By | January 18, 2023

Sagi Mummy ki chudai ki Sacchi Kahani:– हैलो दोस्तो, ये पिछली कहनी का भाग 3 है मुझे उम्मीद है आपको ये कहनी बहुत अच्छी लगी होगी। प्लीज कमेंट करके ज़रूर बताना.
मैं हर्ष बेंगलुरु से हूँ अभी पुणे में हूँ मैं 24 साल का हूँ सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ मैं एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करता हूँ
मेरे घर में 4 लोग है माँ पापा बहन और मैं मेरे पापा की जॉब चेन्नई में है इस वजह से माँ-पापा चेन्नई में रहते है और बहन अपने पति के साथ दिल्ली में.

अब सीधा स्टोरी पे आता हूँ
तभी गेट की दूर बेल्ल बज गयी इससे रॉंग टाइमिंग हो नहीं सकता किसी का घर आने का बेल्ल सुनते ही माँ ने कपडे हाथ में उठाये और बैडरूम की तरफ भाग गयी बिना कपड़ो के

मैं पीछे से माँ की ब्यूटी को देख रहा था बड़ी गांड भागने के कारन मटक रही थी बैडरूम के गेट पे जाके माँ ने मूड के देखा और आंख मार के फ्लाइंग किश दे दी और बैडरूम के और चली गयी माँ का फेस नाराज़ दिख रहा था काश अभी कोई नहीं आता तो मैं माँ को चोद पाता.

Mummy ki chudai ki Sacchi Kahani

माँ की चूत पूरी गीली हो चुकी थी माँ की चूत से पानी आया था बस 15 मिनट के लिए बेल्ल नहीं बजी होती तो काश और गौर से माँ को नंगा देख पाता वह गेट पे जो कोई था उस पे बहुत गुस्सा आ रहा था

मैंने रूम फ्रेशनर मार दिया अपने आप को आईने में देख कर ठीक कर दिया अभी तक मेरा लंड टाइट था वह ठीक कर दिया बहार से ही मैंने माँ को आवाज दी मैं: माँ आप हो गयी ठीक? अभी गेट खोल दू?

माँ: गेट लॉक नहीं है है मेरी माँ अभी भी फुल नशे में है मुझे अंदर आने को इंडीरेकटिली बोल रही थी रूम का गेट धकेल दिया मैंने और देखा तो माँ ब्रा पहन रही थी और निचे पेटीकोट पहन लिया था माँ ने बाल आगे कर लिए थे

मैं हिम्मत कर के आगे गया और ब्रा की हुक लगा ने मैं माँ की हेल्प कर दी माँ को टच करते ही उनको जैसे करंट लगा हो वैसा हुआ वह मेरी और घूम गयी और मेरी आँखों में देखने लगी माँ ने मेरी आँखों पे अपना हाथ रख दिया मेरी आंखे बंद कर दी और दूसरे हाथ से मेरा हाथ पकड़ लिए माँ ने हाथ अपने बूब्स पे रख दिया हाय मेरा तो लंड अभी बस पैंट फाड़ के बहार ही आ जायेगा क्या सॉफ्ट थे माँ के बूब्स मेरा हाथ ब्रा के ऊपर से था Sagi Mummy ki chudai ki Sacchi Kahani:

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पर फिर भी बहुत सॉफ्ट थे मैं बूब्स ज़ोर से दबा दिया माँ: यह आराम से मेरी जान मैं: आपके बूब्स बहुत ही सॉफ्ट है एकदम सॉफ्ट काश उससे चुम लू माँ: अभी नहीं अभी बस ये भी बोनस था , याद रखना मैं: आप मुझे बहुत तड़पा रहे हो
माँ ने है दिया और मेरे लिप्स पे अपने लिप्स रख दिया मुझे कुछ समझ आने से पहले निकल दिया क्या खेल खेल रही थी माँ अब कण्ट्रोल होना मुश्किल ही नहीं ना मुंकिन था

मैंने और जोर से माँ के बूब्स दबा दिए अब मेरे शरीर में खून नहीं करंट दौड़ रहा था मैं एकदम गरम हो गया था शायद अब तक गेट पे बेल्ल 10 बार बज चुकी थी हम दोनों वह भूल ही गए थे मैंने माँ का हाथ पकड़ लिया और अपनी पैंट में डालने की कोशिश कर दी पर माँ ने नहीं डाला पर वहा से अपना हाथ हटाया भी नहीं मेरे लंड को माँ ने पकड़ लिए और मेरे पास आ गयी ऊपर माँ की गरम सांसे मुझे फील हो रही थी

और निचे माँ मेरा लंड पैंट के ऊपर से पकड़ के मसल रही थी मैं जन्नत में था पूरी जन्नत माँ मेरे एअर पे किश कर रही थी है क्या फीलिंग थी और अब तक मेरी आंखे क्लोज ही थी माँ ने बालो पे किश कर दिया और टंग घुमा रही थी तभी माँ का फ़ोन बज गया (मैंने आंखे खोल ली) माँ फ़ोन की आवाज सुन के होश में आ गयी देखा तो निशा आंटी का फ़ोन था

निशा आंटी ही गेट पे थी इतनी देर से गेट ओपन नहीं किया इस लिए उसने माँ को कॉल किया था हम दोनों होश में आ गए माँ ने निशा आंटी को बोली की सो रही थी शायद मैं घर में हूँ ये निशा आंटी को पता नहीं था
माँ: जाओ जल्दी से जाकर गेट ओपन कर दो निशा है

मैं: माँ तुम बता देती तुम घर पे नहीं हो माँ: सुबह उससे मेरी बात हो चुकी थी मैंने कहा था आ जाओ और तुम ने दोपहर को मीटिंग जाओगे ये भी बोला था जाओ उससे कुछ बात करनी है कुछ तो फॅमिली प्रॉब्लम में है हु जाओ जल्दी अब खोल दो उससे हॉल में बिठा देना मैं साडी पहन के आती हु

मैंने माँ की पेंटी की और इशारा करते हुए अपने पेटीकोट पेहेन लिया पेंटी क्यों नहीं पहनी?
माँ: सबर करो फिर से माँ ने आंख मार दी मैं सोचते सोचते बैडरूम से बहार आ गया माँ कितनी शरारती है उसने पेंटी न पेहेन के और कोई तो प्लान किया था’ मैंने अपने आप को ठीक कर दिया और गेट खोल दिया निशा आंटी को वेलकम किया निशा आंटी किसी मॉडल से कम नहीं है Sagi Mummy ki chudai ki Sacchi Kahani:

मिलफ मॉडल है कोई भी आदमी मुडके जरूर देखेगा ऐसी फिगर है उसकी बूब्स और गांड माँ से भी बड़ी है पर फेस और ओवरआल बॉडी लुक माँ सेक्सी थी निशा आंटी से थोड़ी टालल भी निशा आंटी और मेरी माँ बेस्ट फ्रेंड थे

कॉलेज टाइम से सो एक दूसरे को जानते थे बड़े दिनों बाद निशा आंटी घर आयी थी पर अभी वह थोड़ी उदास लग रही थी माँ ने बोला था कुछ फॅमिली प्रॉब्लम चल रहा है उसकी वजह से निराश होगी शायद निशा आंटी अंदर आते हि नीशा आंटी: जानवी कहा है?मैं: माँ सो रही है बैडरूम में होगी निशा आंटी: ठीक है मैं चली जाती हूँ बैडरूम में
ऐसे बोल के बैडरूम की तरफ जाने लगी पर मैं उसको बैडरूम की तरफ नहीं जाने दे सकता था माँ साडी पहन रही होगी अभी मैं: आंटी बैठो आप के लिए पानी लाता हूँ मुझ से भी बात कर लो तभी मेरी नज़र वाच पे पड़ गयी 2.30 हो चुके है देखो और मुझे 3.30 पर बजे मीटिंग को निकलना है

निशा आंटी: (थोड़ी मायूस होक) ठीक है अब कोनसी कंपनी में हो?मैंने अपने बारे में बता दिया तभी माँ बहार आ गयी मैंने माँ को गौर से देखा तो उसके के बाल बिखरे हुए थे अब तक तो अच्छे थे माँ ने खुद से ही वैसे किये थे ताकि निशा को लगे वह सोकर उठी है माँ की थिंकिंग तो बहुत हाई लेवल की थी

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मैं: चलो निशा आंटी मैं रेडी हो के निकलता हूँ निशा आंटी का फेस थोड़ा शॉक हो गया निशा आंटी अलग मूड में थी बस गर्दन हिलायी अच्छा ओके मीटिंग अटेंड करने का मेरा बिलकुल मूड नहीं था Sagi Mummy ki chudai ki Sacchi Kahani:

पर अटेंडेंस करनी बहुत ज़रूरी था तो मैंने फेस वाश कर लिया चेंज कर लिया और ऑफिस का बैग लेके अपने रूम से बहार आ गया निशा आंटी अकेली हॉल में दिख रही थी तो मैं माँ को भी बोल के निकलू सोचा माँ को आवाज दी तो वह किचन में थी
मैं: चलो निशा आंटी आता हु मीटिंग कर के माँ को भी बोलके आता हूँ अभी भी निशा आंटी का मूड वैसा ही था उन्होंने कुछ रियेक्ट नहीं किया बस गर्दन हिलायी ओके बोला लगता है निशा आंटी सच में किसी बड़ी मुसीबत में है मैं उन्हें देखते देखते किचन में चला गया माँ: तुम रुक नहीं सकते? जाना इतना जरूरी है मैं: अभी आता हूँ 1-2 घंटे में बस अटेंडेंस देनी है
माँ: निशा आयी है फिर भी मैंने पेंटी नहीं पहनी (और माँ ने आंख मर दी)वाओ माँ की एक एक साइड ओपन हो रही थी इतनी नॉटी माँ शायद ही किसी को मिली होगी अब मेरा मीटिंग में मन तो लगने वाला ही नहीं था
अब इस सोच में पड़ गया मैं की माँ क्या करे गई

मैं: आई प्रॉमिस यू की निशा आंटी जाने से पहले रेतुर्न आ जाऊंगा तुम बस रेडी रहो माँ: तुम दिखने के लिए हमेशा रेडी पर दूर से (और उस ने है दिया)इतना बोल के माँ ने धीरे धीरे साडी अपने जांगों तक उठा ली और मेरी तरफ देखा मेरे बॉडी में पूरा करंट दौड़ रहा था

माँ की वह नंगी टाँगे देख के बस कण्ट्रोल नहीं हो रहा था माँ ने साडी थोड़ी और ऊपर कर ली बस अब उनकी चूत दिख जाएगी मैं थोड़ा झुक के निचे से जाके माँ की चूत देखने का कोसिस करने लगा माँ ने मेरी और देखा और मुस्कुराया
अपनी साडी पूरी ऊपर उठा ली अब माँ की चूत मुझे एकदम क्लियर दिख रही थी एकदम छोटे बाल थे उस पर थोड़ी गीली लग रही थी ब्लैक कलर की थी और इनर लिप्स पिंक और आवर लिप्स एकदम बड़े बड़े थे आराम से मुँह में आ जाये एकदम चूत थी पर उस पे एक भी झुर्री नहीं थी

उस पे एकदम छोटे से बाल थे जैसे 3-4 दिन पहले ही साफ किये होंगे माँ की चूत देख रहा था मैं पहेली बार माँ की चूत के दर्शन हुए थे मुझे और माँ ने करीब करीब एक डेढ़ मिनट साडी वैसे ही रखी मुझे देखने दिया ऐसी चूत थी की देख की उससे अपने मुँह में ले लू और अभी माँ ने धीरे से साडी निचे कर दी

मैं: माँ एक रिक्वेस्ट है माँ: अब क्या ठीक से नहीं दिख रहा क्या?मैं: नहीं बस तुम्ही इनर थिगह और चूत पे एक किस करना है माँ: नहीं मैं: प्लीज माँ करने दो न प्लीज माँ: जांगों पे कर लेना बस चूत पे अभी बाल है मैं: माँ नो प्रोब्लेम्स बाल हुए तो क्या हुआ
माँ: नो हरषु मैं: माँ बस 10 सेकंड की ही माँ: ओनली 5 सेकंड दोनों माँ ने दोनों कहा ग्रीन सिग्नल मैं झट से माँ की और गया साडी ऊपर कर ली और माँ का एक लेग अपनी शोल्डर पे रखा माँ ने सपोर्ट के लिए किचन टेबल को पकड़ लिए झट से मैंने माँ की टाँगे पकड़ी और माँ की टाँगो पे किश करने लगा माँ को लगा नहीं होगा की मैं टाँगो पे ही इतना टाइम लगा लूंगा मैंने चूत के अजु बाजु किश करने लगा पर चूत पे किश नहीं की माँ पूरी गर्म हो चुकी थी Sagi Mummy ki chudai ki Sacchi Kahani:

उसको ही अब कण्ट्रोल नहीं हुआ माँ ने मेरा सर पकड़ के चूत की और ले जाने की कोशी की पर मैंने नहीं ले गया माँ: हरषु बस अब और कितना तड़पाओगे जाओ भी चूत पे जल्दी से चुम लो तुम्हारा टाइम ख़तम होने वाला है उसके बाद मैंने वो फिंगर्स से थोड़ी माँ की चूत फैला दी और सीधा उसके चूत के अंदर जीभ डाल दी तभी माँ ने एकदम जोर से मेरे बल पकड़ लिए माँ: (आवाज दबाते हुए) धीरे से करो निशा बहार है अब दिल को ठंडक मिली मुझे समझ आ गया माँ की कंडीशन क्या हुई है अब वह मूड में थी मैं माँ के चूत को चाट रहा था बिच में माँ के चूत में जीभ डाल रहा था

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मैंने 5 सेकंड बोल के अब तक 5 -मिनट हुआ बस वह मेरे बालो पे हाथ घुमा रही थी एन्जॉय कर रही थी माँ अब टाइम का भूल चुकी थी वह बस एन्जॉय कर रही थी और मुझे भी यही चाहिए था मैंने अपना मुँह माँ की चूत से हटाया और माँ को देखा तो माँ की आंखे क्लोज थी करीब 10 सेकंड माँ की आंखे क्लोज ही थी उसने सोचा होगा की मैं उसकी चूत पे फिर से जाऊंगा पर मैं माँ को ही देख रहा था

तब माँ ने अपनी आंखे खोल दी उनकी आँखों मज़े ख़ुशी और थोड़ी उदासी भी दिख रही थी क्यूंकि माँ ने तो नहीं बोला था रुकने को मैं चाहता था की माँ डायरेक्ट बोले की चुसो करो मेरी चूत पर वैसा नहीं हुआ माँ ने थोड़ा मेरी और देखा मैं चूत की तरफ और माँ की और देख रहा था

माँ मेरी और देख रही थी पर साइलेंट थी पर फिर भी माँ ने साडी को पकड़ के रखा था निचे नहीं किया था साडी को मैं खड़ा हो गया और सीधा माँ के लिप्स पे किश किया एकदम जोर से और माँ तभी एक हाथ से किचन स्लैब को पकड़ के रखा और दूसरे में साडी तो माँ ने किचन वाला हाथ छोड़ दिया और मेरे पीठ पर कश के पकड़ के रखा

अब तक माँ ने साडी को निचे नहीं किया था मैं समझ रहा था की माँ का मन नहीं भरा है वह बोल भी नहीं पा रही है पर वह मुझे हिंट्स दे रही थी पर मुझे उनको और तड़पना था तो मैंने साडी वाले हाथ को मेरे पीठ पर लेन की कोशिश की माँ ने रेसिस्ट किया वह अपनी साडी निचे नहीं करना चाहती थी पर उनके रेजिस्टेंस मैंने उसका हाथ मेरे पीठ पर ला ही लिया तो उसको साडी को छोड़ना पड़ा Sagi Mummy ki chudai ki Sacchi Kahani:

तभी माँ ने मेरे लिप्स को अपने दातो में पकड़ के जोर से काट दिया मुझे पता था माँ ने ऐसा क्यों किया माँ को ऐसे परेशां करने में बहुत मज़ा आ रहा था पर मैं कुछ अलग ही सोच रहा था मेरे पास माँ की चूत को चाटने का कोई और ही प्लान था माँ को खड़े खड़े उसकी चूत चाटने के लिए पूरी चूत नहीं मिल रही थी और माँ भी उनकंफर्टबले पोजीशन में थी

तो मैंने सोचा की माँ को किचन के स्लैब पे बिठा देते है और उसकी टाँगे फैला के आराम से उसकी चूत को चूसने लगा पर ये माँ को थोड़ी पता था तो वह थोड़ी सी चिड़ी हुई सी लग रही थी

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तभी हमारी किश एन्ड होती हैतब हम दोनों एक दूसरे की और देख रहे थे माँ प्यासी लग रही थी मैंने माँ को उठा या और किचन स्लैब पे रख दिया माँ को समझ नहीं आया तो मैंने माँ की साडी की ऊपर से ही चूत की तरफ देखा तो समझ गयी जैसे मैं निचे जाने लगा उसने साडी को ऊपर कर दिया अपने किचन स्लैब पे थोड़ा पीछे सरकते हुए अपने दोनों पेअर भी ऊपर किचन स्लैब पे रख कर फैला दिए है अब क्या दिख रही थी मैं ऐसे बैठ के मैं बस उसकी तरफ देख रहा था

और उसने अपना एक हाथ पीछे किचन स्लैब पे रखा था मैंने फिर से माँ की चूत पूरी अपने मुह में ले ली उसपे किश करने लगा उसमे अपनी जीभ डालने लगा माँ मस्त एन्जॉय कर रही थी उस ने अपना एक हाथ मेरे सर पे रखा था तभी मैंने जोर से अपने माउथ से धक्का दे दिया तभी माँ ने मेरे सर को ऊपर कर दिया बाजु में कर दिया
मैं: क्या हुआ माँ?माँ: कुछ नहीं अब मैं मेरी आवाज कंटोरल नहीं कर सकती करीब करीब 2 साल बाद कोई जीभ मेरी चूत को चूस रही है अब जाओ तुम बाद में आराम से कर लेना बहुत देर से हम किचन में है निशा बहार बैठी है सो जाओ तुम
मैं: और वह 5-फुट डिस्टेंस वाला रूल? माँ: तुम ने अब मेरी चूत को चाट लॉयड पर तुम्हे मेरी चुदाई करे इतनी आसानी से नहीं मिलेगीमें: वह देख लेंगे माँ पर अभी मस्त पोजीशन में हो अभी पूरी चूत मिल रही है अभी थोड़ा और टाइम करने दो माँ: वह मेरी चूत है इतनी जल्दी शांत भी नहीं होगी और उसका रस भी ख़तम नहीं होगा जल्दी पर अभी समझ लो

निशा बहार है हम इस में खो गए तो पता भी नहीं चलेगा कितना टाइम हुआ है टेंशन मत लो मैं किधर नहीं जाने वाली इतने जल्दी भी मत करो तो मैं साइड हो गया और माँ को उठा के किचन स्लैब से उतर दिया
मैं: तो इसी लिए अपने पेंटी नहीं पहनी थी क्या? ये आपका प्लान था क्या?माँ: नहीं ये तो ज्यादा हो गया मेरा तो बस उसकी झलक दिखाने का प्लान था Sagi Mummy ki chudai ki Sacchi Kahani:

मैं: वह भी निशा के सामने वाओ!माँ: अब उसका क्या तुमने तो चूस भी कर लिए अब वह प्लान ड्राप करना पड़ेगा अब तुम चूत को तो देख ही क्या उसके अंदर अपनी जीभ डाल भी चुके हो (माँ ने मुझे आंख मर दी)
मैं: पर फिर भी तुम अपना प्लान कंटिन्यू करो भूल जाओ की अभी जो भी किया यहाँ पे मुझे देखना है की तुम क्या करोगी निशा के सामने चूत दिखाओ गई कैसे

माँ: ठीक है इसके लिए तुम्हे जाके वापस आना पड़ेगा मैं: ठीक है माँ पर पेंटी मत पहन लेना माँ: नहीं पहनूंगी बस तुम जल्दी ही आओ इतना बोल के मैं किचन से निकल गया किचन के गेट पे एके माँ को फ्लाइंग किश दे दी और मीटिंग के लिए चला गया
ऐसे सोचता रहा की माँ ने पेंटी पहनी नहीं निशा आंटी के सामने अगर निशा आंटी ने नोटिस किया तो क्या होगा इस सोच में मेरा रोम रोम कम्प उठ रहा था

दोस्तो आज इस कहानी मे बस इतना ही , अगले भाग मे बतौगा कैसे मैंने निशा आंटी के सामने मम्मी की चुदाई की और फिर निशा आंटी की.

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