By | April 15, 2023

Sasur bahu ki chudaai: हैलो दोस्तो,  मेरा नाम सारा अंसारी है मैं पुणे में रहती हु और 24 साल की हु मैं जानती हु की आप सब उत्सुक है तो मैं बता देती हु की मेरा फिगर साइज है 36-30-38 कहानी शुरू करने से पहले मैं अपना बैकग्राउंड बताती हु।

राजेश को लेकर अपने कमरे में आ गयी वह अपनी बीवी की गांड चुदाई देख के दुखी भी था और उत्तेजित भी राजेश को 1 पेग पिने को दिया और उसके कपडे उत्तार के निप्पल चूसते हुए लंड को हिलाने लगी।

Sasur bahu ki chudaai

अब राजेश जोश में आ गया और बोला: 

राजेश: भाभी आप बहुत अच्छी हो”और मुझे कहा की वह मेरे हाथ बांध के सेक्स करना चाहता है मैं तैयार हो गयी हाथ बांधते ही राजेश के व्यवहार में कड़कपन आ गया वह चूहा अब शेर बन रहा था।

मेरे सारे कपडे उतारते हुए बोल:

राजेश: रंडी तेरे ससुर की हरकतों का सारा बदला तुझे ही चुकाना होगा”मेरे बूब्स पे भूखे शेर की तरह टूट पड़ा ज़ोर ज़ोर से दबाता हुआ बोल: 

राजेश: बहन चोद  इतने बड़े है मन तो करता है काट के अपने साथ ले जाऊं” मुझे अच्छा लगा सुनकर लेकिन मैं गिड़गिड़ाने लगी उसकी बीवी की तरह ही ताकि उसके मन को शांति मिले। Sasur bahu ki chudaai

Bahu sasur ki chudai

मेरे बूब्स को धीरे से ही दांत गड़ता मैं ज्यादा जोर से चीखती रही ताकि इतने पे ही रुक जाये और धमकियाँ भी देती रही:

मैं: “कुत्ते तुझे सबक सिखाऊंगी ससुर को बोल के” वह भी गालियां देते हुए मेरे बूब्स को मसलता रहा और निप्पल को चुस्त हुआ लंड अंदर घुसा दिया।

एक झटके से मैंने उसको उत्तेजित करने के लिए जानभूझ कर नौटंकी की और मोअन किया जोर जोर से मुझे उल्टा किया और बोला:  

राजेश: “तेरी गांड मारूंगा जैसे तेरे ससुर ने मेरी बीवी की मारी है” मैंने डर का नाटक करते हुए गिड़गिड़ाना जारी रखा और वह मेरी गांड में लंड घुसेड़ के सुरु हो गया।

मैं भी चीखने की नौटंकी करती रही अंदर ही झाड़ दिया राजेश ने और हाथ खोल दिए।

मैंने गुस्सा से दिखते हुए एक थप्पड़ मारा राजेश का जोश ठंडा हो चूका था माफ़ी मांग रहा था।

मैंने भी डरते हुए से कहा:

मैं: जो भी हुआ चुप रहो ससुर को पता लगा तो मुझे घर से निकाल देंगे”

मेरा ये डर देख कर राजेश को आश्वासन मिल गया की मेरे साथ कुछ भी वह करेगा तो मैं खुद ही किसी को नहीं बोलने वाली उसको ये भी पता था की मैंने उसको घर पे रखा है।

मगर ये बात ससुर को नहीं मालुम है हम दोनों खाना खा चुके थे और टीवी देख रहे थे रात के 10  बज़ चुके थे।

राजेश ने ब्लाउज फिर से खोल दिया मना करने के बावजूद और बूब्स से खेलता रहा 10-15  मिनट में ही दोनों गरम हो गए राजेश ने जबरन मेरा पेटीकोट खोला और मना करने की नौटंकी के बाद भी मेरी चुदाई सुरु कर दी. Sasur bahu ki chudaai: है 

Bahu aur sasur ki chudai

मेरी नौटंकी को सच समझ के बहुत खुश था।

मैंने कहा की- “मेरी चुत को तुमने सुजा दिया है” 

राजेश – “जब तेरा ससुर मेरी बीवी को छोड़ेगा तब ही मैं भी छोडूंगा तुमको” सुबह ही 4 बजे उठ के मेरी सवारी की और हम दोनों छुप के देखने आयी की ससुर के रूम में क्या चल रहा है?

ससुर नींद में था और सुमन अभी जगी ही थी दोनों ही नंगे थे सुमन ने दोनों हाथ पीछे करके अपने बालों को ठीक किया तो उसके दोनों छोटे छोटे बूब्स चमक रहे थे।

जिसपे कटे हुए के लाल निशान साफ़ दिख रहे थे सुमन खुद से ही ससुर का लंड हिलाना सुरु किया तो ससुर की भी नींद टूट गयी और कल तक जो सुमन तड़प रही थी अब उसका रवैया उल्टा था। Sasur bahu ki chudaai:

वह खुद चुदवाने के लिए तैयार थी वह खुद ही लंड पे बैठ गयी और हस्ते हुए सुमन कह रही थी की: 

Sasur ki chudai ki kahani

सुमन: “आपने मुझे नया मज़ा दिया जो की पति नहीं दे सकता था और आज का ही दिन है इसलिए मुझे मज़ा लेने दो लेकिन प्लीज दांत से मत काटना

ससुर जी: “अरे नहीं पगली तू जितना चाहे लंड ले ले मेरा आज तुझे तकलीफ नहीं दूंगा तेरी गांड में आराम आया?”

सुमन- “हाँ”और उलटी हो के गांड के अंदर भी ग़ुस्सा के उछलने लगी मैंने राजेश की तरफ देखा वह अचंभित था और मेरे रूम की तरफ जाने लगा पीछे पीछे मैं भी राजेश ने बताया की उसकी बीवी तो बेशर्म हो चुकी है कल तक कुतिया रो रही थी और आज खुद ही उछल उछल के ले रही है।

मैंने ससुर वाली बात दोहरा ते हुए समझाया की ज़िंदगी है मज़े लो उसको भी लेने दो राजेश कपडे पहन के हॉल में बैठ गया मैंने ससुर के सेक्रेटे नंबर पे फ़ोन करके बताया की राजेश आया है ससुर ने इंतज़ार के लिए कहा और 30  मिनट बाद अपने रूम में बुलवा लिया।

सुमन सलीके से कपडे पहने हुए थी और ससुर भी सुमन ऐसे बैठी थी की मानो बहुत पीड़ित हो और जल्दी से वहां से निकल जाये राजेश चला गया अपने घर फिर ससुर मेरे पास आयी तो मैं उनके गले में हाथ डाली तो बोले:

ससुर जी: “आज और बर्दास्त करो सुमन तो रोज़ रोज़ नहीं मिलेगी”मैंने बताया की मैं वैसे भी पीरियड्स में आ चुकी हूँ 3 दिन  तक नहीं मिलने वाला मुस्कुरा के ससुर रूम में चले गए और सुमन को दिन भर में पता नहीं कितनी बार किया।

लेकिन रात को वापस भेज दिया राजेश के साथ रात को मुझे बुलाया और कहा की पूरा थक चूका हूँ और सुमन की ज्यादा चुदाई की वजह से लंड में जलन थी। Sasur bahu ki chudaai:

Bahu sasur ki chudai ki kahani

मैंने आयल लगाया और दोनों एक दूसरे को किश करते हुए सो गए अगले दिन ससुर सुबह जल्दी ही निकल गया और रात को मेरी गांड में धक्के लगाए बहुत ही मज़ा आया।

लेकिन आगे की प्यास अधूरी थी क्यूंकि पीरियड्स थे इस तरह 6-7 दिन और बीत गए मेरा पति और देवर विक्की वापस आ गए थे।

इसलिए अब सलीके और कायदे से ही रहना था ससुर 6 बजे ही आ गए और हम दोनों ने एक राउंड किया 7  बज चुके थे।

ससुर ने कहा: “सुबह 4 बजे आ जाना अभी अपने पति के पास सो जाओ” पति और देवर के साथ खाना खाया देवर का स्टडी टाइम था 1 घंटे का वह चला गया।

फिर पति ने मेरे साथ मस्ती सुरु की मैं उदास ही रही कुछ भी नहीं बताया लेकिन जब उसने ब्लाउज खोला तो बूब्स पे कटे हुए ताज़ा निशान देख कर दुखी होते हुए पुछा:

पति: “पापा ने काटा?” जवाब हाँ मिला तो चुप रह गया और सहलाने लगा।

मैंने रो रो कर बताया की -“तुम्हारे बाप ने मेरी 7  दिनों तक जम के चुदाई की आगे और पीछे से” फिर खुद ही कहा – “जो हुआ सो हुआ घर की बात बहार करना भी ठीक नहीं और हालत से समझौता करना ही बेहतर है” 

पति और मैं नार्मल हो गए और हुब्बी ने अपना छोटा सा 4 इंच का  लंड डाल के झड़ गया, दोनों ने ही कपडे पहन लिए मैं सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में ही थी देवर ने दरवाज़ा नॉक किया और कहा मुझे डर लग रहा है।

Bahu or sasur ki chudai

 मेरे रूम में शायद चूहा है पति ने कहा यही सो जा सुबह देख लेंगे। Sasur bahu ki chudaai:

मैंने किनारे में सोने से मना कर दिया की रात को गहरी नींद आती है पलंग छोटा पड़ेगा 3  के कारन और गिरने का डर रहेगा दोनों भाई बात मान गए और मैं बिच में सोयी मुझे मालूम था विक्की की नज़र मेरे पेट पे रहती है और हाथ भी रखता है।

इसलिए पेटीकोट को ऊपर ही बाँधा था पेट पे और ब्लाउज के निचे का सिर्फ एक बटन खुला छोड़ा। तीनो ही सोने लगे विक्की बेचारा शर्माता हुआ सा थोड़ी दुरी बना के सो रहा था तोह मैंने ही कह दिया:

मैं: “गिरेगा तो सर फुट जाएगा” और उसको बगल में खिंचा तो वह सरक गया मेरी तरफ मुँह करके मैं सीधी हो गयी और विक्की ने एक हाथ मेरे पेट पे रख दिया।

हलकी रौशनी थी सब कुछ दिख ही रहा था पति ने फुसफुसाते हुए कहा तेरे पेट पे हाथ रखा है विक्की ने,  पति को जलन सी हुई मैंने आराम से जवाब दिया विक्की को भी सुन रहा था. 

मैं: “भाभी हूँ इसकी पेट पे हाथ ही तो रखा है होली में तो रंग भी लगाएगा” विक्की को सहमति मिल गयी थी पति तो सो गया और हम दोनो देवर भाभी हंसी मज़ाक कर रहे थे।

मैंने मज़ाक में गुदगुदी की तो विक्की ने भी पेट में गुदगुदी की ऐसे ही चलता रहा और मैं आखें बंद कर नींद लेने की चेस्टा की विक्की ने 2-3  बार कुछ कुछ पुछा तो मैं चुप रही। Sasur bahu ki chudaai:

Bahu sasur ki chudai kahani

विक्की ने पेट हिलाया धीरे से की मैं जगी हुई हूँ की नहीं मुझे बात करने का मूड नहीं था इसलिए कोई भी उत्तर नहीं दिया।

अब  विक्की पेट पे हाथ घुमाने लगा मुझे अच्छा लगा फिर धीरे से हाथ घूमते हुए ऊँगली से पेटीकोट को मामूली सा निचे खिसकाया अब इस तरह से 1010 मिनट तक खिसकते हुए नाभि को बहार कर दिया।

नाभि से निचे खिसकते ही पेटीकोट भी ढिल्ला हो गया था इसलिए 3 इंच तक पेटीकोट खिसक गया।

नाभि के ऊपर से हाथ घुमाया चोरी चोरी से तो अजीब सी ज़हूर ज़हूरी सी हुई और रोमांच भी नाभि के अगल बगल रह रह कर ऊँगली घुमा रहा था।

अब पेटीकोट निचे खिसकने पर पेट भी काफी ओपन हो चूका था तभी एक ऊँगली थोड़ी सी नाभि के अंदर डाला और तुरंत निकाल लिया मेरे लिए ये तज़ुर्बा बिलकुल नया और मज़ेदार था।

अब नाभि में कुछ ऐसी सी हलचल होने लगी की मन हुआ की वह जल्दी से पूरी ऊँगली भीतर कर दे, अब विक्की ने 2-3  बार के बाद नाभि में अपनी पतली वाली ऊँगली पूरी ही ग़ुस्सा दी थोड़ा रुक के हिलाने लगा।

Sasur ki chudai kahani

फिर फर्स्ट ऊँगली को डाला रुक रुक कर ऊँगली हिलाये जा रहा था मुझे भी मज़ा आ रहा था उसको पक्का यकीं हो गया था की मेरी नींद वाकई बहुत गहरी है पेट के ऊपर हाथ घूमता हुआ ब्लाउज के निचे की साइड से उभर को ऊँगली से टच किया और हलके हलके से बहार खींचता रहा 15  मिनट तक बहुत मज़ा आ रहा था।

अब  निप्पल छोड़ के करीब बूब्स के आधे बूब्स बहार आ चुके थे इस वजह से ब्लाउज टाइट महसूस हो रहा था और उसके लगातार खींचने पे दर्द हुआ अब उसको रोकना ज़रूरी हो गया था।

इसलिए मैंने पहले तो पति की तरफ मुँह करके करवट ली और खांसने लगी विक्की तुरंत से आखें बंद कर सोने का नाटक करने लगा।

अब पति  की नींद कच्ची थी वह तुरंत उठ के स्विच ऑन भी कर दिया।

मेरे कपडे अस्तव्यस्त थे देख भी लिया और मुझे पानी पिलाते हुए अपने हाथों से ही बूब्स को ब्लाउज के अंदर किया अब हम तीनो ही सो गए थे । Sasur bahu ki chudaai:

बाकि अगले भाग में 

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