By | March 20, 2023

Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne: हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर है ये कहानी मेरे दादा और मम्मी की चुदाई की है  दादा जी कैसे मम्मी के दूध चूसते थे तो मेरा भी मन करता था और दादा जी मम्मी का पूरा बदन चाट चाट के गीला कर देते थे जिसे देखकर मेरा लंड पागल हो जाता था और मम्मी की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था

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Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne

मम्मी को भी घर में एक नया लंड मिल गया था अब पापा के न रहने से उनके कोई फरक नहीं पड़ता था वह हर रात दादा जी के पास जाती थी और दादा जी उनकी गरम चूत को शांत कर देते थे फिर वो मेरे पास आके सो जाती थी दादा जी को माँ की चुदाई करते 1 महीने से ज्यादा हो गया था और अब मैंने भी सोच लिया था की मम्मी को एक नया लंड देने का टाइम आ गया है अब मम्मी घर में मैक्सी पहन के ही रहती थी दादा जी भी आते जाते मम्मी की गांड दबा देते थे

एक दिन मैं और मम्मी नाना जी के घर गए क्युकी नाना जी की तबियत ठीक नहीं थी दादा जी को अच्छा तो नहीं लग रहा था मगर मज़बूरी थी इसीलिए मम्मी ने दादा जी का खाना बना दियाऔर फिर मैं और मम्मी नाना जी के घर निकल गए बाइक से 2 घंटे में नाना जी के घर पहुंच गए मगर पुरे रास्ते मैंने कई बार ब्रेक लगाए और मम्मी के बड़े बड़े दूध का बहुत मज़ा लिया.

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फिर नाना जी के घर सब हमें देखकर बहुत खुश हो गए नाना जी के घर पर नाना नानी मामा और मामी और उनके 2 बच्चे रहते है हमारा सारा दिन ऐसी ही निकल गया और फिर रात को मैं और मम्मी 11 बजे लेटने गए, मम्मी ने मैक्सी पहनी हुई थी मगर आज उन्होंने ब्रा और पेंटी भी पहनी हुई थी मम्मी लेटे लेटे कुछ सोच रही थी की शायद उन्हें दादा जी की याद आ रही थी मेरे लिए यही सही टाइम था सब सो चुके थे,  Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

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मैं -क्या हुआ मम्मी आप कुछ सोच रही हो?

मम्मी: हा  बेटा बस यही सोच रही हु थी की तेरे दादा जी वहा अकेले है।

मैं:- मम्मी एक ही रात की बात है कल तो आपने उन्ही के पास जाना है वैसे मम्मी मुझे आपसे एक बात पूछनी है।

मम्मी-हा  पूछो बेटा क्या पूछना है?

मैं – पहले आप मेरी कसम खाओ की आप ये बात किसी से नहीं कहोगी।

मम्मी – बेटा ऐसी क्या बात है? जिसके लिए तू कसम खिला रहा है

मैं – मम्मी प्लीज पहले कसम खाओ।

मम्मी – अच्छा बाबा ठीक है तेरी कसम किसी से नहीं कहूँगी, मैंने बहुत हिम्मत करके मम्मी से डायरेक्ट बोल दिया।

मैं – मम्मी आप पापा के लंड से ज्यादा खुश हो या दादा जी के लंड से? मेरे मुँह से ये बात निकलते ही मम्मी उठ के बैठ गयी और कुछ देर मेरी तरफ ही देखने लगी मम्मी के चेरे का रंग सफ़ेद हो चूका था।

मम्मी – ये क्या बकवास कर रहा है? तेरी हिम्मत कैसे हुई ये बात बोलने की इसी लिए तुझे पढ़ा लिखा रहे है ताकि तू ऐसी बाते सीखे, मम्मी ने मुझे थप्पड़ मरना चाहा मगर मैंने उनका हाथ पकड़ लिया।

मैं – मम्मी अब ज्यादा ड्रामा दिखाने की जरुरत नहीं है मैं जनता हु रोज रात को मेरे सोने के बाद आप दादा के पास जाती हो और वहा आप दोनों चुदाई का खेल खेलते हो, मम्मी समझ गयी थी की मैं सब जान गया हु उनका चेरा उतर चूका था और उनकी आँखों में आशु भी आ चुके थे तभी मैंने उनके आशु पूछे। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मैं – मम्मी आप टेंशन मत लो मैं ये बात पापा को नहीं बताऊंगा मैं जनता हु पापा आपसे दूर रहते है और आपको भी उनकी कमी महसूस होती है।इसी लिए आपने दादा जी के साथ ऐसा किया है वैसे आपने सही ही किया क्युकी मैंने देखा है अब दादा जी ज्यादा खुश रहते है और आपके चेरे पर भी पहले वाली ख़ुशी आ चुकी है मम्मी मेरी बाते सुनती जा रही थी मगर कुछ बोल नहीं रही थी

Sasur bahu ki chudai ki kahani

मैं – मम्मी कुछ तो बोलो आप कुछ कहना चाहती हो तो बोल दो।

मम्मी – अब मैं क्या बोलू बेटा ? मैं तो तुझसे आँखे मिलाने के भी काबिल नहीं रही।

मैं – मगर मम्मी आपने कुछ गलत नहीं किया है जो भी किया है वह घर में किया है किसी बदनामी का भी डर नहीं है

मम्मी की आँखों से आँशु निकल रहे थे जिन्हे मैं बार बार साफ कर रहा था।

मम्मी – बेटा मैं वादा करती हु मैं आज के बाद कभी भी तेरे दादा जी के साथ ऐसा नहीं करुँगी तू बस ये बात किसी को मत बताना।

मैं – मगर मम्मी मैं चाहता हु आप दादा जी के साथ सम्बन्ध बांये रखो, मेरी बात सुनके मम्मी चौक गयी ।

मम्मी – बेटा ये क्या कह रहा है तू?

