By | April 3, 2023

Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7: हैलो दोस्तो, मेरा नाम रिंकू है मेरी उम्र 21 साल है और मैं उत्तर प्रदेश के एक गाओं का रहने वाला हु मेरी ये कहानी मेरी मम्मी और मेरे बीच बने रिश्ते की है मेरी फॅमिली में हम 4 लोग है पापा मम्मी मैं और मेरा बड़ा भाई, मेरा बड़ा दिल्ली में जॉब करते है और पापा खेतो को सँभालते है और मैं शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा हु।

ये भी पढे-> पिछला भाग मम्मी की हवस की आग मिटाई 6

हमारी वैबसाइट से चुदाई की मस्त कहानिया पढ़ने के लिए यहा क्लिक करे-> www.xstory.in

Maa Ki Chudai Ki Part 7

अब मैं पुरे रास्ते बस मम्मी और उनकी चुदाई के बारे में सोच रहा था और मम्मी के इंतजार में ये रास्ता कैसे कट गया पता ही नहीं चला।

मैं रात तक घर पंहुचा तब 7 बज रहे थे मैंने अपने घर का दरवाजा खट खटाया तो कुछ देर बाद मम्मी ने दरवाजा खोला, अब मम्मी पर नज़र पड़ते ही मेरा लंड खड़ा हो गया था।

Antarvasna maa ki chudai

अब  मुझे उनका वह नंगा जिस्म याद आने लगा जब करण उन्हें रगड़ रगड़ के चोद रहा था।

इस टाइम मम्मी ने साड़ी और ब्लाउज पहना हुआ था और उनके बड़े बड़े बूब्स  ब्लाउज को फाड़ के बहार आना चाहता रहे थे।

फिर मम्मी ने मुझे देखते ही गले लगा लिया और जैसे ही उन्होंने मुझे गले लगाया तो मेरा पूरा शरीर उनके गरम बदन से चिपक गया और मेरा हाथ सीधा उनकी चिकनी कमर पर चला गया।

मम्मी – बड़ी देर कर दी बेटा आने में मैं बस तुझे ही फ़ोन करने वाली थी।

मैं मम्मी की कमर पर हाथ फेर रहा था और उनसे अलग हो गया। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7

Maa ki chudai

मैं – हा मम्मी वह वही से थोड़ा देर से चला था साहिल और करण ने रोक लिया था इसीलिए थोड़ा लेट हो गया।

करण और साहिल का नाम आते ही मम्मी का हस्ता चेरा बदल गया शायद उन्हें अपनी वह चुदाई याद आ गयी थी जो करण और साहिल ने मिलके की थी फिर मैं घर के अंदर आ गया और अपने कमरे में जाके लेट गया।

कुछ देर बाद मम्मी मेरे लिए चाय और पकोड़े लेके आयी और मेरे ही साथ बैठकर खाने लगी।

मैं मम्मी की तरफ बस थोड़ा बहुत देख रहा था और वह मुझे देख देख के बाते कर रही थी।

मम्मी – बेटा जब तेरे पेपर चल रहे थे तब तू ठीक से बात क्यों नहीं कर रहा था? कुछ हुआ था क्या?

मैं – नहीं ऐसा कुछ नहीं है मम्मी मैं बस तैयारी कर रहा था इसीलिए बस ठीक से बात नहीं कर पाया और वैसे भी जो होना था वह तो हो ही चूका है।

मम्मी – क्या हो चूका है बेटा? किसकी बात कर रहा है तू, मम्मी ने जब ये मुझसे पूछा तो मैंने उनकी तरफ देखा मम्मी भी मेरी आँखों में देखने लगी।

मैं अपने मुँह से कुछ नहीं कह रहा था मगर मम्मी मेरी आँखे देखकर मेरी बात का अंदाज़ा लगा रही थी।

मैं – कुछ नहीं मम्मी वह सब रहने दो वैसे पापा कहा है?

