By | January 6, 2023

Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani: हैलो दोस्तो, कैसे हो आप मैं एक बार फिर आई हु आपके साथ पिछली कहानी का भाग 3 लेके ।अगर आपने अभी तक इस कहानी का भाग 2 नहीं पढ़ा तो प्लीज यहा क्लिक करके आप भाग 2 पढ़> सासु और बहू को चाचा ससुर ने रात मे चुदाई करके बहू की चुत फाड़ी लीजिये ।अब आगे की खनाई बताती हु॥

मैं मम्मी जी की चुचि चूस रही थी. और दूसरी चुचि का निप्पल रगड़ रही थी. मम्मी जी का हाथ मेरे सर पर था. और कुछ ही देर में उनका पानी निकाल दिया. मम्मी जी की साँसे बहुत तेज तेज चल रही थी.तभी चाचा जी ने अपना लंड मम्मी जी की चुत से बहार निकल लिया. और चाचा जी का लंड पूरा गिला पड़ा था. मैंने तुरंत उसे अपने मुँह में ले लिया. और चाचा जी का लंड चाट चाट के साफ़ करने लगी.

चाचा जी – बहु जयादा मत चुसो नहीं तो मेरा पानी निकल जायेगा. चाचा जी ने मुझे मम्मी जी के ऊपर घोड़ी बना दिया. अब मम्मी जी नीचे लेटी थी. और मैं उनके ऊपर घोड़ी बनी हुई थी.

Vidhwa maa ki chudai ki kahani


चाचा जी फिर से मेरे पीछे आ गए. और जल्दी से अपने लंड मेरे अंदर डाल दिया. चाचा जी मेरी गांड पकड़ के धक्के लगाने लगे. और तभी मेरी लटकती चूचियों को मम्मी जी ने अपने मुँह में ले लिया. Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani:

Sagi Maa ki chudai ki mast story

मम्मी जी मेरी चूचिया खींच खींच के चूस रही थी. ऐसा लग रहा था. जैसे मम्मी जी मेरी चूचियों से दूध निकाल रही हो. चुत में चाचा जी का मोटा लंड और नीचे से मम्मी जी का मेरी चुकी चूसना.शायद ही किसी बहु को चुदाई में इतना सुख पहले मिला हो. चाचा जी का लंड अंदर चुत फाड़ता हुआ महसूस हो रहा था. और मैं भी अपने चरमसुख के करीब थी.फिर कुछ ही देर बाद चाचा जी ने अपने धक्के तेज कर दिए. और मैं मम्मी जी के ऊपर गिर गयी. मेरा पानी निकल चूका था. और अब मेरा बदन मम्मी जी के बदन से चिपका हुआ था.मम्मी जी मेरी पीठ सेहला रही थी.

और फिर मैं मम्मी जी के साइड में लेट गयी. तभी चाचा जी हम दोनों के बीच आ गए. और उन्होंने अपना लंड हाथ से हिला के सारा पानी मेरी और मम्मी जी चूचियों पर निकल दिया.चाचा जी का गरम और गदा पानी मेरी और मम्मी जी की चूचियों पर था. मैंने सारा पानी अपनी चूचियों पर मॉल लिया. चाचा जी और मम्मी जी मुझे ही देख रहे थे. और फिर मम्मी जी ने भी ऐसे ही किया.

चाचा जी – भाभी आज तो मज़ा आ गया. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की मैं एक सास और बहु को साथ में चोदुगा.
मम्मी जी – किशोर हम तीनो में से ये बात किसी ने नहीं सोची थी की एक दिन हम तीनो ऐसे एक ही बिस्तर पर ये सब करेंगे.
मैं – वैसे मम्मी जी मैं तो ये सोच रही थी की काश मुझे ये सब पहले मालूम चल गया होता. तो मेरी इतनी राते बेकार न जाती.चाचा जी -तो बहु अब कोनसी देर हुई है. अब सारी राते रंगीन कर दूंगा. कसम से बिलकुल भाभी का ही रूप हो. बहुत मज़ा देती हो बिस्तर में.

