी के बड़े बड़े बूब्स उछल रहे थे और उनके बूब्स के बीच लटकता हुआ मंगलसूत्र बहुत अच्छा लग रहा था।

मुझे मम्मी की बड़ी और मुलायम गांड को पकड़ के बहुत मज़ा आ रहा था और मेरा लंड मम्मी की चूत की गहराई में तबाही मचा रहा था। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

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जब मैं बीच बीच में धक्के लगाने बंद कर देता था तो मम्मी खुद मेरे लंड पर अपनी कमर चलाने लगती थी।

अब मम्मी पूरी तरह मेरे साथ खुल चुकी थी और उन्हें ऐसा देखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

कुछ देर मम्मी को अपने लंड की सवारी करने के बाद मैंने मम्मी को उठा दिया।

फिर मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया और उनके पीछे आके मम्मी की गांड को देखने लगा।

मैं – मम्मी आप अपना सर नीचे कर लो और थोड़ी सी गांड ऊपर उठा लो।

मम्मी ने मेरी बात सुनते ही वैसा किया जैसे मैंने उन्हें कहा था अब मम्मी की उठी हुई गांड और खुली हुई चूत मेरे सामने थी जैसे जैसे मम्मी सांस ले रही थी तो उनकी गांड का छेद भी थोड़ा खुल रहा था और बंद हो रहा था देखने से ऐसा लग रहा था जैसे मम्मी की गांड सांस ले रही हो।

वह मुझे बुला रही हो और अगर ऐसे गांड देखकर भी कोई उसे न चोदे तो लानत है उस पर मैंने भी तुरंत अपना मुँह मम्मी की गांड में लगा दिया और अपनी जीभ निकाल निकाल के मम्मी की गांड को चाटने लगा।

मम्मी अपना सर नीचे किये हुए आराम से झुकी हुई थी मैं उनकी गांड को फैला फैला के चाट रहा था।

मैं – मम्मी क्या पापा आपको ऐसे प्यार करते है? जैसे मैं आपको कर रहा हु।

मम्मी – मममम नहीं बेटा सीईई उनके पास तो इतना भी टाइम नहीं अह्ह्ह की वह मुझे देखे भी वह तो बस अपना काम निकाल के सो जाते है।

मैं – मम्मी आज के बाद आपको कभी भी प्यार की कमी महसूस नहीं होने दूंगा हर रोज आपको मैं इसी तरह खुस करूँगा और पापा की वह सारी जिम्मेदारी पूरी करूँगा जो वह नहीं करते है।

मैंने मम्मी की गांड और चूत को चाट चाट के गिला कर दिया फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चूत में डाल दिया और उनकी गांड पकड़ के धक्के लगाने लगा।

अब मम्मी अपने हाथो के बल झुकी हुई थी और मेरा हर धक्के से मम्मी के दूध और उनका मंगलसूत्र दोनों हवा में झूल रहे थे।

फिर मैंने मम्मी के लटकते हुए बूब्स  को पकड़ लिया और उनके बूब्स  को मसलते हुए धक्के लगाने लगा।

मैं – मम्मी हर रात मैं आपको वह कूलर वाली खिड़की से देखता था जब पापा आपको चोद रहे होते थे।

मैंने हर बार देखा है की पापा आपको गरम ही छोड़ देते थे और अपना पानी निकाल के लेट जाते थे।

तब मैं सिर्फ आपको ही देखता था क्युकी आपका मुह उतर जाता था क्युकी आपकी गर्मी नहीं निकाल पाते थे ।

हर रात मैं यही सोचता था की काश मैं पापा की जगह होता तो आपकी सारी गर्मी निकाल देता और आज देखो आप मेरे सामने घोड़ी बनी हुई हो और मेरा लंड आपकी चूत में उछल रहा है। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

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मम्मी – आह्हः तू सही कह रहा ममम है बेटा तेरे पापा अब मेरी गर्मी आह्ह्ह्ह शांत नहीं कर पाते है मगर कल रात सीईई जब तूने मेरी अह्ह्ह गर्मी शांत की तो बहुत दिनों बाद मैं चैन की नींद सोई, 

ऐसे ही करता रहना  बेटा रुकना मत,  बेटा रुकना मत, 

मम्मी के इन सब्दो ने मेरे अंदर एक नया जोश भर दिया मैं जोर जोर से धक्के लगाने लगा।

मम्मी अहह अह्ह्ह अहह उम्म्म करने लगी और कुछ देर बार मम्मी आगे होने लगी और उनका पानी निकल गया।

