By | January 20, 2023

Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:-हैलो दोस्तो, सबको मेरा बहुत बहुत थैंक्स मेरे स्टोरी को पढ़ने के लिए आज का एपिसोड पार्ट 1 का अगला हिस्सा है और हा अगर आपने इस कहानी का भाग 1 अभी तक नहीं पढ़ा तो प्लीज यहा क्लिक करके पढ़ सकते है-> यी भाभी से मज़ाक से सुरू किया फिर भाभी की चुदाई तक भैया के सामने 1जिसमे शोभा आकाश को जिम ले जाती है और उसके बाद क्या हुआ वो आप पढ़ कर जाने. होप यू एन्जॉय थिस पार्ट तू एंड रिप्लाई में योर रिव्यु. आप अपनी ओपिनियन मुझे कमेंट कर सकते है कहानी पढ़ने के बाद. आप लोगो के कमेंट का मुझे इंतज़ार रहेगा.

शोभा भाभी के मुँह से ऐसे छोटी छोटी गालिया सुन कर और उनके टाइट शॉर्ट्स से उबरते गांड को देख कर बस मज़े ले रहा था और फिर उनके पीछे पीछे चल दिया. लिफ्ट में भाभी से मैंने पुछा – अपने क्या कहा की कोई मिश्रा आएगी पाद पाद के महका देगी.”शोभा – अरे यार वो है कुछ आंटिया यहाँ जिम में आकर एक्सरसाइज कम गप्पे ज़ादा लड़ाती है. उनकी बातो को हम लोग घोड़े का पाद बोलते है है है है! “में भी है पड़ा ज़ोर ज़ोर से इतने में लिफ्ट रुकी और जैसे ही लिफ्ट खुला मेरा हसी बंद एक और कहर को देख कर.

एक कहर बरसा देने वाली जवान लड़की मेरे आँखों के सामने खड़ी थी उसने भी भाभी के तरह टाइट कपडे पहनी हुई थी जिसे देख लग गया की वो भी जिम को ही जा रही है. इतने में वो भाभी को देख बोली – हैलो शोभा हाउ अरे यू?”शोभा – हैलो स्वाति ऍम गुड तुम आज इस टाइम पर?”स्वाति “हाँ शाम को नहीं आ पाऊँगी थोड़ा काम है तो सोचा आज इस टाइम जिम जा रहे हाथ आप सबसे भी मिल लुंगी.”शोभा – तहत’स नीस ये राकेश का भाई है कुछ दिनों के लिए हमारे घर आया है.”स्वाति भाभी चिढ़ाते हुए “ देवर आया है है है है!” इतना कहते हुए उसने मेरे तरफ हाथ बढ़ाते हुए अपना नाम बोला तो मेने भी हाथ मिलाया और अपना नाम बता दिया.

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फिर लिफ्ट बंद हुआ और नीचे चलने लगी. वो हमारे सामने खड़ी थी और में उसे पीछे से ऐसे देख रहा था मनो आँखों से उसकी तस्वीर बना रहा हूँ. भाभी ने मुझे कोहनी मारी और अपने भवरो को उठाते हुए इशारो में पुछा की क्या देख रहे हो इतना. तो मैंने भो उंगलियों के इशारो से कहा की ये तो पटाका लग रही है. भाभी मुस्कुराते हुए मुझे उसके तरफ को धकेलने लगी मनो वो चाहती थी की में उसे तकराऊँ.पर में भी ऐडा रहा और भाभी चल चली नहीं फिर भी इस ढके मुक्के में भाभी से थोड़ा सटने को मिला और मुझे मज़ा आ गया. Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

उनकी बूब हर धक्के पे मेरे बाज़ुओ से टकरा रही थी. इतने में स्वाति पलट कर देखने लगी की हो क्या रहा है तो हम दोनों संभल गए. कितनी खूबसूरत लग रही थी जब वो मूड कर मेरे आँखों से आंखे मिला कर देख रही थी चेहरा मासूम और बदन हाय क्या बाला. उसके टाइट ट्रैक्स में उभरती उसकी गांड को देख लग रहा था की इसने भी अंदर कुछ नहीं पहना है. गांड के गोल आकर पर मेरा मन फिसलता जार अहा था. फिर वो मुस्कुराकर पलट कर वापस सीधा खड़ी हो गयी
और शायद उसे पता था की में उसे पीछे से निहार रहा हूँ. तब ये देख भाभी ने मेरे कान में फूस फसाया – इतना पसंद आ गया है तो एक हाथ मार्लो.”में भाभी की कान में कहा – पागल हो क्या लाथ पड़ेंगे.”भाभी “अरे कोसिस तो करो क्या मालूम शायद सच मे उसकी गांड मारने मिल जाये.”भाभी की मुँह से गांड शब्द सुनकर मेरा मन और टटोलने लगा और इसका असर भी मेरे लूज़ शॉर्ट्स में होने लगा.

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भाभी “क्या हुआ कोसिस तो करो देखते रहोगे तो कोई और मार लेगा.”में – क्या?”भाभी “चांस.”भाभी को पता था की मैंने जान कर पुछा उनकी मुँह से फिर से गांड सुनने के लिए तभी उन्होंने चांस कह कर बात ख़त्म कर दिया और मुस्कुराने लगी और इतने में हम ग्राउंड फ्लोर पहुंचे जहा जिम था.ग्यम का गेट ओपन किया और अंदर गया तो बस आप तो में समझ गया की में बहुत बुरा फसा. शायद आज भगवान् मुझपे इतना मेहरबान था
जो ये मेरे लाइफ का सबसे हसीं दिन था. ग्यम में और भी हसीं लड़किया थी जो खूबसूरती का अगला मतलब था. भाभी ने मुझसे कहा – अब यही से देखते रहोगे या अंदर भी चलोगे. चलो में सबसे मिलवा देती हूँ तुमसे.”ये सुनकर में खुश हो गया चलो फ्री का इंट्रोडक्शन हो जायेगा फिर देखते है भगवान् और कितना मेहरबान है मुझ पर.

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सबने भाभी को हैलो बोला और उनकी हसी मज़ाक शुरू हो गयी की इतने में उनकी एक फ्रेंड ने पुछा – क्यों शोभा आज किसे ले आये. आज कल अकेले अकेले चाय पिटे हो हमें कभी नहीं बुलाते.”शोभा – अरे शालू की बच्ची ज़ादा चालू मत बन अगर में पियूँगी तो तुझे भी बुलाऊंगी. चल ये राकेश का भाई है.” और फिर मुझसे कहा – आकाश ये शालू वैसे नाम शालिनी है पर हम शालू बुलाते है.”शालिनी “ही आकाश तो हाउ अरे यू?”में – ऍम फाइन हाउ अरे यू.”शालिनी “ऍम गुड थैंक्स.

वैसे कब आये आज पहली बार देखा यहाँ.”में – बस आज सुबह ही आया.”इतने में उनकी एक और फ्रेंड हमारे पास आयी और ज़ोर से ही बोली. चल चलन से ही काफी मज़ेदार किस्म की लग रही थी. तब भाभी ने मुझे उसे भी मिलते हुए कहा – ही पायल ये आकाश राकेस का भाई. आज ही आया है और अगर चाय पियूँगी तो तुझे भी बुलाऊंगी ओके अब तुम कुछ मत बोलना.”में सोच में पड़ गया की भला चाय पीना इस शहर में इतनी बड़ी बात है क्या?”पायल – ओके ओके वैसे सच मे बुलाना जब भी पियोगे है है है! – इतना कहते हुए पायल और शालिनी ज़ोर से हसने लगे क्या मालूम इस चाय का फंडा. Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

भाभी ने मुझसे कहा – तुम इनकी बातो पे बिलकुल ध्यान मत देना ये सब तो बस ऐसे ही कुछ भी बात करते है चलो.” फिर भाभी ने मुझे अपने पीछे पीछे बुलाया और दूसरी लड़की के पास ले गयी. अगली जो थी वो भी मस्त माल लग रही थी. भाभी ने उसे देकर ही बोला तो वो बोली – ही शोभा ये कोन है तुम्हारे साथ राकेश को डिच कर दिया क्या? है है है!”शोभा “चुप कामिनी ये उसका भाई है. कुछ दिनी के लिए आया है कुछ काम से.”इतने में उसने ही बोलते हुए कहा “ही! .”इतने में शालिनी पीछे से चिल्लाकर बोली “अगली किट्टी पार्टी शोभा के घर होगी रीना.”रीना “हाँ बिलकुल बिलकुल क्यों न इस सैटरडे हो जाये. है है है!” अब तो में इनकी उलटी सीढ़ी बातों से घनचक्कर में पड़ गया था. न जाने क्या किस दुनिया की बाते करते है. तभी मैंने एक लड़की को बगल में देखा जो सबके साथ मुस्कुरा रही थी पर मुझे देख कर ऐसा कोई असर तक नहीं दिखा रही थी मनो में हूँ भी यहाँ.

भाभी ने देखा मुझे उसे देखते हुए और उसके पास ले जाकर मिलवाते हुए कहा “ही टीना ये आकाश है राकेश का भाई.”टीना “ ओके ही आकाश.” फिर उसने शोभा से पुछा – कितने दिन तक है ये यहाँ?”शोभा ने उसे आंख मारते हुए कहा – डॉन’टी वोर्री जल्दी चला जाएगस शायद.”फिर हम आगे बढ़े तो मैंने भाभी से पुछा की उसने ऐसा क्यों पुछा तो भाभी ने बोला “वो थोड़ा सीक्रेट जॉय अहा सबको पता भी और नहीं भी कभी बाद में बताती हूँ. “इतना कहते हुए भाभी ने मुझे एक और लड़की के पास ले गयी जो एक्सरसाइज कर रही थी.

वैसे उसके एक्सेर्सिस करने का मूव्स बहुत बढ़िया था. उस पर उसका टाइट ग्रे लगीं और पीला टी शर्ट. उसके घुंगराईले बाल उसे सबसे हैट कर दिखा रही थी क्यों की बस इसी एक लड़की के बल घुंगराईले थे.
तब भाभी ने उसे कहा – ही जस हाउ अरे यू आज तो कुछ ज़ादा हे वर्कआउट हो रहा है क्या बात है?”जस “अब तुम अपने साथ ऐसे आइटम लाओगे तो इम्प्रेस तो करना ही पड़ेगा न मुझे है है है!”में हैरानी से भाभी को देखा की क्या इसने मुझे ही आइटम बोला क्या?”शोभा – है है है!

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इसपर नज़र मत डाल आलरेडी काफी नज़र पड़ गयी है. ये आकाश है राकेश का भाई. और आकाश ये जस है नाम जैस्मिन”जस्मिने “चाहे जिसकी भी नज़र पड़े कभी न कभी तो मैं भी खाने वाली हूँ. और आकाश कैसे हो? एंड कॉल में जस ओके.”में – बिलकुल बढ़िया हूँ आप बताओ.”जस्मिने “मैं तो ठीक हूँ और अगर तुम चाहो तो और भी ठीक लगेगा.”शोभा “ओफ्फो जस तुम तो पूरा खुल कर है है है!”जस “अब क्या करू दिल तो बच्चा है जी.”शोभा मुझे वह लेकर जाती है
तब पीछे से जस “अरे इसका नंबर तो बताते जाओ.”शोभा हस्ते हुए मुझे लेकर जिम और ले गयी और बोली “अब तुम जो चाहिए करो या फिर सबको देखते रहो ऐसा नज़ारा बार बार नहीं मिलता.”फिर वो ट्रेडमिल पर चलने लगी और मैं यूं ही सबको देखते रहा वैसे भाभी ने सही ही कहा ऐसा नज़ारा और कहा मिलेगा लड़कियों को टाइट बदन से चिपके कपड़ो में एक्सरसाइज करते हुए अपने बदन को स्ट्रेच करते हुए.

मेरी तो पेंटी में ये सब देख हलचल होनी शुरू हो गयी थी. कभी शालिनी झुक अपने पाव छूते तो उसकी गांड मेरे तरफ को उभर आती और कभी रीना कमर घूमती तो उसके बड़े बूब्स टीशर्ट पर उभर आते.
तो कभी पायल पैरो को इतना फैला देती थी की उसकी पैंट उसकी चूत की रेखा को दिखा देती और जस्मिने तो मनो पता नहीं हर बार मुझे ही दिखने के लिए कुछ कर रही होती थी. कभी कभी तो वो ऐसे ऐसे इशारा भी कर देती मुझे आंख मारकर मनो कह रही हो की – लग रही होना में सेक्सी. Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

इन सबके बाद मैंने भाभी को देखा. है क्या लग रही थी जब वो – उप कर रही थी तो फिर कभी पीट क बल लेटकर टाँगो को ऊपर उठाती और बीच बीच में मुझे देखती. कई बार ऐसा भी हुआ की सबने मुझे उन्हें ताड़ते हुए पकड़ा पर किसने भी कुछ नहीं कहा

सिवाए छोटी सी मुस्कराहट के. इतने में कब 1 घंटा गुज़र गया पता भी नहीं चला और भाभी बोली “तो फिर तुम्हारा ताड़ना हुआ तो चले?”में “क्या भाभी आपने ही तो लाया यहाँ अब और क्या करू. आंखे दे दी भगवान् ने.”भाभी “बस इतने में ही पूरा लट्टू हो गए तो अभी तो और बहुत कुछ है देखने को.”भाभी की बाते सुन मेरे तो मन में लड्डू फुट रहे थे. उन्हें छेड़ना पसंद था और मुझे उनसे छिदवाना पसंद था.

फिर भाभी ने सबको बोला “ओके गायस सी यू लेटर.”इतने में शालिनी ने कहा “हाँ हाँ जाओ जाओ राकेश तो ऑफिस गया होगा न?”रीना “अरे हाँ और भी तो सिर्फ देवर भाभी है घर पे है है है!”शालिनी “तभी तो आज इतनी जल्दी जो है है है है!
“शोभा “तुम सब बस भी करो यार ये तो आज ही आया है थोड़ा तो शर्म करो.”जस्मिने “हाँ देखो तो कितनी शर्मीली है जो आज शॉर्ट्स में आयी है देवर जी क साथ.”रीना “आकाश हम सब भी शादी शुदा ही है कभी हमें भी अपनी भाभी के नज़र से देख लेना.”में तो जैसे क्या बोलू क्या न बोलू कर क चुप था जब पायल ने कहा “अरे जाने दोना उनको कही टाइम कम न पड़ जाये राकेश के आने से पहले है है है!

