By | May 6, 2023

Apni Real Maa ki chudai 4:-हैलो दोस्तो, पिछली कहानी का ये भाग 4 है अगर अभी तक आपने इस कहानी का पिछले भाग नहीं पढे तो प्लीज यहा क्लिक करके पढे।

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मम्मी – पूछ मत कोमल जब तक मैं इन सब से अनजान थी तभी तक सब ठीक था अब तो मुझे हर चीज़ गलत ही दिख रही है

आंटी -भाभी लगता है विशाल बेटा हर दिन आगे बढ़ रहा हा।

Apni Real Maa ki chudai 4

मम्मी -कोमल मुझे तो यकीं नहीं हो रहा हा की मेरा बेटा मेरे लिए इस कदर पागल है हर टाइम मुझे पीछे से पकड़ लेता है और उसका वह तो हमेशा खड़ा ही रहता है और मेरे पीछे लगता रहता है और वह हमेशा अपना वह सहलाते रहता है और तो और मेरी ऊपर सुख रही पेंटी हमेशा मुझे आगे से गीली ही मिलती है।

आंटी -हे भगवान मतलब भाभी वह आपकी पेंटी को आपकी चूत समझ के चाटता है ।

मम्मी -हा कोमल अब बस बहुत हो गया मैं पिछले 2 दिन से ये सब देख रही हु और मैं अभी शाम को ही उससे बात करुँगी और ये सब बंद करवा दूंगी।

आंटी -हा भाभी आप ठीक कह रहे हो मगर थोड़ा संभल के बात करना आज कल के बच्चे बहुत नाजुक होते है कुछ अपने साथ गलत कर ना ले।

मम्मी -हा कोमल ये तूने ठीक कहा मैं ठीक से ही बात करुँगी, मम्मी ने फिर चाय बनायीं और मुझे आवाज लगायी और मैं भी तुरंत किचन में आ गया और जाते ही मम्मी को फिर से पकड़ लिया आंटी मुझे और मम्मी को ही देख रही थी और मम्मी भी उन्हें आँखों से इशारा कर रही थी।

फिर मैं चाय लेके बहार आ गया मगर मैं साइड में खड़ा होके फिर से सुनेने लगा।

मम्मी -देखा तूने कैसे मुझे पीछे से पकड़ता है ।

आंटी -हा भाभी मैंने तो ये भी देखा की उसका लंड पूरा खड़ा हुआ था और वह आपको पीछे से उसे लगा रहा था ।

मम्मी -हा कोमल और मुझे यही बंद करवाना है ।

आंटी -वैसे भाभी जब आपका बेटा आपको ऐसे पकड़ता हा तो आपको अंदर से कुछ होता नहीं है।

मम्मी -ये क्या कह रही हा कोमल? वो मेरा बेटा है मैं उसके बारे में ऐसा कैसे सोच सकती हु Apni Real Maa ki chudai 4

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आंटी -वैसे भाभी अगर बेटा नहीं होता तो आपकी भी नीचे से गीली हो जाती ऐसा लड़का तो किस्मत वाली औरतो के नसीब में आता है मम्मी ने कोई जवाब नहीं दिया शायद मम्मी की चूत भी गीली हो गयी थी और कही न कही वह भी न चाहते हुए इन सब का मज़ा ले रही थी फिर कुछ देर बाद आंटी चली गयी आंटी वैसे ही मुझे सब बता देती थी और आंटी का कहना भी यही था की मम्मी को भी थोड़ा बहुत मज़ा आ रहा है ।बस वह माँ हा इसीलिए खुल के कह नहीं सकती है ये मेरा फ़र्ज़ हा की उनकी ना को हा में बदल दू।

अब आंटी के जाते ही मैं अपने कमरे में आ गया और फिर कुछ देर बाद मम्मी मेरे कमरे में आ गयी मम्मी आते ही मेरे बेड पर बैठ गयी और मुझे देखने लगी मैं मोबाइल चला रहा था

मम्मी -बेटा मोबाइल नीच रख मुझे तुझसे कुछ बात करनी है ।

मैं -क्या बात हा मम्मी ऐसे ही कर लो न?

मम्मी ने मेरा मोबाइल छिन लिया और उसे साइड में रख दिया ।

मैं -क्या बात हा मम्मी? आप इतने गुस्से में क्यों हो?

मम्मी -बेटा तू बड़ा हो गया हा इसीलिए मैं तुझे मारना नहीं चाहती हु मगर जो ये गन्दी हरकते तू कर रहा हा ये सब बंद कर दे।

मैं -मम्मी ये क्या कह रही हो? मैंने क्या गन्दी हरकत करी है ?

मम्मी -बेटा जयादा भोला मत बन तू अच्छे से समझ रहा हा की मैं किस बारे में बात कर रही हु।

मैं -मम्मी मुझे सच में समझ नहीं आ रहा है की तुम किस बारे में बात कर रही हो जो कहना हा खुल के कहो मैं जानकर अनजान बन रहा था ताकि मम्मी खुद खुल के बात करे और मेरे बार बार मना करने पर मम्मी ने वही किया मम्मी बेड से उठी और वह पेंटी निकाल के ले आयी जो मैंने छुपा रखी थी और उसे मेरे मुँह पर फेक दिया।

मम्मी -ये सब क्या हा? मेरी पेंटी तेरे कमरे में क्या कर रही है? मम्मी ने जब पेंटी मेरी तरफ फेकि तो मैंने डरने का ड्रामा किया और नीचे देखने लगा और मम्मी मुझे सुनाने लगी।

मम्मी -बेटा मैंने कभी नहीं सोचा था की तू मेरे बारे में ऐसा सोचता हा मैं कई दिनों से देख रही थी मगर बस नज़र अंदाज़ कर रही थी मगर तू अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा था

मैं -मम्मी मुझे माफ़ कर दो मैं बहक गया था मैंने आपको हमेशा अकेला देखा है मुझे लगा की आपको भी एक साथी की जरुरत हा जो आपके साथ रहे आपका ख्याल रखे आपसे बाते करे।

मम्मी -बेटा इस सब के लिए तेरे पापा है और तू अपनी माँ के बारे में ऐसा सोच रहा था।

मैं -मम्मी आप मुझसे झूठ बोल रही हो या खुद से मैं अच्छे से जनता हु की पापा आपको बिलकुल भी टाइम नहीं देते है Apni Real Maa ki chudai 4

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मैंने खुद देखा हा आप दोनों साथ होकर भी साथ नहीं हो मम्मी ने बात सुनते ही मेरे गाल पर 2 थप्पड़ मार दिए।

मैं -मम्मी आप चाहे मुझे कितना भी मार लो मगर इससे सच नहीं बदलेगा और सच यही है की मैं आपसे प्यार करता हु और मेरा प्यार बेटे वाला नहीं बल्कि एक मर्द वाला है मम्मी ने फिर से मुझे मारा मगर मैं जनता था की अगर मम्मी को पाना है तो थोड़ी मार तो खानी पड़ेगी मैंने मम्मी का हाथ पकड़ा और उसे अपने सर पर रख दिया।

मैं -मम्मी अगर मैंने कुछ भी गलत कहा हा तो खाओ मेरी कसम और कह दो की ये सब झूठ है मम्मी ने अपना हाथ हटा लिया क्युकी वह भी जानती थी की मैं झूठ नहीं बोल रहा हु।

मम्मी -बेटा तू ये सब सोचना बंद कर दे ये सब ठीक नहीं है और अगर तेरे पापा को इस सब के बारे में पता चल गया तो वह हम दोनों की जान ले लेंगे।

मैं -मम्मी अगर पापा के पास आपके लिए टाइम होता तो मैं आपको उस हालत में नहीं देखता और न ही मेरे अंदर ऐसे फीलिंग आती मैं जनता हु पापा न तो आपको खुश रखते हा और न ही आपको शारीरिक सुख देते हा इसीलिए आप खुद को ऊँगली से खुश करती हो

मेरी ये बात सुनके मम्मी हक्की बक्की रह गयी और उन्हें भी समझ आ गया की मैं उन्हें ये सब करते देख चूका हु मम्मी नीचे देख रही थी फिर मैंने उनका चेरा ऊपर किया ।

