By | February 20, 2023

Mama Bhanji Ki Chudai: हैलो दोस्तो, मेरा नाम स्वाति है , पिछले भाग मे आपने पढ़ा था कैसे मैंने पापा के मज़े लिए थे और अब आगे
उन दिनों की बात है जब जवानी फूट ही रही थी और नया नया सेक्स का चस्का चढ़ा था मुझे।

मैं 20 साल की थी मेरे बूब्स के दीवाने हो जाते थे लड़के और मर्द देखते ही ऐसी ही दीवानगी मेरी फिगर की चढ़ी थी मेरे कजिन मामा को मम्मी के दूर के रिश्ते में लगते थे।

Mama Bhanji Ki Chudai

और कुछ फॅमिली फंक्शन्स पे मुलाकात हुई थी उनसे मामा थे उस समय 32 साल के दिखने में थे, एक बार किसी कजिन की शादी के लिए हमने जाना था दिल्ली और जब पता चला के मामा भी आने वाले है मेरे दिमाग में खुराफाती आइडियाज आने लग गए।

दिसंबर की सर्दी में हम गए दिल्ली कजिन की शादी के लिए दूसरे दिन मामा भी शादी वाले घर आ गये, पहले दिन तो कई बार मैंने उन्हें मुझे तिरछी और हवसी नज़र से देखते हुए पकड़ा बिलकुल उसी तरह जैसे हमेशा से वह मुझे देखते आ रहे है।

पिछली फॅमिली फंक्शन्स में भी दूसरे दिन हमारी ढंग से बात चीत शुरू हुई और काम काम में दोस्ती और गहरी होती चली गयी मस्ती मज़ाक करते करते सारे जवान अपनी पर्सनल लाइफ डिसकस कर रहे थे। Mama Bhanji Ki Chudai:

तभी मुझसे भी मेरे लव लाइफ के बारे में पूछा गया मैंने बताया के अभी 7 महीने पहले मेरा ब्रेकअप हुआ है

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भी मामा ने कहा “बेवक़ूफ़ ही होगा कोई जो तुझ जैसी लड़की को हाथ से जाने दे”इशारा और नीयत तोह मैं समझ गयी थी और बाकि कौसिन्स ने भी हामी भरते हुए कहा “मिल जायेगा उससे अच्छा कोई किसी परी से काम थोड़ी है तू”।

फिर मामा ने बताया के वह भी आज कल सिंगल है और बस लड़किया घुमा रहे है और ये कहते वक़्त मुझे देखकर आंख मारी इशारो ही इशारो में हम एक दूसरे की नीयत समझ चुके थे, धीरे धीरे सारे सोने चले गए और लॉन में मामा और मैं बातें करने में लगे थे।

मामा -सही में गधा ही होगा वह लड़का जिसने तुझे जाने दिया।

मैं – ऐसा क्यों?

मामा -मेरी तोह कभी मजाल नहीं होती के तुझ जैसी मॉडल फिगर वाली सुन्दर सुशील लड़की को कभी किसी और के हाथ लगने दू आज सुबह हल्दी फंक्शन में देखा कितने लड़के तुझे ताड़ रहे थे?

मैं -अच्छा? ऐसा क्या कर दिया मैंने जो मुझे ताड़ रहे थे?

मामा -नहीं तेरे टेलर ने किया तेरे सूट का गला थोड़ा ज्यादा निचे कर दिया बस उसी ने सारा काम कर दिया।

ये सुनते ही मैं शर्मा गयी पर अजीब से ख़ुशी भी हुई ये जानके के मेरे डीप नैक ने सूट ने अपना कमाल कर दिया,7 महीने से मैं सेक्स के लिए तड़प रही थी

मुझसे उम्र में बड़े लड़के मुझे बहुत पसंद है तभी मामा की बॉडी देखते ही नीयत फिसल जाती है सोचती रहती हु इनका लंड कितना बड़ा होगा और क्या मज़ा आएगा उसे खाने में।

मामा – अरे रे कुछ ज्यादा बोल दिया क्या मैंने? शर्म तोह नहीं आगयी?