“भाभी ने ज़ोर का बाई बोला और मुझे लेकर निकल गयी वाह से. हम लिफ्ट में चड़े तो देखा सामने से एक और खूबसूरत लड़की आ रही है. सच बोलू तो एक ही दिन में मैंने इतनी सारी खूबसूरत लड़कियों को आज से पहले अपने ज़िंदगी में कभी नहीं देखा था. वो भी शायद लिफ्ट पकड़ने को ही आ रही थी.

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“भाभी ने ज़ोर का बाई बोला और मुझे लेकर निकल गयी वाह से. हम लिफ्ट में चड़े तो देखा सामने से एक और खूबसूरत लड़की आ रही है. सच बोलू तो एक ही दिन में मैंने इतनी सारी खूबसूरत लड़कियों को आज से पहले अपने ज़िंदगी में कभी नहीं देखा था. वो भी शायद लिफ्ट पकड़ने को ही आ रही थी. Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahan

“भाभी ने ज़ोर का बाई बोला और मुझे लेकर निकल गयी वाह से. हम लिफ्ट में चड़े तो देखा सामने से एक और खूबसूरत लड़की आ रही है. सच बोलू तो एक ही दिन में मैंने इतनी सारी खूबसूरत लड़कियों को आज से पहले अपने ज़िंदगी में कभी नहीं देखा था. वो भी शायद लिफ्ट पकड़ने को ही आ रही थी.

उसके पास आते ही भाभी बोली रश्मि लुकिंग सो गॉर्जियस कहा जा रही हो?”रौशनी – क्या बोलू यार एक तो लेट उसपर गाड़ी की चाबी घर भूल आयी नीचे पहुंची तो याद आया. और काफी वर्क आउट किया आज ऐसा लग रहा है.”शोभा “करनी तो पड़ेगी ही वरना सारे मर्द तुम्हारे पीछे ही पड़ जाएगे ना हिहि.”रोशिनी “ पॉइंट है है है!”शोभा “वैसे ये राकेश का भाई है कुछ दिनों के लिए आया है.”रौशनी – हेलो रौशनी.में – ही आकाश.”रौशनी शोभा से “सो और बताओ राकेश कैसा है बड़ा बिजी है
आजकल.”शोभा “हाँ यार वो और उनके क्लाइंट्स अभी कल शाम जा रहे है मुंबई. अभी ऑफिस को.”रौशनी वाओ तो तुम दोनों अकेले हाँ है है है! “शोभा “हाँ अकेले ही है फ़िलहाल.”रौशनी फिर आगे को मूड जाती है और जब वो आगे को मुड़ी तो मेने देखा की उसकी ड्रेस पीछे से पूसी खुली हुई थी और बस कुछ नाडो पे बंधी हुई थी और में साफ़ देख सकता था की उसने अंदर कोई ब्रा नहीं पहनी है.

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भाभी ने मुझे फिरसे उसी हाल पे देखा और मुस्कुराने लगी पर इस बार उन्होंने कुछ नहीं बोला और किया शायद थकी हुई थी. लिफ्ट जब 10 फ्लोर पर रुकी तो रौशनी ने पलटा और हमें बाई बोला लेकिन जाते वक़्त भाभी को बोली आओ चाय पिने और आकाश को भी लाओ.” और फिर आंख मारेते हुए भाभी को बोली “फ़िलहाल अभी तुम पिलो घर जाकर बहुत थक गयी हो.”अब तो मुझे पता लगाना ही था की इन औरतो को ये चाय से इतना क्या लगाव है भला कोई कॉफ़ी या कूल ड्रिंक की बात क्यों नहीं करता.

फिर हम अपने फ्लोर पर पहुंचे गेट ओपन किया और अपने अपने रूम चले गए. में तो उतना थका हुआ था नहीं फिर भी नाहा लिया. फिर थोड़ा देर मोबाइल लेकर अपने रूम में बैठा अपने दोस्तों से चैट किया और ऐसे वक़्त काट. भाभी को लग रही थी की शायद फिर से सो गयी. उनके रूम से कोई हलचल नहीं आ रही थी. फिर में कुछ अपने लैपटॉप पे करने लगा और ऐसा में 1 घंटे गुज़र गए.

फिर में उठ कर लिविंग रूम में जाकर बैठ गया बस राह देकता रहा की कब वो अपने कमरे से निकलेगी.कुछ देर बाद भाभी के कमरे से उनके बाथरूम क दरवाज़े की खुलने की और बाल्टी में पानी भरने की आवाज़ आयी तो में समझ गया की भाभी नाहा रही थी और अब बहार आयी है थोड़ी देर में उनके रूम क गेट खुला पर मैंने पलट कर देखा तो उन्होंने बस थोड़ा सा गेट खोल रखा था. मैं सोचने लगा की क्या करू अब जब हम इतना खुलकर बात कर रहे थे तो जॉन या नहीं जॉन करके.
फिर में उठा पर उनके कमरे को नहीं गया और किचन को गया पर चलते चलते मेरी नज़र थोड़ी सी खुले गेट से उनके कमरे के अंदर थी. थोड़ी बहुत हलचल दिख रही थी. एक ग्लास पानी पिया और सोचने लगा की क्या आईडिया निकालु उनके कमरे में अभी जाने का की भाभी को ऐसे में न लगे की में जान कर गया उनके कमरे में उन्हें देखने. फिर सोचा और चल दिया उनके गेट के पास पहुंचकर मेने बोला “भाभी आज खाने में क्या बना रहे हो?”भाभी अंदर से “हाँ क्या आकाश क्या पूछे?”में “लंच में क्या बनाएंगे? में हेल्प कर देता हूँ Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

आप बस बोल्दो.”भाभी “इतनी क्या जल्दी है मैं आ कर बना दूंगी या बड़ी भूख लगी है.”में “अरे नहीं भाभी सोचा आपको थोड़ा हेल्प हो जाये.”भाभी “हेल्प करना चाहते हो या मुझे देखने को तरस रहे हो हाहाहा.”
में “नहीं भाभी ऐसा नहीं है आप तो हर बात की दूसरी बात बना लेते हो.”शोभा “वैसे वह ऐसे क्यों खड़े हो में कोई नंगी नहीं हु अंदर गेट ओपन कर सकते हो शायद तुम्हारी मुराद पूरी हो जाये.”में “मेरी क्या मुराद भाभी आपको देखना तो है पर हद से ज़ादा नहीं बढ़ना चाहता.”शोभा “तो मतलब देखने का मान ही लिया तो फिर गेट खोल लो ना में बिना कपड़ो के नहीं हूँ देवर जी.”में जान कर बोला “अरे क्या भाभी अगर भैया को पता चला तो वो मार के भगा देंगे मुझे.”शोभा “तो क्या हुआ नज़ारा तो मिलेगा तुम्हे उसके लिए दो लाथ नहीं खा सकते?”में “वैसे जब आप अच्छा खासा नज़ारा दे ही रहे हो बीच बीच में तो इस एक नज़ारे के लिए में इतना क्यों मरू की भैया लाथ मार के भगा दे?

लालच में मैं ज़ादा नहीं पड़ता नहीं तो लूज़ होता है. है है है! “शोभा “बड़े बिज़नेस माइंडेड हो वैसे कोई ख़ास नज़ारा नहीं है तुम अंदर आ सकते हो.”मैंने फिर गेट खोला और देखा तो वो एक साटन रोबे में थी और मुझे अपना पीठ दिखा के खड़ी थी. उसने एक एक साटन रोबे पहनी थी जो उसके आधे जांघो तक थी. उन्हें देख मेरे बदन में करंट दौड़ गया पर में कुछ भी नीच काम नहीं करना था बस देखता रहा.

जिस अंदाज़ से वो मुझे पलट कर देख रही तो वो शब्दों में बयां करने में नहीं होता. इतनी खूबसूरत लग रही थी वो मानो जन्नत से अभी अभी रोबे में कोई पारी उत्तरी हो लेकिन कोई सोन पारी नहीं पर सेक्सी परी जो कह रही हो की आओ और चोदके मर जाओ.

शोभा “ऐसे क्या देख रहे हो जैसे की कोई क्ष-रे विशन हो तेरे आँखों में.”में “उसकी क्या ज़रुरत भाभी आप ऐसे ही किसी का भी पसीना छूटा दे.”शोभा “पर तेरे तो कोई पसीने नहीं छूटा रहे है है है! क्या में कम सेक्सी लग रही हूँ?”में “क्या भाभी? सच बोलू अगर भैया का लिहाज़ न होता तो अब तक तो कूद जाता आप पर.”
शोभा “अच्छा? बस एक मेरी जंगो को क्या देखे तुम तो पूरा पागल ही हो गए. ये ठीक नहीं. सोचो अगर मैंने ज़ादा दिखा दिया तो तुम क्या करोगे?”में “में पता नहीं भाभी अब आप और मत उकसाओ वैसे भी सुबह से उसके बाद आपकी दोस्तों को देख मेरा हालत ख़राब है उस पर आप भी बस.”शोभा “और क्या बोलो? Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

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ज़रा मुझे भी बोलो न और क्या?”में “आप तो बस मुझे उकसाने पे लगे हुए हो सुबह से और वो भी जान बूच कर है ना?”शोभा “अरे वाह ऐसा क्या? जैसे के मैंने अभी तुम्हे यहाँ बुलाया भला इतनी जल्दी क्या भूख लगी तुम्हे जो तुम खाने के बारे में पूछते हुए चले आये भूख तो है पर ज़ाहिर नहीं करना कहते की भूख खाने की है या कुछ और. बताती हूँ तेरे भैया को रुक.”इतना कहते हुए वो मेरे तरफ मुड़ी और

मैंने देखा की उनका सीना इतना खुला हुआ था की मुझे साफ़ पता चल गया की उन्होंने अंदर कुछ भी नहीं पहना था. पेंटी की तो पता नहीं पर सीना देख कर पता चल गया की ब्रा तो है ही नहीं और अगर ब्रा नहीं है तो पेंटी भी नहीं होगी शायद. में तो बस उन्हें देखता रहा और सोचता रही की एक औरत मेरे सामने खड़ी है और वो भी बस एक रोबे में और ये सोच मेरे शार्ट के अंदर धक् धक् के झटके मारने शुरू कर दी. और शायद ये भाभी ने भी नोटिस किया जिसे छुपाने के लिए में दरवाज़े के फ्रेम पर छुपने लगा.

शोभा “अरे देखो तो कोई शर्मा रहा है इतना की दरवाज़े पे छुप रहा है.”में “में कुछ शर्मा वर्मा नहीं रहा आप कुछ भी बोल्दो.”शोभा इस बार बोल ही दी “अरे में तेरी बात थोड़ी न कर रही हूँ.”मुझे समझ आ गया की शायद नहीं पर पक्का वो मेरे लंड की बात कर रही थी

जो मेरे शार्ट में धीरे धीरे खड़ा हो रहा था तो मैंने अनजान होते हुए बोला “आप भाभी हमेशा बातो को यूं घुमा फिर कर क्यों बोलते हो? सीधे सीधे क्यों कुछ नहीं कहते?”शोभा “अगर सीधे सीधे बोल दूँ तो मज़ा कहा रहेगा?”में “अच्छा तो सीधे सीधे अगर बोल दो तो आपको क्या लगता है की में काबू से बहार हो जाऊंगा क्या?शोभा – है है है!
कुछ कह नहीं सकती शायद हो जाये जैसे वो हो रहा है अभी.”में “कोन बोलो कोन?”शोभा “जैसे के तुमने समझा नहीं है है है! चलो निकलो अब अभी का शो ख़त्म हुआ. बाकी बाद के लिए बचा लो अभी तो तेरे भैया को आने में बहुत टाइम है.”में “इतना खूबसूरत नज़ारा छोड़ कर जॉन कहा में?”शोभा “अगर ये खूबसूरत है तो सोचो आने वाला नज़ारा कितना खूबसूरत होगा चलो अब गेट बंद करो और जाओ मुझे कुछ पहनने दो वरना खाना बनाना तो दूर पिने को पानी भी न नसीब हो है है है! “में “सच मे में जॉन क्या?”

शोभा “और नहीं तो क्या तुम ज़ादा उम्मीद मत रखो. में ऐसी ही हूँ बस चिंगारी छिड़कने में मुझे मज़ा आता है. चलो अब जाओ वरना में इसमें बहार नहीं आने वाली.”में “वैसे मैंने इस रोबे में देख ही लिया है तो अब आपको प्रॉब्लम क्या है?”शोभा “अच्छा तो तुम चाहते हो की में दिन भर इसी में राहु क्या? चलो भागो में आती हूँ.” Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

में ज़ादा फोर्स न करते हुए की कही भाभी का मूड न ख़राब हो जाये “ओके भाभी चलो आप आओ में वेट करता हूँ”इतना कहते हुए मैंने गेट थोड़ा बंद किया और सोफे पे जाकर बैठ गया अपना लंड अपने जांघो के बीच दबा कर. कुछ पांच दस मिनट में भाभी बहार के कमरे में कुछ हलचल सुनाई दी और फिर गेट खुला और वो बहार आयी पर इस बार ऐसा कुछ नहीं पहनी थी
जिसमे उनकी टाँगे या जंघे दिखाई दे पर फिर भी वो सेक्सी लग रही थी अपने लम्बे स्लीवलेस गाउन में और में यही सोच रहा था की भैया इतनी सेक्सी बीवी के साथ रहते है तो शायद रोज़ उन्हें चोदते होंगे. नहीं तो कोई आदमी भला कैसे काबू कर पायेगा. उनके खुले बाल हलकी गीली और चेहरा एक दम खिला हुआ चमकता गोरा उनके बाज़ू जो सिल्क के तरह चिकना और उनका अंगड़ाई लेता हुआ बदन उस गाउन में. में तो बस देख देख के मन ही मैं मुठ मार रहा था

इतने में वो पूछी “क्या हुआ आकाश इतना मत देखो की मैं भस्म हो जाऔ.”में – है है है! नहीं भाभी बस सोच रहा था की भैया को कितनी खूबसूरत बीवी मिली है. सच मे साला बहुत लकी है.”शोभा “अड़े फ्लिर्टी बन रहे हो हम्म्म. वैसे तुमने जिम में सबको देखना कुछ बताया नहीं?”में “हाँ सब के सब सेक्सी और आइटम है भाभी पर आप तो कमाल की हो. बस आप जैसा कोई नहीं(बस फ़्लर्ट मरता हुआ).”

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शोभा “अच्छा झूठे में सब देख रही थी. जिम में मुझसे ज़ादा तो तुम बाकियो को ताड़ रहे थे.”में – ओहो भाभी भला आपकी नज़रो से कुछ बचता भी है या नहीं?”शोभा – है है है! कुछ नहीं बचता बाबू तेरे जैसे बहुतो को देख क आयी हूँ” अब जाकर वो एक सोफे पे बैठ गयी ठीक मेरे सामने और बोली “हाँ तो बताओ सब कैसे लगे मेरे फ्रेंड्स?”में “

सब बढ़िया और सुपर माल सच बोलो तो आपसे बोलता हूँ खुल कर एक भी ऐसा नहीं जो ज़बरदस्त नहीं सिवाए उस टीना के. बाकि सब तो अच्छे से बात किये पर वही एक थी जो अजीब थी.”शोभा “अरे वाह तुझे तो सबके नाम याद हो गए इतनी जल्दी. है है है! वैसे टीना के बारे में बोलू तू तू उसपर बिलकुल भी नज़र मत डाल.”में “मतलब क्यों उसके साथ कोई हादसा हुआ क्या.”शोभा – हादसा उसके साथ नहीं वही एक हादसा बन गयी यहाँ तू प्रॉमिस कर जो भी बात है यहाँ सब हमारे बीच रहेगी.”में “अरे भाभी आप आंख बंद करके मुझपर भरोसा कर सकते हो में ऐसा नहीं जो कोई बाथ पेट में पचा न सकु पूरी तरह से.”इतने में उन्होंने पेअर ऊपर सोफे पर किया और आराम से सोफे के साइड पर बैठ गयी और अपने बालो से खेलते हुए बोली “
ओके चलो तुम्हे सबके बारे में बताती हूँ टीना से शुरू करते है. उसे न हम्म्म्म लड़को से कोई लगाव नहीं. समझे न?”में “ओह्ह तो क्या लड़कियों से है है है है! – मैंने ये मज़ाक में बोला लेकिन तभी.शोभा “हाँ यार वो लेस्बियन है और ये हम सभी लड़कियों को मालूम है एक्सेप्ट इस अपार्टमेंट के मर्दो को.”में “वाओ रियली इस शी लेस्बियन.”शोभा – है है है! तुम इतना क्यों खुश हो रहे हो मानो तुम लड़की हो और लेस्बियन भी. Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

सोचलो उस पर से तेरा पत्ता कट गया.”में “नहीं नहीं पर आपको शायद पता नहीं मुझे लेस्बियन सेक्स वेदिओस बहुत पसंद है.”शोभा – अरे वाह ये तो बढ़िया है क्यों की कभी कभार में भी देख लेती हूँ.”में “तो आप पोर्न भी देखती हो ह्म्म्मम्म.”शोभा “जैसे की आज की दुनिया में है जो पोर्न नहीं देखता. आकाश और में तो साथ में देखते है.”में – है है है!
राकेश भैया तो स्कूल टाइम से ही पोर्न देखते थे कितनी बार उनकी डीवीडी चुरा कर में देखा करता था अपने दोस्तों के साथ.”शोभा “दोस्तों के साथ? है है है! गे थे क्या?”में “ओहो भाभी तब डीवीडी प्लेयर कहा सबके घर होता था तो दोस्तों से मांगता था और तब मज़बूरी में सबके साथ ही देखना पड़ता था पर हम अँधेरे में देखते थे.”भाभी – है है है!

ओके ओके हम गर्ल्स की ही तरह जब हम कॉलेज हॉस्टल में थे. ओके अब बोलो शालिनी कैसी लगी?”में “पटाका भाभी पटाका ! लम्बी है मुझसे पर आप जितनी गोरी नहीं. लेकिन हाँ माल है.”शोभा – है है है! वैसे वो भी भाभी ही है तेरे लिए. शी’स आल्सो मरीद एंड उसका हस्बैंड आर्मी में है.”में “सचमे? क्या माल लगती है. पर लगती नहीं की मैरिड है.”शोभा “अरे तुम समझ नहीं पाए न बिलकुल भी शालिनी रीना और वो रौशनी जो लिफ्ट में मिली सब मैरिड ही है.”में “रौशनी भी?”शोभा – है है है! हाँ वो भी लगता है किसी का दिल आ गया रौशनी पे जो इतना सहम गए उसे शादी शुदा पाकर”में “मेरा तो दिल सब पर आ गया भाभी बस किसे सोचु आज रात वही नहीं पता.”

शोभा “वैसे तुमने मेरी पूरी फ्रंड सर्किल अब तक देखि नहीं ये तो बस जिम में मिले हो आज.”में “ओके पर हाँ मुझे वो स्वाति बहुत पसंद आयी जो लिफ्ट में मिली जब हम जा रहे थे.”शोभा “ओके वो तो यंग है और पता है आज कल उसका और टीना का थोड़ा ज़ादा घूमना फिरना हो रहा है.में “सच्ची वाओ. काश में उन्हें देख पाता.”शोभा “मतलब कैसे देख पता देखा न आज दोनों को और क्या?”में “नो भाभी आप समझे नहीं क्या मतलब साथ में है है है! “

शोभा “तो तुम्हे लाइव पोर्न देखनी है क्या लेस्बियन वाली है है है! “में “आपने खूब समझा वैसे भी रियल पोर्न जो भी हो अमेरिकन पोर्न साइट के पोर्न से तो बढ़िया ही होता है.”शोभा “तुम न बड़े सीधे बन रहे थे आज सुबह और अब देखो क्या क्या बहार आ रहा है.”में “सच बोलू तो भाभी आज तक मैंने ऐसे खुल कर किसी से बात नहीं किया जितना आपसे.”टिंग टँगी इतने में दुगेट पे बजा.भाभी “कोन हो सकता है इस टाइम शायद कोई कोरियर वाला होगा.

इतना कहते हुए वो उठी और डोर खोलने जाने लगी तो मैंने कहा “रुकिए में खोलता हूँ.”इतना कहते हुए भाभी के उठने से पहले में उठा और झट से डोर ओपन करने के लिए गया. दूर खोला तो बस आज का दिन मेरी इतिहास में याद रहेगा. लो एक और खूबसूरती का अजूबा.सामने एक फीमेल खड़ी थी और उसे देख उसकी बस शकल ही देख में तो बस फ़िदा हो गया.
वो एक स्लीवलेस टॉप और पायजामे में थी और उसका वो अंदाज़ खड़े रहने का अपने पायजामे के नदी के साथ खेलते हुए बस में तो दूर पकड़ कर खड़ा रहा तभी आवाज़ आयी भाभी की “कोन है आकाश?”इतने में वो लड़की जो बहार थी उसने डोर – किया और मुझे थोड़ा पीछे हटते हुए अंदर घुसी और बोली “कमीनी ये में हूँ.” Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

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भाभी ने उसे देखते हुए “अरे भवू चल आजा है है है! तेरा ही इंतज़ार. वो राकेश का भाई है आकाश.”भावना “पता है मुझे रीना ने बताया तो सोची कमीनी के कबाब में थोड़ी हड्डी बनने आ जाऊ.”शोभा – है है है! अभी तक कबाब बनने लायक कुछ हुआ नहीं और तुम हड्डी बनने की बात करती हो. चलो बैठो.

