By | April 3, 2023

Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8: हैलो दोस्तो, मेरा नाम रिंकू है मेरी उम्र 21 साल है और मैं उत्तर प्रदेश के एक गाओं का रहने वाला हु मेरी ये कहानी मेरी मम्मी और मेरे बीच बने रिश्ते की है मेरी फॅमिली में हम 4 लोग है पापा मम्मी मैं और मेरा बड़ा भाई, मेरा बड़ा दिल्ली में जॉब करते है और पापा खेतो को सँभालते है और मैं शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा हु।

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Maa Ki Chudai Ki Part 8

मैं – मम्मी मैं जनता हु ये सब आसान नहीं है उस दिन मुझे भी बहुत बुरा लगा था जब मैंने आपको आपने दोस्तों से चुदवाते हुए देखा था।

मैं वह सब भूल नहीं पा रहा हु।

मम्मी – बेटा अगर तुम सब देख रहे थे तो तुमने उस समय कुछ कहा क्यों नहीं? क्यों वह सब होने दिया।

मैं – मम्मी मैंने ये सब सिर्फ आपकी खुसी के लिए होने दिया वरना तो मैं उन दोनों को जान से मार देता।

मम्मी – ये तुम क्या कह रहे हो बेटा?

मैं – हा  मम्मी जब मैंने आपको आपने दोस्तों के साथ देखा तो आप उनके साथ खुस दिख रही थी और आपके मुँह से कामुक आवाजे भी निकल रही थी। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

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मैं जानता हु ऐसे आवाजे तभी निकलती है जब एक औरत को भी चुदाई में मज़ा आ रहा हो।

मम्मी मेरी बात सुनके पसीने पसीने हो गयी थी और मम्मी से ऐसे बाते करके मेरा लंड खड़ा हो चूका था।

वह मुझसे नज़रे नहीं मिला रही थी तभी मैंने उनका हाथ अपने हाथो में ले लिया।

मैं – बस मम्मी मुझे एक बात का बुरा लगा जब आपने मेरे हक़ की चीज मेरे दोनों दोस्तों को दे दी।

मेरी ये बात सुनके मम्मी मेरी तरफ देखने लगी और तभी मैंने उनके दोनों दूध को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगा लगभग 1-मिनट तक मम्मी ने मेरा हाथ नहीं हटाया।

 मैं उनके दूध को सहलाता रहा फिर उन्होंने मेरा हाथ हटा दिया।

मम्मी – ये तुम क्या कर रहे हो बेटा? ये सब ठीक नहीं है।

मैं – मम्मी आपके बूब्स पर सिर्फ मेरा हक़ है और उस दिन आपने मेरा हक़ मेरे दोनों दोस्तों को दे दिया और वह दोनों मेरे हक़ का दूध पि रहे थे और आप उन्हें कुछ भी नहीं कह रही थी।

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मम्मी मेरे मुँह से ऐसे बाते सुनकर शर्म से लाल हो रही थी मगर मुझे तो मम्मी के सामने ऐसी बाते बोलने में मज़ा आ रहा था।

मैं – वैसे मैं जनता हु ये सब क्यों हुआ था? क्युकी अब पापा आपको न तो टाइम देते है और न ही खुस रखते है इसीलिए उस दिन आप भी बहक गयी थी।

मेरी ये बात सुनके मम्मी भड़क गयी और वह गुस्से से बोली।

मम्मी – ये तू क्या कह रहा है? मैं तेरे पापा के साथ खुस हु मैंने उनके अलावा किसी और के बारे में सोचा तक नहीं है।

मैं – हा मम्मी आपने कुछ गलत नहीं किया मगर जब उस दिन करण आपकी चुत और गांड को चाट रहा था तो मैंने आपको देखा था और आपको देखकर ये साफ़ पता चल रहा थाअब पापा आपको ये खुसी नहीं दे पते है जो उस दिन करण आपको दे रहा था। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

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मैंने पापा को आपकी चुदाई करते कई बार देखा है और पापा अपना पानी निकाल के सो जाते है मगर आपको वह संतुष्टि नहीं मिलती है जो एक औरत को चाहिए होती है।

