By | May 28, 2023

Maa Kii Chuddai: हैलो दोस्तों हाजिर हु एक और कहानी के साथ आप कहानी पढे और मुझे फीड बैक देना न भूले, दोस्तों मेरा नाम अभिषेक है और मेरी उम्र 24 साल है मैं हरीयाणा का रहने वाला हु .

मैं – मम्मी आपको याद है उस रात जब आप नाइटी पहने हुए किचन में पानी पि रही थी और मैं किचन में आ गया था तो क्या आप इसीलिए बहार आयी थी? की पापा आपको वह खुसी नहीं दे पाए थे जो मैंने आपको दी थी।

Maa Kii Chuddai

मम्मी मेरी बात सुनके सोच में पड़ गयी और नीचे देखने लगी फिर मैंने उनका मुह ऊपर किया तो वह मुझे देखने लगी।

मैं – मम्मी अगर आप नहीं बताना चाहती है तो कोई बात नहीं मैं आपसे दुबारा नहीं पूछूंगा।

मम्मी – नहीं बेटा ऐसा कोई बात नहीं है और अब हमारे बीच छुपाना लायक कुछ भी नहीं है तुमने बिलकुल सही सोचा तुम्हारे पापा अपना काम निकाल के सो गए थे और मैं उस दिन भी तुम्हारे बारे में ही सोच रही थी।

मैं – मेरे बारे में क्या सोच रही थी मम्मी?

मम्मी – यही सोच रही थी बेटा की तूने उस होटल के कमरे में जो जो बात बोली थी वह सब सच थी तेरे पापा अब मुझपे उतना धयान नहीं देते है जितना पहले देते थे और जब उस रात तूने मुझे प्यार किया तो शुरुवात में मैं तुम्हे रोक रही थी मगर जैसे जैसे तू आगे बढ़ रहा था तो कही न कही मैं भी बहक गयी और उस रात तूने पागलो की तरह मुझे प्यार किया ऐसा प्यार जो हर औरत चाहती है।

मगर एक उम्र के बाद उसे वह प्यार मिलता नहीं है जिसे उसकी जरुरत होती है। Maa Kii Chuddai

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मैं – वैसे मम्मी आपने कुछ गलत नहीं किया बल्कि सच कहु तो उस रात आपके मुह पर मुझे जयादा संतुष्टि दिख रही थी और आप उस रात बहुत चैन की नींद सोई थी।

मम्मी – है बेटा तू ठीक कह रहा है उस रात बहुत दिनों के बाद मैंने आपने अंदर की उस औरत को महसूस किया जो एक बीवी और माँ होने के साथ साथ एक औरत भी है और उस रात तूने भी मुझे यही बोला था।

मैं – हा  मम्मी मुझे याद है और आज आप खुद देख लो जब आपने अपने दिल की सुनी तो आप आज कितनी खुस हो मम्मी मेरी बात सुनके स्माइल करने लगी और मैं उनकी चूचियों से खेलने लगा और मम्मी वैसे ही लेटी रही।

मैं – वैसे मम्मी उस रात आपको नाइटी में देखकर मेरा मन कर रहा था की आपको वही किचन में पकड़ लू और पूरी रात आपको बहुत प्यार करू मगर सच तो ये है की उस दिन मुझे डर लग रहा था।

मम्मी – बेटा सच कहु तो डर तो मैं भी गयी थी मुझे लगा था मुझे ऐसे देखकर तू मुझे पकड़ लेगा और कही तू वह सब करने लगता और मैं कही फिर से बहक न जाऊ इसीलिए मैं तुरंत किचन से निकल गयी।

मम्मी की बाते सुनके मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा और मम्मी भी मेरा लंड देखकर हसने लगी और जब इस बार मैं मम्मी से चिपका तो मेरे लंड का सूपड़ा उनकी गहरी में घुसने लगा।

मैं – वैसे मम्मी अगर अब मैं आपको प्यार करूँगा तो आप मुझे रोकेगी तो नहीं मम्मी ने अपना सर न में हिलाया और मैं फिर से मम्मी के होंठों को चूसने लगा और मम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और वह उसे आगे पीछे करने लगी।

मैं और मम्मी एक दूसरे में खो गए थे मगर तभी उनका धयान घडी पर गया और वह टाइम देखकर चौक गयी और तुरंत बोली।

