By | February 8, 2023

Sasur Bahu Ki Chudai ki Story: हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब , अगर आपने अभी तक इस कहानी के पिछले भाग अभी तक नहीं पढे तो यहा क्लिक करके  पढ़ सकते है .

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मेरी ये कहानी मेरे दादाजी और माँ की चुदाई की है

ये है आगे की कहानी.

मैं – तो दादा जी आप मम्मी की गर्मी आपने लंड से निकल दो उन्हें भी मज़ा आ जायेगा और आपको भी मज़ा आ जायेगा.

दादा जी – तेरा दिमाग ख़राब हो गया है क्या? वह मेरी बहु है ओर तेरी माँ है वह, तू ऐसी बात कैसे बोल सकता है.

मैंने मम्मी की वीडियो फिर चला दी और उसे दादा जी को दिखने लगा.

Sasur Bahu Ki Chudai

मैं – ये देखो दादा जी कैसे अपनी चूत रगड़ रही है अगर मम्मी का चक्कर बहार किसी से शुरू हो गया तो घर की कितनी बदनामी होगी और अगर आप उनकी चूत को शांत कर देते है तो आप तो घर के ही है मम्मी को एक घर का लंड मिल जायेगा जिससे वह जब चाहे अपनी गर्मी निकाल सकती है.

दादा जी – मगर क्या इसके लिए बहू मान जाएगी? दादा जी की ये बात सुनके मैं खुस हो गया.

मैं – थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी दादा जी क्युकी जरुरत तो मम्मी को भी है पापा सिर्फ 2 दिन के लिए आते है और 2 दिन में जयादा चुदाई नहीं करते होंगे, मगर आप घर में हो कभी भी चोद लेना.

दादा जी – बेटा मुझे तो अभी भी यकीं नहीं हो रहा है की तू अपनी माँ को अपने दादा से चुदवाना चाहता है.

मैं – दादा जी मैं तो सिर्फ आप दोनों को खुश देखना चाहता हु और वैसे भी घर की औरत की प्यास घर के मर्द ही शांत करते है.

दादा जी – बेटा ये बात सही कही जब घर के मर्द है तो औरते बहार क्यों जाये, वैसे तूने सोचा है ये सब कैसे करेगा.

मैं – हा दादा जी सोचा है बस आप डरना मत.

दादा जी – बेटा मुझे डर तो लग रहा है कही बहु ने तेरे पापा को कह दिया तो क्या होगा?

मैं – और अगर वह आपसे चुदवाने आ जाये तो सोचो आपका क्या हाल होगा? Sasur Bahu Ki Chudai ki Story

Bahu ki chudai ki sasur ne

दादा जी – तब तो मज़ा ही आ जायेगा बेटा तेरी मम्मी की सारी गर्मी निकाल दूंगा, उसकी ना करवा दूंगा.

मैं – वैसे दादा जी आपको मम्मी की सबसे जयादा कोन सी चीज पसंद है मुझे तो उनकी नाभि बहुत पसंद है और उनकी बड़ी बड़ी गांड.

दादा – बेटा तू बिलकुल मुझपे गया है मुझे भी तेरी मम्मी गांड को उसकी नाभि पसंद है कई बार जब उसकी साड़ी साइड हो जाती है तब मुझे उसकी नाभि दिखाई देती है.

मैं – दादा जी आपका लंड तो बातो से खड़ा हो गया है देखो कैसे उछाल रहा है अब घर चलते है.

दादा जी – हा बेटा ये अभी भी रात को बहुत परेसान करता है, दिन में तो मैं इसका इलाज कर लेता हु

मैं – दिन में कैसे इलाज करते है दादा जी.

दादा जी – बेटा तेरा दादा इतना भी सीधा नहीं है मैंने एक रंडी देख रखी है जो मेरी गर्मी निकल देती है.

मैं – दादा जी क्या वह मम्मी जैसे जिस्म वाली है?

दादा जी – बेटा तेरी मम्मी जैसे कोई नहीं हो सकती है बस वह मेरा काम चला देती है, मगर रात बहुत मुश्किल से निकलती है.

मैं – दादा जी अब चिंता मत करो मम्मी सुबह शाम आपके लंड की गर्मी निकाल दिया करेंगी.

मैं और दादा जी हसने लगे और फिर हम घर आ गए, घर आते हुए दादा जी सबके लिए गोल गप्पे लेके आये. फिर घर आके मैं मम्मी और दादा जी गोल गप्पे खाने लगे, मम्मी हमारे सामने बैठकर गोल गप्पे खा रही थी, और मेरी और दादा जी नज़र उनके पेट और दूध पर थी.

मैं दादा जी को इशारे कर रहा था और वह भी अपनी जीभ आपने होंठों पर फेर रहे थे फिर मम्मी किचन में चली गयी और दादा जी भी अपनी प्लेट रखने किचन में गए.

मैंने उन्हें पहले ही समझा दिया था की उन्हें क्या करना है दादा जी बिलकुल चुप चाप गए थे, मम्मी को पता ही नहीं चला, वह सिंक के पास खड़ी थी और तभी दादा जी ने मम्मी की कमर को पकड़ लिया.

