By | January 31, 2023

Meri Sexy Bhabhi ki Chudai ki Story: हैलो दोस्तो, कैस हो आप सब , आज मैं आपके साथ लेके आया हु पिछली कहानी का भाग 9 , मुझे उम्मीद है दोस्तो आपको इस कहानी के सभी भाग पसंद आ रहे होगे , अच्छा दोस्तो अगर आपको इन कहानियो मे केसीएच पसंद नहीं आ रहा तो प्लीज कमेंट करके ज़रूर बताए.

और आपने अभी तक इस कहानी के पिछले भाग अभी तक नहीं पढे तो आप यहा क्लिक करके ज़रूर पढे .

ये भी पढे-> भाभी से मज़ाक से सुरू फिर चुदाई की 8

अब चलते है उसके आगे की कहानी में. आकाश एक लम्बी रात के बाद नया दिन शुरू हुआ. आंखे तो खुली पर बदन में ताकत ही नहीं थी. तब याद आया क्यों यकीन ही नहीं हो रहा था की कल रात क्या हुआ. कल रात शोभा और भैया की चुदाई का खेल मेरे लंड में आग उगलने लगी. कितनी बार शोभा चुदवाई और कितना बार मैं उन्हें देख मुठ मारी.ये सब सोच के अपने लंड को सहलाते हुए नींद से होश में आ रहा था. फ़ोन उठाकर देखा तो टाइम 9.45 हो रहा था.

Sexy Bhabhi ki Chudai

यकीन नहीं आया की इतना टाइम कैसे गुज़र गया क्या मज़बूत नींद थी. भैया भी शायद अब तक चले गए थे उनकी फ्लाइट जो थी आज सुबह.उठकर मैं जल्दी से अपनी शार्ट और टी-शर्ट पहनी . और बाल सवार कर रूम से बहार निकलने लगा. तो सोचा एक बार शोभा को मैसेज कर के पूछ लू की भैया सच मे चले गए या नहीं. क्यों की कल रात तो उनसे झूठ बोल कर घर में छुपा रहा उन दोनों का सेक्स शो देखने.

मैं (व्हाट्सप्प): ही गुड मॉर्निंग. भैया चले गए क्या?रिप्लाई नहीं आ रहा था तो दरवाज़े पर कान लगाकर बहार की आवाज़ सुनने लगा. बहार शोभा किसी से बात कर रही थी. बड़ी हलकी आवाज़ थी जिससे पता नहीं चल रहा था की वह किस्से और क्या बात कर रही हो. कही ऐसा तो नहीं की भैया नहीं गए और उन्ही से बात कर रहे हो.फिर एक मिनट के बाद शोभा बात करना बंद कर दिया. दरवाज़े पे कान लगाए हुए ही खड़ा था मैं की तभी फ़ोन विबरते हुआ. देखा तो शोभा ने रिप्लाई किया.

शोभा (व्हाट्सप्प): नहीं नहीं गए क्यों अंदर दम घुट रहा है क्या?मैं एकदम से गुस्से में आ गया की भैया क्यों नहीं गए. मन ही मन उनको दो चार गाली दे कर शोभा को रिप्लाई किया (व्हाट्सप्प): क्यों नहीं गए? भगाओ उनको.शोभा (व्हाट्सप्प): क्यों भागों? मेरे पति है वह उनको क्यों भागों?मैं तब सोचा की कही शोभा मेरे साथ मज़ाक तो नहीं कर रही. अब पता कैसे लगता तभी एक आईडिया आया. मैंने तुरंत भैया के नंबर पर एक मैसेज भेजा. Meri Sexy Bhabhi ki Chudai ki Story:

मैं (व्हाट्सप्प): गुड मॉर्निंग भैया. फ्लाइट टाइम पे है ना?ये मैसेज मैंने इस लिए किया क्यों की अगर वह एयरपोर्ट या घर में हो तो मुझे रिप्लाई तो करेंगे. अगर वो चले गए होगे तो मैसेज नहीं जाएगा, ठीक ऐसा ही हुआ की मैसेज  नहीं दिखाया. ज़रूर वह फ्लाइट में होंगे और इस बात को पक्का करने के लिए उन्हें एक कॉल भी कर दिया.जिस पर उनका नंबर सीमा क्षेत्र से बहार बताया. पक्का हो गया की शोभा मेरे साथ मज़ाक कर रही थी तो मैं भी उनके साथ मज़ाक करने की सोची.

