By | February 10, 2023

Shobha Bhabhi Ki Chudai ki: हैलो दोस्तो, आज ये कहानी शोभा भाभी की है पिछले भाग मे आपने पढ़ा था की कैसे शोभा ने नवीन लोन वाले से अपनी चुदाई कारवाई ,

शोभा, नवीन से अच्छे  से चुदने  के बाद मैं सोफे पर सहमी सी पड़ी थी, जब आँख खोली तो सामने नवीन को लंड हिलाते हुए देख होश में आयी, पर इसका अभी तक झड़ा  ही नहीं था.

पता नहीं क्या था इसमें की मेरे अंदर भी इससे अभी और चुदवाने को मन  हो रहा था क्यों की ये काफी बढ़िया चोद रहा था मेरी सहमी हुई हालत देख कर नवीन बोला चलो तुम्हारा एक साइन  हो गया जब तक मैं ना साइन कर लु तब तक तुम से ऐसा ही साइन करवाता रहूँगा, है तुममे  हिम्मत?

Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

मैं उठ कर सोफे पे बैठी और उसे देख लम्बी साँसे छोड़ी ओर मैं उठ खड़ी  हुई और अपने बदन पर बची हुई मेरी टॉप खोल कर उसके मुँह पर दे मारी अब मैं अपने लिविंग रूम में एक आदमी जो मेरा हस्बैंड नहीं था उसके सामने पूरी नंगी बेशर्मी के साथ खड़ी थी और इस तरह से बेशर्मी के साथ उसके सामने नंगी खड़ी  रहने का मज़ा कुछ और ही मिल रहा था  मैं आगे बढ़ी और उसके हाथ को हटाकर उसके खड़े लंड को अपने हाथ में लेकर खींची उसे मेरे साथ चलवाने लगी मानो  किसी कुत्ते को उसके पत्ते से खींच कर ले जा रही थी.

मैं उसे वैसे ही धीरे धीरे चलती हुई अपने रूम ले गयी.

नवीन: वाह क्या अंदाज़ है तुम्हारा.

मैं: हाँ कुत्तो को उसके पत्तो से खींच कर ले जाते है पता नहीं क्या?

नवीन: हम्म्म्म! एक आईडिया है वह तुरंत रैडि को गया और वापस आया अपनी पैंट की बेल्ट के साथ और बोला : चलो लो इसे मेरे गले पे बांध लो. Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

Desi bhabhi ki chudai ki kahani

मैं बेल्ट को लेकर फेकि और बोली: आईडिया बुरा नहीं है पर अभी नहीं इतना कहती हुई वापस उसके लंड को पकड़ बोली: आज तो मुझे तुम्हारा ये पट्टा  पसंद आया.

मैं तुरंत बेड पर चढ़ी और उसके सामने अपने घुटनो पर बैठी और उसका लंड पकड़ कर अपने मुँह के पास लेकर बोली: इसे चबाकर खा जाउंगी आज में.

नवीन: खाओ न किसने रोका है मैं उसके लंड को अपने मुँह में लिया और सच मे एक हलकी सी काट मर दी.

नवीन: आह! सच मे मत काट, मैं उठी और फिर उसे ऊँगली के इशारे से बोली: जाओ जाकर अपनी टाई ले आओ.

नवीन: टाई?

मैं: हाँ टाई जो तुम पहन कर आये थे.

नवीन: पर वह क्यों?

मैं: क्या तुम्हारी गर्लफ्रेंड तुम्हे कभी बांध  कर चुदवाई  है?नवीन के चेहरे पर वह मुस्कान आयी मानो उसने दुनिया जीत ली हो और बोला : नहीं ?