आकाश इनसे मिलो ये भावना है.”में “आकाश.”भावना “नाम बोले की ज़रुरत नहीं मुझे तो सारी खबर मिल गयी. और तुम दोनों को देख ऐसा लगता नहीं अब तक कुछ कबाब टालना शुरू हुआ नहीं है है है! “शोभा “अरे ज़ालिम कभी तो समझ में तेरे जैसे चुड़क्कड़ नहीं.”अब मुझे थोड़ी थोड़ी समझ आ रही थी की इस सोसाइटी की औरते काफी नॉटी बाते करते है जो शायद हम मर्दो को पता भी न चले.

शायद जिम में मिले लड़कियों ने ये सोचा की हम यहाँ सच मे चुदाई कर रहे है. मुझे शक होने लगा अब की इनका चाय का मतलब क्या था.भावना “तो आकाश कैसा लगा हमारा अपार्टमेंट? और तुम्हारी भाभी है है है! “शोभा उस पर सोफे का कुशन फेकते हुए बोली “पहले कामिनी तू आकर बैठ इधर फिर पूछ बेचारा सदमे में है आज इतनी लड़कियों से मिलकर सुबह से है है है! “में शर्माता हुआ दरवाज़ा बंद किया और धीरे धीरे लीविंग रूम को आने लगा जहा वो दोनों थी.

भावना “तब तो अच्छा हुआ में आ गयी जिम को आज नहीं आ सकी. उस दूद वाले ने परेशां कर रखा था दूध के पैसे के लिए तो बस..”शोभा “अरे यार हाँ उसने तो आज पानी मिला डाला हरामी ने. कल राकेश जा रहा है मुंबई तो परसो उसे देना है पेमेंट.”भावना मेरे तरफ देखते हुए और नॉटी स्माइल मरते हुए बोली “अरे वाह राकेश बहार जा रहा है तब तो में जल्दी आ गयी. है है है! कल ही आना चाहिए था.”शोभा “अरे यार वो नया है इस शहर में में तो बस उसे हर बात समझा रही थी समझा कर न .”में सोचने लगा की अब तक तो में और भाभी बात ही कर रहे थे पर ऐसा क्या वो समझायी मुझे जिसके बारे में वो भावना को बोल रही थी.

भावना “वैसे इसे देख और इसकी नज़र को देख लगता नहीं टाइम लगेगा तुझे. जल्दी सीख जायेगा”में “भाभी आप किश बात कर रहे हो मुझे समझा नहीं कुछ.”शोभा “अरे ये बस बोल रही है की तुमने सबको ठीक से जाना नहीं ये ऐसे ही घुमा फिर के बोलती है हर बात.”में “जैसे की आप हर बात को सीधे सीधे बोलते हो?”भावना “तो अब तक बन्दे को ट्रक में नहीं लायी क्या? कितना टाइम लगाती है.”

शोभा “थोड़ा टाइम दो तभी सब मिलकर चाय पी सकेंगे है है है! “में मैं ही मैं सोच लिया अब तो इस चाय की कहानी जननी ही पड़ेगी वरना चैन से सो भी नहीं पाउँगा. इसके बाद भाभी उठी और भावना और अंगड़ाई लेते हुए बोली “ओके आकाश तुम यहाँ थोड़ी देर टीवी देखो मुझे थोड़ी पर्सनल बात करनी है इससे ओके “नो प्रॉब्लम भाभी.”भावना – है है है! भाभी है है है! वो भाभी बोलता है?”शोभा “इडियट बोला था न दुसरो के सामने शोभा बोलना.”में “उफ़ सॉरी आदत से हो गयी सॉरी सॉरी.”भावना “नहीं नहीं भाभी ही बोलो थोड़ा इफ़ेक्ट ज़ादा रहता है है है है! Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

“शोभा उठी और भावना का हाथ पकड़ कर अपने रूम की तरफ जाते जाते बोली “वापस आकर बात करती हूँ तेरे भाभी शब्द की.”भाभी ने ये डांटते हुए कहा लेकिन उनके डाट में गुस्सा भी था और नौघटिनेस्स भी.भावना “अरे छोड़ दो बेचारे को वैसे शोभा कल शाम का वाट्सअप मैसेज देखा हमारे ग्रुप में स्वाति का.”शोभा “हाँ देखा था सुबह मिली भी थी पर टाइम नहीं था पूछने का.”

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ये शोभा ने अपने आँखों से मेरे तरफ इशारा करते हुए बोली भावना को.भावना “चलो न अंदर थोड़ी बात करनी थी.”शोभा “हाँ क्यों नहीं आकाश तुम यही रुको में थोड़ी देर में आती हूँ.”फिर वो दोनों भाभी के कमरे में गए और इस बार दरवाज़ा बंद हुआ तो पूरा लॉक के साथ बंद हुआ.उसके बाद उनकी कुछ बाते हुए जो मुझे ठीक से सुनाई नहीं दे रही थी फिर भी समझ रहा था की कुछ पैसे की बात हो रही है.कुछ देर तक उनकी बाते थोड़ी बहुत सुनने की कोशिस की पर पूरा कुछ भी समझ नहीं आ रहा था वो कुछ कभी ड्रेस के बारे में तो कभी पैसे के बारे में तो कभी पार्टी जैसे तो कुछ न कुछ बोल रहे थे.

ऐसे ही टाइम निकल गया मन में आया की एक बार भाभी के रूम के के होल से थोड़ा झांक लू फिर सोचा की नहीं अगर भावना को पता चला तो वो क्या सोचेगी सोच कर में बैठा रहा. दो लड़कियों की चहचाती आधा अधूरी बाते दूर से सुनने में भी अच्छा लग रहा था. फिर कुछ आधे घंटे ऐसे बोर रहते रहते किसी ने डोर बेल्ल बजा दिया.

तभी भाभी ने अंदर से कहा “आकाश ज़रा देखना तो कोन है.”मेरा मूड नहीं था भाभी को हाँ या ओके या कुछ भी बोलने का क्यों की में अकेला बैठा पक रहा था सोचा सुबह के दूध वाले जैसा होगा कोई कोरियर वाला या सेल्समेन और कोन होगा इस टाइम. बिना कुछ बोले में उठा और दरवाज़ा खोलने को गया. डोर होल से देखा तो कोई भी नहीं दिखा और मैंने डोर खोला और खोलते ही लो आज का एक और झटका. उसे देख में वही खड़ा देखता रहा और मैं ही मैं सोचने लगा “यार इस अपार्टमेंट में ऐसी कोई भी है क्या जो किसी का होश न उड़ाए. Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

सज धजके पार्टी वियर जैसे कपड़ो में वो हसीं माल लग रही थी अब तो ऐसा लग रहा था मनो मेरे दिन पुरे हो गए जो भगवान् आज ऐसे रहम कर रहा है वो भी सुनहरे रहम इतनी सारी खूब सूरत हसीं महिलाओ को एक ही दिन में मिला कर. में सोचने लगा की ख़ाक में 1 महीना बेकार में बैठा था अपने घर जबकि कब के यहाँ आ जाना चाहिए था. वो एक वाइट कलर की ड्रेस में थी जो बिलकुल उसके आधे से ज़ादा ऊपर जांघो तक थी. उसकी वाइट ड्रेस और उसका गोरा तन और टाँगे देख में बस दरवाज़े पे देखता खड़ा रहा जब उसने बोला

“हेलो? हु अरे यू?” तब जाकर होश आया मुझे तो मैंने कहा – जी जी में राकेश सो सॉरी आकाश राकेश भैया का छोटा भाई.”वो “ तो तुम हो आकाश.”में सोचने लगा इसने तो ऐसे कहा मनो इससे मेरे बारे में पता हो तो मैंने पुछा “हाँ में ही हूँ पर आपको कैसे पता आकाश के बारे में?”वो “रीमा ने बताया था की कोई आकाश आया है शोभा का देवर चलो अब अंदर आने दो?
शोभा कहा है.”इतना कहते हुए उसने डोर को धक्का दिया और अंदर को चलने लगी और बोली “और वो कामिनी भावना किधर है? उसने यहाँ आने को कहा. वो है क्या यहाँ?”उस परी जैसी लड़की के मुँह से कमीनी गाली कितना मस्त लग रहा था इतने में उसने फिर से बोला “पता नहीं रेडी हुई भी या नहीं.

जाने क्या कर रही है.” इतना कहते हुए उसने ज़ोर से “भावना” चीला दिया और फिर भाभी के कमरे से आवाज़ आयी भावना की “हाँ हाँ यही हूँ जस्ट 5 मिनट्स.”उसके बाद शोभा “आ रही है आ रही है है है है! आज थोड़ा ज़ादा सझ रही है अपने उसके लिए.”अभी आयी हूँ लड़की “हाँ हाँ साझ ले कमीनी तेरा ही नंबर है आज.”में दरवाज़े पे खड़ा बस उसे पीछे से देख रहा था उसकी जांगे कितनी खूबसूरत लग रही थी. ऐसा ड्रेस पहने हुए तो मैंने बस फिल्मों में देखा था लड़कियों को आज वो मुराद भी पूरी हो गयी.

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मेरा तो आज लंड का बुरा हालत था अच्छा हुआ नहाने के बाद भाभी को ख्याल में रखते हुए मैंने अंडरवेअर पहन लिया की कही सुबह के तरह लंड खड़ा न हो जाये सोच कर पर अब मेरा लंड धीरे धीरे धक् धक् झटके मारने लगा पर टाइट अंडरवियर के कारन वो मेरी नियत बहार नहीं निकल रहा था. पहले सुबह सुबह भाभी फिर भाभी के बाद लिफ्ट में स्वाति और फिर जिम में तो परियो का पूरा झुण्ड और ऑफर वापस आने पर भाभी की बाते और उस पर भावना और अब ये जिसका नाम तक नहीं पता था मुझे और में तो इतना खोया हुआ था की नाम पूछने का भी टाइम नहीं मिल रहा था. है आज अगर मेरे हाथो में कलम और कागज़ होता तो में अश्लील शायरी लिख डालता. Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

इतना सब सोचते हुए और उसे देखते हुए में बस खड़ा रहा दरवाज़े के पास और इतना भी होश नहीं की दरवाज़ा बंद करके अंदर जाओ तभी मेरे पीछे से एक आवाज़ आयी “हेलो ? हु अरे यू?”तब वापस होश में आकर पलटा तो लो बेडा गर्ग एक और हाय की बाला मेरे सामने खड़ी थी आज ऊपर वाला मुझे खुशिया दे रहा था या तड़पने की सजा दे रहा था?
मेरे सामने एक और लड़की खड़ी थी जो खूबसरत थी पर उसे देख ऐसा भी लग रहा था की उसकी उम्र होगी 30-35 के बीच पर फिर भी वो भी कहो तो धना धन चोदने लायक माल लग रही थी. पिंक कलर के पार्टी वियर में थी वो जो उसके जांघो तक थी और में सोचने लगा अब ये कोन है और अब मुझे इतनी सारी जांगे देख आदत सी होने लग गयी थी पर फिर भी देख के मन तो ललचा ही रहा था साथ ही जांघो से आगे और देखने की भी इच्छा उमड़ रही थी.

पर खुद को कंट्रोल में उसे देख वही खड़ा रहा और देखते देखते मेरे सामने से वो भी अंदर को आ गयी. क्या खुसबु थी उसकी लैह लहते हुए बालो की. कमसीन कमर पतली नाभि उफ़ आज तो बस में मुठ मार कर मर जाना चाहता था. काश भगवान् इतना और रहम करे मुझ पर की इन्हे बस देखु नहीं और खेलने का भी मौका दे दे.

यही दुआ हो रही थी मेरे मन में.फिर देखा तो उसने पहले आयी लड़की को कहा “ही सिमरन योर लुकिंग सो गॉर्जियस यार.”तब जाकर पता चला की उसका नाम सिमरन था तभी सिमरन ने जवाब में कहा “ही स्वेता यू लुकिंग दमन सेक्सी तू यार आज तो चा जायेंगे.”स्वेता “थैंक यू बेब वैसे तेरे सामने तो में कुछ भी नहीं शोभा कहा है और भावना?”सिमरन “भावना तैयार हो रही है और पता नहीं शायद शोभा नहीं आ रही आज.”स्वेता “क्यों व्हाट हप्पेनेड तो हेर नाउ?”

सिमरन – है है है! शायद कोई मेहमान आया है आज सो फ्री नहीं है.” ये उसने मेरे तरफ इशारा करते हुए कहा और तभी स्वेता मेरे तरफ मुड़ी और देखते हुए सिमरन से पूछी “हु इस थिस वे.” इतना कहते हुए वो मुझे एक स्माइल भी दिया और कहा “हे सॉरी सॉरी तो इंट्रोडस माइसेल्फ स्वेता.”में “हाँ में आकाश”इससे पहले के में आगे बोलता स्वेता ने ही बोल दिया “ आकाश? राकेश के भाई सुना आज तुम्हारे बारे में.” Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

इतने में सिमरन ने उससे पुछा “तुम्हे किसने बताया?”स्वेता उसको देखते हुए “अरे वो शालिनी और पायल मिली थी सुबह उन्होंने ही बताया.”ये सुन में हैरान भी था की यार यहाँ तो बाते हवा के तरह फैलती है और साथ ही खुश भी था की चलो सब मेरे बारे में जान तो रहे है स्पेशली फ्रेमलेस अपार्टमेंट की. फिर वो दोनों आपस में बात करने लगे और में धीरे से उनके पीछे जा कर खड़ा हो गया. अब नार्मल दो फीमेल और बात भी क्या करे वो बस अपने कपडे नेकलेस हइहेलस बला बला बैठे पर में तो बस उहे पीछे से देखा जा रहा था.

अपने सगे देवर के साथ भाभी की चुदाई

स्वेता का ड्रेस पीछे से ओपन तो सिमरन का ड्रेस पीठ के पास ओपन था जिससे साफ पता चल रहा था की दोनों ने ही ड्रेस के अंदर ब्रा नहीं पहनी है पता नहीं इस अपार्टमेंट का है या इस शहर का की यहाँ ब्रा पहनने में महिलाओ को तकलीफ होती है. यही सब मैं ही मैं सोच कर और दिमाग में इन्हे चोदने का ख्याल लेकर में ऐसे ही खड़ा रहा

तभी शोभा भाभी के कमरे का लॉक खुला और शोभा बहार आयी.हम तीनो की नज़र उसके कमरे के तरफ थी मेरी सिमरन और स्वेता की जब भावना बहार आयी और में बस यह क्या हो रह है आज.भावना एक येल्लो ड्रेस में बहार आयी और वो ड्रेस भी सिमरन और स्वेता के ड्रेस के जैसी ही आधी जांघ को दिखते हुए. में तो लगभग परेशां सा हो रहा था.
मन तो कर रहा था की सारी इज़्ज़त भूल जाओ और वही खड़ा सबके सामने मुठ मारना शुरू करदु.भावना ने येलो कलर की एक ऑफ शोल्डर पार्टी ड्रेस पहना था जिसका स्कर्ट हिस्सा काफी खुला और लहलहा रहा था उसके गोरी टैंगो को दिखा के. पता नहीं कहा जा रही थी ये सब पर जहा भी जाये आज वहा के मर्दो की क़यामत थी.

पर मेरी सबसे ख़ुशी की बात ये थी की जब भावना बहार आयी तो उसने सबसे पहले मेरे तरफ देखा और आँखों के भवरो को हिलाते हुए शायद ये पूछ रही थी की वो कैसी लग रही है.इतने में सिमरन “ओह माय गॉड लुक – हेर.”स्वेता “दमन डॉन’टी बे सो सेक्सी तहत फॉरगेट थे पार्टी एंड पुल्ल यू तो माय रूम.”शोभा “बेहवे स्वेता वे यार है है है!

इस ड्रेस को पहनने में इतनी देर लगा दी ये तो पीस है है है है! हो क्या रहा था अंदर.”स्वेता “सी सी सिमरन अगर में बोलू तो वो बोलती है बेहवे और खुद इतना टाइम लगा रही थी दोनों अंदर “इनकी बाते जितनी नॉटी हो रही थी मेरा पारा उतना ही ऊपर चढ़ रहा था और मेरे लंड का हालत तो ऐसा था की आज उसका नस फटके मेरी मोत होना था.

इतने में भावना “सही फिटिंग मिल नहीं रही थी तो ४ .”शोभा “हाँ हाँ में तो मोटी हूँ कमीनी”भावना अपने ड्रेस में परी की तरह मुड़ते हुए अरे यार ऐसा नहीं तेरे प्रॉपर्टी अच्छे है है है है! “शोभा सिमरन और स्वेता हस्स पड़ी. शोभा “कमीनी थोड़ा तो लिहाज़ करो यार वो यहाँ है क्या सोचेगा.”भावना “शट उप आल ऑफ़ यू बस शह्ह्ह्ह “और फिर उसने मुझसे पुछा “आकाश बोलो में कैसी लग रही हूँ.”ये सवाल सुन मुझे तो पता नहीं था की कहना क्या है? में बस बोला “सेक्सी”और ये सुन सबने बस इतना ज़ोर से हसा की में सोचने लगा की यार ये मैंने क्या कह दिया. Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

शोभा “ओए आकाश क्या कह रहे हो? बोलू तेरे भैया को.”में हकबकाते हुए “नहीं मतलब सेक्सी. नॉट इन अन्य इतर वे.”तभी स्वेता ने मेरे बात के पीछे पीछे पूछ डाला “वैसे शोभा ?”सिमरन “अरे स्वेता समझना उसका देवाआरररररररर आया है है है है! और पति देव भी नहीं घर पर तो भला कैसे आएगी.”भावना – है है है!

देवर ने अपनी भाभी को चोदा कहानी

हाँ यार मैंने भी बोला इसे की आकाश को भी ले चलते है पर मानी ही नहीं”सिमरन “ऑफ़कोर्से यार पार्टी में वो मज़ा कहा जब ये यहाँ अकेले ……”शोभा “बस कर कमीनो और उस बेचारे को छोड़”ये सुन मन ही मन में कह रहा था की क्यों इस बेचा रे को छोड़ो बल्कि चोदो नहीं सब मिलकर चोदो.इतने में शोभा “अरे यार तुम लोग न उसे आये दिन में ही भगा डालोगे चलो जाओ
अब तुम सब.”स्वेता “येह येह व्हाई नॉट. कबाब में हड्डी क्यों बने चल यार सिम्मो निकलते है है है है! “सिमरन “हाँ यार हम इनका वक़्त जाया कर रहे है. चल भावना वैसे भी देर हो रही है.”भावना फिर मुझे देखते हुए “जो चाहे करले ने दो यार इनको हमें क्या वैसे भी चाय जब पिएंगे तो सब मिलकर पिएंगे.”अब मुझे इनकी चाय की बात कुछ कुछ समझ आने लगी थी.

स्वेता “ऑफ़कोर्से यार इसे अकेले थोड़ी न पिने देंगे है है है! “सिमरन – अभी तो बहुत दिन है हमारे पास क्यों आकाश? कितने दिन हो और तुम?” उसने मुझसे पूछा में “हाँ हूँ कुछ दो हफ्ते और”स्वेता “वैसे स्वाति के घर भी नया चायपत्ती आया है कल उसका मैसेज देखा था ग्रुप में.”शोभा “हाँ हाँ विल टॉक ओवर आईटी यार यू गाइस डॉन’टी स्पोइल थे थिंग प्लीज.”भावना “येह स्वेता लेटस जो लेट थम है

वे – टाइम अलोन है है है! “सिमरन “ओके यार क्यों हम कबाब में हड्डी बने लेटस गो है है है! “इतना कहते हुए सारी लड़किया निकलने लगी सबने शोभा को हग किया. वो सब सच मे नॉटी बातो के अलावा बहुत ही अच्छे फ्रेंड्स भी है. पर मेरी नज़र तो कही और थी.सबने शोभा को गुड़ बाई बोला और एक साथ निकलने लगे काना फुंसी करते हुए साथ ही साथ मुझे पलट कर बाई भी बोला.

उफ़ कयामत थी सबके सब जो भी कहो अगर कभी तीनो को एक साथ चोदने को मिले तो सच बोलू तो इतना चोदुगा की उनका पता नहीं पर शायद में चोद छोचोद कर मर जाओ. Sagi Bhabhi Ki Chudai ki Kahani:

में तो बस इनके जाने के बाद अपने बाथरूम में जाकर जम कर मुठ मरना था. पर तभी याद आया की यार अपनी शोभा भाभी तो यही है और इतनी सारी बातो से अब ऐसा लग रहा था की आज तो सचमे कुछ होने वाला है मेरे और शोभा के बीच……एन्ड ऑफ़ पार्ट 3 उमीद करता हूँ आपको अच्छा लगा और आगे पढ़ने के लिए हो इसका अगला भाग पढे.


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