By | May 5, 2023

Meri sagi Maa ki chudai 3 :-हैलो दोस्तो, आज मैं आपको इस कहानी का भाग 3 मे क्या हुआ वो बतऔगा, अगर आपने अभी तक इस कहानी का भाग 2 नहीं पढ़ा तो यहा क्लिक करके पढ़ सकते है।
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मैं अक्सर मम्मी के साथ ऐसा करता था मगर मम्मी ने मुझे आज तक कुछ नहीं कहा या वह जानकार अनजान बन रही थी फिर कुछ देर बाद आंटी भी आ गयी और मैंने फिर से उनसे थोड़े मज़े लिए अब मैं लगभग रोज आंटी से मज़े लेने लगा और वह भी मेरा साथ देती थी जब भी मम्मी नहीं होती थी तो मैं उनकी चुदाई करता था और बहार भी मैंने एक जगह ढूंढ ली थी जहा मैं आंटी की चुदाई करता था.

Meri sagi Maa ki chudai 3

आंटी ने कुछ ही दिनों में मुझे काफी कुछ सीखा दिया था और अब मैं अच्छी चुदाई करने लगा था और अब आंटी भी पूरी तरह से मेरी साइड थी और अब मैं उन्हें बताना चाहता था की मैं अपनी मम्मी की चुदाई करना चाहता हु और इसमें वह मेरी मदद कर सकती थी

फिर ऐसे ही एक शाम जब मम्मी पड़ोस वाली आंटी के साथ मार्किट गयी थी तब आंटी अपने काम करने आयी तो मैंने उन्हें पकड़ लिया और उनके होंठों को चूसने लगा आंटी भी मेरे होंठ चूस रही थी और वह मेरा लंड भी सेहला रही थी और मैं भी उनकी गांड को दबा रहा था.

फिर मैं आंटी को लेके सोफे पर बैठ गया और आंटी मेरे ऊपर ही बैठी हुई थी तभी मैंने बोला:

मैं – आंटी आपसे एक बात पूछो मगर पहले कसम खाओ आप नाराज नहीं होगी,

आंटी – मैं तुझसे क्यों नाराज होगी? जो पूछना है पूछ ले

मैं – आंटी क्या मेरी मम्मी आपसे सेक्स की बाते करती है?मेरी बात सुनके आंटी चौंक गयी और मुझे देखने लगी

मैं – क्या हुआ आंटी? ऐसे क्या देख रहे हो? बताओ न मम्मी सेक्स की बाते करती है या नहीं

आंटी – मैं बस यही सोच रही हु की तुम अपनी माँ के बारे में ऐसे बात क्यों पूछ रहे हो?

मैं – आंटी बताओ न क्या आप दोनों चुदाई की बाते करते है?

आंटी – हा थोड़ी बहुत बाते हो जाती है मगर तुम क्यों पूछ रहे हो? Meri sagi Maa ki chudai 3

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मैं – वैसे आंटी क्या मम्मी पापा से चुदाई में खुश है? सच सच बताना आंटी मेरी तरफ देखने लगी मगर वह कुछ बोल नहीं रही थी

मैं – बताओ न आंटी मैं जनता हु मम्मी ने आपसे ये बात भी की ही होगी अब बताओ न आंटी – देख ये सब मिया बीवी में चलता रहता है शादी के कुछ साल बाद सब बदल जाता है जयादा तर हर पति अपनी बीवी को टाइम नहीं देता है और तेरे पापा भी ऐसे ही है

मैं – हा आंटी ये तो मैं भी जनता हु की मेरे पापा मेरी मम्मी पर बिलकुल भी धयान नहीं देते है और उनकी चुदाई तो शायद महीने में 1 या 2 बार ही होती होगी, मेरी बात सुनते ही आंटी ने आपने माथे पर हाथ मार लिया आंटी – हे भगवान ये आज कल के बच्चे कैसे हो गए है अपने माँ के बारे में ऐसा कैसे सोच लेते है

मैं – आंटी इसमें बुराई क्या है? माँ होने के साथ साथ वह एक औरत भी तो है और ये बात तो आप भी अच्छे से समझते होंगे की हर औरत की कुछ जरुरत होती है

आंटी – है बेटा जरुरत होती है मगर हर औरत उसे पूरा नहीं करती है कुछ पूरा करती है और कुछ उसे दबा देती है और तेरी मम्मी ने भी अपनी जरुरत को दबा दिया

मैं – बस आंटी मैं यही तो जानना चाहता था ताकि अब मैं उनकी इस जरुरत को पूरा कर सकू मेरी बात सुनते ही आंटी चौंक गयी और बोली:

आंटी – ये तू क्या कह रहा है? इसका मतलब अब तू अपनी माँ को चोदना चाहता है

मैं – हा आंटी मैं उन्हें चोदना चाहता हु जो सुख उन्हें पापा से नहीं मिल रहा है मैं उन्हें वह सुख देना चाहता हु .

आंटी – बेटा तेरा दिमाग ख़राब हो गया है वो तेरी माँ है और वह तेरे साथ ऐसा कभी नहीं करेगी.

मैं – आंटी आज कल दुनिया में सब होता है बस किसी के सामने नहीं आता है नहीं तो आपको भी पता चल ही जाता की आज कल माँ बेटे भी चुदाई का खेल खेलते है बस ये बात घर की चार देवरी में रहती है इसीलिए किसी को पता नहीं चलता है .

आंटी – बेटा ये सब होता होगा मगर ये सब तू कैसे करेगा.

मैं – आंटी इसीलिए तो मुझे आपकी मदद चाहिए वैसे तो मैं लगभग हर रोज मम्मी की गांड पर अपना लंड लगाता हु मगर उन्होंने आज तक मुझे कुछ नहीं कहा अब या तो वह अनजान है या अनजान बनने का ड्रामा कर रही है बस अब आप मेरी मदद कर दो.

आंटी – हे भगवान तूने सच में अपना लंड अपनी मम्मी की गांड पर लगाया है और फिर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा.

मैं – हा आंटी मैं भी बस यही जानना चाहता हु की वह मेरे बारे में क्या सोचती है? वैसे जब मैं आपको पीछे से पकड़ता हु तो आपको भी तो मेरे लंड का अहसास मिलता है .

आंटी – हा ये बात तो तू ठीक कह रहा है जब भी तू मुझे पकड़ता है तो तेरा लंड मुझे अंदर तक महसूस होता है वैसे हो सकता है तेरी मम्मी भी इसे महसूस करती हो बस कहती नहीं हो.

मैं – फिर तो आंटी मम्मी की चूत भी गीली हो जाती होगी जैसे आपकी हो जाती है आंटी मेरी बात सुनके हसने लगी

मैं – वैसे आंटी सच सच बताओ मम्मी ने आपको अपनी चुदाई के बारे में बताया है न.

आंटी – हा बताया है वैसे तू सही कह रहा है तेरे पापा तेरी मम्मी की बहुत कम चुदाई करते है .

मैं – आंटी फिर तो पक्का मम्मी अपनी चूत को रगड़ के अपना पानी निकालती होगी बस मैंने उन्हें कभी ऐसा करते देखा नहीं है Meri sagi Maa ki chudai 3

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आंटी – हा तू सही कह रहा है तेरी मम्मी ने भी मुझे यही कहा था की वह खुद को ऊँगली से शांत करती है वैसे क्या तू हमेशा उन पर नज़र रखता है.

मैं – हा आंटी तभी तो उन्हें कपडे बदलते देखा है .

आंटी – मुझे तो अभी तक यकीं नहीं हो रहा है की तू अपनी माँ की चुदाई करना चाहते है.

मैं – वैसे आंटी ये बात मैंने अभी तक किसी से नहीं की है मगर आप पर मैं बहुत भरोसा करता हु इसीलिए ये बात आपको बता दी अब आप बताओ क्या आप मेरी मदद करोगे आंटी मेरी बात के बारे में सोचने लगी और फिर वह कुछ देर बाद बोली.

आंटी – ठीक है मैं तरी मदद कर दूंगी मगर ये सब तू करेगा कैसे मैंने आंटी को सब बता दिया और वह भी सुनके चौंक गयी

आंटी – तूने सोचा तो बिलकुल ठीक है अगर किसी भी औरत को ऐसे चीजे दिखाई जाये तो वह नज़र अंदाज नहीं कर पायेगी .

मैं – आंटी अगर मैं आपके बेटे की जगह होता तो हर रात आपके पति के सोने के बाद आपको चोदता आंटी मुझे घूर के देखने लगी और मैं उनकी गांड को दबाने लगा.

मैं – आंटी सच बताओ क्या आप आपने बेटे से चुदवा सकती हो क्युकी आपका पति तो किसी काम का नहीं है.

आंटी – मुझे समझ नहीं आ रहा है की इस बात का क्या जवाब दू?

मैं – वैसे आंटी मुझे लगता है की आप चुदवा लेती अगर आपका बेटा इसकी शुरुवात करता तो आंटी मुझे ही देख रही थी और फिर मैं उनके होंठों को चूसने लगा.

मैं – आंटी आज मैं आपको चोदते हुए मम्मी बोलूंगा और आप ऐसे ही बोलना जैसे एक माँ अपने बेटे से बोलती है मैंने आंटी को सोफे पर बिठा दिया और उनकी साड़ी ऊपर करके उनकी गांड और चूत चाटने लगा आज आंटी की चूत मेरी बातो से गीली हो चुकी थी और मैं उसे चाट रहा था.

मैं – मम्मी आपकी चूत कितनी गीली हो रही है लगता है पापा इसे छूते भी नहीं है मगर अब मैं इसे हमेशा खुस रखुंगा मेरी बात सुन रही थी और अपने होंठों को काट रही थी

मैं – आंटी आप भी बोलो न आंटी – है बेटा तेरे पापा तो मुझे देखते भी नहीं है अब तो बस तू ही है जो मुझे प्यार करता है.

मैं – हा मम्मी अब रोज मैं आपकी चूत को चाटूँगा.

आंटी – हा बेटा तेरा जब भी मन करे तू आके मेरी चूत चाट लेना फिर कुछ देर चूत और गांड चाटने के बाद मैं सोफे पर बैठ गया और अपना लंड बहार निकल लिया आंटी मेरा लंड पकड़ के ऊपर नीचे करने लगी।

मैं – देखो मम्मी मेरा लंड आपको देखकर कितना टाइट हो गया है।

आंटी – हा बेटा वही देख रही हु इसे तो मैंने कई बार अपनी गांड पर महसूस किया है तभी मुझे पता चल गया था की मेरा बेटा अब बड़ा हो गया है, आंटी बिलकुल ऐसे बोल रही थी जैसे सच में एक माँ बेटे का सेक्स हो रहा हो फिर आंटी मेरा लंड चूसने लगी और उसे चूस चूस के गीला कर दिया।

आंटी- बेटा अब जल्दी से कर ले नहीं तो तेरी मम्मी आ जाएगी ये सब हम बाद में कभी कर लेंगे। आंटी का कहना बिलकुल ठीक था।

फिर मैंने आंटी को सोफे पर झुका दिया और अपना लंड आंटी की चूत में डाल दिया और उनकी गांड पकड़ के चुदाई करने लगा आंटी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

मैं – मम्मी आपकी चूत बहुत गरम है लगता है पापा ने इसे बहुत टाइम से नहीं चोदा है।

आंटी – है बेटा तेरे पापा अब मुझपे धयान ही नहीं देते है Meri sagi Maa ki chudai 3

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आज बहुत दिनों बाद मुझे तेरा लंड नसीब हुआ चोद बेटा और चोद, आंटी अभी भी मेरी मम्मी बनके चुदवा रही थी और मुझे और भी जयादा मज़ा आ रहा था

फिर मैंने आंटी को सीधा लेटा दिया और उनकी टाँगे अपने कंधे पर रखर चुदाई करने लगा मेरी आंखे बंद थी और मैं बार बार मम्मी मम्मी बोल के चुदाई कर रहा था आंटी भी आंखे बंद आह आह कर रही थी मैं आंटी को चोदे जा रहा था और वह भी मेरा साथ दे रही थी फिर कुछ ही देर में आंटी का पानी निकल गया और उन्होंने मुझे खुद से चिपका लिया।

फिर मैंने भी अपना पानी उनकी चूत के ऊपर निकाल दिया आंटी ने सारा पानी अपने पेटीकोट से साफ कर लिया हम दोनों तेज तेज साँसे ले रहे थे और आंटी मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी।

फिर आंटी ने अपने कपडे ठीक कर लिए और फिर वह जाके बर्तन साफ करने लगी मैंने आंटी को फिर से जाके पकड़ लिए,

मैं – क्यों आंटी कैसा लगा अपने बेटे से चुदवा के।

आंटी- बेटा सच में बड़ा अजीब लग रहा था जब तू मुझे मम्मी बोल रहा था मगर हा मज़ा भी बहुत आया.

मैं – मुझे भी बहुत मज़ा आया आंटी काश मेरी मम्मी होती, तो और भी जयादा मज़ा आता वैसे क्या मेरी मम्मी को मेरा लंड पसंद आएगा?

आंटी- बेटा तेरा लंड तो किसी भी औरत को पसंद आ जाएगा और अब तो तू काफी देर तक चोदता है मुझे तो लगता है अगर तेरी मम्मी मान गयी तो तू तो उन्हें नंगा ही रखेगा.

मैं – हा आंटी पूरे दिन नंगा रखुगा और दिन में कई बार चोदूगा.

आंटी- हा वह तो मैं देख ही रही हु तेरी मम्मी भी खुश हो जाएगी. तभी मम्मी आ गयी और मैंने गेट खोल दिया और फिर वह किच्चन मे आके समान रखने लगी और तभी मैंने उन्हें पीछे से पकड़ लिया आंटी ने भी देखा कैसे मैंने अपना लंड मम्मी की गांड पर रगड़ रहा था।

मम्मी – क्या बात है बेटा? बड़ा प्यार आ रहा है मम्मी पर? कुछ चाहिए क्या?

मैं – मम्मी मैं तो ऐसे ही प्यार कर रहा था आपको ये क्यों लगा की मुझे कुछ चाहिए?

मम्मी – बेटा क्या है न? की बच्चे इतना प्यार तभी दिखाते है जब उन्हें कुछ चाहिए होता है क्यों कोमल मैं ठीक कह रही हु न?

आंटी- हा भाभी आप ठीक कह रही हो वैसे तो बच्चे हमेशा मोबाइल में लगे रहते है जब कुछ चाहिए होता है तभी मम्मी को प्यार दिखाते है हो सकता है विशाल बेटा को भी आपसे कुछ चाहिए हो मैं आंटी की बात समझ रहा था वो जानकार ऐसे बोल रही थी Meri sagi Maa ki chudai 3

मैं – अरे आंटी ऐसा कुछ नहीं है वैसे भी मुझे जो चाहिए होता है वो मम्मी मुझे दे ही देती है ए बात बोलके मैं सोफे पर आके बैठ गया और फिर आंटी अपना काम करके चली गयी फिर मम्मी भी सोफे पर आके बैठ गयी और अपना सीरियल देखने लगी मैंने अपना सर उनकी गोदी में रख दिया और वह मेरे बालो से खेलने लगी मगर मेरी नज़र तो उनकी बड़ी बड़ी चूचियों पर थी जो बिलकुल मेरे मुँह के पास थी मैं मम्मी की गोदी में लेटे लेटे मोबाइल चला रहा था मगर मेरा लंड खड़ा हो चूका था

मेरी सेक्सी माँ की चुदाई रात मे

मैंने कई बार मम्मी के सामने अपना लंड दबाया मम्मी ने भी मुझे ऐसा करते देखा फिर वह जाके खाना बनाने लगी और मैं अपना काम करने लगा और सुबह फिर से मैंने मम्मी को अपने लंड का अहसास करा दिया मगर उन्होंने कुछ नहीं कहा और फिर आंटी भी आ गयी और जैसे ही वह मेरे कमरे में आयी मैंने उन्हें पकड़ लिया और उनके होंठों को चूसने लगा कुछ देर होंठ चूसने के बाद मैं अलग हो गया में –

आंटी आपको पता है न की क्या क्या करना है?

आंटी – हा बेटा मुझे पता है तू चिंता मत कर मैं तेरी मम्मी को तेरे लंड पर जरूर बिठा दूँगी आंटी अपना काम करने लगी और मैं बहार आ गया और मम्मी को देखकर मैं मोबाइल लेके ऊपर चला गया मगर मैं वही चुपके खड़ा हो गया और तभी आंटी मम्मी के कमरे में गयी और मैं भी हलके से मम्मी के कमरे के पास चला गया और कान लगा के अंदर की बात सुनने लगा आंटी मम्मी से कह रही थी।

आंटी- भाभी मुझे आपसे कुछ बात करनी है मम्मी- क्या हुआ कोमल? पैसे चाहिए क्या?

आंटी- अरे नहीं भाभी बात आपके बेटे के बारे में है मेरा नाम सुनते ही मम्मी बोली:

मम्मी – विशाल के बारे में क्या बात करनी है?

आंटी – भाभी बात थोड़ी नाजुक है इसीलिए इसे अपने तक ही रखना भाई साहब को मत कहना,

मम्मी – अरे ऐसे क्या बात है कोमल?

आंटी- वैसे अभी विशाल बेटा कहा – वो छत पर गया है तू बता न क्या बात है?

आंटी – चलो मैं आपको कुछ दिखाती हु आंटी और मम्मी से पहले से मैं छत की तरफ आ गया और फिर मैंने चुप के देखा की आंटी मम्मी को मेरे कमरे में ले गयी और उन्हें वह पेंटी निकाल के दिखाई जो मैंने मम्मी की गायब कर दी थी मम्मी अपनी ही पेंटी कर देखकर चौंक गयी क्युकी उसमें मेरे पानी के दाग लगे हुए थे ।

मम्मी – कोमल ये तो मेरी पेंटी है जो खो गयी थी तुझे ये यहाँ कैसे मिली।

आंटी – भाभी पहले इसे यही रख दो और अपने कमरे में चलो मुझे आपको कुछ और भी बताना पेंटी वही रख दी और फिर वह अपने कमरे में आ गयी और मैं नीचे आके उनकी बाते सुनने लगा।

मम्मी – अब बता कोमल तुझे इसके बारे में कैसे पता चला

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आंटी- भाभी मुझे कल शाम को ही इसके बारे में पता चला है बस रात भर यही सोच रही थी की आपको बताऊ या न बताऊ कल शाम जब मैं आयी तो मैं अपना काम कर रही थी और विशाल बेटा अपना कमरे में था उसने अपना दरवाजा बंद नहीं किया था और जैसे ही मैं कुछ पूछने उसके कमरे में जाने लगी तभी मेरी नज़र उस पर पड़ी मैं तो विशाल बेटा को देखकर सन्न रह गयी थी विशाल बेटा आपकी पेंटी को सूंघ रहा था और अपना लंड जोर जोर से हिला रहा था मम्मी बड़ी गौर से आंटी की बात सुन रही थी और मम्मी को देखकर लग रहा था की उन्हें भी इस बात पर यकीं नहीं हो रहा था Meri sagi Maa ki chudai 3

मम्मी- ये तू क्या कह रही है कोमल? मेरा बेटा सच में ऐसा कर रहा था?

आंटी- हा भाभी नहीं तो आप ही बताओ वो आपकी पेंटी अपने पास क्यों रखेगा?

आपकी पेंटी के ऊपर वह दाग आप भी जानती हो की वह किस चीज के दाग,

मम्मी -कोमल मुझे तो यकीं नहीं हो रहा है मेरा बीटा मुझे ऐसे नज़र से देखता है आने दो उसके पापा को सब बताती पापा का नाम सुनके मेरी गांड फैट गयी मगर आंटी ने मम्मी से कहा।

आंटी- भाभी ये बात भाई साहब से मत कहना नहीं तो आप जानती हो मर्दो का गुस्सा कैसा होता – मगर ये सब गलत है किसी को तो उसे समझाना ही पड़ेगा की ये सब गलत है ।

आंटी – भाभी आज कल ये बहुत आम बात है उस दिन आप ही तो कह रही थी कई जवान लड़के आपको देखकर अपना लंड मसल रहे थे

मम्मी – हा मैं कह रही थी मगर अब बात मेरे बच्चे की हो रही है ।

आंटी – भाभी आपका बच्चा अब बच्चा नहीं रह गया है जो मैंने कल शाम को देखा था वैसा लंड किसी बच्चे का नहीं हो सकता है अब विशाल बेटा एक मर्द बन चूका है अगर कोई भी औरत उसे देख ले तो उसे तुरंत फसा ले आंटी मेरे लंड की बात कर रही थी और मम्मी बड़े ध्यान से आंटी की बाते सुन रही थी।

आंटी- वैसे भाभी जब कल आप बाजार से आये थे तो आपके बेटे ने आपको पीछे से पकड़ा था तब क्या आपको उसका लंड महसूस नहीं हुआ?

मम्मी आंटी की बात के बारे में सोचने लगी मगर वह कुछ बोल नहीं रही थी

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आंटी- भाभी सच सच बताओ क्या विशाल बेटा ऐसा हमेशा करता है क्युकी कल शाम को मैंने ऐसा देखा था की कैसे विशाल बेटा अपना लंड आपके पीछे लगा रहा था ।

मम्मी- तू ठीक कह रही है कोमल विशाल अक्सर ऐसा मेरे साथ करता है और कई बार मैंने उसका वह अपने पीछे महसूस किया है मगर मैं सोचती थी की वह मेरा बेटा है हो सकता है ये गलती से हो रहा है मगर अब समझ आया ये वह जानकार कर रहा था आंटी – Meri sagi Maa ki chudai 3

इसका मतलब साफ़ है भाभी आपका बेटा आपको एक औरत की तरह देखता है और शायद उसे ये बात भी पता है की भाई साहब आपको टाइम नहीं देते है और इसीलिए वह अपनी माँ के लिए ऐसा सोच रहा हो – कोमल मुझे तो यकीं नहीं हो रहा है मेरा बेटा मेरे लिए ऐसा सोच रहा है

आंटी – भाभी आज कल के लड़के अपनी उम्र की लड़कियों से जयादा अपनी माँ की उम्र की औरतो के साथ सम्बंद बनाना पसंद करते है

मुझे ऐसा लगता है कि विशाल बेटा भी आपके साथ ऐसा करना चाहता है वैसे भी भाभी आपको देखकर तो कोई भी लड़का पागल हो जाये अब वह आपका बेटा ही निकला तो इसमें आपकी क्या गलती हु – कोमल बस एक बात याद रखना की ये बात किसी से कहना मत।

आंटी- भाभी मैं वादा करती हु की ये बात किसी से नहीं कहूँगी आपने मेरी कई बार मदद की है और मैं आपके लिए इतना तो कर ही सकती हु आप भी विशाल बेटा पर नज़र रखो बाकी फिर टाइम देखकर आप उसे समझा देना आंटी मम्मी से बात करके चली गयी और फिर मैं भी नीचे आ गया मम्मी गुमसुम खड़ी हुई थी

मैंने फिर से आके उन्हें पीछे से पकड़ लिया मेरा लंड पहले से ही खड़ा था और मैं उसे मम्मी की गांड पर रगड़ रहा था।

मैं – क्या हुआ मम्मी आप ऐसे गुमसुम क्यों खड़ी हो? मम्मी ने कुछ देर तक कोई भी जवाब नहीं दिया वो बस कुछ सोच रही थी फिर वह बोली :

मम्मी – कुछ नहीं बेटा बस ऐसे ही अब छोड़ मुझे जा अपना काम कर फिर मैंने मम्मी को छोड़ दिया और वही उनके सामने बैठ गया मम्मी अपनी अलमारी ठीक कर रही थी और मैं उनकी चूचिया और गांड को घूर रहा था

मैं जनता था मम्मी मुझे छुपी नज़र से देख रही है मगर मैं फिर भी उन्हें ही देख रहा था और जैसे ही वह मेरी तरफ देखती मैं अपनी नज़र हटा लेता था अब शायद मम्मी को वह हर घटना याद आ रही थी जो मैं बहुत टाइम से उनके साथ करता आ रहा हु जैसे की उन्हें देखना उनकी गांड पर अपना लंड लगाना और जब भी उन्हें पीछे से पकड़ना तो उनकी कमर को सहलाना कुछ देर मम्मी को घूरने के बाद मैंने उनके सामने अपना लंड दबा दिया और मम्मी ने भी मुझे ऐसा करते देखा फिर मैं अपने कमरे में आ गया और बस यही सोचने लगा की आगे कैसे करू

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फिर दोपहर के टाइम जब मम्मी खाना बना रही थी तो मैं चुप चाप गया और फिर से उन्हें पीछे से पकड़ लिया मम्मी भी एक दम से डर गयी मगर मेरे हाथ उनकी कमर को सेहला रहे थे और मेरा लंड उनकी गांड पर दस्तक दे रहा था ।

मैं – क्या हुआ मम्मी आप तो डर गयी? Meri sagi Maa ki chudai 3

मम्मी – अब एक दम से ऐसे पकड़ेगा तो कोई भी डर जायेगा चल छोड़ मुझे खाना बनाने दे मैं लगातार अपना लंड मम्मी की गांड पर रगड़ रहा था और वह बस मुझसे हटने को कह रही थी फिर मैंने उनके गाल को चुम लिया और अलग हो गया मगर जाते हुए भी मम्मी की नज़र मेरे लंड पर ही थी मुझे भी लगने लगा था की मम्मी की चूत भी जरूर गीली हो गयी होगी बस वह कह नहीं सकती थी मैं आके सोफे पर लेट गया और कुछ देर बाद मम्मी भी आके सोफे पर बैठ गयी

फिर कुछ देर बाद हम दोनों ने खाना खा लिया और मैं अपने कमरे में आके अपना लंड सहलाने लगा मैं बेड पर लेता लेता अपना लंड सेहला रहा था तभी मेरी नज़र दरवाजे की तरफ गयी और मैंने देखा मेरी मम्मी छुप के मुझे ही देख रही थी मम्मी आंटी के कहने के अनुसार मुझपे नज़र रख रही थी और मैंने भी मम्मी को नज़र अंदाज कर दिया और फिर मैंने भी अपना लंड बहार निकाल लिया और उसे सहलाने लगा मम्मी मुझे ही देख रही थी और

फिर मम्मी वहा से चली गयी मम्मी मुझपे नज़र रख रही थी और मुझे इस बात का फायदा हो रहा था शाम होते ही मैं छत पर चला गया और वहा सुख रहे मम्मी के कपडे से मैंने उनकी पेंटी निकाल ली और फिर कुछ देर बाद मैं सरे कपडे नीचे ले आया और उसे मम्मी के कमरे में रख दिया मम्मी मुझे ही देख रही थी और फिर वह कपडे तय करने लगी

और जब सारे कपडे तय कर दिए तो उन्हें पता चल गया की उनकी पेंटी गायब है फिर मैं छत पर वापस आ गया और साइड में बैठकर मम्मी की पेंटी सूंघने और चाटने लगा मैं जनता था मम्मी जरूर ऊपर आएगी और ठीक वैसा ही हुआ वो ऊपर आयी और उन्होंने मुझे अपनी पेंटी चाट ते देखा मगर फिर भी वह कुछ बोले बिना वापस चली गयी और फिर कुछ देर बाद मैं नीचे आ गया और सामने से मम्मी को उनकी पेंटी देने लगा

मैं – मम्मी ये आपकी कच्छी ऊपर रह गयी थी मम्मी ने बिना कुछ बोले अपनी पेंटी ले ली और मैं उनके कमरे से बहार निकल आया मगर फिर भी मैं उन्हें छुप के देख रहा था मैंने देखा मम्मी अपनी पेंटी देख रही थी जो उन्हें उनकी चूत वाली जगह से गीली मिली, Meri sagi Maa ki chudai 3

मम्मी के मन में पता नहीं क्या चल रहा था फिर मम्मी ने सारी बात आंटी को बता दी अगले 2 दिन मैं यही सब करता रहा और मम्मी भी आंटी को सब बताती रही फिर एक शाम मम्मी आंटी से मेरी ही बात कर रही थी और मैं वही खड़ा होके सब सुन रहा था ।

आंटी – भाभी आज आप जयादा ही परेसान दिख रहे हो विशाल बेटा अभी भी वह सब कर रहा है ।

तो दोस्तो इस कहानी मे बस इतना ही आगे क्या हुआ मैं ये आपको अगले भाग मे बतौयागा।
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