By | December 28, 2022

sasur aur bahu ki chudai:-हैलो दोस्तो, मेरा नाम आशा है. में 22 साल की हूँ नागपुर में रहती हूँ. मेरी शादी घरवालो की मर्ज़ी से हुयी थी .ये कहानी एक साल पहले की है जब मेरी नयी नयी शादी हुई थी. मेरे घर मैं मेरे पति(30 साल) ससुरजी (56 साल) और मैं रहते है. मेरी सास 10 साल पहले ही गुज़र गयी. पापा की दोस्त आंटी को जबर्दस्ती चोदा 3

मेरे ससुरजी तब से सेक्स केलिए बेकरार थे.मेरे पति मुझसे बहुत प्यार करते है. उनकी नौकरी मार्केटिंग है उनको शहर से बहार जाना पड़ता है. एक बार उनको मुंबई जाना पड़ा काम से 6 दिन के लिए.

मेरा मन नहीं लग रहा था उनके बिना. चुदाई भी मिस कर रही थी.घर मैं मेरे ससुरजी और में अकेले थे. वह इस उम्र मैं भी हट्टे कट्टे है. मुझे हमेशा ताड़ रहे थे जबसे मेरी शादी हुई. रात को दूध लेके उनकी बैडरूम मैं गयी. उन्होंने दरवाज़ा लॉक नहीं किया था. वह अपनी लंड को हिला रहे थे.

Sasur aur bahu ki chudai

उनकी मोबाइल पे सेक्स फिल्म चल रही थी। मैं हैरान हो गयी. उन्होंने मुझे देख लिया. मैं जाने लगी. उन्होंने बोला “आशा अंदर आजाओ. तुमसे बात करनी है बेटा”. मैं अंदर गयी और उनको दूध दिया.हम दोनों थोड़ी उनकंफर्टबले थे. सेक्स फिल्म अभी भी चल रही थी उसमे एक मर्द एक लड़की को चोद रहा था ऑफिस में. sasur aur bahu ki chudai:

Sasur bahu ki chudai ki kahani

ससुरजी (स) :देखो बेटा मैं अकेला हूँ. कोई स्त्री ला सम्बन्ध नहीं है. मुझे सम्बोघ करने के लिए कोई नहीं है. मेरे पास इतनी पैसे भी नहीं है की कोई रंडी को बुलाके सेक्स करू. इसीलिए मैं ऐसे वीडियो देख के अपने आप को शांत करने की कोशिश करता हूँ.

मैं उनकी बातें सुनती रही. मुझे उनके लिए बुरा भी लगा.
आशा तुम इस बारें में भूल जाओ. किसी को मत बताना. (आशा) – नहीं बताउंगी उंक्लेजि. में आपकी मजबूरी समझ सकती हूँ. नहीं बेटा तुम मेरी मजबूरी कैसे समझ सकती हो? उंक्लेजि वह….स: शर्माओ मत बेटा. बोलो आशा: जस्ट वह आप अकेले है तोह ऐसे करना पड़ता है

स: आशा मैं एक बात बोलू? बोलियेन में उनसे नज़र नहीं मिला पा रही थी.
स: आशा अगर तुम चाहो तोह मेरी हेल्प कर सकती हो. कैसे उंक्लेजि , मैं आपकी मदत कैसे कर सकती हूँ?
स: तुम बोहोत भोली हो आशा.उन्होंने मुझे बेड पे अपने पास बैठ .उन्होंने अपना लंड को बहार निकाला. मैं इतना बड़ा लंड पहली बार देख रही थी. वह 9 इंच लंबा था और मोटा भी था.

स: इसको अपने मुँह में लेके शांत करो बेटा
मैं हैरान हो गयी. कुछ बोलने का हिमत नहीं था. उनको चूसने का मन केआर रहा था। पर डर लग रहा था.
स: बेटा तुम अपने मुँह में ले लो. मना मत करना. मैं किसी को नहीं बताऊंगा डरो मत बेटा.उन्होंने अपने लंड को मेरे मुँह डाल दिया मैं चूसने लगी. उनको मज़ा आने लगा.

Sasur bahu ki chudai hindi mein

स: और ज़ोर से और ज़ोर से चूसो बेटा. अअअअअ ममममें 20 मिंट चूस रही थी. उनका लंड बहुत हार्ड हो गया था. उन्होंने मुझे किश किया. मेरे बूब्स को दबा रहे थे. मुझे भी अच्छा लगने लगा.मेरी साड़ी को उत्तार दिया. मेरी ब्लाउज और पेटीकोट को भी -मैं आधी नंगी थी. मेरे मुम्मे को ज़ोर से प्रेस कर रहे थे. sasur aur bahu ki chudai:

स: इतना जल्दी है चुदने के लिए. है हां: उंक्लेजि ऐसा नहीं. मुझे जाने दीजिये न.
स: अभी तोह शुरू हुआ है. मेरी बात मनो बेटा. बिस्तर लेट जाओ बेटा मै उनकी बिस्तर पर लेट गयी . वह मेरी ब्रा और पंतय को भी निकाल दिया .

स: आशा तुम कितनी सुन्दर हो. क्या साइज है तुम्हारा: ही वह 36.
वह मेरी बदन को किश करने लगे. मेरे मुम्मे को चूस रहे थे. उनकी हाथ मेरी चुत मसल रहे थे. मुझे मज़ा आरहा था.अअअअअ उंक्लेजि आप क्या कर रहे हो. जाने दोना मुझे. आअह्ह्ह। ससुर : नहीं बेटाअभी नहीं. मेरा लंड तुम्हारी चुत के लिए तरस रहा है.वह मेरी चुत चाटने लगे. में बहुत वेट हो रही थी. मुझे भी उनका लंड चाहिए था.

Bahu ki chudai story

मैं उनकी लंड को मुँह में ले लिया. 5 मिंट तक चुस्ती रही. उन्होंने मुझे लेटा दिया और उनकी लंड मेरी चुत में डाल दिया : आआ उंक्लेजिस: कितनी टाइट है बेटा. आज इसको बड़ा करता हूँ…वह मुझे चोदने लगे. हम दोनों को मज़ा आरहा था.

स: आशा अअअअअ. तुम कितनी अच्छी हो बेटा. मेरे बात को मान रही हो.आपकी बात मानना मेरा फ़र्ज़ है आप मेरे से बड़े है
स: दस साल बाद मेरे लंड को चुत मिला है. बहुत मज़ा आरहा है आशा अअअअअ आअह्हह्हआआ: मुझे भी मज़ा आ रहे उंक्लेजि आपकी लंड।

से. अअअअअ अअअअअस: आज से मेरी रंडी बन जाओ बेटा उमंमा: हाँ उंक्लेजि आप मुझे आपकी रंडी बनालो. आप जब चाहे मुझे बुलाके चोद सकते हो… अअअअअ ुईयास: तुम कितनी अच्छी बहु हो आशा… आअह्ह्ह्ह ास्स्सहाए अअअअअ तुम्हारे इस रसीले चुत से मेरी लौड़े की प्यास भुजाओ।

आशा: हाँ उंक्लेजि आप अपनी प्यास भुजाओ अअअअअ मेरा बेटा कितना लकी है तुम्हारे जैसे चुत मिली है हाहा: आआहास: कल से तुम इस घर में सिर्फ ब्रा और पंतय पहनके घूमोगी. आएका आशा…. आआ क्या चुत है तुम्हारिअ: हाँ उंक्लेजि आप जैसा बोले वैसा ही करूंगी अअअअअ में आ रहा हूँ आशा.. अअअअअ.. तुम्हारी चुत में ही निकलूंगा। sasur aur bahu ki chudai:

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आशा अअअअअ.ा: जी उंक्लेजि आप मेरे साथ जो चाहे कर सकते है आआ यह अअअअअ में आपकी रंडी बन चुकी हूँ उंक्लेजि अअअअअ आऔन्होने मुझे जमकर चोदा. आधे घंटे के बाद अपना रास निकला मेरी चुत मैं. बहुत मज़ा आया. 6 दिन चोदते रहे मुझे. अपनी प्यास भुजते रहे.तब से वह मुझे हर दिन चोदते है.

उनको मेरा रसीला बदन अच्छा लगता है. मुझे भी उनके लंड को शांत करना अच्छा लगता है. अब मेरे दो पति है.मेरे पति जब शहर से बहार जाते है तब दिन रात मेरी चुदाई होती है. कभी कभी मेरे ससुरजी अपने फ्रेंड्स या भाई को भी बुलालेते है और मेरे साथ ग्रुप सेक्स करते है. मुझे ग्रुप सेक्स करना बोहोत अच्छा लगता है. वह कहानी मैं आपको फिर कभी बताऊंगी. में बहुत लकी हूँ जो मुझे ऐसे ससुरजी मिले. sasur aur bahu ki chudai:

आपको मेरा ये कहानी कैसा लगी कमैंट्स में लिखिए.

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