By | April 4, 2023

Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9: हैलो दोस्तो, मेरा नाम रिंकू है मेरी उम्र 21 साल है और मैं उत्तर प्रदेश के एक गाओं का रहने वाला हु मेरी ये कहानी मेरी मम्मी और मेरे बीच बने रिश्ते की है मेरी फॅमिली में हम 4 लोग है पापा मम्मी मैं और मेरा बड़ा भाई, मेरा बड़ा दिल्ली में जॉब करते है और पापा खेतो को सँभालते है और मैं शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा हु।

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Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

मैं – मम्मी सही तो वह नहीं था जो करण और साहिल ने आपके साथ किया था मगर आपने उन्हें कुछ नहीं कहा उल्टा आपने उस सब का मज़ा भी लिया और यहाँ मैं आपसे कह रहा हु की मैं आपको प्यार करता हु.

मगर फिर भी आप नहीं मान रही हो मुझे तो लगता है आप मुझसे जयादा करण और साहिल को ही प्यार करती हो।

मम्मी – ये क्या बकवास किये जा रहा है तू? मैं तुझसे पहले भी कह चुकी हु जो भी हुआ वह सब गलती से हुआ तू समझाता क्यों नहीं है?।

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माँ बेटे में ऐसा रिश्ता नहीं होता है।

मैं – मम्मी अगर माँ बेटे में ऐसा रिश्ता नहीं होता है तो करण और उसकी मम्मी के बीच में ये रिश्ता कैसे बना वह भी तो आपकी तरह ही एक मम्मी ही है।

मम्मी – बेटा उन दोनों ने ये सब करके अच्छा नहीं किया जानते हो अगर किसी को ये बात पता चल गयी।

तो लोग उनका जीना हराम कर देंगे हमारा समाज ये सब अच्छा नहीं मानते है पता नहीं करण की मम्मी ने ऐसा कैसे कर लिया।

मैं – मम्मी करण और उसकी मम्मी ये सब घर की चार दीवारी में करते है जिससे किसी को कुछ पता नहीं चलता है और वह दोनों खुस रहते है और सबसे बड़ी बात करण की मम्मी उससे बहुत प्यार करती है

और वह आपकी तरह झूट नहीं बोलती है। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

Maa bete ki chudai

मम्मी – मैंने कोनसा झूट बोलै है तुझसे।

मैं – मम्मी मैं जनता हु पापा अब आपको खुस नहीं कर पाते है इसीलिए उस दिन आप बहक गयी थी और आज दोपहर में भी यही हुआ था।

जब मैं आपकी चुत चाट रहा था तब आपकी चुत भी बहुत गीली हो गयी थी  ऊपर से तो आप भी मना कर रही थी मगर अंदर से आपको भी इसमें मज़ा आ रहा था।

इसीलिए न चाहते हुए भी आप अपनी गर्मी निकाल ही बैठी थी अब आप बताओ क्या मैं झूट बोल रहा हु?

मम्मी मेरी बाते सुनके सन्न रह गयी थी और वह मुझे ही घूर घूर के देख रही थी मैंने आपने हाथ मम्मी की कमर मे डाला और उन्हें अपनी तरफ खींच के खुद से चिपका लिया तभी मम्मी बोली।

मम्मी – ये क्या कर रहा है बेटा कोई देख लेगा।

मैं – मम्मी पहले बताओ जो मैंने कहा वह सच है या नहीं।

मम्मी – बेटा छोड़ दे मुझे तुझमें कुछ शर्म बची है या नहीं, यहाँ खुली छत पर  ये सब कर रहा है किसी ने देख लिया तो पुरे गाओं में ये खबर फ़ैल जाएगी।

मम्मी ठीक कह रही थी अगर हमें कोई ऐसे देख लेता तो पता नहीं क्या सोचने लगता इसीलिए मैंने मम्मी को छोड़ दिया और वह तुरंत पीछे हो गयी।

मगर इस बार मुझे मम्मी की बातो में गुस्सा नहीं दिखा, बल्कि उनकी बातो से ऐसा लगा जैसे वह भी थोड़ी थोड़ी मान गयी है।

फिर मैंने मम्मी का हाथ पकड़ा और उन्हें नीचे ले आया, मम्मी का हाथ मेरे हाथ में था और मैं सीधा उन्हें आपने कमरे में ले गया और कमरे में जाते ही मैंने सबसे पहले लाइट बंद कर दी ताकि पापा उठ भी जाये तो उन्हें मेरे कमरे में कुछ दिखे।

फिर मैंने मम्मी को दीवार से लगा दिया और उनके होंठों को चूसने लगा मम्मी ने मुझे धक्का देके पीछे किया और मेरे गाल पर एक थप्पड़ मार दिया। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

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मगर इस बार का थप्पड़ पहले की तरह नहीं था, मुझे ये साफ पता चल रहा था की मम्मी भी थोड़ी थोड़ी पिघल रही है इसीलिए मैं फिर से मम्मी के होंठों को चूसने लगा और उनके बूब्स  को दबाने लगा।

मम्मी – बेटा प्लीज ऐसा मत कर ये ठीक नहीं है अगर तेरे पापा ने देख लिया तो हम दोनों की खैर नहीं है।

मैं – मम्मी पापा तो कब के सो चुके है और अगर उन्हें आपकी परवा होती तो जो काम मैं कर रहा हु वह काम पापा कर रहे होते और तब आप भी खुस रहती।

मम्मी मेरी बात सुनके चुप हो गयी मगर सच बात तो ये थी की गांड मेरी भी फैट रही थी मगर मेरे ऊपर तो चुदाई का भूत सवार था इसीलिए मेरे अंदर इतनी हिम्मत आ गयी थी की मैं पापा के रहते हुए मम्मी को गरम कर रहा था।

 अब मम्मी की तरफ से मुझे कोई डर नहीं था क्युकी वह चिल्ला नहीं सकती थी और फिर मैंने मम्मी के दोनों हाथ ऊपर कर दिए और उनकी बगल को चाटने लगा और जब मैंने ऐसा किया तो मम्मी मुझे बड़ी ही अजीब नज़रो से देखने लगी क्युकी मम्मी के साथ ऐसा कभी किसी ने नहीं किया था।

मगर मैं तो उनकी चिकनी बगलो का दीवाना था इसीलिए मैं उसे चाट रहा था और मुझे इसमें बहुत मज़ा आ रहा था।

मम्मी के पसीने की तेज खुशबू मेरी अंदर जा रही थी और मेरा लंड खड़ा हो रहा था पापा के होने की वजह से मम्मी आँखे बंद किये चुप चाप खड़ी थी और मैं उनकी बगलो को चाट चाट के मज़े ले रहा था।

मैंने मम्मी की दोनों बगलो को चाट चाट के गिला कर दिया था और फिर मैं नीचे बैठ गया और मम्मी की मैक्सी ऊपर करने लगा मगर मम्मी मेरा हाथ रोकने लगी और हलकी आवाज में मुझे रुकने को कहने लगी।

मम्मी – तुझे बिलकुल भी शर्म नहीं आ रही है हरामी अपनी माँ के साथ ये सब करते हुए वह भी तब जब तेरे पापा घर पर है।

मैं – मम्मी जब एक बेटा घर की बाकी चीजों का ख्याल रख सकता है तो अपनी मम्मी की इस जरुरत का ख्याल क्यों नहीं रख सकता है?  Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

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वैसे भी मम्मी इस बात का किसी को पता नहीं चलेगा, मम्मी को पापा का डर लग रहा था और ये होना लाज़मी था।

मगर मैं ये भी जानता था की मम्मी की चुत पानी पानी हो रही थी और अगले ही पल जब मेरा हाथ मम्मी की चुत पर लगा।

तो मुझे उनकी चुत के गीले पैन का अहसास हो गया।

मैं – मम्मी आप चाहे सामने से कितनी ही झूट बोल लो मगर आपके नीचे हाथ लगते ही पता चल जाता है की आप के अंदर क्या चल रहा है?

मम्मी ने मुझे कोई भी जवाब नहीं दिया और मैं मम्मी की चुत सहलाने लगा मम्मी की चुत बहुत गीली हो रही थी और उसका पानी मेरी उँगलियों में आ रहा था।

मैंने मम्मी के सामने ही उनकी चुत से निकली उंगलिया मुँह में डाल ली और बारी बारी से उसे उनके सामने ही चूसने लगा।

मेरे ऐसा करते ही मम्मी ने अपना सर झुका लिया और फिर मैंने मम्मी के गालो पर हाथ रखकर उनका मुह ऊपर किया और फिर से उनके होंठों को चूसने लगा।

मम्मी की चुत के पानी का स्वाद अभी भी मेरे मुँह में था और इस बार मेरी जीभ मम्मी की जीभ के साथ खेल रही थी और मम्मी अब गरम हो रही थी

इसलिए वह कुछ भी नहीं कह रही थी।

मैं 2  मिनट तक मम्मी के होंठों को चूसता रहा और साथ ही साथ उनकी चुत को भी सहलाता रहा।

फिर मैं नीचे बैठ गया और इस बार जब मैंने मम्मी की मैक्सी ऊपर की तो उन्होंने भी मुझे नहीं रोका, और बहार से आती रोशिनी में मुझे मम्मी की चुत साफ़ दिख रही थी।

 मैंने एक हाथ से मम्मी की टांग को थोड़ा सा उठा दिया और फिर अपना मुँह मम्मी की चुत में लगा दिया।

अब मेरी जीभ मम्मी की चुत को चाट रही थी और मम्मी अपनी आँखे बंद किये खड़ी हुई थी और उन्हें देखने से लग रहा था की अब वह भी अपनी चुत चटवाने का मज़ा ले रही थी।

मैं अपनी जीभ मम्मी की चुत के अंदर डाल रहा था और अपनी जीभ से उनकी चुत को चोद रहा था।

मैंने देखा मम्मी ने अपने मुँह पर हाथ रख लिया था ताकि उनकी आवाज न निकल जाये और मम्मी को ऐसे देखकर सच में बहुत मज़ा आ रहा था। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

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मुझे तो यकीं नहीं हो रहा था की मैं पापा के रहते हुए ये सब कर रहा था और मम्मी मुझे कुछ नहीं कह रही थी उल्टा वह भी इस पल का मज़ा ले रही थी बस वह ये मनाने नहीं चाहती थी।

मैं मम्मी की चुत चाटते हुए उनकी गांड को मसल रहा था और उनकी चुत को अपने मुँह पर दबा रहा था।

फिर कुछ देर चुत चाटके मैं खड़ा हो गया और फिर मैंने अपना कच्छा नीचे कर दिया और मेरा लंड कूद के बहार निकल आया जो बिलकुल सीधा खड़ा हुआ था।

मम्मी मेरा खड़ा हुआ लंड देख रही थी फिर मैंने उनके सामने अपना लंड आगे पीछे किया और मम्मी मुझे ऐसे करते देख रही थी।

फिर मैंने मम्मी की कमर पकड़ के उन्हें झुका दिया मगर वह तुरंत सीधी हो गयी और फिर वह बोली।

मम्मी – बेटा प्लीज ऐसा मत कर अगर तेरे पापा ने हमें ऐसा करते देख लिया तो वह हम दोनों को जान से मार डालेंगे और हमारा बसा बसाया घर बर्बाद हो जायेगा।

मैंने मम्मी की मैक्सी छोड़ दी और फिर उनका हाथ पकड़ के सीधा उन्हें उनके कमरे के पास ले गया और मम्मी के कमरे का दरवाजा हलके से खोल के मम्मी को दिखाया।

मैं – देख लो मम्मी पापा तो कूलर चला के कितने चैन से सो रहे है उन्हें तो इस बात की भी खबर नहीं है की आप उनके साथ सो रही हो या नहीं आप भी तो दिन भर काम करती हो और हम सब का ख्याल रखती हो।

तो क्या पापा का फ़र्ज़ नहीं है की वह भी आपका ख्याल रखे मगर आप खुद ही देख लो उन्हें तो इस बात की कोई परवा ही नहीं है और अगर अब मैं आपको प्यारा करता हु तो इसमें हर्ज ही क्या है?

मैं मम्मी को ये सब इसीलिए दिखाना चाहता था ताकि उन्हें भी पता चले की उनका बेटा उनसे कितना प्यार करता है।

वैसे तो मम्मी पहले से ही जानती थी की पापा उन पर धयान नहीं देते है मगर हर औरत की तरह वह भी इस बात को मानना नहीं चाहती थी।

मैंने दरवाजे के पास ही मम्मी के गालो को पकड़ा और उनके होंठों को चूसने लगा मगर मम्मी तुरंत पीछे हो गयी।

मम्मी – बेटा अगर तेरे पापा उठ गए तो, मम्मी की इस बात से मैं समझ गया की वह अभी भी डर रही है इसीलिए वह ऐसा कह रही है तभी मैंने मम्मी को अपनी गोदी में उठा लिया और सीधा उन्हें अपने कमरे में ले आया।

मम्मी मुझे ही देख रही थी और कमरे में आके मैंने मम्मी को नीचे उतार दिया फिर उन्हें दरवाजे के पास ही खड़ा कर दिया और फिर से मम्मी के होंठों को चूसने लगा। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

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इस बार मम्मी कुछ नहीं बोल रही थी और उनके होंठों को चूसते हुए मैं उनकी मैक्सी ऊपर करने लगा।

मैंने मम्मी की मैक्सी उनकी गांड के पर तक कर दी और फिर उनकी गांड को पकड़ के दबाने लगा और साथ ही साथ उनके होंठों को भी चूसने लगा और फिर कुछ देर बाद मैंने मम्मी को झुका दिया और उनकी मैक्सी को उनकी गांड के ऊपर पलट दिया।

मम्मी वैसे ही झुकी हुई थी फिर मैंने अपने लंड मम्मी की चुत पर लगा दिया और हलके हलके पूरा लंड अंदर डाल दिया,

अब मेरा पूरा लंड मम्मी की चुत के अंदर था और मुझे मेरे लंड पर मम्मी की चुत की गर्मी महसूस हो रही थी।

फिर मैंने मम्मी की कमर को पकड़ लिया और हलके हलके धक्के लगाने लगा मम्मी की चुत बहुत गीली हो गयी थी इसीलिए मेरा लंड आराम से अंदर बहार हो रहा था और मम्मी एक हाथ दीवार पर रखकर आराम से झुकी हुई थी और मेरे लंड का मज़ा ले रही थी शुरुवात में मैं हलके हलके धक्के लगा रहा था जिससे कोई आवाज नहीं हो रही थी मगर मम्मी की रसभरी चुत मुझे पागल कर रही थी और फिर मैंने अपने धक्के तेज कर दिए।

जिसकी वजह से थप थप की आवाज होने लगी थी और अब मम्मी के मुँह से भी सीई सीई अह्ह्ह अह्ह्ह करके आवाज आ रही थी।

मम्मी की यही कामुक आवाजे सुनने के लिए तो मैं तरस रहा था और जब मम्मी आवाजे निकालने लगी तो मैं और तेज धक्के लगाने लगा।

जिससे थप थप की आवाज जयादा होने लगी तभी मम्मी बोल पड़ी।

मम्मी – आह्हः बेटा बहुत मममम आवाज हो रही है अह्ह्ह कही तेरे सीईई पापा उठ न जाये, मम्मी की बात सुनके मैंने धक्के धीरे कर दिए और धक्के लगाते हुए मैंने अपने हाथ मम्मी की मैक्सी के अंदर डाल दिया और उनके दोनों बूब्स को पकड़ के मसलने लगा।

अब मैं मम्मी के बूब्स मसलते हुए उनकी चुदाई कर रहा था जिसमें बहुत मज़ा आ रहा था मम्मी के निप्पल भी एक दम टाइट हो गए थे जिन्हे मैं बेदर्दी से खींच रहा था और जैसे ही मैं मम्मी के निप्पल को जोर से खींच ता तो उनके मुँह जोर की आहा निकल जाती है । Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

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अगर फिर भी मम्मी मुझे ऐसा करने से नहीं रोक रही थी बस बीच बीच में वह अपने मुँह पर हाथ रख लेती थी ताकि उनके मुँह से आवाज न निकल जाये।

कुछ देर धक्के लगाने के बाद मैंने अपना लंड निकाल लिया और मम्मी को सीधा करके उनके होंठों को चूसने लगा और मम्मी ने भी मुझे नहीं रोका मम्मी के होंठों को चूसते हुए।

मैं मम्मी की मैक्सी को निकालने लगा मगर तभी मम्मी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मैक्सी को नीचे कर दिया।

मम्मी – बेटा इसे मत निकालो, फिर मैंने मम्मी की मैक्सी को ऊपर किया और उनकी एक टांग को उठा के हाथ से पकड़ लिया मगर ऐसा करने से एक दिक्कत हो रही थी की मम्मी की मैक्सी बार बार नीचे हो रही थी।

तभी मैं मम्मी से बोला।

मैं – मम्मी आपकी मैक्सी बार बार नीचे हो रही है इसे आप पकड़ लो और फिर मम्मी ने अपनी मैक्सी खुद पकड़ के ऊपर कर ली और फिर मैंने मम्मी की एक टांग उठा के पकड़ ली और फिर सामने से ही खड़े खड़े अपना लंड उनकी चुत में डाल दिया।

इस पोजीशन में मेरा पूरा लंड अंदर चला गया और फिर मैंने मम्मी की कमर को पकड़ लिया और सामने से धक्के लगाने लगा मम्मी खुद को एक पैर पर टिकाये खड़ी हुई थी और मैं उनकी कमर को पकड़ के उन्हें गिरने नहीं दे रहा था।

हम दोनों की चुदाई पूरी मज़े से चल रही थी अब मम्मी का मुँह मेरे सामने था और वह आँखे बंद किये मेरे लंड का मज़ा ले रही थी हर धक्के के साथ मम्मी के मूह के भाव बदल रहे थे और वह अपने होंठों को मुँह में दबा रहा थी और मुझे उन्हें ऐसा देखकर मज़ा आ रहा था।

कुछ देर धक्के लगाने के बाद मम्मी ने अपना पेअर नीचे कर लिया और मेरा लंड खुद बा खुद बहार आ गया शायद मम्मी को दर्द होने लगा था। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

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फिर मैं मम्मी को बेड पर ले जाने लगा मगर तभी मम्मी बोली।

मम्मी – बेटा मुझे बहुत डर लग रहा है कही तेरे पापा न उठ जाये जो करना है जल्दी से कर लो।

ये बात बोलके मम्मी नीचे देखने लगी क्युकी उन्हें भी यकीं नहीं हुआ होगा की डर की वजह से ही सही मम्मी मुझे अपनी चुदाई करने को कह रही थी।

फिर मैं मम्मी का हाथ पकड़ के उन्हें उनके कमरे के पास ले गया, फिर मम्मी ने थोड़े से खुले दरवाजे से अंदर देखा तो पापा अभी भी करवट लिए सो रहे थे मगर मेरे दिमाग में तो नयी शैतानी जाग रही थी।

जब मम्मी अंदर देख रहे थे तभी मैंने उनकी मैक्सी ऊपर कर दी और मम्मी तुरंत पीछे मूड के देखने लगी वह पलटना चाहती थी ताकि वह मुझे रोक सके मगर तब तक मैंने अपना लंड उनकी चुत पर लगा दिया था।

मम्मी – (हलकी आवाज में) बेटा यहाँ नहीं तेरे पापा सामने ही है कही वह जाग गए तो।

मैं – मम्मी, पापा नहीं जागेंगे मगर आप अगर ऐसे ही हिलती रही तो पापा जरूर जाग जायेंगे।

मम्मी – बेटा प्लीज यहाँ नहीं मुझे बहुत अजीब लग रहा है तेरे पापा के सामने ये सब करते हुए।

मैं – कुछ नहीं होगा मम्मी पापा सो रहे है और वह ऐसे ही सोते रहेंगे बस आप आवाज मत करना।

फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चुत में डाल दिया और धक्के लगाने लगा मम्मी बार बार अंदर देख रही थी और उन्हें डर लग रहा था वैसे डर तो मुझे भी लग रहा था।

मगर मम्मी की चुत का नशा इस डर से कही जयादा था।

शायद इसीलिए मुझे और भी जयादा मज़ा आ रहा था वैसे किसी ने सच ही कहा है की पकडे जाने के डर से जो चुदाई में मज़ा आता है उससे जयादा मज़ा किसी में नहीं है।

मम्मी अपने मुँह पर हाथ रखकर झुकी हुई थी और मैं जल्दी जल्दी धक्के लगा रहा था और कुछ देर बाद मम्मी का शरीर कांप गया और वह आगे की तरफ होने लगी।

मैं समझ गया मम्मी का पानी निकल गया है तभी मैंने अपना लंड निकाल लिया और मम्मी वही दरवाजे के पास खड़ी होके तेज तेज साँसे लेने लगी। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

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फिर मैं नीचे बैठ गया और पीछे से ही मम्मी की चुत और गांड को चाटने लगा मम्मी की चुत से उनका पानी रिस रहा था और मैं बड़े प्यार से उसे चाट रहा था और मम्मी अपने मुँह पर हाथ रखकर खड़ी हुई थी।

मैंने मम्मी की चुत को चाट के साफ़ कर दिया और फिर मैं उन्हें अपने कमरे में ले आया क्युकी किसी को इतना भी डरना ठीक नहीं है कमरे में आते ही मैंने मम्मी को बेड के कोने पर बिठा दिया और फिर मैंने उन्हें बेड पर लिटा दिया और इस बार मम्मी ने भी कुछ नहीं कहा और वह आराम से बेड के किनारे पर लेट गयी।

फिर मैंने मम्मी की मैक्सी उनके पेट पर पलट दी और उनकी टाँगे फैला दी।

मम्मी की चुत खुल के मेरे सामने फ़ैल गयी और मैं फिर से मम्मी की चुत चाटने लगा पापा की वजह से डर भी लग रहा था मगर मज़ा भी आ रहा था।

मेरी जीभ मम्मी की चुत और गांड दोनों को गिला कर रही थी और फिर मैंने देर किये बिना अपना लंड अंदर डाल दिया और मम्मी की टाँगे पकड़ के धक्के लगाने लगा।

मैं तेज तेज धक्के लगा रहा था और मम्मी आँखे बंद किये लेटी हुई थी फिर मैं उनके ऊपर झुक गया और मम्मी के होंठों को चूसते हुए धक्के लगाने लगा और कुछ ही देर बाद मेरा पानी भी निकल गया।

मैंने अपना सारा पानी मम्मी की चुत के अंदर ही निकाल दिया और उनके ऊपर लेट गया मेरी और मम्मी साँसे फूल रही थी और हम दोनों पसीने पसीने हो गए थे।

फिर मैंने मम्मी के होंठों को चुम लिया।

मैं – मम्मी मैं आपसे बहुत प्यार करता हु और मैं हमेशा आपको ऐसे ही खुस देखना चाहता हु जैसे अभी आप बहार अपना पानी निकालते वक़्त थी। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

बेटे ने की माँ की चुदाई

ये बात बोलके मैं मम्मी से लिपट गया और वह ऐसे ही लेटी रही फिर मैंने अपना लंड निकाल लिया और मम्मी खड़ी हो गयी वैसे भी ये टाइम बात करने का नहीं था।

मैंने मम्मी का हाथ पकड़ के उन्हें उठा दिया और फिर वह अपनी मैक्सी ठीक करके बहार निकल गयी मम्मी सीधे हैंडपंप के पास बनी नाली पर जाके बैठ गयी।

मैंने देखा तो मम्मी पेशाब कर रही थी कुछ देर पेशाब करने के बाद वह वापस आ गयी और मैंने उन्हें फिर से पीछे से पकड़ लिया मगर तभी मम्मी बोली।

मम्मी – बेटा जो तू चाहता था वह तो तूने कर लिया अब तो मुझे जाने दे बस एक बात का धयान रखना इसके बारे में किसी को पता नहीं चलना चाहिए वरना सब ख़तम हो जायेगा।

मैं – मम्मी मैं आपको प्यार करता हु और ये बात कभी किसी को पता नहीं चलेगी क्युकी आपकी बदनामी होने से पहले मैं मरना पसंद करूँगा।

मम्मी मेरा मुँह देखने लगी और फिर मैंने मम्मी के होंठों को चुम लिया मम्मी ने कुछ भी नहीं कहा और फिर वह अपने कमरे में चली गयी और जाके पापा के बगल में लेट गयी।

पापा को तो बनक भी नहीं लगी की मम्मी इतनी देर से बहार थी और मुझसे अपनी गर्मी शांत करवा रही थी।

फिर मैं अपने कमरे में आ गया और कूलर चला के लेट गया आज मैं सच मुच बहुत खुस था जैसे मैं मम्मी की चुदाई करना चाहता था वैसे खुल के तो उनकी चुदाई नहीं कर पाया मगर,  हा पापा के रहते हुए भी उन्हें चोदने में मज़ा बहुत आया।

फिर मैं सो गया और सुबह 8 बजे मेरी आँख खुली आज मैंने मम्मी के आने का इंतज़ार नहीं किया बल्कि मैं खुद बहार आ गया जब मैं बहार आया तो मैंने देखा पापा जा रहे थे। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

माँ की चुदाई की बेटे ने

जबकि इस टाइम तक वह चले जाते थे मैं जैसे ही बहार आया तो पापा मुझे देखकर बोले।

पापा – अरे बेटा आज बड़ी जल्दी उठ गया तू वैसे तो हमेशा कुम्भ कर्ण बना रहता है।

मैं – पापा लगता है आज आपको भी देरी हो गयी है वरना अभी तक तो आप भी खेतो में चले जाते है।

पापा – बेटा ये बात अपनी माँ से पूछो आज ये भी देरी से ही उठी है इसीलिए मेरी भी आँख नहीं खुली, तभी मम्मी बहार आ गयी और उन्होंने अभी तक वही मैक्सी पहनी हुई थी।

मैंने मम्मी की तरफ देखा तो वह दूसरी तरफ देखने लगी मैं समझ गया मम्मी आज देर से क्यों उठी है।

जब रात मे एक अच्छी चुदाई हुई हो तो सुबह देर से ही आँख खुलती है ये बात जानकार मुझे बहुत अच्छा लग रहा था की मम्मी को भी रात में वह मज़ा आया जो उन्हें हमेशा से चाहिए था।

फिर पापा बहार निकल गए और मम्मी ने दरवाजा बंद कर दिया और फिर वह अंदर आ गयी मैं वही आँगन में बैठा हुआ था और जब मम्मी की आँख मुझसे मिली तो मैंने देखा आज मम्मी के मूह पर एक नयापन था और उन्हें देखने से लग रहा था की कल रात वह बहुत चैन की नींद सोई थी।

फिर मम्मी किचन में चली गयी और मैं भी उनके पीछे चला गया मैंने देखा मम्मी काम कर रही थी और फिर मैंने उन्हें पीछे से जाके पकड़ लिया और इस बार मेरा हाथ सीधा उनके बूब्स पर गया और मैं उनके बूब्स दबाते हुए उनकी गर्दन को चूमने लगा।

मगर तभी मम्मी ने मुझे हटा दिया और एक जोर का थप्पड़ मेरी गाल पर मार दिया।

मैं तो गाल पकड़ के वही बैठ गया फिर मम्मी बोली।

मम्मी – ये थप्पड़ कल रात की हरकत के लिए तुझे कल रात बिलकुल भी शर्म नहीं आयी आपने पापा के सामने मेरे साथ वह सब करते हुए जनता है अगर तेरे पापा हमें देख लेते तो हमारा क्या हाल होता?

मैं – मम्मी मैं तो आपको दिखाना चाहता था की पापा को आपकी बिलकुल भी परवा नहीं है मगर फिर भी आप उन्हें ही प्यार करती हो लगता है मेरे नसीब में आपका प्यार है ही नहीं मुझसे खुस किस्मत तो करण और साहिल है जिन्हे कम से कम आपका प्यार तो मिलता है। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 9

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मम्मी ने एक और जोर का थप्पड़ मेरे गाल पर मार दिया और मेरी आँखों से आँशु निकलने लगे।

मम्मी मुझे ही देख रही थी और फिर वह बोली।

मम्मी – ख़बरदार जो फिर कभी मेरे सामने करण और साहिल का नाम लिया तो उन दोनों से मैं बहुत नफरत करती हु और तू बार बार उनका नाम लेके मुझे और जयादा परेशां करता है।

अगर मैं तुझसे प्यार नहीं करती तो जो कल हमारे बीच हुआ था वह कभी नहीं होता।

मम्मी की बात सुनके मैं उनके गले से लिपट गया और मम्मी मेरी पीठ पर अपना हाथ फेरने लगी।

मैं – मम्मी मैं आपसे बहुत प्यार करता हु।

मम्मी – मैं भी तुझसे बहुत प्यार करती हु बेटा बस कल रात जो तूने अपने पापा के सामने मेरे साथ किया वह ठीक नहीं था अगर वह उठ जाते तो आज सुबह का सूरज हम दोनों नहीं देख पाते।

मैं – मम्मी मुझे माफ़ कर दो आगे से मैं ऐसा कुछ नहीं करूँगा।

मम्मी – हा  बेटा ये बात आगे से ध्यान रखना ।

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