Desi bhabhi ki chudai ki kahani

मैं (व्हाट्सप्प): ओके मत भगाओ मैं बहार आ रहा हूँ.शोभा (व्हाट्सप्प): नहीं नहीं राकेश को लगता है की तुम अपने फ्रेंड के यहाँ हो यही बताई न कल मैं उनको. तो बहार मत आओ.मैं (व्हाट्सप्प): कोई बात नहीं मैं सब बता दूंगा की मैं उनकी और उनकी बीवी की चुदाई देखने रात को वापस आ गया था.शोभा (व्हाट्सप्प): अच्छा और फिर वह मुझे और तुझे घर से लाठ मार के निकाल दे क्या?

मैं (व्हाट्सप्प): निकलने दोना फिर मैं और आप कही दूर साथ में रहेंगे.शोभा (व्हाट्सप्प): अच्छा! बड़े दूर वाले सपने है तुम्हारे. कही इतनी दूर मत जाओ की वापस आने का रास्ता न मिले चलो बहार आओ. नहीं है वह.मैं उनके मैसेज पढ़ते ही दूर ओपन कर के बहार निकला. शोभा किचन में फ़ोन लेकर खड़ी मुझे देखि. और वही से बोली: दरवाज़े पे ही खड़े थे क्या? बोली की बहार आओ और निकल आये है है है!शोभा को देख मेरे लंड में खलबली होने लगी.

वह स्लीवलेस नाईट टॉप और शॉर्ट्स में खड़ी थी शॉर्ट्स भी बस आधे जांघो से थोड़ा ऊपर तक ही था. यूँ तो कल रात शोभा को पूरी नंगी होकर चुदते हुए देखा था. फिर भी उनकी जंघे और बाहो की चिकनाहट देख मन में बहुत ख़ुशी हो रही थी.मैं उनके तरफ जाते हुए उनसे कहा: आपको क्या लगा की आप मज़ाक करोगे और मैं पता नहीं लगा पाउँगा?शोभा फ़ोन किचन के रैक पर रख कर स्टोव पर चाय उबलने लगी और बोली: कैसे पता लगा की मैं मज़ाक कर रही हूँ?

मैं: मैं इतना भी बेवक़ूफ़ नहीं हूँ भाभी. एक फ़ोन लगाओ भैया को तो पता लग ही जायेगा की घर में है या आउट ऑफ़ कवरेज एरिया है है है!मेरी बात सुन कर शोभा खिलखिला कर हसने लगी कितनी खूबसूरत लगती है जब वह हस्ती है तो. मन में फूल बरसने लगते है उसे देख. कभी उनकी रात की चुदाई लंड में गुदगुदी कर जाती है. तो वही साथ ही उनकी हस्ती हुई मासूम सा चेहरा भी आँखों में उतर जाता है.कभी मन करता है की शोभा को पूरा दिन लगातार एक के बाद एक बार बार चोदू तो कभी पूरा दिन उनके खूबसूरत चेहरे से प्यार करने को मन करता है.शोभा: क्या हुआ? ऐसे क्या देख रहे हो?

मैं – क्यों नहीं देख सकता क्या?शोभा: हाँ बिलकुल नहीं देख सकते चलो आँखे बंद करके खड़े रहो है है है!मैं: पर ऐसा कल रात को तो अपने नहीं कहा.शोभा के चेहरे पर एक शर्म भरी मुस्कान आयी. और फिर अचानक से वह सीरियस होकर बोली: एक बात बताऊँ आकाश. Meri Sexy Bhabhi ki Chudai ki Story:

मैं: हाँ बोलिये.शोभा: कल रात मज़ा आया देखने मैं?मैं: हाँ बहुत पूछिए मत भाभी. बहुत मज़ा आया.शोभा: तो चलो मैं कुछ नियम कायदे बताती हूँ तुम्हे.मैं: नियम कायदे?शोभा: हाँ वह ये की मुझे भी मज़ा आया कल रात तुम्हे दिखते हुए सेक्स करने में. पर हाँ मुझे ऐसा करने के बाद उस बारे में फिर कभी बात करना अच्छी नहीं लगता.मैं: समझा नहीं.शोभा: यही की अगर मस्ती करना है तो करो पर उस मस्ती के बारे में फिर कभी किसी से भी बात नहीं करो. मुझसे भी नहीं समझो की ऐसा हुआ ही नहीं. क्यों की मुझे शर्म और गलती दोनों का एहसास जो बात कराये मैं उससे दूर रहना चाहती हो अब समझे.

मैं अपने बालो को खुजलाया और फिर उनकी बात को समझा. उनको कल रात के जैसे सब करना तो पसंद है पर ऐसा नहीं होना  की उस बारे में कोई बार बार बात करे. शायद उन्हें शर्म आती हो क्या पता.

मैं: ओके भाभी समझा मैं आप क्या कहना चाहती हो जैसा आप कहो. कल मैंने एक बहुत मस्त सा सपना देखा भाभी.शोभा: सपना? क्या देखा.मैं: की आप राकेश भैया के साथ ज़ोर ज़ोर से सेक्स कर रही हो और मैं सोफे पे बैठा देख कर मज़ा ले रहा हूँ.ये सुन भाभी है पड़ी और बोली: है है है! काफी समझदार हो. ये लो चाय पकड़ो.इतना कहती हुई वह मुझे मेरी चाय का कप दिया और अपने कप में चाय डाल  कर बोली: चलो वहा  चलकर बैठते है.

Devar bhabhi ki chudai ki story

उनका इशारा लिविंग रूम के सोफे पर था हम दोनों लिविंग रूम में जाकर बैठे और चाय पिने लगे.मैं: आप भी अभी चाय पी रहे है?शोभा: हाँ नींद आ रही थी. कल लेट सोई और आज राकेश को जाना था तो जल्दी भी उठी अपने लिए बना रही थी जब तुमने मैसेज किया तो फिर तुम्हारे चाय का भी दूध डाल  दिया, क्यों की शोभा ने कहा की रात की बात का ज़िकर न करू तो मैं उस पर कुछ नहीं बोला. खाम खा क्यों उसका मूड ख़राब करू क्यों की अगर उनका मूड अच्छा  हुआ तो शायद कुछ मिल जाए.

मैं: कब उठे आप आज? और भैया कब गए.शोभा: करीब 7 बजे उठी और वह तो 7:30 को ही चले गए. उसके बाद थोड़ी देर सोने को लेटी  पर नींद नहीं आ रही थी.मैं: अरे भाभी तो मुझे उठा लेते अगर नींद नहीं आ रही थी तो.शोभा: नहीं नहीं सोचा जो सो रहा है उसे सोने ही दूँ. क्यों तुम्हारी नींद ख़राब करती?मैं: ऐसा कुछ नहीं भाभी आपके साथ जितना भी टाइम काटू मज़ा आता है.

शोभा: है है है! ये तुम अपने दिल से कह रहे हो या वह से.इतना कहती हुई शोभा हसने लगी और हसने के कारन उसके हाथ हिले. तो चाय उनके कप से निकल कर  उनके जांघो पर और फर्श पर गिरने लगी.

मैं: बस बस भाभी चाय गिर रही है आपकी.शोभा झट से कप को टेबल पर रख और अपने जांघो पर से चाय पोछने लगी. उसे ऐसा करते देख कितनी मस्त लग रही थी. पोछती हुई वह मुझे देखि और बोली: जाओ जाकर किचन से मोप ले आओ जब देखो ताड़ते ही रहते हो है है है! Meri Sexy Bhabhi ki Chudai ki Story:

मैं मुस्कुराता हुआ किचन जाकर मोप ले आया और फ्लोर से चाय पोछने लगा और बोला: कहो तो भाभी आपकी जांघो से भी पॉच दूँ क्या?शोभा: नहीं नहीं रहने दो उसके लिए हाथ है मेरे पास.मैं: वैसे भाभी भैया तो अब 2-3 दिन बाद ही आएंगे आपका मन कैसे लगेगा?ये मैं दूसरे  मतलब से पुछा और ये शोभा को भी पता था तो उसने कहा: क्यों? तुम कही जा रहे हो क्या? तुम होना.मैं मन ही मन खुश होकर बोला: हाँ मैं तो हमेशा आपके लिए यही हूँ. आप बस हुकुम करना.शोभा: बड़े इरादे फूट रहे है तुम्हारे तेरे भैया के न होने पर.मैं: अब क्या कहु जैसा की मैंने कल कहा था भाभी की सेवा करना तो देवर का धर्म है न.

शोभा: ओहो क्या सेवा करोगे बोलो?मैं: जो आप कहो वह सब.शोभा: अच्छा? पक्का?मैं: हाँ पक्का.शोभा: तो चलो शुरुवात वह स्टोर रूम में रखे कपडे धोने से करो. उसके बाद बहार बालकनी में गमलो में पानी डाल  देना. फिर सारा घर मोप कर देना और फिर खाना भी बना देना.

ठीक है.ये सुन मेरे जैसे मनो इरादों पर पानी फिर गया और चेहरे का रंग बदल गया और फिर शोभा ज़ोर से हश पड़ी और बोली: है है है! क्यों क्या हुआ अब निकल गयी सारी हेकड़ी. करो करो चलो.

मैं: क्या भाभी आप भी न.शोभा चाय ख़त्म करके अपना कप टेबल पर रख कर बोली: अरे पागल मज़ाक कर रही थी. वह सब तुमसे क्यों करवाउंगी. चलो ये मोप लेजाकर रख कर आओ पकड़ कर खड़े हो तबसे खम्बे के तरह.मैं मोप वापस रख कर आने लगा तो देखा भाभी उठकर अंगड़ाई लेती हुई अपने कमर पर हाथ रख शकल बना रही थी.

मनो उनके कमर में कोई दर्द हो.मैं: क्या हुआ भाभी कुछ तकलीफ है क्या?शोभा: जिम जानी थी पर मन नहीं कर रहा. पर थोड़ी एक्सरसाइज भी ज़रूरी है वरना कल रात के कारन बदन में दर्द शुरू हो जाएगी.मैं ने भी तुरंत सोचा की क्यों खामखा शोभा जिम जाए. मेरे मन में तो था की उनके साथ घर में ही वक़्त काटू.

और कैसे भी करके उनको बहला फुसला कर उनका मन बनवा दो चुदवाने  का.मैं: अगर मन नहीं तो क्यों जाना. उस पर आपके फ्रेंड्स भी तो होंगे जिम में. आप लोग मिल गए तो फिर बाते ही करते रहते हो कोई एक्सरसाइज नहीं होता. कल देखा मैंने.

शोभा: वह बात भी सही है तुम्हारी. तुम वैसे क्या कर रहे हो? पूरा दिन घर में ही रहोगे या कही घूमने जाओगे?मैं: नहीं भाभी कोई प्लान नहीं बहार जाने का मेरा. क्यों? क्यों पुछा आपने? आपको कही जाना है क्या?शोभा: नहीं बस ऐसा ही पूछी.मैं वापस सोफे पर आकर बैठकर बोला: वैसे भी जब आप घर पर हो तो क्यों भला मैं बहार जॉन. Meri Sexy Bhabhi ki Chudai ki Story:

indian bhabhi ki chudai ki raat Me

ये सुन शोभा मुस्कुराने लगी. जिससे मैं समझ गया की उनको भी मेरी बात का दूसरा मतलब समझ में आ ही गया हो शायद. इतने में शोभा पलट कर अपने कमरे के तरफ जाने लगी तो मैं पुछा: कहा भाभी कहा चले?शोभा: आती हूँ रुको एक मिनट.शोभा अपने कमरे में घुस गयी. और फिर मैं टीवी ऑन कर के चैनल बदल बदल कर देखने लगा.कुछ 4 से 5 मिनट बाद शोभा अपने कमरे से बहार आयी वह टाइट स्पोर्ट्स टॉप और शॉर्ट्स पहनकर बहार आयी और उनके हाथ में एक योग मैट भी थी. मेरे चेहरे पर निराशा की हलकी बदल छा  गयी ये सोचकर की मेरी बात न मानकर शोभा जिम जाने को तैयार हो गयी.मैं: आप क्या जिम जा रही हो?

शोभा: नहीं नहीं जिम नहीं सोची आज यही थोड़ी बहुत एक्सरसाइज कर लू. जिम तक जाने का मूड नहीं आज.

ये सुनकर मेरे शकल पर लगा निराशा छू मंतर होगया और मुस्कान वापस आ गयी. अपनी मुस्कान को शोभा की नज़र से छुपा नहीं पाया मैं.शोभा: बड़े खुश हो गए है है है!मेरा चोर मन मानो पकड़ा गया जिसपर मैं शरमाते हुए मुँह बनाने लगा और बोला: हाँ खुश तो हूँ. आपको एक्सरसाइज करते हुए देखूंगा और जिम भी जाना नहीं पड़ेगा.शोभा: गयम में भी तो तुम देख सकते हो तो यहाँ क्या ख़ास है?मैं: अरे जिम में मैं आपको अगर देखता राहु तो तो कोई न कोई देख लेगा.

फिर मैं आपको ठीक से नहीं देख पाउँगा. पर यहाँ तो वैसा कुछ रुकावट है नहीं. शोभा: ठीक है ठीक है देखो देखो. चलो कुछ गण लगाओ खेमका चैनल बदल कर मत खेलो.मैं झट से म्यूजिक चैनल लगाया और फिर शोभा को देखने लगा. वह योग मैट को फर्श पर फैला कर उसपर कड़ी होकर कुछ सोचने लगी और फिर मुझे देख बोली: चलो तुम एक काम करो. मैं: हाँ बोलिये.शोभा: मैं जब एक्सरसाइज करूँ तो तुम गिनती रखना. फ्री में शो मत देखो कुछ काम भी बदले में करके दो है है है!मैं: ओके भाभी आप शुरू करो. शोभा: पहले थोड़ी फ्रेश हो लेती हूँ. शोभा मैट पर आराम से बैठ कर आंखे बंद कर बोली: चलो अब मैं धीरे धीरे सांस लूंगी और छोडूंगी ठीक 30 बार जब हो जाये तो बताना. मैं उनके सीने में उभरे टाइट स्पोर्ट्स टॉप में छुपी बूब्स को देख रहा था और बोला: हाँ ठीक है भाभी आप करो.

फिर शोभा धीरे धीरे सांस लेने और छोड़ो लगी. हर बार सांस अंदर लेने पर उनके बूब्स बहार और ज़्यादा उभर आते है. जिसे देख मेरे शॉर्ट्स के अंदर हलचल होनी शुरू हो गयी. कुछ देर शोभा यही करती रही. और रूम में सिर्फ गाने बजने की आवाज़ सुनाई दे रही थी मानो मैं कमरे में हूँ ही नहीं.तो इस पर उसने आंख खोली और मुझे देखा. उन्हें भी दिख गया की मैं कैसे उनके उभरते दबते बूब्स को देख लार टपका रहा हूँ. और वह बोली: बस देखने में लगे हो या गरम भी रहे हो.मैं: हाँ हाँ  भाभी अभी बस 12 हुआ 18 बाकी है.शोभा: ठीक है और कुछ बोलो भी ऐसा लगा की तुम उठ कर चले गए कही.

मैं: ठीक है पर मैं नहीं चाहता था की आपकी सांस बाते करने से काम हो जाए इसी लिए चुप रहा.शोभा चुप चाप सांस अंदर और बहार करती हुई पुरे 25 बार की तो मैंने कहा: 25  हुआ और 5  बार.कुछ 1 से 2 मिनट में और 5 ख़त्म कर शोभा आंख खोली और बोली: अब नेक्स्ट उससे पहले एक काम करना मेरा. Meri Sexy Bhabhi ki Chudai ki Story:

Sexy bhabhi ki chudai ki kahani

मैं: हाँ बोलिये.शोभा: वह बोतल में पानी ले होना ठंडा मत लाना नार्मल चलेगा.मैं उठा तो मेरी शार्ट में हलकी सी उभर देख मैं तुरंत अपने हाथ से उसे ऐसा दबाया. मनो शार्ट पर कुछ लगा हुआ साफ कर  रहा हूँ. पर भाभी की तेज़ नज़रो ने उसे देख लिया और वह हसने लगी और बोली: छुपाओ छुपाओ सारी नियत दिख रही है तुम्हारी.

मैं मुस्कुराते हुए किचन को पानी लेने चला गया. जब वापस आया तो देखा की शोभा अब अपने घुटनो और हाथो के बल घोड़ी बनी मेरे तरफ अपनी शॉर्ट्स में उभरी गांड दिखाकर बैठी थी. और मुझ बिना देखे बोली: चलो अब गिनती शुरू करो.शोभा धीरे से अपने कमर को आगे को कर अपने नावी को फर्श से सतायी. और फिर वापस अपनी कमर पीछे लाती हुई पीछे को आयी. साथ ही उनकी गांड शार्ट में और टाइट होकर उभर आयी. मैं सोचने लगा भला ये कैसा एक्सरसाइज और इससे होने वाला क्या है.खामखा शोभा मेरे काम वासना के साथ खेलने का कोई चाल चल रही हो.

तभी तो वह इस बार दूसरे तरफ मुँह करके थी जिससे की मैं उनकी गांड का आकर साफ़ देख सकू. शोभा ऐसा ही करती रही और मैं बार बार उनके गांड की गोलाई को निहार रहा था.जब भी वह अपनी कमर आगे ले जाती तो उनके टाइट शार्ट का कपडा सिकुड़ कर उनके गांड की दरार में घुस जाती. और फिर जब वह पीछे को अपनी कमर लाती तो शार्ट पूरा खींच कर उनके चिकने गांड का पूरा गोल आकर दिखा देती.

 साफ़ पता चल रहा था की शोभा ने अंदर पेंटी  नहीं पहनी थी.क्यों की जांघो के बीच चूत  के पास उनकी शॉर्ट्स उनकी चूत  की रेखा और उसका उभार चाप कर दिखा रही थी. मेरे लंड में अब ज़ोरदार हरकत होने लगी. लंड तन चूका था और खड़ा हो कर मेरे शार्ट पर टेंट बना कर खड़ा होने की कोशिश में लगा हुआ था.भाभी कुछ 15 बार ऐसा ही करने पर रुक कर मुझे बिना मुड़े देख बोली: कितना हुआ?

मैं अचानक से अपने लंड को दबाकर हक़ बकते हुए बोलै: क्या हाँ 15  नहीं 16. नहीं नहीं 15.तब शोभा वैसे ही घोड़ी बानी हुई अपने सर को मेरे तरफ मुड़कर बोली: गिन भी रहे हो या बस देख देख के लार टपका रहे हो?मैं शर्माकर अपने सर के बालो पर हाथ फेरते हुए बोला: 15 15  बार हुआ. सच्ची भाभी 15 .शोभा वापस आगे मुड़कर बोली: ठीक है और 15  बार होने पर बताना मुझे.शोभा अपना वही एक्सरसाइज जारी रखी . और उसकी आगे पीछे आती हुई गांड को देख मेरे मन और लंड में धमाकों की लड़ी फूटने लगी. Meri Sexy Bhabhi ki Chudai ki Story:

तब मैंने सोचा की कल रात को शोभा ने मेरा लंड और मुझे मुठ मारते हुए अच्छा खासा देख ही लिया है. तो मैं उनसे इतना क्यों शरमाऊं.बस ठान लिया और अपने शार्ट के ज़िप को खोला और अपना तना खड़ा लंड बहार निकल कर उसे धीरे धीरे हिलाने लगा.

जब जब शोभा अपनी गांड पीछे को लाती तो अपने लंड को पूरा नीचे तक खींचकर ऐसा सोचता मनो उसकी गांड पीछे आयी. तो मेरा लंड उसके अंदर घुस रहा हो.ये सोच हुए उसे देख कर ऐसा करने में बड़ा मज़ा आ रहा था. की तभी 26  बार हो गया पर मैंने उन्हें बताया नहीं. सोचा 10 बार और करने दे देते है. मैं चुप रहा. 30 तो हो ही चूका था और कुछ और बार करने के बाद शोभा रुकी. और खड़ी हो गयी और मेरे तरफ मुड़ी.और मुझे अपने खड़े मोठे लंड को हिलाते देख बोली: ये क्या कर रहे हो? बेशरम.मैं कुछ नहीं बोला और बस मुस्कुराते हुए हिलाते रहा

Dehati bhabhi ki chudai ki ghar me.

शोभा: तभी सोचु 30 होने में इतना टाइम क्यों लगा. बेशरम कही के बिलहूल भी शर्म नहीं आरही क्या?मैं: अब आप कर ही रहे थे ऐसा सब तो कण्ट्रोल नहीं हुआ भाभी. और फिर आपसे क्या शर्माना.शोभा झूट मूट का गुस्सा दिखा रही थी. पर उसके चेहरे पर झूठा गुस्सा ज़्यादा देर तक रह नहीं पायी और मुस्कान आ गयी.

शोभा: बेशरमी का अवार्ड मिलेगा तुम्हे. देखो तो कैसे खुलकर पकड़ के बैठे हो.मैं भी चुप नहीं रहा और बोला: तो फिर आप मदत कर दो न  पकड़ने में.शोभा: अच्छा और अगर तुम्हारे भैया को पता चल गया तो फिर पकड़ते रह जाओगे.मैं: भैया को कैसे पता चलेगा? उन्होंने कहा कोई कैमरा लगाया है क्या घर पे. उन्हें नहीं पता चलने वाला कुछ.शोभा: कोई ज़रूरत नहीं पकड़ने की भी और उन्हें पता लगने की भी. और ज़्यादा सपने मत देखो.

 जो देख रहे हो वही बहुत है.शोभा भले न कह रही थी. पर उसकी आँखे हर बार बातो के बीच मेरे खड़े लम्बे लंड पर जा रही थी. जिससे साफ़ ज़ाहिर था की उसको भी मेरे लंड को देखने में मज़ा आ रहा था.शोभा: ठीक है करलो पर इस बार सही गिनती रखना.शोभा मुँह बनती हुई मुझे पीट दिखाकर मूड गयी. फिर अगले एक्सरसाइज करने को तैयार खड़ी हो कर सांस लेने लगी. अपने हाथों  को आगे बड़ा कर. और अपने कूल्हों को थोड़ा पीछे कर घुटनो को हलके से मोड़ कर वह स्थिर खड़ी हो गयी. फिर धीरे से अपने कमर को नीचे लायी फिर ऊपर.जैसे उठक बैठक कर रही हो. ऐसा करने पर मुझे पीछे से उनकी गांड तन कर पूरी नीचे आती हुई और वापस ऊपर उठता हुआ दिखा.

मैं: ये कैसा एक्सरसाइज है भाभी. ये तो मैं भी करता था स्कूल में.शोभा बिना मुझे कसरत करती हुई बोली: स्कूल में? तुम स्कूल में एक्सरसाइज भी करते थे क्या?मैं हस्ता हुआ बोलै: हाँ जब टीचर मुझे कान पकड़ कर उठक बैठक करवाता था. तब ऐसा ही करता था है है है!

शोभा चिढ़ती हुई बोली: उफ़ ये उठक बैठक नहीं है. इसे स्क्वाट बोलते है. ये कमर और जांघो क लिए बहुत अच्छा होता है. गिनना मत भूलना. 30  हो जाये तो बता देना.शोभा वैसे ही करती रही. और उसकी टाइट शार्ट में कस्ती गांड को देख बार बार मेरे अंदर उसे चोदने  की आग भड़कती जा रही थी. फिर से मैं यही सोचने लगा की वह जब भी अपनी कमर नीचे लाती. तो मेरा लंड उसके अंदर जाता.और यही सोच अपने लंड को उसके कमर के साथ नीचे ऊपर खींच कर मज़ा लेते हुए गिनती भी करने लगा.पूरा 30  होने पर मेरे बिना बताये ही शोभा रुकी और मूड कर बोली: पता था की तुम गिनोगे नहीं इसी लिए मैं खुद गईं रही थी. Meri Sexy Bhabhi ki Chudai ki Story:

मैं लंड हाथ में लिए बोला: मैं भी गिन रहा था भाभी. अभी बोलने ही वाला था की आप खुद ही रुक गए.शोभा अपने कमर पर हाथ टिका कर मेरे लंड को देख कर बोली: ऐसा हिलाते ही मत रहो. तुम भी कभी कुछ एक्सरसाइज करो वरना बैठे बैठे तोंद निकल आएगा.

Deshi bhabhi ki chudai ki story

मैं: मुझे तो एक ही एक्सरसाइज करना है भाभी.शोभा: वह कौनसा?मैं लंड को थोड़ी तेज़ी से हिलाते हुए बोला: सेक्सेरसी से भाभी सेक्सेरसीसे.शोभा: भगवान् बचाये तुम्हे तुम्हारे काम वासना से.मैं: क्यों आपको मन नहीं क्या एक्सरसाइज के साथ सेक्सेरसीसे करने की?शोभा: फ़िलहाल मुझे सिर्फ एक्सरसाइज करने का मन है सेक्सेरसीसे नहीं.

जब होगा तो बता दूँगी.मैं: जल्दी बताइयेगा. कही इंतज़ार में बैठे बैठे मेरा सचमे तोंद न निकल आये.मेरी बात पर हस्ती हुई. शोभा पीट के बल लेटती हुई अपने टैंगो को मोड़ कर हाथो को सर के पीछे ले जाकर सीट उप करने लगी. इस बार भले उनकी गांड नहीं दिख रही थी. पर हर बार जब वह उठती तो उनके शॉर्ट्स उनकी चूत की रेखा पर चपटी हुई चूत का अकार दिखने लगी. हर बार जब वह उठती तो मुझे मेरे लंड को हिलते हुए देखती.

कुछ 15 बार होने पर मैंने ध्यान से उनकी चूत के पास देखा. तो शार्ट के ऊपर चूत की रेखा के पास गीलेपन की एक हलकी रेखा दिखने लगी. साफ़ था की शोभा मेरे लंड को देख उत्तेजित हो रही थी.और उसकी चूत गीली भी हो रही थी. मेरे मुँह से मुस्कान और हाथो में तेज़ी आ गयी. और कुछ 5 बार और करने के बाद शोभा रुकी और बोली:

अब बस करो मैं एक्सरसाइज पे ध्यान नहीं लगा पा रही.मैं: मुझे तो आपको देख किसी भी काम में ध्यान नहीं लगता.ये कहते हुए में अपने लंड को उन्हें दिखते हुए तेज़ी से हिलाने लगा. तभी टेबल पर रखा उनका फ़ोन बजने लगी. वह मुझसे चीड़ कर मुँह बनाया. लेटे  हुए ही अपना फ़ोन उठायी और कॉल अटेंड करके बात करने लगी. मैं उन्हें देख अपना लंड हिलाते हुए उनकी बाते सुनने लगा.शोभा: हेलो नेहा क्या हुआ.

शोभा: बाण मेरे लिए नहीं यार मेरा एक रिलेटिव है उसके लिए.शोभा: हाँ वही राकेश का भाई तुमसे किसने कहा.शोभा: उन दोनों को कोई और काम नहीं? उनका मुँह कभी बंद नहीं रहता.उनके कॉल में मेरा नाम सुनकर मेरे हार्ट अचानक से रुक गए और कान खड़े हो गए. सोचने लगा ये नेहा कोन  है जिससे शोभा मेरे बारे में बात कर रही है. ये सोच मैं उनकी बाते आगे सुनने लगा. Meri Sexy Bhabhi ki Chudai ki Story:

शोभा: ठीक है मैं उसे भेज दूँगी. कब भेजू?तुरंत शोभा सर उठा कर मुझे देख फ़ोन में बोली: ठीक है भेजती हूँ और हाँ अच्छे से लेना उसकी. है है है!फिर शोभा फ़ोन काटते हुए खड़ी हुई और मुझे लंड पकडे हुए देख बोली: चलो बस करो और जाकर नाहा लो. तुम्हे कही जाना है.मैं लंड को फिरसे हिलाते हुए मज़ाकिया रूप से बोला: कहा? आपके बैडरूम में?शोभा: शट उप मज़ाक नहीं कर रही. मेरी फ्रेंड का फ़ोन था नेहा का.मैं लंड हिलाते हुए ही उनकी बातो को सुन  रहा. शोभा: उसका यही एक टेक्सटाइल टेस्टिंग का ऑफिस है. वह यही रहती है इसी अपार्टमेंट में. उसके ऑफिस में एक जॉब थी.

Mast bhabhi ki chudai ki kahani

तो मैंने उसे तुम्हारे बारे में बताई.मैं: तो?शोभा: तो क्या? तुम्हारी जॉब लगा के दे रही हूँ. यहाँ ऐसा हिलानेआये हो क्या है है है! चलो हिलना बंद करो और गेट रेडी. जाओ.मैं निराश मुँह बनाये लंड को धीरे धीरे हिलाता रहा और उठा नहीं.

तो शोभा बोली: अरे उठो भी. अगर जॉब नहीं हुई तो क्या करोगे. अगर मेरे साथ यही रहना है तो जॉब तो चहिये ना. वरना तुम्हारे भैया भगा नहीं देंगे क्या वापस.वैसे तो शोभा की ये बात सही थी. मैं पूरा दिन ऐसा भैया के घर खेमका बेरोज़गार बने तो नहीं रह सकता था. अगर जॉब हुआ तभी तो बैंगलोर में आगे भी शोभा के साथ रह पाउँगा. इससे सहमत होकर मैं अपने लंड को शार्ट में डाला और उठ खड़ा हुआ और बोलै: तो क्या इंटरव्यू है मेरा?शोभा: अरे घबराओ मत.

मैं अपने पहचान से भेज रही हूँ न. इंटरव्यू जैसा नहीं होगा बस जाकर अपना डिग्री सब दिखा दो बस. और पहली सैलरी पर मुझे पहले ट्रीट चाहिए बोल देती हूँ. जाओ नहाकर रेडी होकर आओ.मैं प्यार से मुस्कुराते हुए सोचने लगा की मेरे जॉब की भी चिंता करती है मेरी शोभा भाभी को. और फिर अपने रूम को चला गया और नाहा कर जल्दी से रेडी होने लगा.तो बे कॉन्टिनोएड.उम्मीद करता हूँ आज का एपिसोड आपको पसंद आया हो. अगला एपिसोड कल ही पोस्ट करूँगा. और आप सबकी खुसी के लिए अबसे हर हाफत एक नया एपिसोड सबमिट करने की पूरी कोशिश करूँगा..

Read More Sex Stories…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *