By | January 21, 2023

Do Sage Bhai bahan ki chudai:-हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब , मुझे उम्मीद है आपको मेरी ये कहानी काफीपसंद आई होगी, ये पिछली कहनी का भाग 2 , लास्ट टाइम मैंने बताया था की किस तरह में इस शहर में आया और जॉब की तलाश में और यहाँ अपने अंकल के यहाँ रहने लगा. और साथ ही साथ उनकी बेटी मेरी ममेरी बहन स्वाति से भी मिला जिससे रात को हुई वाट्सअप चैट के बाद मेरा उसके तरफ नजरिया ही बदल गया.

अगर आपने अभी तक इस कहानी का भाग 1 नहीं पढ़ा तो प्लीज यहा क्लिक करके पढ़ सकते है।

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अब मुझे उसकी खूबसूरत शकल में बहन काम और एक चुड़क्कड़ जवान लड़की ज़्यादा दिखने लग गयी थी. अगले सुबह देर से मेरी नींद टूटी और सोचने लगा की रात को जगे रहने के कारन काफी देर कर दी उठने मैं

और पता नहीं अंकल आंटी क्या सोचेंगे.ये सोचते हुए टाइम देखने के लिए तकिये के नीचे से मैंने अपना मोबाइल निकला तो देखा 9.30 हो रहे थे. सोचा अब तो काफी देर हो गया पर तभी देखा की वाट्सअप में कुछ मैसेज आये हुए है. झट से मैंने यह सोच कर उठाया की स्वाति का मैसेज होगा पर देखा तो दूसरो का था

Sage Bhai bahan ki chudai

पर स्वाति का एक भी मैसेज नहीं था.बिना दुसरो के मैसेज को देखे मैंने तुरंत स्वाति को एक मैसेज भेज डाला.
मैं: ही. गुड मॉर्निंग.फिर उसके बाद दुसरो के मैसेज को देखने लगा. मेरे एक दोस्त ने मुझे आज अपने यहाँ बुलाया जो बंगलोरे में ही जॉब करता है. मैंने उसे मैसेज दे दिया की आज में उससे मिलने आऊंगा. तभी लो आ गया जिसका मुझे इंतज़ार था. स्वाति का रिप्लाई. Do Sage Bhai bahan ki chudai

Bhai bahan ki chudai hindi mein

स्वाति – हेलो! गम.मैं – ही…स्वाति – आँख खुल गयी?मैं – हाँ. तुम कहा हो?स्वाति – अपने रूम में.मैं – काफी देर से उठा आज. अंकल आंटी ने कुछ बोले क्या?स्वाति – नहीं पापा तो 7.30 को ही जॉब पे चले गए. माँ ने कुछ भी नहीं बोला. क्यों?
मैं – अरे कुछ नहीं बस सोचा की वह क्या सोचेंगे.स्वाति – अरे ऐसा कुछ नहीं है. माँ तो बस अपने काम में ही बिजी है तुम आजाओ. मैं – हाँ आता हूँ सोच रहा हूँ डायरेक्ट नाहा कर ही आ जाता हूँ.

स्वाति – हाँ हाँ नहालो काफी गंदे हो गये होंगे कल रात के बाद.मैं समझ गया वह क्या बोल रही है.मैं – अरे नहीं मुझे सुबह जल्दी उठकर नहाने की आदत है. आज देर हो गयी. कल इतने सफर के बाद थक गया था.

स्वाति – हाँ समझी कैसे थके. है है है!…मैं – जजा! तुम न बिलकुल ढीट हो हर बात का दोहरा मीनिंग निकलते हो. अच्छा चलो नाहा कर आता हूँ.स्वाति – ओके!इतना कहते हुए में आराम से अपने कम्बल से धीरे धीरे बहार निकल रहा था.
मन तो था नहीं उठने को बस था तो स्वाति को भी कम्बल में घुसा कर छोड़ने का था. इतने में स्वाति का एक और मैसेज आया.स्वाति: नहाने चले गए या अब भी बेड पे ही हो?मैंने तुरंत जवाब दिया – नहीं नहीं अभी उठ ही रहा था. क्यों?स्वाति – बस ऐसे ही पुछा.

मैं: अब बोलो भी क्यों मैसेज किया? मेरी याद आ रही है क्या? है है है!स्वाति: हँ बुलशिट रिप्लाई करने का स्पीड देख के पता चल रहा है कोन याद कर रहा है किसी को. Do Sage Bhai bahan ki chudai

मैं – वह मेरा फ़ोन हाथ में ही था और कुछ नहीं.स्वाति – और कुछ नहीं तो ओके ठीक है. कोई बात नहीं. बाई.मैं समझ गया वह नखरा मार रही है तो मैंने भी सोचा उसका साथ दू उसके नखरे में और बोला – अरे नहीं चलो सॉरी तुम्हे ही याद कर रहा था.स्वाति – अच्छा? क्यों ऐसी क्या बात है जो मुझे याद किया?

मैं – इतनी भोली बनती हो.स्वाति – भोली तो हूँ में है है है! मेरे पापा से पूछलो.मैं – हाँ हाँ तुम्हारी माँ से पुछू की तुम भोली हो की नहीं?स्वाति – अरे यार माँ को मत लाओ पूरा मूड उड़ जाता है. वह न बस मैन – है है है!
वह बस तुझे अच्छे से जानती है.स्वाति – क्या मतलब!मैं – अरे कुछ नहीं चलो जाने दो और क्या कर रही हो?स्वाति – लेटी हूँ अपने बेड पे. मैं – में आ जाओ?स्वाति – है है है! कैसे आओगे? माँ किचन में ही है.मैं – ओहो अगर नहीं होती तो आने देती?
स्वाति – नो नो! ऐसा नहीं वैसे क्या करोगे आकर?मैं – वह तो आकर ही बताऊंगा.स्वाति – तब तो कई दिन लगेंगे बताने को. है है है! क्यों की में इतनी जल्दी किसी के हाथ नहीं आती.

Bhai bahan ki chudai ki kahani

मैं – अच्छा! इतना घमंड.स्वाति – घमंड की बात नहीं है बस बोल रही हूँ.मैं – वैसे कल रात मज़ा आया मुझे तुम्हे कैसा लगा?स्वाति -अच्छा ही था. आपकी नियत तो पता चली. मैं – हाँ और मुझे तेरी भी.स्वाति – वैसे क्यों अच्छा लगा? वास् आईटी योर फर्स्ट हॉट चाट विथ गर्ल? Do Sage Bhai bahan ki chudai

मैं – नहीं नहीं किया है इससे पहले सोल्लगे में पर कल रात पता नहीं कुछ खास था.स्वाति – वह क्यों?मैं – पता नहीं क्यों. बस मज़ा आया.स्वाति – तुम्हे पता है क्यों तुम बताना नहीं चाहते तो जाने दो.

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मैं – उफ़ तुम काफी माहिर हो लोगो से बाते उगलवाने में.स्वाति: क्यों?मैं – एक चिंगारी छोड़ जाती हो.
स्वाति – अच्छा है तो बताओ क्यों?मैं – शायद तुम मेरी ममेरी बहन हो उसी लिए. वह ऐसा है की जब हमें ऐसे किसी से वह वाली फीलिंग उठती है जिसे हम उस नज़र से नहीं देखते तो और भी मज़ा आता है.स्वाति – है है है!
ये वह वाली फीलिंग और उस नज़र का मतलब किश नज़र से?मैं – जैसे की तुम्हे पता नहीं.स्वाति – बोलो भी.मैं – अरे मतलब काम वाली फीलिंग और अन्तर्वासना वाली नज़र.स्वाति – व्हाट व्हाट व्हाट? है है है! इतना शुद्ध हिंदी मुझे नहीं आती.मैं – अरे सेक्स फीलिंग एंड परवर्ट ऑय.

स्वाति – है है है!इतने में डोर पे कट कट की आवाज़ आयी और आंटी बहार से बोली – बेटा तुम उठे नहीं अब तक क्या?मैं – उठ गया आंटी वह वह….. भजन कर रहा था

मन ही मन मे .आंटी – तब ठीक है बेटा अपनी पूजा ख़त्म करके आ जाओ. काश तुम ये सब अपनी बहन को भी सीखा देते. वह तो बस बिना नहाये आएगी जाएगी अगर बहार जाना हो तो नहाएगी वरना भूल ही जाओ.इतना बड़बड़ाते हुए वह वापस चली गयी तो मैंने स्वाति को मैसेज किया

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मैं – चलो बहार मिलो मैं झट से नहाकर आता हूँ. कोई चारा नहीं अब बहार आना ही होगा.
स्वाति – हाँ हाँ सुना मैंने तुम आओ बहार.इसके बाद में झट से नहाया यूं तो में नहाने में 20-30 मिनट लगता हूँ पर आज 10 मिनट में निकल गया. नहाकर मैंने टी शर्ट पहना और सज सवार कर मतलब बाल झाड़ कर बहार निकला. निकलते ही झट से किचन को गया जहा आंटी काम कर रही थी. Do Sage Bhai bahan ki chudai

दोस्तो इस भाग मे बस इतना ही बाकी अगले भाग मे कैसे मैंने स्वाति को चोदा.

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