इसीलिए उस दिन आप भी सब भूल कर मेरे दोनों दोस्तों के साथ उस पल का मज़ा ले रही थी।

पापा के बारे में ये बात सुनकर मम्मी और गुस्से में आ गयी और उन्होंने मेरे गाल पर एक और थप्पड़ जड़ दिया।

फिर वह चीला के बोली।

मम्मी – ये सब क्या बोल रहा है तू? तू मुझे और आपने पापा को ये सब करते देखा है तुझे शर्म नहीं आयी ऐसे हरकत करते हुए।

मैं – मैं जानता हु मम्मी मैंने गलत किया है और शायद ये बात मैं आपको कभी नहीं कहता मगर उस दिन के बाद से मैं ये समझ गया हु की हर औरत की कुछ जरूरते होती है।

फिर चाहे वह एक माँ हो या एक बीवी हो उसे भी खुस रहने का हक़ है और अगर मैं आपको ये प्यार पहले दे देता तो शायद उस दिन ये सब नहीं होता।, 

मम्मी मेरी बातो से हैरान दिख रही थी और उनकी आँखों में गुस्सा भी साफ़ दिख रहा था फिर मैं बिलकुल मम्मी के पास आ गया और उनका हाथ पकड़ के बोला।

मैं – मम्मी मैं आपसे बहुत प्यार करता हु मेरी ज़िंदगी की आप वह पहली औरत हो जिससे मैं सबसे जयादा प्यार करता हु और ये प्यार बेटे वाला नहीं बल्कि एक मर्द वाला है अपनी बात पूरी होते ही मैंने मम्मी के होंठों को चुम लिया और उनके होंठों को चूसने लगा।

तभी मम्मी ने मुझे जोर से धक्का देके हटा दिया और दूर होते ही उन्होंने फिर से मेरे गालो पर थप्पड़ मार दिया।

मम्मी – तेरी हिम्मत कैसे हुई नासपीटे मेरे साथ ये हरकत करने की? मैं तेरी माँ हु हराम जादे और तू मेरे साथ ही अपना मुँह कला करना चाहता है।

मैं – मम्मी मैं आपसे प्यार करता हु और इसमें बुराई क्या है?

मम्मी – मुझसे पूछता है बुराई क्या है? बुराई ये है करम जले की मैं तेरी माँ हु जानता है दुनिया ऐसे लोगो को क्या कहती है?

मैं – मेरी दुनिया तो तुम हो मम्मी मुझे बाकी लोगो से क्या लेना? और अगर मैं दुनिया वालो की ही सोचता रहूँगा तो आपसे प्यार कैसे करूँगा। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

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मम्मी – हे भगवान कैसे समझाओ इसे, मैं तेरा दिमाग ख़राब हो गया है क्या? यही सब पढ़के आया है क्या वह से?

मैं – मम्मी मैंने शुरू से सिर्फ आपको ही देखा है और आपसे ही प्यार किया है मैं शुरू से ये बात जानता था की आप पापा के साथ जरूर हो मगर अब पापा आपको खुस नहीं कर पाते हैऔर आप भी पापा से ये बात कभी नहीं कहती हो मगर उस दिन जब करण और साहिल ने आपकी चुदाई की तो मैंने ये जाना की आप भी अपनी चुदाई करवाके खुस हो।

इसीलिए उस दिन मैंने सिर्फ आपकी खुसी के लिए वह सब होने दिया और बस आप एक बार मेरी कसम खाके बोल दो जो मैं कह रहा हु वह सब झूट है तो उसके बाद मैं कुछ नहीं कहूंगा।

मैंने मम्मी का हाथ आपने सर पर रख दिया और मम्मी बड़ी दुविधा में पड़ गयी की वह क्या करे क्युकी वह जानती है जो मैं कह रहा हु वह झूट नहीं है।

मैं – मम्मी मैं जनता हु आप मेरी झूटी कसम नहीं खा पाओगी क्युकी आप भी जानती हो की मैं सच बोल रहा हु जानती हो मम्मी पहले मैं भी आपसे ये बात नहीं बोल सकता था।

मगर करण और उसकी मम्मी को देखकर मैं समझ गया की माँ बेटे एक दूसरे से प्यार भी कर सकते है, करण और उसकी मम्मी का नाम आते ही मम्मी मुझे देखने लगी और वह समझ गयी की मैं करण और उसकी मम्मी के बारे में जनता हु।

मैं – मम्मी आप जानती हो जब मैं उस घर में रहता था तो मैंने करण और उसकी मम्मी को चुदाई करते देखा और आप भी तो ये बात जानती हो उस रात बूब्स चुसवाते हुए आपने भी तो करण से यही पूछा था।

मेरी ये बात सुनके तो मम्मी को यकीं हो गया की उस रात मैंने सब देखा था।

मैं – जानती हो मम्मी करण के पापा भी करण की मम्मी को बिलकुल टाइम नहीं देते है और उसकी मम्मी इसी वजह से हमेशा उदास रहती थी।

मगर जब करण ने उन्हें प्यार करना शुरू किया उसके बाद से वह भी खुस रहने लगी, मम्मी मेरी बातो को बहुत धयान से सुन रही थी और तभी मैंने अपना हाथ मम्मी की जांघ पर रख दिया और उनकी जांघो को सहलाने लगा और जैसे ही मैंने ऐसा किया तो मम्मी ने मुझे गुस्से से देखा और एक जोर का थप्पड़ मेरे गाल पर लगा दिया।

मगर अब मुझे उनसे डर नहीं लग रहा था क्युकी मैं उनसे खुल के बात कर रहा था और मेरा सारा डर मेरे मन से चला गया था जो मेरे लंड को और भी जयादा कड़क बना रहा था।

थप्पड़ खाने के बाद मैंने मम्मी का कंधा पकड़ के उन्हें लिटा दिया और खुद उनके ऊपर चढ़ गया।

फिर से उनके होंठों को चूसने लगा मम्मी मुझे आपने ऊपर से हटाने लगी।

मम्मी – ये क्या कर रहा है तू हरामी हैट जा मेरे ऊपर से। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

मैं – वही कर रहा हु मम्मी जिसकी आपको भी जरुरत है मगर आप पापा से कभी ये कहती नहीं हो और अब पापा भी आप पर धयान नहीं देते है आप डरो मत मम्मी ये बात भी करण और साहिल वाली बात की तरह राज़ ही रहेगी।

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मम्मी – हैट जा मेरे ऊपर से करम जले उस दिन जो भी हुआ वह गलती से हुआ और आगे से वैसा कभी नहीं होगा।

मैं – मम्मी गलती से जरूर हुआ था मगर सच तो ये है की आपको भी उस दिन वह मज़ा आया जिसके लिए आप हमेशा से तरस रही थी इसीलिए आपने एक  अपनी चुत में और एक अपनी गांड में डलवाया था।

मम्मी मुझे आँखे फाड़े देख रही थी और मुझे गाली देते हुए हटा रही थी मैं उनके गले को चाट रहा था और उनके बूब्स को मैक्सी के ऊपर से दबा रहा था फिर मैंने अपना हाथ मम्मी की मैक्सी के अंदर डाल दिया और उनकी जांघो को सहलाने लगा।

मम्मी मेरा हाथ रोक रही थी मगर मैंने अपना हाथ उनकी चुत तक भेज  दिया फिर मैं मम्मी की गरम चुत को सहलाने लगा आज पहली बार मैं मम्मी की चुत को सेहला रहा था और ऐसा लग रहा था जैसे मैंने किसी गरम चीज पर हाथ रख दिया हो।

मम्मी की चुत वाकई बहुत गर्मी थी मैं उसे सेहला रहा था और मेरे सहलाने भर से मम्मी की चुत गीली होनी लगी थी।

मम्मी – हैट जा बेटा ऐसा मत कर ये सब ठीक नहीं है मैं तेरी माँ हु, मगर मुझपे मम्मी की बातो का कोई असर नहीं हो रहा था क्युकी करण ने बताया था जयादातर औरते यही सब बोलती है और उसकी मम्मी ने भी शुरू में उसे मना ही किया था।

मगर बाद में वह भी मान गयी थी और तो और शुरू में मम्मी भी करण से यही सब कह रही थी मगर उसके बाद जब वह गरम हो गयी थी तो उसके बाद उन्होंने भी बहुत मज़े से चुदवाया था इसलिए मैं मम्मी की बात नहीं सुन रहा था और मम्मी के दूध और उनकी चुत को सेहला सेहला के गरम कर रहा था।

जिसका नतीजा ये मिला की मम्मी की चुत अब तक काफी गीली हो गयी थी।

मैं – मम्मी देखो न आपकी चुत कितनी गीली हो गयी है यानी आपको भी ये सब अच्छा लग रहा है ये देखो कितना पानी आ रहा है आपकी चुत से, मैंने अपनी ऊँगली निकाल के मम्मी को दिखा दी और मम्मी ने मेरी गीली ऊँगली देखकर अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया।

फिर मैं बेड के नीचे उतर गया और तभी मम्मी भी उठने लगी मगर मैंने उन्हें फिर से लिटा दिया।

फिर एक झटके में उनकी मैक्सी ऊपर कर दी और मैक्सी ऊपर होते ही मम्मी की बिना बालो की रस से भरी चुत मेरे सामने थी और बाल न होने की वजह से मुझे उनकी चुत खुली हुई साफ़ दिख रही थी।

जैसे ही मैंने मम्मी की मैक्सी ऊपर की मम्मी ने अपने हाथो से अपनी चुत को छुपा लिया।

मैं फिर से उनका हाथ हटाने लगा।

मम्मी – बेटा प्लीज ऐसा मत कर ये ठीक नहीं है अगर तूने ऐसा किया तो मैं सब तेरे पापा को बता दूंगी।

मैं – मम्मी मुझे तो साफ़ साफ़ दिख रहा है की आपकी चुत कितनी गीली हो गयी है मगर आप फिर भी नहीं मान रही हो चलो ठीक है। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

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आप पापा को बता देना आपके प्यार के लिए मैं पीटने को भी तैयार हुये बात बोलते ही मैंने आपने मुँह मम्मी की चुत पर अपना मुह लगा दिया और उनकी चुत चाटने लगा।

मेरा मुँह लगते ही मम्मी की चुत से एक तेज महक मेरी साँसों में उतर गयी और उनकी चुत और उसके पानी का स्वाद मुझे बहुत अच्छा लगा, मैं अपनी पूरी जीभ निकाल निकाल के मम्मी की चुत और गांड एक बार में चाट रहा था और अब मम्मी सिर्फ मुझे आपने हाथो से रोक रही थी।

मगर मुँह से कुछ नहीं कह रही थी मेरे चुत चाटने से मम्मी की चुत और भी जयादा पानी छोड़ रही थी और ये इस बात का सुबूत है की मज़ा मम्मी को भी आ रहा था, बस वह ये बात मन्ना नहीं चाहती थी।

क्युकी उन्हें ये सुख देने वाला उनका ही बेटा था मैंने चाट चाट के मम्मी की चुत और गांड दोनों को बहुत गिला कर दिया था और अब मम्मी ने भी अपने हाथ चलाना बंद कर दिया था और वह आँखे बंद करके लेटी हुई थी।

फिर मैंने अपनी 2 ऊँगली मम्मी की चुत में डाल दी और अंदर बहार करते हुए मम्मी की चुत का दाना चाटने लगा।

मैंने देखा मम्मी के मुह  के भाव बदलने लगे थे और वह आँखे बंद किये बार बार अपना मुँह बना रही थी।

मैं लगातार उनकी चुत चाटते हुए ऊँगली कर रहा था फिर कुछ देर बाद मम्मी का पानी निकल गया, मम्मी आँखे बंद किये तेज तेज साँसे लेने लगी।

मैं अभी भी उनकी चुत चाटने में लगा हुआ था फिर मैंने अपना कच्छा उतर दिया और मेरा  लंड बहुत ही जयादा टाइट हो गया था।

फिर मैंने जैसे ही अपने लंड की खाल को पीछे किया तो मेरे  लंड का सूपड़ा फूल के बहार आ गया जो मेरे प्रेकम से भीगा हुआ था।

फिर मैंने देखा मम्मी अभी भी आपने घुटने मोड कर लेटी हुई है फिर मैंने अपना  लंड  मम्मी की चुत पर लगा दिया और मेरे  लंड  का अहसास अपनी चुत पर होते ही मम्मी ने आँखे खोल ली और वह मुझे देखने लगी।

मैं अपना लंड मम्मी की चुत के चमड़े से रगड़ रहा था, सच में दोस्तों उस पल मुझे बहुत ही जयादा मज़ा आ रहा था पानी निकलने के बाद भी मम्मी की चुत बहुत गरम थी और उसकी गर्मी मेरे लंड पर साफ़ पता चल रही थी।

जैसे ही मम्मी को मेरे लंड का अहसास हुआ, वह पीछे होने लगी मगर मैंने उनकी दोनों जांघो को पकड़ के अपने पास खींच लिया और मेरा लंड अपने आप ही मम्मी की चुत से चिपक गया देखने से ऐसा लग रहा था की जैसे मेरा  लंड  मम्मी की चुत से प्यार कर रहा हो और बस मम्मी ही उन दोनों को अलग करने में लगी हुई थी। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

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मम्मी मेरा लंड अपने हाथ से हटा रही थी और उनके छूने भर से मेरा  और जयादा टाइट हो गया था।

मम्मी – बेटा ऐसा मत कर ना अब मैं तुझे कैसे समझाओ ये सब ठीक नहीं है।

मैं – मम्मी मैं तो समझ ही चूका हु बस आप ही नहीं मन्ना चाहती हो आप ही देख लो की आपकी चुत मेरे  से कैसे चिपकी हुई है क्युकी इसे कोई फरक नहीं पड़ता है की इसके अंदर जाने वाला  बेटे का है या बाप का, मम्मी मुझे माना करती रही फिर भी मैंने अपना लंड मम्मी की चुत के छेद पर लगाया और एक ही बार में उसे अंदर डाल दिया मम्मी की चुत उनके पानी से और मेरे चाटने से पहले ही गीली थी।

इसीलिए मेरा  एक बार में पूरा अंदर चला गया और मुझे मेरे  लंड पर मम्मी की चुत का एक एक इंच महसूस हुआ सच में दोस्तों उस दिन मुझे पता चला की जिस औरत की गर्मी सही से नहीं निकलती है उस औरत की चुत अंदर से कितनी गरम होती है और अगर वह चुत मम्मी की हो तो तुम्हे उस बात का अहसास कुछ जयादा ही होता है।

जैसे ही मेरा लंड पूरा अंदर गया मम्मी ने अपने होंठों को मुँह में दबा लिया और उनके मुह के भाव बदलने लगे।

मैं बिना कुछ करे ऐसे ही लंड डाले पड़ा रहा मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लंड मम्मी की बच्चेदानी पर लग रहा हो फिर मैं उठ गया और जैसे ही मैंने धक्के लगाने के लिए आपने लंड बहार निकाला तभी किसी ने दरवाजे की कुण्डी खट खटा दी कुण्डी की आवाज आते ही मम्मी ने आँखे खोल के मुझे देखा।

फिर जल्दी से उन्होंने मेरा लंड पकड़ के अपनी चुत से बहार निकाल दिया।

मेरा लंड मम्मी की चुत के पानी से गिला होके चमक रहा था फिर मम्मी ने जल्दी से अपनी मैक्सी ठीक की और उसके बाद उन्होंने बेड की चादर भी ठीक की है।

मैं तब तक वैसे ही नंगा खड़ा था तभी मम्मी बोली।

मम्मी – अब यहाँ क्या नंगा ही खड़ा रहेगा? जल्दी से कपडे पेहेन ले और अपने कमरे में जा, फिर मैंने कपडे पहन लिए और अपने कमरे में आ गया मम्मी की चुदाई के नशे में टाइम का पता ही नहीं चला फिर मम्मी दरवाजा खोलने चली गयी।

मैंने देखा पड़ोस वाली चाची आयी थी फिर मैं समझ गया यहाँ रुकने का कोई फायदा नहीं है क्युकी ये बहुत देर तक बैठी रहती है इसीलिए मैं तैयार होके बहार निकल गया। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

मगर आज इस चाची पर मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था क्युकी आज मैं जन्नत को बस छू ही पाया था और तभी ये आ गयी वरना आज मम्मी की कई दिनों की गर्मी को शांत कर देता,फिर बहार आके में एक जगह बैठ गया और कुछ सोचने लगा तभी करण का कॉल आया।

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मैंने तुरंत उठा लिया।

करण – क्या हाल है भाई और क्या हो रहा है?

मैं – बस भाई ऐसे ही बैठा हु बहार आके तू बता आज सुबह सुबह कॉल कर ली क्या हो गया भाई? आज आंटी ने चुदाई नहीं करवाई क्या?

करण – भाई ऐसा हो सकता है क्या? की तेरा भाई चुदाई न करे सुबह सुबह ही मम्मी का 2  बार पानी निकल के आया हु वह भी पापा के होते हुए तू बता तेरी बात आगे बड़ी या अभी भी मुठ ही मार रहा है।

मैं – भाई आज मैंने भी आपने  मम्मी की चुत में डाल दिया था तभी पड़ोस वाली चाची आ गयी वरना अभी मैं उन्हें चोद ही रहा होता।

करण – वहा मेरे भाई ये हुई न बात वैसे आंटी मान गयी है या अभी भी ड्रामा दिखा रही है।

मैं – यार पूरी तरह से नहीं मानी  है मगर उनकी चुत का पानी बहुत निकल रहा था और इससे मैं समझ गया था की मज़ा उन्हें भी आ रहा था।

करण – भाई ये रिश्ता ही ऐसा है एक बेटा अपनी सारी हदे बहुत जल्दी पार कर देता है मगर मम्मी को उसमें टाइम लेती है मज़ा मम्मी को भी आता है मगर वह उसे खुल के कहती नहीं है मेरी मम्मी भी ऐसे ही थी मगर अब देख ले खुद मेरा  मुँह में लेके चुस्ती है और जब भी उनका मन होता है मुझसे खुल के कहती है तू भी बस अपनी मम्मी को इमोशनल कर दे।

फिर देख कैसे वह तेरी बात मानती है।

मैं – हा भाई तू ही तो हमारा गुरु है वरना मैं तो ये सब करने की सोच भी नहीं सकता था।

करण – चल ठीक है भाई मैं चलता हु आज चाची के घर जा रहा हु उनकी चुत में भी बहुत आग लगी है कई बार बुला चुकी है और अगर तुझे कोई हेल्प चाहिए हो तो कॉल कर लेना।

मैं – चल ठीक है भाई एन्जॉय कर करण अपनी चाची के घर चला गया अब  मैं भी आपने दोस्तों से मिलने चला गया फिर मैं दोपहर में वापस आया मम्मी मुझे गुस्से भरी नज़रो से देख रही थी और आज उन्होंने मुझसे खाने के लिए भी नहीं पूछा।

मम्मी अपने कमरे में जाके लेट गयी फिर मैं भी अपने कमरे में चला गया और लगभग 3 बजे मैं मम्मी के कमरे में गया मैंने देखा मम्मी मैक्सी पहने करवट लिए सो रही है। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

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फिर मैं दबे पाँव मम्मी के पास गया और उनके पीछे जाके लेट गया फिर मैंने हलके से अपना हाथ मम्मी की कमर में डाल दिया जैसे नोर्मल्ली हर बीटा करता है और मेरे कमर पर हाथ रखते ही मम्मी उठ गयी और मुझे देखने लगी हम दोनों के मुँह से कोई भी शब्द नहीं निकल रहे थे।

मगर मुझे मम्मी की आँखों में गुस्सा साफ़ दिख रहा था तभी मम्मी बोली:

मम्मी – निकल जा मेरे कमरे से हरामी।

मैं – क्या हुआ मम्मी आप अभी भी नाराज हो क्या? आखिर मैंने ऐसा किया ही क्या है?

मम्मी – मुझे तुझसे कोई बात नहीं करनी है बस निकल जा यहाँ से और मुझे अपनी शकल मत दिखाना।

मैं – हा मम्मी मेरी शकल क्यों देखोगी? आप मुझसे प्यार थोड़ी करते हो मुझसे जयादा प्यार तो आप मेरे दोस्तों को प्यार करते हो जिन्होंने आपके साथ ऐसा किया मगर आपने उन्हें कुछ नहीं कहा और जब मैंने आपको अपने दिल की बात बता रहा हु तो आप मेरे साथ ऐसा करते हो आपसे तो अच्छी करण की मम्मी है जो आपने बेटे से इतना प्यार करती है।