मैं -मम्मी आपने कुछ भी गलत नहीं किया है अगर आपकी जगह कोई और औरत होती तो वह भी ऐसा ही करती बल्कि हो सकता हा की वह बहार किसी मर्द से सम्बन्ध बना लेती मगर आपने ऐसा नहीं किया क्युकी आपको इस घर की इज़्ज़त की परवा है अगर किसी औरत की तारीफ की जाये तो वह बहुत जल्दी नरम हो जाती है और मम्मी के साथ भी ऐसा हुआ खुद के बारे में मेरी ऐसे राइ सुनकर उनका भी गुस्सा शांत हो रहा था।

मैंने मम्मी को गले से लगा लिया।

मैं -मम्मी आपने कुछ भी गलत नहीं किया है इसीलिए मैं और भी जयादा आपसे प्यार करता हु।

मम्मी -बेटा तू समझता क्यों नहीं है? माँ बेटे का ऐसा रिश्ता नहीं होता है।

मैं -मम्मी इस दुनिया में कई रिश्तो का कोई नाम नहीं होता है, मगर फिर भी वह एक दूसरे से प्यार करते है हमारे रिश्ता भी ऐसा ही है ये बात बोलके मैंने तुरंत मम्मी के होंठों को चुम लिया मगर मम्मी ने तुरंत मुझे धक्का दे दिया और फिर से मेरे गाल पर थप्पड़ मार दिया Apni Real Maa ki chudai 4

मम्मी -ये क्या कर रहा हा? मैंने कहा न ये रिश्ता ठीक नहीं है।

मैं -मम्मी अब मैं आपसे प्यार करता हु और अब मैं पहले की तरह नहीं रह सकता चाहे आप मुझे कितना भी मार लो मम्मी मुझे ही देखने लगी और फिर वह मेरे कमरे से जाने लगी मगर मैंने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और इस बार मैंने सीधा उनकी चूचियों को पकड़ लिया और उसे दबाते हुए मम्मी की गर्दन को चूमने लगा

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मम्मी की चूचिया एक दम नरम नरम थी और मैं उन्हें मसल रहा था और मम्मी मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी।

मम्मी -बेटा ऐसा मत कर ये ठीक नहीं है छोड़ दे मुझे वरना मैं सब तेरे पापा को कह दूंगी मैं मम्मी की चूचिया दबाता ही जा रहा था और अब मुझे पापा के नाम का भी डर नहीं था क्युकी मैं जनता था अब मम्मी पापा से ये बात नहीं कहेगी।

मैं -मम्मी अगर पापा को आपकी चिंता होती तो आज मैं आपको ऐसे प्यार नहीं कर रहा होता मैंने आपको देखा है जब आप अकेली होती हो तो आप कैसे अपने आपको ऊँगली से शांत करती हो।

मम्मी -बेटा मैं तेरी माँ हु प्लीज मुझसे ऐसे बात मत कर छोड़ दे मुझे ये सब ठीक नहीं है मैं एक हाथ से मम्मी की चुचि मसल रहा था और दूसरे हाथ से उनकी गांड को भी दबाने लगा मम्मी मेरा हाथ बार बार हटा रही थी

मगर फिर भी वह मुझे रोक नहीं पा रही थी वो लगातार मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी और मैं मम्मी की गांड को दबा रहा था मैंने मम्मी को दीवार से लगा दिया और फिर मैं उनके होंठों को चूसने लगा मम्मी बार बार मुझे रोक रही थी।

मगर मैं उनके होंठ चूसे जा रहा था मैंने अपनी जीभ मम्मी के मुँह में डाल दी और उनकी जीभ के साथ खेलने लगा आज सच मैं बहुत मज़ा आ रहा था मगर तभी किसी ने घंटी बजा दी और तभी मम्मी ने मुझे जोर से धक्का दिया और वह अलग हो गयी मम्मी ने खुद के कपडे ठीक किये और वह दरवाजा खोलने चली गयी पापा आ चुके थे और हमें पता भी नहीं चला की इतना टाइम कैसा बीत गया।

फिर घर में सब नार्मल हो गया मगर अब मम्मी बड़ी असमंजस में दिख रही थी क्युकी आज उन्होंने अपने बेटे का वह रूप देखा था Apni Real Maa ki chudai 4

जो शायद कोई मम्मी न देखना चाहे मगर सच तो ये भी था की मम्मी को भी इस चीज़ की बहुत जरुरत थी फिर रात को हम सबने खाना खाया और मम्मी मुझे बड़ी अजीब नज़रो से देख रही थी फिर हम सब सो गए और जब सुबह मैं उठा तो पापा जा चुके थे मैं सिर्फ कच्छे में बहार आ गया और फिर मैं मम्मी को ढूंढने लगा और मम्मी मुझे अपने कमरे में दिख गयी उन्हें खबर तक नहीं थी की मैं उनके पीछे आ गया हु मम्मी ने लेग्गिंग पहनी हुई थी और उनकी गांड उसमें एक दम कासी हुई दिख रही थी

मेरा लंड मम्मी की गांड देखते ही खड़ा हो गया और मैंने मम्मी को पीछे से पकड़ लिया मम्मी एक दम से डर गयी और मेरा और मम्मी का शरीर एक दूसरे से चिपक गया मैं मम्मी की चुचि को दबाने लगा।

मैं -मम्मी आई लव यू कल आपसे खुल के बात करके बहुत अच्छा लगा मैंने सोचा ही नहीं था की मैं आपसे ऐसे बात कर पाउँगा

मम्मी -छोड़ दे मुझे बेटा मैं कल से तुझसे कह रही हु की ये सब ठीक नहीं हा तू समझता क्यों नहीं हा?

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मैं -मम्मी समझना तो आपको है की मैं आपसे प्यार करता हु और मैं पापा की तरह कभी आपको अकेला नहीं छोडूंगा मम्मी मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी मगर मैं उन्हें पकडे हुआ था मैं मम्मी की गांड को दबाने लगा और मम्मी मेरा हाथ बार बार रोक रही थी।

फिर मैंने अपने हाथ मम्मी की लेग्गिंग अंदर डाल दिया ये शायद मेरी किस्मत ही थी की आज के मम्मी ने लेग्गिंग पहनी थी जिसके अंदर हाथ डालना बहुत आसान था वरना तो मम्मी जयादातर सलवार ही पहनती है मेरा हाथ अंदर जाते ही मम्मी की पेंटी से लगा और मैंने पेंटी के अंदर भी हाथ डाल दिया मगर तभी मम्मी ने मेरा हाथ पकड़ लिया मगर उन्हें मेरा हाथ पकड़ने में देर हो गयी Apni Real Maa ki chudai 4

और मैं मम्मी की चूत को सहलाने लगा और जो सचाई मम्मी अपने मुँह से नहीं कह रही थी वो सचाई मम्मी की चूत ने बया कर दी मम्मी की चूत पानी पानी हो रही थी।

मम्मी -प्लीज बेटा ऐसा मत कर किसी को पता चल गया तो सब बर्बाद हो जायेगा मैंने आज तक तेरे पापा के सिवा किसी और से रिश्ता नहीं बनाया है ।

मैं -मम्मी आपसे जयादा सच तो आपकी चूत बोल रही है ये मेरे छूने से कितनी गीली हो गयी है क्युकी ये सिर्फ मर्द का स्पर्श समझती है फिर चाए वह पापा छूये या मैं इसे रिश्ते से कोई फरक नहीं पड़ता है

और वैसे भी मम्मी हम ये बात किसी से नहीं कहेंगे ये हम दोनों के बीच राज़ रहेगा और हम दोनों एक दूसरे से खुल के प्यार कर पाएंगे मम्मी मेरी बात सुनने लगी और मैंने अपनी ऊँगली मम्मी की चूत के अंदर डाल दी मम्मी की चूत में वाकई बहुत गर्मी थी जो मैं अपनी ऊँगली पर महसूस कर रहा था मम्मी ने मेरा हाथ कलाई के पास से पकड़ा हुआ था।

मगर मैं फिर भी अपनी ऊँगली मम्मी की चूत में अंदर बाबर कर रहा था अब मम्मी बिलकुल चुप हो गयी थी मगर फिर भी बीच बीच में वह मुझे रोक रही थी

मगर अब उनकी आवाज में एक कामुकता झलक रही थी और मैं उनकी पीठ को चूमते हुए उनकी चूत को रगड़ रहा था मम्मी की चूत आग उगल रही थी और मेरा हाथ रुक नहीं रहा था और फिर कुछ ही देर में मम्मी का शरीर ढीला पड़ गया और मम्मी ने मेरा हाथ रोक लिया मैंने भी फिर कुछ नहीं किया और फिर मैंने अपना हाथ निकाल लिया मम्मी की साँसे तेज तेज चल रही थी और मैंने मम्मी की चूत से निकली हुई ऊँगली अपने मुँह में ले ली और उसे चूसने लगा

मम्मी ने मुझे ऐसा करते देखा और उनकी आँखे एक दम शांत लग रही थी फिर मैंने हलके से अपना कच्छा नीचे कर दिया और मेरा -7 इंच का लंड पूरा खड़ा पड़ा था मैंने उसे मम्मी की गांड पर लगा दिया और मेरे लंड का अहसास मिलते ही मम्मी ने पीछे देखा मम्मी की नज़र मेरे 7 इंच खड़े पर गयी और वह उसे बड़े गौर से देख रही थी मैंने मम्मी का हाथ पकड़ा और उसे अपने लंड पर रख दिया Apni Real Maa ki chudai 4

मगर मम्मी ने तुरंत अपना हाथ हटा दिया और मेरे गाल पर एक थप्पड़ लगा दिया मगर मुझे उस थप्पड़ से कोई फरक नहीं पड़ा

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मैं -मम्मी आप चाहे मुझे कितना भी मार लो मगर अब मैं आपसे ही प्यार करता हु और आपको ऐसे ही प्यार करूँगा जैसे अभी किया है मैंने मम्मी को फिर से पकड़ लिया और उन्हें दीवार से लगाके उनके होंठों को चूसने लगा और मम्मी अभी भी मान नहीं रही थी।

मेरा लंड लेग्गिंग के ऊपर से ही मम्मी की चूत पर दस्तक दे रहा था और मैं मम्मी के होंठों को चूसे जा रहा था और तभी फिर से घंटी बजी और मैं तभी अलग हो गया मम्मी ने अपने कपडे ठीक किये और मैंने भी अपना लंड अंदर कर लिया फिर मम्मी बहार गेट खोलने गयी सामने आंटी खड़ी थी और फिर वह अंदर आ गयी और तभी मैं मम्मी के कमरे से निकला मैं सिर्फ कच्छे में था और मेरा लंड अभी भी साफ़ दिख रहा था आंटी की नज़र भी मेरे लंड पर गयी और उन्होंने मम्मी को देखा मम्मी ने अपनी आँखे नीचे कर ली और मैं बिना कुछ बोले अपने कमरे में आ गया

और फिर फ्रेश होने चला गया आंटी भी अपना काम करने लगी और जब आंटी का काम हो गया तो आंटी मम्मी के कमरे में चली गयी और मैं भी कमरे के बहार से दोनों की बाते सुनने लगा।

आंटी -भाभी ये सब क्या हो रहा था? विशाल बेटा आपके कमरे से ऐसे हालत में निकला आपने उसे समझाया या नहीं मम्मी आंटी के सामने रोने लगी और आंटी उनके बगल में बैठकर उनसे बात करने लगी ।

आंटी -भाभी क्या हुआ हा? सच सच बताओ आपने विशाल बेटा को समझाया या नहीं।

मम्मी -कोमल मैं तो समझाने ही गयी थी मगर वहा जाके सब कुछ गलत हो गया मम्मी ने सारी बात आंटी को बता दी और आंटी भी चौक ने का ड्रामा दिखने लगी ।

आंटी -भाभी हम समझते है की हमारे बच्चे अभी छोटे हा वो कुछ नहीं समझते हा मगर सच तो ये हा की वह सब समझते हा यहाँ तक की वह ये भी जानते हा की उनकी माँ को किस चीज़ की कमी है

मम्मी -कोमल मुझे बहुत अजीब लग रहा हा अपने ही बेटे के साथ ऐसा रिश्ता कैसे बन सकता है.

आंटी -भाभी ऐसे कई रिश्ते होते है जो सिर्फ घर की चार दीवारी में बनते है मगर दुनिया के सामने वह बहुत अलग होते है आज आप जिस दुविधा से गुजर रही हो उस दुविधा से कभी मैं भी गुजर चुकी हु आंटी की ये बात सुनके मैं और मम्मी हम दोनों चौक गए क्युकी ये बात तो आंटी ने मुझे भी नहीं बताई थी और न ही मैंने ऐसा कुछ उन्हें कहने को कहा था

मम्मी -ये तू क्या कह रही हा कोमल? क्या तेरा बेटा भी तेरे साथ ये सब करता है।

आंटी -भाभी अब जो बात मैं आपको बताने वाली हु ये बात मैं शायद मरते दम तक किसी से नहीं कहती मगर आपकी हालत देखकर मैं आपको बता रही हु मम्मी बड़ी गौर से आंटी की बात सुन रही थी और बहार से मैं भी आंटी की बात सुनना चाहता था

आंटी -भाभी मेरा मेरे बेटे आशु के साथ बंद कमरे में वही रिश्ता है जो एक औरत और मर्द का होता हैApni Real Maa ki chudai 4

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हम दोनों वह सब करते हा जो मिया बीवी के बीच होता है मम्मी और मेरी आँखे फटी की फटी रह गयी क्युकी न मैंने ऐसा सोचा था और न ही मेरी मम्मी ने।

मम्मी -हे भगवान कोमल क्या ये सच हा?

आंटी -हा भाभी ये सच है दुनिया के सामने हम दोनों माँ बेटे हा मगर बंद कमरे में वह मेरी सारी शारीरिक जरूरतों को पूरा करता है ।

मम्मी -कोमल मुझे तो यकीं नहीं हो रहा हा की ये सब हो सकता है वैसे तू कैसे इसके लिए राज़ी हो गयी ।

आंटी -भाभी कभी कभी हालत ऐसे बन जाते हा और मेरे हालत तो आप जानती ही हो मेरा पति शराबी हा जिसने कभी मुझपे धयान ही नहीं दिया और मैं अपनी ज़िंदगी जे रही थी मगर मैं नहीं जानती थी की मेरा बेटा सब देख रहा है आप तो जानती हो हमारे पास एक ही कमरा है और मैं ऊपर के कपडे अपने बेटे के सामने ही बदल लेती हु मगर मैं नहीं जानती थी की मेरा बेटा मेरे लिए ही पागल हो रहा हा वो मुझे देखता रहता था

मगर मैंने कभी उसके ऊपर धयान नहीं दिया मेरे लिए तो वह मेरे बेटा था वो अक्सर मुझे पीछे से पकड़ता था जैसे विशाल बेटा आपको पकड़ता है मुझे भी उसका लंड महसूस होता था मगर मैं अन देखा कर देती थी और वह हलके हलके मेरे पास आ रहा था हम दोनों जब दोपहर में सोते थे तो वह अपना लंड मेरी पीछे लगता था और मुझे ये महसूस होता था मगर फिर भी मैं इसे अन देखा कर रही थी मेरा पति कभी कभी पेक मेरे ऊपर चढ़ जाता था और बस 2 या 4 धक्के मारकर अलग हो जाता था और मैं अपने अंदर की आग में जलती रहती थी

इसीलिए मैं अपनी गर्मी ऊँगली से निकाल लेती थी मगर मैं नहीं जानती थी की मेरा बेटा ये सब देख रहा होता था और ऐसे एक दोपहर मैं सो रही थी और मेरा पेटीकोट ऊपर हो गया था जो पहले भी कई बार हुआ है मगर उस दिन सब बदल गया जब मैं सो रही थी तब मुझे लगा की कोई मेरे नीचे चाट रहा है और जैसे ही मैंने उठके देखा तो मुझे यकीं नहीं हुआ वो मेरा बेटा है जो मेरी चूत को चाट रहा था मैंने उसे हटाया मारा भी मगर वह हटा नहीं उसने मेरी चूत को चाट चाट के मेरी सारी गर्मी निकाल दी थी मेरा पति तो मुझे ढंग से हाथ भी नहीं लगाता था Apni Real Maa ki chudai 4

और मेरा बेटा मुझे ऐसे प्यार कर रहा था जब सब कुछ शांत हुआ तब मैंने आपने बेटे को मारा उसे बहुत गालिया सुनाई और तब उसने मुझे वह सब बताया जो वह देखता था की कैसे उसका बाप अपनी बीवी का ख्याल नहीं रखता हा मेरे बेटे को मेरे अंदर की वह औरत दिखती थी जो एक माँ और बीवी के साथ साथ एक औरत भी है मैंने आपने बेटे को बहुत समझाया मगर वह अपने प्यार पर अड़ा रहा और हर रोज वह मेरे साथ ये सब करता रहा भाभी मैं भी एक औरत हु और मैं भी चाहती हु की कोई मुझे प्यार करे

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मगर मुझे वह प्यार अपने बेटे से मिला शुरू में मुझे भी अजीब लगा था मगर उसके बाद सब बदल गया दुनिया की नज़र में वह मेरा बेटा है मगर घर के अंदर वह मुझे पागलो की तरह प्यार करता है भाभी उसने मुझे इतना प्यार किया हा जितना मुझे मेरे पति ने भी नहीं दिया है कई बार तो रात में अपने पापा के होते हुए भी वह मुझे प्यार करता हा और उसके पापा पिके सोते रहते है ।

मम्मी -कोमल मुझे तो यकीं नहीं हो रहा हा की तेरा तेरे बेटे से ऐसा रिश्ता हा तुझे बुरा नहीं लगता है।

आंटी -भाभी इस दुनिया गलत वह होता है जो पकड़ा जाता है अगर हमारे पति बहार मुँह मारते है

तो हम औरते क्या कर लेती है वैसे भी भाभी ये है तो गलत मगर अब मैं इसके बारे में नहीं सोचती हु और आज इसी दौर से आपका बेटा गुजर रहा है उसने आपको उस हालत में देखा हा जहा उसकी मम्मी अकेली हा और वह उस औरत से प्यार कर बैठा है जिसका साथ उसका पति भी नहीं देता है।

मम्मी -कोमल मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा हा की मैं क्या करू? तू ही बता क्या करू?।

आंटी -भाभी अब आप चाहे कुछ भी कर लो आपका बेटा आपको भूल नहीं पायेगा और जैसे मैं अपने बेटे के साथ जी रही हु आप भी उसे अपना लो वैसे भी ये बात इसी घर में रहेगी तो किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगी और आप भी अपनी ज़िंदगी खुल के जी पाओगी Apni Real Maa ki chudai 4

मम्मी आंटी की बाते सुनके सन्न रह गयी और वह आंटी की बातो के बारे में सोचने लगी

आंटी -भाभी अभी आपको ये सब अजीब लग रहा होगा मगर सच यही हा हर माँ आपने बेटे से प्यार करती है और वही उसकी जीने की वजह होता है बस अब आपको भी आपने बेटे से प्यार करना है जैसे मैं आपने बेटे से करती हु।

बाकी आप एक बार कोशिश कर के देख लो मगर शायद ये बात आप भी जानते हो की अब आपका बेटा समझेगा नहीं क्युकी आप ही ने बताया की वह अब बहुत आगे बढ़ चूका है बाकी आपकी मर्ज़ी मेरे जो दिल में था वो मैंने आपको कह दिया
मम्मी बैठ पर बैठकर आंटी की बातो के बारे में सोचने लगी और आंटी फिर वहा से चली गयी आंटी के जाने के बाद मैं मम्मी के लिए चाय बना के ले गया तभी मम्मी की नज़र मुझसे मिली

हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे हम दोनों कुछ बोल नहीं रहे थे मगर हमारी आँखे एक दूसरे से बात कर रही थी मैंने चाय मम्मी के पास रख दी और खुद उनके बगल में बैठ गया।

मैं -मम्मी चाय पी लो।

मम्मी -मुझे कोई चाय नहीं पीने है ले जा इसे यहाँ से

मैं -मम्मी आप अपना गुस्सा चाय पर क्यों निकाल रहे हो मैं जनता हु आप मुझसे नाराज हो मगर मैं फिर भी यही कहूंगा की मैंने कोई गलती नहीं की हा अब आप चाहे कुछ भी सोचो।

तो दोस्तो इस कहानी मे अभी बस इतना ही आगे क्या हुआ कैसे मैंने अपनी मम्मी की चुदाई की ये मैं आपको अगले भाग मे बतऔगा ।

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