मैं थोड़ी देर और धक्के लगता रहा जिससे बची कुछ कसर भी निकल जाये फिर मैंने अपना लंड निकाल लिया।

मम्मी सीधी होके लेट गयी और फिर मम्मी ने खुद अपनी टाँगे फैला ली वह मेरा खड़ा लंड देखने लगी।

जो उनकी चूत के पानी से चमक रहा था फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चूत में डाल 

दिया और उनकी टांगो को पकड़ के धक्के लगाने लगा।

मम्मी मुझे ही देख रही थी और बार बार अपने होंठों को काट रही थी।

फिर मैं मम्मी के ऊपर झुक गया और उनके होंठों को चूसने लगा मम्मी भी मेरे होंठों को चूस रही थी और उनके हाथ मेरी पीठ पर आ गए थे।

तभी धक्के लगाते हुए मेरा लंड मम्मी की चूत से निकल गया और इस बार मम्मी ने खुद मेरा लंड पकड़ के अपनी चूत में डाल लिया।

मैं तेज तेज धक्के लगा रहा था फिर कुछ देर बाद मेरा भी पानी निकल गया मैंने अपना सारा पानी मम्मी की चूत में भर दिया।

उनसे चिपक के लेट गया मम्मी ने भी मुझे खुद से चिपका लिया वह मेरी पीठ पर हाथ फेरने लगी और मेरे गले को चूमने लगी।

हम दोनों की साँसे फूल रही थी और मेरा लंड अभी भी चूत के अंदर ही था।

फिर मैं मम्मी के ऊपर से उठ गया और मेरे लंड के बहार आते ही मम्मी की चूत से मेरा पानी निकलने के बहने लगा।

मैं – मम्मी कल रात भी मैंने आपके अंदर ही पानी निकल दिया था कही इससे आप पेट से तो नहीं हो जाओगी।

मम्मी – अरे नहीं बेटा तेरे होने के बाद तेरे पापा ने ऑपरेशन करवा दिया था तो अब इससे कुछ नहीं होगा।

मैं ये बात पहले से जनता था मगर मम्मी के सामने नाटक कर रहा था फिर मैं मम्मी के बगल में लेट गया और उनका बूब्स अपने  मुँह में लेके चूसने लगा।

मैं – मम्मी आज मुझे अपना हक़ मिल गया आपके इस बूब्स  पर सिर्फ मेरा ही हक़ है और किसी का नहीं।

मम्मी – हा बेटा  इन पर सिर्फ तेरा ही हक़ है और मुझे उस दिन के लिए माफ़ कर दे बेटा ।

मैं – मम्मी आपको माफ़ी मांगने की जरुरत नहीं है बल्कि मैं तो खुस हु उस दिन की वजह से ही सही आज मैं आपको अपने प्यार के बारे में बता पाया और आपसे प्यार कर पाया, वैसे मैं तो आपकी ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकता हु।

अगर आप फिर से वैसे करना चाहती हो तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है बस आप खुस रहो।

मैं बस यही चाहता हु,  Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

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मम्मी – नहीं बेटा वैसा फिर कभी नहीं होगा और शायद उस दिन भी वैसा नहीं होता अगर तेरे दोस्त तुझे नींद की गोली नहीं देते।

तो मैंने उन्हें भी बहुत रोकने की कोशिश की थी मगर जब सब हद से आगे निकल गया तो मैं भी बहक गयी।

मैं – मैं समझता हु मम्मी उस दिन भी आप इसीलिए बहक गयी क्युकी आप पापा से खुश नहीं थी और जब आपको वह खुसी मिली तो आप सब कुछ भूल के उस वक़्त का मज़ा लेने लगी।

मम्मी – हा बेटा वैसे मैं तुमसे एक बात पूछो सच सच बताओगे।

मैं – है मम्मी पूछ लो, 

मम्मी – बेटा उस रात करन ने मुझे एक वीडियो दिखाई थी जिसमें तुम मेरी ही उम्र की एक औरत के साथ ये सब कर रहे थे वह औरत कोन थी।

मैं – ये क्या कह रहे हो मम्मी? करन ने आपको वह वीडियो भी दिखा दी।

मम्मी – हा बेटा मैंने वह वीडियो देखि है अब बताओ वह कोन थी।

मैं – मम्मी उस औरत के पास मुझे करन ही ले गया था वह औरत पैसे लेके चुदाई करवाती है और आप को सच बताऊ वह औरत अपने पति के सामने ही चुदाई करवाती है और उसका पति अपनी बीवी की चुदाई देखकर खुस होता है।