मैं और मम्मी जी हसने लगे. और फिर मैंने चाचा जी का लंड पकड़ लिया. और उसे ऊपर नीचे करने लगी.चाचा जी – देखा भाभी आपकी बहु की गर्मी अभी निकली नहीं है. इसे अभी और मेरे लंड की सवारी करनी है.
मम्मी जी – हा वही देख रही हु किशोर. जैसे मैंने पहली बार तेरे साथ किया था. भूल गया क्या? Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani:

Dost ki maa ki chudai ki story

चाचा जी -ओह भाभी वह दिन में कैसे भूल सकता हु. आपने तो मुझे भी पागल कर दिया था. जानती हो बहु जब पहली बार मैं और भाभी अकेले थे. तो भाभी ने मुझसे 4 बार चुदवाया था.मैं जितना भी चुदाई में माहिर बना हु. ये सब भाभी की वजह से ही है. भाभी को जब भी मौका मिलता था. ये अपनी साड़ी ऊपर कर देती थी. और मैं भी इन्हे चोदने लगता था.
कई बार तो भैया के रहते हुए भी हम दोनों चुदाई करते थे. और उन्हें कभी हमारे बारे में मालूम नहीं चला.

मैं – चाचा जी अब मम्मी जी भी क्या करती? एक औरत को एक औरत ही समझ सख्ती है. एक औरत पूरा दिन अपने परिवार के लिए काम करती है.और अगर रात में उसका पति उसे खुसी के कुछ पल न दे. तो वह और कर भी क्या सकती है. बिलकुल वैसे ही जैसे मम्मी जी ने आज मेरी भावना को समझा.

मम्मी जी – देखो बहु ये सब है तो गलत मगर अपनी खुसी के लिए हर गलत चीज भी सही है. तुम्हे जो करना है करो. मगर बस मेरे बेटे का इतना ख्याल रखो की उसे किसी चीज को कमी न हो.इसी बीच चाचा जी का लंड फिर से खड़ा हो गया.

मैं – मम्मी जी चाचा जी का घोडा फिर से सवारी के लिए तैयार हो गया है.मम्मी जी – बहु इस घोड़े को मैंने बहुत घी पिलाया. तभी तो ये आज भी मेरी सेवा कर रहा है.चाचा जी – भाभी आप दोनों मेरे सामने घोड़ी बन जाओ.और चाचा जी की बात सुनते ही मैं और मम्मी जी घोड़ी बन गए. तभी चाचा जी हमारे पीछे आ गए. और हम दोनों की गांड पर थप्पड़ मारने लगे.फिर चाचा जी ने मेरी चुत में लंड डाल दिया. और मम्मी जी की चुत में 2 ऊँगली घुसा दी.

चाचा जी 4 धक्के मेरी चुत में मारते. तो फिर 4 धक्के मम्मी जी की चुत में.मुझे और मम्मी जी को बहुत मज़ा आ रहा था. हम तीनो ने रात के 2.30 बजे तक चुदाई की. और चाचा जी ने मुझे और मम्मी जी को 3 बार चोदा. फिर हम तीनो उसे बेड पर सो गए. Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani:

ससुर जी ने मेरी सास को और मुझे जम के चोदा

सुबह मेरी आँख 8 बजे खुली. मैंने देखा चाचा जी और मम्मी जी बेड पर नहीं थे. तभी मैं नंगी ही बहार आ गयी. क्युकी मेरी न नाइटी तो मेरे कमरे में थी.बहार आते ही मैंने देखा. मम्मी जी चाचा जी की गोदी में बैठी है. और वह दोनों नंगे ही थे. दोनों चाय पे रहे थे.