मम्मी – तेरे पापा किसी काम से गए है आते ही होंगे, मैं मम्मी से जयादा बात नहीं कर रहा था बस उनके सवालो के जवाब दे रहा था और वह भी बस थोड़े थोड़े और मम्मी मेरी तरफ देख रही थी और बार बार सोच रही थी की मेरा  बेटा ऐसा क्यों कर रहा है? मगर उनको उनके सवालो के जवाब इतनी आसानी से नहीं मिलने वाले थे।

फिर कुछ देर बाद पापा आ गए मैं उनसे बाते करने लगा फिर हम सबने खाना खाया और मम्मी बर्तन साफ़ करने लगी।

पापा अपने कमरे में कूलर चला के लेट गए, अब मैं छत पर टहलने चला गया और मैंने करण को कॉल किया और उसने तुरंत कॉल उठा लिया।

मैं – क्या बात है भाई एक बार में कॉल उठा लिया? लगता है पापा घर पर है इसीलिए चुदाई नहीं कर रहा है।

करण – भाई एक बार तो चोद चूका हु घर में घुसते ही मम्मी के होंठों को चूस लिया था मगर पापा घर में थे इसीलिए आगे कुछ नहीं किया मगर उनके जाते ही मम्मी मेरे पास आ गयी और चुदाई करवा के ही गयी।

मैं – भाई तेरा ठीक है घर जाते  ही चुदाई मिल गयी। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7

करण – भाई असली चुदाई तो रात में होगी जब पापा सो जायेंगे मम्मी बोल के गयी है सोना मत वैसे तेरा क्या चल रहा है?।

मैं – बस भाई मैं छत पर टहल रहा था और मम्मी पापा नीचे है।

Maa ki chudai kahani

करण – बस भाई हलके हलके आगे बढ़ना सब कुछ हो जायेगा चल मैं अभी रखता हु बाद में बात करते है।

मैं – ठीक है भाई निकाल दे सारी कसर आंटी की आज रात, करण ने कॉल रख दिया और मैं टहल के नीचे आ गया फिर मैंने आँगन की लाइट बंद कर दी और सीधा अपने कमरे में चला गया और कूलर चला के लेट गया।

मैं तो सोने ही जा रहा था मगर तभी मैंने सोचा मम्मी पापा को देख लू हो सकता है दोनों चुदाई कर रहे हो और मैं मम्मी पापा के कमरे के पास गया तो दरवाजा अंदर से बंद था।

इसीलिए मैं चुप चाप आँगन की दूसरी तरफ से मम्मी के कमरे की खिड़की के पास गया जहा कूलर लगा हुआ था इसी खिड़की से मैं हमेशा मम्मी पापा की चुदाई देखता था और आज फिर से मुझे वही मौका मिल रहा था अंदर का नज़ारा बहुत ही गरम था मम्मी बेड पर अपनी टाँगे फैलाये नंगी लेटी हुई थी और पापा उनके ऊपर चढ़कर धक्के लगा रहे थे।

मम्मी अपनी टाँगे फैलाये आराम से लेटी हुई थी और वह चुदाई का मज़ा ले रही थी पापा मम्मी से बिलकुल चिपके हुए थे और दाना दान धक्के लगा रहे थे और मम्मी ने भी उन्हें अपनी बाहो में कैसा हुआ था।

फिर पापा मम्मी की टाँगे पकड़ के चुदाई करने लगे और मम्मी आराम से लेटी रही, उनके मुँह से कोई भी आवाज नहीं निकल रही थी मगर जब करण मम्मी को चोद रहा था तो उनके मुँह से काफी कामुक आवाजे निकल रही थी।

मम्मी पापा का लंड शुरू से ले रही थी शायद इसीलिए उन्हें उसकी आदत हो गयी थी मगर करण का लम्बा और मोटा लंड मम्मी ने पहली बार लिया था ऊपर से करण और साहिल ने उन्हें बहुत गरम कर दिया था इसलिए उनके मुँह से वह कामुक आवाजे निकल आयी थी।

जो तभी निकलती है जब एक औरत सच में चुदाई का भरपूर मज़ा लेती है मैंने देखा पापा पूरा दम लगा रहे थे और उनकी शकल धक्के लगाते हुए बड़ी अजीब हो रही थी शायद उनका पानी निकलने वाला था जबकि मुझे चुदाई देखते हुए अभी सिर्फ 5 से 7 मिनट ही हुए थे और पापा इतनी जल्दी झड़ रहे थे और वही हुआ जो हमेशा होता है पापा धक्के लगाते हुए मम्मी से चिपक गए और कुछ ही धक्को के बाद उनका पानी निकल गया, पापा कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे और मम्मी अपने माथे पर हाथ रखकर लेटी हुई थी, 

अब  मम्मी को ऐसे देखकर साफ़ पता चल रहा था की उन्हें वह मज़ा नहीं मिला है जो एक औरत को चाहिए होता है फिर पापा मम्मी के बूब्स चूसने लगे। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7

मम्मी – इतने बड़े बड़े बच्चो के बाप हो गए हो मगर अभी भी तुम्हे चैन नहीं है मम्मी की बात सुनके पापा हसने लगे और वह उनके ऊपर से उठ गए मैंने देखा उनका लंड छोटा हो चूका है और मम्मी भी उठ गयी मम्मी के उठते ही उनका भरा हुआ बदन मेरे सामने था।

Maa ki chudai story

मम्मी की फूली हुई चुत बिलकुल मेरे सामने थी और इस बार उनकी चुत पर बाल भी नहीं थे मम्मी की चुत के दोनों होंठ चिपके हुए थे और जब वह मैक्सी पहनने के लिए झुकी तो उनकी गोरी और मोती गांड भी मुझे दिखाई पड़ गयी।

फिर मम्मी ने अपनी मैक्सी पहन ली और पापा ने भी कछा पहन लिया और वह आराम से लेट गए मम्मी अपनी मैक्सी पहन के बहार आने लगी तभी पापा बोले।

पापा – जरा पानी लेते आना, पापा की बात सुनके मम्मी बहार निकलने लगी मगर उससे पहले मैं वापस आ गया और अपने कमरे में घुस गया फिर उसके बाद मैं सो गया और सुबह मेरी आँख 7  बजे खुली तब पापा निकल चुके थे।

मैं ऐसे ही बिस्टेर पर लेता हुआ था और मेरा लंड सुबह सुबह कुछ जयादा ही कड़क हो गया था मैं सिर्फ अंडरवियर में सो रहा था और तभी मुझे मम्मी के आने की आहात हुई।

मैंने जानकार अपना लंड अंडरवियर के छेद से बहार निकाल लिया और करवट लेके लेट गया और उसके बाद मम्मी कमरे में आयी और कमरे में आते ही वह बोली।

मम्मी – बेटा 7 बज गए है और कितनी देर सोयेगा, ये बात बोलते ही मम्मी खिड़की के पास गयी जहा कूलर का बटन था और उन्होंने कूलर बंद कर दिया और जैसे ही वह कूलर बंद करके मुड़ी तब उनकी नज़र मेरे खड़े लंड पर गयी।

जो मेरे अंडरवियर के बहार था और उसका मोटा सूपड़ा खुला हुआ था मम्मी मुझे हिलाने ही वाली थी मगर तभी वह रुक गयी थी और वह मेरे ही लंड को आँखे फाडे देख रही थी।

शायद उन्हें मेरा लंड देखकरअपनी वह चुदाई याद आ रही थी जो करण ने की थी क्युकी मेरा लंड बिलकुल करण जैसा है बस उससे थोड़ा सा छोटा है मम्मी 2 मिनट तक मेरे कमरे में ही रही और उनकी नज़र मेरे लंड पर ही रही।

फिर वह जाते हुए मुझे हिला के चली गयी और मैं भी उठ गया मैं पहले भी अपना लंड मम्मी को दिखा चूका हु मगर पहले उन्हें इस बात का कोई फरक नहीं पड़ता था। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7

अब वह देखती थी और मुझे हिला के चली जाती थी मगर आज जो हुआ था वह एक दम नया था मम्मी मेरा ही लंड घूर घूर के देख रही थी शायद ये इसीलिए ही था क्युकी उन्होंने कुछ दिनों पहले 2 जवान लंड से अपनी चुदाई करवाई थी।

मम्मी के उठाने के बाद मैं बहार आ गया और मम्मी बहार आँगन में झाड़ू लगा रही थी मम्मी के झुके होने के करण उनके ढूढे उछाल उछाल के बहार निकल रहे थे और उनकी मोटी गांड एक दम उभर के दिख रही थी।

maa ki chudai hindi

मैं मम्मी को थोड़ी देर ऐसे ही देखता रहा और मैं उनके सामने से टॉयलेट जाने लगा तभी मम्मी मुझे देखते ही बोली।

मम्मी – उठ गया बेटा क्या बात है आज बड़ी देर तक सो रहा था?

मैं – हा मम्मी वह बस थोड़ी आँख लगी हुयी थी इसी लिए आँख नहीं खुली, 

मम्मी – हा लम्बा सफर करके हो जाती है चल जल्दी से मुँह हाथ धो ले फिर तुझे नास्ता देती हु।

फिर मैं फ्रेश हो गया और जाके मम्मी के कमरे में बैठ गया कुछ देर बाद मम्मी आलू का गरम गरम पराठा लेके आयी और मुझे देने लगी तभी मेरी नज़र मम्मी के ब्लाउज और उनकी बगल पर पड़ी, गर्मी की वजह से मम्मी पसीने पसीने हो रही थी पसीने की बुँदे पानी की तरह फिसल के मम्मी के बूब्स की गहराई में जा रही थी और मेरी नज़र तो मम्मी के बूब्स से हैट ही नहीं रही थी।

मम्मी पराठा देके चली गयी मैं उसे खाने लगा कुछ देर बाद मम्मी फिर से गरम पराठा लेके आयी मैं फिर से मम्मी को देखने लगा मम्मी को ऐसे देखने से मेरा लंड बहुत जयादा कड़क हो गया था।

फिर मैंने नास्ता ख़तम कर लिया और मम्मी भी सारे काम से फ्री  हो गयी थी ।

मैं वही बेड पर लेटा हुआ टीवी देख रहा था तभी मम्मी आयी और अलमारी से अपने कपडे निकालने लगी उन्होंने अपनी साड़ी ब्लाउज निकाल के बेड पर रख दिये और सिर्फ पेटीकोट लेके बहार निकल गयी।

मैंने देखा मम्मी हैंडपंप के पास खड़ी है और उन्होंने अपनी साड़ी और ब्लाउज निकाल दिया और वह ऊपर से नंगी हो गयी मम्मी का भरा हुआ आधा नंगा बदन देखकर, मेरा हाथ खुद बा खुद कछे में चला गया।

मैं उन्हें देखकर अपना लंड सहलाने लगा फिर मैंने देखा मम्मी ने अपना पेटीकोट खोल दिया और उसे अपने दूध के ऊपर बांध लिया और वह वही बैठकर नहाने लगी।

मम्मी के बदन पर पड़ा हुआ पानी देखकर मेरे मुँह में पानी आ रहा था मेरा मन कर रहा था की अभी मम्मी के पास जाऊ और उनके बदन से बेहता हुआ सारा पानी चाट जाऊ पानी पड़ने से पेटीकोट मम्मी के बदन से चिपक गया था और उनका वह गदराया बदन और बड़ी गांड साफ़ साफ़ दिख रहे थे। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7

मम्मी खुद के बदन को रगड़ रगड़ के साफ़ कर रही थी और यहाँ मेरा लंड उनके लिए पागल हो रहा था कुछ देर नहाने के बाद वह खड़ी हो गयी और उनका पेटीकोट उनकी गांड में घुस गया।

maa ki chudai hindi mein

फिर मम्मी ने अपने बूब्स पर बंधा पेटीकोट खोल दिया मगर वह उसे मुँह से पकड़ी रही फिर उन्होंने नया पेटीकोट उठाया और वह पहनने लगी और इस बीच वह पल आया जब उन्होंने गीला पेटीकोट अपने मुँह से छोड़ दिया और उसे नीचे करने लगी सिर्फ 4 या 5  सेकंड के लिए मम्मी की गांड फिर से मेरे सामने आ गयी।

जिन दोस्तों ने कभी भी अपनी मम्मी को ऐसे देखा होगा, वह अच्छी तरह जानते होंगे की ये पल कुछ ही देर का होता है मगर इसका असर पूरी ज़िंदगी हमारे दिमाग पर रहता है।

फिर मम्मी ने अपना पेटीकोट वही बाल्टी में डाल दिया और उनसे पहले मैं कमरे में आ गया।

मैं मम्मी के कमरे में बैठा टीवी ही देख रहा था और तभी मम्मी कमरे में आती है और कमरे में आते ही उनकी नज़र मुझसे मिलती है मैं भी उन्हें देखता हु मगर फिर वह आपने ब्लाउज उठाती हैऔर पहनने लगती है।

मैं भी अपनी नज़र हटा लेता हु और टीवी देखने लगता हु मम्मी अपना पेटीकोट अपने दूध से खोल देती है और कमर पर बांध लेती है और वह ब्लाउज पहनने लगती है मम्मी के बड़े बड़े बूब्स देखकर मन कर रहा था की अभी उन्हें पकड़ के निचोड़ दू मगर मैं चाहता था सब कुछ अच्छे से हो और उसके लिए बस थोड़ा सा इंतजार करना था।

क्युकी मैं मम्मी से ठीक से बात नहीं कर रहा थाऔर वह मुझसे कई बार ये बात पूछ चुकी थी मगर मैं इस बात का जवाब नहीं दे रहा था और उनके मन की बेचैनी बढ़ती जा रही थी।

मम्मी ने अपने कपडे पहन लिए तभी पडोसी वाली चाची आ गयी और मुझसे बात करने लगी और मैं मम्मी और चाची को छोड़ के बहार निकल गया फिर मैं अपने गाओं के दोस्तों से मिला और उनके साथ टाइम पास करने लगा।

फिर मैं दोपहर में वापस आया तो मम्मी बोली।

मम्मी – कहा गया था बेटा इतनी दोपहर में?

मैं – कही नहीं बस दोस्तों के साथ था।

मम्मी – चल फिर हाथ मोह धो ले फिर खाना निकलती।

मैं – पापा खाना खाने नहीं आये?

मम्मी – वह तो खाके चले गए, फिर मैंने और मम्मी ने खाना खा लिया और वह सोने लगी मैं उनके बगल में ही लेटा था मगर मैं उनसे बात नहीं कर रहा था

जबकि पहले मैं उन्हें बहुत परेशां करता था उनसे बाते करता था। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7

desi maa ki chudai

मम्मी – बेटा क्या हुआ है? जब से तू आया है मैं देख रही हु तू ठीक से खता पीता नहीं है और न ही ठीक से बात करता है।

मैं – ऐसा कुछ नहीं मम्मी, ये बात बोलते ही मैं कमरे से बहार निकल गया और अपने कमरे में जाके लेट गया और मम्मी के नाम से ही अपना लंड हिलाने लगा फिर पुरे 5 से 7  दिन मैंने ऐसा ही किया और मम्मी बीच बीच में मुझसे बात करने की कोशिश करती रही थी ।

मगर मैंने उन्हें कोई भी जवाब नहीं दिया और अब वह टाइम आ गया था जब मैं मम्मी से खुल के बात करने वाला था और आज सब कुछ बदलने वाला था इस बीच मैंने मम्मी और पापा पर भी नज़र राखी थी।

मगर इन 5 दिन में पापा ने सिर्फ 1 दिन ही मम्मी को चोदा था और उसमें भी वह मम्मी की गर्मी शांत नहीं कर पाए थे और आज मैंने सोच लिया था, की मम्मी से बात करके ही रहूँगा सुबह मुँह हाथ धोके मैं मम्मी के कमरे में नास्ता करने लगा और 2 पराठे खाने के बाद जब मम्मी और पराठा लेके आयी।

तो मैंने लेने से मना कर दिया पिछले 2 दिन से में यही कर रहा था और मम्मी भी मुझसे झल्ला चुकी थी नास्ता करके मैं वही बैठा हुआ था तभी मम्मी मेरे पास आयी और मेरे साथ बेड पर बैठ गयी, तब मम्मी ने सिर्फ मैक्सी पहनी हुई थी और उनके बूब्स  मुझे साफ़ दिख रहे थे।

फिर मम्मी बोली।

मम्मी – ये क्या हो गया तुझे? जब से तू आया है तब से इतना अजीब क्यों हो गया?

मैं – मम्मी मुझे कुछ नहीं हुआ है मैं पहले भी आपसे बोल चूका हु।

मम्मी – बेटा मैं तेरी माँ हु सब समझती हु मैं कुछ तो जरूर हुआ है क्या साहिल और करण से कुछ बात हुई है, मम्मी बार बार पूछ रही थी मैं बार बार मना कर रहा था मगर जब मम्मी ने करण और साहिल का जीकर किया तब मैंने सोचा यही सही टाइम है।

मैं – करण और साहिल से क्या बात होगी उनसे तो सब कुछ आप करके ही आयी हो, मेरी बात सुनके मम्मी हड़बड़ा गयी और मुझे घूर के देखने लगी।

मम्मी – ये क्या कह रहा है तू? मैं क्या कर करके आयी हु? Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7

मैं – अच्छा तो मेरे मुँह से सुन्ना चाहती हो आप मैं उसी रात की बात कर रहा हु जिस रात अपने मेरे दोनों दोस्तों के साथ चुदाई करवाई थी।

मेरी बात पूरी होते ही मम्मी ने मेरे गाल पर 2 थप्पड़ मार दिए मैं उनकी तरफ घूर के देखने लगा।

मम्मी – ये क्या बकवास कर रहा है तू? अपनी माँ के साथ कोई ऐसे बात करता है यही सब सिख के आया है तू।

मैं – मैं तो सिर्फ बात कर रहा हु मगर अपने तो मेरे बगल में होते हुए भी करण के साथ चुदाई करवाई है तब आपको बुरा नहीं लगा, मेरी बात सुनके मम्मी समझ गयी की मैं सब जनता हु मैंने उन्हें वह सब करते देखा है मम्मी की शकल रोने वाली हो गयी।

maa ki chudai sex story

मैं – आखिर ऐसी क्या मज़बूरी थी मम्मी? जो तुम मेरे दोनों दोस्तों के साथ ऐसा करके आयी हो।

मम्मी ने अपनी नज़र नीचे कर ली और वह कोई जवाब नहीं दे रही थी मैंने उनसे फिर से वही सवाल पूछा तो मम्मी उठके जाने लगी, मगर मैंने उन्हें पकड़ लिया और से उन्हें बिस्टेर पर बिठा दिया।

मैं – मम्मी मुझे इस बात का जवाब चाहिए आखिर क्यों अपने ऐसा किया जब से मैंने आपको उनके के साथ देखा है तब से मेरा दिमाग ख़राब हो रहा है मैं तो सोच रहा था सब पापा को बता दू, पापा का नाम सुनते ही मम्मी डर गयी और वह मेरे सामने हाथ जोड़ने लगी।

मम्मी – नहीं नहीं बेटा अपने पापा को कुछ मत बताना मैं तेरे हाथ जोड़ती हु वरना सब कुछ बर्बाद हो जायेगा इसमें मेरी कोई गलती नहीं है सब कुछ तेरे दोस्तों ने ही किया था।

मैं – मम्मी माना मैं उम्र में छोटा हु मगर इतना तो समझता हु की अगर कोई औरत ऐसा न करना चाहे तो कोई भी उससे ऐसा नहीं करवा सकता है और उस रात मैंने आपको देखा था कैसे आप मेरे दोनों दोस्तों का लंड चूस रही थी।

मम्मी मेरे मुँह से ऐसे शब्द सुनके मुझे ही देख रही थी मैं भी मम्मी की आँखों में आँखे डालके बात कर रहा था।

मैं – मम्मी मुझे बताओ ये सब कैसे हुआ और अगर तुमने मुझे नहीं बताया तो मेरा मरा हुआ मुँह देख…मम्मी ने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और मेरे शब्दों को पूरा होने से पहले ही रोक दिया।

फिर मैंने मम्मी के आँशु साफ कर दिए और उनका हाथ अपने हाथो में ले लिया।

मैं – मम्मी प्लीज मुझे बता दो मैं ये बात किसी को नहीं कहूंगा मैं आपकी कसम खाता हु।

मम्मी कुछ देर कुछ सोचती रही मैं उनका हाथ अपने हाथो में लिए बैठा रहा फिर कुछ देर बाद मम्मी बोली।

मम्मी – बेटा ये बात कभी किसी को मालूम नहीं चलनी चाहिए वरना हमारा ये घर बर्बाद हो जायेगा।

मैं – मम्मी किसी को कुछ मालूम नहीं चलेगा और अगर मुझे ये सब पापा को बताना ही होता तो मैं उसी दिन बता देता मगर मैं जानता हु हर औरत की कुछ जरुरत होती है इसीलिए वह ऐसा करती है अब आप बताओ क्या हुआ था?

मम्मी – बेटा मैं तेरी कसम खाके बोलती हु ये सब मैंने नहीं किया था और न ही मैंने तेरे दोस्तों को उस नज़र से देखा था मैं तो उन्हें अपने बेटे जैसा ही समझती थी मगर वह लोग तो मुझे किसी और ही नज़र से देख रहे थे।

मैंने कभी नहीं सोचा था जिस चीज को मैं नज़र अंदाज़ कर रही हु वह इतनी बड़ी हो जाएगी जब मैं तुझसे दूसरी बार मिलने आयी थी तब तेरे दोस्त करण ने मेरे साथ बदतमीज़ी की थी मगर तब मैंने उसे कुछ नहीं कहा।

मैं – मगर मम्मी करण ने किया क्या था? और अपने मुझे क्यों नहीं बताया?। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7

dost ki maa ki chudai kahani

मम्मी – बेटा उसने मेरे पीछे हाथ मारा था और तब तू अपने पापा के साथ बाते कर रहा था मैं अंदर कमरे में बैग से सामान निकाल रही थी।

मैं – इसका मतलब मम्मी करण ने मेरे और पापा के होते हुए आपकी गांड को दबा दिया था, मम्मी मेरे मुँह से खुली बाते सुनके मुझे देखने लगी और उन्होंने नीचे मुँह करके हा में इशारा किया।

मैं – वैसे मम्मी उसने एक ही बार आपकी गांड को दबाया था या और भी कई बार किया था।

मम्मी – बेटा उसने उस दिन 2 बार ऐसा किया था जब पहली बार उसने कमरे में ऐसा किया था तो मुझे लगा था की गलती से हो गया है मगर जब मैं और तेरे पापा वह से निकल रहे थे।

तब मैं अपना बैग लेके कमरे में गयी थी उस टाइम करण भी मेरे पीछे आया था मैंने सोचा वह मेरा बैग लेने आया मगर जैसे ही मैं बैग उठाने के लिए झुकी तभी उसने फिर से वैसा ही किया।

मैंने उसे गुस्से से देखा तो वह बहार चला गया और उसके बाद जब मैं फिर से तुमसे मिलने आयी थी तब करण और साहिल ने मेरे साथ वह सब किया।

मैं – मगर मम्मी अपने मुझे या पापा को कुछ कहा क्यों नहीं?

मम्मी – क्या कहती बेटा ? की तुम्हारा दोस्त मेरे साथ ये सब हरकते कर रहा है? मैंने सोचा बात को क्यों आगे बढ़ाना? वैसे भी कुछ देर की बात है उसके बाद तो मैं घर आ ही जाउंगीऔर वैसे भी आज कल ये सब हरकत बहुत आम बात हो गयी है बस मैं ट्रैन में हर मर्द यही हरकते करता है तो अब किस किस से लड़ती रहूंगी मैंने बस यही सोचा उसके बाद तुम्हारे दोस्त ने मेरे साथ वह सब किया। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 7

मैं – मगर मम्मी आप उस दिन तो मुझे बता सकती है जिस दिन करण और साहिल आपकी चुदाई कर रहे थे आप बस मुझे जगा देती तो मैं दोनों की गांड तोड़ देता।

maa ki chudai kahani hindi

मम्मी – बेटा मैं तुम्हे कैसे बताती जानते हो उस रात जो कोल्ड ड्रिंक हम लोगो ने पि थी उसमें करण और साहिल ने नींद की गोली मिला दी थी और उसे पिके तुम सो गए और उसके बाद…मैं – इसका मतलब उन दोनों ने पहले से ही ये सोच लिया था मम्मी उसके बाद क्या हुआ?

म्मी – बेटा मैं अंदर आराम से सो रही थी तभी मुझे ऐसा लगा जैसे कोई मुझे छू रहा है जब मैंने उठ के देखा तो करण मेरे पास था और वह पूरा नंगा था फिर वह मुझे छूने लगा।

 मैं उसे मना करती रही मगर वह नहीं माना और उसने साहिल को भी बुला लिया और उन दोनों ने मेरे साथ वह सब किया।

मैं – मगर मम्मी जब मैंने आपको देखा था तब आप उन्हें कुछ नहीं कह रही थी बल्कि आपको देखकर लग रहा था की आप को वह सब अच्छा लग रहा था।

मम्मी मेरी बात सुनके नीचे देखने लगी और उनका चेरा पूरा लाल हो गया और वह बिलकुल खामोश हो गयी थी। 

Read More Sex Stories….

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *