By | May 17, 2023

Mummy ki chudaii: हेलो दोस्तों हाजिर हु एक और कहानी के साथ आप कहानी पढे और मुझे फीड बैक देना न भूले, दोस्तों मेरा नाम अभिषेक है और मेरी उम्र २४ साल है मैं हरीयाणा का रहने वाला हु मेरी ये कहानी मेरे चाचा और माँ की चुदाई के बीच की है।

मेरे घर में 3 लोग है पापा मम्मी और मैं पापा मार्केटिंग की जॉब करते है इसीलिए जयादातर थके हुए ही घर आते है सुबह ही निकल जाते है और रात को देर से घर आते है।

Mummy ki chudaii

मम्मी का नाम कुसुम है मम्मी की उम्र 47 है मगर इतनी उम्र होने के बाद भी वह एक मस्त माल लगती है मम्मी का भरा हुआ बदन बहुत मस्त लगता है।

उनका फिगर 40-36-44 है मम्मी पूरी चब्बी देसी माल है उनकी बड़ी बड़ी चूचिया और मस्त मोटी गांड किसी का भी लंड खड़ा कर सकती है।

मम्मी एक हॉस्पिटल में स्टाफ इंचार्ज की जॉब करती है उनका काम बहुत अच्छा है बस सुबह स्टाफ की चेकिंग कर दो फिर बस पूरा दिन कमरे में अकेले बैठो कोई भी उन्हें परेशां करने नहीं आता है।

वह सुबह 10 बजे निकल जाती है और शाम को 4 बजे वापस आ जाती है मैं भी अपनी पढ़ाई पूरी कर चूका हु और जॉब की तैयारी कर रहा हु इसीलिए घर में ही रहता हु। Mummy ki chudaii

Chacha mummy ki chudai ki kahani

सब कुछ सही चल रहा था मगर कहते है न की सच सामने आ ही जाता है मुझे भी मम्मी का ऐसा काण्ड पता चला की मेरी तो गांड ही फट गयी थी।

उस दिन सब कुछ सही चल रहा था शाम के 4 बजे का टाइम था मम्मी अपने काम से आ चुकी थी और वह आराम कर रही थी हमारे घर में 2 फ्लोर है ऊपर मेरा और मम्मी पापा का कमरा है और नीचे किचन और 2 कमरे और है जिसे हम बैठक और अस गेस्ट रूम इस्तेमाल करते है।

मम्मी के आने के बाद वह नीचे लेटी हुई आराम कर रही थी तभी घर की बेल्ल बजी और मैं जल्दी से नीचे आया मैंने गेट खोला तो सामने मेरे सुभाष चाचा खड़े थे।

गेट खोलते ही वह अंदर आ गए सुभाष चाचा मेरे पापा के पांचवे छोटे भाई है और मेरी उनसे काफी अच्छे से बनती है उनके आते ही मैंने उनके पेअर छुए।

मैं – नमस्ते चाचा जी।

चाचा – नमस्ते बेटा और कैसा है मेरा शेर भतीजा।

मैं – मैं तो ठीक हु चाचू और बहुत दिनों से आये नहीं आप।

चाचा – अरे यार जब टाइम मिलता है तो आ ही जाता हु।

फिर मैं और चाचा नीचे बैठक में आ गए वहा मम्मी दीवान पर लेटी हुई थी मम्मी का दुपट्टा साइड में रखा हुआ था और उनकी बड़ी बड़ी चूचिया ऊपर ऊपर से साफ़ दिख रही थी।

मैं – मम्मी जी मम्मी सुभाष चाचा आये है फिर मम्मी उठ गयी और उन्होंने जल्दी से अपना दुपट्टा ले लिया।

मम्मी – अरे सुभाष बड़े दिन बाद आये हो और घर पर सब कैसे है।

चाचा – सब ठीक है भाभी आप बड़ी थकी थकी लग रही हो तबियत तो ठीक है।

मम्मी – अरे हा सब ठीक है बस अभी अभी बहार से आयी थी इसीलिए आके लेट गयी।

मम्मी और चाचा बाते करने लगे और मैं अपने कमरे मैं चला गया मेरा तो गेम चल रहा था और फिर थोड़ी देर बाद मम्मी प्लेट में समोसे लेके मेरे कमरे में आयी। Mummy ki chudaii

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मैं – मम्मी ये समोसा कोन लाया है।

मम्मी – तेरा चाचा लाया है चल नीचे चल जब देखो मोबाइल में लगा रहता है।

मैं – मम्मी आप जाओ न मैं वाहा क्या करूँगा? आप दोनों परिवार की लड़ाई की बाते करोगे और मुझे इसमें कोई मज़ा नहीं आता है।

मम्मी – चल ठीक है यही बैठ।

मैं – मम्मी जाते जाते गेट बंद कर देना, फिर मम्मी नीचे चली गयी और मैं बैठे बैठे समोसे खाने लगा और साथ ही साथ गेम खेलने लगा लगभग 15-मिनट के बाद मेरा गेम ख़तम हो गया और फिर मेरा मन गेम खेलने का नहीं हुआ इसीलिए मैं प्लेट रखने नीचे आ गया मैंने प्लेट किचन में रख दी और फिर मैं चाचा के पास जाने लगा।

मगर जैसे ही मैं नीचे वाले कमरे के पास गया तो मैंने देखा दरवाजा आधा से जयादा बंद था और पर्दा भी लगा हुआ था और अंदर से अजीब सी आवाज आ रही थी मैंने अपने कदम रोक लिए और फिर मैंने हलके से अंदर देखा अंदर जो मैंने देखा उसे देखकर मुझे यकीन नहीं हुआ मम्मी चाचा की गोदी में बैठी हुई थीऔर मम्मी की कुर्ती और ब्रा उनकी चूचियों के ऊपर तक उठी हुई थी और मम्मी की एक चुकी चाचा के मुँह में थी और दूसरी वाली उनके हाथ में थी।

चाचा मम्मी की चूचियों को मसल रहे थे और उन्हें चूस भी रहे थे मम्मी का हाथ चाचा के बालो में था और वह उनके बालो को सेहला रही थी।

मम्मी के मुह पर कामुकता भरे भाव थे वह बार बार अपने होंठों को काट रही थी फिर वह चाचा से बोली।

मम्मी – शुभाष जो करना है जल्दी कर ले कही कोई आ गया तो मेरी चुत तो गरम ही रह जाएगी, मम्मी के मुँह से ये बात सुनके मैं चौक गया क्युकी मम्मी बहुत सीधी सधी और पूजा पाठ वाली है मैंने मम्मी को कभी ऐसे बोलते नहीं देखा मगर आज जो रूप में मम्मी का देख रहा था मुझे यकीन नहीं हो रहा था की मेरी मम्मी एक चुदाई की देवी भी हो सकती है। Mummy ki chudaii

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चाचा – अरे भाभी कोई नहीं आएगा वैसे भी अभिषेक तो गेम खेलने में लगा रहता है उसे तो ये भी नहीं पता की उसकी माँ यहाँ मेरी गोदी में आधी नंगी बैठी है।

मम्मी – मुझे भी उसी का डर लगा रहता है मगर तू मुझे हर बार मना ही लेता है और मैं भी तेरे इस लंड के बिना रह नहीं पाती हु।

चाचा – तभी तो अपनी बीवी से जयादा आपकी चुदाई करता हु भाभी मेरी बीवी तो आपके सामने कुछ भी नहीं ऊपर से जब भी उसकी चुदाई करना चाहो तो ड्रामा दिखाती है।

मम्मी – अरे अब छोड़ ये सब बाते और जल्दी से शुरू हो जा फिर मम्मी खड़ी हो गयी और उन्होंने अपनी लेग्गिंग्स नीचे कर दी मम्मी की बड़ी बड़ी गांड आज मैं पहली बार देख रहा था।

उन्होंने एक नीले रंग की पेंटी पहनी हुई थी चाचा ने मम्मी की पेंटी पकड़ के नीचे कर दी और मम्मी की गोरी और बड़ी गांड मेरे सामने आ चुकी थी चाचा ने एक थप्पड़ मम्मी की गांड पर मारा, मम्मी ने तुरंत उन्हें पीछे पलट के देखा और फिर वह चाचा को देख कर हसने लगी।

मम्मी – तुम दोनों भाइयो को मेरी गांड ही सबसे जयादा पसंद है जब देखो उसी के पीछे पड़े रहते हो।

चाचा – भाभी मुझे भैया का तो पता नहीं मगर मेरा तो मन करता है मैं आपकी गांड में ही घुसा रहु।

मम्मी – तो मैंने तुझे कब रोका है इतने टाइम से मेरी ही गांड में तो घुसा हुआ है फिर चाचा नीचे बैठ गए और उन्होंने अपना मुँह सीधा मम्मी की गांड में लगा दिया मम्मी के मुह के भाव बदल गए और वह अपने होंठों को मुँह में दबाने लगी, चाचा मम्मी की गांड को फैला फैला के चाट रहे थे और मम्मी को देखकर ये साफ़ पता चल रहा था की उन्हें भी इसमें बहुत मज़ा आ रहा था।

चाचा अपनी जीभ को मम्मी की गांड से लेके उनकी जांघो तक ला रहे थे और उन्होंने चाट चाट के मम्मी को अंदर तक पूरा गिला कर दिया था। Mummy ki chudaii

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मम्मी से जब जयादा सहन नहीं हुआ तो वह खुद पलट गयी और चाचा का मुँह पकड़ के उनके होंठों को चूसने लगी मम्मी और चाचा दोनों बहुत ही जयादा वाइल्ड हो गए थे।

मैंने देखा मम्मी के हाथ चाचा की पैंट खोल रही थी  और फिर उन्होंने चाचा की पैंट नीचे कर दी चाचा के कच्छे में उनका लंड का उभर साफ़ दिख रहा था।

मम्मी ने चाचा के लंड को कच्छे के ऊपर से ही पकड़ लिया और वह उसे मसलने लगी चाचा भी मम्मी की गांड को दबा रहे थे और फिर मम्मी ने चाचा का कच्छा नीचे कर दिया, चाचा का लंड उछल के बहार निकल आया जो लगभग 6 या 7  इंच के बराबर था।

मगर उसकी मोटाई काफी जयादा थी चाचा के लंड का सूपड़ा आधा खुला हुआ था मम्मी ने चाचा का लंड पकड़ के उसकी खाल पीछे कर दी और अब चाचा के लंड का सूपड़ा पूरा खुल चूका था।

चाचा ने भी देर किये बिना मम्मी को घोड़ी बना दिया अब वह अपना लंड मम्मी की गांड पर मारने लगे जिससे कमरे में थप थप की आवाज आने लगी। Mummy ki chudaii

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मम्मी – अब क्यों परेशां कर रहा है सुभाष? जल्दी से अंदर भी डाल दे।

चाचा – बस भाभी तेरे मुँह से यही तो सुनंने के लिए रुका हुआ था जब तू मुझे ऐसे चोदने के लिए बोलती है तब मेरा लंड और भी जयादा पागल हो जाता है।

मम्मी – तो अब अंदर भी डाल दे सुभाष निकाल दे अपनी भाभी की सारी गर्मी अब चाचा ने देर किये बिना अपना लंड पीछे से मम्मी की चुत में डाल दिया और फिर वह मम्मी की गांड पकड़ के उनकी चुदाई करने लगे।

जब चाचा का पूरा लंड मम्मी की चुत में जाता तो मम्मी की गांड पूरी हिल जाती थी और उनकी चूचिया हवा में झूल रही थी चाचा का लंड सटा सट मम्मी की चुत में जा रहा था और मम्मी आह्हः आह्हः आहा  कर रही थी कभी चाचा मम्मी की पर थप्पड़ मारते तो कभी उनकी चूचियों को पकड़ के मसल देता और मेरी मम्मी भी हवस से भरी हुई चीख निकाल देती थी।

मैंने मम्मी को पहले भी नंगा देखा है मगर मैं हर बार मुँह घुमा लेता था क्युकी मैं जानता था ये सब गलत है मगर आज अपनी मम्मी का ऐसा रूप देखकर मैं समझ गया था की मैं जो सेक्स कहानी पढ़ता हु वह कही न कही सच भी होती है जिसका जीता जगता सबूत मेरी आँखों के सामने था।

 मेरा चाचा मेरे ही घर में मेरी माँ की चुदाई कर रहा था और मम्मी भी चाचा से अपनी चुत की गर्मी निकलवा रही थी।

वह भी अपने बेटे के होते हुए मगर मैं झूट क्यों बोलू मम्मी की ऐसी चुदाई देखकर मेरा भी लंड उन्हें सलामी दे रहा था ये ब्लूए फिल्म देखने से जयादा अच्छा था।. Mummy ki chudaii

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फिर चाचा ने आपने लंड निकल लिया और उनका लंड मम्मी की चुत के पानी से गिला होके चमक रहा था।

फिर चाचा ने मम्मी को बेड के किनारे लेटने को कहा और मम्मी ने भी देर किये बिना बेड के किनारे पर लेट गयी और फिर मम्मी ने अपनी लेग्गिंग्स एक टांग से निकल दीऔर फिर उन्होंने पेंटी भी एक टांग से निकाल दी मम्मी की चुत मुझे अच्छे से दिखाई दे रही थी।

फिर चाचा ने अपना लंड मम्मी की चुत में डाल दिया और उनकी एक टांग पकड़ के धक्के लगाने लगे मुझे मम्मी की चुत में जाता लंड साफ़ दिख रहा था मम्मी की चुत चाचा के लंड को निगल रही थी और चाचा भी पुरे जोश में धक्के लगा रहे थे।

मम्मी ने भी चाचा को अपने आप से चिपका लिया और अब मम्मी के हाथ चाचा की पीठ पर थे और फिर मम्मी ने अपनी दोनों टाँगे चाचा की कमर पर बांध ली चाचा धना धन धक्के लगा रहे थे ।

मम्मी भी आठ अहह जयादा करने लगी थी।

मम्मी – रुकना मत रुकना मत रुकना मत सुभाष, मम्मी के मुँह से निकले ये शब्द इस बात का सबूत थे की चाचा के मोठे लंड ने अभी अभी मम्मी की चुत को शांत किया है चाचा भी धक्के लगाते रहे और कुछ ही देर बाद वह भी मम्मी की चुत के अंदर आपने माल निकाल के शांत हो गए।

वह दोनों कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे से चिपके कर लेटे रहे।

फिर चाचा मम्मी के ऊपर से उठ गए और उनका लंड भी अब सिकुड़ के छोटा हो गया था मम्मी की चुत का मुँह खुला हुआ था और उसमें से चाचा माल निकल रहा था।

मम्मी ने जल्दी से अपनी पेंटी पहन ली और मैं तुरंत वहा से निकल के किचन में गया वह जो प्लेट मैंने रखी थी उसे उठाया और सीधा अपने कमरे में गया।

मेरा लंड पूरा खड़ा हुआ था और मैं अपने हाथ में मोबाइल लेके गेम खेलने लगा लगभग 20 मिनट बाद मम्मी मेरे कमरे में आयी। Mummy ki chudaii

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मम्मी – खा लिया समोसा तूने अरे बेटा कभी कमरे से बहार भी तो निकला कर जब देखो मोबाइल में गेम खेलता रहता है, मम्मी देखने में बिलकुल संतुष्ट लग रही थी और उनके मुह पर एक हलकी सी स्माइल थी।

मैंने सुना था एक अच्छी चुदाई से मिले चरमसुख के बाद औरतो का मुह खिल जाता है और मम्मी को देखकर ये साफ़ पता चल रहा था।

फिर मम्मी नीचे चली गयी और मैं भी उनके साथ नीचे आ गया चाचा वही बैठे हुए थे उन्हें देखकर कोई कह भी नहीं सकता था की उन्होंने अभी अभी इस कमरे में मम्मी की पलंग तोड़ चुदाई की है।

चाचा – और अभिषेक आज कल क्या चल रहा है?

मैं – बस चाचू जॉब की तैयारी ही कर रहा हु जल्दी ही लग जाएगी।

चाचा – मगर तेरी मम्मी तो कह रही थी की तू मोबाइल में लगा रहता है मैंने मन में सोचा अगर मैं मोबाइल में न लगा होता तो आप माँ की चुदाई कैसे कर पाते फिर चाचा जाने लगे मगर मैं तो उनसे सब जानना चाहता था क्युकी मुझे ये सहन नहीं हो रहा था की मेरे ही घर ये काण्ड हो रहा है और मुझे ही नहीं मालूम मैं यही सोच रहा था की ये सब शुरू कैसे हुआ।

मैं – चलो चहु मैं बहार जा रहा हु आपके साथ ही निकल लेता हु।

चाचा – हा चल मेरे शेर फिर मैं और चाचा बहार निकल आये चाचा ने अपनी कार निकाली और हम दोनों निकल पड़े मेरे दिमाग में कई सवाल थे।

क्युकी मम्मी का ऐसा रूप मैंने आज तक नहीं देखा था शायद ऐसा रूप वह पापा के सामने भी नहीं कर सकती थी मगर चाचा के साथ तो वह खुल के मज़े ले रही थी।

मैं मम्मी के बारे में सब जानना चाहता था और इसका जवाब मुझे सिर्फ चाचा और मम्मी ही दे सकते थे मम्मी से मैं ये सब पूछना नहीं चाहता था। Mummy ki chudaii

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इसीलिए अब मैं चाचा से सब जानना चाहता था।

मैं – चाचू कार जरा साइड में लगा दो मुझे आपसे कुछ बात करनी है।

चाचा – क्या बात है यार? कार क्यों साइड में लगवा रहा है किसी लड़की का चक्कर तो नहीं है।

मैं – नहीं चाचू बस कुछ बात करनी है चाचा ने कार साइड में लगा दी और फिर वह बोले।

चाचा -हा  बोल यार क्या बात है? जो भी है खुल के बोल दे मुझे समझ नहीं आ रहा था की मैं ऐसी बात कैसे बोलू मगर शर्म तो मेरे अंदर बिलकुल भी नहीं थी क्युकी अभी अभी अपनी मम्मी को चुदाई जो देखि थी।

मैं – चाचू मम्मी और आपके बीच ये सब कब से चल रहा है? मेरी बात सुनके तो एक पल के लिए चाचा की गांड फैट गयी मगर उन्होंने बात टालनी चाहिए, 

चाचा – क्या बोल रहा है बेटा क्या सब चल रहा है? चाचा मुझे सीधा साधा बच्चा समझ रहे थे मगर उन्हें क्या पता था की मैं कितने पानी में हु।

मैं – अच्छा तो मेरे मुँह से सुनना चाहते है आप ठीक है तो मैं खुल के बोल देता हु आज शाम को जब आप माँ की चुदाई कर रहे थे।

मैं उस बारे में पूछ रहा हु मेरी बात सुनके चाचा बाधक गए मगर मैं जनता था वह सब मुझे डराने के लिए है।

चाचा – ये क्या बकवास कर रहा है तू? अपनी मम्मी के बारे में ऐसी बाते करके तुझे शर्म नहीं आयी।

मैं – क्या आपको शर्म आयी? अपनी ही भाभी की चुदाई कर रहे थे और अब मुझे ज्ञान दे रहे हो ठीक है मत बताओ मैं सीधा पापा से ही कह दूंगा मैं गाडी से उतरने लगा मगर तभी चाचा ने मेरा हाथ पकड़ लिया। Mummy ki chudaii

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चाचा – देख यार मैं तुझे सब बता दूंगा मगर प्लीज भैया से ये बात मत कहना और न ही अपनी चाची से।

मैं – अगर मुझे कहना ही होता तो मैं तभी कह देता जब मम्मी और आप चुदाई कर रहे थे मैं बस ये जानना चाहता हु ये सब शुरू कैसे हुआ।

चाचा – मतलब तू ये बात किसी से नहीं कहेगा।

मैं – हा चाचू किसी से नहीं कहूंगा।

चाचा – बेटा ये बात है तो बहुत साल पुराणी मगर जो तूने आज देखा है ये सिर्फ अभी 1 साल पहले ही शुरू हुआ है जब तेरी मम्मी शादी करके आयी थी मैं तभी से तेरी मम्मी को पसंद करता था मगर वह मेरी भाभी थी इसीलिए मैं अपना रिश्ता आगे नहीं बड़ा पाया।

फिर कुछ सालो बाद मैंने एक दिन तेरी मम्मी को किचन में पकड़ लिया था मगर उस दिन भाभी ने मेरे गालो पर 2 थप्पड़ मारे थे और मुझे अच्छे से समझा दिया की वह ऐसी वैसे औरत नहीं है उस दिन के बाद से मैंने कभी भी तेरी मम्मी को परेशां नहीं किया और हमारे बीच सब ठीक हो गया।

फिर मेरी भी शादी हो गयी सब कुछ अच्छे से चलने लगा मगर ऐसा एक भी पल नहीं था जब मैं तेरी मम्मी को याद नहीं करता था मैं जब भी तेरे घर आता था मेरी नज़र तेरी मम्मी पर ही होती थी जितनी खूबसूरत वह पहले थी उससे भी जयादा खूबसूरत वह अब लगने लगी थी और तेरी मम्मी की बड़ी बड़ी चुचिया सॉरी सॉरी बेटा ।

मैं – कोई बात नहीं चाचू मैं जानता हु आप मम्मी की गांड के दीवाने हो आप ही क्या हर मर्द उनकी गांड को ही देखता है मेरी बात सुनके चाचा समझ गए मैं भी उन्ही की तरह खुल के बात कर लेता हु। Mummy ki chudaii

चाचा – ऐसे ही टाइम निकल रहा था मैं तेरी मम्मी को जयादा ही घूरता था फिर कुछ ऐसा हुआ जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी।

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मैं – ऐसा क्या हुआ चाचू?

चाचा – पहले सिर्फ मैं ही तेरी मम्मी को घर के देखता था मगर फिर मैंने देखा की तेरी मम्मी भी मुझसे आँखे लड़ा रही है मगर फिर भी मैं डर रहा था की ये मेरा वहां तो नहीं है मगर वहां सिर्फ एक बार होता है बार बार नहीं मैं तेरी मम्मी से मिलने हॉस्पिटल भी जाने लगा और अब तेरी मम्मी मुझसे पहले से भी जयादा बोलने लगी।

हम दोनों घंटो मोबाइल पर बाते करते थे और फिर तेरी मम्मी ने मुझे बताया की तेरे पापा का बहार किसी से चक्कर चल रहा है तेरी मम्मी ने खुद उन्हें पकड़ा था।

तेरी मम्मी ने तेरे पापा को माफ़ तो कर दिया था मगर अब उनके बीच पहले वाली बात नहीं रही थी तेरी मम्मी और पापा एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे मगर उम्र के साथ प्यार भी फीका पड़ जाता है और तेरे पापा भी शायद अब तेरी मम्मी को टाइम नहीं देते थे और मैं तेरी मम्मी की एक आवाज पर उनसे मिलने चला जाता था और।

फिर एक दिन मैं और तेरी मम्मी हॉस्पिटल वाले उनके कमरे में बैठे थे तेरी मम्मी ये बात जानती थी की मैं शुरू से उन्हें पसंद करता हु इसीलिए शायद उन्होंने मुझे चुना था तेरी मम्मी अपनी सीट से उठके मेरे पास आयी और सीधे मेरी गोदी में बैठ गयी उन्होंने मेरा मुँह पकड़ और मेरे होंठों को चूसने लगी।

मुझे तो ऐसा लगा की मेरी दुआ कबुल हो गयी है मैं भी तेरी मम्मी को किश करने लगा हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे और तभी तेरी मम्मी अलग हो गयी मुझे लगा शायद उन्हें अहसास हो गया था की हम गलत कर रहे है।

इसीलिए वह अलग हो गयी मगर तभी तेरी मम्मी अपने कमरे का दरवाजा बंद करके मेरे पास फिर आ गयी और फिर से वह मेरे होंठों को चूसने लगी । Mummy ki chudaii

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मुझे यकीं नहीं हो रहा था की तेरी मम्मी हॉस्पिटल में ये सब कर रही है।

मैं – भाभी अगर यहाँ कोई आ गया तो क्या करेंगे?

मम्मी – सुभाष यहाँ कोई नहीं आता है अब बातो में टाइम बर्बाद मत करो इतने सालो मैं तेरी मम्मी का ऐसा रूप मैंने पहली बार देखा था तेरी मम्मी एक भूखी शेरनी की तरह मुझे खा जाना चाहती थी और मेरा तो ये सपना था।

तेरी मम्मी नीचे बैठ गयी और उन्होंने मेरी पैंट खोल के मेरा लंड बहार निकाल लिया मेरा लंड देखते ही तेरी मम्मी की आँखों में चमक आ गयी तेरी मम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे आगे पीछे करने लगी मेरी गांड फैट रही थी 

क्युकी हमारे आस पास बहुत लोग थे मगर शायद तेरी मम्मी जानती थी की इस कमरे में कोई भी नहीं आने वाला है उन्होंने देर किये बिना मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया तेरी मम्मी की गरमा गरम जीभ मेरे लंड पर चल रही थी और मेरा लंड झटके खा रहा था.

तेरी मम्मी ने मेरा लंड चूस चूस के मुझे पागल कर दिया था जब मुझे लगा की मेरा निकल जायेगा उससे पहले मैंने आपने लंड निकाल लिया तेरी मम्मी मुझे देखकर हसने लगी और फिर वह पास में रखी हुई बेंच पर जाके बैठ गयी।

तेरी मम्मी ने अपनी लेग्गिंग्स एक टांग से निकाल दी उन्होंने अंदर काली पेंटी पहनी हुई थी फिर उन्होंने वह भी निकाल दी आज मैं पहली बार अपनी भाभी की चुत देख रहा था।

जिस पर एक भी बाल नहीं था तेरी मम्मी की चुत के होंठ चिपके हुए थे और जैसे ही उन्होंने अपनी टाँगे फैलाये उनकी चुत एक तितली के पंखो की तरह खुल गयी जहा से अंडर का गुलाबी पैन साफ़ दिखाई दे रहा था।

मैं सीधा तेरी मम्मी के पास गया और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ के मुझे नीचे बैठा दिया और फिर उन्होंने मेरे बाल पकड़ के मेरा मुँह अपनी चुत में लगा दिया मन तो मेरा भी तेरी मम्मी की चुत चाटने का था और फिर मैं भी अपनी जीभ चलाने लगा तेरी मम्मी बार बार मेरा मुँह अपनी चुत पर दबा रही थी और मैं तेरी मम्मी के चुत से निकल रहे अमृत को पि रहा था।

फिर मैंने तेरी मम्मी को घोड़ी बना दिया और पीछे से उनकी चुत और गांड को चाटने लगा तेरी मम्मी की बड़ी गांड मुझे सबसे जयादा पसंद है और आज वही मेरे सामने मटक रही थी मैं तेरी मम्मी की चुत और गांड दोनों चाट रहा था।

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काफी देर चुत चाटने के बाद तेरी मम्मी ने मुझे हटा दिया और मेरा लंड खड़ा कर दिया और फिर मेरा लंड पकड़ के खुद अपनी चुत में डाल लिया मेरा लंड आराम से अंदर चला गया।

मगर जैसे ही मैंने धक्का मारा तेरी मम्मी के मुँह से आठ की आवाज निकल गयी फिर तेरी मम्मी बोल पड़ी।

मम्मी – सुभाष चल उस परदे के पीछे चलते है यहाँ अगर किसी ने मेरी आवाज सुन ली तो प्रॉब्लम हो जाएगी, मैं अपना लंड निकालने लगा मगर तेरी मम्मी ने मुझे मना कर दिया और लंड अंदर डाले डाले  ही वह आगे चलने लगी हम दोनों परदे के पीछे चले गए जहा तेरी मम्मी और स्टाफ कपडे बदल लेती है।

तेरी मम्मी फिर से झुक गयी और अब मैं धक्के लगाने लगा। Mummy ki chudaii

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