मैं – हा  मम्मी मैंने देखा है जब दादा जी आपको अपनी बाहो में लेते है तो आप कैसे खिल सी जाती हो और जब वो आपकी चुदाई करते है तो आप कितनी संतोष दिखाई देती हो।

मम्मी मेरी बात सुनके समझ गयी की मैं सब देख चूका हु।

मैं – मैंने कभी भी आपको पापा के साथ इतना खुश नहीं देखा है यहाँ तक की जब वो 2 दिन के लिए आते है तब भी आप परेशां ही रहती हो मगर जब से मैंने आपको दादा जी के साथ देखा है मुझे लगता है की आप उनके साथ ज्यादा खुश रहती हो मैं ये बात किसी को नहीं बताऊंगा ये राज़ सिर्फ आपके और मेरे बीच ही रहेगा आप भी दादा जी से मत कहना और आप दादा जी के साथ खुश रहो पापा तो सिर्फ महीने में 2 या 3 दिन आते है जिसमें वो आपको खुश नहीं कर पाते है आप भी अपनी जवानी का मज़ा लो शायद पापा भी वहा मज़े ले रहे होंगे।

मम्मी – बेटा मुझे बहुत अजीब लग रहा है तू मुझसे ऐसी बाते कर रहा है। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मैं – तो क्या हुआ मम्मी? आप भी तो दादा जी से चूत लंड और चुदाई की बाते करती हो अब मैं भी आपका राज़दार हु मैं जनता हु आप भी खुल के बाते करती हो तो अब मेरे सामने भी कर लो। मम्मी ने कोई जवाब नहीं दिया मगर उन्होंने मुझे गले लगा लिया और मम्मी के मोठे मोठे दूध मेरे सीने में दब  गए।

मम्मी – बेटा मैंने कभी नहीं सोचा था की मेरा ये राज़ तेरे सामने आएगा और तेरे दादा और मेरे बीच ऐसा रिश्ता बन जायेगा, मगर तेरे दादा भी काफी टाइम से अकेले है और मैं भी तेरे पापा के होते हुए भी अकेली हु इसीलिए जब तेरे दादा ने ऐसा किया तब मैं भी खुद को रोक नहीं पायी, मगर मैं नहीं जानती थी की मेरा बेटा ये बात जान जायेगा मगर आज मैं खुश हु की मेरा बेटा मेरी ख़ुशी में खुश है और इतना समझदार है

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मैं – मगर मम्मी अभी भी आपने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया की आप पापा के लंड से ज्यादा खुश हो या फिर दादा जी के लंड से।

मम्मी का मुह शर्म से लाल हो चूका था और वो मेरी तरफ देख भी नहीं रही थी मैं समझ गया था की मम्मी को मेरे साथ खुलने में टाइम लगेगा आखिर थी तो वो मेरी मम्मी ही और एक माँ आपने बेटे से ऐसी बाते कैसे कर सकती है मगर मैंने भी ठान लिया था की मैं मम्मी की चुदाई करके ही रहूँगा, मम्मी नीचे देख रही थी मगर कुछ बोल नहीं रही थी मगर मैं उनसे चुदाई की बाते करना चालू रखा। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मैं – अब बता भी दो मम्मी अब हमारे बीच कोनसा पर्दा है मैं सब तो जान गया हु।

मम्मी – बेटा मैं तेरे साथ ऐसे बाते नहीं कर सकती हु तू मेरा बेटा है।

मैं – मैं समझ सकता हु मम्मी हम दोनों का रिश्ता बहुत अलग है मगर अब हमारे बीच एक राज़दार का रिश्ता भी बन गया है वैसे मम्मी मुझे लगता है आप दादा जी के लंड से ज्यादा खुश हो मैंने आपको दादा जी के साथ देखा था दादा जी कैसे जोर जोर से धक्के लगाते है और आपके मुँह से कैसी आवाज निकलती है मम्मी मेरी बाते सुन सुन के पानी पानी हो रही थी

वह अपने बेटे के मुँह से अपनी चुदाई की कहानी सुन रही थी अजीब तो लग्न ही रहा था, मगर बाते कर कर के मेरा लंड खड़ा हो चूका था जिस पर मम्मी की नज़र भी चली गयी मैंने मम्मी के सामने ही अपना लंड मसल दिया, मम्मी इस सब का सामना कैसे करती इसीलिए वो बोली।

मम्मी – बेटा अब रात बहुत हो गयी है और सुबह हमें निकलना भी है तो हम लोग सो जाते है फिर मैं और मम्मी सो गए मैंने मम्मी के साथ कुछ नहीं किया मगर ये तो सिर्फ शुरुवात थी सुबह हम लोग नास्ता करके निकल पड़े, मम्मी ने अभी तक मुझसे कोई बात नहीं की थी और जब मम्मी के बड़े बड़े दूध मेरी पीठ पर लगे तो मैं समझ गया आज मम्मी ने ब्रा नहीं पहनी है

मैं – मम्मी एक बात पुछु अगर बुरा न मानो तो, मम्मी कुछ देर कुछ नहीं बोली शायद वो मुझसे बात करना टालना चाह रही थी मगर मेरा दिमाग तो मम्मी की गांड में अटका हुआ था फिर मैंने फिर मम्मी से पूछा। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

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मम्मी – हा बेटा पूछो क्या पूछना है?

मैं – मम्मी आपने आज ब्रा नहीं पहनी है क्या दादा जी से मिलने के लिए बेताब हो आप मम्मी ने कोई जवाब नहीं दिया मैं जनता था यही होने वाला है

मैं – मम्मी मैंने आपको देखा है अभी कुछ दिन से आप घर में ब्रा नहीं पहन रही हो वैसे तो आप हमेशा ब्रा पहनती हो क्या दादा जी आपको ब्रा पहनने के लिए मना करते है? मम्मी ने तुरंत मेरी पीठ पर एक थप्पड़ मारा।

मम्मी – बेटा मैं तेरी माँ हु मुझसे ऐसे बाते मत कर क्या कोई बेटा अपनी माँ से ऐसी बाते करता है

मैं – मम्मी अब हमारे बीच माँ बेटे का रिश्ता तो है मगर अब उसमें काफी कुछ बदल चूका है मैं तो बस ये चाहता हु की आप मुझसे खुल के बाते करो वैसे आपके और दादा जी के रिश्ते को कितना टाइम हो गया है

मम्मी – बेटा अभी ज्यादा टाइम नहीं हुआ है सिर्फ 1 महीने पहले ही ये सब शुरू हुआ है

मैं – तो क्या मम्मी दादा जी ही आपको ब्रा नहीं पहनने देते है

मम्मी – बेटा मुझे समझ नहीं आ रहा है मैं कैसे इन सवालो का जवाब दू

मैं – मम्मी आप शर्मा क्यों रही हो? मैं तो सिर्फ बाते ही कर रहा हु और आप जवाब दे रही हो इसमें कोनसी बड़ी बात है अब बता भी दो।

