By | January 21, 2023

Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me-हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब ,. कई लोगो की ये रे भी मिली मुझे की मेरे स्टोरी में अब तक सेक्स आया ही नहीं कोई बात नहीं दोस्तों अगर क्लाइमेक्स मूवी के स्टार्टिंग में ही दिखा दिया जाये तो क्या मज़ा? आज का एपिसोड एक और नए किरदार को लाएगा और इसकी स्टोरी भी बहुत बड़ी तबू है. ये स्टोरी राहुल नाम के किरदार की है जो टीना का भाई है. टीना को तो अपने भाग 3 में जिम में देखा ही था. होप यू एन्जॉय थिस पार्ट तू एंड रिप्लाई में योर रिव्यु.
आप अपनी ओपिनियन मुझे कमेंट पे दे सकते है कहानी पढ़ने के बाद. आप लोगो के कमेंट का मुझे इंतज़ार रहेगा. भेज सकते है. अगर आफ्नै अभी तक कहानी के पिछले भाग 1 नहीं पढ़ा तो यहा क्लिक करके पढ़ सकते है।

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माँ को बनाया बेस्ट फ्रैन्डनेररटेड
मेरा नाम राहुल है में 12 वी की पढ़ाई ख़तम करके बैठा हूँ और अभी एक साल ड्राप लिया है एंट्रेंस की तयारी करने के लिए. मेरा घर कुमार अपार्टमेंट में – नंबर 1205 है. मेरे पापा का नाम मर सोमेश है और माँ का नाम सरिता है.
मेरी एक बड़ी बहन भी है जिनका नाम टीना है. हमारे घर में सिर्फ हम चार ही लोग रहते है. टीना दीदी कॉलेज में है और उनकी बेस्ट फ्रेंड हमारे ही अपार्टमेंट में रहने वाली स्वाति दीदी है जिसके बारे में अपने भाग 2 में पढ़ा था.
वैसे तो मुझे अपनी दीदी कुछ खास पसंद नहीं क्यों की उनके और स्वाति दीदी के बारे में मेरे दोस्तों से मैंने सुना था बहुत कुछ जिसके कारन मेरा कई बार मेरे दोस्तों से भी झगड़ा हुआ है. पर हाँ मेरी माँ वैसे तो माँ है दो बचो की लेकिन वो टिपिकल इंडियन माँ जैसी नहीं है.

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नाही उन्हें देख कर कोई कह सकता है की वो दो बचो की माँ है वो भी कॉलेज में पड़ने वाले बचो की. उम्र उनकी 42 है पर 32 की दिखती है.हाइट उनका 5.6 ” और फिहरे 34-30-34 है और हाँ काफी खूबसूरत है. कई बार हम भाई बहन पापा को चिड़ाया भी करते है की उनको इतनी खूबसूरत बीवी मिली कहा से. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

मेरी माँ काफी मॉडर्न है क्यों की हमारे -की सभी औरते मॉडर्न है यहाँ तक की 50-60 उम्र की औरते भी मॉडर्न ड्रेस ही पहना करती है. उसी तरह मेरी माँ भी बहार और घर पर दोनों ही मॉडर्न ड्रेस पहना करती है. वैसे तो मुझे माँ के लिए कोई गलत विचार नहीं थे पर कभी कभी पोर्न में मिलफ औरतो को देख कर मेरा भी मन अपने से बड़ी उम्र औरत के साथ सेक्स करने को चाहता था. जब भी में अपने दोस्तों के साथ होता तो वो भी मेरी माँ की तारीफे किया करते थे की कितनी ब्यूटीफुल और हॉट है मेरी माँ. वैसे तो गुस्सा आना चाहिए पर मुझे उनकी बाते तारीफों के तरह लगता था.

और इसी तरह धीरे धीरे ऐसे हुआ की माँ को घर पर और जब बहार जाती है तो मॉडर्न कपड़ो में देख मेरा भी मन उनके लिए ललचाने लगा पर ये बहुत गलत है सोच कर में हर बार अपने आपको रोकता रहा. इसी तरह एक दिन आया जब पापा के दूर की किसी बहन की बेटी की शादी थी नासिक में पापा को जाना तो ज़रूरी था पर मेरी कोचिंग क्लासेज के कारन में नहीं जा सकता था सिर्फ माँ दीदी और पापा जा सकते थे.

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लेकिन अहम् वक़्त पे ऐसा हुआ की माँ क एक फ्रेंड का वेडिंग अनुवेर्सरी पार्टी के कारन माँ ने भी जाने से हाथ फैला लिया. अब बची मेरी दीदी वैसे उसे भी जाने का मन तो नहीं था लेकिन पापा ने कहा की अगर फॅमिली से सिर्फ वो जाये तो गलत होगा इसी लिए मजबूरन दीदी को भी पापा के साथ जाना ही पड़ा.
तो ऐसे हुआ की उस दिन पापा और दीदी ने शाम चार बजे की टिकट बुक कर्ली नासिक जाने की और घर पर सिर्फ में और माँ ही रह गए थे. दोपहर को ही में अपने क्लास के लिए निकल गया. में हमेशा क्लासेज के बाद अपने फ्रेंड्स के साथ घूम फिर कर कुछ शाम को ७ बजे तक ही वापस आया करता हूँ.उस दिन में घर पहुंचा तो देखा घर में कोई नहीं है. माँ तो अपने फ्रेंड के पार्टी में गयी थी और पापा और दीदी नासिक के लिए निकल गए थे.

क्यों की घर पर कोई नहीं था तो मैंने सोचा की नहाने से पहले पोर्न देख कर एक बार मुठ मारलू. तो मैंने लैपटॉप खोला और संक्ष्क पर पोर्न देखना शुरू कर दिया. उसमे मैंने ब्राज़्ज़ेर का एक पोर्न मूवी देखा जिसमे एक स्टेप-सोन अपनी माँ के साथ सेक्स कर रहा होता है. देखते देखते मुठ मारा और फिर में नहाने चला गया.नहाने के बाद जब में अपने कपडे पहन रहा था कुछ ८ बजे के आस पास तो माँ का कॉल आया.में: हेलो..माँ: राहुल कहा हो?में: घर पर माँ.माँ: ओके में ११.३० तक ही पहुंचूंगी ओके.
तुम कुछ पार्सल मँगवालो. सॉरी बेटा.में: ओके माँ. यू एन्जॉय. में मैनेज कर लूँगा.माँ: ओके माय स्वीटी पाई. ओके खा कर सो जाना ओके कीस.

में: नहीं माँ आप आओ. मुझे थोड़ा असाइनमेंट है.माँ: ओके बेटा. में जल्दी आती हूँ. बईमें: बाई माँ.इतना कह कर माँ ने कॉल कट किया और फिर में तुरंत ही पिज़्ज़ा ऑर्डर को कॉल किया और एक पैन पिज़्ज़ा आर्डर कर दिया फिर बैठ कर टीवी देखने लगा.

कुछ आधे घंटे में डिलीवरी हुआ और में पिज़्ज़ा और कोक पीकर फिरसे टीवी देखने लगा. वैसे तो कुछ नहीं था देखने को पर में देखते रहा. इतने में कब ९.३० हुआ पता भी नहीं चला पर माँ अब तक वापस नहीं आयी थी. उसी टाइम मेरे कोचिंग सर का मैसेज आया हमारे कोचिंग बैच के वात्सप्प ग्रुप में की उन्हें इमरजेंसी में आउट ऑफ़ स्टेशन जाना पड़ेगा क्यों की उनके किसी का डेथ हो गया. तो अगले २-३ दिन क लिए क्लासेज नहीं होंगे. ये सुन में थोड़ा उदास तो हुआ की मेरी क्लास की लड़कियों को अगले तीन दिन मिलूंगा नहीं. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

में फिर टीवी देखने लगा कुछ खास नहीं पर यूं ही म्यूजिक चॅनेल्स तूने करते रहा. इतने में डोर की लॉक खुलने की आवाज़ आयी और पलट कर देखा तो दूर ओपन हुआ और माँ ने एंट्री मारी.सच बोलू पता नहीं क्यों आज तक माँ को देखा तो था पार्टी में जाते हुए पर आज कुछ अलग थी. यूं तो वो नार्मल टॉप टी शर्ट जीन्स और पैंट में जाती थी आज वो तो कमल की पताका टाइप ड्रेस में थी.

मुझे शक हुआ शायद पापा नहीं है उसी लिए. बालो को पीछे स्टाइल में बांध कर और ड्रेस तो पूछो मत. पिंक कलर की थी जो बस उनके आधे जांघो तक थी.जो भी कहो माँ को आज में काफी सेक्सी नज़रो से देख रहा था.माँ: ही बेटा अभी तक सोये नहीं? खाना खाया?

में -हाँ माँ अभी अभी खाया. बस थोड़ा टीवी देख रहा था.माँ -क्या खाया बोलो?में -मैंने पिज़्ज़ा आर्डर किया था. आपका पार्टी कैसा था?माँ -रहलललल…. कितनी बार बोला है पिज़्ज़ा एंड आल नॉट गुड फॉर हीथ. आईटी’स वास्ते मैदा एंड चीज़.में -नो माँ वीट क्रस्ट था नो मैदा नो चीज़ बरसत.
माँ -ओके ,पापा का कोई कॉल आया था क्या?में -नो माँ क्यों?माँ -बास ऐसे ही एक काल आयी थी ?में -हाँ बोलो माँ.माँ -में ऐसी ड्रेस में गयी थी ये किसी को बताना मत स्पेशलय तुम्हारे पापा को ओके.

में तब सूरे हो गया की हाँ पापा नहीं उसी लिए माँ ऐसे पार्टी में गयी थी. लेकिन जो भी कहो मेरी नज़र आज माँ को गर्म नज़र से देख रही थी.में: ओके माँ डॉन’टी वोर्री में नहीं बोलूंगा.माँ: ओके योर सो क्यूट बेटा वैसे हाउ वास् योर क्लास.
माँ -से पानी लेकर पीते हुए पूछी मुझसे उसके बाद वो ताव में खड़ी होकर बोली -वैसे अकेले कर क्या रहे थे यहाँ. पूरा टाइम टीवी देख रहे थे क्या? कुछ पढ़ाई नहीं किया?

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में: हाँ माँ फिनिश्ड माय अस्सिग्न्मेनेट्स और फिर आया टीवी देखने. सच्ची….माँ: हाँ सब समझती हूँ तुम्हारे पापा ने बोला है अचे से देखना तुम्हे. और इस बार इंटरने का एग्जाम क्लियर नहीं हुआ तो देख लेना.
माँ को पढ़ाई के मामले से टॉपिक चेंज करने के लिए मैंने भी एक आईडिया लगाया.में -माँ वैसे आप कहा गयी थी. आंटी के घर या बहार कही?माँ -एक्चुअली पार्टी विजडम क्लब में था तो वही गयी थी.में: ओके तभी तो में सोचु माँ आप आज इतनी डिफरेंट क्यों लग रही हो.माँ: मतलब व्हाट’स डिफरेंट. बोलो?माँ ने ये मुझे आंख मारते हुए बोला. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

उनके आंख मारने से मैंने भी सोचा की माँ मज़ाकिया मूड में है तो मैंने भी बोला.में: मतलब की आज आप काफी खूबसूरत लग रही हो माँ.माँ: थैंक्स बेटा. इवन मैंने भी सोचा आज थोड़ा हेयर स्टाइल चेंज करलु सो बालो को ऐसे बंधा. ?माँ. पर में हेयर स्टाइल की नहीं आप के ड्रेस के बारे में बोल रहा हूँ.माँ: क्यों ही ही ही!! थोड़ी छोटी है.

पर सोचा की आल विल बे फैशनेबुल तो में क्यों…… पीछे राहु. क्यों अच्छा नहीं है. मैं यू अरे लुकिंग हॉट.माँ वो सुनकर मेरे तरफ मुड़ी और बोली -क्या?? हॉट ही ही ही! -बेटा ऍम योर माँ माइंड योर टंग.
में: सॉरी बोलू जो है बोल दिया माँ: हाँ हाँ! बताती हूँ डैड को आने दो.में: माँ में ऐसे ही नहीं कह रहा. यू’रे लुकिंग हॉट एंड सेक्सी. अब ये भी बताना है तो बता दो डैड को. आपकी मर्ज़ी.मुझे पता था की माँ डैड को

कुछ नहीं बताने वाली इतना भरोसा तो है ही माँ पर.
माँ -ओह गॉड. अरे यू फ्लिर्टिंग विथ में? हीहीही. ऍम नॉट योर गर्लफ्रेंड मर राहुल.
माँ -हम्म्म हम्म्म…. लगता है पिज़्ज़ा में कुछ और भी था. हीहीही. चलो तुम जाकर सो जाओ.इतना कहते हुए माँ पलटी और अपने कमरे को जाने लगी. जाते वक़्त उन्हें पीछे सी में देख रहा था. सच यार गलत तो है खुद की माँ के जांघो को ऐसे घूरना पर क्या करू उनका ड्रेस और उनकी गोरी चिकनी जांघो पे से नज़र हटने का नाम ही नहीं ले रही थी.
माँ ने हलके से सर घुमाया और शायद उन्हें भी पता चल ही गया था की में उनके तरफ ही देख रहा हूँ पर उन्होंने कुछ बोला नहीं और अपने रूम घुस कर दूर बंद करते हुए बोली: ताक झांक मत करना बदमाश है है है!

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माँ के इस मज़ाकिया और नॉटी अंदाज़ से मेरा लंड हलचल कर रहा था अंदर. मैंने एक पायजामा पहना था और अंदर कुछ नहीं जिससे अगर लंड खड़ा हो जाता तो किसी को भी पता चल जाये. इसी लिए अपने दिमाग को काबू करने की कोशिश भी कर रहा था साथ ही माँ की चिकनी जांघो को भी याद कर रहा था जिससे खुद को काबू करना मुश्किल हो रहा था.
फिर मैंने एक एक्शन मूवी लगायी किसी इंग्लिश चॅनेल में और उसे देखने लगा मन हटाने के लिए.कुछ 10 से 15 मिनट के बाद माँ अपने कमरे से निकली. उन्होंने एक साटन का पायजामा सेट पहना था. ऊपर उसी रंग का साटन का रोबे के साथ जिसका नोट बंधा हुआ था. बदन का एक हिस्सा भी नहीं दिख रहा था पर हाँ पायजामा जांघो के पास टाइट था. में उन्हें देख रहा था और वो मुझे उन्हें देखते हुए देख रही थी. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

माँ -क्या हुआ? ऐसे क्या देख रहे हो?में -नहीं बस ऐसे ही देख रहा था.माँ -आज कुछ तो गड़बड़ है तेरे में. वैसे पापा का कॉल आया था. तुमने खाना खाया या नहीं और पार्टी कैसी थी करके.में -और अपने क्या बोलै?माँ -क्या बोलूंगी सब ठीक था और तुमने बहार से पिज़्ज़ा मंगवाया बोलै.में -और????माँ -और क्या? तुम्हे कुछ बोलना था क्या?में -नहीं. पर आप बोल सकते थे ना (में मुस्कुराने लगा)माँ -क्या क्या बोल सकती थी?

क्या कह रहे हो?में -यही की आप पार्टी में कैसी लग रही थी.माँ मुस्कुराते हुए बोली -मारुगी अगर पापा को बताया तो की में उस ड्रेस में गयी थी हँ शायद उन्हें अच्छा नहीं लगेगा.में -अरे माँ आप बोलकर तो देखो की आप कितनी सेक्सी लग रही थी. डैड शादी वाड़ी छोड़ कर भाग आएंगे.माँ -हाँ भाग कर आएंगे लाथ मारने है है है! और क्या ये तू मुझे सेक्सी सेक्सी बोल रहा है.
ऍम योर माँ.में -वही न मेरा बदलूक.माँ सोफे के कुशन को उठा कर मुझ पर पेखते हुए बोली -हाँ हाँ अब में तुम्हारी माँ हूँ ये तेरा बदलूक है ना.इतना कहते हुए उन्होंने अपने रोबे का नोट खोला और मुझे मज़ाकिया गुस्से में देखने लगी. उन्होंने रोबे के अंदर एक साटन का चेमिश पहना हुआ था.फिर वो सामने सेंटर टेबल पर रखी हुई एक मैगज़ीन उठाया.में -अरे माँ मेरा वैसे मतलब नहीं था. मैं..माँ -क्या यू मैं बोलो?में -मैं की आप मेरी गर्लफ्रेंड नहीं होना सो वो मेरा बदलूक.माँ -ओहो! अपनी उम्र की कोई नहीं मिली क्या क्लास में. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

Dost ki maa ki chudai ki kahani

जाओ जाकर सो जाओ. कल क्लास है ना.में -नो माँ. नो क्लासेज फॉर नेक्स्ट थ्री दिन.माँ -क्यों? झूट मत बोलो. पापा नहीं है 3 दिन के लिए तो पूरी मस्ती सूझ रही है?में -सच्ची माँ सर के किसी का डेथ हो गया है. तो वो अपने घर गए है. सो नो क्लास फॉर 3 दिन.

माँ -अरे वह तुम्हारी तो मज़े ही मज़े है.में -क्या मज़े माँ. एक भी कोई मूवी तक नहीं आई ऐसे हुई जिसे देखने जाओ.माँ -हम्म कोई बात नहीं बैठ कर पढ़ाई करो घर पे. में -क्या माँ जब देखो पढ़ाई पढ़ाई. आज कोई मूवी देखे क्या?माँ -अभी रात को? कहा?में -अरे माँ बहार नहीं घर पर.माँ -कोनसी मूवी है? कोई नै मूवी डाउनलोड किया क्या?में -हाँ एक है. पर…माँ -पर क्या? कोन सी मूवी है?

में -50 ऑफ़ डरकर.माँ -क्या? नो नो ये सेक्सी मूवी. और वैसे भी मैंने उसका पहला पार्ट भी नहीं देखा. नॉट ये . कोई और?में -व्हाट एडल्ट में थोड़ी न कम उम्र का हूँ. और मेरे पास उसका फर्स्ट पार्ट भी है.माँ -नो बेटा
माँ के साथ बैठ कर एडल्ट मूवी देखता है क्या कोई?में -अरे माँ आप तो ऐसे कह रहे हो मनो आप 55 की हो गयी हो. उफ़!! योर स्टिल सो यंग आपको पता है.इतना कहते ही उनके मुँह पर एक मुस्कान आ गयी और वो उठ कर अपना रोबे निकल के सोफे पर रख कर खड़ी मुझसे बोली:

आज तुम बड़े तारीफ में लगे हुए हो मेरी हम्म. में 55 की नहीं लेकिन 40 की हूँ ओके और 2 बच्चो की माँ भी.
माँ जिस तरह से खड़ी थी उन्हें देख मेरा तो और ज़ादा फ़्लर्ट करने को मन हो रहा था. उनकी गांड उभर कर दिख रही थी और साफ पता चल रहा था की उन्होंने अंदर शायद कुछ नहीं पहना है.

में -क्या माँ 40? पर आप तो 40 की लगती हो प्रॉमिस. मेरे फ्रेंड्स भी बोलते है की मेरी माँ कितनी यंग है.माँ: ओह रियली? और क्या बोलते है मेरे बारे में वो?में: बस यही की आप कितनी खूबसूरत एंड फॅशनबले है. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me
माँ -हम्म ओके ओके मस्का लगाना बंद करो अब ऐसा कुछ नहीं है.में -नहीं माँ वो सच मे बोलते है. माँ है है है! वैसे सच ही बोलते है. और आज तो मैंने सेक्सी एंड हॉट माँ को देखा.

माँ -ओफ्फो! फिरसे सेक्सी बोला? अब कभी तेरे सामने ऐसे कुछ नहीं पहन कर आउंगी.में -अरे नहीं माँ ऐसे मत करो प्लीज. फिर में कैसे देखूंगा आपको.माँ -क्या मतलब कैसे देखूंगा?.माँ -ओह गॉड राहुल. तुम क्या कह रहे हो. है है है! वैसे रियली दो है वे गुड लेग्स?में -हाँ माँ यू रियली दो है वे. सेक्सी है आपके.माँ मुस्कुरा कर शर्माने लगी और फिर बात का टॉपिक हटाने लगी और बोली: ओके ओके लेटस वाच थे मूवी.

में हैरान हो कर -कोनसा? माँ -वही 50 शेड्स वाली पर फर्स्ट पार्ट से वांट तो सी फर्स्ट.में तो ख़ुशी से पागल हो गया की माँ मेरे साथ 50 शेड्स मूवी देखने को रेडी हो गयी.तभी उन्होंने कहा -ओके ओके इतना खुश मत हो ओके लेकिन एक ही बात है की डैड को पता चलना नहीं चाहिए.में -गॉड प्रॉमिस माँ में किसी को नहीं बताऊंगा.

माँ -ओके तो ले आओ. और वो विंडो का कर्टेन भी लगा दो.में झट से उठा कर्टेन लगाया और अपने रूम को गया. रूम जाकर लैपटॉप खोला और जल्दी से पेण्ड्रीवे में मूवी का भाग 1 ओर भाग 2 कॉपी किया और वापस लिविंग रूम को गया.लीविंग रूम पहुँचते ही झट से मैंने पेण्ड्रीवे को टीवी में लगाया और अपने सोफे पे आकर बैठ गया. वैसे में तो टीवी के ठीक सामने वाले सोफे पे बैठा था जो ३ सीटर था और माँ बगल के सिंगल सीटर पर जिधर सी टीवी साइड पे दीखता था.

Sagi maa ki chudai ki story

मैंने फिर मूवी चला दी.माँ -राहुल पक्का पापा को पता नहीं चलना चाहिए ओके.में -ओके माँ वैसे भी पापा के होने पर में ये नहीं देख सकता न.माँ -हम्म ओके ओके. चलो लेट में सी नाउ.फिर मूवी चालू हुई और हम दोनों देखने लग गए. मूवी चालू हुई पर मेरी तिरछी नज़र माँ पर थी. ये मूवी थोड़ी बहुत लव स्टोरी के तरह शुरू हुई. जब कोई किश का सीन आता तो में चोरी छुपे माँ को देखता. उनके हाव भाव को जानने के लिए पर वो पता नहीं शायद नार्मल होने का ड्रामा कर रही थी.

शायद उन्हें पता ठरकी में उन्हें चुप चुप कर देख रहा हूँ.कुछ देर बाद माँ अपने पैर सामने वाले टेबल पर रख कर बैठ गयी. फिर वो सीन आया जहा एक्टर लड़की के पीछे से उसके हाथ बांध देता है और फिर उसे धीरे सी झुका कर उसके गांड को सहलाता है. तब मैंने माँ को देखा तो वो गौर से देख रही थी और साथ ही गले से थूक नीचे बेज रही थी. तभी मुझे लग गया की अब माँ गरम हो रही है.फिर मूवी में एक्टर उसे झुका कर उसके गांड पर थपड मारने लगा. एक्ट्रेस आहे भर रही थी और वो उसे पीछे से थपड पे थपड मारे जा रहा था.Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

पहले धीरे फिर थोड़ा ज़ोर से और फिर और ज़ोर से. माँ को देखा तो देखा की वो अपने पैरो को आपस में धीरे धीरे रगड़ रही थी. फिर कभी एक पैर के उंगलियों से दूसरे पेअर के पॉ पर रगड़ती जैसे मनो खुद को गुदगुदा रही हो.मुझे पता चल गया की माँ के अंदर गर्मी और ज़ादा उमड़ने लग गयी है. माइन माँ से बात करने की सोची.

में -माँ. एक बात पूछू?माँ झूट से मुझे देखते हुए -हाँ क्या बोलो राहुल.में -एक बात पूछू क्या आपसे?माँ -हाँ पूछोना.में -पापा भी ऐसे करते है क्या.माँ -क्या?? इडियट क्या पूछ रहे हो.

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में -अपने लास्ट टाइम सेक्स कब किया.माँ -राहुल.. तुम्हे पता है तुम क्या पूछ रहे हो? इडियट.में -ओके ओके सॉरी. मुझे लगा में अपने बेस्ट फ्रेंड से बात कर रहा हूँ. ओके ओके. सॉरी.माँ -ओफ्फो राहुल. तुम भी न. ओके लास्ट टाइम हम्म्म लास्ट वास् लिखे जब तुम और टीना नानी के घर गए थे तब ओके खुशी.में -रियली??
वो तो 2 महीने पहले था.माँ -हाँ. कहा न मैंने उनको टाइम नहीं मिलता. और तुम क्या ऐसे उछाल रहे हो शादी के बाद आईटी’स ऑलवेज कॉम्प्लिकेटेड ओके.में -क्या माँ आपके जैसी खूबसूरत वाइफ मुझे मिल जाये तो बस.माँ -बस क्या?में -रोज़ सेक्स करूँगा.माँ -ओह गॉड राहुल!!! चलो वाच मूवी. नो मोरे क़ुएस्तिओन्स. कहना बहुत आसान है पर खुद शादी करने के बाद जान लेना.

में -क्या जानना माँ पापा के जगह में होता तो पता चलता आपको. आपकी सारी थ्योरी अलग होती.माँ -हम्म हम्म जैसे के तुम तो बड़े शेर हो हँ.में -काश आप मेरी माँ न होती तो बताता की में कितना बड़ा शेर हूँ. है है है!माँ -चलो मूवी देखो. जल्दी देख के सोने की कोशिस करो.फिर हम मूवी देखने लगे और कुछ देर बाद वो सीन आया जब वो एक्ट्रेस के हाथ ऊपर को बांध कर उसे पूरा नंगा खड़ा रखता है और फिर एक छड़ी से उसे मारने लगता है. में झट से उठ कर जाकर लाइट ऑफ़ कर देता हूँ. इतने में माँ ने पूछे -राहुल लाइट क्यों ऑफ कर रहे हो.?में -उसकी ज़रुरत नहीं

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माँ. मूवी तो सिर्फ टीवी के लाइट में ही देखनी चाहिए उसपर क्यों बेकार में इलेक्ट्रिसिटी खराब करना.माँ – इतनी फ़िक्र तुम्हे इलेक्ट्रिसिटी कोन्सुम्प्शन का. हम्म्म.फिर हम वापस मूवी देखने लगे और इतने में मैंने माँ को देखा की वो एक पिलो को उठा कर अपने गोद में रख कर उसे मसल रही होती है धीरे से.

फिर थोड़ी देर बाद देखा तो उनका एक हाथ पिलो के नीचे था. शायद अब वो मुझसे चुप कर अपने आप को मज़ा दे रही थी पिलो के नीचे से. पर मुझे पक्का नहीं था लेकिन अगर वो ऐसा कर रही थी तो मैंने सोचा में भी ऐसा कुछ करू की उन्हें भी मुझ पर शक हो.मैंने एक पिलो उठाया अपने सोफे पर रखा हुआ और उसे अपने गोद पर रख दिया. फिर धीरे से हाथ अंदर डाला. तभी माँ ने मेरे तरफ देखा पर में अनजान बनने जैसे होकर टीवी देखने लगा. फिर थोड़ी देर बाद मैंने जान बुचकर अपने हाथ को ऊपर नीचे हिलाना शुरू किया धीरे से और Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

में इस तरह से कर रहा था की माँ चोरी छुपे मुझे पिलो के नीचे अपना हाथ हिलाते हुए देखे.और ठीक कुछ देर वेट करने के बाद ऐसा ही हुआ. माँ की नज़र मेरे हिलाते पिलो के तरफ हुई. लेकिन जैसे ही माँ ने मेरे तरफ देखा मैंने अपना हाथ हिलाना बंद कर दिया. में चाहता था की उन्हें ऐसा लगे की में चुप चुप कर सब कर रहा हूँ और रंगे हाथो मुझे पकडे. फिर जब माँ टीवी के तरफ देखि तो में फिरसे पिलो के नीचे हाथ हिलाना शुरू कर दिया. फिर में माँ को देखता और कभी कभी देखता की वो मुझे चोरी छुपे नज़रों से देख रही है.

लेकिन अब जब वो चोरी छुपे नज़रों से मुझे देखे तो मैंने अपने हाथ हिलाना बंद नहीं किया. मनो जैसे की मैंने देखा ही नहीं. फिर धीरे-धीरे मैंने उन्हें यह जता दिया की में पिलो के नीचे अपना लंड हिला रहा हूँ. और इसी तरह थोड़ी देर बाद माँ ने मुझसे पूछ ही लिया हे क्या कर रहे हो तुम राहुल?में हाथ बढ़ाने का ढोंग करते हुए बोला: कुछ नहीं माँ क्या हुआ?माँ: तुम कर क्या रहे हो?में: कुछ भी तो नहीं. क्यों?माँ -झूठ मत बोलो. अरे यू….?में -अरे यू क्या माँ.
में कुछ भी तो नहीं कर रहा.माँ -ओके तोह वो पिलो ज़रा हटाना.में -क्यों? क्या हुआ? बोलना.माँ -डॉन’टी मेक में एंग्री. वो पिलो हटाओ.में फिर धीरे से उनके कहने पर पिलो हटा दिया और उन्हें मेरे शार्ट के ज़िप से आधा बहार निकला हुआ था ना हुआ मेरा लंड दिखा दिया. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

सोचा एक ब्लैंकेट ले आओ. क्यों तुम्हे क्या हँ बैठ के मज़े लो बेशरम.में -अरे आप न होतो क्या मज़ा. ओके जल्दी आओ , करू या नहीं इस पर माँ ने कुछ नहीं कहा तो में समझ गया की वो चाहती थी की में न करू. फिर मैंने मूवी को नहीं चलाया और माँ को अपनी गांड लचकते हुए उनके पजामा सेट में जाते हुए देखा.

इस बार उनकी चाल अलग थी मनो वो जान बूचकर वैसे मटक कर चल रही हो. उन्हें जाते देख मेरे हाथ तेज ही से अपना लंड हिलाने लगा और तभी वो हलके से सर को पलटी और जान गयी की में उन्हें देख हिला रहा हूँ. इस पर उन्हें गुस्सा तो नहीं आया पर अपना रोबे नीचे छोड़ दिया गिरने को और फिर ऐसे झुकी उसे उठाने को की उनकी गांड सीधे मेरे तरफ तन गयी. इतनी टाइट और सेक्सी शेप की गांड देख मेने ज़ोर ज़ोर से हिला डाला.

में समझ गया की आज माँ पुरे मूड में आ रही है वरना वो ऐसे नहीं करती और फिर उठ कर मुस्कुराते हुए अपने कमरे को चली गयी. डोर बंद करते हुए उन्होंने मुझे देखा और काफी नॉटी अंदाज़ से आँखों को टटोलते हुए डोर को बंद करके लॉक कर दिया. मैंने सोचा की एक ब्लैंकेट को लेने के लिए भला उन्होंने डोर लॉक क्यों किया. डोर के लॉक होने के बाद मुझे ऐसा लगा की गया सब पानी में.

माँ ज़रूर लॉक करके अपने कमरे में मुठ मारकर सोने चली गयी है ऐसा लगने लगा. पर उनके कमरे की लाइट नहीं बंद हो रही थी. मेरे लंड का भी साइज निराशा से हल्का होने लगा साथ ही दिमाग में एक हार की फीलिंग सी होने लगी. कुछ 50 से 6 मिनट हो गए और में यूं ही उनके डोरके नीचे से आती हुई रौशनी को देखते रहा. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

लाइट अगर ऑफ नहीं हुआ तो फिर माँ आखिर कर क्या रही थी?साथ ही उनके वार्डरॉब के खुलने बंद होने जैसी आवाज़े भी आ रही थी. में हैरान था की भला हो क्या रहा है अंदर. और पांच मिनट के बाद मेरा तो मानो आप खो गया और मैंने सोचा की शायद लाइट ऑन कर के ही माँ बेड पर खुद को मज़ा दे रही हो और क्यों न उनके डोर के की होल से कुछ देख ले. ऐसा सोच कर में धीरे से उठा अपने सोफे पर तभी उनके कमरे की लाइट ऑफ हुई और डोर की लॉक खुलने की आवाज़ आयी और में झट से वापस उसी तरह बैठ गया.इतने में डोर खुला और वो आने लगी.
अँधेरे में ज़ादा कुछ नहीं दिख रहा था पर हाँ उन्होंने अपना बाल खोल दिया था और अपने ऊपर एक ब्लैंकेट डाल रखा था जिससे अब में उनके फिगर को नहीं देख पा रहा था. फिर जब वो सोफे के पास आयी तो मैंने उनके चिकने चमकते पाँव देखे. ब्लैंकेट इतना बड़ा था की वो उनके कंधे से लेकर उनके घुटने के नीचे तक था.

सिर्फ उनके घुटनो के नीचे ही दिख रहा था और तभी मेरी दिमाग की बत्ती जली की उनका पैर घुटनो के नीचे नंगा था लेकिन अब तक तो वो एक पजामा में थी तो वो गयी कहा.क्या माँ ने अपने सारे कपडे निकाल फेके थे? और क्या माँ नंगी थी ब्लैंकेट के अंदर? ये सोच में फिर से पागल होने लगा. इतने में उन्होंने पूछ डाला -ऐसे क्या घूर रहे हो ऊपर नीचे मूवी चलाओ.
में -नो माँ वो एक्चुअली आप तो पजामा में थी न?माँ -हाँ चेंज कर दिया.में -क्यों? अच्छी तो लग रही थी. तो अब क्या पहने हो या कुछ नहीं.?माँ -क्या मतलब कुछ नहीं? पागल हो क्या? क्या क्या सोचते हो तुम.में -नहीं आपके पैर तो नंगे है देखो नीचे.वो अपने नीचे पेअर के तरफ देखि और बोली -है भगवान् राहुल में बस अपना नाइटी पहनने गयी थी सोचा कही मूवी देखते यही सो गयी तो इसी लिए.में -तो आप पायजामे में नहीं सोती क्या?माँ -नहीं वो काफी गर्मी लगती है नींद में तो थोड़ा अलग पहनती हूँ.
में -पर आप तो रात को हमेशा पाजामे में ही होती हो मैंने देखा है ना.माँ: नहीं राहुल में अपने कमरे में चेंज कर लेती हूँ.में -क्या सिर्फ नाइटी?माँ -तुम्हे क्या में कुछ भी पहनु अंदर अपने कमरे में. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

बेटे ने अपनी माँ को रात मे चोदा

में: प्लीज दिखावा क्या पहनते हो आप अंदर.मान ने मेरी बात पर बिलकुल भी शिकायत न करते हुए अपना ब्लैंकेट एक ही बार में अपने बदन से खोलते हुए सोफे पे गिरा दिया. मेरे मन में था की या तो सिर्फ ब्रा और पेंटी में होगी या फिर नंगी पर मैंने कभी नहीं सोचा था की माँ ऐसे भी कपड़ो की शौकीन है. वो एक काली रंग की ट्रांसपेरेंट हलके कपडे की बनी हुई बेबीडॉल में थी जिसमे से साफ़ दिख रही थी की उन्होंने मैचिंग ब्रा और थोंग पहनी है. में बस उन्हें देखता रहा और साथ ही मेरा हल्का हो गया लंड फिर से खड़ा हो गया. शायद इतनी सेक्सी और खूबसूरत वो नंगी या सिर्फ ब्रा और पैंटी पहनने पर भी नहीं दिखती जितना वो उस बेबीडॉल में दिख रही थी.

वो बेबीडॉल ठीक उनके झाट के शुरू होने तक ही थी एक दम उनके चूत से थोड़ी नीचे तक. वो उसमे बिलकुल एक सेक्सी परी लग रही थी जिसे कोई भी मर्द चोद चोद के मर जाता पर जी नहीं भरता मरने पर भी. मेरे लंड को बड़ा होते हुए उन्होंने ने भी देख लिया क्यों की उन्हें देख में भूल ही गया की में पूरा पैर फैला कर बैठा हुआ हूँ. इतने में उन्होंने पूछा -ऐसे क्या ताड़ रहे हो कभी देखा नहीं क्या अपनी माँ को?

में -नहीं.. मैं देखा है पर ऐसे नहीं.माँ -कैसे नहीं?में -रियली माँ पता नहीं था आप इतनी सेक्सी हो.माँ -आज कितना बार तुमने मुझे सेक्सी बोला पता है?में -इसमें मेरी क्या गलती. आप हो ही और अब देखो.

माँ मुस्कुराते हुए -है है है! क्या देखो? ऐसा क्या किया अब मैंने.?में -आपने जो पहना है वही. आप सच मे क्या सेक्सी लग रही हो. मन करता है की….. में चुप हो गाय मा -क्या मैं करता है बोलो?में -मैं करता है की आपको अपनी गर्लफ्रेंड बना लू.इस बार मेरे ये कहने पर माँ ने कोई भी गुस्सा नहीं दिखाया और हस्ते हुए बोली -क्यों? तुम्हारी उम्र की नहीं मिल रही क्या तुम्हे है है है!
में -मेरी उम्र की तो मिल जाएगी बहुत पर आप के जितनी खूबसूरत और सेक्सी फीमेल कही नहीं मिलेगी.माँ -यू रियली थिंक सो?इतना कहते हुए इस बार माँ मेरे सोफे पर मेरे बगल में आकर बैठ गयी एक पैर पर दूसरा पैर रखते हुए. मेरी तो जैसे लाटरी लग रही थी. अटलास्ट माँ मेरे बगल में खुद आकर बैठ गयी. मेरा लंड भी रह रह कर झटके मार रहा था और वो माँ भी देख रही थी. पर में छुपा भी नहीं रहा था की वो भी जाने की उसके कारन मेरी क्या हालत हो रही है. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

मैंने कहा -हाँ माँ अगर आप माँ नहीं होती मेरी तो आपसे ही शादी करता चाहे आप कितनी भी बड़ी हो.माँ -हम्म…. पर क्या करे राहुल. मेरी तो शादी हो गयी बहुत पहले. और इसी लिए तेरे जैसा इडियट पैदा हुआ. ढक्कानितना कहते हुए उन्होंने मेरे सर पर मज़ाकिया अंदाज़ से मारा.में -पापा ने जम्म कर प्यार किया होगा आपको है है है! तभी तो मेरे जैसा इडियट पैदा हुआ.इस पर हम दोनों हसने लगे और माँ उठ खड़ी हुई और बोली तुम्हे कुछ खाना है क्या?में -हम्म भूख तो है बहुत. क्या है खाने को.
ये मैंने दोहरी मतलब से कहा जिसपर माँ ने समझदारी के साथ कहा -खाने को तो बहुत कुछ है घर में पर मूवी के साथ तो पॉपकॉर्न और कोक ही अच्छा होगा -कॉर्न भी चटपटा और नमकीन ही होता है.मैंने अपने लंड को पकड़ते हुए कहा -ओके अभी नमकीन चटपटा पॉपकॉर्न ही सही बाद में हम कुछ और खा लेंगे.माँ फिर किचन के तरफ जाने लगी. पहले तो पीछे से पाजामे में ताड़ रहा था पर इस बार उन्हें पीछे से देखने में बहुत मज़ा आ रहा था आधे नंगे रूप में और उनकी थोंग पीछे से उनके गांड की रेखा में धसी हुई थी.

आज तो ठान लिया था की अपनी माँ को चोद के ही रहूँगा. इतने में माँ किचन के दरवाज़े पर पहुँचते ही सर घुमा कर बोली -मुझे ऐसे देखते ही रहोगे या पॉपकॉर्न बनाने में मेरी हेल्प भी करोगे?में -हाँ माँ क्यों नहीं.में झट से उछला और लंड को बिना ज़िप के अंदर डाले उसे झूलते हुए ही किचन की तरफ चल दिया. किचन में जा कर भी में उन्ही को घूर रहा था. वो ऊपर रखे शेल्फ से पॉपकॉर्न का पैकेट निकालने के लिए हाथ ऊपर की तो उनका बेबीडॉल और ऊपर उठ गया और उनकी गांड के आधे तक पहुँच गया. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

वैसे तो उनका हाथ पॉपकॉर्न तक पहुँच गया था पर वो उसी तरह कुछ सेकण्ड्स के लिए खड़ी रही मनो मुझे और थोड़े देर उनकी गांड देखने को दे रही हो. फिर उन्होंने छोटा वेसेल स्टोव पे रखा और पॉपकॉर्न के पैकेट को दन्त से फाड़ते हुए उसे वेसल में डाल दिया. में बगल में ही खड़ा कुछ नहीं कर रहा था सिवाए उन्हें देखने के तभी उन्होंने मुझसे कहा -और कितना देखोगे मुझे राहुल?में -क्या करू माँ मन ही नहीं भर रहा.माँ -ओके बाद में भर लेना जी भर के अभी फ्रिज से वो कोल्ड ड्रिंक निकालो और गिलास में डालो. हेल्प करने आये या ताड़ने.

सगे माँ ने अपने बेटे से रात मे कारवाई चुदाई

में -हेल्प तो बहाना था माँ आया तो आपको ताड़ने ही.माँ -है है है! तुम पूरा पागल हो आज.में -आप ही तो बना रही हो.माँ ने फिर वेसल में पॉपकॉर्न को डालते हुए पूछा: ओके तो बताओ मुझमे ऐसा क्या है जो तुम मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहते हो?में -हम्म्म आप बस पता नहीं क्या बतऔ आप किसी को भी रिझा लेते हो.

माँ -वो कैसा जवाब था साफ़ साफ़ बोलो न.में -अब क्या बोलू आप मेरी माँ.माँ -ओके अगर नहीं होती तो.में -अगर नहीं होती तो…..माँ -तो?में -तो सच में रोज़ सेक्स करता में आपके साथ. रोज़ और रोज़ एटलीस्ट 6 से 7 बार करता सच्ची. आप कण्ट्रोल के बहार कर देते हो किसी को भी. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

माँ ने वेसल बंद किया और फिर कहा -पर तुम्हारे पापा को तो ऐसा नहीं लगता.में -हाँ शायद जैसे के आपने कहा वो हमेशा बिजी रहते है. शायद उसी लिए टाइम नहीं होगा.माँ -हाँ वो तो है काश तुम्हारे पापा तुम्हारे तरह सोचते.इतना कहते हुए माँ फ्रिज के तरफ गयी तो मुझे याद आया उन्होंने कूल ड्रिंग निकालने को कहा था तो मैंने कहा -ओह सॉरी माँ आपकी बातो में खो गया था

सॉरी .माँ -कोई बात नहीं तुम तो बस लट्टू हो गए हो. पगल में -क्या करू ऍम इनोसेंट.माँ फ्रिज को खोलते हुए -हाँ हाँ नीचे दिख रहा है सब कितना इनोसेंट हो.तब याद आया की मेरा लंड अब भी बहार ही है और तन कर लोहे जैसा खड़ा है. तभी मैंने देखा की माँ थोड़ा सा झुकी कोल्ड ड्रिंक के बोतल को फ्रिज से निकालने के लिए. उनका मुँह फ्रिज के तरफ था और उनके झुकने से उनकी गांड मेरे तरफ. क्या नज़ारा था. गोरा चिकना गांड उनके छोटी सी बेबीडॉल से उभरता हुआ और उनका थोंग जो उनके गांड की रेखा में घुसा हुआ मनो मुझे बुला रहा हो और शायद ऐसा पोज़ में माँ जान बूचकर कर खड़ी थी
मुझे दिखने के लिए. मेने कुछ नहीं सोचा और उनकी गांड पर हाथ रख दिया. पहले तो माँ ने कुछ नहीं कहा तो मैंने हलके से उनकी गांड को दबा दिया तो तुरंत वो मूड कर मुझे देखने लगी हाथ में कोक का बोतल लिए और बोली -तुम कर क्या रहे हो? होश में हो या नहीं?मैंने सोचा अब माँ सचमे गुस्से में है और बोला -वो सॉरी माँ…माँ -सॉरी के बचे उधर देखो पॉपकॉर्न हो गया बंद करो उसे वरना जल जायेगा.

तब पता चला की माँ ने पॉपकॉर्न की बात की ना की उनके गांड पर हाथ मारने के लिए. रहत की साँस भी मिला और हौसला भी की माँ को बुरा नहीं लगा.फिर हमने पॉपकॉर्न को एक बाउल में डाला और कोक को दो गिलास में और वापस अपने लीविंग रूम को चले गए. में माँ को पीछे से निहारते हुए उनके पीछे पीछे चलते रहा. माँ ने पॉपकॉर्न टेबल पर रखा और अपनी गिलास लेकर अपने सोफे पर बैठ गयी और में भी बैठ गया अपने सोफे पर. मैंने मूवी ऑन किया और सीन वही चालू हुआ जहा एक्टर उसके हाथो को पलंग के दो चोर पर बांध कर चूत पर छड़ी से मार रहा होता है.

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माँ अपने जांघो को आपस में रगड़ रही थी और में बिंदास एक हाथ से पॉपकॉर्न खाता और दूसरे हाथ से लंड को सहला रहा था. फिर माँ ने मुझे देखा और स्माइल देते हुए काहमा -हम्म्म… करो करो खूब मस्ती करो. बेशरम…में -आप क्या शर्मा रहे हो आप भी कर लो.माँ -हैट पागल तुम्हारे सामने नहीं.में -क्यों में तो कर रहा होना तो फिर.माँ -नो नो. वो गलत है. में तुम्हारी माँ हूँ.में -भूल जाओ की में आपका बेटा हूँ. माँ -तो भी नहीं करुँगी ,बॉयफ्रेंड समझो.माँ इस बात पर हस्स पड़ी और बोली -तुम और मेरे बॉयफ्रेंड. नो वे बबयमें -ऍम नॉट बेबी एनीमोर.माँ -योर ऑलवेज माय बेबी.में -अच्छा सचमे मेरे लंड को देखो और बोलो ऍम स्टिल योर स्माल बेबी.इतना कहते हुए मेने पूरा लंड अपने शार्ट के ज़िप से बहार निकाल और उसके जड़ को पकड़ कर उसे आगे पीछे झूलने लगा.

इस तरह उन्हें मेरे लंड का पूरा लम्बा मोटा साइज दिख गया. एक पल के लिए वो आँखों को पूरा फाड़ कर देखि और फिर बोलीमा -ओफ्फो!!! राहुल रुको प्लीज. आप भी बन जावा शमलेस गर्ल.माँ -क्या मतलब.में: मतलब की आप भी शर्म छोड़ो और मेरे साथ बैठ कर खुद को मज़ा दोना. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

माँ -नो यार मुझे अजीब लगेगा.में -यार भी बोल दिया अब तो अब क्या शर्माना.माँ -उफ़ वो गलती से बोला. यार वार कुछ नहीं है.में तब उठा और अपने शार्ट के हुक को खोलने लगा. माँ ने देखा और पूछा -क्या कर रहे हो?में -कुछ नहीं ज़िप से करने में मज़ा नहीं आ रहा.इतना कहते हुए मैंने हुक खोला और एक ही सेकंड में शार्ट लूज़ हो कर पाँव के नीचे गिर पड़ा.
माँ मुझे हैरानी के साथ देखि और में एक लाथ में अपना शार्ट पाँव से दूर फेक डाला. अब में माँ के सामने सिर्फ टी-शर्ट में खड़ा था और मेरा लंड पूरा डंडे के तरह खड़ा था जिसे देख माँ गरम हो रही थी और जब मेरी नज़र से नज़र मिली उनकी तो मुस्कुरा कर टीवी के तरफ देखने लगी. अब तो मुझे कोई फ़िक्र नहीं था और आराम से आधा नंगा सोफे पे पैर फैला कर अपने लंड को ऊपर नीचे कर रहा था. माँ कभी टीवी देखती तो कभी मुझे और मेरे खड़े बड़े लंड को.


थोड़ी देर बाद उनका भी हाथ कभी कभी उनके बूब्स पर जाने लगा. वो धीरे धीरे नज़र छुपकर बूब्स को सहलाती तो कभी अपने जांघो पर हाथ फेरती. मैंने सोचा की ऐसा रहे तो कुछ बात आगे नहीं बढ़ेगी और मेरा मुठ निकल जायेगा. इसी ली ये मैंने माँ से पूछा -माँ आपको सेक्स करने की इच्छा नहीं होती.

माँ -क्यों? होती तो है.में -तो क्या करती हो तब अगर सेक्स करने को न मिले तो?माँ -वही जो तुम कर रहे हो.में -तो अभी आपको नहीं हो रहा क्या सच बताओ .माँ -हम्म्म.. हो तो रही है पर.. पता नहीं शॉल ये किसी को नहीं बताऊंगा अपनी ज़िंदगी में. आप करो मुझे देखना है.माँ -क्या देखना है?इतना कहते हुए माँ आ कर खड़ी हो गयी और मुझे अदाओ से देखते हुए बोली मा -बोलो बोलो क्या देखना है तुम्हे?में -आपको…..माँ -मुझे क्या.

आज तो बहुत ज़ादा देख लिया तुमने.में -मेरा मतलब में आपको खुद को मज़ा देते हुए देखना चाहता हूँ.माँ -हम्म्म इतनी इच्छा हो रही है खुद की माँ को मज़ा लेते हुए देखने की?में -हाँ प्लीज. आई लव यू. .इतना कहते ही माँ ने अपना गिलास टेबल पर रखा और टेबल से पॉपकॉर्न उठा कर मेरे बगल में आकर बैठ गयी मैंने सोचा अब तो माँ शायद मान गयी और मेरा लंड और ज़ादा तन गया. माँ ने फिर अपने दोनों पेअर टेबल पर एक के ऊपर रखा और कहा -तुम खुद को मज़ा दो में देखूंगी.में -में तो कर ही रहा हूँ आप देख ही रहे हो आप भी करना. इतने में माँ खुद को थोड़ी नीचे को करके बैठी और अपने जांघो को थोड़ा फैला दिया. में उन्हें देख रहा था और वो मुझे देख मुस्कुरा रही थी. कितनी नॉटी मुस्कराहट थी वो.

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फिर वो अपने एक हाथ से अपने बेबीडॉल को थोड़ा ऊपर की और अपने पेंटी के ऊपर से अपने चूत के ऊपर सहलाने लगी. वो अपनी नज़र मेरे आँखों से हटा ही नहीं रही थी. उन्हें शायद इस बात का ज़ादा मज़ा आ रहा था की में किस तरह उन्हें देख रहा हूँ.
फिर सहलाते हुए उन्होंने पुछा -क्या हुआ मज़ा आ रहा है क्या देखने में?में -हाँ बहुत. इतना मज़ा तो खुद को मज़ा देने में भी नहीं आया.इतने में माँ ने अपने दूसरे हाथ से अपने टांग को एक तरफ खींचा और दूसरे हाथ से अपनी चूत के दाने को सहलाने लगी. उनके मुँह से हलकी सी मोअन निकली. मेरा हाथ थोड़ा तेज़ चलने लगा अपने लंड पर. टीवी के धुंदली लाइट में चूत पूरा तो नहीं दिख रहा था पर गीलेपन से चमक ज़रूर रही थी जिससे पता चला की अब तक माँ की चूत कितनी गीली हो चुकी थी.माँ -आह राहुल तुम कितने बुरे हो. देखो में क्या कर रही हूँ.में -इसमें कुछ बुरा नहीं में भी तो कर रहा हूँ. बस मज़ा करो.फिर वो अपनी चूत को थोड़ा ज़ोर ज़ोर से रगड़ने लगी और आहे भरने लगी तो मैंने मौका अच्छा समझा और कहा -खुद को अपने हाथो से मज़ा देने में उतना मज़ा नहीं आता. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

माँ -आअह्ह्ह तो किस्मत आता है राहुल ममम बोलो.में -जब किसी और का हाथ आपको मज़ा दे तब ज़ादा मज़ा आता है.माँ समझ गयी की मेरा क्या मतलब है और अचानक से रुक जाती है और बोलती है.माँ -तो कोन करके देगा मुझे मज़ा? तुम?में -हा में माँ. एक चांस तो दे कर देखो आप बस लेट कर मज़े लो और में सारा काम कर दूंगा. फील लिखे प्रिंसेस.

मेरी फील लिखे प्रिंसेस वाली बात शायद उन्हें भा गयी और वो एक ही झटके में अपनी पैंटी को खींच कर निकाला और मेरे मुँह के तरफ फेक कर अपनी टाँगे फैलाकर लेट गयी और मुझे देख मुस्कुराते हुए अपनी आंखे बंद कर ली.ग्रीन सिग्नल मिल गया तो देर किस बात की थी मैंने खुदको उनके तरफ होकर सेट किया और फिर शुरू हो गया. पहले धीरे से उनके चूत के गीले दाने को रगड़ा मेरे छूते ही उनके मुँह से आह निकल गयी.

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मैंने धीरे धीरे उनके चूत को अचे से मस्सगे किया अपने उंगलिया को पहाड़ पडते हुए उनकी चूतकी होंटो को टटोलने लगा तो वो और भी मोअन करने लगी. वो अपनी आंख खोल ही नहीं रही थी शायद वो मुझे देखना नहीं चाहती थी उनके चूत से खेलते हुए. पर मुझे क्या में धीरे धीरे उंगलियों को रफ़्तार देने लगा और उनके सिसकारियों की आवाज़ भी उसी रफ़्तार में ऊँची होने लगी पर इतनी ज़ादा नहीं की पुरे कमरे में गूंजे. उनकी चूतसे और पानी आता जा रहा था और मेरी उंगलिया उनके रस से सनसना रही थी सही टाइम आते ही मैंने एक ऊँगली उनके चूत में धीरे से डाल दिया.माँ -आआआआह राहुल ह्ह्ह्ह क्या कर रहे हो और करो.मैंने थोड़ी देर एक ऊँगली अंदर बहार किया और फिर दूसरा डाला. अब दो उंगलियों से माँ को चोद रहा था और कभी कभी उंगलियों को अंदर ही गोल गोल घूमता.माँ -ओह राहुल योर सो गुड. आअह! कहा से सीखा ये सब और करो रुकना मत.Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

में -बस आप आगे आगे देखो.मैंने फिर मौका सही समझा और देर न कर के तीसरी ऊँगली भी दे डाली अंदर और अब मेरी तीन उंगलिया चूतके अंदर चल बुला रही थी और अंदर हर जगह रगड़ मार रही थी.माँ -आह राहुल… और और और करो वैसे ही. रुकना मत.उनके हर शब्द में मुझे मनो रिचार्ज मिल रहा था और उनको और मज़ा दे रहा था. कभी तीन उंगलियों को गोल गोल घूमता तो कभी उनके ग-स्पॉट को खुजलाता फिर तीन उंगलियों को अंदर बहार करता.

माँ बेबीडॉल के ऊपर से अपने बूब्स को दबाते हुए बोली -यस! यस! यस! वैसे ही अंदर बहार करो फ़क में और फ़ास्ट करो. मेरा आ रहा है और करो.इतना सुनते ही मेने स्पीड बड़ा दी पर जिस पोजीशन में में बैठा था उस पोजीशन में मेरे हाथ थकने लगे पर में रुकना नहीं चाहता था और इसी लिए चूत को फिंगर फ़क करते हुए ही में उठा और उनके सामने आकर उनके कंधे पर हाथ रखा और ज़ोर ज़ोर से ऊँगली को ऊपर नीचे हिलने लगा. उनकी चूत काफी खींच गयी थी और ऊँगली काफी गहराई तक जा रही थी. वो अपने कूल्हों को उठा उठा कर मुझे और अंदर डालने को इशारा दे रही थी.

मैंने अपना पूरा ज़ोर लगा दिया. पुरे कमरे में उनकी चूत से निकली पानी की चाप चपाहट सुनाई दे रही थी साथ ही पूरा रूम उनकी चूतकी खुसबू से महक रही थी. एक हलकी टॉयलेट जैसी खुशबू थी.माँ – राहुल ऍम गोना छुम. मैं छूटनेवाली हु ..!!!!!!!!इतने में वो झटके खाने लगी और ज़ोर ज़ोर से मेरा नाम लेकर सिसकारी मारी. उनका पूरा बदन कापने लगा और कूल्हे झटके कहते हुए इधर उधर जाने लगी पर माँ को ऐसे देख मेरे हाथ रुकने का नाम नहीं ले रही थी और में और ज़ोर से ज़बरदस्ती उंगलियों को अंदर मारे जार अहा था तो कभी चूत को ऊपर खीचता. उनसे रहा नहीं गया और आखिर कर उन्होंने मेरे हाथ को अपने दोनों हाथो से पकड़ कर रोक दिया. उनकी पकड़ इतनी मज़बूत थी की में और नहीं कर पाया और मैंने उन्हें छोड़ दिया.
अगले पांच मिनट के लिए माँ वैसे ही पड़ी रही मानो उनमे जान ही नहीं. Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

मैंने अपने हाथो को देखा तो पूरा हाथ लॉस लेस गम जैसे पानी से सना हुआ था.मैंने अपने हाथ उनके कपड़ो के ऊपर बूब्स पर साफ कर दिया मौका पाकर बूब्स को दबाया भी लेकिन माँ बस बेजान खिलौने के तरह पड़ी रही. फिर कुछ 5-6 मिनट बाद माँ उठ कर सीधी बैठ गयी जांघो को आपस में बंद कर के. उनकी आंखे नशे से गीली हो गयी थी और उनका ऑय लाइनर पुरे आंख के अगल बगल में फ़ैल गयी थी.

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वो मुझे देख मुस्कुरायी और फिर हसने लगी फिर अपने सर पर हाथ रख कर ज़ोर की साँस छोड़ते हुए बोली -उफ्फफ्फ्फ़!!!! यू किल्ड में राहुल.में -माज़ा आया की नहीं बोलो.माँ – है है! तो अब बताओ आप मेरी गर्लफ्रेंड बनोगे.
में -हैंड में इतना मज़ा तो सोचो ये कितना मज़ा देगा.मैंने अपने लंड को हिलाते हुए कहा तो उन्होंने मेरे लंड पर एक मारा और उठ खड़ी हुई. खड़ी हुई तो ऐसे खड़ी होकर खुद को बैलेंस करने लगी मनो उन्होंने थोड़ी पी रखी हो.में -कहा जा रहे हो?माँ -बहुत ज़ोर की टॉयलेट लगी है में जाकर आती हूँ.माँ लड़खड़ाते हुए सोफे को पकड़ पकड़ कर टीवी के लाइट में बाथरूम को गयी.में मन ही मन सोचा की इसके बाद अब माँ के साथ सेक्स भी करूँगा और यह सोच अपना लंड हिला कर रेडी करने लगा तभी कुछ देर में माँ आयी इस बार वो ठीक से चल रही थी और मेरे पास आकर झुकार मेरे पेअर के पास पड़ा उनका थोंग उठाया और मेरे सामने पहनने लगी.में -अब ये क्यों पहन रही हो?माँ ने कुछ जवाब नहीं दिया और कमर हिलाते हुए पेंटी को पहना और टेबल से अपना कोल्ड ड्रिंक उठा कर एक ही बार में पूरा पी गयी मनो उन्हें बहुत प्यास लग रही थी.

फिर माँ ने मुझसे कहा -बहुत लेट हो गयी है एंड ऍम रियली टैरेड में सोने जा रही हूँ.में -व्हाट? रियली सोने जा रही हो?माँ -हाँ बाई गुड़ नाईट. तुम भी जल्दी सो जाओ.इतना कहते हुए हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब वो पलटी और अपने रूम को जाने लगी.में -माँ इतस नॉट फारे. आपका तो हो गया पर मेरा….?माँ ने कुछ जवाब नहीं दिया और जब वो अपने रूम के डोर तक पहुंची तो सर मुड़ा कर बोली मा -बेटा बस ये सोच कर आज खुद को मज़ा दो की अगले 3 दिन हम दोनों घर में अकेले है सोचलो.इतना कहते हुए माँ अपने रूम को गयी डोर बंद हुआ और लाइट ऑफ हुआ. पर जो वो बोल कर गयी सचमे मेरे अंदर करंट दे दिया और में अपने रूम जाकर उन्हें और Apni Sagi Maa ki Chudai ki khule me

उनकी अगले 3 दिन अकेले होने वाली बात सोच कर 2 बार मुठ मरकर सो गया. उम्मीद करता हु आपको अभी ये कहनी थोड़ी पसंद नहीं आ रही होगी लेकिन अगले भाग मे देखना कैसे मैंने अपनी माँ को छुड़ा फिर पापा भी आ गए थे और मैं अपनी माँ को चोद रहा था.

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