मैं: हाँ जाओ ले आओ, वह तुरंत लिविंग रूम को भगा और अपना टाई लेकर आया मैंने उसे इशारा किया की वह बेड  पर लेट जाये वह बेड  पर ख़ुशी से उछलता हुआ पीठ के बल लेट गया फिर मैं उसके ऊपर चढ़ कर उसके पट्ठे पर अपनी चूत सटाकर बैठ गयी, धीरे धीरे अदाओ के साथ अपने बूब्स पर उसके टाई से सहलाती हुई उसे लुभाती हुई अपने हाथ में पकड़ी टाई को अपनी चूत तक ले गयी और फिर अपनी चूत को साफ कर उसकी टाई उसके मुँह पर रख बोली: अच्छी लगी मेरी खुशबू वह इतना उत्तेजित हो रहा था की उसका लंड पूरा तन कर पीछे से मेरी गांड पर धक्के मार रहा था, धीरे से में पहले उसके बाए हाथ को उसके सर के पीछे ले गयी फिर धीरे से उसके दाए हाथ को और फिर दोनों हाथ की कलाई बेड  के रेस्ट से टाई के सहारे बांध दी.

वह बिलकुल भी उलझा नहीं और बड़े अच्छे से मुझे बांधने दे दिए, मैंने भी काफी टाइट बांध दी उसके हाथ को की वह बिलकुल खोल ही न पाए फिर थोड़ी झुकती हुई मैं उसके छाती पर अपनी बूब्स लगती हुई, उसके होठो को  अपने दांतो से काटा और फिर उसके ऊपर से उठ गयी.

फिर बेड से उतर कर उसके सामने अदाओ के साथ नंगी चलती हुई जाकर उसकी फेकि हुई बेल्ट उठायी और बेड  पर चढ़ कर टाँगो के पास खड़ी होकर बोली: अब तुम्हारा खेल यहाँ ख़तम.

indian bhabhi ki chudai ki story

नवीन: अरे मेरा खेल तो तुम्हे देखते ही ख़तम हो गया था जानेमन.

मैं उसके बेल्ट से उसकी जांघ पर पूरी ज़ोर से एक चमत दे मारी जिस पर वह दर्द के मारा चीख उठा और बोला : धीरे  से जस्ट प्ले रियल में मत मारो ऐसा. Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

मैंने एक और ज़ोर से दे मारी वही उसकी जांघ पर जहा पहले बेल्ट मारी थी जिससे उसे और ज़्यादा दर्द हो वह चीखा तो में बोली: अगर चीखे तो मुँह में कपडे ठूस के मरूंगी,

नवीन एकदम सा चुप हुआ और बोला : यार क्या कर रही हो.

मैं: बोली न तू जो खेल खेलने यहाँ आये हो वह अब ख़तम.

नवीन के चेहरे से रंग उड़ता हुआ दिखा और वह पुछा: कौनसा खेल क्या बोल रही हो तुम.

मैं: ओह! नहीं पता तुम्हे?

नवीन: नहीं मैं कुछ नहीं समझा.

मैंने बेल्ट को और कस कर पकड़ी और एक बार फिर ज़ोर लगाकर उसकी जांघ पर दे मारी.

नवीन: पागल हो गयी हो क्या?

मैं: नवीन! डेविल’स लव!

नवीन: तुम क्या बोल रही हो मुझे कुछ भी नहीं समझ आ रहा.

मैं: अच्छा? एक चमत और मारी उसे और बोली: बुलाऊँ क्या पुलिस को फोर्जरी के केस में करवाऊं अंदर.

नवीन: फोर्जरी?

मैं: हाँ बैंक वाले बाकी लोगो को बेवक़ूफ़ बनाने के केस में करवाऊं अंदर मुझे सब पता चल गया समझे,एक और ज़ोर से बेल्ट से उसकी जांघ पर मारी और इस बार नवीन बोला: आह! सो सॉरी सॉरी मारो मत प्लीज.

मैं: अब बताओगे या ओर मारु.

नवीन: ओके ओके! मुझे यहाँ मममममें चिलाती हुई बोली: बोलो वरना मार मार के लाल कर दूंगी.

नवीन: ओके ओके बताता हूँ राकेश ने भेजा ये सुनकर मुझे हैरानी नहीं हुई की राकेश ने ही भेजा था इसे मेरे पास क्यों की – फ्लैशबैक!जब नवीन के आने से पहले मेरी बात नेहा से हो रही थी.