मम्मी – हा बेटा  तेरे दादा जी ही ब्रा नहीं पहनने देते है मम्मी को लग रहा था मुझे ये बाते नहीं मालूम है मगर दादा जी तो मेरे हाथ की कठपुतली थे उन्हें ऐसा करने के लिए मैंने ही कहा था Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मैं – वैसे मम्मी मैं ये बात जनता हु मैं तो बस आपके मुँह से सुन्ना चाहता था मुझसे बाते करते हुए मम्मी का मुह पूरा लाल हो चूका था और गाडी चलाते हुए मेरा लंड खड़ा हो चूका था जो बैठने का नाम नहीं ले रहा था

मैं – मम्मी आपसे ऐसे खुल के बात करना बहुत अच्छा लगता है ऐसा लगता है जैसे आप अब मेरी दोस्त बन गयी हो अब मुझे आपसे कभी कुछ छुपाना भी नहीं पड़ेगा और आप भी अपनी कोई बात मुझसे मत छुपाना मैं तो चाहता हु आप दिन रात दादा जी के साथ मस्ती करो मुझे तो कोई परेशानी नहीं है बस दादा जी को पता न चले।

मम्मी – बेटा तू मुझे कोई भी बात बता सकता है मैं तुझे कभी कुछ नहीं कहूँगी मगर ये दादा जी वाली बाते मुझे अजीब लग रही है

मैं – मम्मी इसमें अजीब क्या है? आप दादा जी के साथ चुदाई कर रही हो और में भी तो वही कह रहा हु इसमें गलत क्या है?

मम्मी से बाते करते करते टाइम का पता ही नहीं चला और हम लोग घर पहुंच गए दादा जी ने तुरंत गेट खोला और मुझे और मम्मी को देखकर खुश हो गए फिर हम लोग अंदर आ गए मैं सामान रखने अंदर चला गया तभी दादा जी ने मम्मी को पकड़ लिया और वो मम्मी के दूध दबाने लगे।

मम्मी – क्या कर रहे है पापा जी? मनु यही है और आप ये सब कर रहे है

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दादा जी – अरे बहु डर क्यों रही हो? मैंने तो उसके रहते हुए तुम्हे चोदा भी है भूल गयी क्या उसके सोने के बाद तुम खुद मेरे पास आ जाती हो, मम्मी भी सोच रही होगी उसी की वजह से मेरे बेटे को सब पता चल गया की उसकी माँ उसके दादा जी के साथ वासना भरा खेल रही है फिर मैं बहार आ गया और मम्मी किचन में चली गयी दादा जी वही खड़े हुए थे

मैं – दादा जी रात को तो मम्मी की बहुत याद आयी होगी। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

दादा जी – पूछ मत बेटा बहुत बुरा हाल था मेरा देख कैसे मेरे पाजामे में खड़ा हुआ है

मैं – दादा जी मम्मी का भी वही हाल था मैंने रात को देखा था कैसे वो अपनी चूत रगड़ रही थी अभी मैं आराम करने जा रहा हु आप जाके आपने लंड और मम्मी की चूत को शांत कर दो,

दादा जी – वहा बेटा तूने तो मेरे मन की बात बोल दी तू जा आराम कर मैं तेरी मम्मी की थकान उतरता हु, फिर दादा जी किचन में चले गए वह मम्मी दादा जी के लिए खाना बना रही थी मगर दादा जी को तो मम्मी की चूत की जरुरत थी दादा जी ने जाते ही मम्मी को पकड़ लिया।

मम्मी – क्या कर रहे है पापा जी? मन्नू यही हैदादा जी – बहु छोड़ ये काम बाद में कर लेना अभी तो रात की कसर निकालने दे रात में ठीक से नींद ही नहीं आयी देख मेरा लंड कैसे खड़ा हुआ है

मम्मी – पापा जी आपका तो हमेशा खड़ा ही रहता है मगर आस पास भी देखा करो आपका पोता यही है और आप ये सब कर रहे है

दादा जी – बहु मेरा पोताअंदर लेटा हुआ है उसे मैं अभी देखकर आ रहा हु और बेचैन तो तू भी लग रही है लगता है मेरे लंड की याद आ रही थी अब मम्मी दादा जी को क्या बताती? की वह बेचैन इस लिए है क्युकी उनके बेटे को उनका राज़ पता चल गया है?

दादा जी – चल बहु मेरे कमरे में चलते है रात की कसर अभी पूरी कर देता हु उसके बाद तू भी आराम कर लेना और मैं भी ठीक से सो पाउँगा, दादा जी ने गैस बंद कर दी और वह मम्मी का हाथ पकड़ के अपने कमरे में ले गए और अंदर जाते ही उन्होंने कमरा बंद कर दिया दादा जी को मेरी तरफ से कोई परेशानी नहीं थी और अब तो मम्मी को भी कोई डर नहीं था कमरे के अंदर जाते ही मैं भी खिड़की के पास चला गया दादा जी ने अपने  कपडे उतार दिए थे

और उनका लंड खुले सुपडे के साथ खड़ा हुआ था मम्मी दादा जी की गोदी में बैठी हुई थी और और आपने ब्लाउज खोल रही थी ब्लाउज खुलते ही माँ के बड़े बड़े दूध बहार निकल आये, दादा जी ने तुरंत मम्मी का दूध मुँह में ले लिया और वह उसे चूसने लगे, दूध चूसते हुए शायद दादा जी के दात मम्मी के दूध पर लग रहे थे Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मम्मी – पापा जी आराम से कीजिये आपके दांत लग रहे है।

दादा जी ने धयान नहीं दिया और वह वैसे ही मम्मी के दूध चूसते रहे तभी मम्मी के मोबाइल की घंटी बजने लगी माँ ने पास रखा मोबाइल उठा लिया।

मम्मी – पापा जी रुको आपके बेटे का कॉल है दादा जी ने दूध चूसना बंद कर दिया मम्मी ने कॉल उठा लिया और वह पापा से बात करने लगी मगर तभी दादा जी ने फिर से दूध मुँह में भर लियाऔर वह मम्मी का दूध चूसने लगे मम्मी दादा जी को आँखे दिखा रही थी मगर दादा जी कोई फरक नहीं पढ़ रहा था।

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पापा – पहुंच गयी घर डार्लिंग?

मम्मी – है बस अभी थोड़ी देर पहले पहुंची हु।

पापा – पापा ने कुछ खाया या नहीं? अब मम्मी पापा को कैसे बताता की इस टाइम भी उनका बाप अपनी बहु के दूध चूस रहे है

मम्मी – है उन्ही के लिए नास्ता बना रही हु तभी दादा जी ने मोबाइल ले लिया।

दादा जी – अरे बेटा मेरी चिंता मत कर मेरी बहु और मेरा पोता मेरा पूरा ख्याल रखते है बहु ने आते ही मुझे दूध दिया बस वही पी रहा था, दादा जी ने पापा को सच ही कहा था मगर बस फरक सिर्फ इतना सा था की वह दूध मम्मी का था जिसे दादा जी चूस रहे थे वह भी आपने बेटे से बात करते हुए, फिर पापा ने कॉल काट दिया और मम्मी तुरंत बोल पड़ी।

मम्मी – पापा जी आपको तो बिलकुल भी शर्म नहीं है आप यहाँ मेरे दूध चूस रहे है और पने बेटे से बात भी कर रहे है जानते है अगर उन्हें पता चल गया तो सब ख़तम हो जायेगा।  Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

दादा जी – बहु उसे कैसे पता चलेगा वह देख थोड़ी रहा है और सच कहु ऐसा करने में मज़ा बहुत आ रहा था 

मम्मी दादा जी की बात सुनके हसने लगी और फिर वह दादा जी का लंड पकड़ के आगे पीछे करने लगी फिर दादा जी बेड पर लेट गए और मम्मी भी अपनी साड़ी उतर के बेड पर आ गयी, मम्मी दादा जी के पैरो के पास आ गयी और वह उनका लंड पकड़ के चूसने लगी दादा जी मज़े से लंड चुसवा रहे थे थोड़ी देर लंड चूसने के बाद दादा जी ने मम्मी को नीचे लिटा दिया और मम्मी ने खुद अपनी टाँगे फैला दी मम्मी ने दादा जी का लंड पकड़ा और उसे अंदर डाल लिया दादा जी का पूरा लंड माँ की चूत की गहराई में चला गया और अब मम्मी और दादा जी का जिस्म चिपक गया दादा जी माँ की चुदाई करने लगे और मम्मी हर धक्के पर आठ अह्ह्ह अहह की आवाज निकलने लगी,

दादा जी का लंड मम्मी की चूत की अच्छे से गहराई नाप रहा था और मम्मी दादा जी की पीठ को जकड रखी थी दादा जी ने फिर मम्मी को कुतिया बना दिया और पीछे से उनकी चुदाई करने लगे मम्मी के बड़े बड़े दूध झूल रहे थे और दादा जी उन्हें मसल रहे थे इसी तरह दादा जी ने रुक रुक के माँ की 20-मिनट तक चुदाई की और उनका पानी निकाल दिया।

मम्मी और दादा जी पूरी तरह संतुष्ट हो चुके थे और दादा जी का माल मम्मी की चूत में भरा हुआ था फिर दादा जी मम्मी की गोदी में सर रखकर लेट गए और वह उनके दूध चूसने लगे, दादा जी बिलकुल एक छोटे बच्चे की तरह मम्मी के दूध चूस रहे थे और मम्मी भी उनके सर पर हाथ फेर रही थी। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

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मम्मी – पापा जी आप हमेशा मेरा दूध इतना क्यों चूसते हो? इतना तो मेरे बेटे ने भी नहीं चूसा होगा।

दादा जी – बहु मुझे तेरे ये बड़े बड़े दूध बहुत पसंद है इन्हे देखते ही मुँह में पानी आ जाता है

मम्मी – पापा जी आपने मेरे दूध चूस चूस के इनका साइज बड़ा दिया है अभी जब मैंने घर जाने के लिए ब्रा पहनी थी तो थोड़ी टाइट लग रही थी।

दादा जी – बहु अब तुझे ब्रा की क्या जरुरत है? तू बिना ब्रा और पेंटी के जयादा अच्छी लगती है और हमारा काम भी आसान हो जाता है 

मम्मी – चलो अब मैं चलती हु कही मन्नू उठ गया तो क्या सोचेगा?

मम्मी तो वैसे ही जानती थी मैं सब जानता हु इसीलिए मेरी तरफ से कोई परेशानी नहीं है मगर फिर भी उन्हें एक्टिंग तो करनी ही थी मम्मी बेड से उठ गयी और उनकी चूत में भरा दादा जी का माल नीचे बहने लगा मम्मी ने उसे हाथ से साफ़ कर लिया दादा जी और मम्मी दोनों हाफ रहे थे फिर मम्मी कपडे पहने बहार और आ गयी और मैं भी रूम में जाके लेट गया।

मैं सिर्फ कच्छे और बनियान में लेटा हुआ था और मम्मी की चुदाई देखकर मेरा लंड खड़ा हुआ था फिर मम्मी कमरे में आ गयी और अंदर आते ही उनकी नज़र मुझपे गयी मैं उन्हें देखकर स्माइल करने लगा और उनके मुह पर एक शर्म का भाव था वह नीचे देख रही थी मगर मैं जनता था मम्मी की नज़र मेरे खड़े लंड पर भी पढ़ चुकी है मम्मी अलमारी से कपडे निकालने लगी और उन्होंने एक मैक्सी निकाल ली, Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

फिर मम्मी की पीठ मेरी तरफ थी और फिर उन्होंने आपने ब्लाउज खोल दिया मम्मी के बड़े बड़े दूध बहार निकल के लटक गए मम्मी की नंगी गोरी पीठ मेरे सामने थीऔर उनके दूध मुझे साइड से दिख रहे थे मैं ये नज़ारा बचपन से देखता आ रहा हु मम्मी कपडे मेरे सामने ही बदल लेती है मगर आज मेरा लंड उन्हें चोदने के लिए खड़ा था।

मम्मी ने मैक्सी पहन ली और फिर उन्होंने नीचे से पेटीकोट भी निकाल दिया अब मम्मी अंदर से पूरी नंगी हो चुकी थी मगर वह मुझसे नज़र नहीं मिला रही थी

फिर वह खाना बनाने के लिए चली गयी और मैं दादा जी के पास चला गया दादा जी चुदाई करके सुस्ता रहे थे मुझे देखते ही दादा जी बैठ गए।

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मैं – निकाल दी मम्मी की गर्मी दादा जी।

दादा जी – हा बेटा निकाल दी तेरी मम्मी भी खुस होक गयी है ससुर ने बहू के साथ मनाई सुहागरात

मैं – हा  दादा जी मैंने देखा मम्मी अब जयादा ही खुस रहती है ये सब आपकी वजह से ही हुआ है और अब तो आप भी पुरे जोश में रहते हो।

दादा जी – बेटा तेरी मम्मी को अब रोज लंड की खुराक मिलती है उसकी चूत शांत रहती है इसीलिए उसके चेरे पर एक अलग सी खुसी दिखती है और अब मेरे लंड को भी खुराक  मिलती है इसीलिए मैं भी पुरे जोश में रहता हु और सच कहु तो ये सब तेरी वजह से हुआ है वरना मेरी ज़िन्दगी तो बिलकुल बेकार हो चुकी थी मगर तूने मेरी और अपनी मम्मी की ज़िन्दगी में खुशीभर दी।

मैं – वैसे दादा जी एक बात कहु अगर बुरा न मानो तो।

दादा जी – बेटा जो बोलना है खुल के बोल 

मैं – दादा जी आपने अभी तक मम्मी की गांड में लंड क्यों नहीं डाला मुझे तो मम्मी की गांड देखकर लगता है की उन्होंने पापा से गांड भी मरवाई है। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

दादा जी – बीटा तूने तो मेरे मन की बात छिन ली मेरा भी बहुत मन करता है की तेरी मम्मी की बड़ी गांड में आपने लंड डाल दू मगर मैंने सोचा कही वह मना न कर दे।

मैं – अरे दादा जी अब वह आपकी दीवानी हो गयी है वैसे भी आप तो उन्हें मना भी सकते है आज रात आप उनकी मालिश करना मालिश करने से मम्मी जयादा गरम हो जाएगी और आपको पूरा मज़ा देंगी।

दादा जी – बेटा कभी कभी मैं सोचता हु तू अपनी मम्मी के बारे में इतना कैसे सोच लेता है

मैं – बस दादा जी ये समझ लीजिये की मैं उनसे बहुत प्यार करता हु और अगर पापा यहाँ रहके उनकी गर्मी निकाल देते तो आपका कोई भी चांस नहीं होता मगर अब 2 लोगो का फायदा हो रहा है दादा जी – वैसे ये तूने बिलकुल सच कहा मेरे बेटे की वजह से ही मुझे बहु जैसे खूबसूरत हसीना चोदने को मिली है अगर वह यहाँ रहता तो ये कभी नहीं होता।

मैं – वैसे दादा जी आप एक रात में मम्मी की कितनी बार चुदाई कर देते हो।

दादा जी – बेटा जब चुदाई शुरू की थी तो 2 बार करता था मगर फिर तेरी मम्मी ने ही मना कर दिया।

मैं – मम्मी ने क्यों मना कर दिया दादा जी?

दादा जी – बेटा वह 1 बार की चुदाई में ही खुस हो जाती है कहने लगती है जलन हो रही है और ऊपर से मेरी उम्र भी जयादा है इसीलिए बस अब 1बार ही करता हु और कभी कभी 2 बार। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मैं -हा  दादा जी मैंने देखा है कैसे आप मम्मी की ना करवा देते हो अगर मेरी उम्र के होते तो शायद दिन में 4 बार करते।

दादा जी -हा बेटा अगर में तेरी उम्र का होता तो 6 बार भी चोद देता, हम दोनों बाते करते रहे और फिर मम्मी हम दोनों के लिए खाना लेके आ गयी मम्मी मुझसे नज़र नहीं मिला रही थी मैं और दादा जी खाना खाने लगे और फिर दादा जी खाना खाके सोने लगे अभी अभी एक चुदाई जो की थी मैं भी मम्मी के कमरे में आ गया और मम्मी का इंतज़ार करने लगा, काफी देर बाद मम्मी कमरे में आयी वह बीच बीच में मेरी तरफ देख रही थी मगर मेरी नज़र मिलते ही वह नीचे देखने लगती थी।

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मम्मी बेड पर आके लेट गयी और मुँह दूसरी तरफ कर लिया मम्मी की मोटी गांड मेरी तरफ थी जिसे देखकर मज़ा आ रहा था मगर मुझे ये अच्छा नहीं लग रहा था की वह मुझसे बात नहीं कर रही है

मैं – मम्मी मम्मी क्या बात है? आप मुझसे बात क्यों नहीं कर रही हो।

मम्मी – ऐसी कोई बात नहीं है बेटा मैं बस थक गयी हु मुझे आराम करने दे।

मैं – हा  मम्मी थकान तो होगी ही अभी अभी दादा जी ने आपकी चुदाई जो की है।

मम्मी वैसे ही लेती रही उनके ऊपर कोई भी असर नहीं था

मैं – मम्मी आपको क्या लगता है? मैं दादा जी से ये बात क्यों बोलके आया था? की मैं आराम करने जा रहा हु क्युकी मैं जनता था ये बात सुनते ही दादा जी आपके पास जायेंगे और फिर दादा जी आपको वह सुख देंगे जो कल रात आपको नहीं मिला था और जो मज़ा दादा जी ने आपको अभी दिया है। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मैं – उसी की थकान आपके ऊपर है मम्मी अब मान भी जाओ और मुझसे पहले जैसे रहो बस मैं आपसे खुल के बाते करना चाहता हु।मम्मी उठ के बैठ गयी और फिर मैंने मम्मी को गले लगा लिया और उन्होंने भी मुझे बहो में भर लिया।

मैं – मम्मी अब आप मुझसे बाते किया करो आप ऐसे चुप रहती हो तो मुझे बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता है।

मम्मी – बेटा आज कल तू ही मुझसे बस आपने दादा और मेरी बाते करता है इसीलिए मैं सहज महसूस नहीं करती हु।

मैं – इसमें कोनसी बड़ी बात है मम्मी आप और दादा जी खुस हो और मैं बस वही बाते करता हु सच कहु तो मुझे ये बात करके अच्छा लगता है।

मम्मी – बेटा जब तू आपने दादा को मेरे साथ ऐसा करते देखता है तो तुझे बुरा नहीं लगता है की एक आदमी तेरी माँ के साथ ऐसा कर रहा है।

मैं – मम्मी मुझे बुरा तब लगता जब वह आदमी बहार का होता घर की औरतो की हर जरुरत घर के मर्द पूरी कर सकते है और आप और दादा जी भी तो एक दूसरे की जरुरत पूरी कर रहे है इसीलिए मैं जब भी आप दोनों को देखता हु तो मुझे ऐसा लगता है की मैं कोई गन्दी वाली मूवी देख रहा हु जिसमें एक आदमी एक औरत को चोद रहा है मम्मी ने मेरी बाते सुनके अपना सर पकड़ लिया और फिर वह मुझे देखकर हसने लगी। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मम्मी – मेरा बेटा पूरा हरामी बन गया है अपनी माँ की चुदाई देखकर मज़ा ले रहा है मम्मी के मुँह से चुदाई सुनकर मैं समझ गया की वह मुझसे खुल के बात करने लगी है

मैं – अब मम्मी दादा जी से चुदाई करवा के आप खुस हो तो मैं क्यों नाराज रहूँगा? जब लंड और चूत राज़ी तो क्या करेग पाजी और मैं हसने लगा फिर हम दोनों लेट गए

मैं – मम्मी आप दादा जी से कह रही थी की आपके दूध बड़े हो गए है क्या सच में आपके दूध बड़े हो गए है?

मम्मी – हा बीटा जब हम तेरे नाना के घर जा रहे थे तो मैंने ब्रा पहनी थी और वह मुझे थोड़ी टाइट लग रही थी

मैं – मम्मी दादा जी आपके दूध चूसते भी तो बहुत है

मम्मी – हा बीटा तेरे दादा जी का मुँह हमेशा मेरे दूध में लगा रहता है उन्होंने तो मेरे निप्पल भी काट दिए है।

मैं – वैसे मम्मी एक ही घर के 3 मर्दो ने आपके दूध को चूसा है आपको तो बड़ा अजीब लगता होगा।

मम्मी – हा बीटा ये अजीब तो है मगर मैं भी क्या करती? मैं यहाँ तेरे पापा के बिना तड़प रही थी और फिर तेरे दादा जी मेरी ज़िन्दगी में आये और फिर सब बदल गया। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

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मैं – मगर मम्मी ये तो अच्छा ही हुआ आपको बहार किसी से ये सब नहीं करना पड़ा।

मम्मी – बेटा बहार करने की मेरी हिम्मत भी कभी नहीं होती मुझे हमेशा से डर लगता था

मैं – मगर मम्मी घर का लंड मिला तो आप भी खुद को रोक नहीं पायी, मम्मी ने मेरे गाल पर एक हलके से थप्पड़ मारा।

मम्मी – तू सच में बहुत हरामी हो गया है अपनी ही माँ से उसी की चुदाई की बात कर रहा है और तेरी आँखों में शर्म भी नहीं है

मैं – मम्मी शर्म का तो पता नहीं मगर दादा जी के साथ आपकी चुदाई देखकर मैं पागल जरूर हो जाता हु।

मम्मी -हा  वह तो मैं जब कमरे में आयी थी तभी मैंने देख लिया था और अभी भी तेरा लंड मेरी टांगो में लग रहा है मैंने नीचे देखा तो मेरा लंड मम्मी की टांगो में लगा हुआ था मैं मम्मी को देखकर हसने लगा।

मैं – मम्मी अब मैं भी जवान हो गया हु और अपनी मम्मी और दादा जी को ऐसे देखकर यही हाल होता है वैसे सच कहु तो दादा जी चुदाई वाले हीरो लगते है और आप उनके साथ चुदाई वाली हेरोइन Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मम्मी मेरी बात सुनके हसने लगी मगर उन्होंने कहा कुछ भी नहीं।

मैं – वैसे मम्मी एक बात कहु अगर बुरा न मनो तो।

मम्मी – बेटा बुरा मान के भी क्या फायदा है? बोल जो भी बोलना है

मैं – मम्मी जब मैं दादा जी को आपके दूध पीते देखता हु तो मुझे बहुत जलन होती है

मम्मी – तुझे अपने दादा जी से क्यों जलन होने लगी?

मैं – मम्मी दादा जी जी भर के आपके दूध पीते है और मैं जिसका हक़ आपके दूध पर पहले है वह बस देखता रहता है इसीलिए मैं दादा जी से जलता हुये बात बोलते ही मैंने मम्मी के दूध पर आपने हाथ रख दिया और उसे दबा दिया मम्मी के बड़े बड़े दूध एक दम सॉफ्ट सॉफ्ट थे मम्मी मेरी तरफ देखने लगी और लगभग 30 सेकंड के बाद उन्होंने मेरा हाथ अपने दूध से हटा दिया।

मम्मी – ये क्या कर रहा है तू? 

मैं – बस मम्मी छू के देख रहा था जो मेरा है बस उसी को महसूस करना चाह  रहा था।

मम्मी – बेटा अब तू ऐसा नहीं कर सकता है तू बड़ा हो गया है और अब तू मेरे दूध ऐसे नहीं छू सकता है

मैं – मम्मी मेरे छूने से क्या होगा मैं तो आपका बेटा हु मेरा हक़ तो पहले है मैंने मेरा मुँह थोड़ा सा ख़राब बना लिया और मम्मी को भी समझ नहीं आया की वह क्या जवाब दे?

मम्मी – बेटा समझा कर अब तू ऐसा नहीं कर सकता है Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मैं – मतलब पापा और दादा जी कर सकते है चाहे जितना मर्ज़ी आपके दूध के साथ खेले और उन्हें चूसे भी मगर मैं सिर्फ देखता ही रहु। मम्मी प्लीज मुझे भी इनसे खेलने दो मेरा भी बहुत मन करता है।

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मम्मी – बीटा तू अपनी गर्लफ्रेंड के साथ खेलना मगर माँ बेटे ऐसा नहीं कर सकते है

मैं – मगर मम्मी एक माँ ही तो अपने बेटे को दूध पिलाती है और अब मैं बड़ा हो गया हु तो क्या आपका बेटा नहीं हु?

मम्मी – वह तो तू हमेशा रहेगा बेटा मगर मुझे बहुत अजीब लगेगा।

मैं – कुछ अजीब नहीं लगेगा मम्मी मैं आपके दूध वैसे ही पियूँगा जैसे दादा जी पीते है इससे पहले मम्मी कुछ कह पाती मैंने मम्मी की मैक्सी के ऊपर के बटन खोल दिए और जैसे ही मैं अंदर हाथ डालने लगा मम्मी ने मेरा हाथ रोक दिया।

मम्मी – ठीक है ठीक है मगर ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए वरना लोग पता नहीं क्या क्या बाते बनाने लगेंगे?

मैं – मम्मी मैं पागल थोड़ी हु जो ये बात किसी को कहूंगा फिर वह हुआ जिसके लिए मैं कब से मरा जा रहा था मम्मी ने अपना एक दूध बहार निकाल लिया आज मेरे मुँह के इतने पास मम्मी का दूध था और मैंने देर किये बिना उसे अपने मुँह में भर लिया आज एक जन्नत का अहसास मुझे मिल रहा था और मम्मी आँखे फाडे मुझे ही देख रही थी कैसे मेरे हाथ मम्मी के दूध को मसल रहे थे और मेरा मुँह और जीभ उनके निप्पल से खेल रही थी Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मैं – मम्मी दूसरा वाला भी बहार निकालो न मैं दोनों से खेलना चाहता हु, पहले मम्मी मना करने लगी मगर कुछ देर कहने के बाद उन्होंने दूसरा वाला दूध भी बहार निकाल दिया अब मैं बारी बारी से दोनों दूध चूस रहा थाऔर कुछ ही देर चूसने  से मम्मी के निप्पल टाइट हो गए थे मैंने मम्मी की तरफ देखा तो उन्होने भी अपनी आँखे बंद कर राखी थी और  आपने होंठों को दबा रही थी, मम्मी को ऐसा देखकर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मगर फिर जब मम्मी से बर्दास्त नहीं हुआ तो उन्होंने मेरे मुँह से अपना दूध निकाल लिया।

मैं – क्या हुआ मम्मी अपने बहार क्यों निकल लिया?

मम्मी – अब बहुत हो गया बेटा क्या पुरे दिन मेरे दूध ही पीता रहेगा मुझे बहुत अजीब लग रहा था

मैं – मम्मी आपके दूध बहुत ही अच्छे है मेरा तो यही मन कर रहा था की मैं पुरे दिन पीता रहु अब पता चला मुझे की दादा जी आपके दूध इतना क्यों चूसते है? Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

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मम्मी – है है बहुत बाते करने लगा है चल अब सोने दे मुझे बहुत नींद आ रही है मम्मी ने आँखे बंद कि और  सोने लगी तभी मैं बेड से उठ गया और मम्मी की आँखे भी खुल गयी मम्मी के दूध चूसने से मेरा लंड पूरा खड़ा हो चूका था

मम्मी की नज़र मेरे कच्छे पर पड़ी जहा तम्बू बना हुआ था फिर उन्होंने मेरी तरफ देखा

मम्मी – अब कहा जा रहा है तू सोयेगा नहीं, मैंने मम्मी के सामने ही अपना लंड पकड़ लिया।

मैं – मम्मी बस अभी आता हु टॉयलेट कर औ बहुत दर्द हो रहा है इसमें मैं जल्दी से टॉयलेट में गया और जैसे ही मैंने आपने लंड हाथ में पकड़ के आगे पीछे किया मेरे लंड से माल की धार निकल पड़ी मैं बहुत देर से खुद को संभाले हुआ था मेरे लंड से काफी माल निकल गया जितना शायद पहले नहीं निकला था फिर कुछ देर बाद मेरा लंड शांत हो गया और मैं भी कमरे में आके सो गया, शाम को 5 बजे मेरी आँख खुली मैंने देखा मम्मी बेड पर नहीं थी फिर मैं बहार गया मैंने मम्मी को किचन में देखा वह वहा  भी नहीं थी। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मैं समझ गया की वह कहा हो सकती है मैं फिर दादा जी के कमरे में देखने गया मैंने खिड़की से अंदर देखा तो दादा जी मम्मी को गोदी में लिए बैठे थे मम्मी की मैक्सी के ऊपर से उनके दूध बहार निकले हुए थे जिन्हे दादा जी चूस रहे थे और मम्मी उन्हें मना कर रही थी।

मम्मी – बस कीजिये पापा जी जब देखो तो आप मेरे दूध ही चूसते रहते हो शाम हो गयी है मन्नू उठने ही वाला होगा अब सामने पड़ी चाय भी पी लीजिये।

दादा जी – बहु जो मज़ा तेरे दूध में है वह इस चाय में कहा है काश तेरे इन बड़े बड़े दूध में से दूध निकल होता तो मैं पुरे दिन इन्हे ही पीता ।

मम्मी – अब दूध कहा से आएगा पापा जी वह सिर्फ माँ बनने पर ही आता है।

दादा जी – तो तू कहे तो तुझे माँ बना देता हु ।

मम्मी – धत्त कैसे बाते करते है आप पापा जी मेरा इतना बड़ा बेटा हो गया अब माँ बानगी तो लोग क्या कहेंगे फिर मम्मी और दादा जी चाय पीने लगे फिर मैं भी कमरे मे आ गया और वही बैठ गया शाम को मैं और दादा जी बहार चले गए

मैं – दादा जी आज तो आप रात के लिए तैयार है ना 

दादा जी -हा बेटा  मैं तैयार हु आज तेरी मम्मी की गांड का छेद खोल ही दूंगा। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

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मैं – वैसे दादा जी उनका छेद तो पहले से ही खुला है बस आप अपने मज़े लो फिर हम दोनों घर आ गए मम्मी खाना बना रही थी और मैं और दादा जी कमरे में बैठे थे फिर रात को हम सबने खाना खायाऔर मैं आज जल्दी ही कमरे में चला गया मम्मी भी अपने सीरियल देखने लगी और 11 बजे मैंने मम्मी को दादा जी के पास जाने लिए कहा।

मैं – मम्मी 11 बज रहे है दादा जी आपका इंतज़ार कर रहे होंगे।

मम्मी – बेटा तू सो जा मैं चली जाउंगी।

मैं – नहीं मम्मी आप जाओ मैं यही आपका इंतज़ार करूँगा।

मम्मी – मैं जानती हु तू यहाँ नहीं रहेगा बल्कि वहा आके सब देखेगा, फिर मम्मी खुद उठके कमरे के बहार चली गयी और मैं भी उनके पीछे पीछे कमरे से बहार निकल गया फिर मैं दादा जी के कमरे की खिड़की के पास चला गया, मैंने देखा मम्मी को दादा जी ने अपनी गोदी में बिठाया हुआ था और दादा जी मम्मी के होंठों को चूस रहे थे और मम्मी भी उनका पूरा साथ दे रही थी।

दादा जी – बहु तुम कपडे उतार के लेट जाओ आज मैं तुम्हारी मालिश करूँगा तुम्हारी सारी थकान उतार दूंगा।

मम्मी – अरे नहीं पापा जी मैं बिलकुल ठीक हु इस सब की कोई जरुरत नहीं है।

दादा जी – अरे बहु तुम करवा के तो देखो देखना तुम्हे कितना अच्छा लगेगा। Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

मम्मी भी दादा जी की बात मान गयी और फिर दादा जी ने खुद मम्मी की मैक्सी निकल दी अब मम्मी पूरी नंगी हो चुकी थी और दादा जी ने भी अपने कपडे निकल दिए।

दादा जी का लंड मम्मी को सलामी दे रहा था फिर दादा जी ने तेल की बोतल उठायी और उसे अपने हाथ में लेके मम्मी की जांघो पर लगा दिया, दादा जी मम्मी की दूध जैसे जांघो को मसलने लगे तेल लगाने से मम्मी की जंजांगे चमक रही थी और दादा जी का हाथ ऊपर नीचे चल रहा था मगर जब दादा जी का हाथ मम्मी के पैरो के पास पूछा तो मम्मी बोल पड़ी।

मम्मी – पापा जी प्लीज आप मेरे पैरो को हाथ मत लगाए ये सही नहीं लग रहा है मैं आपकी बहु हु और आप मेरे पेअर पर हाथ लगाए ये अच्छा नहीं लगता है।

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दादा जी – बहु हमारा रिश्ता ससुर बहु का जरूर है मगर अब हम उससे आगे बढ़ चुके है हम दोनों के बीच अब जो रिश्ता है वह अलग है।

मम्मी – मैं जानती हु पापा जी हम दोनों के बीच जिस्मानी रिश्ता है मगर फिर भी आप मेरे पैरो को हाथ मत लगाए, दादा जी भी मम्मी की बात मान गए और फिर दादा जी ने तेल मम्मी के पेट पर डाल दिया और वह सारा तेल मम्मी की नाभि में भर गया, दादा जी मम्मी की नाभि से तेल निकाल के उनके दूध पर मल रहे थे और मम्मी का जिस्म पूरा चमक रहा था मम्मी अपने होंठों को काट रही थी और दादा जी का लंड भी झटके मार रहा था Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

फिर दादा जी ने मम्मी की चूत पर तेल डाला और वह उसे मसलने लगे मम्मी के मुँह से सिसकिया निकलने लगी जैसे उन्हें चरमसुख मिल रहा था

मम्मी को देखकर लग रहा था की उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था फिर दादा जी ने मम्मी को उल्टा लेटने के लिए कहा और वह भी जल्दी से उलटी हो गयी मम्मी की मोटी मोटी  और गोरी गांड चमक रही थी और फिर दादा जी मम्मी की ऊपर बैठ गए दादा जी का लंड मम्मी की गांड की लाइन के बीच में आ गया था और अब दादा जी मम्मी की पीठ पर तेल लगा रहे थे और दादा जी का लंड मम्मी की गांड पर घिस रहा था मम्मी को मज़ा आ रहा था और दादा जी को भी पूरा मज़ा मिल रहा था

फिर दादा जी ने मम्मी की गांड पर तेल डाल दिया और अब वह मम्मी की गांड को मसल रहे थे दादा जी ने फिर और तेल लिया और उसे मम्मी की गांड के छेद पर डाल दिया अब तक शायद मम्मी भी समझ गयी होगी की दादा जी को क्या चाहिए था दादा जी ने अपनी एक ऊँगली मम्मी की गांड में डाल दी और जैसे ही गांड में ऊँगली गयी मम्मी के मुँह से आउच करके आवाज निकली।

मम्मी – पापा जी आराम से आपकी ऊँगली मेरी गांड में चली गयी थी  Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

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दादा जी – बहु मुझे तुम्हारी ये बड़ी बड़ी और गोरी गांड बहुत पसंद है जब तुम चलती हो तो तुम्हारी गांड कैसे मटक मटक के हिलती है आज मैं तुम्हारी गांड की सेवा करना चाहता हु मुझे लगा शायद मम्मी मना कर देंगी मगर उनका जवाब सुनके मैं हैरान था और दादा जी भी हैरान हो गए।

मम्मी – तो मैंने कब मना किया आपको पापा जी आपका जो भी मन हो आप वह कर सकते है मैं तो खुद ये सोच रही थी की आपका बेटा मेरी गांड मरता है मगर आप नहीं मार रहे है अब देर मत कीजिये बस पहले थोड़ा तेल लगा लीजियेगा।

दादा जी – बहु तुमने तो मेरा दिल खुस कर दिया लो मेरे लंड पर तुम खुद तेल लगा दो।

मम्मी ने ढेर सारा तेल दादा जी के लंड पर लगा दिया और वह खुद सर बेड पर रखकर अपनी गांड उठा के तैयार हो गयी दादा जी भी देर किये बिना अपना लंड मम्मी की गांड के छेद पर लगा दिया और मम्मी ने खुद दोनों हाथो से अपनी गांड को फैला दिया।

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दादा जी ने हलके हलके आपने पूरा लंड मम्मी की गांड में उतार दिया मम्मी को ज्यादा तकलीफ नहीं हुई क्युकी वह पहले ही पापा से अपनी गांड खुलवा चुकी थी दादा जी ने मम्मी की गांड को पकड़ा और धक्के लगाने शुरू कर दिए,

मम्मी भी हर धक्के में ‘आठ आउच उम्’ की आवाज निकल रही थी मगर दादा जी को देख कर लग रहा था की वह जन्नत की सैर कर रहे है तो दोतों आज की ससुर और बहू की चुदाई की कहानी कैसे लगी हमे कमेंट करके ज़रूर बताए.

फिर जल्दी ही मिलूगा इस कहानी के दूसरे बाग के साथ , उस भाग मे पढ़ना कैसे मैंने अपनी मम्मी की चुदाई की कैसे मम्मी को मनाया मुझसे चुदने के लिए . Sasur Bahu Ki Chudai Pote Ke Samne:

कैसी लगी मेरी माँ और दादा जी की चुदाई की कहानी? 

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