By | May 22, 2023

Puranii Chudai ki Kahani: हैलो दोस्तो, तो अभी तक आपने पढ़ा के राजकुमारी ने मुझसे बोल ही दिया के उनको मैं पसंद हु.
लेकिन मुझे टाइटस पसंद था और मैंने अपनी सारी बंदिशे तोड़कर टाइटस से चुदवा ही लिया. जो की मेरे ऊपर ही भारी पड़ गया. अब आगे.

Purani Chudai ki Kahani

टाइटस की चुदाई ने मुझे लगभग 4-5 दिन तक परेसान रखा. फिर जब मुझे पीरियड्स हुए तो मैंने और टाइम के मुक़ाबले कम दर्द महसूस किया.

पीरियड्स के टाइम पर मुझे फिर से टाइटस का लंड याद आने लगा.
मैं अपनी सोच पर भी कण्ट्रोल नहीं कर पा रही थी. जिसने मेरी चुत का भरता बना दिया और मुझे इतना दर्द दिया अब मैं वापस उसको ही याद कर रही हु.

और फिर दूसरी तरफ ये भी चल रहा था के “क्या एक बार और करू उसका लंड ?”
मैं उसके लंड को और उसके साथ की हुई चुदाई को सोच सोचकर रात में ऊँगली कर रही थी.

तभी दो रोमन सिपाहीओं ने मुझे देख लिया और हसने लगे और मेरे पास आ गए. Puranii Chudai ki Kahani

Raja ne Rani ko choda

जैसे ही उन्होंने मुझे देखा तो तरस खाकर कहने लगे.“और ये बेचारी कर भी भी क्या सकती है.

बताओ नामर्दो को भी लंड मिल जाता है बस एक इसके ही नसीब में नहीं है.”मुझे ये बात लग गयी और मैंने फिर से टाइटस से चुदने की ठान लिया.

मैं सुबह में उठी और फिर देखा के मालिक शहर से बहार जा रहे है किसी काम से, मैं उदास हो गयी क्युकी अब मज़ा मुझे नहीं मालकिन को मिलने वाला था और मालकिन ने भी मालिक के जाते ही टाइटस को मुझसे बुलवा लिया, टाइटस रास्ते में मुझसे बात करने लगा, टाइटस: फिर से चुदेगी मुझसे?

मैं: तेरे लंड ने मेरा बुरा हाल कर दिया था, अब दोबारा नहीं होगा मुझसे.

मैं ये थोड़ा भाव खा रही थी टाइटस के सामने जिससे वह मेरी चुत लेने के लिए उत्तेजित हो जाए.

टाइटस: अरे अब दर्द नहीं होगा अब तो तेरी सील टूट चुकी है.

मैं: नहीं मुझे तेरी बातो पर भरोसा नहीं है.

टाइटस: तू ऐसे कैसे बोल रही है. कही तुझे जलन तो नहीं हो रही है के मैं मालकिन को चोदने जा रहा हु

मैं: तेरे दिमाग का मैं क्या कर सकती हु. तू कुछ भी सोच ले.

टाइटस: अच्छा बता ना देगी क्या अपनी चुत.

तेरी चुत चोदने में मुझे सबसे ज़्यादा मज़ा आया था, प्लीज एक बार और चोदने ने दे फिर नहीं कहूंगा दोबारा.

मैं: सच्ची बता तुझे मुझे चोदने में इतना मज़ा आया था?

टाइटस: मैं इतनी जल्दी कभी भी नहीं झड़ता, अभी मालकिन की चुत में ही देख लियो.

मैं: नहीं आज मैं चाहती हु की तू मालकिन की चुत में जल्दी ही झड़ जाए.

टाइटस: क्यों ऐसा क्यों?

मैं: अगर मेरी चुत चाहिए तो बाकी सभी चुत मारना बंद. Puranii Chudai ki Kahani

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टाइटस: क्यों शादी करेगी क्या मुझसे, टाइटस ने मेरे मुह की बात बोली थी.

लेकिन मैं ये ज़ाहिर नहीं कर सकती थी के मैं उससे बेपनाह प्यार करती हु, उसको किसी और के साथ भी नहीं देख सकती और उसके साथ घर बसना चाहती हु.

मैं: देखले तेरी मर्ज़ी है.

टाइटस: चल ठीक है तेरी चुत के लिए मंज़ूर, तो फिर हम मालकिन के रूम में आ गए, मालकिन नंगी बेड पर लेती हुई थी सिरहाने पर तकिया लगाकर, मैंने टाइटस के एक एक करके कपडे उतारने स्टार्ट कर दिये और उसको भी एकदम नंगा कर दिया.
उसका लंड देखकर ही मेरी चुत बहने लगती थी और मेरे मुँह में भी पानी भर आता था, उसकी गांड भी एकदम कसी हुई थी एकदम टाइट, मैंने उस पर ही हल्का सा चांटा मारा और उसको मालकिन की तरफ धक्का दे दिया, फिर उन दोनों की चूमा चाटी शुरू हो गयी.

टाइटस मालकिन के चुचे भी साथ में दबा रहा था. फिर निचे आकर उनको चूसने लगा, फिर आखिर में वह लंड चाटने लगा. मुझे भी वो ही पल याद आ गया जब उसने मेरी चुत चाटनी स्टार्ट की थी, उस समय तो मुझे असीम आनंद की प्राप्ति हो रही थी.

तो फिर मैंने भी अपनी चुत में ऊँगली करनी स्टार्ट कर दी. टाइटस मुझे देख देखकर स्माइल पास कर रहा था.

मालकिन अपनी आँखें बंद किये अपनी चुत चटवा रही थी, फिर टाइटस ने अपने लंड पर थूक लगाया और मालकिन की चुत में डाल दिया, मैं हैरत में थी के मालकिन ने इतना मोटा लम्बा लंड एक बार में ही कैसे ले लिया, मुझसे तो कई बार में जाकर लिया गया था. Puranii Chudai ki Kahani

Rani ki chudai story

टाइटस ने मालकिन की चुत का भोसड़ा बनाना स्टार्ट कर दिया, वह तो कुत्तो की तरह उनकी चुत का बजा बजा रहा था.
उसने मेरे साथ काफी प्यार से किया था. लेकिन कमाल की बात ये थी के मालकिन ये सब बहुत ज़्यादा एन्जॉय कर रही थी.
टाइटस मेरे कहे मुताबिक मालकिन की चुत में जल्दी ही झड़ गया और फिर साइड में आकर लेट गया.

उसका लंड भी ढीला पड़ गया, मालकिन को संतुष्टि नहीं मिली थी तो वह उसके लंड को अपने कोमल हाथो से हिलाने लगी.
वह फिर से तन्न गया, मालकिन उसके लंड पर सवार हो गयी और उछाल उछलकर लंड की सवारी करने लगी.

मुझे टाइटस पर ग़ुस्सा आ रहा था के उसने दोबारा खड़ा क्यों किया., लेकिन वह उसकी गलती नहीं थी ये मुझे बाद में समझ आया. तो मालकिन उसकी सवारी कर रही थी और अपने चुचो को भी पूरी तरह से उछाल रही थी.

टाइटस फिर से उनकी चुतट में झड़ गया. मालकिन टाइटस के मुँह पर थप्पड़ मारने लगी और बोलने लगी.

मालकिन: ये क्या हो गया है तुझे टाइटस? इतनी जल्दी कैसे हो जा रहा है तेरा, अभी तो मैं एक बार भी नहीं झड़ी हु.

टाइटस: मालकिन लगता है मेरे अंदर का सारा स्टैमिना ख़तम हो गया है.

मालकिन: निकल यहाँ से और आगे मत नज़र आना यहाँ, मेरे अंदर ख़ुशी का पहाड़ टूट पड़ा और फिर टाइटस ने मुझे आँख मारी और स्माइल देकर बहार निकल गया मालकिन थोड़ी परेशां लग रही थी तो मैंने बोला.

मैं: मालकिन मैं एक सिपाही को और जानती हु जो बेरहमी से रंडियो को चोदता है. उसको बुलाऊ?

मालकिन: तुझे मैं रंडी लग रही हु क्या छिनाल?

मैं: माफ़ करना मालकिन मुझे लगा आपकी शान्ति के लिए आपको मर्द की ज़रूरत है.

मालकिन: नहीं नहीं नेमेरिअ मुझे माफ़ करदे मैं परेशान हो गयी थी. चल मुझे नहला दे.

तो मैंने मालकिन के लिए पानी तैयार किया और फिर मालकिन आयी नहाने के लिए नहाते नहाते ही उन्होंने मुझसे पूछा.

मालकिन: वैसे तू और किस सिपाही की बात कर रही थी.

मैं: ओरगा.

मालकिन: हाँ, ओरगा है तो बड़ा जानदार. पता है वह अकेला ही आठ के बराबर है.

मैं: हाँ मालकिन. रंडिया भी उसके पास जाती हुई क्युकी वह बहुत ही बेरहमी से चोदना है उनको.

मालकिन: तू एक काम कर उसको बुलाकर ले आ.

मैं ओरगा को बुलाने आ गयी. तो फिर वह मेरे साथ आया तो मालकिन वैसे ही पोज़ में नंगी लेटी हुई थी ओरगा ने अपने मुँह को अपने हाथो से ढक लिया. Puranii Chudai ki Kahani

Rani ki Chudai Ki Kahani

फिर मैंने उनको खोला और मालकिन ने उसको बोला .

मालकिन: ओरगा अपनी मालकिन की सेवा करना तुम्हारा धर्म है तो चलो नंगे हो जाओ, ओरगा ने बिना किसी देरी के नंगा हो गया. ओरगा का लंड लगभग 11 इंच लम्बा और 3 इनचेस मोटा. मेरी तो गांड ही फैट गयी थी उसको देखते ही. लेकिन मालकिन की तो आँखों में चमक आ गयी थी. ओरगा उनके सामने अपना लंड हिलाने लगा. तभी मालकिन ने मुझे बोला .

मालकिन: मज़े लेने है तुझे भी लंड के, मेरी आँखों में तो एक दम चमक आ गयी. मैंने सोचा के मैं भी टाइटस को बुलाकर लाऊंगी और यही मालकिन के सामने ही चुदगी उससे. लेकिन तभी उन्होंने बोला.

मालकिन: इसका लंड चूस जाकर और मेरी चुत के लिए रेडी कर, मुझे मालकिन ने आज आधी रंडी तो बना ही दिया था. तो मैंने अपने कपडे उतार दिए और ओरगा के सामने घुटनो पर बैठ गयी और उसका लंड अपने हाथ में ले लिए और फिर उसके लंड को सूंघने लगी.

सच बताऊ तो मैं कुछ देर के लिए उस लंड की खूसबहबू में विलीन हो गयी थी. मैंने फिर उसके लंड के सुपडे को चाटना स्टार्ट कर दिया और उसकी फोरस्किन पीछे कर दी. और मज़े से उसके लंड के टोपे को चूसने लगी.

मैं उसकी फोरस्किन के अंदर अपनी जुबां डालकर अंदर से भी चाट रही थी. उसको फिर जोश चढ़ गया और उसने मेरा मुँह पकड़ा और अपना लंड मेरे मुँह में अंदर घुसाने लगा. उसका लुंड आधा ही घुसा था के मेरे गले में जाकर अटक गया. और फिर वह मेरे मुँह को चोदने लगा. गैग रिफ्लेक्स की वजह से मुझे उलटी आने लग जाती. लेकिन वह मेरा मुँह चोदे ही जा रहा था.


मैंने मालकिन की तरफ देखा उनसे उसको रोकने के लिए बोलने वाली है. पर देखा वह तो मेरे मुख चोदने को एन्जॉय कर रही है और अपनी चुत रगड़ रही है मुझे देख देखकर, हलके हलके मेरा गैग रिफ्लेक्स भी ख़तम हो गया और मैं उसका पूरा लंड अपने मुँह में लेने लगी. गले में दर्द तो हो रहा था, लेकिन अब करना तो था ही मुझे. Puranii Chudai ki Kahani

वह जब मेरे मुँह के पूरा अंदर डालता था तो उसकी बॉल्स मेरी ठुड्डी पर लगती थी. मेरे चुचो तक मेरे मुँह का थूक बह रहा था.

मेरा मुँह पूरा साध गया था. फिर जब मालकिन ने उसको बुलाया तो फिर मैंने निचे से अपनी उल्टिया साफ़ की.

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ओरगा मालकिन को चोदना लगा. मैं बहार आ गयी अपने आपको साफ़ करने, फिर जैसे ही मैं कमरे में आयी तो देखा मालकिन भी उसका लंड चूस रही है.

वह साली कुतिया गलती से मालकिन बन गयी रंडी ही बनना था उसको, अब तो छिनाल ने रंडियो की तरह लंड मुँह में लेना भी शुरू कर दिया था. मालकिन अपनी चुत उससे चटवा रही थी उसके मुँह पर बैठकर और खुद उसके चुत को चूस रही थी.
कुछ भी कहो लेकिन वो तो मुझे भी बहुत सेक्सी लग रहा था.

मैं अभी भी नंगी ही थी.मैं उनको देख देखकर ही चुत रगड़ने लगी. फिर मालकिन उसके लंड पर सवार हो गयी और उस पर कूदने लगी, मालकिन के चुचे के बुरी तरह हिल रहे थे. ओरगा कण्ट्रोल नहीं कर पाया और मालकिन की चुत में ही झड़ गया.

फिर जब ओरगा चला गया तो वह मुझसे बोलने लगी “ओरगा ठीक है लेकिन जो मज़ा टाइटस के लंड में है वह और किसी के लंड में नहीं है.”

मैं: मालकिन अभी तो बहुत सारे लंड बचे है. मैं वाशरूम में देखूंगी आपके लिए जो भी अच्छा लगेगा बताउंगी.

मालकिन: नहीं मुझे लगता है टाइटस को वैद जी के पास लेकर जाना पड़ेगा.

मैं: आपको प्यार तो नहीं हो गया उससे?

मालकिन: उसके साथ और भी लंड लुंगी लेकिन उसका भी चाहिए वह बहुत मज़े देता है.

मैं: मैं उसको वैद जी के पास ले जाउंगी.

मालकिन: हाँ ये ही सही रहेगा. तू उसको दिखा लाना और हाँ खुद अंदर मत जाना.

मैं: ठीक है मालकिन. Puranii Chudai ki Kahani

तो आगे क्या हुआ कहानी में ये पता लगेगा अगले भाग 8 में तब तक के लिए. धन्यवाद!

इस कहानी का पिछला भाग पढ़ने के लिए:—>दरबारियों ने की प्रिंसिस की चुदाई 6

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