नेहा: हे क्या हुआ?

Sexy bhabhi ki chudai ki

मैं: तो क्या हाल है मेरे देवर का है है है!नेहा: सब ठीक ही है बस मेरा काम हो ही गया क्यों की मुझे बहार जाना था.

मैं: अरे क्यों? मतलब अच्छे से लोना उसकी इंटरव्यू थोड़ी बहुत ट्रेनिंग भी दे दो.

नेहा: नहीं नहीं वह बाद.

मैं: अरे यार तू कैसे भी करके उसे थोड़ा और काम देना.

नेहा: क्यों? क्या हुआ?मैं: वह मुझे एक काम है ज़रूरी और चाहती थी की आकाश थोड़ी देर घर ना आये.

नेहा: पर मुझे तो अभी आफ्टरनून को एक मीटिंग के लिए जाना होगा.

मैं: तो एक काम करना.

नेहा: क्या बोलो?

मैं: उसे भी ले जाओ अपने साथ.

नेहा: अभी? वह कैसे होगा? और ऐसी क्या काम है तुझे इतनी ज़रूरी?मैं: बस समझ ले थोड़ी ज़रूरी है तू आकाश से थोड़ी दूर हो तो बताती हूँ.

नेहा: चल अब बताओ में अपने रूम में हूँ वह बहार है नहीं सुनेगा कुछ अब बोल.

मैं: वह यार बैंक से एक बंदा आया हुआ है अजीब है पूरा फ्लिर्टी है. Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

नेहा: तो?

मैं: वह यहाँ राकेश का एक लोन अप्रूव करने के लिए आया हुआ है पर बहुत खिटपिट कर रहा है.

नेहा: तो इसका आकाश के यहाँ से जल्दी न आना क्या रिलेशन है शोभा?

मैं: अरे समझ ना  मुझे कैसे भी करके ये लोन निकलवानी है बहुत ज़रूरी है पर वह मान नहीं रहा तो सोची की उसे थोड़ा, तुम समझ रही हो ना .

नेहा: अच्छा समझी स्मार्ट है क्या बंदा है है है!

मैं: है है है! क्यों तू भी आएगी क्या है है है!

नेहा: हैट! बस मज़ाक कर रही थी.

मैं: वैसे बंदा स्मार्ट तो है बिलकुल मॉडल लगता है उसे देख पहले में समझ ही नहीं पायी की कोई बैंक में नौकरी करने वाला ऐसा होगा.

नेहा: है है है! अब तू मुझे लुभा मत.

मैं: अरे हाँ तेरी और उसकी अच्छी जमेगी.

नेहा: ये मत कहना की वह भी मोटा है है है है!

मैं: नहीं रे उसका भी नाम न से है नवीन, नवीन और नेहा.

नेहा: नवीन?  एक नवीन को आलरेडी जानती हूँ और वह हद कमीना इंसान है.

मैं: वह कौन?

भाभी की चुदाई की कहानी

नेहा: है यार एक डेटिंग साइट पे मिला था बाद में पता चला वह डेटिंग साइट नहीं है है है! मेल एस्कॉर्ट साइट थी.

मैं: है है है! तेरे ही साथ ये सब क्यों होता है जल्दी से किसी अच्छे  आदमी से शादी करले वैसे कौनसी साइट थी वह है है है!

नेहा: कुछ डेविल’स लव करके, मेरे दिमाग में तब एक करंट दौड़ गयी और मैंने पूछा: क्या बोली तू?

नेहा: क्या हुआ?

मैं: अरे वह नाम क्या बोली अभी?

नेहा: डेविल’स लव वेबसाइट है क्यों? मत बोल की तू भी उसकी मेंबर है!फिर मैंने नेहा को उस विजिटिंग कार्ड के बारे में बताई जो पिछले बार नवीन के आकर जाने के बाद मुझे सोफे पर पड़ी मिली.

