By | April 14, 2023

Sasur bahu ki chudaii: मेरे ससुर ने मेरे पति और देवर को बहार भेज दिया था, कुछ दिनों के लिए जब वो शाम को घर आए तो मुझसे कहा 

ससुर: “जब तक वह दोनों नहीं आते तू चिंता ना कर या तो मेरे साथ ऑफिस चलना नहीं तो मैं रहूँगा घर पे और रात को मेरे रूम में ही सो जाना”मैं थोड़ा हिचकिचाई क्यूंकि रात को मैं खुद से हस्तमैथुन करना चाहती थी क्यूंकि बहुत ही आग लगी हुई थी लेकिन अब मन शांत रखना पढ़ रहा था।

भाग 1: पति था बेकार तो ससुर के बड़े लंड से चुदवा बैठी

अब हम दोनों ही खाना खा चुके थे ससुर बोले: 

सुसूर: “बहू जा के रिलैक्स कर ले कपडे सोते समय ढीले होने चाहिए”मैं नहीं समझी तो मेरी पीठ पे थपकी देते हुए कहा “ब्लाउज के भीतर की ब्रा खोल के आ जा क्या करूँ सास नहीं है तुम्हारी तो मुझे ही बताना पड़ रहा है”

मैंने जवाब दिया 

मैं: “नहीं नहीं पिता जी आप ही मेरे सास ससुर दोनों हो और अपने ही बच्चों के भले की बात आप नहीं बताओगे तो कौन बताएगा?” ससुर जी ने ये सुनकर मुझे किश किया दूसरे रूम में जा कर मैं ब्रा उत्तर के ब्लाउज में आ गयी।

ससुर हाथ में एक सोने की जंजीर ले कर बैठे थे मुझे कहा की “ये खानदानी कमर बंद है जो तेरी सास की तरफ से गिफ्ट करना है और सास होती तो अपने हाथों से पहना देती”मैं सोने की चैन को देख कर ललचा गयी थी

और भावुकता में बोल पड़ी की: Sasur bahu ki chudaii

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मैं: ससुर जी अब आप ही मेरे लिए सास और ससुर दोनों हो” ससुर ने कहा की “नज़दीक आओ पहना देता हूँ मैं ही” मैं सामने खड़ी हो गयी ससुर ने दोनों कमर की साइड से साड़ी को 6 इंच निचे खिसका दिया और नाभि से भी निचे और चैन कमर में डालते हुए बोले “बीटा तुम्हारी कमर पे तो दाग हो गया है साड़ी का एक काम करो पेटीकोट ही पहन के सो जाओ नहीं तो कमर की स्किन में जलन होगी” कहते हुए साड़ी उत्तार दी।

मैं तो सोने की चैन पा कर पगलाई हुई थी और ससुर पे कोई शक भी नहीं था अब ससुर सिर्फ लुंगी पहने हुए थे बनियान भी नहीं पहनी थी।

हम दोनों बेड पे लेट गए थे मुझे थोड़ी सी खुजली हुई ब्लाउज के निचे ससुर ने खुजाते हुए देख का कहा – “अरे पागल लड़की गाँव की बुद्धि छोडो नहीं तोह ज़िंदगी भर स्किन खुजलाती रहोगी”

मैं: मैं कुछ समझी नहीं ससुर जी तब कहा की “ब्लाउज के एक दो बटन छोड़ के बाकि के खोल दो” वैसा ही किया मैंने वाकई बहुत हल्कापन महसूस हुआ ससुर ने क्रीम निकला और कमर पे लगाते लगाते ब्लाउज के निचे हिस्से पे भी लगाया उनकी उँगलियों से बूब्स के निचे की तरफ से उभर टच हुए तो अजीब सा मज़ा आया।

बेड भी सिंगल ही था इसलिए ससुर के साथ ही लेटी हुई थी और ठण्ड से कप काँपी सी छुट्टी तो ससुर ने एक काम करते हुए मेरे मुँह को अपनी चेस्ट में दबा लिया।

मैं भी करवट ले कर उनकी चेस्ट में मुँह घुसा के सोने लगी और मेरा एक हाथ ससुर की कमर पे था।

मेरा भोलापन या बेवकूफी ही थी की मैं इस पूरी हरकत को बाप बेटी की तरह से ही और मॉडर्न तरीके से ही समझ रही थी ससुर ने भी कमर पे हाथ रखा और हाथ फेरते हुए ब्लाउज के निचले हिस्से को खुजाते हुए उधर भी टचिंग कर रहे थे मुझे अच्छा भी लग रहा था और इसको गलत भी नहीं समझ रही थी। Sasur bahu ki chudaii