मम्मी – हे भगवान  क्या सच में ऐसा होता है? कोई पति ऐसा भी कर सकता है।

मैं – हा मम्मी मैं भी ये देखकर चौक गया था फिर मैंने उस आंटी से पूछा तो उन्होंने बताया की उनका पति उन्हें ठीक से चोद नहीं पता है इसीलिए वह उन्हें दुसरो से चुदवाता है और पैसे भी लेता है वैसे मम्मी आप जानती हो जब मैं उस आंटी को चोदता था तो सिर्फ आपके ही बारे में सोचता था।

मैं अपनी आँखे बंद कर लेता था और यही सोचता था की उस आंटी की जगह आप हो।

मम्मी – हैट बदमाश कैसे बाते करता है।

मैं – वैसे मम्मी जब आपको करन और उसकी मम्मी के रिश्ते के बारे में पता चला तो आपको कैसा लगा था।

मम्मी – बेटा उस दिन तो मेरे पैरो के नीचे से ज़मीन निकल गयी थी मैंने कभी नहीं सोचा था की एक माँ बेटे में ऐसा रिश्ता भी बन सकता है।

वहा से आने के बाद मैंने कई दिनों तक सिर्फ इसी के बारे में सोचा, मैं हमेशा यही सोचती थी की करन की मम्मी ऐसे रिश्ते के लिए मान कैसे गयी। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

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मैं – क्युकी उसके पापा भी उसकी मम्मी को बिलकुल टाइम नहीं देता है।

मम्मी – हा बेटा  मैंने भी बाद में यही सोचा था की हो सकता है उनका पति भी उन्हें टाइम नहीं देता है शायद इसीलिए जब करन ने उनके साथ ऐसा किया तो वह भी खुद को रोक नहीं पायी।

मैं – मम्मी आप और करन की मम्मी इतनी सुन्दर हो आपको कोई भी इंसान देख लेता है तो उसका हाथ सीधा अपने लंड पर चला जाता है मगर फिर पापा आपके साथ ऐसा क्यों करते है?

मम्मी – बेटा ये मेरी ही नहीं मेरी उम्र की हर औरत की समस्या है मेरी उम्र में आते ही हर औरत जयादातर अकेली हो जाती है उसका पति उस पर धयान ही नहीं देता है

इसीलिए कुछ औरत ऐसे ही जीती है और कुछ औरते बहार चक्कर चला लेती है।

मैं – वैसे मम्मी करन की मम्मी ने अपने बेटे से चुदाई का रिश्ता बना के सही किया या गलत आपको क्या लगता है?

मम्मी – बेटा अगर समाज की नज़र से देखा जाये तो उन्होंने गलत ही किया है और अगर एक औरत के नज़रिये से देखा जाये तो उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है हर औरत को खुस रहने का हक़ है।

मैं – मम्मी इतने सालो में कभी आपका मन नहीं हुआ की आप भी बहार किसी और के साथ ये सब करो।

मम्मी – बेटा मन तो बहुत बार हुआ मगर सचाई ये है की ये रिश्ता जितना खुसी देता है उससे जयादा गम देता है बहार किसी के साथ ऐसा रिश्ता बनाना खतरनाक होता है

तू जनता है अगर किसी को जरा सी भनक भी लग जाये तो उस औरत के साथ क्या क्या हो सकता है उस औरत की पूरी ज़िन्दगी बर्बाद हो सकती है वह भी सिर्फ कुछ पलो की खुसी के लिए।

मैं – मगर मम्मी मेरे साथ आपको कुछ भी दिक्कत नहीं होगी मैं तो आपका बेटा हु और मुझपे तो कोई शक भी नहीं करेगा।

मम्मी – तू तो बहार वालो से भी जयादा खतरनाक है कल रात कैसे अपने पापा के सामने मेरे साथ ये सब कर रहा था जानता है मेरा दिल कैसे धक् धक् कर रहा था।

मैं बस यही दुआ कर रह थी की तेरे पापा न जाग जाये।

मैं – है है है है मगर मम्मी पापा के सामने करने में मज़ा बहुत आ रहा था और आपकी चूत भी बहुत गीली हो गयी थी।

मम्मी – धत्त बदमाश मुझे भी अपनी तरह बेशरम बना दे ।

अब मेरा लंड मम्मी से बाते करते करते खड़ा हो गया।

मैं – देखो मम्मी आपसे बाते करते करते ये फिर से खड़ा हो गया, मम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया वह उसे आगे पीछे करने लगी मम्मी बड़े गौर से मेरा लंड देख रही थी। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

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मैं – क्या हुआ मम्मी? आप मेरे लंड को ऐसे क्यों देख रहे हो? कही ये पापा के लंड से बड़ा तो नहीं है।

मम्मी – वही तो देख रही हु की मेरा बेटा इतनी जल्दी बड़ा कैसे हो गया, मम्मी मेरा लंड आगे पीछे कर रही थी मैं उनके बूब्स चूसे जा रहा था तभी किसी कुण्डी खट खटा दी मम्मी हड़बड़ा के उठ गयी।

मम्मी – बेटा लगता है पड़ोस वाली भाभी आयी है जल्दी से कपडे पहन ले।

मैं – मम्मी ये चाची की चूत में भी बड़ी आग है रोज सुबह सुबह यहाँ आ जाती है।

मम्मी – बेटा जल्दी से कपडे पहन ले और फ्रेश हो जा फिर मैं तेरे लिए नास्ता बनती हु।

फिर मैंने और मम्मी ने कपडे पहन लिए मैं फ्रेश होने चला गया मम्मी ने दरवाजा खोला तो पड़ोस वाली चाची ही आयी थी।

वह मम्मी को कुछ खाने की चीज देने आयी थी जिसे देके वह चली गयी, फिर मैं फ्रेश होके आ गया।

फिर मम्मी ने मुझे नास्ता दिया नास्ता करने के बाद मैं बैठ गया मम्मी अलमारी से कपडे निकालने लगी फिर मम्मी नहाने चली गयी। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

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मैं भी बहार आके मम्मी को नहाते हुए देखने लगा, मम्मी बार बार मुझे ही देख रही थी और मुझे देख देखकर वह शर्मा रही थी।

वह बार बार मेरे ऊपर पानी मार रही थी जिससे मैं भाग जाऊ मगर मैं तो उन्हें ही देखने में लगा हुआ था।

फिर मैं कमरे में आ गया और कुछ देर बाद मम्मी सिर्फ पेटीकोट में कमरे में सो गयी उन्होंने पेटीकोट अपने बूब्स पर बांध रखा था।

हम दोनों एक दूसरे को देख रहे  थे फिर मम्मी ने अपने पेटीकोट खोल दिया वह ब्लाउज पहनने लगी तभी मैं खड़ा हो गया मम्मी को पीछे से जाके पकड़ लिया।

मम्मी मेरे पकड़ने से बिलकुल भी नहीं चौकी मैंने मम्मी के दोनों बूब्स को पकड़ लिया।

मम्मी – क्या कर रहा है बेटा ? हैट न मुझे तैयार होके पूजा भी करनी है।

मैं – मम्मी आप बहुत सुन्दर लग रही हो मन कर रहा है अभी आपको प्यार करने लागु।

मम्मी – हा हा  मैं सब समझती हु इसीलिए तेरे अंदर इतना करंट आ रहा है और तेरा ये डंडा मेरे पीछे लग रहा है मैंने नीचे देखा तो मेरा लंड मम्मी की गांड में लगा हुआ था।

मम्मी ने मुझे हटा दिया फिर वह तैयार होके पूजा करने लगी और उसके बाद उन्होंने नास्ता किया मैं मम्मी के साथ ही बैठा हुआ था तभी फिर से पड़ोस वाली चाची आ गयी 

फिर मैं बहार चला गया आज मैं बहुत खुस था क्युकी इतने दिनों से जो मैं चाह  रहा था वह आज मुझे मिल गया था ।

बहार आते ही मैंने सबसे पहले करन को कॉल किया।

मैं – और भाई क्या हाल है?

करन – मैं ठीक हु भाई तू सुना कैसा है।

मैं – मैं भी ठीक हु यार आज मेरा सपना पूरा हो गया भाई,

करन – सच में भाई तूने अपनी मम्मी को चोद दिया।

मैं -हा भाई कल रात में पापा के सोते हुए चोदा था और आज सुबह उन्होंने भी खुल के चुदवाया था ।

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करन – क्या बात है भाई? यार सच में ये सुनके बहुत अच्छा लगा वैसे साले तूने कैसे माना लिया आंटी को, मैंने करन को सारी बाते बता दी और अपनी पूरी चुदाई की कहानी सुना दी जिसे सुनके करन का भी लंड खड़ा हो गया।

करन – सही है गुरु अब तू भी जब चाहे चुदाई का मज़ा ले सकता है लड़किया तो हमेशा चुदाई को मना करती है और नखरे दिखती है मगर मम्मी कभी ऐसा नहीं करती है। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 10

मैं – हा  भाई सच कहा तूने जब मम्मी मेरा साथ दे रही थी तब बहुत मज़ा आ रहा था 

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