नेहा: तू एक काम कर तू एक मिनट होल्ड कर मेरे पास उसका नंबर अब भी है एक मिनट उससे बात करके तुझे कॉल करती हूँ.

मैं: ओके फिर उसने फ़ोन कट की और कुछ 2 से 3 मिनट्स बाद नेहा ने कॉल किया. Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

मैं: हाँ नेहा बोलो.

नेहा: सॉरी यार मेरा डर  सच हुआ ये वही है.

मैं: सही मे ! पर वह बैंक वाला बनकर यहाँ क्यों आया है?नेहा: मैंने पूछा की वह आज क्या कर रहा है और मुझसे मिल सकता है या नहीं तो वह बोला आज हमारे ही अपार्टमेंट में एक अपॉइंटमेंट है और…

मैं: और क्या? बोला!

नेहा: और जिससे वह मिलने जा रहा है उसके हस्बैंड ने ही उसे अपनी बीवी के लिए सेट किया है.

मैं: क्या? राकेश? पागल हो गयी हो क्या?

नेहा: अब पता नहीं यार उसने तो यही कहा उससे आगे ये लोग कुछ डिटेल देते नहीं अब तू क्या करेगी,

मैं बोलू तो पुलिस को बुला ले.

मैं थोड़ी देर चुप रही.

नेहा: हेलो? हेलो?

मैं: सॉरी मैं कुछ सोच रही थी.

नेहा: क्या सोची? पुलिस को बुलवा दूँ क्या तेरे लिए?

मैं: नहीं नहीं अगर सच मे राकेश है इसके पीछे तो खामखा बहुत बदनामी होगी.

नेहा: वह बात भी सही है.

मैं: थैंक्स यार जो भी इनफार्मेशन तुमने दिलवाया अब में आगे का कुछ सोचती हूँ तू बस आकाश को बिजी रख मेरे लिए प्लीज.

नेहा: ठीक है ठीक है ले जाती हूँ उसे अपने साथ पर ये तुझपे उधार रही ओके.

मैं: थैंक यू नेहा! यू अरे थे बेस्ट यार.

नेहा: कोई बात नहीं चल तू फिलहाल मज़े कर बाद में आगे देखते है है है है! क्यों बताने गया मैं उस नेहा को ये सब.

मैं उसके बगल में बैठी और फिर उसे गुस्से से देखती हुई बोली: अब सब सीधे सीधे बताओ की तुम्हारे और राकेश के बीच मुझे लेकर क्या खिचड़ी पकी है? और ये सब क्या था?

नवीन: ठीक है ठीक है बताता हूँ मेरे हाथ तो खोलो प्लीज.

मैं: नहीं पहले बताओ.

नवीन: ओके दरअसल राकेश मेरा स्कूल फ्रेंड था पिछले कुछ महीने ही हुए की हमें पता चला की हम एक ही शहर में है.

मैं: तुम और राकेश स्कूल फ्रेंड्स थे? तो ये सब काम कैसे.

नवीन: मेरी भी नौकरी है एक साधारण से कंपनी में एक दिन मोबाइल पे एक एड़  देखा एक डेटिंग साइट की तो उसपे अप्लाई कर दिया और ये काम में उतर गया. Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

हॉट नयी भाभी की चुदाई की कहानी

मैं: मेल एस्कॉर्ट का? हम्म!

नवीन: जो भी तुम बोलना चाहो.

मैं: हम्म ठीक है आगे बोलो.

नवीन: फिर हम ऐसा ही एक दिन बार में मिले तब आकाश और मेरा एक और फ्रेंड वहा था.

मैं: फिर?

नवीन: तब ऐसा ही बात चीत में राकेश को मेरे इस काम के बारे में पता चला, बातो बातो में मैंने राकेश को ये बोल दिया की मेरी ज़्यादातर क्लाइंट्स शादी शुदा महिलाये होती हैजो अपने पतियों को धोका देती है पर राकेश मानने को तैयार नहीं था और हमारी छोटी सी दोस्ताना बहस हुई.

मैं: फिर?

