By | December 14, 2022

Purani Chudai ki Kahani– हैलो दोस्तो, आपने अभी तक पढ़ा के मैं टाइटस से जुदा हो गयी थी और राजकुमारी के साथ उनकी बाँधी बनकर उनके पति के शहर स्पार्टा में आ गयी थी. और वहा पर मैंने राजकुमारी की दर्द भरी चुदाई देखि जिससे मुझे भी उन पर तरस आ गया,अब आगे.

सुबह में मैं उठकर राजकुमारी के कमरे में गयी तो मेथियस फिर से शुरू हो गया था. और पता नहीं रात में क्या हाल किया होगा मिश्रा का. मिश्रा बेड पर निढाल होकर पड़ी हुई थी और वह चोदने में लगा था.

मैं उनको मना तो नहीं कर सकती थी. तभी मैंने मिश्रा की तरफ देखा तो मैंने एकदम मेथियस को उसके ऊपर से हटा दिया.
उसको थोड़ी रहत देने के लिए मैंने उसको पानी पिलाया. और मेथियस से बोली.

Purani Chudai ki Kahani


मैं: आपकी बीवी है ये कोई नौकरानी या रंडी नहीं. पूछ तो लिया करो कम से कम उससे.
दम घुटकर मरने वाली थी ये.

मेथियस: तेरी साली रंडी की इतनी औकात तू मुझे मेरी बीवी को चोदने से रोके.
मैं: मैं आपको रोक नहीं रही हु. Purani Chudai ki Kahani.

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उसकी हालत देखो अगर मर गयी तो राजा को क्या जवाब दोगे उनकी बेटी कैसे मरी.
मेथियस: मुझे चुदाई चाहिए अगर ये नहीं चुदेगी तो तू चुदेगी.

चल नंगी होकर झुक जा

मैं ऐसे ही मौके की तलाश में थी. मैंने एकदम अपने कपडे उतारे और झुक गयी उसके सामने.
मुझे अब इस बात का भी डर नहीं था के

मेरा राज़ खुल जायेगा के मैं वर्जिन नहीं हु.

मुझे अभी राजकुमारी की जान बचानी थी.
मेथियस मेरी चुत में अपना लंड डालने ही वाला था के तभी मिश्रा ने उसका लंड पकड़ लिया.

और बोली.
मिश्रा: ये लंड मेरा है सिर्फ.
मेथियस: मर जाएगी तू.


मिश्रा: कोई बात नहीं लेकिन मेरी बाँधी को कुछ नहीं होना चाहिए.
मेरी आँखें नाम हो गयी उसकी ये बात सुनकर. Purani Chudai ki Kahani.


मैंने फैसला कर लिया के मैं अब मिश्रा को मेथियस की दर्दनाक चुदाई से छुटकारा दिलाकर ही रहूंगी.

लेकिन फिर तभी मेथियस मिश्रा को कुतिया बनाकर चोदने लगा.

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उसने मिश्रा की चुत का भोसड़ा बना दिया था. मिश्रा को बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा था ये मुझे पता था.

लेकिन वह मुझे बचने के लिए वह सबकुछ सेह रही थी.

फिर वह मिश्रा की चुत में अपना माल गिराकर निकल गया.
मैंने मिश्रा को उठाया वह फुट फुटकर रो रही थी.

तो मैं फिर उसको वाशरूम लेकर गयी और फिर नहलाया.

नहलाते वक़्त हम दोनों के बीच में एक रोमांटिक मोमेंट हुआ. जिसमे मैं और मिश्रा एक दूसरे की किश में खो गए.
हमें पता ही नहीं लगा कब मिला (मेथियस की माँ) आ गयी.

और जैसे ही वह पानी में घुसी तभी हमारी किश टूट गयी. तो तभी मिला बोली.

मिला: मेरा बेटे ने तुझे रात भर चोदा अब भी तेरी हवस पूरी नहीं हुई जो तू इस गुलाम के ऊपर निकाल रही है?

मिश्रा: नहीं नहीं वह तो बस ऐसे ही.

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मिला: अरे कोई नहीं. मुझे तो खुद नहीं पता के मेथियस का बाप कोन है.

हम रोमन औरतो का काम एक लंड से चलता ही नहीं है.

लेकिन तेरा बड़ी जल्दी मन भर गया मेरे बेटे है. ज़्यादा ही छोटा है क्या?
मिश्रा: नहीं माँ जी बहुत ज़्यादा ही बड़ा है.
मिला: तो फिर क्या दिक्कत है?


मिश्रा: दिक्कत नहीं है बस चस्का लग गया है लंड का अब तो हर समय लंड ही चाहिए मेरी चुत को.
मिला: देख मेरी तरफ से बिलकुल आज़ादी है तुझे किसी से भी चुदने की.

लेकिन ये लड़कियों के साथ मत किया कर.

ये सब एक औरत को शोभा नहीं देता.

मैं तो खुद अभी भी जब भी मौका मिलता है चुदवा लेती हु किसी से भी.
मिश्रा: जी सही कह रही है आप. लेकिन अभी मर्दो का मुझे इतना एक्सपीरियंस नहीं है ना इसलिए करती हु.


मिला: आई लड़की चल ज़रा मुझे भी अच्छे से साफ़ कर.

मैंने फिर मिला को भी साफ़ किया और फिर पूल के बहार आ गए.
फिर मिला अपने कमरे में चली गयी और मैं और मिश्रा अपने कमरे में आ गए. Purani Chudai ki Kahani.

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मैंने मिश्रा को तैयार करना स्टार्ट के दिया.वह मेरे होंठो को चूसने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रही थी. फिर हम तैयार होकर बहार आ गए. मैं अपने काम में लग गयी और मिश्रा अपने कामो में.


तभी मुझे मेथियस ने कुछ ले जाते हुए देख लिया.तो उसने मुझे अपने पास बुलाया और बोले.
मेथियस: तो क्या सोचा है तूने? चुदेगी मुझसे या मैं उसकी चुत का ही भोसड़ा बनता राहु?

मैं: आप किसी भी रंडी को चोद लो आपको कोन रोक रहा है आप मेरे पीछे क्यों पड़े हो.
मेथियस: मैंने आज तक कोई भी पर्शियन चुत नहीं मारी है. और वर्जिन तो बिलकुल भी नहीं


मैं: आप मालकिन से पूछ लो वह अगर चोदने दें तो मैं तैयार हु.
मेथियस: मुझे पता है तेरा छिनाल. तू लंड की भूखी है.

लंड चाहिए तुझे लेकिन उसके डर से मुझसे कहने के लिए डर रही है.
मैं: मालिक मैं एक गुलाम हु मेरी कोई भी ख्वाहिशे नहीं है. और मैं अपनी मालकिन से अलग नहीं चल सकती.


मेथियस: ठीक है फिर जा यहाँ से.
चुदना तो मैं भी चाहती थी. क्युकी अब मेरी चुत को लंड लिए हुए भी काफी टाइम हो गया था.

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लेकिन उससे चुदने का मतलब है ये पता लग जाना के मैं वर्जिन नहीं हु. तो मैं वह रिस्क नहीं ले सकती थी.


फिर मेथियस के लिए पैगाम आया. उसको जंग पर जाना था. उसने आखरी रात में मिश्रा को चोद चोदकर उसका भरता बना दिया. उसके बाद वह जंग पर निकल गया.
और मैं मिला और मिश्रा ही महल में रह गए और कुछ सिपाही.


जैसे ही मेथियस गया. मिला ने अपने कमरे में कुछ सिपाही बुलाये और उनको नंगा करवाया.

मैं वहा से गुज़र रही थी तो मैंने वह सब देख लिया.

तो मैंने देखा के वह सब सिपाही नामर्द थे. Purani Chudai ki Kahani.


मिला उनपर ग़ुस्सा होने लगी और बोलने लगी के किसी असली मर्द को उसके कमरे में भेजे.

लेकिन उन्होंने बताया के मालिक ने ये कहा है के.“मुझे रोमन औरतो का पता है.

ये एक लंड से कभी खुश नहीं होती इसलिए महल में सारे नामर्द ही सिपाही

बनकर रहेंगे. मैं नहीं चाहता कोई और मर्द मेरी बीवी को छुए भी.”मिला उनपर और ग़ुस्सा होने लगी और

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वह सीधा मिश्रा की चुत मारने के लिए

उनको कमरे से बहार निकल दिया. और फिर अपनी दासी को एक लेटर लिखकर दिया और वह उसको लेकर चली गयी. ग़ुस्सा तो मुझे भी बहुत

आया था.मैं भी ये देख रही थी के अगर मेथियस कही चला जाए तो मैं आँख बचाकर किसी से अपनी चुदाई करवा लूँ.
फिर मैं भी मिश्रा के कमरे में आ गयी. वह अभी भी अपनी चुत की सिकाई कर रही थी

मेथियस ने उसको बहुत बुरी तरह से चोदा था. जब मैं कमरे में गयी तो वह मुझे देखकर बहुत खुश हो गयी और मुझे गले से लगा लिया.

मिश्रा: अब तो तू और मैं कुछ महीने के लिए बिलकुल अकेले ही है.
मैं: मिला न ऊँगली करे पिछली बार की तरह.

मिश्रा: नहीं करेगी क्युकी वह तो खुद अपने लिए जवान लौंडो को बुला रही है चोदने के लिए.
मैं: कितनी बड़ी रांड है ये.
मिश्रा: सबकी अपनी अपनी ज़रूरते है.

मैं: आपकी ज़रूरत लेकिन नहीं बदलती. तुम्हारे लिए आज भी मैं वैसी ही हु जैसे पहले थी.
मिश्रा: तुझसे मैं प्यार करती हु.

मैं: अच्छाचा अगर मैं वर्जिन न होती तब भी तुम मुझसे इतना ही प्यार करती?
मिश्रा: उसका मुझे पता नहीं.

मैं: फिर भी कुछ तो जवाब होगा.
मिश्रा: तू कुछ मत सोच मैं तुझे किसी के साथ भी शेयर नहीं करुँगी.
मैं: मैं ऐसा वैसा कुछ नहीं सोच रही थी. Purani Chudai ki Kahani.

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मिश्रा: मैंने तेरी और मेथियस की बाते सुनी हुई है और देखा है तुझे उसके लंड को घूरते हुए.
मैं: मैंने आपको पहले ही बताया था के मैं हु तो एक लड़की ही जिसको मर्द लोग पसंद है.

मिश्रा: लेकिन तुझे मैं पसंद नहीं हु क्या?
मैं: आप तो राजकुमारी हो और इतनी सुन्दर हो आपको कोन पसंद नहीं करेगा.

लेकिन मेरी पसंद का वह मतलब नहीं है.
मिश्रा: मेथियस से दोबारा बात करने की ज़रूरत नहीं है वह पागल है.

तू मेथियस का लंड सेह नहीं पायेगी.
मैं: मुझे लेना भी नहीं है. मैं आपके साथ खुश हु.


मिश्रा: चल फिर नहाने चलें.तो हम दोनों फिर नहाने आ गए और एक दूसरे को रगड़ रगड़कर साफ़ करने लगे.

मिश्रा मुझे ज़बरदस्त तरीके से चूस रही थी. मैं भी उसको किश में पूरा साथ दे रही थी. Purani Chudai ki Kahani.

मुझे मिश्रा से प्यार नहीं था लेकिन तरस आ रहा था.तरस आता था के कैसी बिना उसकी मर्ज़ी से ऐसे जल्लाद से उसकी शादी करदी गयी. फिर अब भी उसकी मर्ज़ी जाने बगैर ही उसको बुरी तरह से चोदता जा रहा था.

सिर्फ मैं ही थी जो उसको राहत देती थी तो मैं उससे प्यार का डोंग कर लेती थी.
खैर फिर हम नहाकर बहार आ गए और फिर मैंने आते ही उसकी चूचिया चुसनी स्टार्ट कर दी.

उस पर मेथियस जल्लाद के हाथो के निशान बने हुए थे.

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मैं उसके चुचो को अपने होंठो से आराम देने लगी.

फिर मैं किश करते करते निचे उसकी चुत पैर आ गयी और उसको चाटने लगी.

मिश्रा मछली की तरह छटपटाने लगी. उसको असीम आनंद की प्राप्ति हो रही थी.

फिर मैंने दो ऊँगली अंदर डालकर फिर चाटना स्टार्ट किया.

अब तो वह पागल होने लगी और कुछ ही पल में झड गयी. फिर उसने मुझे लिटाया और

फिर मेरी चुत चाटनी स्टार्ट करदी. वह वैसे ही मेरी चुत चाट रही थी जैसे मैं चाट रही थी 2 उंगलिया अंदर डालकर.
मुझे भी बहुत मज़ा आरहा था. टाइटस ने बहुत चुत चाटी थी मेरी

लेकिन जिस तरह से मिश्रा मेरी चुत चाटती उससे तो मैं पागल ही हो जाती थी.

मैं मिश्रा के बॉल पकड़कर अपनी चुत पर उसके मुँह को दबाने लगी.

उसको भी बहुत मज़ा आरहा था. फिर वह उठी और उसने अपनी टांग मेरी एक टांग के नीचे से निकाल ली.

एक ऊपर से और हम दोनों सकिसोर पोजीशन में आ गए.

हमारी चुत आपस में किश करने लगी.फिर मिश्रा ऊपर से निचे तक अपनी चुत से मेरी चुत रगड़ने लगी. ये मेरे लिए एकदम नया था. Purani Chudai ki Kahani.

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तो मुझे भी अलग ही एक्ससिटेमेंट हो रहा था. मैं भी अपनी गांड हिला हिलाकर मिश्रा का साथ देने लगी.

हमारी चुत से जो रस निकल रहा था वह आपस में मिल रहा था. जो की मुझे बहुत ही इरोटिक लग रहा था.

फिर मैं झड़ने वाली होने लगी. वो ही हाल मिश्रा का था और फिर हम दोनों एक साथ ही झड़ गए.

मिश्रा ने मेरे ऊपर आकर मुझे किश किया. हमारे चुचे एक दूसरे से चिपके हुए थे.

हम दोनों एक दूसरे में पूरी तरह से खोये हुए थे.

फिर मिश्रा मेरे बराबर में आकर लेट गयी. मैं उठकर

हम दोनों के लिए शराब निकाली और

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फिर रात भर हमने एक दूसरे को प्यार किया.सुबह में उठी तो ‘आह आह आह आह ’ की आवाज़े आरही थी. तो मिला के कमरे में जाकर देखा तो 5 नौजवान लड़के नंगे खड़े है

अपने हाथो में लंड लिए. और एक लड़का अपनी माँ की उम्र की औरत को चोद रहा है.
मिला ने मुझे उसको देखते हुए देख लिया

तो उसने मुझे अपने पास बुलाया और चुदते हुए ही बोली.
मिला: आह अपनी मालकिन से पूछ लेना अगर उसको भी लंड चाहिए तो लेले. Purani Chudai ki Kahani.

मैं: नहीं मालकिन ने पहले ही मना कर दिअ था मैंने रात में पूछा था.
मिला: ठीक है यानी ये सारे लंड मेरे. आह चोद मुझे साले तेरी माँ रंडी है तेरा भी एहि काम है चल खुश कर मुझे.

मैं उनको चोदते हुआ देख अपने आपको कोस रही थी. मैं अपनी किस्मत को रो रही थी के मेरी किस्मत में एक ही लंड था और वह भी मुझसे जुदा हो गया. अब मुझे पता नहीं कोई लंड मिलेगा या नहीं.


तो क्या हुआ अगले भाग 11 में ये पता लगेगा अगले भाग में तब तक के लिए. धन्यवाद!

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