मम्मी – अरे बेटा टाइम तो देख तेरे पापा के आने का टाइम हो गया और हम दोनों यहाँ ऐसे नंगे लेटे है मैंने टाइम देखा तो 6 बज रहे थे और हम दोनों नंगे ही एक दूसरे से बाते कर रहे थे जिसमें टाइम का पता ही नहीं चला मम्मी तुरंत बेड से उठ गयी और नंगी ही बाथरू मे  चली गयी और फिर मैं भी उनके पीछे नंगा ही बाथरूम में घुस गया।

मैंने देखा मम्मी पॉट पर बैठी टॉयलेट कर रही थी और उनकी पेशाब की आवाज आ रही थी जो सुनने मैं बहुत अच्छी लग रही  जैसे ही मैं बाथरूम में घुसा मम्मी ने तुरंत मेरी तरफ देखा और वह मुझे थी मम्मी स्माइल करने लगी।

मम्मी – यहाँ क्या कर रहा है बेटा? चल बहार चल मैं अभी आती हु। Maa Kii Chuddai

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मैं – बस मम्मी आपको देखने का मन कर रहा था इसीलिए आ गया मम्मी मुझे देखकर शर्मा रही थी और तभी उन्होंने फ्लश का बटन दबा दिया जिससे मैं समझ गया की वह पेशाब कर चुकी है मम्मी ने जेट उठाया और वह खुद की चुत धोने ही वाली थी की तभी मैं उनके पास चला गया और उनके हाथ से जेट स्प्रे ले लिया और उसे होल्डर में लगा दिया।

मम्मी – ये क्या कर रहा है बेटा? मैंने कहा न मैं बहार आ रही हु फिर भी तू यही खड़ा है मैंने मम्मी की बात का कोई जवाब नहीं दिया और फिर मैंने उनकी दोनों टाँगे पकड़ी और उन्हें फ़ैलाने लगा टाँगे फ़ैलाने की वजह से मम्मी का बैलेंस बिगड़ने लगा मगर तभी उन्होंने मेरे कंधे को पकड़ लिए।

मम्मी – बेटा मैं गिर जाउंगी चल हैट अब छोड़ मुझे वैसे भी बहुत टाइम हो गया है तेरे पापा भी आने वाले होंगे।

मैं – कुछ नहीं होगा मम्मी बस आप ऐसे ही हाथ टिकाये बैठी रहो और अभी पापा के आने में वक़्त हैजैसे ही मैंने मम्मी की टाँगे फैलाये तभी मुझे मम्मी की चुत दिखाई दी जो अभी भी मम्मी की पेशाब से गीली थी और उनकी चुत से अभी भी कुछ बूंदे टपक रही थी।

मम्मी की पेशाब से भरी चुत देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना मुँह मम्मी की चुत पर लगा दिया और उनकी पेशाब भरी चुत को चाटने लगा तभी मम्मी बोली पड़ी।

मम्मी – ये क्या कर रहा है बेटा? ऐसा मत कर मैंने अभी उसे साफ़ नहीं किया है वह अभी भी गन्दी है मगर मुझपे मम्मी की बात का कोई फरक नहीं पड़ा मम्मी अपनी चुत से निकलती पेशाब को गन्दा बोल रही थी।

मगर मैं तो उनकी चुत से निकलती पेशाब की एक एक बूँद को चाट रहा था जिसमें मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मम्मी ऐसे ही पेअर फैलाये पॉट पर बैठी रही और मैंने चाट चाट के मम्मी की सारी चुत साफ़ कर दी और मम्मी की आँखे इस आनद से बंद हो गयी।

मम्मी की पूरी चुत साफ़ करके जैसे ही मैं अपना मुँह हटाने लगा तभी मम्मी का हाथ मेरे सर पर आ गया और वह मेरा सर अपनी चुत पर दबाने लगी मम्मी की इस हरकत से मैं समझ गया की वह फिर से गरम हो गयी थी और अपनी चुत चटवाने हर औरत को पसंद होता है क्युकी इसमें उनका पानी सबसे जयादा निकलता है और मम्मी को देखकर ये साफ़ पता चल रहा था की पापा ने उन्हें कभी ये मज़ा नहीं दिया था। Maa Kii Chuddai