तभी मैं उनके पास गयी.मम्मी जी – उठ गयी बहु बैठ मैं तेरे लिए चाय लेके आती हु.मैं सोफे पर साइड में बैठने लगी. मगर तभी चाचा जी ने मुझे पकड़ के अपने लंड पर बैठा लिया. चाचा जी का लंड मेरी जांघो पर लग रहा था. तभी उन्होंने मेरी एक चुकी को मुँह में ले लिया.और वह मेरी चुकी को दबा दबा के चूसने लगे. तभी मम्मी जी मेरे लिए चाय लेके आ गयी. मम्मी जी हम दोनों को ही देख रही थी.मैं – मम्मी जी मुझे भी उठा लिया होता. मैं चाय बना देती.

मम्मी जी – अरे बहु तू सो रही थी. वैसे भी रात में तू थक गयी होगी. इसीलिए नहीं उठाया. मगर अब देखकर लगता है की अभी भी कसर रह गयी है.

मैं – अरे नहीं मम्मी जी मैं तो साइड में ही बेथ रही थी. मगर ये चाचा जी है न बड़े बदमाश है. इन्होने मुझे खींच के अपने ऊपर बिठा लिया. वैसे मम्मी जी क्या आप दोनों ऐसे ही नंगे रहते थे.

मम्मी जी -है बहु जब तुम इस घर में नहीं थी. तब हम दोनों ऐसे ही रहते थे. अपने बेटे के जाते ही मैं किशोर को बुला लेती थी. और ये भी तुरंत आ जाता था. देखो कैसे बच्चे की तरह दूध पी रहा है.

मैं – सच कहा मम्मी जी बच्चे की तरह ही मेरा दूध पी रहे है. मगर चाचा जी का ये घोडा तो देखो किसी भी जवान लड़के के मुकाबले जयादा दमदार है.

मम्मी जी – सच कहा बहु ये घोडा कई औरतो को सवारी करवा चूका है. गाओं की कई औरते इसका इंतज़ार करती है.मैं – वहा चाचा जी क्या बात है? वैसे मम्मी जी हम दोनों ही किस्मत वाली है. जो ये घोडा अब हमारे पास है.चाचा जी – बहु अब ये तुम्हारे ही पास रहेगा. मगर अभी मुझे जाना होगा. विजय भी आज आ जायेगा. और तेरी चाची भी बुला रही है. 2 दिन से यही हु.
उसे तो ये बात पता भी नहीं है. मगर जाने से पहले तुम्हारी गर्मी जरूर निकल दूंगा.

Sauteli maa ki chudai ki kahani

चाचा जी ने मेरे हाथ से चाय लेके टेबल पर रख दी. और फिर मुझे सोफे पर ही घोड़ी बना दिया. और फिर चाचा जी ने मेरी चुत में लंड डाल दिया. और वह धक्के लगाने लगे.और मम्मी जी पास बैठी मुझे ही देख रही थी. चाचा जी के धक्को की आवाज थप थप गूंज रही थी. और मेरे मुँह से भी आह अहह की आवाज आ रही थी. Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani:

मम्मी जी – बहु तुम दोनों मस्ती करो.
मैं तो नहाने जा रही हु.चाचा -अरे भाभी आप कहा जा रही हो. मैं जाने वाला हु. कम से कम एक बार तो करने दो.
मम्मी जी – अरे किशोर अब किसी चीज का डर नहीं है. विजय के जाते ही तुझे दुबारा बुला लुंगी. तब तुझे अच्छे से थका दूंगी. मम्मी जी नहाने चली गयी. और मैं चाचा जी के लंड पर बैठ गयी. मैं अपनी कमर जोर जोर से चला रही थी. और चाचा जी मेरी चूचिया चूस रहे थे.

चाचा जी – बहु तेरी चुत और तेरी चूचिया बहुत ही मज़ेदार है.मैं – चाचा जी अभी नयी नयी जो मिली है. कुछ टाइम बाद आपको भी ये पुरानी लगने लगेगी.

सगे बेटे ने माँ की चुदाई की कहानी

चाचा जी -अरे बहु ऐसा कुछ नहीं है. देख ले तेरी सास को मैं कितने टाइम से चोद रहा हु. मगर आज भी उसे ही चोदने आता हु.
वैसे मेरा सम्बन्ध और भी औरतो से रहा है. मगर भाभी को मैं कभी नहीं भुला.

मैं – वैसे चाचा जी हम दोनों भी मम्मी जी के साथ नाहा लेते है. इससे पानी भी बचेगा.चाचा जी -वह बहु तूने तो दिल की बाच छिन ली. तू सही मायने में अपनी सास पर गयी है. वह भी कोई मौका हाथ से नहीं जाने देती है.मैं चाचा जी के लंड से उठ गयी. और फिर मैं चाचा जी का लंड पकड़ के बाथरूम में ले गयी. मैंने जैसे ही दरवाजा खोला. सामने मम्मी जी खड़ी हुई थी. मम्मी जी की नज़र हम दोनों पर पड़ी.और वह हमें देखकर हसने लगी. फिर चाचा जी और मैं अंदर चले गए.

शावर के नीचे आते ही हम तीनो मज़े लेने लगे. चाचा जी ने जाते ही मम्मी जी की एक टांग पकड़ के उठा ली.इससे मम्मी जी थोड़ा झुक गयी. और फिर चाचा जी ने आपने लंड चुत में डाल दिया. चाचा जी मम्मी जी की चुदाई करने लगे. और मैंने भी नीचे बैठ के अपना मुँह मम्मी जी की चुत पर लगा दिया.अब चाचा का लंड मम्मी की चुत की चुदाई कर रहा था. और मेरी जीभ मम्मी की चुत के दाने को चाट रही थी. मैं अपनी जीभ से मम्मी की चुत और चाचा जी का लंड दोनों चाट रही थी.मम्मी का मज़ा दुगना हो गया था. Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani:

और वह आठ अह्ह्ह करने लगी. कुछ देर बाद मम्मी खड़े खड़े थक गयी. और फिर चाचा ने भी अपना लंड निकाल लिया.अब चाचा जी नीचे लेट गए. और मम्मी जी उनके लंड पर बैठ गयी. मम्मी जी अपनी कमर चलाने लगी. और उन्होंने मेरी गांड को पकड़ के आपने मुँह मेरी चुत में लगा दिया.अब मम्मी जी अपनी चुत में लंड लेते हुए. मेरी चुत को चाट रही थी. और मैं खड़ी खड़ी मम्मी जी का सर अपनी चुत में दबा रही थी. हम तीनो को ही बहुत मज़ा आ रहा था.

Saas maa ki chudai ki kahani hindi

मम्मी जी मेरी चुत में ऊँगली करते हुए. उसे चाट रही थी. कुछ देर बाद मम्मी जी चाचा जी के लंड से उठ गयी. और उन्होंने मुझे चाचा जी के लंड के लंड बैठा दिया.अब मैं अपनी कमर चला रही थी. और मम्मी जी जाके चाचा जी के मुँह पर बेथ गयी. मम्मी जी और मैं एक साथ अपनी कमर चलने लगे.और चाचा जी आपने लंड और जीभ से हम दोनों को शांत करने लगे. चाचा जी ने अपनी जीभ से मम्मी जी का पानी निकल दिया. और फिर वह कड़ी हो गयी.

अब चाचा जी ने मुझे खड़ा कर दिया.और मुझे डोगग्य स्टाइल में चोदने लगे. मम्मी जी मैं और चाचा जी एक साथ शावर में चुदाई कर रहे थे. अब मम्मी जी नीचे बेथ के मेरी चुत चाट रही थी.इस डबल मज़े से मैं भी खुद को जयादा रोक नहीं पायी. और जल्दी ही मैं भी झड़ गयी. चाचा जी तेज तेज धक्के लगाने लगे. और तभी मम्मी जी ने चाचा जी का लंड बहार निकल लिया.

और उसे अपने हाथ से आगे पीछे करने लगी. चाचा जी ने भी अपना पानी की पिचकारी मेरी गांड पर निकल दिया. चाचा जी हाफ रहे थे.

मम्मी जी – किशोर तू अभी अपना पानी मेरी बहु के अंदर डालने वाला था. ये तो अच्छा हुआ मैंने सही समय पर तेरे लंड को बहार निकल लिया.

चाचा जी – अरे भाभी जोश जोश में धयान नहीं रहा. नहीं तो मैं खुद पूछ के ही अंदर पानी डालता हु.
मम्मी – देखो बहु अपने मज़े के लिए तुम चाहो कितनी बार किशोर के साथ मज़े करो. मगर ये बात धयान रखना की तुम्हारी औलाद तुम्हारे पति की हो. Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani:

मैंने इस बात का धयान हमेशा रखा है.मैं – मम्मी जी मैं भी आगे से धयान रखूंगी.फिर हम तीनो बहार आ गए. और चाचा जी नास्ता करके आपने घर चले गए. मम्मी जी और मैं आराम करने लगे. और दोपहर तक मेरे पति भी आ गए. कुछ देर मम्मी जी से मिलके.वह सीधा बैडरूम में आ गए. और हम दोनों एक दूसरे को चूमने चाटने लगे. मेरे पति हमेशा ही मुझे बिस्टेर में खुस रखते है. मगर ये तभी होता है. जब वह घर में रहे.हम दोनों ने एक दूसरे को नंगा कर दिया. और मेरे पति ने मुझे नीचे बिठा दिया. मेरे पति को ब्लोजॉब बहुत पसंद है. और मैं भी लंड चूसने में कोई कसर नहीं छोड़ती हु.

मगर आज अपने पति का लंड चूसते हुए. मुझे चाचा के लंड की याद आ रही थी. कुछ देर लंड चूसने के बाद मेरे पति ने मुझे सीधा लिटा दिया. और फिर उन्होंने अपना बैग से एक बॉक्स निकला.उस बॉक्स के अंदर एक गुलाबी रंग का वाइब्रेटर था. जो उन्होंने सीधे मेरी चुत में डाल दिया. उस वाइब्रेटर की एक डंडी निकली हुई थी.

indian maa ki chudai ki hindi me

जिसमें लाइट जल रही थी.फिर मेरे पति ने अपना मोबाइल उठाया. और उसमें कुछ करने लगे. और इधर मेरी चुत में पड़ा वाइब्रेटर जोर जोर से कांप ने लगा. मुझे उस वाइब्रेटर से बहुत मज़ा आ रहा था.और मेरे पति मुझे देखकर खुस हो रहे थे. वह बार बार अपने मोबाइल पर कुछ करते. और मेरी चुत में पड़ा वाइब्रेटर जोर जोर से कांप ने लगता

मैं – बेबी ये बहुत जोर से कांप रहा है. इसे बंद कर दो बेबी.मगर मेरे पति कहा मानने वाले थे. उन्होंने उसे और तेज कर दिया. और मैं अपने मुँह पर हाथ रखकर अपनी आवाज दबाने लगी. मैंने जैसे ही उस वाइब्रेटर को निकला.तो मेरी चुत से मेरी मूट की धार बहार निकल आयी. जिसे देखकर मेरे पति बहुत खुस हो गए. और उन्होंने अपना मुँह मेरी चुत पर लगा दिया. और मेरी गीली चुत को चाट चाट के साफ़ कर दिया.फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चुत में डाल दिया. और हम दोनों चुदाई करने लगे. मैं तो पहले से ही संतुष्ट थी. मगर अपने पति को ना भी नहीं कह सकती थी.


और वैसे भी चुदाई जितनी मिले कम ही होती है.मेरे पति ने मुझे 2 बार चोदा. और फिर हम दोनों लेट गए.
मैं – बेबी ये नया खिलौना कहा से ले आये.
पति – डार्लिंग ये मैंने किसी से मंगवाया था. ये तुम्हे इतना मज़ा देगा की तुम इस डिलडो को भी भूल जाओगी.
मैं -हा बेबी तुम सही कह रहे हो. ये बहुत जोर से अंदर कांप रहा था. आज तक कभी मेरा मूट चुदाई में नहीं निकला था. मगर इसने तो निकल दिया. Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani:

पति – हा बेबी इसीलिए तो तुम्हारे लिए लाया हु. इसे तुम मोबाइल से जयादा या कम कर सकती हो. जैसे मैं कर रहा था.
मैं -अच्छा तो तुम मोबाइल से यही कर रहे थे. वही मैं कहु की मेरे पतिदेव चुदाई करते हुए. कहा मोबाइल चलने लगे.
पति – डार्लिंग बस जब भी मैं घर में रहु. तब तुम इसे अपनी चुत में ही डाले रखना.मैं -मतलब पुरे दिन इसे चुत में राखु. अच्छा जी अब मैं समझी. तुम मुझे इससे सताने वाले हो.

पति – अब अपनी बेबी को नहीं सताऊंगा. तो और किसको सताऊंगा.मैं आपने पति की बात मान गयी. और मैंने वाइब्रेटर अपनी चुत में डाल लिया. और उन्होंने इसका कण्ट्रोल मेरे मोबाइल में भी डाल दिया. और फिर हम दोनों सो गए.फिर कुछ घंटो बाद में उठ गयी. और शाम की चाय बनाने में नीचे आ गयी. मेरे पति और मम्मी जी बहार ही बैठे हुए थे. और मैं चाय बना रही थी.तभी मेरी चुत में लगा वाइब्रेटर कांप ने लगा. मेरे हाथ से कप गिरते गिरते बच गया.

मेरे चाचा ने की सास की चुदाई

मैंने आपने पति की तरफ देखा. तो वह मुझे देखते हुए हसने लगे.वह बार बार वाइब्रेटर की स्पीड को काम जयादा कर रहे थे. मैं उन्हें आँखे दिखा रही थी. मगर वह तो मस्ती के मूड में थे. फिर उन्होंने वाइब्रेटर को बंद कर दिया. और मैं चाय लेके गयी.जैसे ही मैं चाय पीने लगी. तभी उन्होंने फिर से वाइब्रेटर ऑन कर दिया. और मेरे हाथ से नमकीन गिर गयी.

मम्मी जी -क्या हुआ बहु तुम्हारी तबियत तो ठीक है न?मैं -हा मम्मी जी मैं ठीक हु.मैंने अपने पति के पेअर पर जोर से अपना पैर मारा. तो उन्होंने वाइब्रेटर बंद कर दिया.

फिर मेरे पति चाय पिके बाते करने लगे. और शाम होते ही वह बहार चले गए.और फिर मैं खाना बनाने लगी. तभी मम्मी जी भी आ गयी. वह मुझे ही देख रही थी.

मैं – क्या हुआ मम्मी जी? चाचा जी की याद आ रही है क्या?मम्मी जी – बहु ज़िंदगी में एक साथी होना बहुत जरुरी होता है. वरना अकेलापन काटने को आता है.

मैं – सही कहा मम्मी जी. जब विजय भी बहार जाते है. तो मैं भी पागल हो जाती हु. वैसे चाचा जी थे. तो आपका भी मन लगा रहता है.मम्मी जी – हा वैसे किशोर के होने से अब तो तेरा भी मन लगा रहता है.मम्मी जी और मैं हसने लगे. क्युकी अब हम दोनों ही चाचा जी के लंड की सवारी जो कर रहे थे. Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani:

मैं – मम्मी जी आपसे एक बात पुछू अगर आप बुरा न मनो?मम्मी – बहु अब हमारे बीच बुरा मानेने जैसा कुछ नहीं है. जो पूछना है पूछ लो.मैं – मम्मी जी जब मैं आपकी चुत चाट रही थी. तो आप भी एन्जॉय कर रही थी. क्या आप पहले भी ये सब कर चुकी हो.मम्मी जी – है बहु मैंने पहली बार इसका मज़ा अपनी सहेली के साथ लिया था.

तब मेरी शादी नहीं हुई थी. और हम दोनों एक दूसरे को ऐसे ही मज़े देते थे. उसी ने मुझे अपनी लाइफ को जीना सिखाया है.मैं – मम्मी जी क्या में उनको जानती हो?मम्मी जी – हा बहु वह यहाँ कई बार आ चुकी है. तुम सीमा से तो मिल ही चुकी हो. वही है मेरी हमदर्द.

Dost ki maa ki chudai ki story

मैं – ओह्ह सीमा आंटी है आपकी वह पार्टनर.मम्मी जी – है बहु वही है मेरी हमदर्द. मैंने शादी से पहले सिर्फ उसी के साथ ऐसा किया था. मगर वह तो कई लड़को के साथ भी सेक्स कर चुकी थी. मगर मैंने अपना कुँवारापन अपने पति को ही दिया.कुछ टाइम तक पति के साथ सब सही चल रहा था. मगर फिर उन्होंने मेरे ऊपर धयान देना बंद कर दिया. मगर मेरे अंदर बहुत जयादा गर्मी होने लगी थी.
तब मैंने सीमा से बात की. और उसने ही मुझे बदल दिया.

मैं – वहा मम्मी जी सीमा आंटी तो वाकई बहुत अच्छी है. वैसे मम्मी जी चाचा जी का घोड़े से पहले आपने और भी सवारी की है क्या?मम्मी जी – बहु किशोर तो बाद में आया था. सीमा के कहने पर मैंने उसके यार से भी मज़े लिए थे. सीमा और मैं साथ में प्लान बनाते थे. और फिर अपने अपने मायके में मिलते थे.उसके बाद हम दोनों बहुत एन्जॉय करते थे.

तब सीमा ने मुझे बताया था की उसने अपने देवर को फसा रखा है. और हर रोज दिन में वह अपने देवर के साथ मज़े करती है.सीमा ने मुझे भी यही रास्ता बताया. तब जाके मैंने किशोर को अपने बस में किया. और तब से लेके आज तक. वह मेरे साथ है.
वैसे बहु तुम्हारा भी किसी के साथ ऐसा रिश्ता है क्या?मैं – मम्मी जी शादी से पहले बॉयफ्रेंड थे. उनके साथ मैंने बहुत एन्जॉय किया था. मगर शादी के बाद चाचा जी पहले इंसान है. जिनके साथ मैंने मज़े लिए है.मम्मी जी – वैसे बहु इसमें कुछ गलत भी कहा है. मर्द भी बहार मुँह मारते है. इस मामले में मेरा बेटा भी पीछे कहा है.

मैं – सच में मम्मी जी क्या विजय की भी कोई गर्लफ्रेंड रही है.मम्मी जी – है बीटा उसकी भी गर्लफ्रेंड रही है. जब कभी मैं बहार जाती थी. तो वह उसे बुला लेता था. और पड़ोस वाली भाभी मुझे बताती थी की घर में कोई लड़की आयी थी.मैं – वैसे मम्मी जी विजय बहुत ही बदमाश है. आपको एक चीज दिखाओ.मम्मी जी – है दिखाओ बहु.मैंने अपनी लेग्गिंग्स नीचे कर दी. और मम्मी जी को मेरी चुत में फसा वाइब्रेटर दिखने लगा.मम्मी जी – ये क्या चीज है बहु? Meri Vidhwa maa ki chudai ki kahani:

मैं – मम्मी जी ये वाइब्रेटर है. जो विजय अभी अभी लाये है. ये सेक्स करने का खिलौना है.मैंने अपनी चुत से वाइब्रेटर निकाल दिया. और मम्मी जी को दे दिया. वह बड़े गौर से उसे देख रही थी. फिर मैं नीचे बैठ गयी. और मम्मी जी की सलवार का नाडा खोलने लगी.मम्मी जी – ये क्या कर रही हो बहु?मैं – मम्मी जी इसे एक बार इस्तेमाल करके देखो. आपको वह मज़ा मिलेगा. जिसकी चाहता एक औरत को हमेशा रहती है.

Sote hue maa ki chudai ki kahani

मम्मी जी की सलवार नीचे करके. मैंने अपना मुँह मम्मी जी की चुत में लगा दिया. और वही खड़े खड़े मैं मम्मी जी की चुत को चाटने लगी.मम्मी जी को भी मज़ा आ रहा था. कुछ देर चुत चाटने का बाद मैंने वाइब्रेटर लिया. और उसे मम्मी जी की चुत में डाल दिया. मम्मी जी वैसे ही खड़ी हुई थी.फिर मैंने आपने मोबाइल उठाया. और उस वाइब्रेटर को ऑन कर दिया. वाइब्रेटर के होते ही मम्मी जी ने मेरा कन्धा पकड़ लिया. और वह मेरी तरफ देखकर स्माइल करने लगी.मम्मी जी को वाइब्रेटर से मज़ा आ रहा था. और वह अपनी आँखे बंद करके.

आपने होंठों को काट रही थी. मैंने भी इस पल का फायदा उठाया. और मैंने मम्मी जी के होंठों को मुँह में भर लिया.मम्मी जी भी गरम हो गयी थी. हम दोनों सास बहु एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे. मम्मी जी मेरी चूचिया दबा रही थी. और मैं उनकी चूचियों को मसल रही थी.फिर मैंने वाइब्रेटर स्पीड जयादा कर दी. और मम्मी जी के मुँह से अहह अह्ह्ह निकलने लगी. तभी घर की गति बज गयी. मैंने जल्दी से वाइब्रेटर बंद कर दिया. और मम्मी जी भी उसे निकालने लगी.मगर मैंने उन्हें मना कर दिया.
मम्मी जी ने वाइब्रेटर अंदर ही रहने दिया. और उन्होंने सलवार पेहेन ली.

मैंने जाके गेट खोला. तो सामने मेरे पति खड़े थे. मेरे पति के अंदर आते ही उन्होंने आपने मोबाइल निकाला. और मेरे सामने ही वाइब्रेटर को ऑन कर दिया. मगर उन्हें क्या मालूम था. इस समय वाइब्रेटर मेरी नहीं बल्कि मम्मी जी की चुत में है.वाइब्रेटर ऑन होते ही मम्मी जी के शकल के भाव बदलने लगे. और मैं इस बात को समझ गयी. मेरे पति खुस हो रहे थे.

क्युकी उन्हें लग रहा था की मज़े मुझे आ रहे है.मगर सच तो ये था की चुत मम्मी जी की गीली हो गयी थी. मैंने आपने पति को आँखे दिखाई. तो वह जाके सोफे पर बैठ गए. और मम्मी जी तुरंत भागकर अपने कमरे में चली गयी.
मैं भी उनके पीछे पीछे कमरे में चली गयी. अंदर जाते ही मैंने देखा.

Bete aur maa ki chudai

मम्मी जी ने तुरंत वाइब्रेटर निकाल दिया.

मम्मी जी – बहु ये तो बहुत खतरनाक चीज है. और तू मेरे बेटे के सामने ही इसे चालू करने लगी थी.

तो दोस्तो आज यही तक आगे क्या हुआ मैं आपको अगली कहानी मे बतऔगी, कैसे विजय ने भी अपनी मम्मी को चोदा।
Read More Sex Stories…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *