By | February 2, 2023

भाग 10: शोभा को  बैंक लोन मिल गया. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:-हेलो दोस्तों मैं शोभा जानती हूँ तो चलिए आज आपको मैं कहानी सुनती हूँ. पिछली रात राकेश से अच्छे से चुदाई और साथ ही आकाश को भी हमारे लाइव सेक्स का मनोरंजन करवाया.सुबह उठी तो कल रात की बात सोच मन ही मन मुस्कुरा रही थी. तभी पलट कर बेड पर देखा तो राकेश वहा नहीं था. मैं अपना फ़ोन उठा कर टाइम देखि तो 9:05 बज रही थी. मैं तुरंत उठी और अपनी कल रात पहनी बेबीडॉल को पहनने लगी.

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झट से रूम से बहार निकल कर देखि तो राकेश को कही नहीं पायी. मैं तुरंत अपने रूम वापस आयी और उसे फ़ोन लगायी.राकेश: हे बेबी गुड मॉर्निंग. उठ गयी?मैं: सेट उप. कैसी गुड मॉर्निंग? कब गए? मुझे उठाये क्यों नहीं?राकेश: अरे बाबू सोचा क्यों खामखा तुम्हे उठाऊ. अभी मैं एयरपोर्ट में चेक इन करने वाला हूँ. 2 घंटे बाद है फ्लाइट.मैं: जाओ मुझे नहीं बात करनी तुमसे एक बार जगा देते.राकेश: जानु गुस्सा मत करो. 2 से 3 दिन के बाद तो वापस आ ही जाऊंगा

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मैं: तो क्या? हहरकेश: ओफ्फो अब गुस्सा थूको. प्लीज. आई लव यू न.मैं: हम्म्म! ओके. आई लव यू तू.राकेश: हाँ उमठ! और सुनो आज न वह बैंक से एक आदमी आएगा. वह एक मिनट पहले ही फ़ोन किया.मैं: बैंक वाले से क्या रिस्ता? राकेश: वह एक्चुअली तुम्हे बताया नहीं था मैंने उस ट्रिप के खर्चे के लिए एक होम लोन अप्लाई किया था.मैं: राकेश! तुम पागल हो क्या? लोन क्यों अप्लाई की? आलरेडी तुम दो लोन का पैसा भर रहे हो एक और?राकेश: सॉरी मेरे दिमाग से वह बात निकल गयी थी.

अब सुनो. वह आएगा ओके बस कुछ डाक्यूमेंट्स मांगेगा उसे दे देना. और अगर वह पूछे किश लिए है तो बोलना की हमारे घर का कुछ इंटीरियर का काम है. ट्रिप की बात मत बताना.मैं: तुम्हारे दिमाग में क्या चल रहा है. क्यों ऐसा सब कर रहे हो?राकेश: आकर बताऊंगा अभी मेरे पास समझने का टाइम नहीं जान. प्लीज उसे डॉक्यूमेंट दे देना और जैसा मैंने कहा वैसा ही करना.

 बस वह कुछ टेड़े मेढे सवाल करेगा पर कैसे भी उससे लोन सैंक्शन करवा लेना.मैं: हम्म्म ओके!राकेश: और हाँ आकाश को बोलो कही जॉब के लिए भी कोसिस करे. आज सुबह माँ फ़ोन पर उसके बारे मैं पूछ रही थी.मैं: हम्म्म ओके ठीक है ठीक है.

राकेश: ठीक है मैं तुम्हे वह जाके कर फ़ोन करता हूँ.मैं: ओके लव यू टेक केयर टाइम पे खाना सब खा लेना.राकेश: हाँ ठीक है लव यू हनी. ब्येईतना कहते ही उसका फ़ोन कट हो गया. फ़ोन को बेड पर फेक मैं मुँह फुलाई बैठी रही की राकेश मुझे जगाया नहीं.फिर टाइम देखि तो 9.30 होने को थी. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

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तो सोचा अपने लिए चाय बना लू. मैं बाथरूम गयी फ्रेश हुई और फिर किचन को जाकर अपने लिए चाय बनाने लगी चाय थोड़ी ज़्यादा बनायीं नहीं तो बाद में आकाश के लिए फिर से बनानी पड़ती. तब आकाश के बारे में सोची और मेरी फ्रेंड नेहा का ख्याल आया.

नेहा पटेल वह इस अपार्टमेंट मैं रहती है. उसका टेक्सटाइल का काफी बड़ा इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिज़नेस है. यूँ तो थोड़ी मोटी है पर काफी मदतगार है. मैं सोचने लगी की क्यों न आकाश के लिए उससे कोई बात करू जॉब की. मैं तुरंत उसे फ़ोन लगायी.

नेहा: हेलो शोभा हाउ अरे यू?मैं: ऍम गुड यार. तुम बताओ!नेहा: ऍम गुड तू कैसे याद की?मैं: एक हेल्प चाहिए थी यार.नेहा: वह तो पता चल ही गया मुझे तू बस बोल.मैं: है है है! ओके ओके! वह न मेरे हस्बैंड का भाई आया हुआ है यहाँ.नेहा: आकाश?मैं: हाँ पर तुम कैसे जाना उसको?

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नेहा: है है है! कल भावना मिली थी मुझे पार्टी में.मैं: ओहो तो तुम भी थी उस पार्टी में.नेहा: हाँ पर मैं जल्दी ही निकल गयी कल. उसी ने बताया तेरे देवर के बारे में.मैं: अगर उसने कुछ उल्टा सीधा बोलै मेरे और आकाश के बारे मैं तो सच मत समझना. वह कमीनी काफी बड़बोली है. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

नेहा: ओके! मैं जानती हूँ उसकी आधी बात झूठ ही है. अब बोलो क्या हेल्प चाहिए थी?मैं: वह तुम्हारे कंपनी में कुछ काम मिलेगा क्या उसे?नेहा: हम्म्म! वह क्या पढ़ा है?मैं: म.कॉम.नेहा: तू मुझे थोड़ी टाइम दे. मैं अपने मैनेजर से बात करके बताती हूँ उसके लिए कोई ओपनिंग है या नहीं.मैं: ठीक है थैंक्स नेहा.नेहा: कोई बात नहीं. अगर कोई पोजीशन हुई तो बिलकुल मिलेगी उसे.

मैं: थैंक्स नेहा थैंक्स  लोट.नेहा:.फ़ोन काट करके के रखा तो देखि आकाश का व्हाट्सप्प पे एक मैसेज आया हुआ है.आकाश(व्हाट्सप्प): ही गुड मॉर्निंग. भैया चले गए क्या?(इसके बाद तो आपको सीजन २ के एपिसोड १ से पता ही है की क्या हुआ. अब उस एपिसोड के बाद का किस्सा बताती हूँ.)करीब 11 बजे आकाश अपने रूम से बिलकुल टिप टॉप होकर निकला इंटरव्यू के लिए. लिविंग के सोफे पे बैठ मैं उसे देख बोली: ओह मार फॉर्मल बड़े अचे लग रहे हो.आकाश शर्माता हुआ मेरे पास आया और बोला: क्या भाभी मुझे भगा रही हो. देख लेना आप बोर हो कर पक जाओगी.मैं: अरे तुम्हारे लिए ही तो कर रही हूँ.आकाश: हम्म्म! ओके थैंक्स. वैसे आपकी फ्रेंड का ऑफिस किधर है?मैं: ऑफिस नहीं आज वह अपने घर पर ही होगी. यही 2 फ्लोर ऊपर. फ्लैट नंबर मैसेज करती हूँ.आकाश: तो क्या इंटरव्यू नहीं है?

मैं: इंटरव्यू ही है पर ऑफिस के जगह घर पर है वह तो तुम्हे वही भेजने को बोली. अब ज़्यादा सवाल मत करो लेट जाना है क्या. खामखा गलत इम्प्रैशन मत बनाओ.आकाश: ओके ओके! ठीक है.

आप उनको बोल्दो की मैं अभी आऊंगा.मैं: हाँ ठीक है चलो अब जाओ और जॉब लेकर आना वरना पीटूँगी.हम दोनों हसने लगे और मुझे बाई बोलता हुआ आकाश घर से चला गया.

