By | January 20, 2024

Maa ki pyasi chut chudai: रवि एक 20 साल का हट्टा कट्टा नौजवान है और वह अपने घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रहा है। रवि को अपने घर गए 1 साल हो चुका था और वह एक साल बाद ही घर जा पाता था।

Maa ki pyasi chut chudai

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आज रवि अपने घर जाने वाला था। रवि की माँ कामिनी देवी अपने बेटे का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी। कामिनी देवी एक 42 साल की गदराये वाली औरत थी। कामिनी का पति यानि रवि का पिता यशपाल दूसरे शहर में नौकरी करता था और साल में एक बार ही घर आ पाता था। एक तो पति से दूरी ऊपर से बेटा भी घर नहीं रहता था। इसी वजह से कामिनी देवी बहुत ज्यादा उदास रहती थी। लेकिन आज कामिनी बहुत खुश थी क्यूंकि उसका बेटा जो आने वाला था।

कामिनी – अरे ये रवि अभी तक क्यों नहीं आया। अब तक तो उसे आ जाना चाहिए था।

रवि के इंतज़ार में कामिनी इधर उधर टहल रही थी। तभी रवि घर पहुँच जाता है।

रवि – नमस्ते माँ! कैसी हो आप?

कामिनी – बेटा मै कैसी हूँगी, ना तो तुम घर रहते हो ना ही तुम्हारे पिता अब भला मै कैसी हूँगी तू समझ सकता है। पूरा दिन अकेले उदास रहती हूँ। अकेले बिलकुल भी मन नहीं लगता है। अब तू जल्दी से अपनी पढ़ाई पूरी कर ले फिर तेरी शादी कर दूँ तो बहु के साथ मन बहल जाया करेगा।

रवि – अरे माँ अभी मै शादी नहीं करने वाला अभी तो मुझे बहुत पैसा कमाना है फिर जाकर शादी करूँगा।
कामिनी – हाँ मेरी किसे परवाह है, ना तो तुम्हारा बाप यहाँ होता जो मै अपना मन बहला लूँ बस ऐसे ही रातें कटती है सूनी।

रवि – ओहो माँ ये बात है तो ये बोलो ना कि पिता जी की याद आती है और उनके साथ वो करने….

इतना बोलकर रवि रुक जाता है, ना जाने वह क्या बोल बैठा था.

कामिनी – क्या बोला तूने उनके साथ क्या?

रवि – कुछ नहीं माँ वो तो बस मै…

कामिनी – क्या बस मै? क्या कहना चाहता है खुलकर बोल ना ऐसे पहेलियाँ क्यों बुझा रहा है।

रवि – कुछ नहीं माँ बस वो मुँह से निकल गया।

कामिनी – जानती हूँ तू कॉलेज में रहकर बहुत बिगड़ गया है। चल अब बाते कम बना और खाना खा ले।

खाने के बाद रवि बाहर अपने दोस्तों से मिलने के लिए निकल जाता है। कामिनी देवी घर पर अकेली हो जाती है और सोचने लगती है।

कामिनी – हे भगवान ये रवि तो बहुत बिगड़ गया है कैसे सीधे ही उनके साथ चुदाई की बात बोलने वाला था। क्या कॉलेज में वह लड़कियों के चक्कर में तो नहीं है। अगर मेरे बेटे को लड़कियों का चस्का लग गया तो उसकी पढ़ाई का नुक्सान हो जायेगा। मुझे रवि से बात करनी होगी।

रात को रवि जब घर आया तो खाने के बाद कामिनी देवी रवि से बात करने के लिए उसके कमरे में आयी। लेकिन इससे पहले वह रवि के कमरे का दरवाज़ा खोलती उसको कुछ आवाज़ें सुनाई दी तो उसने हल्का सा दरवाज़ा खोला तो देखा रवि अपने बिस्तर पर बिलकुल नंगा बैठा है और उसके हाथ में उसका लम्बा मोटा लंड है जिसे रवि हिला रहा है।

कामिनी देवी ये देखकर सहम गयी और वहां से जाने लगी लेकिन तभी रवि की आवाज़ सुनकर उसके पैर जैसे वही जम गए।

रवि – ओह माँ ! तुम कितनी सुन्दर और सेक्सी हो। पापा तो तुम्हे चोद नहीं पाते और तुम पापा की याद में तड़पती रहती हो। एक बार मेरे लंड पर बैठकर देखो माँ तुम्हे जन्नत की सैर करवा दूंगा। ओह्ह माँ उफ़!

रवि पूरी रफ़्तार से अपना लंड हिला रहा था। कामिनी देवी अपने बेटे की इस हरकत से एकदम हैरान थी। वह तो अपने बेटे को बहुत शरीफ समझ रही थी लेकिन उसका बेटा तो उसे ही चोदने के चक्कर में था।

कामिनी देवी भी बेटे का मोटा लंड देखकर गरम हो गयी थी और उसकी चूत भी गीली हो गयी थी। उसके सामने बेटे का मोटा लंड लहरा रहा था। कामिनी देवी की चूत में 10 महीने से कोई लंड नहीं गया था यही वजह थी कि कामिनी देवी एक दम से गरम हो गयी थी। उसकी चूत आंसू बहा रही थी। उसे एक लंड की सख्त ज़रूरत थी। पति के लंड में तो अब दम बाकि नहीं था लेकिन बेटे का लंड एकदम जवान और तगड़ा था। कामिनी देवी ने कुछ सोचा और फिर दरवाज़ा खोल दिया।

रवि अपने सामने अपनी माँ को देखकर एकदम डर गया और डर के मारे उसके मुंह से आवाज़ नहीं निकली। कामिनी देवी ने जब देखा कि रवि डर गया है तो उसने तुरंत रवि का मोटा विशाल लंड अपने हाथ में थाम लिया और उसे हिलाने लगी।

कामिनी – रवि बेटा, मै इतने सालों से तड़प रही हूँ अगर मुझे पता होता कि मेरा बेटा जवान हो गया है और वह मुझे चोदना चाहता है तो बेटा मै तो कबकी तुमसे चुदवा लेती। देखो बेटा मेरी चूत कितना तड़प रही है। आज अपने मोटे लंड से मेरी प्यास बुझा दे बेटा।

अपनी माँ कामिनी देवी के मुंह से ये बातें सुनते ही रवि की आँखों में एक चमक आ गयी और उसने तुरंत ही अपनी के बड़े बड़े बूब्स को थाम लिया और उनको ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा। कामिनी देवी एकदम से सातवें आसमान मे उड़ने लगी क्यूंकी उसका सगा बेटा अपनी माँ के मोटे और सालों से अंछुए मम्मो को बेदर्दी से मसल रहा था। कामिनी देवी मज़े और रोमांच मे मचलने लगी। इतने मे रवि ने अपनी माँ का ब्लाउज़ खोल दिया और ब्रा के ऊपर से ही अपनी माँ के मोटे मोटे मम्मो को दबाने लगा। कामिनी देवी भी अपने बेटे का मोटा लंड ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी। कामिनी देवी का मुह वासना मे एकदम लाल हो गया था। अचानक से कामिनी देवी नीचे झुकी और अपने बेटे का विशाल मोटा लंड अपने मुंह मे ले लिया और उसको चूसने लगी। रवि को ऐसा लगा जैसे आज उसकी जान निकल जाएगी। उसकी सगी माँ उसका लंड अपने मुंह मे लेकर चूस रही थी और रवि मज़े मे पागल हो रहा था। कामिनी पूरे मज़े से अपने बेटे का लंड चूस रही थी। रवि का करीब 8 इंच लंबा और 4 इंच मोटा लंड उसकी माँ पूरा का पूरा आने गले तक उतार ले रही थी। रवि तो जैसे सातवें आसमान पर पहुँच गया था। रवि को जब लाग्ने लगा कि अब वह झाड जाएगा तो उसने अपना लंड अपनी माँ के मुंह से निकाल दिया। और कामिनी को पूरा नंगा कर दिया और अपना मोटा तगड़ा लंड अपनी माँ की तड़पती हुई चूत के ऊपर रखकर एक जोरदार धक्का मार दिया। कामिनी दर्द से चिहूंक उठी।

कामिनी – हाय दय्या! मार डाला! आराम से चोद बेटा ! मै बहुत दिनों से नहीं चुदी हूँ ! दर्द होता है बेटा।

रवि – हाँ माँ आज मै आपकी ऐसी चुदाई करूँगा कि आप अपनी बरसों की प्यास को भूल जाओगी। आह माँ आपकी चूत कितनी टाइट है! माँ आह! बहुत मज़ा आ रहा है माँ!।

कामिनी – हाँ बेटा ऐसे ही चोद अपनी माँ को! आज मेरी चूत की सारी प्यास बुझा दे बेटा! आह चोद मुझे पूरी ताकत से, हाय दय्या कितना अच्छा चोदता है रे तू। तेरा लंड तो एकदम मूसल के जैसा है बेटा! मेरी चूत को पूरा खोल दिया है तेरे लंड ने।

इस तरह पूरे एक घंटे तक माँ बेटे चुदाई में लगे रहते है। रवि एक जवान मर्द था और उसका तगड़ा लंड अपनी माँ की चूत का भोसड़ा बना देता है। एक घंटे बाद दोनों अलग होते है।

कामिनी – बेटा आज तूने मुझे चोदकर मेरे ऊपर बड़ा उपकार किया है बेटा मुझे ऐसे ही चोदते रहना कभी मुझे मत छोड़ना बेटा।

रवि – माँ तुम इतनी सुन्दर और सेक्सी हो आपको मै ज़िन्दगी भर चोदुँगा।

कामिनी अब पूरी तरह से रवि की हो चुकी थी। जब तक रवि घर रहा उसने रात दिन अपनी माँ कामिनी की जमकर चुदाई करी। और फिर कामिनी को अपने साथ अपने हॉस्टल ले गया और वह पर एक कमरा लेकर दोनों अपनी चुदाई की भूख को शांत करने लगे।

तो दोस्तों कैसी लगी ये कहानी? कमेंट मे ज़रूर बताए।

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