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जो मैं दे रहा था इसीलिए जब भी मैं मम्मी की चुत चाटता था तो वह पूरी तरह से खो जाती थी और अपनी मम्मी को ये खुसी देने के लिए मैं पुरे दिन उनकी चुत चाट सकता था ।

मम्मी आँखे बंद किये उम्म्म ममम उम्म्म कर रही थी और मेरे सर पर हाथ फेर रही थी मम्मी की चुत चाटते हुए मैंने अपनी 2 ऊँगली उनकी चुत में डाल दी और अब मैं ऊँगली करते हुए मम्मी की चुत चाट रहा था।

मम्मी को भी इसमें बहुत मज़ा आ रहा था और ये उन्हें देखकर साफ़ पता चल रहा था।

मम्मी – अह्ह्ह बेटा तेरे पापा उम्म्म आने वाला है जो करना उम्म्म जल्दी से मममम कर ले मम्मी की बात सुनके मैं जल्दी जल्दी ऊँगली करने लगा और 20 मिनट बाद ही मम्मी का पानी निकल गया मम्मी का शरीर एक दम ढीला पड़ गया और मैं अभी भी उनकी चुत चाट के साफ़ कर रहा था।

मम्मी की चुत साफ़ करने के बाद मैं खड़ा हो गया और मेरा लंड एक दम उनके सामने खड़ा था जिसे मम्मी देख रही थी फिर मैंने मम्मी का हाथ पकड़ा और उन्हें पॉट के ऊपर से उठा लिया।

मम्मी और मैं एक दूसरे को ही देख रहे थे फिर मैंने आगे बढ़कर मम्मी के होंठों को चुम लिया और मम्मी भी मेरे होंठ चूसने लगी कुछ देर हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे के होंठ चूसते रहे फिर मम्मी बोली।

मम्मी – बेटा तेरे पापा आने ही वाले होंगे अब तो मुझे छोड़ दे मैं कही भागी थोड़ी जा रही हु मम्मी की बात सुनके हम दोनों हसने लगे।

फिर मैं और मम्मी कमरे में आ गए और मम्मी आपने कपडे पहनने लगी और मैंने भी आपने कपडे पहन लिए मगर मम्मी अभी भी ऊपर से नंगी थी क्युकी उनकी कुर्ती कमरे के बहार सोफे पर पड़ी थी।

फिर मैं और मम्मी बहार आ गए और मम्मी ने अपनी कुर्ती पहन ली और मैं भी अपना बैग रखने आपने कमरे में चला गया।

जब मैं बैग रखकर बहार आया तो मम्मी अपना बेड ठीक कर रही थी और बेड ठीक करने के बाद वह किचन में आ गयी और फिर वह चाय बनाने लगी। Maa Kii Chuddai

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मम्मी – बेटा मैं चाय बना रही हु तू पियेगा।

मैं – मम्मी मैंने तो अभी दुनिया का सबसे मीठा रस पिया है और अब मैं चाय पिके उसका स्वाद ख़राब नहीं करना चाहता, मम्मी ने मेरी बात सुनके आपने माथे पर हाथ मारा और फिर वह हसने लगी।

फिर मैं मम्मी के पास गया और उन्हें पीछे से पकड़ के खड़ा हो गया और मम्मी की पीठ को चूमने लगा।

मम्मी – बेटा अब तो मुझे छोड़ दे या ऐसे ही पकडे खड़ा रहेगा।

मैं – मम्मी मैं तो बस आपको प्यार कर रहा हु अब इसमें क्या परेशानी है?

मम्मी – बेटा परेशानी तू मेरे लिए बढ़ा देता है जब भी तू ऐसा करता है तो मेरा धयान भटक जाता है और तेरा ये जो मेरे पीछे चुभ रहा है ये हमेशा मुझे परेशां करता है क्या ये हमेशा ऐसे ही रहता है?

मैं – नहीं मम्मी मेरा लंड हमेशा खड़ा नहीं रहता है मगर जब भी आप इसके सामने आती हो तो ये खुद ब खुद खड़ा हो जाता है मैंने कई बार इसे कण्ट्रोल करने की कोशिश की मगर ये ऐसे ही रहता है।

मम्मी – सच कहु तो जब मैंने इसे देखा था तो मुझे लगा था की तू जानकार ऐसा करता है मगर बाद मैं समझ आया की तेरा ये अपने आप खड़ा हो जाता है जैसे ये अभी भी खड़ा है।

मैं – हा मम्मी मगर मेरा लंड सिर्फ आपके लिए ही खड़ा होता है और ये सिर्फ आपकी ही चुत में जाना चाहता है।

मम्मी – तू कैसे एक दम खुले खुले शब्द बोलता है तुझे शर्म नहीं आती अपनी मम्मी के सामने ऐसे बोलने में।

मैं – मम्मी अब शर्म की क्या बात है? हम दोनों में सब कुछ तो हो चूका है क्या आप पापा के साथ भी कभी ऐसे शब्द नहीं बोलती हो।

मम्मी – नहीं बेटा ऐसे कोई बात नहीं है मुझे इसमें कोई परेशानी नहीं है बस मैंने कभी सोचा नहीं था की एक दिन मैं अपने बेटे से ऐसे बात करुँगी, मम्मी की बात सुनके मैंने अपना लंड बहार निकाल लिया और लंड के बहार आते ही मैंने मम्मी का हाथ अपने लंड पर रख दिया और मम्मी भी उसे हाथ में लेके आगे पीछे करने लगी।

मम्मी मुझे देखते हुए मेरा लंड आगे पीछे कर रही थी और तभी किसी ने बेल्ल बजा दी और बेल्ल सुनते ही मम्मी बोली।

मम्मी – बेटा लगता है तेरे पापा आ गए है जा तू जल्दी से अपने कमरे में जा और मैं जाके दरवाजा खोलती हु फिर मैं अपने कमरे में आ गया और अपने बैग से कपडे निकाल के रखने लगा। Maa Kii Chuddai

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तब तक मेरा लंड भी नार्मल हो गया फिर मम्मी मुझे बुलाने लगी तो मैं बहार गया और फिर मम्मी चाय लेके आयी और फिर हम लोग चाय पीने लगे चाय पीते हुए भी मम्मी मुझे देख रही थी और हम दोनों के मुह पर एक स्माइल थी जिसे सिर्फ हम दोनों ही देख सकते थे।

फिर चाय पिके मैं बहार चला गया और रात को वापस आया फिर हम लोगो ने खाना खाया और मैं अपने कमरे में आ गया और कपडे उतार के बॉक्सर में आ गया।

फिर जब में बहार आया तो मैंने देखा पापा अपने कमरे में जा चुके थे और मैं मम्मी को देखने किचन में गया वह जाके मैंने देखा मम्मी फ्रिज में बचा हुआ खाना रख रही थी।

मैं चुप चाप उनके पीछे गया और उनकी गांड को दबा दिया मेरी इस हरकत के बाद मम्मी उछल पड़ी।

मम्मी – बेटा तू पागल हो गया है क्या? तेरे पापा कमरे में ही है और तू यहाँ ये सब हरकते कर रहा है।

मैं – मम्मी पापा तो कमरे में लेटे हुए और वैसे भी वह आपके साथ ये सब कहा करते है।

मम्मी – बेटा थोड़ा संभल के कही तेरे पापा ने देख लिया तो तो सोचा है हमारा क्या हाल करेंगे?

मैं – मम्मी मैं इस बात का हमेशा धयान रखूँगा मगर क्या करू मुझे आपकी बहुत याद आ रही थी? ये देखो मम्मी ने मेरे बॉक्सर की तरफ देखा जहा मेरा लंड खड़ा हुआ साफ़ दिख रहा था।

मम्मी – हे भगवान मेरा बेटा बिलकुल झल्ला हो गया है चल तू अपने कमरे में जा मैं वही आके बात करती हु।

मम्मी की बात सुनके मैं अपने कमरे में आ गया और बेड पर लेटकर मम्मी का इंतज़ार करने लगा और कुछ ही देर बाद मम्मी मेरे कमरे में आयी और अंदर आते ही मम्मी ने दरवाजा बाड्न कर दिया।

मम्मी को देखते ही मैं बेड से उछल के नीचे उतरा और सीधा मम्मी को जाके पकड़ लिया मम्मी ने भी मुझे अपनी बाहो में जकड लिया और हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे।

मगर कुछ ही देर बाद मम्मी हैट गयी और बोली।

मम्मी – बेटा ये वक़्त ठीक नहीं है तेरे पापा यही है और मुझे डर लग रहा है।

मैं – मम्मी काश आप यही मेरे साथ सोती तो कितना अच्छा होता मैं रात भर आपको प्यार करता।

मम्मी – हा  बेटा मैं भी तेरे साथ रहना चाहती हु मगर हमें सब देखकर चलना पड़ेगा। Maa Kii Chuddai

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मैं – ये देखो मम्मी मेरा लंड कैसे खड़ा पड़ा है, मम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और वह उसे बॉक्सर के ऊपर से सहलाने लगी।

मम्मी – हा बेटा मैं देख रही हु मगर समझा कर तेरे पापा यही है वरना मैं तुझे कभी मना नहीं करती मम्मी की बात सुनके मेरा मुह उदास हो गया और मेरा उदास मुह देखकर मम्मी ने वह किया जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी।

मम्मी एक दम से नीचे बैठ गयी और उन्होंने मेरा बॉक्सर नीचे कर दिया और बॉक्सर नीचे होते ही मेरा लंड उछल के बहार आ गया और मम्मी ने बिना वक़्त गवाए मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और वह मेरा लंड चूसने लगी।

मैंने सच में कभी नहीं सोचा था की मम्मी मेरा लंड चूसने लगेगी और सच में दोस्तों उस पल ऐसा लग रहा था जैसे मैं हवा में उड़  रहा हु मम्मी गप गैप मेरा लंड चूस रही थी और मैं आँखे बंद करके खड़ा हुआ था।

मम्मी मेरा 9 इंच का लंड आधा मुँह में ले रही थी और उनकी जीभ मेरे लंड के सुपडे पर घूम रही थी जिससे मुझे मज़ा आ रहा था मम्मी बार बार मेरा लंड मुँह से निकाल के उसे आगे पीछे कर रही थी और साथ ही साथ वह दरवाजे की तरफ भी देख रही थी मैं समझ गया मम्मी पापा की वजह से डर रही है वैसे सच तो ये भी था की डर मुझे भी लग रहा था।

मगर इस मज़े के आगे वह डर छोटा पड़ रहा था कुछ देर लंड चूसने के बाद मम्मी खड़ी हो गयी और वह मुझे देखने लगी मम्मी के खड़े होते ही मैं उनकी चुत सलवार के ऊपर से ही सहलाने लगा और चुत पर हाथ लगते ही मम्मी ने अपनी आँखे बंद कर ली।

मम्मी – बेटा उम् रहने दे अभी कही तेरे पापा न आ जाये।

मैं – मम्मी बस थोड़ी देर और प्लीज फिर तो आप पापा के पास चली जाओगी और मैं यहाँ अकेला रहूँगा बस थोड़ी देर और॥

मम्मी – अच्छा एक 2 मिनट रुक मैं अभी आती हु मम्मी मुझे बोलके कमरे से बहार निकल गयी और मैं अपना लंड सहलाने लगा 10 मिनट बाद मम्मी दुबारा मेरे कमरे में आयी और आते ही उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया मम्मी दरवाजे के पास ही खड़ी हो गयी और तभी मैं उनके पास गया और उन्हें पीछे से पकड़ लिया मम्मी ने थोड़ा सा दरवाजा खोला और वह बहार देखने लगी मम्मी अपनी नज़र बहार बनायीं हुई थी तभी वह बोली। Maa Kii Chuddai

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मम्मी – बेटा जो करना है जल्दी से कर ले मैं अभी तेरे पापा को देखकर आयी हु वह लेटे हुए न्यूज़ देख रहे है ये बात बोलते ही मम्मी ने अपनी सलवार ढीली कर दी और अपनी सलवार और पेंटी को गांड के नीचे सरका दिया मम्मी की गांड सामने आते ही मैं उनकी गांड सहलाने लगा।

मम्मी – बेटा अभी इस सब के लिए वक़्त नहीं है जल्दी कर मुझे जाना भी है मम्मी मेरे सामने झुक गयी और वह झुकी झुकी बहार देखने लगी मैंने भी देर किये बिना अपने लंड पर थूक लगाया और नीचे झुककर उसे मम्मी की चुत में डालने लगा मगर मैं जानकर अपना लंड अंदर नहीं डाल रहा था और तभी मम्मी ने मेरा लंड पकड़ा और उसे एक बार में अपनी चुत में डाल लिया मम्मी की चुत पहले से ही गीली हो गयी थी।

इसीलिए लंड अंदर जाने में कोई दिक्कत नहीं हुई और फिर मैंने मम्मी की गांड पकड़ी और मैं धक्के लगाने लगा मेरे दोनों हाथ मम्मी की गांड को पकडे हुए थे और मैं दना दन धक्के लगा रहा था और मम्मी अपने मुँह पर हाथ रखकर झुकी हुई थी मम्मी को पापा का जयादा डर लग रहा था।

मम्मी – बेटा जल्दी कर मममम उम्म्म मुझे डर लग रहा है।

मैं – मम्मी क्यों न हम लोग छत पर चले वहा कोई नहीं होगा और अगर पापा आते भी है तो हमें पहले पता चल जायेगा।

मम्मी – बेटा तू पागल हो गया है कही हमें छत पर किसी ने देख लिया तो।

मैं – अरे मम्मी कोई नहीं होगा छत पर और वाहा पापा का डर भी नहीं रहेगा मम्मी मेरी बात मान गयी और मैंने अपना लंड मम्मी की चुत से निकाल लिया फिर मम्मी अपनी सलवार और पेंटी पहनने लगी और मैंने भी बॉक्सर ऊपर कर लिया।

फिर मैं और मम्मी कमरे से बहार निकले और चुप चाप छत पर जाने लगे मम्मी मेरे आगे चल रही थी और मैं उनके पीछे चलते हुए उनकी गांड को सेहला रहा था मम्मी बार बार मुझे देख रही थी और है रही थी छत पर जाने के लिए मम्मी ने गेट खोला और जैसे ही वह छत पर जाने लगी मैंने उन्हें वही पकड़ लिया छत के दरवाजे के पास थोड़ी जगह थी जहा हम लोग कबाड़ रकते थे।

मैं मम्मी के होंठों को वही खड़े खड़े चूसने लगा और मम्मी भी मेरा साथ देने लगी मम्मी के होंठों को चूसते हुए मैंने उनकी सलवार में हाथ डाल दिया और पेंटी के ऊपर से ही उनकी चुत सहलाने लगा।

मम्मी ने भी मेरे बॉक्सर में हाथ डालके मेरा लंड बहार निकाल लिया और वह उसे सहलाने लगी कुछ देर लंड सहलाने के बाद मम्मी ने अपनी सलवार और पेंटी नीचे कर दी और वह मेरे सामने झुक गयी। Maa Kii Chuddai

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मम्मी ने खुद मेरा लंड पकड़ के उसे अपनी चुत में डाल लिया और मैं भी धक्के लगाने लगा मम्मी की चुत पानी पानी हो रही थी और मेरा लंड सत्ता सात अंदर बहार हो रहा था मम्मी अभी भी अपने मुँह पर हाथ रखे हुए थी ताकि उनकी आवाज न निकल जाये और फिर मैंने मम्मी का हाथ उनके मुँह से हटा दिया और हाथ हटते ही मम्मी के मुँह से अह्ह्ह्ह उम् निकलने लगी।

तभी मम्मी ने फिर से मुँह पर हाथ रख लिया और वह पीछे मूड के मुझे देखने लगी मैं धक्के लगाते हुए बोलै।

मैं – मम्मी आप रात को नाइटी पहना करो उसमें आपको जयादा आराम मिलेगा और बार बार आपको ये सलवार का नाडा खोलने की भी जरुरत नहीं पड़ेगी।

मम्मी – उम्म्म बेटा मैं नाइटी मममम ही पहनती हु मगर मुझे क्या मालूम था? की आह्हः तू अपने पापा के होते हुए अह्ह्ह तू मेरे साथ आज उम्म्म ये सब करेगा मैं धक्के लगाए जा रहा था और मम्मी हलके हलके आह्हः उह्ह्ह कर रही थी मम्मी की चुत कुछ जयादा ही पानी छोड़ रही थी और फिर कुछ ही धक्को के बाद मम्मी आगे होने लगी और उन्होंने आपने मुँह बंद कर लिया।

मम्मी का पानी निकल चूका था मगर मैं धक्के लगाता रहा और मम्मी ऐसे ही मेरे आगे झुकी रही मेरा पानी भी निकलने ही वाला था की तभी मम्मी बोली।

मम्मी – बेटा अंदर मत निकालना मम्मी की बात सुनके मैंने अपना पानी साइड में गिरा दिया और मम्मी और मैं दोनों हाफने लगे मम्मी मुझे देखकर स्माइल कर रही थी और फिर जल्दी से उन्होंने अपने कपडे पहन लिए और अपनी चुत को अपनी पेंटी से साफ़ कर लिया कपडे ठीक करने के बाद हम दोनों नीचे आ गए और जैसे ही हम दोनों नीचे आये तो मैंने और मम्मी ने देखा की पापा मेरे कमरे से निकल रहे थे शायद वह मम्मी को देखने गए थे पापा को मेरे कमरे से निकलते देखकर मैं और मम्मी एक ही बात सोचने लगे की अगर इस वक़्त मैं मम्मी की चुदाई कमरे में कर रहा होता तो पापा हमें पकड़ लेते और शायद आज हमारा इस दुनिया में आखरी दिन होता।

पापा मेरे कमरे से निकल के हम दोनों के पास आये।

पापा – अरे कहा थे तुम दोनों मैं तो समझा तुम अभी( मेरा घर का नाम) के कमरे होगी।

मम्मी – अरे नहीं हम दोनों तो छत पर टहल रहे थे वैसे आप मुझे क्यों ढूंढ रहे थे?

पापा – अरे मुझे पानी चाहिए था मैंने 2 बार आवाज लगायी तो तुमने कोई जवाब नहीं दिया और न ही अभी ने इसीलिए मैं देखने आ गया। Maa Kii Chuddai

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मम्मी – ओह्ह्ह अच्छा चलो आप चलो मैं पानी लेके आती  हु पापा के जाते ही मैं और मम्मी किचन में आ गए और हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे।

मम्मी – बेटा आज तो बाल बाल बचे, 

मैं – हा मम्मी अगर मैं आपको छत पर न ले गया होता तो आज पापा हमें पकड़ लेते।

मम्मी – बेटा आगे से ये सब थोड़ा संभल के करेंगे।

मैं – वैसे मम्मी सच कहु तो पापा के डर की वजह से आपकी चुत जयादा ही गीली हो गयी थी, मम्मी ने मेरी बात सुनके मेरे गाल पर प्यार से एक थप्पड़ मार दिया और हम दोनों हसने लगे।

मैं – वैसे मम्मी अब तो आपको चैन की नींद आएगी मगर ये देखो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया, मम्मी मेरा खड़ा लंड देखकर चौक गयी थी शयद उन्हें उम्मीद नहीं थी की मेरा लंड इतनी जल्दी खड़ा हो जायेगा मेरा लंड देखकर मम्मी के चेरे पर एक स्माइल आयी, मम्मी के हुसैन में सच में जादू था मेरा लंड उनके पास होने भर से फिर से खड़ा हो गया था।

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मम्मी – अब तू जा और जाके सो जा फिर मैं मम्मी को एक किश करके आपने कमरे में आ गया और सो गया सच में उस रात मुझे बहुत चैन की नींद आयी और सुबह मेरी आँख सादे 9 बजे खुली आँखे खुलते ही मैं बहार आ गया और मम्मी को ढूंढ़ने लगा।

पहले मैं मम्मी के बैडरूम में गया जहा मम्मी नहीं थी फिर मैं किचन में आया जहा मम्मी कुछ बना रही थी और उन्होंने कल वाला ही सूट पहना हुआ था शायद वह रात मैं ऐसे ही सो गयी थी और फिर मैंने अंदर जाते ही मम्मी को पीछे से पकड़ लिया इस बार जब मैंने मम्मी को पकड़ा तो वह बिलकुल भी चौकी नहीं बल्कि उन्होंने बड़े प्यार से मेरा गाल सहलाया। 

तो दोस्तो आज इस कहनी मे बस इतना ही अभिषेक ने अपनी मम्मी से क्या पूछा ये मैं आपको अगले भाग मे।

इस कहानी का पिछला भाग पढ़ने के लिए:—>माँ की सालगिरह पर की माँ की चुदाई 4

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