आकाश के जाते ही मैंने एक मैसेज कर दी नेहा को की आकाश आ रहा है जिसपर उसने एक ओके का मैसेज रिप्लाई की.कुछ 15 से 20 मिनट में ऐसे ही चैनल बदल कर टीवी देख रही थी की तभी डोर बेल्ल बजी. मैं सोची शायद आकाश होगा बेवक़ूफ़ ज़रूर कुछ भूल गया होगा. ये सोच मैं जाकर दूर ओपन की. सामने फॉर्मल्स पहना एक हाथ में कॉर्पोरेट बैग के साथ एक हैंडसम सा बाँदा करीब 30 साल का मेरे सामने खड़ा था.

मैं: यस आप कोन ?वह: मैडम मैं नवीन नवीन रॉय फ्रॉम बैंक.तब याद आयी की मैं राकेश की बोली हुई बात बिलकुल भूल ही गयी. इतनी भूली की मैं अपनी श्लीव्लेस टॉप और शॉर्ट्स भी बदलना भूल गयी.मैं: ओह ओके. वह लोन की कुछ सिलसिले में राइट?नवीन: यस मैडम. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

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मैं दूर पूरी ओपन कर उसे अंदर आने को बोली. उसने मुझे पूरा ऊपर से नीचे देखा की मैं कितनी छोटी सी शॉर्ट्स पहनी हुई थी. शायद इसी लिए उसने मुझसे पुछा.नवीन: वह आपको सर ने बताया नहीं था क्या की मैं आऊंगा. मैंने उन्हें सुबह कॉल किया था.मैं: है हाँ वह बताये तो थे पर मैं भूल गयी सॉरी.

प्लीज अंदर.नवीन मेरी टैंगो से नज़र हटाता हुआ घर में घुसा और लिविंग को चला आया.मैं: प्लीज सीट. बैठिये.नवीन सोफे पर बैठ गया और मेरी टाँगो से नज़र न मिलाते हुए अपने बैग से कुछ पेपर और अपना लैपटॉप निकालने लगा. मैं ठीक उसके सामने वाली सोफे पर बैठी और उसे देखने लगी. वह सभी पेपर को पढ़ने और अपना लैपटॉप ऑन कर मुझसे बोला: तो कितने साल हुए आपको इस घर को लेकर.मैं: यही कुछ दो साल.

नवीन: तो जब आप लोग यहाँ – हुए तो घर का रेनोवेशन नहीं किया था?मैं: नहीं दरअसल हम काफी हड़बड़ी में यहाँ आए थे. और उस वक़्त घर लेने में काफी पैसे खर्च हुए तो रेनोवेशन बाद के लिए रखा.नवीन: ओके मगर  राकेश ने 7 लाख का होम लोन अप्लाई किया है.मैं सोचने लगी 7 लाख भला वह क्यों लोन ले रहा है फोरीगन ट्रिप के लिए? उसने मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं बताया.मैं: है.. हाँ 7 लाख.नवीन: 7 लाख हो जायेगा क्या इस घर का पूरा रेनोवेशन?मैं: हम्म्म हाँ एक्चुअली हम ज़्यादा नहीं करवा रहे. बस किचन और बैडरूम का फर्निशिंग करवा रहे है.

नवीन: ओके मैडम.मैं: आईटी’स फाइन आप मुझे शोभा बुला सकते है.नवीन मुस्कुराते हुए लैपटॉप मैं कुछ टाइप करने लगा.

5 मिनट बाद वह बोलै: थोड़ा प्रॉब्लम है मैडम मैं शोभा.मैं: मतलब?नवीन: राकेस ने आलरेडी 2 लोन ले रखे है एक पर्सनल और एक कार लोन.में: हाँ पर्सनल ली थी इस घर का डाउन पेमेंट के लिए.नवीन: एक्चुअली ये थोड़ा प्रॉब्लम हो सकता है क्यों की जब तक ये कोई एक लोन पूरा न भर दे हम एक और लोन शायद नहीं दे सकते.

मैं सोचने लगी की मैं और राकेश पिछले दो साल से फोरीगन ट्रिप जाने की सोच रहे है. मैं किसी भी हालत में जाना चाहती थी. मेरी सारी सहेलिया जा चुकी है अपने हस्बैंड के साथ और मैं अब तक नहीं गयी.

अपनी सहेलियों के बिच स्टेटस मेन्टेन करने के लिए किसी भी हालत में मुझे ये ट्रिप जानी ही थी जल्द से जल्द.मैं: वह टाइम पे  सारा किस्त तो भर ही रहे है. आज तक एक भी पेमेंट डिले नहीं किये है. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

नवीन: यस शोभा. वे अप्प्रेसियते पर बैंक के अपने नियम है जिसके अनुसार वह 2 मे से  जब तक कोई एक लोन पूरा न भर दे तब तक वह कोई और लोन नहीं ले सकते.मैं: पर अगर वह सारा पेमेंट कर रहे है तो बैंक उन पर भरोसा कर ही सकता है ना.

नवीन: यस शोभा हमारा उनपर पूरा भरोसा है. पर ये सिर्फ हमारे ही नहीं हर बैंक का नियम है.मैं: प्लीज नवीन देखना कुछ तो हल होगा इसका.मेरे मुँह से नवीन सुनते ही वह पहले मेरी आँखों में देखा. और फिर उसकी नज़र मेरी टाँगो पर. और फिर मेरी जांघो पर गयी. और फिर उसने गले से थूक का यह घूंट उतरा.

इससे में समझ गयी की इससे मेरी नंगी टाँगे देख काफी मज़ा और टेंशन हो रहा है. फिर मुझे एक आईडिया आयी और में तुरंत उठी और बोली: एक मिनट नवीन मैं एक बार अपने हस्बैंड से बात कर लेती हूँ.

नवीन: हस्बैंड से? पर वह बोले थे की उनका आज कोई फ्लाइट है.मैं सोची की क्या बेवकूफी बोली मैंने और बोली: वह हाँ पर अगर शायद फ्लाइट डिले हुई होगी तो वह फ़ोन उठा ले .नवीन: हाँ ओके बात कर लीजिये.

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मैं झट से अपने रूम को गयी डोर बंद की और राकेश के जगह आकाश को फ़ोन की.आकाश: हेलो शोभा.मैं: कैसा चल रहा है इंटरव्यू?आकाश: अब तक तो प्रॉब्लम नहीं है सब ठीक ही चल रहा है.मैं: ओके तो तुम कब तक वापस आओगे?आकाश: वह पता नहीं शोभा.मैं: ओके ओके जब भी आओ तो आने से पहले मुझे एक बार कॉल कर देना.आकाश: ओके पर क्या…

मैं और कुछ सुनने नहीं गयी और फ़ोन कट कर दी. इसके बाद मैं वापस लिविंग रूम को गयी. इस बार नवीन के बगल में जाकर बैठी और मुँह लटकने का नाटक कर उससे बोली: मेरी बात हुई उनसे प्लीज वह बोल रहे है की कैसे भी आपको मानले.

वह बोले वह बिना किसी डिले का सारा पेमेंट करेंगे.नवीन: प्लीज मैडम

मैं शोभा. ये बैंक के नियम के अनुसार गलत है. मुझे ये बात रिपोर्ट करनी ही पड़ेगी.मैं अपनी टैंगो पर टांग रख उसके तरफ मुड़कर बैठी. चेहरे से उदासी हटाकर भवरो को तोडा ऊपर कर मुस्कुराती हुई बोली: और अगर तुम न रिपोर्ट करो तो? तो क्या वह लोन दे देंगे?नवीन: है मतलब मुझे करना पड़ेगा ही. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

वह टेबल से एक फॉर्म उठाया और बोलै: इस फॉर्म में मैंने आलरेडी लोन डिसएप्रूव्ड का स्टाम्प मार दिया है. हेल्प शोभा. चलो मैं निकलता हूँ.मैं अपनी एक हाथ उसकी जांघो पर पैंट के ऊपर रख बोली: क्या तुम शादी शुदा हो?नवीन मेरे हाथ को अपने जांघो पर देख बोलै: नो.

मैं: सोचो अगर तुम शादी शुदा हो और तुम अपनी बीवी को कुश देखने के लिए उसे एक अच्छा घर देना चाहो. और वह न हुआ तो तुम्हारी बीवी को कैसा लगेगा.

नवीन: पर…पर मेरी शादी नहीं हुई न.मैं उसके थोड़ी और करीब होकर आँखों में नशा और चेहरे पर अदा डाल कर बोली: तो कुछ देर के लिए मुझे अपनी बीवी समझ लो और सोचो मुझे कितना बुरा लगेगा.नवीन मुस्कुराता हुआ अपना सर थोड़ा पीछे हटाकर बोलै: प्लीज शोभा तुम ये सब एक गलत आदमी से बोल रही हो.

इन सबसे मैं अपना काम नहीं भूलने वाला.मुझे यकीन था की अब तक ये मेरी टैंगो को घूर रहा था. तो इसका इस पर कुछ तो असर हुआ ही होगा और ठीक ऐसा ही हुआ. जब मैं अपनी हाथ इसकी जांघो से उठाकर ठीक इसके पैंट पर लंड के ऊपर सहलान लगी. जो अब काफी सख्त था अंदर.मैं उसके लंड को सहलाती हुई बोली: तो अगर मेरी बातो का कोई असर नै होने वाला तो ये किस कारन हुआ? Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

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वह एकदम सा हकबकाता हुआ खड़ा होने की कोशिश करने लगा. तभी मैं उसके पैंट पर उसके तने लंड को पकड़ उसे वापस बैठा दिया .मैं उठी और उसके जांघो के दोनों तरफ अपनी जंघे लगाकर उसकी गोद में बैठी. उसके कंधो पर हाथ रख उसके मुँह के पास जाकर बोली: देखो मुझे क्या तुम मुझे नाराज़ करोगे अगर मैं तुम्हारी बीवी होती तो? बोलो?नवीन पर मेरी बातो का असर हो रहा था. उसकी आँखों में हवस का रंग उतर रहा था. पर शायद वह अब भी हिचकिचा रहा था और बोलै: पर पर ये गलत है.

मेरा काम के खिलाफ है ये.मैं तब उसके तने हुए लंड पर पैंट के ऊपर से अपने शॉर्ट्स पे चूत के हिस्से को कमर हिलाती हुई धीरे धीरे रागादि. और बोली: सोचो क्या तुम अपने काम को अपनी बीवी के लिए थोड़ी देर नहीं भूलते?नवीन को मेरी शार्ट के अंदर चूत का उसके पैंट ड के अंदर लंड पर रगड़ काफी मज़ा देने और उकसाने लगा. वह बोलै: पर तुम्हारा हस्बैंड. उनका क्या?उसके इस सवाल से मैं समझ गयी की लोन एप्रूव्ड हो ही गया. बस इतना सोचती हुई मैं उसके एक हाथ को पकड़ा.और नीचे ले जाकर अपनी चूत पर शॉर्ट्स के ऊपर से सटाकर बोली: मेरी दूसरी ज़रूरते भी है जो वह कभी पूरा नहीं कर पाते.

नवीन मेरी शॉर्ट्स पर चूत को सहलाने लगा. क्यों की मैंने कोई पैंटी अंदर नहीं पहनी थी. उसकी उंगलियों को मेरी चूत का अकार साफ़ महसूस हो रहा था।  और तो और मैं थोड़ी गीली भी हो चुकी थी.नवीन: अगर उनको पता चल गया तो?मैं कमर हिलाती हुई उसके हाथ पर अपनी चूत को शॉर्ट्स के ऊपर रगड़ती हुई बोली:

तुम अगर बैंक में न बताओ तो मैं भी अपने पति को कभी नहीं बताउंगी.मेरी इस बात का उस पर काफी अच्छा असर हुआ. उसका हाथ अब मेरी चूत पर और ज़ोर से रगड़ने लगा. मैं समझ गयी की मामला अब पूरी तरह से मेरे हाथ में है.मैं: हम्म्म्म नवीन. तो क्या लोन सेक्शनएड?वह मेरी आँखों मैं आंख डाल देखने लगा.

पर मेरे सवाल का कोई जवाब नहीं दिया. तो मैं चूत के ऊपर शॉर्ट्स पर रखी उसका हाथ पकड़ कर उठायी. और अपनी शॉर्ट्स मैं घुसती हुई मेरी नंगी गीली चूत पर रख दी. वह एक ही बार में अपने दूसरे हाथ में पकडे उस डिसएप्रूव्ड का स्टाम्प लगा हुआ फॉर्म सोफे पर फेका और बोला: यस. यस संक्टिवेद. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

मैं कुछ न सोची और उसके होंटो से होंठ मिलकर उसे चूमने लगी.

मैं: आई लव यू नवीन.नवीन मुझे चूमता हुआ बोला: में तू लव यू शोभा.हम दोनों काफी पागलो की तरह एक दूसरे को किश करने लगे. उसका हाथ मेरी चूत को सहलाता हुआ मुझे और भी पागल कर रहा था . वह अपने दूसरे हाथ से मेरे बालो में अपना हाथ फसा कर मुझे अपने तरफ खींच कर किश करता. और साथ ही चूत को हाथ से शॉर्ट्स के अंदर खेल मुझे सेक्स के लिए उकसाता जा रहा था.

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और फिर उसका दो ऊँगली मेरी चूत में धीरे से गया जिसपर मेरी मुँह से चूमने के बिच आह निकल गयी. मैं किश को थोड़ी और आंखे बंद कर सर ऊपर कर अपनी कमर को ऊपर नीचे करने लगी. वह अपना 2 ऊँगली बिना हिलाये सीधा खड़ा रखा. जिससे मैं उछलती हुई ऊँगली से  चुदवाने  लगी.थोड़ी देर बाद मैं नशे से चूर आँखों के साथ उसे देखि. फिर उसका हाथ अपनी शॉर्ट्स से बहार निकाल कर उसके गॉड से नीचे उतरी.

उसकी जांघो को फैलती हुई उसके बिच फ्लोर पर अपने घुटनो पर बैठ गयी. मैं धीरे से उसकी पैंट का बेल्ट खोली.और फिर पैंट  और अंडरवियर को एक साथ पकड़ कर नीचे खींच कर उसका लंड बहार निकाला. इस पर वह मुझे रोका और बोलै: क्या मैं अपना पैंट खोल दूँ?मैं सोची ये क्या सवाल था ऐसे इसके बिच.नवीन: वह इसके बाद मुझे वापस बैंक जाकर तुम्हारे हस्बैंड की साडी डाक्यूमेंट्स जमा करनी है.मैं समझ गयी की वह अपना कपडा गन्दा नहीं करने की बात कर रहा था. तो इस पर मैं नीचे झुकी और उसका शू पहले खोल फेकि.और फिर ऊपर आकर उसके पैंट और अंडरवियर पकड़ पूरा नीचे यदि तक खींच उसे उससे अलग कर सोफे पर फेक दी.

फिर वह आराम से पीट के बल लेटा . मैं उसके लंड को अपने हाथ से पकड़ पहले धीरे धीरे हिलाने लगी. वह मेरी आँखों में आंखे मिलता हुआ मुस्कुराया.फिर मैं धीरे से उसके लंड के पास गयी और उसके लंड के सर को चूमने लगी. वह अपना सर पीछे को कर आंखे बंद कर मज़े लेने लगा. मैं भी उसके लंड के नए स्वाद का मज़ा लेने लगी.

उसके लंड पर अपना जीभ घूमने के बाद उसे अपने मुँह में धीरे से घुसाई.फिर धीरे धीरे चूसने लगी. नवीन के मुँह से हलकी हलकी आह निकलने लगी और उसकी आह को बढ़ने के लिए उसके लंड को और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी.

कभी कभी अपने दांतो से उसके लंड के गले पर काट मारती हलके से. जिस पर उसकी आह ज़ोर की निकलती.अपने सर को ऊपर नीचे हिलाती हुई उसके लंड को अपने मुँह में चोदने लगी. साथ ही अपने एक हाथ से नीचे अपने शॉर्ट्स में चूत को मसलती हुई खुद को भी मज़ा देने लगी. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

थोड़ी देर उसके लंड को अच्छे से चूसने के बाद अपने मुँह से उसे निकाला .और ज़ोर से हाथो से हिलाता हुई अपना सर नीचे ले जाकर उसके अंडो को चाटने लगी. वह मज़े मैं आह ओह करता आंखे बंद कर लेटा रहा. लंड के मुँह पर अपनी ऊँगली से सहलाती हुई उसके अंडो को मुँह में लेकर चूसने लगी.

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उसे काफी मज़ा आ रहा था और अब वह थोड़ी ज़ोर से सिसकारियां भर रहा था.थोड़ी देर अंडो को चूसने के बाद में उसके लंड को ज़ोर से हिलाने लगी. फिर वापस मुँह में लेकर चूसने लगी. हाथ से हिलाती और अपना सर हिलती हुई अपनी मुँह में उसका लंड चुदवाती हुई उसे जल्द ही में उसकी चरम सीमा पर ले आयी.नवीन: ओह शोभा! अहह मेरा निकलने वाला है.इतना कहते हुए उसने मेरी मुँह में अपना सारा गदा गर्म मुठ 4 से 5 पिचकारी मरता हुआ दे मारा.

मेरी मुँह उसके मुठ से भर गयी और में उठ खड़ी होकर उसके पास आयी. उसके सर को पकड़ उससे दिखती हुई अपना मुँह खोल कर दिखाई. मेरा मुँह उसके मुठ से भरा हुआ है.फिर सोफे पर पड़ी फॉर्म को लेकर उसमे सारा मुठ थूक कर उसे निचुड़ कर मुस्कुराती हुई बोली: ऊप्स ये तो डिसएप्रूवल फॉर्म था मैं सोची टिश्यू पेपर है.इस पर वह हँसा और बोलै: वैसे भी वह वास्ते पेपर था. चलेगा.

मैं: क्या नया फॉर्म मेरे बेड रूम चलकर करे?वह ज़ोर की सांस छोड़ता हुआ अपनी वृस्त वाच देखा और बोलै: टेंशन मत लो शोभा समझो तुम्हारे हस्बैंड का लोन हो गया. पर उसके लिए मैं एक बार फिर से वेरिफिकेशन के लिए आऊंगा.मैं: फिर से? अभी क्यों नहीं.नवीन: हाँ मुझे वापस बैंक जाना होगा. तुम्हारी फॉर्म समझो मैं पूरा भर दूंगा. बस एक दो सिग्न कर दो अभी के लिए बाकि मैं देख लूंगा. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

मैं उसके गोद मैं बैठ उसके कंधे पर हाथ रख कर बोली: तो कब आओगे अगली वेरिफिकेशन के लिए?नवीन: कल. कल मैं छुट्टी ले लूँगा . कल सैटरडे है और तुम्हारे हस्बैंड भी ३ दिन के लिए नहीं है ना. उन्होंने मुझे ऐसा ही कहा कॉल में.

मैं सोचने लगी की राकेश तो नहीं है पर आकाश का क्या करू. वह तो यही है. इस पर मैं सोची और बोली: एक काम करो तुम अपना नंबर दे जाओ. अपना एक कार्ड दे जाओ. जब मैं अकेली बिना किसी काम के फ्री रहूंगी तब तुम्हे बताउंगी.नवीन कुछ सोचने लगा और फिर बोलै: कार्ड तो मैं लाया नहीं. हड़बड़ी में भूल गया. पर नंबर ले लो.

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इतना कहते हुए वह पेन उठाया और मेरी गोरी चिकनी जांघो पर अपना फ़ोन नंबर लिख कर बोलै: इससे बढ़िया जगह और कहा लिखने को.इसके बाद हम उठे और वह अपना पैंट पहनने के बाद खुद को रेडी किया. फिर बैंक के 1-2 फॉर्म पर यहाँ वह मेरी सिग्न ली और मुझे होंटो पर एक किश कर के बोलै: मीट यू सून शोभा.

मैं आंख मारी .वह निकला और मैं डोर  बंद कर अपने सर पर हाथ मारती हुई बोली: हफ़ है भगवान् पता नहीं कैसे अब इस बात को ज़िंदगी भर में राकेश से छुपाउंगी.इतना कहती हुई मैं सोफे पर जा बैठी. अपने मुँह में अब भी आती हुई उसके मुठ का स्वाद चखती हुई मुस्कुराने लगी खुद बा खुद. Sage Dever ke Saath Bhabhi ki Chudai ki story:

फिर सोफे पर ध्यान से देखि तो एक विजिटिंग कार्ड देखि. उठाकर देखि तो उसपर न कोई एड्रेस न कोई कंपनी का नाम.बस एक दिल का निशान और साइड में नाम ‘देवीलस्लोवे’. मैं सोची ये किसका है नवीन का तो नहीं हो सकता क्यों की वह तो उस सोफे पर बैठा था. फिर याद आया ये ज़रूर आकाश का कोई करामात होगा. वर्ण ऐसे बचकानी हरकत नवीन जैसे काम धंदे वाले लोगो की तो नहीं होगी. आज इस भाग मे इतना ही दोस्तो आगे क्या हुआ ये मैं आपको अगले भाग मे बत्यऔगी।

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