मैं – नहीं ऐसी बात नहीं है बस पहली बार किसी रिश्तेदार को ऐसा बोलते हुए सुन रही हु तोह अजीब लग रहा है

मामा – क्या रिश्तेदार! दोस्त समझो मुझे अपना सग्गा मामा थोड़ी हु तेरी माँ मेरी मुँह बोली बेहेन है थोड़ी कोई खून का रिश्ता है

झसे ये सुनकर थोड़ा रिलैक्स हुई और सोचा गलत थोड़ी है अगर मैं इनके लंड के बारे में सोचु कुछ ही देर में हम सोने चले गए।
एक बड़े से हॉल में जहा सारे कौसिन्स साथ सोने वाले थे गद्दे लगाकर जैसा सभी शादी वाले घरो में होता है ये तो तय था के मैं मामा के बाजु में ही सोऊंगी जब तक मैं चेंज करके आयी मैंने देखा मामा मेरे बाजु वाले गद्दे में विराजमान होके मोबाइल पे लगे हुए है Mama Bhanji Ki Chudai:

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मैं – आप यहाँ सोने वाले हो?

मामा – तू नहीं चाहती मैं तेरे साथ सोउ?

मैं तेरे बाजु में सोउ?

मैं – ऐसा कुछ नहीं मैं तो ऐसे ही पूछ रही थी।

मैं रात में ब्रा और पेंटी पेहेन के सोना पसंद नहीं करती ठण्ड थी इसलिए सॉफ्ट फर्री मटेरियल वाला फुल स्लीव स्वेटर और पजामा पहना था

मैंने बिना ब्रा और पेंटी के जैसे ही रजाई क अंदर गयी रजाई की ठण्ड लग गयी मुझे।

मैं – ओह कितनी ठंडी है!मामा – ये ले मेरे पेअर मैं अपने पेअर लगा गरम हो जा।

मामा ने अपनी रजाई से पेअर निकालके मेरी रजाई के अंदर डाले और मेरे पैरों के बिच रख दिए हम दोनों के स्मूथ पेअर एक दूसरे को प्यार से मल रहे थे बदन में बहुत कुछ होने लग रहा था मेरे और शायद चूत भी थोड़ी गीली हो रही थी।

मामा ने धीरे से कान में आके कहा – धीरे करू या तेज़? मेरा मतलब पैरों को धीरे धीरे ही मलू या तेज़ तेज़?

मैं – ऐसे ही ठीक है।

मामा – अच्छा लग रहा है? गर्मी मिल रही है?

मैं – बहुत लाइट्स बंद हो चुकी थी रूम की और सारे ही रजाई के अंदर घुसकर अपने अपने मोबाइल में लगे हुए थे मौका देखकर मामा ने हम दोनों के रजाई के एक कोने को एक दूसरे के ऊपर रख दिया, जिससे की दोनों की रजाई के बिच कोई गैप ना दिखे और मेरी गांड और जांघो के ऊपर अपना हाथ फेरने लगे,

जब मैंने पीछे मुड़के देखा तोह उन्होंने कहा – ज्यादा गर्मी हो रही है क्या?

मैं पीछे हट जाऊ?

मैं – नहीं अच्छा लग रहा है मेरा मतलब अच्छी गर्मी मिल रही है ऐसे ही ठीक है।

मन ही मन मैं बहुत ज्यादा खुश थी और निचे गीली मेरी चूचिया भी खड़ी हो गयी थी मुझे बस इंतज़ार था के कब मामा अपने ठन्डे ठन्डे हाथ मेरे टॉप के अंदर डाले।

कुछ देर मेरी गांड सहलाने के बाद उन्होंने मेरे कान में कहा – मेरे हाथ ठन्डे हो रहे है अब तेरी बारी मुझे गर्मी देने की मैं इशारा समझ गयी और शरमाते हुए अपनी गांड थोड़ी सी पीछे कर दी इससे मेरी गांड उनके लंड को लगे और वह आसानी से अपना हाथ मेरी चूत में गरम कर सके। Mama Bhanji Ki Chudai:

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ऐसा करते ही उनकी “आह सुनाई दी मेरे कान में मैं समझ गयी के आज की रात तोह काफी तूफानी होने वाली है बिना समय जाया किये उन्होंने अपना ठंडा हाथ मेरे पजामा के अंदर डाला धीरे धीरे वह हाथ कमर से गांड की तरफ ले गए गांड दबाके थोड़ा “उफ़ हाई कहा फिर सहलाते हुए हाथ आगे ले गए मेरी चूत की तरफ।

मामा – यहाँ तोह बहुत गर्मी है यार तूने बताया नहीं के यहाँ हलकी बारिश भी हो रही है मैं शर्म से लाल हो गए ये सुनते ही मामा ने अपना हाथ मेरी गीली चूत के अंदर डाला और मैं खूब कण्ट्रोल कर रही थी खुद को मोअन करने से चूत में उनकी ऊँगली लगते ही ऐसा लगा मानो जन्नत मिल गयी।

मुझे मेरे पुरे बदन में रोंगटे खड़े हो गए जिस तरह वह प्यार से अपनी ऊँगली से मेरे चूत का दाना सेहला रहे थे मेरे पैर कापने लगे थे और मैंने जांघो के बिच ज़ोर से ऊँगली दबा दी।

वह समझ गए मुझे मज़ा आ रहा है और कहा – धीरे या तेज़?

मैंने दबी हुई आवाज़ में कहा – तेज़ आह फिर भी वह धीरे सहलाते रहे मेरी चूत मुझे और तड़पाने के लिए हलके से उन्होंने मेरी चूत से उंगलिया निकाली और चूचियों के तरफ बढ़ने लगे मेरी चूचियों का दाना दबाके बोले – मेरी तरफ मूढ़ भूख लग गयी गर्मी लेते लेते।

मैं उनकी तरफ मुढ़ी और टॉप हल्का सा ऊपर कर लिया वह धीरे से सरक के मेरी टॉप के अंदर चले गए उनके बालों से मेरे पेट और बूब्स के पास प्यारी सी गुदगुदी होने लगी और मैं हसने लगी।

उन्होंने एकदम अपने हाथ से मेरा मुँह बंद कर दिया और स्वेटर में और ऊपर घुसते हुए मेरे चुचि के दाने को अपने दातो से कटा “आह धीरे मैंने कहा मामा ने और ज़ोर से मेरा मुँह बंद किया। Mama Bhanji Ki Chudai:

फिर एक ऊँगली डाली मेरे मुँह में जिसे मैं इस तरह चूसने लगी जैसे मुझे उनका लंड चूसने का मन था।

वह एक एक करके मेरी दोनों चूचिया चूसते रहे 25 मिनट्स तक कुछ देर में फिर अपना हाथ मेरे पाजामे में डाल दिया अब ऊपर वह मेरा दूध पि रहे थे और निचे उनकी उंगलियां मेरे चूत से पानी निकाल रही थी।

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इतना सुख मैंने जीवन में कभी महसूस नहीं किया था ये मानो मेरी फंतासी पूरी हो गयी,

एक बड़े आदमी से चूचिया चुसवाना और चूत में ऊँगली करवाने की धीरे से उन्होंने एक ऊँगली मेरे चूत की होल से अंदर डाली और उसी वक़्त दातों से मेरे चुकी के दाने को दबाया।

मैंने ज़ोर से उनके बाल खींचे क्युकी चिल्ला तोह नहीं सकती थी थोड़ा दर्द हुआ पर उसे ज्यादा सुख प्राप्ति।

मैं उनके बाल सहलाती रही वह अपनी हवस में ज़ोर से मेरे दूध भी पीते रहे और ज़ोर ज़ोर से मुझे ऊँगली करते रहे।
10 मिनट्स में मेरी चूत का सारा पानी उन्होंने निकल दिया और पैर मेरे फिर कांपने लग गए मैंने बहुत ज़ोर से उनके बाल खींचे इस बार और स्वेटर से निकलने उन्होंने कहा – निकल गयी सारी गर्मी भांजी?

मैंने उनको ऊपर खींचा 2 सेकंड उनकी आँखों में देखने के बाद ज़ोर से अपनी और खींचते हुए उनके लिप्स चूमने लगी कभी ऊपर वाला कभी निचे वाला कभी जीभों को एक दूसरे से मिलाना और बहुत गीली चुम्मी देना।

फिर धीरे से प्यार वाली चुम्मी देना ऐसे 10-मिनट तक हम एक दूसरे को लिप्स को खाते रहे एक बार फिर एक दूसरे की आँखों में आंखें डालकर हमने स्माइल किया फिर सो गए अपने अपने रजाई के अंदर। Mama Bhanji Ki Chudai:

आगे के हमारे हवसी एडवेंचर्स के सपने देखते हुए इसके अगले दिन से शुरू हुआ हमारा हवसी सफर शादी वाले घर में बुरी तरह चुदाई कर दी मेरी मेरे मामा ने इसका किस्सा अगली स्टोरी में
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