By | April 3, 2023

Maa Bete Ki Chudai kahani 3 : हैलो दोस्तो, मेरा नाम रिंकू है मेरी उम्र 21 साल है और मैं उत्तर प्रदेश के एक गाओं का रहने वाला हु मेरी ये कहानी मेरी मम्मी और मेरे बीच बने रिश्ते की है मेरी फॅमिली में हम 4 लोग है

पापा मम्मी मैं और मेरा बड़ा भाई, मेरा बड़ा दिल्ली में जॉब करते है और पापा खेतो को सँभालते है और मैं शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा हु। अगर दोस्तो आपने अभी तक इस कहानी पिछला भाग  नहीं पढ़ा तो यहा क्लिक करके आप पिछला भाग पढ़ सकते है , चलो अब आपका जायदा समय कराब न करते हुये कहानी पे आता हु ।

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मेरी मम्मी का नाम रम्भा (बदला हुआ नाम) है और उनकी उम्र 42  साल है गाओं की भोली भाली और पूजा पाठ करने वाली औरत है

फिर मैं और साहिल सो गए फिर मेरी नींद ३: ३० बजे खुली तब मुझे बहुत तेज पेशाब आ रहा था  मगर पेशाब करने से पहले मैं करण और उसकी मम्मी को देखने गया अंदर देखते ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।

क्यूकी करण अपनी मम्मी से चिपक के लेटा  हुआ था और उसके मुँह में उसकी मम्मी के बूब्स थे और  उसकी मम्मी बहुत ही चैन की नींद सो रही थी करण और उसकी मम्मी को देखकर सच में बहुत अच्छा लग रहा था। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

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करण की मम्मी उससे सच में बहुत प्यार करती है वह दोनों बहुत ही चैन की नींद सो रहे थे और अच्छी नींद आना लाज़मी था क्युकी इतनी अच्छी चुदाई जो हुई थी फिर मैं पेशाब करके आ गया फिर से सो गया,

फिर मेरी आँख सुबह 8 बजे खुली तब तक करण की मम्मी उठ चुकी थी वह बाथरूम जा रही थी लेकिन करण अभी भी सोया हुआ था

कुछ देर बाद करण की मम्मी नाहा के आ गयी वह नाहा के बहुत खूबसूरत लग रही थी फिर करण की मम्मी अंदर वाले कमरे में चली गयी और करण को उठाने लगी फिर उन्होंने मुझे और साहिल को भी उठा दिया और हम तीनो के लिए नास्ता बनाने लगी.

अब करण की मम्मी का मुह एक दम खिला खिला लग रहा था

और हो भी क्यों न कल रात करण ने उनके अंदर की जल रही आग को अच्छे सेचोद के  शांत कर दिया था कहते है

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अगर आप एक औरत को पूरी तरह संतुस्ट कर दो तो उसका यौवन एक फूल की तरह खिल जाता है

आज करण की मम्मी का यौवन भी खिला खिला दिख रहा था फिर हम तीनो भी तैयार हो गए

फिर करण की मम्मी के साथ नास्ता करने लगे नास्ता करने के बाद करण की मम्मी जाने लगी फिर मैंने और साहिल ने उनके पेअर छुए तब आंटी बोली।

करण की मम्मी – खुस रहो बेटा तुम दोनों कभी घर भी आया करो।

मैं – हा  आंटी जरूर आएंगे बस अभी तो ये पेपर अच्छे से हो जाये, 

करण की मम्मी – चलो बेटा मैं चलती हु और अच्छे से पेपर देना, 

करण अपनी मम्मी को छोड़ने चला गया आज हम लोग क्लासेज भी नहीं गए करण की मम्मी उसके लिए बादाम अखरोट खजूर और काफी सारा सामान छोड़ के गयी थी हम लोग वही सब खाने लगे, आज हमें पता चला था की करण ये सब चीजे इतनी क्यों खता है इतनी चुदाई करने के लिए अंदर उतना ही दम भी तो चाहिए था  Maa Bete Ki Chudai kahani 3

करण की मम्मी ही उसे ये सब चीजे इसी लिए खिलाती थी ताकि वह अंदर से कमजोर न पड़े, फिर जैसे ही करण वापस आया वह सीधा आके गद्दे पर लेट गया और हम दोनों को देखने लगा।

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मैं – भाई क्या खाता है तू? जो कल 4 बार अपनी मम्मी को चोद दिया