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ससुर जी की निप्पल पे ही मेरी गरम साँसे गिर रही थी ससुर के कहने पे उनकी छाती को सहला रही थी ससुर की उँगलियाँ ब्लाउज के निचे से थोड़ी और अंदर आ चुकी थी।

मुझे कुछ शक हुआ लेकिन कुछ भी रियेक्ट नहीं किया ससुर की हिम्मत बढ़ती गयी और अचानक महसूस हुआ की उसकी उँगलियों ने मेरे निप्पल को टच करना सुरु कर दिया मैं फिर भी चुप रही।

ससुर ने चद्दर हटा दी और कहा ब्लाउज उत्तार दे मैं शॉकेड हो के देखती रही गयी और ससुर ने एक झटके में ब्लाउज खिंच दिया और बटन टूट गए ब्लाउज अलग हो गया था।

मैंने दोनों हाथों से बूब्स को ढकते हुए बोली –

मैं: पिताजी ये गलत है प्लीज छोड़ दीजिये” मुझे धमकाते हुए से बोले:

ससुर जी: चुप कर” मैं डर गयी मेरे दोनों हाथ हटा के बूब्स को दबाते हुए चूसने लगा और बेशर्मी से बोले: 

ससुर जी: तेरे पति की असलियत तुझे पता ही है और खीरा रोज डालती है अंदर ये भी पता है और तेरा पिछला पति तुझे चोदता ही होगा तो चुदाई के बिना कैसे रह पाएगी बावली?” मुझे कहा की अगर मेरी बातों से सहमत होगी तभी रह पाएगी घर में और राज भी करेगी मैं चुप रही मेरी चुप्पी को स्वीकृति समझ के मुझे कहा तो मैंने ससुर के निप्पल चूसे वह दोनों हाथों से बूब्स को धीरे धीरे दबाते हुए बोलै:

ससुर जी: बहुत बड़े और शख्त है मज़ा आ गया” और निप्पल को हलके हलके मसला तो मैं बहुत ही गरम हो गयी, सीधे ही पेटीकोट के अंदर हाथ ग़ुस्सा दिया और मेरी क्लीट को मसलने लगा।

मैं निप्पल चुस्ती रही फिर हम दोनों ही नंगे हो गए ससुर का लंड 10-इंच का मोटा सा था मेरे पहले पति से भी बड़ा और मोटा डर लगा देख के मुझे, Sasur bahu ki chudaii

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मैं ससुर को बताया तो उसको अपनी मर्दानगी पे नाज़ हुआ और हँसते हुए बोले:

ससुर जी: चिंता ना कर आराम से ही चुदाई होगी” और मेरे ऊपर लेट गए मेरा मुँह उनकी निप्पल पे था इसलिए निप्पल चूसने लगी और ससुर ने लंड 6-इंच भीतर डाला तो हलकी सी चीख निकली ससुर सुरु हो गया और अचानक ही एक झटके में पूरा अंदर डाल दिया, अब रूम में मेरी चींखें गूंजने लगी लेकिन ससुर ने 33 मिनट तक लगातार झटके लगाए और दोनों ही झड़ गए।

मुझे इतने सालो बाद बहुत संतुष्टि भी मिली और चूत में हल्का सा दर्द भी हो रहा था आंख में आंसू आ गए थे चुदाई के कारन बाथरूम में पहले ससुर फिर मैं जा के साफ़ करके आयी, तो देखा मेरे कपडे गायब थे और ससुर ने लुंगी पहन ली थी मुझे बताया की नंगी ही रहना होगा रात भर मैं शरमाई हुई सी थी ससुर ने किचन से पानी लेने भेजा और नंगे ही मुझे दौड़ाये जा रहा था.

फिर बगल में बैठाया और बड़े ही प्यार से बूब्स को सहलाते और दबाते हुए पुछा:

ससुर जी: :  ये बूब्स पे निशान क्यों है।

मैं: तब मैंने बताया की पिछला पति चुदाई के वक़्त काटता था और कभी कभी खून भी आ जाता था पुराना पति मार पिटाई भी करता था सुनकर ससुर ने अफसोश जताया और प्यार से किश करते हुए कहा ये सब नहीं होगा।

लेकिन तुझे हर बात माननी पड़ेगी मेरी मैंने हाँ कह दिया, अब ससुर मेरे बूब्स को चूसते हुए चूत की क्लीट से खेलने लगे और मैं उनके लंड को बिना मन से हिलाती रही क्यूंकि चूत में दर्द था और दुबारा चुदवाना नहीं चाहती थी।

डर रही थी क्यूकी अब ससुर का लंड तन चूका था मेरे डर को भांप गया और मुझ से कन्फर्म कर के बोला“

ससुर जी: कोई बात नहीं तू मेरे लंड पे बैठ जा जितना मन हो उतना ही अंदर लेना” अब मैं डरते हुए बैठ गयी और 5 इंच तक घुससा के थोड़ी देर में उत्तर गयी ससुर ने कपडे से लंड साफ़ किया और मेरी चूत भी और मुझे लेटा दिया और उसके अंदर एक एक करके 20-25  अंगूर ग़ुस्सा दिए और चूत को चूसते हुए जीभ से टटोल टटोल के निकालते हुए खाने लगा, बहुत ही मज़ा आ रहा था मुझे और मुँह से सिसकारियां सी निकल रही थी। Sasur bahu ki chudaii

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मेरे दोनों हाथ ससुर के माथे पे थे और ससुर के दोनों हाथ मेरे दोनों बूब्स को पकड़ के दबाते हुए थे 10  मिनट्स बाद मैं भी गरम हो चुकी थी लेकिन हिम्मत नहीं थी की लंड भीतर ले सकूँ, ससुर खुद लेट गया और मुझे कहा:

ससुर जी: बहू अब आओ, अब ये उसको प्यार करूँ ये मेरे लिए पहला अनुभव था क्यूंकि पुराने पति ने हमेशा चुदाई के वक़्त इतना टार्चर किया की कैसे उसका पूरा हो और छुटकारा मिले।

लेकिन यहाँ तो मैं खुद ही चाह ने लगी थी की मुझे  देर तक प्यार हो।

मैं ससुर के ऊपर लेट के उसके मुँह को चूसना सुरु किया तो उसने जीभ चूसने को कहा और बारी बारी हम दोनों ने एक दूसरे की जीभ को  चूस रहे थे ,

ये भी पहली बार हुआ मेरे साथ अच्छा लगा फिर मैंने ससुर की गर्दन और  निप्पल पे कीश किया फिर ससुर ने कहा:

ससुर जी: बहू लंड को हिलाते रहो और इसको अपने मुह मे लेकर चूसो तो  मुझे घिन्न आयी क्यूंकि कभी मुँह में लिया नहीं था।

मेरे अनजाने ढंग को देख कर समझ गया और बगल में लेटा कर मेरी चूत को चूसते हुए कहा:

ससुर जी: बहू अब लंड अंदर डाल 69 पोजीशन करेंगे मैंने मुँह में डाल लिया और ससुर के कहे अनुसार लंड को हाथ से आगे पीछे करते हुए लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।

मेरी शर्म मिट गयी क्यूंकि चूत की क्लीट को ससुर ने चूस के मुझे हॉट कर दिया था लंड को पागलों की तरह चुस्ती रही तभी उसमें हरकत हुई और पूरा माल अंदर आ गया। Sasur bahu ki chudaii

मुँह के कुछ तो गले से निचे भी चला गया ससुर ने तुरंत ही उठ के होठों पे हाथ रख दिए और कहा इसको पूरा अंदर डाल ले, मजबूरी वश डाल लिया ससुर अब ठंडा हो चूका था लेकिन मैं गरम ही थी और हिम्मत भी जवाब दे चुकी थी ससुर ने चूत पे एक क्रीम लगा दी दोनों एक दूसरे के लिपट के सोने लगे और मैं प्यार से ससुर के निप्पल को चुस्ती हुए सो गयी।

सुबह 4 बजे नींद खुली तो पाया की मेरी निप्पल चूस रहे थे फिर दोनों ने एक दूसरे से बहुत स्मूचिंग की ससुर मेरे ऊपर आ गए और बोले की:

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ससुर जी: “रात को तेरा पहली बार था इसलिए मैं भी अधूरा रहा अब थोड़ा बर्दास्त कर लेना” और लंड अंदर घुसेड़ा तो मज़ा आया और ताबड़ तोड़ चोदना सुरु किया मेरा सारा दर्द गायब था।

6-7 मिनट में ही में झड़ गयी लेकिन ससुर लगा हुआ था अब तो मेरी आवाज़ें निकलने लगी लेकिन उसने 2 बार झड़वा दिया मुझे और अपना पूरा माल मेरे अंदर ही डाल दिया चूत में फिर से दर्द हो रहा था।

लेकिन मज़ा भी बहुत आया चूत सूज गयी थी उसमें फिर से क्रीम लगा दिया और दोनों उठ के अपनी दिन चर्या में लग गए, थोड़ी देर बाद सर्वेंट क्वार्टर से नौकरानी भी आ गयी।

मैं पूरी तरह से संस्कारी बहु की तरह साड़ी लपेटे हुए थी दिन में ससुर के साथ ही कार में घूमती रही और उसके आलिशान ऑफिस और फैक्ट्री भी घूमी और  नयी मालकिन की हैसियत से बहुत ही सम्मान मिला और ससुर की दौलत देख के खुसी भी हुई ससुर की सेक्रेटरी थी सुन्दर थी मुझे ऑफिस के बगल में ही मार्किट से शॉपिंग करने भेज दिया।

लेकिन मार्किट बंद था तो मैं वापस आ गयी और बिना नॉक किये ही ससुर के चैम्बर में घुस गयी, वह भीतर के चैम्बर में थे मैंने भीतर का भी दरवाज़ा धीरे से खोला तो हैरान रह गयी वह अपनी सेक्रेटरी की चुदाई कर रहा था।

मैं धीरे से दरवाज़ा बंद करके बहार निकल गयी और 1 घंटे बाद वापस आयी ससुर चेयर पे ही बैठे थे।

मैंने कुछ भी ज़ाहिर नहीं किया मन थोड़ा सा उदास ज़रूर था लेकिन वह मेरा पति थोड़े ही है सोच के खुद को तस्सली दी शाम को ससुर और मैं रेस्टोरेंट गए वहां पे खाने के बाद जोर देकर ससुर ने मुझे शराब का 1 पेग भी पिलाया।

अब मुझे माथे में हलके चक्कर आ रहे थे और टाँगे भी कंपकपा रही थी ससुर ने सहारा दिया और घर आ गए नशा बहुत ज्यादा तो नहीं था। Sasur bahu ki chudaii

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लेकिन हाथ पाँव में ढीलापन था ससुर ने पुरे कपडे उतरवा दिए और मुझे लेटा दिया मेरी चूत के अंदर काजू डाला और जीभ से निकाल कर खाता रहा फिर ठंडी ठंडी कोल्डड्रिंक की बोतल को हिला के मेरी चूत में बोतल का मुँह घूससा दिया।

अब चूत के अंदर पूरी ठंडी कोल्डड्रिंक भर गयी और बहार निकलने लगी तो अपना मुँह लगा के चूसने लगा अंदर की ठण्ड से मेरी हालत पतली हुई थोड़ी देर के लिए अच्छा भी लगा।

फिर मुझे समझाया की कैसे फोरप्ले करेंगे मैंने  पुराना ब्लाउज और पेटीकोट पहन ली और ससुर हाफ पैंट और बनियान, मेरी बारी थी मैंने ससुर के बनियान को खोलते हुए बेड पे गिरा के गुथमगुथा हो के बनियान खोलना सुरु किया और वह छुड़ाना चाहते थे आखिर में मैंने बनियान फाड़ दी और इस तरह से पैंट खोल के लंड चूसा इस पुरे काम में कभी वह मेरे ऊपर कभी मैं उसके ऊपर रहती थी ।

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अब बारी ससुर की थी अटैक की और मेरे बैचने की वैसे ही कुस्ती हुई लेकिन ससुर ने ब्लाउज फाड़ डाला और पेटीकोट उत्तार दिया, वह भी थोड़ा सा फट गया था। Sasur bahu ki chudaii

फिर दोनों ने 69 पोजीशन किया इसके बाद एक राउंड की चुदाई हुई ससुर ने फिर से 2 पेग पीला दिए और कहा:

ससुर जी: “बुरा नहीं मानना तेरे को जब नशा चढ़ जाएगा तब मैं तुझे थोड़ा पिटाई करते हुए और बूब्स काट ते हुए चोदुगा ” मैं बिंदास हो गयी थी और यकीं था की वह ज्यादा टार्चर नहीं करेगा फिर भी डरते हुए कहा की जैसे आपकी मर्ज़ी बाकि अगले पार्ट में।

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