नवीन: तब पता नहीं क्यों राकेश को लगा की एक बार…

मैं: क्या एक बार?

नवीन: की एक बार तुम्हारी लॉयलिटी टेस्ट ली जाए.

मैं: तो वह मेरी परीक्षा ले रहा है क्या?

नवीन: नहीं परीक्षा नहीं मैंने और मेरे दोस्त ने मना  किया पर वह पता नहीं दारु के नशे में हम से बाज़ी लगाने लगा.

मैं: और फिर?

नवीन: और फिर राकेश ने कहा की में और मेरा फ्रेंड क्यों न तुम्हारे साथ फ़्लर्ट करके देखे.

मैं: तुम्हारा फ्रेंड भी?

नवीन: हाँ.

मैं: ओह तो तुम्हारे बाद तुम्हारा फ्रेंड कोई और बनकर आने वाला था मेरे पास?

नवीन: नहीं वैसे नहीं.

मैं: तो? तो कैसे?

नवीन: राकेश ने प्लान किया की मेरा फ्रेंड बैंक मैनेजर बनकर मेरे साथ तुमसे मिलेगा और फिर.

मैं: और?

नवीन: और तब वह तुम्हारे साथ फ़्लर्ट करे और ये सब वगैरा वगैरा, अब नवीन की बात सुनकर मुझे राकेश पर गुस्सा तो आ ही रहा था लेकिन साथ ही मेरे अंदर एक उत्तेजना भी उमड़ रही थी इस खेल को अब मैं अपने हिसाब से खेलूं और राकेश को पता भी न चले, ये सोचकर के की दो मर्दो के साथ जो मेरे पति के फ्रेंड है उनके साथ सेक्स करने में कितना मज़ा आए, मेरे अंदर एक नयी गर्मी बन रही थी.

लेकिन साथ ही राकेश का खेल भी पलटना था उसे ऐसा नहीं लगना चाहिए था की उसकी बीवी दूसरो से चुदवाने  वाली औरत है, उसका भरोसा हमेशा के लिए मुझसे उठ जाता और शायद तलाक की भी नौबत आ जाएगी. Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

सेक्सी भाभी की चुदाई की कहानी

नवीन: पर अब ऐसा कुछ नहीं होने वाला तो अब मुझे जाना होगा, प्लीज मेरे हाथ खोल दो प्लीज.

मैं थोड़ी सी झुकी और अपने हाथ बढ़ाकर नवीन के लंड को पकड़ी जो अब तक पूरा सिकुड़ चुक्का था.

नवीन: तुम क्या कर रही हो?वह शायद डर रहा था की कही में उसके लंड पर चोट न पहुंचा दु, मैं तो उसके लंड को सहलाती हुई बोली: वैसे क्यों कहा की अब ये सब कुछ नहीं होने वाला?

नवीन: मतलब?मैं और थोड़ा करीब गयी और उसके सिकुड़े लंड को उठाकर उसके मुँह पर होतो को सटाकर बोली: खेल अब भी वैसे ही चलेगा पर अब सब मेरे हिसाब से, उसके लंड को चूमती हुई मैं उसके मुँह को चाटने लगी मेरे अंदर राकेश के दोस्तों से चुदवाने  की आग भड़क रही थी अब और उससे वासना की नयी कहानिया मेरे मन  में लिखी जा रही थी उसके लंड को अपने मुँह में लेकर चूस कर उसे उत्तेजित किया.

फिर बोली: मैं चाहती हूँ की तुम राकेश को बोलो की हमारे बीच बस थोड़ी बहुत फ्लिर्टी बाते हुई पर उसके आगे कुछ नहीं.

नवीन: पर पर क्यों?मैं अपनी जीब को पूरी बाहर निकालती हुई उसके लंड के मुँह पर चाटा मारा और साथ ही उसे देख आँख मारती  हुई बोली: क्या तुम मुझे चोदना  नहीं चाहते आज के बाद?

नवीन: हाँ पर राकेश मेरा दोस्त है.

मैं: अच्छा अब तक तो नहीं सोचे ये क्या तुम अपनी दोस्त की बीवी को नहीं चोदना चाहते?

नवीन: हाँ चाहता हूँ!

मैं: तो बस वही करो जैसा मैं कहूँगी. Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

नवीन: ठीक है जैसा तुम कहो और फिर, अपने एक हाथ से नवीन के अंडो को सहलाई मुँह में उसके सिकुड़े लंड को चूस कर बड़ा बनाती हुई बोली: और फिर तुम बोलोगे की जैसा प्लान हुआ वैसा ही चले और तुम मुझे अपने दोस्त से मिलाओ जो बैंक मैनेजर बनेगा.

नवीन: और?

मैं उसके आधे खड़े हो चुके लंड पर हलकी सी काट मारती  हुई बोली: पर तुम अपने फ्रेंड से अभी ये मत बताना की मुझे सब पता चल गया है और हमारे बीच कुछ हुआ.

नवीन: पर क्यों?

मेरी काट से उसका लंड अब अच्छे  से खड़ा हो चूका था तो मैं उठी और उठ खड़ी हो गयी फिर उसके ऊपर से होती हुई उसके पेट के दाए बाए अपनी पाँव रखा, उसे अपनी पीठ दिखाती हुई खड़ी हो गयी जिससे वह मेरी गांड को नीचे से ऊपर देख रहा था.

Mast bhabhi ki chudai ki kahani

मैं पलट कर नीचे देख उससे बोली: क्यों की मेरे प्लान के हिसाब से तुम्हारा मुँह बंद रहेगा,

ये बोलती हुई मैं अपने दोनों हाथो से अपनी गांड को पकड़ फैलाई और ठीक उसके मुँह पर गांड की छेद सटाकर बैठ गयीअब मैं उसके मुँह पर ऐसा बैठी हुई थी जैसे इंडियन बाथरूम में बैठते हैऔर अपनी कमर हिलाती हुई अपनी गांड की छेद को उसके मुँह पर रगढ़ा.

मैं बोली: तुम्हारा मुँह अब मेरे लिए सबके सामने बंद ही रहेगा चलो खाओ मेरी गांड धोकेबाज़.

नवीन मेरी गांड की छेद को चाटने लगा और उसके लंड को मज़े से उछलते देख समझ गयी की मेरी ऐसी हरकत से वह पागल हो रहा था,

अपने  हाथो को उसके पेट पर रख मैं अपनी कमर को कभी दाए बाए तो कभी आगे पीछे हिला रही थी,

 अपनी गांड उसके मुँह और नाक पे रगड़ती हुई खेल रही थी. थोड़ी देर ऐसा ही खेलने के बाद में उठ कड़ी हुई वापसऔर फिर पलट कर उसके तरफ मुँह कर खड़ी हुई और बोली: और इससे भी अगर तुम चुप नहीं हुए तो तुम्हे में ऐसा चुप करवाउंगी.

मैं इस बार अपनी घुटनो को उसके छाती के दाए बाए टिकती हुई अपनी गीली चूत उसके मुँह पर रखी  बोली: अब कुछ नहीं बोलोगे तुम किसी से भी और बस मेरी चूत खाओगे समझे?

नवीन: यस! समझा!बेड की रेलिंग को अपने हाथो से पकड़ में उसकी मुँह पे चूत सटाकर अपनी कमर को हिलाने लगी अपनी चूत के होठो को उसके होठो के साथ चूमने लगी काफी मज़ा आ रहा था .

एक तो उसके मुँह से अपनी चूत रगड़वाने में और साथ ही ये सोच कर की आगे राकेश के कारन एक और नए मर्द के साथ मज़ा मिलेगा. Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

नवीन अपनी जीभ को निकाल मेरी चूत के दाने को चाटने लगा, एक हाथ नीचे ले जाकर अपनी चूत की होठो को अपनी उंगलियों से फैलाती हुई बोली: अंदर अंदर चाटो ओर  चाटो मेरे कुत्ते,

मेरी बात से वह उत्तेजित होकर मेरी चूत में अपनी जीभ धकेलने लगा और फिर अपनी जीभ से मेरी चूत को हलके हलके चोदने  लगा उसकी जीभ किसी सांप के तरह मेरी चूत को भेद रही थी, मेरी हवस की खुजली मेरी चूत में उमड़ रही थी जिसे मैं उसके मुँह से और जीभ से खुजला कर आराम ले रही थी.

कुछ 5 से 7 मिनट ऐसे ही उसे अपनी चूत खिलने के बाद मैं वापस उठी फिर उसके कमर के पास बढ़ी और अपने हाथ से उसके लंड को पकड़ अपनी चूत के मुँह पर रखती हुई पूरा बैठ गयी, बैठने के साथ ही उसका कड़क मोटा लंड मेरी चूत में गहराई तक समां गया.

मैं बोली: अहह!हहह! अगर तुम सब सच बोलोगे  राकेश को तो फिर तुम्हे आगे कुछ नहीं मिलेगा, लेकिन अगर मेरे हिसाब से मेरे साथ रहोगे तो आगे भी इस लंड को ऐसे  मेरे अंदर जाने को मिलेगा.

jawan bhabhi ki chudai ki

नवीन: जैसा तुम कहो अब सब वैसा ही होगा, अपने हाथो को उसके छाती पर रख में अपनी कमर को ऊपर नीचे उछालती हुई उसके लंड को अपनी चूत में अंदर बहार लेने लगी, पहले धीरे और फिर थोड़ी तेज़ और फिर ऐसा ही अपनी कमर को तेज़ी से ऊपर नीचे उछालती हुई चुदवाने  लगी, करीब 5 मिनट में मेरी कमर थक गयी, मैं रुकने लगी तो मैं अपने पाँव के बल बैठी और अपनी चूत को थोड़ी ऊंचाई पर रखी, उसके लंड के मुँह को अपनी चूत में डाल कर  बोली: चलो अब तुम चोदो  मुझे.

नवीन अपनी कमर को ऊपर मारता हुआ मेरी चूत को चोदने लगा उसकी कमर काफी तेज़ी से जोश में ऊपर नीचे उछल  रही थी और उससे उसका लंड मेरी चूत को पट पट की आवाज़ के साथ चोद रहा था.

मैं: अहह! और ज़ोर से फ़क मी  जब तक न कहु रुकना मत.

वह मानो  किसी मशीन के तरह मेरी चूत को अपने लंड से ऊपर की दिशा में मारे  जा रहा था इतनी अच्छी चुदाई दिलवाने के लिए राकेश को मैं बहुत बढ़िया इनाम देने के बारे में सोचने लगी,

करीब 5 मिनट नवीन ऐसा ही अपनी कमर को बिना रोके मेरी चूत चोद  रहा था.

फिर वह थकने लगा हम दोनों पसीने से लत पत थे वह चोद  कर पसीना पसीना हो रहा था और मैं चुदवाती हुई.

मैं: रुको मत चोदते  रहो.

नवीन: मेरे हाथ बंधे है तो ठीक से नहीं हो रहा खोलना प्लीज. Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

मैं आगे बढ़ी और उसके बंधे हाथ खोल दिये और वापस उसी पोजीशन पर आ गयी नवीन मेरी कमर को अपने हाथो से पकड़ फिर से चालू हो गया इस बार वह और तेज़ी से मार रहा था और मेरी मुँह से अहह! के अलावा और कुछ नहीं निकल रहा था.

मैं: यस यस फ़क में फ़क में हार्ड!मेरी सिसकारियां और बातो को सुन वह मुझे और तेज़ी से बिना रुके करीब अगले 5  मिनट के लिए मशीन के तरह नीचे से ऊपर की और चोदता  रहा फिर रुक गया और मुझे अपने बाए तरफ बेड पर गिरा दिया.

मैं अपनी पीठ के बल गिरी और इस पर उसने वक़्त बर्बाद नहीं किया और  मेरी जांघो को पकड़ फैलाया और फिर मेरी चूत से अपना मुँह सटाकर मुझे खाने लगा, चुदवाने के बीच चूत चटवाने में काफी रहत मिल रही थी और साथ ही शायद नवीन को भी अपनी थकान मिटाने का थोड़ा वक़्त मिल रहा था.

2 मिनट उसने अच्छे  से मेरी चुदी  हुई चूत का रसपान किया और फिर मेरे ऊपर आ गया और अपना लंड मेरी चूत में घुसेड़ते हुए बोला: तुम इतनी सेक्सी औरत हो मुझे अब पता चला, तुझे तो मैं पूरी ज़िन्दगी चोद सकता हूँ

मैं: तो चोदना  किसने रोका है, चोदो मुझे.

मैं अपनी टाँगो से नवीन के कमर को जकड़ती हुई उसके लंड के प्रहार को मज़े से अपनी चूत में ले रही थी वह भी पूरा ज़ोर से चोद रहा था, आंखे बंद होती जा रही थी मज़े की सागर में डूबती जा रही थी, कुछ देर ऐसा ही चोदने  के बाद नवीन मेरे ऊपर से उठा फिर मुझे कमर से पकड़ लेता और मुझे खींच कर मेरी घुटनो पर उसके तरफ अपनी गांड दिखाती हुई कुतिया बनाकर खड़ा  कर दिया,

Bhabhi ki chudai sexy huyi

उसके इस तरह से मेरे बदन को एक खिलौने के तरह खेलने से मैं और उत्तेजित हो रही थी, पीछे से मेरी कमर को पकड़ वह मेरी चूत में अपना लंड से लगाकर ज़ोर के धक्के मारने लगा इसके बाद वह मुझे किसी कुतिया की तरह चोदने लगा और मैं आहे भर्ती हुई उसका नाम लेकर सिसकारियां भर्ती रही.

मैं: यस नवीन फ़क मेंअपनी दोस्त की बीवी को चोदो नवीन ज़ोर ज़ोर से हः अह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह!नवीन जोश में आकर मेरी गांड पर चमत मारता हुआ मेरी चूत में अपना लंड घुसाने लगा, मैं जल्द ही अपने चरम सीमा की और बढ़ने लगी उसके मुँह से मेरे नाम के साथ गालिया और सिसकारियां निकाल रही थी, जिससे मैं समझ गयी की वह भी झड़ने वाला है.

मैं: अह्ह्ह! नवीन ऐसा ही चोदते रहो रुकना मत नवीन,

मैं झड़ने वाली हूँ,नवीन: मैं भी जल्द ही, मैं: अंदर छोडो मेरे अंदर,

नवीन: अंदर?

मैं: हाँ घबराओ मत कल रात मैंने पिल्स ली थी अब बाते बंद और चोदो मुझे, वह मेरी बात पर अपनी पूरी ताकत लगाकर चोदने  लगा मेरी हालत उसके धक्को से ख़राब हो रही थी और साथ ही मदहोश भी कुछ 2 मिनट बाद मेरा जिस्म अकड़ता हुआ और मैं झड़  पड़ी और साथ ही महसूस हुआ की गर्म पानी मेरी चूत में भर गया था, नवीन अपना सारा मुठ मेरे चूत में कई पिचकारियों के साथ भर डाला और फिर मेरी चूत में अपना लंड रखे हुए ही मेरे ऊपर गिरा और फिर अलग हो गया, मैं वैसे ही बिना हिले कुतिया बनी अपना सर तकिये पे लगाए मदहोश पड़ी रही, उसके मुठ की लार लसि धार मेरी चूत से निकल कर मेरी जांघो से होती हुई बिस्तर पर गिरने लगी। Shobha Bhabhi Ki Chudai ki

तो दोस्तो आज बस इतना ही , अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो कमेंट करके ज़रूर बताना, मुझे जो कमेंट करके अपना नंबर देगा मैं उसके साथ कॉल से बात करुगी।

Read More Sex Stories…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *