By | May 1, 2023

Apni Sagi Maa ki chudai:-हेलो दोस्तों मेरा नाम विशाल है. मेरी उम्र 20 साल है. और मैं हरियाने का रहने वाला हु. मेरी ये कहानी मेरी माँ और मेरे बीच बने रिश्ते की है.

मेरे घर में हम 3 लोग रहते है. मेरे पापा मेरी माँ और मैं पापा एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर है. इसीलिए वह सुबह निकल जाते है. और शाम को ही वापस आते है. पापा ने घर में किसी चीज की कमी नहीं छोड़ी है.

Maa ki chudai

मगर मुझे बाद में पता चला की असली कमी तो पापा कभी पूरी ही नहीं कर पाए और वह कमी थी. मेरी मम्मी की जरूरतों को पूरी न करना.मेरी मम्मी का नाम संध्या है. और उनकी उम्र 42 साल है. मम्मी बहुत खूबसूरत है. मगर वह बिलकुल सिंपल रहती है. जयादातर सूट ही पहनती है और कही बहार जाये तो साड़ी पहन लेती है.

मगर उनका फिगर इतना हसीं है की रस्ते पर चलता हर मर्द उनकी उठी हुई गांड और तनी हुए चूचिया देखे बिना रह नहीं पाता है.

मम्मी का फिगर 38-39-46 है. फिगर जान कर आप सब समझ ही गए होंगे की उनकी गांड और चूचिया कितनी बड़ी है.मैं जब भी मम्मी की गांड और चूचिया देखता हु. तो मैं भूल जाता हु की मैं उनका बेटा हु.

Maa ki chudai ki kahani

तब वह सिर्फ मेरे लिए एक औरत होती है, जिसके कामुक बदन का मैं दीवाना हु.जब से मैं इन्सेस्ट कहानी पड़ने लगा हु. तब से ही मैं मम्मी को ऐसे देखने लगा हु. इससे पहले मैंने कभी मम्मी को ऐसी नज़र से नहीं देखा था और कहानी पढ़ने के बाद से ही मैं मम्मी पर नज़र रखने लगा.और जब आप अपनी मम्मी पर नज़र रखते है. तो आपको वह सब दिखाई देता है.

जिसे पहले आप नज़र अंदाज़ कर देते थे. मैंने भी जब अपनी मम्मी पर नज़र रखना शुरू किया. तो मैंने कई बार उन्हें कपडे बदलते देखा.मेरा लंड तो उनके बारे में सोचने भर से ही खड़ा हो जाता था और यहाँ तो मैं उन्हें नंगा देख रहा था.

उनकी बड़ी बड़ी चूचिया और उस पर काले निप्पल जिसे देखकर किसी के भी मुँह में पानी आ जाये और उनकी गोरी और मोटी गांड को देखकर. तो हर मर्द का लंड उन्हें सलामी देने लगता था. मैं भी मम्मी को नंगा देख देखकर अपना लंड हिलाता था और जब भी उनकी पेंटी मुझे बाथरूम में मिलती थी.

तो मैं उसे काफी देर तक सूंघता रहता था. Apni Sagi Maa ki chudai:

जिसे पहले आप नज़र अंदाज़ कर देते थे. मैंने भी जब अपनी मम्मी पर नज़र रखना शुरू किया. तो मैंने कई बार उन्हें कपडे बदलते देखा. मेरा लंड तो उनके बारे में सोचने भर से ही खड़ा हो जाता था और यहाँ तो मैं उन्हें नंगा देख रहा था.

उनकी बड़ी बड़ी चूचिया और उस पर काले निप्पल जिसे देखकर किसी के भी मुँह में पानी आ जाये.और उनकी गोरी और मोटी गांड को देखकर. तो हर मर्द का लंड उन्हें सलामी देने लगता था.

मैं भी मम्मी को नंगा देख देखकर. अपना लंड हिलता था. और जब भी उनकी पेंटी मुझे बाथरूम में मिलती थी.तो मैं उसे काफी देर तक सूंघता रहता था.

मम्मी की पेशाब और चुत की मदहोश महक मुझे पागल कर देती थी. हर रात मैं माँ की चुदाई का सपना देखता था. मगर आज तक मैं कभी आगे नहीं बढ़ पाया.क्युकी मुझे मम्मी से डर लगता था और मम्मी से चुदाई का रिश्ता बनाना. इस दुनिया का सबसे मुश्किल काम है. मगर फिर भी मेरे दिल में एक उम्मीद जरूर थी.

मैं मम्मी को देखकर मुठ लगभग हर दूसरे दिन मारता था. मगर सच तो ये है की मैंने आज तक चुत नहीं मारी थी. सिर्फ वीडियो और कहानी में पढ़के सपने देखता था.

मगर कहते है न की हर कुत्ते का दिन आता है. शायद मेरा दिन भी आ गया था. और इसकी शुरुवात हुई थी. मेरे घर में काम करने वाली आंटी से जब से मैं इन्सेस्ट कहानी पढ़ने लगा था.तब से मैं हर औरत को चुदाई की नज़र से देखता था. तो फिर मैं अपनी कामवाली आंटी को कैसे छोड़ देता.

आंटी का नाम कोमल है. और वह उत्तर प्रदेश की रहने वाली है.आंटी भी मम्मी की उम्र की है. और उनका बदन भी पूरा भरा हुआ. आंटी हमेशा साड़ी ही पहनती है. और उनकी साड़ी के साइड से देखता उनका वह मखमली पेट और गहरी नाभि किसी का भी लंड खड़ा करने की ताकत रखती है. Apni Sagi Maa ki chudai:

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दुनिया का हर मर्द गहरी नाभि वाली औरतो के लिए पागल रहता है मम्मी की भी नाभि बहुत गहरी और गोल है. मगर उसे देखने का मौका हमेशा नहीं मिलता है. या तो उन्हें कपडे बदलते देख लो या फिर जब वह साड़ी पहनती है.

तब मैं जी भर के उनकी नाभि के देदार करता हु.मगर मुझे क्या मालूम था. मेरे लंड का उद्घाटन आंटी की चुत से ही होगा. मैं आंटी से नार्मल बात कर लेता था और वह भी कभी कभी मुझसे कुछ काम करवा लेती थी.

मैं हमेशा उनके सामने अपना लंड मसलता रहता था और आंटी ने भी मुझे ऐसा करते कई बार देखा था. मगर उन्होंने आज तक मुझे कुछ नहीं कहा और न ही मम्मी से कुछ कहा. मैं आँखों से ही उनकी जवानी का रस पीता था और उनकी चूचिया और गांड को ही घूरता रहता था.कई बार तो मैंने आंटी को अपनी बाइक पर भी बिठाया है और उनकी बड़ी चूचियों को अपनी पीठ पर महसूस किया है.

मम्मी के डर के कारन मैं आंटी से भी थोड़ा डरता था. इसीलिए मैं आगे नहीं बढ़ा था.मगर फिर एक दिन सब बदल गया. ऐसे ही एक दिन मैं आपने दोस्त के साथ बहार खड़ा होकर बाते कर रहे थे. तभी आंटी अपना काम करके मेरे घर से निकलती है और मुझसे बोलती है.

आंटी – बेटा मम्मी से कह देना की वह साबुन ख़तम हो गया है. वह मंगवा ले.

मैं -ठीक है आंटी मैं ले आऊंगा.

आंटी -चलो ठीक है बेटा, आंटी बात करके आगे निकल गयी. मगर मेरी नज़र तो आंटी की मटकती गांड पर थी. आंटी जब तक वहा से पूरी तरह गायब नहीं हो गयी. तब तक मैं उनकी गांड को ही घूरता रहा.

तभी मेरा दोस्त बोला. Apni Sagi Maa ki chudai:

दोस्त – देख यार कितनी शरीफ बनती है ये आंटी और वैसे कितनी चालु है.

मैं – ये क्या कह रहा है तू?

दोस्त – इसका मतलब बहन चोद तुझे पता ही नहीं है इस आंटी के काण्ड के बारे में.

मैं – मुझे क्या नहीं पता है. खुल के बता यार?

दोस्त – बहनचोद ये आंटी पैसे लेके अपनी चुदाई करवाती है. अपने दोस्त की ये बात सुनके मैं हैरान रह गया. क्युकी मैं आंटी को जनता था. वह काफी शरीफ है.

मैं – भोस्डिके पागल हो गया है क्या? ये आंटी वसी नहीं है और तुझे किसने बताया की ये आंटी ऐसा काम करती है?

दोस्त – अबे किसी ने बताया है. इसीलिए तो कह रहा हु न. नहीं तो खुद देख ले. इसका पति तो किसी काम का नहीं है. मगर इसकी गांड देख कैसे उठी हुई है. भाई पक्का कैसों से अपनी गांड मरवाती है.

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मेरा दोस्त पूरी तरह से झूठ नहीं बोल रहा था. क्युकी ये बात तो मैं भी जनता हु की आंटी का पति बहुत पीता है और वह अपने पति से परेसान भी रहती है, एक शराबी पति अपनी बीवी की अच्छी चुदाई कभी नहीं कर सकता है.

मैं – भाई वैसे तू कह तो सच रहा है. आंटी का पति शराबी है.

दोस्त – हा भाई इसीलिए तो कह रहा हु. इसका बदन देख कैसे भरा हुआ है. पक्का कई लंड ले चुकी ये है. तभी तो मर्दो के लंड का पानी लग गया है इसे.

मैं – वैसे भाई तुझे किसने बताया की ये आंटी पैसे लेके चुदाई करती है.

दोस्त -एक अंकल ने बताया है. उन्होंने इसे बहुत चोदा है. ये उनके घर में भी काम करती है और तो और उन अंकल के दोस्तों ने भी इसे चोदा है.

मैं – तो बहनचोद तेरा मन नहीं हुआ इसे चोदने का. Apni Sagi Maa ki chudai:

दोस्त – भाई मेरी तो गर्लफ्रेंड है और वैसे भी मैं ऐसे औरतो के चक्कर में नहीं पड़ता हु.मेरा दोस्त मुझसे बात करके चला गया. और फिर मैं भी अंदर आ गया.

मैं आंटी के बारे में ही सोच रहा था की क्या सच में वह पैसे लेके चुदाई करवाती है और अगर ऐसा है.

तो मैं भी उन्हें चोद सकता हु.जब तक मम्मी नहीं पट जाती. तब तक आंटी से ही काम चला लेता हु. आंटी के राज़ के बारे में जानकार. मेरे अंदर से सारा डर ख़तम हो गया था. बस अब मुझे उनसे अकेले में बात करनी थी और मैंने सोचा आंटी से बहार बात करना ही ठीक रहेगा. ताकि मम्मी का कोई डर न हो और मैं आंटी को आराम से मना लू.


मैं आंटी के बारे में ही सोच रहा था और अपने लंड को सेहला रहा था. जो खड़ा हो गया था. मैं सपने में ही सोचना लगा की मैं आंटी की चुत और गांड को चाट रहा हु और वह मेरा लंड पकड़ के मुठ मार रही है और हम दोनों चुदाई कर रहे है.

फिर मैंने आंटी के नाम की मुठ मार दी. तब जाके मेरा लंड शांत हुआ,

फिर मम्मी ने मुझे बुला लिया और मम्मी को देखकर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. उनकी तनी हुई चूचिया और उठी गांड देखकर मैं फिर से अपना लंड मसलने लगा.

फिर मम्मी ने खाना निकाला और हम दोनों खाना खाने लगे, खाना खाते हुए भी मेरी नज़र मम्मी की चूचियों पर ही थी.

फिर खाना खाके मैं कमरे में आ गया. और सोचने लगा की कैसे आंटी से बात शुरू करूँगा और कैसे उनकी चुदाई करूँगा. मुझे थोड़ा डर तो अभी भी था.

क्युकी आंटी कई सालो से हमारे घर में काम कर रही है और आज तक उन्होंने कुछ गलत नही किया फिर मैं काम में लग गया. और शाम को आंटी भी आ गयी.

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आंटी के आते ही मैं अपने कमरे से बहार आ गया और आंटी की जवानी को घूरने लगा. मेरी पहली नज़र आंटी की कमर पर गयी.

जो उनकी साड़ी के साइड से दिख रही थी और जब कभी उनका पल्लू काम करते हुए साइड होता. तो मुझे उनकी गहरी नाभि दिख जाती.

आंटी अपना काम कर रही थी और मैं पानी पीने के बहाने से जो मैं हमेशा करता हु. Apni Sagi Maa ki chudai:

आंटी के पास किचन में गया और उनकी चूचिया और गांड को घूरने लगा. जब से मेरा दोस्त आंटी की चुदाई वाली बात बता के गया है.

तब से मेरे दिल में एक अजीब सी बेचैनी हो रही है. आंटी को देख देखकर बार बार मन करता है की उन्हें दबोच लू. उनकी गांड को मसल दू. मगर मैं अपने ऊपर कण्ट्रोल करे हुआ था.आंटी मुझे हमेशा बेटा कह के बुलाती थी और वह मुझे बहुत शरीफ समझती थी.

मगर मैं तो बस उनकी चुदाई करने के बारे में ही सोच रहा था. जब मैं पानी पी रहा था.तो आंटी अपना काम कर रही थी. और पानी पीते पीते ही मैंने अपना लंड कच्छे के ऊपर से मसल दिया और जैसे ही मैंने ऐसा किया.

आंटी की नज़र मेरे लंड पर गयी. मगर उन्होंने अपनी नज़र तुरंत हटा ली.और फिर मैं भी बहार आ गया और वैसे भी मैं इस खेल में बहुत कच्छा था.

मगर जो कुछ कहानी से सीखा था. वही कर रहा था. मुझे बस उनके घर से निकलने का इंतजार था. ताकि मैं बहार जाके बात कर सकू और फिर आंटी के निकलने से पहले मैं निकल गया और रास्ते मैं आंटी का इंतजार करने लगा. हलकी हलकी रात हो चुकी थी और थोड़ी देर इंतजार करने के बाद आंटी मुझे आती हुई दिखाई दी, फिर मैं उनके पास गया और मुझे देखते ही आंटी बोली.

आंटी – अरे बेटा तुम यहाँ क्या कर रहे हो?

मैं – बस आंटी आपका ही इंतजार कर रहा था. मुझे आपसे कुछ बात करनी थी. जो घर पर नहीं हो सकती थी.

आंटी -ऐसे क्या बात बेटा? जो तुम घर पर नहीं कर सकते थे.कुछ देर तक मैं सोचता रहा की कैसे बात शुरू करू. मैं कभी आंटी की तरफ देखता. तो कभी नीचे देखने लगता, मगर फिर हिम्मत करके मैंने बोल ही दिया.

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मैं – आंटी मुझे आपके बारे में एक बात पता चली है की आप पैसे लेके सेक्स करती है.मेरी बात सुनते ही आंटी चौक गयी और वह थोड़े गुस्से में बोली.

आंटी -ये क्या बकवास रहे हो? किसने कहा तुमसे की मैं ऐसा काम करती हु. बोलते हुए आंटी के शब्द लड़खड़ा गए. जिससे साफ़ पता चल रहा था की ये बात झूटी नहीं है.

मैं -आंटी थोड़ा धीरे बोलो, हम लोग रोड के किनारे पर है और मुझे ये बात पता चली है और मैं आपसे जानना चाहता था की क्या ये बात सच है? Apni Sagi Maa ki chudai:

आंटी – पहले तुम ये बताओ की किसने तुमसे मेरे बारे में ये बात बोली है.

मैं – आंटी ये बात जिसने भी मुझे बताई है. वह आपके साथ कई बार सेक्स कर चूका है. अब बस मैं आपसे जानना चाहता हु की ये बात सच है या झूट.

आंटी -बेटा जिसने भी तुम्हे ये बात कही है. वह झूट बोल रहा है.

मैं – ठीक है आंटी मैं कल उन्हें घर पर बुला लूंगा. फिर आप उनसे मम्मी पापा के सामने ही पूछ लेना. वैसे सिर्फ वही नहीं आप कई और लोगो के साथ भी सेक्स कर चुकी है.

आंटी मेरी बात सुनके थोड़ी घबरा गयी और मम्मी पापा का नाम सुनते ही उनका मुह सफ़ेद पड़ गया.

मैंने आंटी के कंधे पर हाथ रखा और उसे सहलाने लगा.

मैं -आंटी आप डरो मत. मैं ये बात किसी से नहीं कहुगा. बस आप सच बताओ. क्या ये बात सच है?आंटी काफी देर तक सोचती रही. उन्हें समझ नहीं आ रहा था की वह क्या कहे. मगर इतना वह समझ गयी थी की मैं उनका राज़ जान गया हु. फिर कुछ देर बाद वह बोली.

आंटी -बेटा तेरे अल्वा ये बात और कोई तो नहीं जनता है.

मैं – नहीं आंटी और कोई नहीं जनता है और मैं भी वादा करता हु की ये बात किसी को नहीं बताऊंगा. अब सच सच बताओ.

आंटी -हा मैं ये काम करती हु. मगर मुझे ये काम मज़बूरी में करना पड़ा था. मगर मैं सबके साथ नहीं करती हु. जहा जहा मैं काम करती हु. बस वही के मर्दो के साथ किया है. ताकि मेरी बदनामी न हो.

आंटी की बात सुनके मैं अंदर ही अंदर नाचने लगा. मैं आंटी का कंधा सेहला रहा था और आंटी मुझे ही देख रही थी.

मैं -आंटी वैसे मैं जनता हु आप ये काम क्यों करती हो. क्युकी आपका शराबी पति न आपको पैसे देता है और नहीं ही अच्छी चुदाई. इसीलिए आप ये काम करते हो ताकि आपका घर ठीक से चले मेरे मुँह से चुदाई शब्द सुनके आंटी की आँखे बड़ी हो गयी और वह मुझे घूर के देखने लगी. Apni Sagi Maa ki chudai:

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मैं -आंटी आपको मुझसे शर्माने की जरुरत नहीं है आप मुझसे खुल के कुछ भी बोल सकती हो. अब तो मैं आपका राज़ भी जनता हु. तो हम दोनों दोस्तों की तरह रह सकते है.

आंटी – बेटा ये तू कैसे बाते कर रहा है, मैं तेरी माँ की उम्र की हु और तू मेरे सामने ऐसे गन्दी गन्दी बाते कर रहा है.

मैं -आंटी आज कल हर लड़का ऐसे ही बाते करता है और आप जिनके साथ चुदाई करती होगी. वह भी तो ऐसे ही बाते करते होंगे. तो मेरे कहने में क्या हर्ज है. वैसे भी आप मेरी माँ नहीं हो और मैं आपको एक औरत की तरह पसंद करता हु. माँ की तरह नहीं आंटी खड़े खड़े मेरी बाते सुन रही थी, क्युकी मेरे मुँह ऐसे बाते सुनना उनके लिए एक झटके की तरह लग रहा था.

मैं – आंटी मैं आपको बहुत पसंद करता हु और इसीलिए आपको समझता हु, वरना ये बात मैं मम्मी पापा से भी कह देता. मगर मैंने ऐसा नहीं किया.

आंटी – बेटा मुझे देर हो रही है. मुझे घर जाना है.

मैं – ठीक है आंटी वैसे भी बहुत देर हो गयी., आप कहो तो मैं आपको छोड़ आता हु.

आंटी – नहीं मैं चली जाउंगी, अब तुम घर जाओ, और बेटा मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हु. ये बात कभी किसी से मत कहना.

मैं -आंटी मैं आपको पसंद करता हु और मैं वादा करता हु की ये बात किसी को नहीं कहुगा. बस अब हम दोनों दोस्त की तरह रहेगे और आप मुझसे खुल के बात करोगे आंटी मेरी बात सुनके चुप हो गयी. वैसे भी उन्हें कुछ टाइम तो चाहिए ही था.ये सब समझने के लिए आंटी जैसे ही जाने के लिए मुड़ी तभी मैंने उनकी गांड को दबा दिया आंटी ने मुझे गुस्से से देखा. मगर फिर वह घर की तरफ जाने लगी और फिर मैं भी घर वापस आ गया और घर आते ही मेरी नज़र मम्मी पर पड़ी और मैं मम्मी को देखने लगा.

मम्मी को देख देख कर भी लंड पागल हो रहा था. फिर कुछ देर बाद पापा भी आ गए और फिर हम लोग खाना खाने लगे. पापा मम्मी की बाते नार्मल ही हो रही थी.

मगर जब से मैं मम्मी पर नज़र रखने लगा हु.तब से मैंने कई राते मम्मी के कमरे के बहार बिताये है. ताकि मैं मम्मी की चुदाई की आवाजे सुन सकू. मगर सच कहु. तो मैंने आज तक कभी मम्मी की आवाजे नहीं सुनी.अगली सुबह मैं बस आंटी का ही इंतजार कर रहा था. पापा नास्ते करके जा चुके थे और फिर मैंने और मम्मी ने भी नास्ता कर लिया और फिर जैसे ही आंटी आयी मैं गेट खोलने गया मैंने गेट खोला और सामने आंटी साड़ी में खड़ी हुई थी.

मेरी पहली नज़र उनकी चूचियों पर गयी. और मैं उनकी चूचिया देखने लगा. और उन्होंने भी ये देखा. फिर मैंने उन्हें आँख मारी और वह मुझे आँखे दिखानी लगी. Apni Sagi Maa ki chudai:

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फिर आंटी अंदर आ गयी. मेरी नज़र आंटी की मटकती गांड पर थी और आंटी भी मुझे अपनी गांड को घूरते देख रही थी और मैं उन्हें स्माइल करके दिखा रहा था और फिर वह झाड़ू उठके सफाई करने लगी और मैं अपने कमरे में आ गया.

मैं जनता था कुछ देर बाद आंटी मेरे कमरे में आने वाली है और कुछ देर बाद आंटी आ गयी और जैसे वह अंदर आयी मैंने उन्हें पकड़ के दरवाजे के पास दीवार से लगा दिया आंटी एक दम से गबरा गयी और वह मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी.

आंटी – ये क्या कर रहा है बेटा तेरी मम्मी बहार ही बैठी है छोड़ मुझे.

मैं – आंटी मम्मी मेरे कमरे में बहुत कम आती है आप डरो मत वैसे भी मैंने आपको कल कहा ही था की मैं आपको पसंद करता हु बस कभी आपसे कहने की हिम्मत नहीं हुई. मगर अब मुझे कोई डर नहीं है आंटी मुझसे लगातार छूटने की कोशिश कर रही थी और तभी मैंने अपना होंठ आंटी के होंठों से लगा दिया.

अब आंटी मुझसे अलग होने की कोशिश कर रही थी, मगर मैं उनके होंठों को चूसे जा रहा था और अब मेरा हाथ आंटी की चूचियों पर आ गया था और मैं उनकी चूचियों को दबाने लगा.

आंटी भी लगातार मुझे हटाने की कोशिश कर रही थी. मगर मेरा दम उनसे जयादा था और चिल्ला वह सकती नहीं थी.

ये मेरी ज़िंदगी का सबसे हसीं पल था. जब पहली बार मैं एक औरत की चूचियों को मसल रहा था. और आंटी मम्मी की वजह से डर रही थी. लगभग 5 मिनट तक मैं आंटी के होंठों को चूसता रहा. फिर मैं अलग हो गया.

आंटी मुझे घूर के देख रही थी. मगर वह कहती भी क्या मेरे पास उनका राज़ जो था. मेरा लंड पूरा खड़ा हो चूका था और आंटी ने भी मेरा खड़ा लंड देखा. फिर मैंने आंटी की कमर पर हाथ फेरा. मगर तभी उन्होंने मुझे रोक दिया.

आंटी – बेटा तू समझता क्यों नहीं है? ये सब ठीक नहीं है. अगर तेरी मम्मी को पता चल गया. तो वह मेरा क्या हाल करेंगी?

मैं – आंटी मम्मी को कभी पता नहीं चलेगा और अगर आप मुझसे भी पैसे लेना चाहती है. तो मैं आपको वह भी दे सकता हु.
बस आप बोलो आप कितने पैसे लेते हो.

आंटी – बात पैसे की नहीं है. मैंने कभी नहीं सोचा था की तू मेरे साथ ऐसा करेगा.

मैं -आंटी अब मैं बच्चा नहीं रहा हु और अगर आपको लगता है. मैं अभी भी छोटा हु तो ये देखो मैंने अपना कच्छा नीचे कर दिया और मेरा 7 इंच का लंड उछल के बहार आ गया.

आंटी मेरा लंड देखने लगी और मैंने उनका हाथ अपने लंड पर रख दिया. मगर उन्होंने तुरंत उसे हटा लिया. Apni Sagi Maa ki chudai:

आंटी – ये क्या कर रहा है तू? तुझे बिलकुल भी शर्म नहीं है तेरी माँ बहार है और तू मुझे यहाँ अपने ये…आंटी बोलते बोलते रुक गयी.

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मगर मैं जनता था वह क्या बोलने वाली थी.

आंटी -हा आंटी मैं आपको अपने लंड दिखा रहा हु. वैसे तो पहले भी आप कई बार इसे देख चुकी है. जब मैं आपको इसे दबा दबा के दिखाता था. मगर पहले आपसे कभी ये कहने की हिम्मत नहीं थी.

मैं फिर से आंटी के होंठों को चूसने लगा और उनकी चूचिया दबाने लगा. इस बार मुझे आंटी का विरोद थोड़ा कम लगा और मैं बड़े ही आराम से उनके होंठों चूस रहा था और उनकी चूचियों को दबाता रहा.

फिर आंटी ने मुझे हटा दिया. और वह झाड़ू लगाने लगी. मगर आज मैं कहा मानने वाला था.

मैं उनके ही पीछे खड़ा रहा. और बार बार उनकी गांड को दबाता रहा. आंटी बार बार मेरा हाथ हटाती मगर मैं फिर भी उनकी गांड दबाता.

आंटी -बेटा देख तेरी मम्मी यही है और मुझे बहुत डर लग रहा है. अगर उन्हें पता चल गया. तो मेरी खैर नहीं है.आंटी लगभग मान ही चुकी थी. मगर वह मम्मी की वजह से डर रही थी और ये सच भी था. कोई भी औरत ऐसे हालत में डरती है.

फिर मैंने भी अपनी हरकत करना बंद कर दिया. और वही पड़ी कुर्सी पर बैठ गया मैं आंटी को देखते हुए अपना लंड सेहला रहा था.
वह भी मुझे ही देख रही थी. झाड़ू लगाने के बाद जैसे ही वह जाने लगी. मैंने उन्हें पकड़ लिया. और दीवार से लगा दिया. मगर इस बार वह डरी नहीं.मैं उनके होंठों को फिर से चूसने लगा. और इस बार उन्होंने मुझे हटाया भी नहीं. कुछ देर होंठों को चूसने के बाद मैं अलग हो गया

मैं – आंटी आपके होंठों को स्वाद बहुत अच्छा है. जिस दिन मम्मी नहीं होगी. उस दिन इन्हे जी भर के चूसूंगा.फिर आंटी अपना काम करके चली गयी. और मैं बस शाम को उनके आने का इंतजार करने लगा. और शाम को मुझे एक मौका मिल गया. आंटी के ठीक आने से पहल मम्मी पड़ोस वाली आंटी से मिलने चली गयी. और मैं बस आंटी का इंतजार करने लगा.तभी आंटी भी आ गयी. मैंने जल्दी से दरवाजा खोला. और आंटी अंदर आ गयी. वह किचन में काम करने लगी. और मैं दरवाजा बंद करके उनके पास चला गया. आंटी बर्तन धो रही थी. और मैंने उन्हें पीछे से जाके पकड़ लिया. Apni Sagi Maa ki chudai:

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आंटी – ये क्या कर रहा है तू? तेरी मम्मी देख लेंगी.
मैं -आंटी मम्मी पड़ोस वाली आंटी के घर गयी है. इतना पागल तो मैं भी नहीं हु. जो उनके रहते ऐसा करूँगा. वह भी खुलेआम.मैं आंटी की चूचिया जोर जोर से दबाने लगा. और फिर मैंने उन्हें सीधा कर दिया. और उनके होंठों को चूसने लगा. मेरे पास टाइम कम था. इसीलिए मैं सब जल्दी जल्दी कर रहा था. और आंटी मेरा हाथ बार बार हटा रही थी.मगर जैसे ही मैं उनकी साड़ी ऊपर करने लगा. उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया.

मगर मैं कहा मानने वाला था. मैंने उनका हाथ हटा दिया. और उनकी साड़ी को ऊपर कर दिया. आंटी ने अंदर पेंटी नहीं पहनी थी. और उनकी सावली चुत ठीक मेरे सामने थी.पहली बार चुत देखकर मैं पागल हो गया. और मैंने तुरंत अपना मुँह आंटी की चुत पर लगा दिया. आंटी की चुत से पेशाब की गंध आ रही थी. मगर फिर भी मैं दुनिया की सबसे अच्छी चीज चाटने लगा. जो हर मर्द के लिए जन्नत है.

तो दोस्तो इस कहानी मे बस इतना ही अगली कहानी मे मैं आपको बतऔगा की कैसे मैंने आंटी को चोदा। मुझे आपके कमेंट का इंतिज़ार रहेगा।

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