मम्मी की नंगी कमर पर दादा जी के दोनों हाथ थे.

दादा जी – बहु जरा साइड हो जाना मैं प्लेट रख दू.

मम्मी दादा जी के छूने से घबरा गयी थी क्युकी आज से पहले दादा जी ने उन्हें कभी ऐसे नहीं छुआ था.

मैं वही बहार खड़ा सब देख रहा था.

दादा जी – माफ़ करना बहु तुम्हे बुरा तो नहीं लगा, मैंने तुम्हारी कमर को ऐसे पकड़ लिया.

मम्मी – नहीं पापा जी कोई बात नहीं, आपको और कुछ चाहिए था क्या?

दादा जी – नहीं बहु बस तुम आपने काम करो, खाना 8 बजे तक दे देना, दादा जी किचन के बहार आ गए, और फिर हम दोनों उनके कमरे में जाके बैठ गए. Sasur Bahu Ki Chudai ki Story

मैं – कैसा लगा दादा जी मम्मी की कमर को पकड़ के?

दादा जी – पूछ मत बेटा कितना मज़ा आया जब मैंने तेरी मम्मी की कमर को पकड़ा था एक दम माखन जैसी है, काश मैं उसे चुम पाता.

मैं – सबर करो दादा जी आपको पूरा माखन चटवाऊंगा जी भर के चाट लेना.

दादा जी – बेटा इतने सालो में मेरी कभी हिम्मत नहीं हुई, मगर आज पहली बार बहु को छू के अच्छा लगा.

मैं – वैसे दादा जी आपके ज़माने में भी तो गन्दी वाली किताबे आती थी,आपने भी तो पढ़ी होगी.

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दादा जी – हा बेटा मैं भी पढ़ता था और है मैंने भी बहुत काण्ड किये है कई औरतो को चोदा है जिसमें से कई औरते हमारे घर की थी.

मैं – वहा दादा जी आप तो छुपे रुस्तम निकले.

दादा जी – हा मगर मेरा पोता तो मुझसे 10 कदम आगे है अपनी माँ और मेरे लिए इतना कुछ कर रहा है.

मैं – दादा जी अभी तो शुरू हुआ है आगे तो आपने मम्मी को नंगा ही रखना है और अब मैं अपने दादा जी और मम्मी की चुदाई कहानी.

दादा जी – बेटा जब से तूने ये बात कही है तब से मेरा लंड बैठा ही नहीं है।

मैं – वही तो चाहिए मम्मी को भी दादा जी उनकी गांड पर अपना लंड रगड़ देना बस।

रात के 8 बजे मम्मी दादा जी और मेरे लिए खाना लेके आयी, मम्मी जब झुकी तो दादा जी ने स्माइल किया और मम्मी ने भी स्माइल किया.

मैं – क्या हुआ मम्मी आप और दादा जी है क्यों हस रहे है? मम्मी मेरी बात सुनके सकपका गयी मगर दादा जी बोल पड़े.

दादा जी – अरे कुछ नहीं बेटा कभी कभी कुछ बात याद आ जाती है इसीलिए तेरी माँ और मैं हस  रहे है.

मैं – अच्छा आप दोनों को एक ही बात याद आयी.

मम्मी – ज्यादा बाते मत कर चुप चाप खाना खा.

दादा जी – अरे बहु बच्चा है उसे डाटो मत, क्या हुआ बेटा अभी जब मैं किचन में गया था, तब वह एक कीड़ा घूम रहा था और तेरी मम्मी चीख पड़ी.

इसीलिए हम दोनों हस रहे है मैंने मम्मी की तरफ देखा तो उन्होंने एक राहत की सांस ली मम्मी को लगा होगा,दादा जी मुझे ये तो नहीं बता रहे है की उन्होंने कैसे उनकी कमर को पकड़ लिया था.

मैं – अच्छा ये बात थी दादा जी, मम्मी भी बड़ी डरपोक है कीड़े से डर जाती है।

मैं और दादा जी खाना खाने लगे, मैंने जल्दी से खाना खा लिया और प्लेट रख के आ गया फिर कुछ देर बाद दादा जी प्लेट रखने गए, आज से पहले दादा जी कभी भी प्लेट रखने नहीं गए थे.

मम्मी – अरे पापा जी मुझे आवाज दे देते, मैं लेने आ जाती. Sasur Bahu Ki Chudai ki Story

दादा जी – अरे बहु तुम इतना काम तो करती हो तुम्हे भी तो आराम चाहिए होता है वैसे मुझे माफ़ करना वह मन्नू के सामने मेरी हसी निकल गयी थी.

मम्मी – पापा जी हसी तो मेरी भी निकल गयी थी.

मगर फिर मैं डर गयी जब आप उसे बताने लगे, मगर जब आपने बात बदल दी, तो मेरी जान में जान आयी.

दादा जी – बहु मैं जनता हु कोनसी बात किसको बोलिनी है, ये बात कोई कहने वाली थोड़ी है

मम्मी – ठीक कहा आपने पापा जी, आप चलिए मैं थोड़ी देर में दूध लेके आती हु.

मम्मी बर्तन धोने लग गयी और दादा जी फिर से किचन में चुप चाप गए, और मम्मी के बिलकुल पीछे पहुंच के उनकी गांड पर अपना लंड लगा दिया, मम्मी एक दम से उछल पड़ी और तुरंत पीछे मूड गयी.

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मम्मी – आपने तो मुझे डरा ही दिया था पापा जी कुछ चाहिए था क्या?

दादा जी – है बहु वह गिलास लेने आया था मैंने सोचा मैं खुद ले लेता हु मगर तुम तो मुझे देखकर ही डर गयी मैंने देखा मम्मी की नज़र दादा जी के लंड पर पड़ चुकी थी.

यानी अब वह भी समझ चुकी थी की बूढ़े को जवानी चढ़ी है फिर दादा जी बहार आ गए और सीधा कमरे में आ गए.

मैं – मम्मी को डरा दिया आपने तो दादा जी, जानते है वह आपके लंड की तरफ देख रही थी.

दादा जी – सच में वह मेरे लंड की तरफ देख रही थी, यानी वह भी समझ गयी होगी की मैं क्या कर रहा हु.

मैं – ये तो अच्छी बात है दादा जी, इससे तो जल्दी ही आपको उनकी चूत मिल जाएगी, फिर मम्मी दादा जी के लिए दूध लेके आ गयी और फिर मैं और मम्मी कमरे में आ गए और मम्मी पापा से बाते करने लगी, कुछ देर बात करने के बाद वह मेरे साथ लेट गयी, मगर आज उनकी आँखों में नींद नहीं थी वह ऊपर देख रही थी और कुछ सोच रही थी यानी दादा के लंड का असर उनके दिमाग तक पहुंच गया था.

मैं – क्या हुआ मम्मी आप परेसान लग रही हो?

मम्मी – नहीं बेटा बस ऐसी ही कुछ सोच रही थी तुम सो जाओ कल कॉलेज जाना है या नहीं.

मैं – नहीं मम्मी बस कॉलेज नहीं जाना है. Sasur Bahu Ki Chudai ki Story

फिर हम दोनों सो गए. 2 से 3 दिन दादा जी ने सिर्फ मम्मी को टच किया और मम्मी ने भी कुछ नहीं कहा यानी अब वह भी हलके हलके इस सब का मज़ा ले रही थी, मगर फिर मैंने एक रात को अपना काम कर दिया था सुबह मम्मी सबसे पहले उठी और फिर फ्रेश होक दादा जी को चाय देने गयी.

फिर जब दादा जी फ्रेश होने चले गए तब मम्मी उनके कमरे की सफाई करने लगी जब मम्मी दादा जी का बिस्तर ठीक करने लगी और जैसे ही उन्होंने तकिया हटाई तो उनकी आँखे खुली की खुली रह गयी, तकिया के नीचे मम्मी की काली पेंटी थी.

जिसे मैंने मुठ मारके रखा था मम्मी ने पेंटी उठायी और उसे देखने लगी मम्मी ने पेंटी के अंदर भी देखा और वह उसे बड़े धयान से देख रही थी मुझे लग रहा था जैसे अब मम्मी की चूत पर भी चीटिया रेंगने लगी थी.

फिर मम्मी ने पेंटी को वही रख दिया और जल्दी से बहार निकल गयी दादा जी के फ्रेश होने के बाद जब मम्मी दुबारा चाय लेके आयी तब मम्मी दादा जी को घूर रही थी.

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दादा जी ने भी अपनी नज़र नीचे नहीं की वह भी मम्मी को ही देख रहे थे मम्मी के जाते ही दादा जी बोले.

दादा जी – बेटा आज तेरी मम्मी मुझे कुछ जयादा ही घूर रही है कुछ गड़बड़ तो नहीं हो गयी.

मैं – अब आपने इतनी बड़ी हरकत जो की है दादा जी.

दादा जी – मैंने क्या कर दिया बेटा ?

मैं – जरा अपनी तकिया तो हटा के देखो.

दादा जी ने जैसे ही तकिया हटाई तो उनकी भी गांड फैट गयी.

दादा जी – ये यहाँ कहा से आयी बेटा,  मैं तो नहीं लेके आया.

मैं – दादा जी मैंने रात को रख दी थी ताकि मम्मी भी जान ले की आप उनके लिए पागल हो रहे है कल रात को वह कुछ सोच रही थी, शायद आपके बारे में ही सोच रही हो.

दादा जी – बेटा थोड़ा ध्यान से मुझे डर लग रहा है.

मैं – दादा जी ये टाइम डरने का नहीं आगे बढ़ने का है. Sasur Bahu Ki Chudai ki Story

क्या आप नहीं चाहते है की मम्मी भी आपके साथ इसी बिस्टेर पर नंगी सोये, तो दोस्तो दादाजी और माँ की चुदाई की कहानी कैसी लगी? बस दोस्तो आज इस कहनी मे इतना ही बाकी अगले भाग मे.

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