करण – बेटा जिस दिन तुझे तेरी मम्मी की चूत मिल जाएगी उस दिन तू खुद देख लेना तू कितनी बार उन्हें चोदेगा वैसे सुबह 1 बार और चोदा था ।

साहिल – वह भाई मतलब 5 बार चोद दिया तूने अपनी मम्मी को वैसे तूने सबसे जयादा उससे कितनी बार चोदा है

करण – सबसे जयादा तब किया था जब ताज़ी ताज़ी उनकी चूत मिली थी उस दिन मैंने 6 बार उन्हें चोदा था उस दिन तो वह भी परेशां हो गयी थी क्युकी उन्हें इतना तो मेरे बाप ने भी नहीं चोदा था

मैं – वैसे भाई मैंने सुना है औरते अपनी गांड के छेद पर हाथ भी नहीं रखने देती है मगर तेरी मम्मी तो बड़े ही आराम से तुझसे गांड मरवा रही थी।

करण – हा भाई मुझे भी टाइम लगा था उन्हें मानाने में मैंने हलके हलके पहले ऊँगली से शुरुवात की थी फिर अपने लंड का सूपड़ा डाला था जब उन्हें दर्द कम हुआ तो फिर घुसेड़ दिया था और रिंकू कल तू क्या कर रहा था?

मैं – मैंने क्या किया भाई?

करण – बहनचोद अपना लंड खड़ा करके सीधा लेता हुआ था अगर मम्मी को शक हो जाता तो।

मैं – सॉरी भाई वह कल एक दम तेरी मम्मी बहार आ गयी थी तो करवट नहीं ले पाया वैसे भाई वह तो कह रही थी की तू भी ऐसे ही लेता रहता था।

करण – हा भाई तब मैं मम्मी को अपना लंड दिखता था वह देखती भी थी जानते हो हम सबकी मम्मी अपने बच्चो पर नज़र रखती है बस कहती कुछ नहीं है बस हमें उन्हें ये अहसास दिलाना होता है की हमारा लंड उन्हें चोदने के लिए ही खड़ा है 

ऐसे ही 2 महीने और बीत गए और करण से उसकी माँ की चुदाई की बाते करके बहुत मज़ा आता था अब करण जब भी अपनी मम्मी से चुदाई की बाते करता था तो मैं और साहिल उसकी बाते सुनते थे और बीच बीच में जाके उस आंटी को भी चोद आते थे

अब एग्जाम को बस 1 महीने रह गया था उसके बाद हम लोग अपने अपने घर निकल जाते मगर उससे पहले मैं अपना काम बनवा लेना चाहता था क्युकी अब मुझे भी अपनी मम्मी की चूत चाइये थी और उसके लिए मुझे अपने दोनों दोस्तों की मदद चाहिए थी खासकर की। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

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करण की क्युकी वही हम सब में सबसे बड़ा खिलाडी था और मौका देखकर एक दिन मैंने ये बात बोल ही दी।

मैं – वैसे भाई करण अब एग्जाम के बाद हम सब लोग अपने अपने घर निकल जायेंगे मुझे सच में ये पल बहुत याद आएंगे।

करण – हा  भाई सच में बहुत मस्त दिन बीते है यार तुम दोनों के साथ बस भोसड़ी वालो मिलते रहना वरना  तुम दोनों की गांड तोड़ दूंगा।

साहिल – देख तो बहनचोद मिलने के लिए कोन बोल रहा है जो यहाँ से जाते ही अपनी मम्मी की गांड में घुस जायेगा फिर तो साले को दोस्त याद भी नहीं रहेंगे।

करण – तो बहनचोद मैंने कोनसा तुम दोनों को रोका है सामने से दिखा दिया की बेटे और माँ की चुदाई भी होती है तुम दोनों भी अपनी अपनी मम्मी को पटा लो फिर देखना हर दिन चुदाई से शुरू होगा।

मैं – वैसे भाई एक काम था और उसके जरिये मैं भी अपनी मम्मी को चोद सकता हु।

करण – ऐसा कोनसा काम है भाई जिसकी मदद से तू अपनी मम्मी को चोद लेगा।

मैं – भाई जैसे की तूने बताया था की अपनी मम्मी और अंकल की चुदाई देखकर तुझेमें भी हिम्मत आ गयी थी उन्हें चोद ने की वैसे ही मैं चाहता हु की तू और साहिल मेरी मम्मी को चोद दो ताकि मैं भी उन्हें चोद सकू, मेरी बात सुनके साहिल और करण हैरान हो गए थे वह दोनों एक दूसरे की तरफ देखने लगे।

साहिल – बहन के लोडे तू पागल हो गया है क्या? अगर तेरी मम्मी ने हमारी शिकायत हमारे घर पर कर दी तो जानता है हमारा क्या होगा? Maa Bete Ki Chudai kahani 3

मैं – अरे भाई वह ऐसा क्यों करेगी? वह क्या किसी से ये बात कहेंगी की उनके बेटे के २ दोस्तों ने उन्हें चोदा है हम लोग ये काम एग्जाम के पहले कर लेते है ताकि उसके बाद तुम दोनों अपने अपने घर चले जाओ।

करण – वैसे भाई तू कह तो सही रहा  है कोई भी औरत ये बात जल्दी नहीं करेगी और खासकर हमारी मम्मी की उम्र की औरत वैसे क्या तू सच में अपनी मम्मी को चुदवाना  चाहता है?

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मैं – हा  भाई उससे मेरा भी रास्ता साफ़ हो जायेगा और घर जाके मैं भी उन्हें चोद 

पाउँगा ठीक वैसा ही करेगा जैसे तेरी मम्मी के टाइम पर किया था।

करण – भाई तेरी ये बात सुनके तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया है वैसे सोच ले भाई पूरी रात तेरी मम्मी को चोदुगा॥

मैं – भाई मैंने तो सोच लिया है जितना मर्ज़ी उन्हें चोद लेना और मैं जानता हु तुम दोनों उन्हें भी गरम कर ही देना याद है उस आंटी को कितना चोदा था हमने वह कितनी खुस होक गयी थी।

साहिल -हा  भाई याद है वैसे यार तेरी मम्मी की नाभि चाट चाट के उन्हें पागल कर दूंगा।

मैं – हा भाई मैं जानता हु और ये भी जनता हु की वह भी तुम दोनों के साथ पुरे मज़े करेंगी बस एक बार वह गरम हो जाये उसके बाद देखना वह खुद तुम्हे नहीं रोकेगी।

करण – वैसे भाई ये तो मैं जानता हु तेरी मम्मी किसी से कुछ नहीं कहेगी वरना अभी तक वह एक बात तुझे जरूर बता देती, 

मैं – कोनसी बात के बारे में बात कर रहा है भाई।

करण – देख भाई तुम दोनों को कुछ बता रहा हु बस सुनके नाराज मत होना।

मैं – अरे भाई तेरे से क्यों नाराज होंगे? तुझे दोस्त माना है और तुझसे अपने दिल के राज़ बाते है और तूने भी तो हमें अपना इतना बड़ा राज़ बताया है जो भी बात है खुल के बता दे भाई।

करण – भाई वैसे तुम दोनों की मम्मी एक दम माल है और जब मैंने उन्हें देखा था तो मेरा भी लंड खड़ा हो गया था जब तेरी मम्मी यहाँ आयी थी तो मैंने तुम दोनों की मम्मी की गांड को दबायी थी , करण की बात सुनके मैं और साहिल हिल गए क्युकी वह पहले ही हम दोनों की मम्मी की गांड दबा चूका था और हैरत की बात ये है की हमारी मम्मी ने इसके बारे में कुछ कहा भी नहीं॥ Maa Bete Ki Chudai kahani 3

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मैं – भाई तू सच कह रहा है क्या सच में तूने हम दोनों की मम्मी की गांड दबाई है या सिर्फ धोके से दबा दी थी?

करण – भाई जानकार दबाये थी तुम दोनों जानते हो मुझे बड़ी गांड वाली औरते बहुत पसंद है और तुम दोनों की मम्मी की गांड सच में बहुत बड़ी है इसीलिए देखकर रहा नहीं गया और मैंने उनकी गांड दबा दी।

साहिल – भाई जब तूने ऐसा किया तो मेरी मम्मी ने कुछ भी नहीं कहा तुझे…

करण – भाई जब पहली बार दबाये थी तो वह मुझे घूर के देखने लगी थी उन्हें लगा धोके से हो गया होगा मगर जब मैंने फिर से ऐसा किया था तो वह मुझे आँखे बड़ी करके देख ने लगी और साहिल तेरी मम्मी ने भी ऐसा ही किया था।

करण की बात सुनके मुझे यकीं हो गया था की अगर करण मेरी मम्मी को चोदना भी चाहेगा तो वह थोड़े बहुत नखरे जरूर करेंगी मगर फिर वह आसानी से चुदवा लेंगी क्युकी करण वाकई में औरतो का खिलाडी है और उसे ये सारा ज्ञान अपनी ही मम्मी से मिला है और जो इंसान अपनी मम्मी को चोद सकता है उसके लिए दूसरी औरतो को चोदना कोनसा मुश्किल होगा।

 मैं करण से बात कर ही रहा था की तभी मेरा मोबाइल बजने लगा मैंने देखा तो मम्मी का कॉल था।

करण – लगता है भाई तेरी मम्मी जरूर चुदवा के ही रहेगी देख ले यहाँ हम उन्हें चोदने की बात कर रहे है और उनका कॉल भी आ गया, करण की बाते सुनके हम तीनो हसने लगे फिर मैंने कॉल उठा लिया। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

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मैं – पाई लागु मम्मी कैसे हो आप?

मम्मी – जीते रहो बेटा मैं ठीक हु और तुम कैसे और तुम्हारे पेपर की तैयारी कैसी चल रही है।

मैं – सब ठीक है मम्मी और तैयारी भी अच्छी चल रही है वैसे बस मैं आपको ही कॉल करने वाला था।

मम्मी – अच्छा मुझे कॉल करने वाला था कुछ पैसो की जरुरत है क्या?

मैं – अरे नहीं मम्मी बस आपकी याद आ रही थी मैंने सोचा आपको बुला लेता हु क्या आप आ पाओगे।

मम्मी -हा हा  बीटा आ जाउंगी तेरे पापा से पूछ लेती हु उनका भी कोई काम होगा तो वह भी आ जायेंगे, पापा का नाम सुनके मेरा सारा काम ख़राब होता दिख रहा था मगर मैं उनसे कहता भी कैसे।

मैं – ठीक है आने से पहले आप बता देना बस 1 ही महीने की बात है उसके बाद तो मैं घर आ ही जाऊंगा।

मम्मी – चल ठीक है बेटा आपने ख्याल रखना।

मैं – ठीक है मम्मी, मम्मी से बात करके मैंने मोबाइल रख दिया और दोस्तों को देखने लगा।

करण – भाई अगर तेरा बाप आएगा तो उनके सामने कैसे चोदुगा तेरी मम्मी को।

मैं – अरे यार मुझे थोड़ी मालूम था की पापा भी आएंगे वैसे अभी कुछ पक्का नहीं है बाकी देखते हैउसके बाद 2 दिन हम लोग अपने एग्जाम की तराई में लग गए फिर अगले दिन मम्मी ने बताया की वह आ रही है मैं दिल से दुआ मांग रहा था की पापा न आये मगर जब अगले दिन हम लोग घर पर थे तो गेट बजा, जैसे ही मैंने गेट खोला सामने पापा और मम्मी खड़े हुए थे पापा को देखकर मेरा सारा प्लान ख़राब हो गया। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

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फिर मैंने पापा मम्मी के पेअर छुए और करण और साहिल ने भी दोनों के पेअर छुए।

पापा मम्मी ने करण और साहिल को आशीर्वाद दिया फिर मैंने देखा करण मेरी मम्मी की जवानी को ताड़ रहा था मम्मी ने हलके काले रंग की साड़ी और लाल ब्लाउज पहना हुआ था वह उसमें बहुत हसीं लग रही थी।

मैंने देखा मम्मी भी करण को घूर के देख रही थी फिर मुझे याद आया की करण ने बताया था की उसने मम्मी की गांड को दबाया था शायद इसीलिए मम्मी उसे घूर के देख रही थी।

वैसे पापा के आने से करण और साहिल दोनों दुखी थे क्युकी दोनों के हाथ से एक चूत निकल गयी थी फिर साहिल ने सबके लिए चाय बनायीं और मम्मी पापा घर से मठरी लेके आये थे फिर हम सब ने चाय मठरी खा ली।

हम लोग बैठे बैठे बाते कर रहे थे फिर दोपहर के टाइम जब खाने का टाइम हुआ तब पापा बोले।

पापा – रम्भा जल्दी से खाना गरम कर लो फिर मुझे निकलना भी है पापा के जाने की बात सुनके मैं अंदर ही अंदर बहुत खुस हुआ।

 फिर मैं बोला ।

मैं – कहा जाना है पापा आपको?

पापा – बेटा घर ही जाऊंगा तेरी मम्मी यहाँ आने के लिए कह रही थी तो सोचा इसे यहाँ चोद के वापस चला जाऊंगा खेतो में काफी काम है

मैं – अच्छा फिर मम्मी वापस अकेली जाएँगी।

पापा – है अकेली आ जाएँगी वैसे भी कोनसा घर दूर है 3 घंटे का तो रास्ता है बस तू ट्रैन में बिठा देना।

मैं – ठीक है पापा मैं बिठा दूंगा। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

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करण और साहिल ये बात सुनके अंदर से नाचने लगे थे और मैं भी इस बात से बहुत खुस था उसके बाद मम्मी जो खाना लायी थी उन्होंने उसे गरम कर दिया फिर हम सबने खाना खाया, खाना खाते टाइम भी करण मम्मी को ही घूर रहा था करण की नज़र बार बार मम्मी के बूब्स की  लाइन पर थी और मम्मी को भी ये बात पता थी फिर खाना खाके पापा निकल गए और मम्मी अंदर वाले कमरे में आराम करने लगी।

हम तीनो बहार बैठे खुस हो रहे थे।

करण – आज देखना भाई तेरी मम्मी की कैसे चूत और गांड फाड़ता हु वैसे तूने देखा कैसे तेरी मम्मी मुझे घूर के देख रही थी।

मैं – हा  भाई देखा लगता है अभी तक वह तेरी हरकत भूली नहीं है।

करण – भाई जिसकी गांड मैंने दबाई  है वह मुझे कभी नहीं भूल पाती है और आज रात के बाद तो वह मुझे कभी नहीं भूल पाएंगी। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

मैं – मगर भाई ये बात याद रखना ये सिर्फ एक बार के लिए है उसके बाद कुछ नहीं होगा क्युकी जैसे मैं तुम दोनों की मम्मी की इज़्ज़त करता हु वैसे ही तुम भी मेरी मम्मी से दूर रहोगे।

करण – भाई तुझे ये बात कहने की जरुरत ही नहीं है मैंने तुम दोनों की मम्मी की गांड दबाये है मगर मैं कभी उन्हें चोदने का  नहीं सोचता,  ये तो तूने कहा इसीलिए मैं मान गया ताकि तुझे भी अपनी मम्मी चोदने को मिल जाये।

मैं – थैंक्स भाई वैसे आज के बाद सब बदल जायेगा आज हम लोगो का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था फिर हम ऐसे ही बाते करते रहे और शाम को मम्मी भी उठ गयी फिर हम सबने चाय पि और छत पर आके बैठ गए मम्मी भी हमारे साथ खड़ी हुई थी और हम सब बाते कर रहे थे फिर कुछ देर बाद हम लोग नीचे आने लगे तब मैंने देखा मम्मी करण के आगे चल रही थी और मैं करण के पीछे था तभी करण ने मम्मी की गांड पर हाथ फेर दिया।

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मैं तुरंत साइड की तरफ देखने लगा और मम्मी ने तुरंत पलट के करण को देखा करण मम्मी को घूर के देखने लगा फिर मैंने मम्मी को देखा तो उनकी आँखों में गुस्सा दिख रहा था।

मैं – क्या हुआ मम्मी पीछे क्या देख रहे हो?

मम्मी – कुछ नहीं बेटा बस ऐसे हीअब मम्मी कहती भी तो क्या की कैसे करण ने अभी अभी उनकी गांड दबाये है फिर हम लोग नीचे आ गए। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

मम्मी – बेटा खाना कितने बजे तक खाते हो तभी मैं खाना गरम करुगी।

मैं – मम्मी 9 बजे तक गरम कर लेना, फिर मैंने मम्मी को अपने मोबाइल में एक मूवी लगा के दे दी वह मूवी देखने लगी और हम लोग बहार वाले कमरे में पढ़ने की कोशिश करने लगे फिर जैसे तैसे जब 9 बजे तो मम्मी ने खाना गरम करके हमें दिया।

फिर 9.30 तक खाना ख़तम करके हम लोग बैठ गए फिर साहिल और करण बहार निकल गए और मैं अंदर वाले कमरे में आ गया मगर जैसे ही मैं अंदर घुसा अंदर का नज़ारा देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया, मम्मी दरवाजे के कोने में खड़ी थी वह सिर्फ सफ़ेद ब्रा और पेटीकोट में थी उन्होंने अभी अभी अपना ब्लाउज निकाला था।

मैं तो मम्मी को ऐसे देखकर खो गया था और जब मम्मी की नज़र मुझपे पड़ी तो उन्हें कोई फरक ही नहीं पड़ा, वह बेफिक्र होके  मुझे ये नज़ारा दिखा रही थी वैसे ये चीज मेरे और मम्मी के लिए बहुत आम थी

क्युकी मैंने हमेशा उन्हें ऐसे देखा है फिर मैं भी जाके नीचे गद्दे पर बैठ गया और मम्मी ने मेरे सामने ही अपनी ब्रा निकाल के साइड में डाल दी 

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अब मम्मी के गोरे और बड़े बूब्स  के बीच उनका मंगलसूत्र और भी जयादा मुझे पागल कर था फिर मम्मी ने अपनी मैक्सी उठायी और उसे पहनने लगी और जैसे ही मम्मी ने मैक्सी पेहेन ली तो वह नीचे से हाथ डालके अपना पेटीकोट खोलने लगी और जब उन्होंने अपना पेटीकोट निकाला तो मुझे उनकी काली पेंटी दिखाई दी जिसमें फूल बने हुए थे।

फिर मम्मी ने कपडे अपने पॉलीबाग में रख लिए और मेरे पास आके बैठ गयी और मैं भी उनकी गोदी में लेट गया मम्मी मेरे बालो में हाथ फिरने लगी और मैं मम्मी को देखने लगा।

मम्मी – ऐसे क्या देख रहा है बेटा ? Maa Bete Ki Chudai kahani 3

मैं – मम्मी मुझे आपकी बहुत याद आती है यहाँ तो बिलकुल भी मेरा मन नहीं लगता है

मम्मी – बेटा याद तो मुझे भी तेरी आती है जब से तू यहाँ आया घर में अकेले अकेले बड़ा अजीब लगता है

मैं – बस मम्मी 1 महीने की बात और है उसके बाद मैं फिर से आपके पास आ जाऊंगा और इस बार अगर कही जाऊंगा तो आपको साथ ले चलूँगा, मेरी बात सुनके मम्मी हसने लगी और तभी करण और साहिल भी आ गए वह दोनों गिलास में ऑरेंज वाली कोल्ड ड्रिंक लेके आये और मुझे और मम्मी को देने लगे।

मम्मी – अरे बेटा अब इतनी रात में ये क्यों ले आये?

करण – आंटी रिंकू ने बताया था की आपको ये ऑरेंज वाली कोल्ड ड्रिंक पसंद है इसीलिए ले आये और इससे खाना भी पच जायेगा, मम्मी करण को बहुत घूर के देख रही थी

फिर हम सब कोल्ड ड्रिंक पीने लगे और मैंने जल्दी से कोल्ड ड्रिंक ख़तम कर दी और मम्मी के साथ बैठे बैठे बात करने लगा।

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फिर ठीक 15-मिनट बाद मैंने नींद आने का ड्रामा किया, फिर मम्मी भी सोने को बोलने लगी और वैसे भी 10:30 बज ही चुके थे सोने का टाइम हो गया था।

मैं करण और साहिल बहार आ गए और सोने लगे ठीक 11 बजे करण और साहिल उठ गए और मेरे सामने ही अपने सरे कपडे निकाल के साइड में रख दिए करण का लंड खड़ा हुआ था और साहिल का लंड नार्मल था शायद साहिल डर रहा था मगर करण के अंदर एक नया ही जोश था क्युकी उसे एक नयी चूत जो मिलने वाली थी।

करण – (हलकी आवाज में) देख भाई पहले मैं जाता हु और आंटी को मनाता हु शायद आंटी अपनी मर्ज़ी से ही चुदवा ले और कुछ देर बाद तू भी लाइट जला के आ जाना फिर दोनों मिलके उन्हें मज़े से चोदेगे अब करण की बात सही थी इसीलिए करण चुप चाप अंदर चला गया।

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हम लोग भी उसके पीछे पीछे दरवाजे के पास चले गए अंदर देखने लगे कमरे में नाईट बल्ब जल रहा था और करण चुप चाप जाके मम्मी के पीछे लेट गया मम्मी करवट लिए आराम से सो रही थी।

मम्मी को तो ये भी खबर नहीं थी की करण नंगा होके उनके पीछे लेटा है और बहार हम दोनों करण की हिम्मत देखकर दंग रह गए थे। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

फिर करण हलके से मम्मी के पास खिसक गया और उनकी मैक्सी हलके हलके ऊपर करने लगा करण ने हलके हलके मम्मी की मैक्सी उनकी गांड तक उठा दी और अब करण को मम्मी की काली पेंटी साफ़ दिख रही थी।

ये नज़ारा देखकर करण से सबर नहीं हुआ और उसने अपना लंड मम्मी की गांड पर लगा दिया और तुरंत ही उनकी गांड को पकड़ लिया जैसे ही करण ने मम्मी की गांड पर अपना लंड लगाया मम्मी तुरंत उठ गयी और अपनी मैक्सी ठीक करने लगी तभी करण बोला।

करण – आंटी आवाज मत करना मैं करण हु आप डरो मत, जैसे ही करण ने मम्मी से चुप होने के लिए कहा तभी मम्मी की नज़र करण और उसके लंड पर पड़ी फिर मम्मी बोली।

मम्मी – तुम यहाँ क्या कर रहे हो? और तुम्हारे कपडे कहा है?

करण – बस आंटी जो कुछ हमारे बीच हो रहा था मैंने सोचा आज उसे अच्छे से कर लेता हुआ फिर तो हम लोग कभी मिलेंगे नहीं।

मम्मी – ये क्या बकवास कर रहे हो तुम? पहले अपने कपडे पहनो और निकल जाओ यहाँ से।

करण – आंटी आप तो ऐसे नादान बन रही हो जैसे आपको कुछ मालूम ही न हो मैंने कितनी बार आपकी इस मोटी गांड को दबाया है और आपने फिर भी मुझे कुछ नहीं कहा इसका मतलब तो यही है न की आपको भी अपनी गर्मी निकालने के लिए एक मर्द की जरुरत है। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

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मम्मी – ये क्या बकवास का रहे हो तुम? मैंने कभी तुम्हारे बारे में ऐसा नहीं सोचा।

करण – आंटी अगर नहीं सोचा होता तो मुझे अपने उसी दिन रोका होता या मुझे मारा होता मगर सच तो ये है की आपके अंदर भी आग लगी हुई है इसीलिए जब भी मैं आपकी गांड को दबाता था तब आपको भी मज़ा आता था।

करण ने ये बात बोलते ही मम्मी के बूब्स  को पकड़ लिया अंदर से मम्मी वैसे ही नंगी थी करण मम्मी के बूब्स  दबाने लगा तभी मम्मी ने उसका हाथ हटा दिया और उसके गाल पर एक थप्पड़ मार  दिया।

मम्मी – निकल जा यहाँ से हरामज़ादे मैंने तुझे अपना बेटा समझा था और तू मेरे साथ ये सब हरकते कर रहा है।

करण – अगर अपने मुझे अपना बेटा समझा होता तो मुझसे अपनी गांड दबाने के मज़े नहीं लेती वैसे रिंकू भी आपका बेटा है क्या वह भी आपकी गांड ऐसे ही दबाता है और क्या आप उसे कुछ नहीं कहती है?

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करण की बात में दम था और मम्मी उसे ही देख रही थी फिर करण ने मम्मी को गिरा दिया और खुद उनके ऊपर आ गया करण मम्मी के बूब्स मसल रहा था और मम्मी उसका हाथ हटा रही थी। Maa Bete Ki Chudai kahani 3

मम्मी – बेटा ऐसा मत कर ये ठीक नहीं है मेरे बेटे ने देख लिया तो मैं उसको क्या बोलूंगी?

करण – अरे आंटी आप रिंकू की टेंशन मत लो अब वह सुबह से पहले नहीं उठेगा साहिल भाई तुम भी अंदर आ जाओ । तो दोस्तो आज इस कहानी मे बस इतना ही फिर कैसे मैंने आंटी को मना के चुदाई की ये मैं आपको अगले भाग मे बतऔगा.।

आप भी घर में ऐसी चुदाई करते हो तो बताना कोई इंटरस्टेड हो तो भी कमेंट जरूर भेजना घर में, अब आगे की स्टोरी अगले भाग मे जब तक के लिया आप के साथ भी कुछ ऐसा हुआ हो तो  बताना ।

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