मम्मी मेरी बातो को सुन रही थी मैं अपनी बातो से मम्मी को भावुक कर रहा था मैं जानकार करण की मम्मी की तारीफ कर रहा था ताकि वह भी इस बारे में सोचे।

मैं – में एक काम करता हु मम्मी करण और साहिल को यही बुला लेता हु क्युकी उनके आने से कम से कम आप खुस तो रहोगी और आपको खुस देखकर मैं भी खुस हो जाऊंगाये, ये बात बोलके मैं मम्मी के कमरे से निकल गया और आपने कमरे में जाके लेट गया,  मम्मी ने मुझे कोई भी जवाब नहीं दिया।

मगर मैं जानता था वह भी बेचैन जरूर हो रही होगी फिर टाइम ऐसे ही निकल गयाऔर शाम को मम्मी उठके अपना काम करने लगी और तब उन्हें पता चला होगा की आज मैंने खाना भी नहीं खाया था।

शाम होते ही मैं भी बहार निकल गया और अपने दोस्तों के साथ घूमने चला गया।

फिर मैं रात में वापस आया तब तक पापा आ चुके थे और वह बैठकर टीवी देख रहे थे और मम्मी मेरी ही तरफ देख रही थी और अब मुझे उनकी आँखों में वह गुस्सा नहीं दिख रहा था। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

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फिर मैं अपने कमरे में चला गया और कुछ देर बाद मम्मी सबके लिए खाना निकालने लगी फिर पापा ने मुझे खाना खाने के लिए बुलाया।

मैं उनके कमरे में गया जहा मम्मी पापा बैठे हुए थे तभी मम्मी बोली:

मम्मी – चल बैठ मैं खाना निकालती हु:

मैं – नहीं मम्मी रहने दो मुझे भूख नहीं लग रही है।

पापा – क्या हो गया बेटा ? खाना क्यों नहीं खा रहे हो?

मैं – कुछ नहीं पापा दोपहर में मम्मी ने कुछ जयादा ही खिला दिया था इसीलिए भूख नहीं लग रही है अगर लगेगी तो खा लूंगा, मेरे ये बात बोलते ही मम्मी ने मेरी तरफ देखा क्युकी वह जानती थी मैंने कुछ नहीं खाया है और वह जानती थी इसकी वजह क्या है मगर वह ये बात पापा को नहीं बोल सकती थी फिर मैं ये बात बोलके वही लेट गया और टीवी देखने लगा मम्मी बार बार मुझे ही देख रही थी

मैं उन्हें देख रहा था और हमारे बीच क्या चल रहा है पापा इस बात से अनजान थे।

मैं साफ़ देख पा रहा था की मम्मी ठीक से खा नहीं रही थी उन्होंने बेमन से 11 रोटी और थोड़े से चावल खाये फिर वह किचन में चली गयी फिर पापा भी खाके टीवी देखने लगे मम्मी किचन में काम कर रही थी। Maa Bete Ki Chudai ki kahani 8

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मैं और पापा टीवी देख रहे थे फिर पापा सोने लगे, तो मैं टीवी बंद करके बहार आ गया और सीधा छत पर चला गया और वही टहलने लगा कुछ देर टहलने के बाद में एक जगह खड़ा हो गया और आपने मोबाइल में मम्मी की पुरानी फोटोज देखने लगा।

उन फोटो को देखते ही मेरा लंड तन के खड़ा हो गया और मैं मोबाइल में फोटो देख रहा था तभी मेरे कंधे पर किसी ने हाथ रख दिया।

मैंने जल्दी से अपना मोबाइल पॉकेट में रख लिया और तुरंत पीछे मूड के देखा मैंने देखा मम्मी मेरे पीछे खड़ी है और उन्होंने मैक्सी पहनी हुई है मम्मी को देखने के बाद मैं फिर से पलट के खड़ा हो गया तभी मम्मी बोली:

मम्मी – तू खाना क्यों नहीं खा रहा है? चल नीचे चल और खाना खा ले।

मैं – मुझे खाना नहीं खाना है मम्मी आप जाओ यहाँ से।

मम्मी – बेटा तू क्यों ये सब कर रहा है? तू समझता क्यों नहीं है? ये सब सही नहीं है 

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