By | February 7, 2023

Shobha Bhabhi Ki Chudai :– हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब , अगर आपने अभी तक इस कहानी के पिछले भाग अभी तक नहीं पढे तो यहा क्लिक करके पढ़ सकते है .

शोभा के लोन अप्रूवल का नया खेल के खेले जाने के बाद मैं लिविंग में बैठी कुछ बाते सोची और फिर किचन में जाकर अपने लिए कॉफ़ी बनायीं और कुछ हल्का सा खा भी ली. करीब आधे घंटे बीतने पर मुझे कॉल आया. देखि तो राकेश का कॉल था.

मैं: हेलो!

राकेश: हाय डिअर क्या वह आया था?

मैं: हाँ कुछ कुछ तो बोल रहा था की लोन नहीं मिलेगा और सब. पर मैंने संभाल लिया सब. वह फिर से आएगा कुछ पेपर्स लेकर.

राकेश: अच्छा तो कब आएगा?

मैं: पता नहीं मुझे कैसे पता होगा? वह तो उसका काम है.

राकेश: अरे हाँ अच्छा एक मिनट न मैं होटल में चेक इन कर रहा था.

मैं: ओके ठीक है वापस कॉल करो.

 Shobha Bhabhi Ki Chudai

राकेश ने फ़ोन काट दिया. सोच कर थोड़ा अजीब लग रहा था की बेचारा राकेश उधर काम के सिलसिले में है और मैं यहाँ. ये सोच ही रही थी की अचानक से नवीन का कॉल आने लगा.

नवीन: हेलो!

मैं: हाँ बोलो नवीन.

नवीन: लोन के सारे पेपर रेडी हो गए बस एक दो पेपर में तुम्हारे साइन  चाहिए थे.

मैं: काफी जल्दी हो गया.

नवीन: हाँ वह तो है आखिर तुम्हारे लिए तो इतना करना ही था.

मैं: है है है! तो अभी और बचे है पेपर वर्क?

नवीन: हाँ! तो बोलो कब आऊं.

मैं: रुको एक मिनट मैं वापस कॉल करती हूँ.

बस 2 मिनट. मैंने तुरंत फ़ोन काटा और सोचने लगी की अगर अभी नवीन को बुला लू  और फिर कही आकाश आ गया तो क्या करुँगी. फिर कुछ नहीं सोची और नेहा को फ़ोन कर दिया .

नेहा: हे क्या हुआ?

मैं: तो क्या हाल है मेरे देवर का है है है!

नेहा: सब ठीक ही है बस मेरा काम हो ही गया. क्यों की मुझे बहार जाना था Shobha Bhabhi Ki Chudai

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मैं: अरे क्यों? मतलब अच्छे से लेना उसका इंटरव्यू थोड़ी बहुत ट्रेनिंग भी दे दो.

नेहा: नहीं नहीं वह बाद में.

मैं: अरे यार तू कैसे भी करके उसे थोड़ा और काम देना.

नेहा: क्यों? क्या हुआ?

मैं: वह मुझे एक काम था ज़रूरी और चाहती थी की आकाश थोड़ी देर घर ना आये.

नेहा: पर मुझे तो अभी आफ्टरनून को एक मीटिंग के लिए जाना होगा.

मैं: तो एक काम करना.

नेहा: क्या बोलो?

मैं: उसे भी ले जाओ अपने साथ.

नेहा: अभी? वह कैसे होगा? और ऐसी क्या काम है तुझे इतनी ज़रूरी?

मैं: बस समझ ले थोड़ी ज़रूरी है. तू आकाश से थोड़ी दूर हो तो बताती हूँ.

नेहा: चल अब बताओ मैं अपने रूम में हूँ वह बहार है नहीं सुनेगा कुछ अब बोल.

इसके बाद मैंने नेहा को नवीन के बारे में और दूसरी कुछ ज़रूरी बाते की.

नेहा: ठीक है ठीक है ले जाती हूँ उसे अपने साथ. पर ये तुझपे उधार रहा ओके.

मैं: थैंक यू नेहा! तुम बहुत अच्छी हो बेस्ट यार.

नेहा: कोई बात नहीं चल तू फिलहाल मज़े कर बाद में आगे देखते है है है है!

इसके बाद मैं तुरंत नवीन को कॉल लगाने गयी की राकेश का कॉल आया.

मैं: हाँ बोलो राकेश.

राकेश: बस अब अपने रूम में था तो और सुनाओ कैसा चल रहा है हमारी बीवी जी का दिन.

मैं: अरे कुछ ख़ास नहीं तुम्हारे मैक्सिस बैंक से नवीन जी के साथ बहस की. अरे हाँ वैसे नवीन का कॉल आया अभी. वह कुछ पेपर लेके आएगा शायद. Shobha Bhabhi Ki Chudai

राकेश: ओह अच्छा तो कब आएगा?

मैं: बोली नहीं बस अभी उसे कॉल करके बोलूंगी की आ जाये. जो भी हो जल्दी करके ये झंझट दूर कर देती हूँ.

राकेश: हाँ वह ठीक रहेगा बस ये लोन हो जाये बस.

मैं: हाँ बाबा टेंशन मत लो तुम. तुम अपना काम ख़त्म करके जल्दी आओ और हाँ इस नए ईयर में तुम्हारे लिए एक बहुत बढ़िया गिफ्ट सोची हूँ.

राकेश: गिफ्ट? क्या बताओ!

मैं: सरप्राइज है बता नहीं सकती.

राकेश: ओके वैसे आकाश आया क्या?

मैं: नहीं पता नहीं जल्दी आएगा या नहीं. शायद लेट ही आएगा.

राकेश: अच्छा चलो मैं रखता हूँ मुझे एक मीटिंग जानी है.

मैं: ओके राकेश कैर्री विथ योर मीटिंग बाई.

राकेश: बाई लव यू!

मैं: लव यू टु . इसके बाद मैं जल्दी से राकेश का कॉल काटा. नवीन को कॉल करके उसे जल्दी से घर आने को बोली. फिर मैं उसकी इंतज़ार मैं बैठी रही. एक 20 मिनट ही हुए की गेट की घंटी बजी और मैं झट से उठ कर जाकर गेट ओपन किया.

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नवीन: हेलो शोभा मैडम.

मैं: अब ये मैडम सब बंद करो और चुप चाप जल्दी से अंदर आओ.

नवीन अंदर आया और फिर आकर लिविंग रूम में बैठ गया मैं किचन को गयी और उसके लिए गिलास में पानी लायी.

अब नवीन भी काफी घुलमिला सा पेश आ रहा था मानो वह मुझे काफी पहले से जानता हो.

नवीन: बस पानी? और कुछ नहीं?

मैं: तो और क्या चाहिए?

नवीन: पता है कितना मुश्किल था ये पेपर बैंक मैनेजर से साइन करवा के निकलवाना?

मैं: मुझे क्या पता तुम बताओ!

नवीन: मत पूछ बस जैसे तैसे तो उसे अपनी बातो में उलझा कर उसकी साइन और सील निकलवा लिया. वरना कुछ भी नहीं होता और साथ ही मेरा जॉब भी खतरे में होता.

मैं: ओह थैंक यू हमारे लिए इतना सब करने के लिए.

नवीन: कोई बात नहीं शोभा तुम्हारे लिए इतना तो बनता ही है.

मैं: तो बोलो कहा साइन करने है. इतने में नवीन का फ़ोन बजा पर वह उसे काट कर दूसरी तरफ पड़े सोफे पर फेक दिया. अपना बैग रखता हुआ बोला अरे बताता हूँ रुको तो काफी जल्दी में हो तुम?

मैं समझ गयी की इस बात को ज़्यादा आगे बढ़ाया तो ये मेरा टाइम खायेगा.और मुझे डर भी की कही आकाश न आ जाए टु इसको आकाश के आने से पहले इसे भगा पाऊं की नहीं.

मैं बोली: अच्छा ये सब छोड़ो ये बताओ क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?

नवीन: गर्लफ्रेंड? हाँ है पर क्यों?

मैं: काफी ऑनेस्ट हो? चलो अच्छा है कुछ छुपाते नहीं.

नवीन: एक तरह से तो हम दोनों एक ही नाव के हमसफ़र है तो फिर तुमसे क्या छुपाना?

मैं: एक ही नाव के मतलब?

नवीन: तुम्हारा हस्बैंड है और मेरी गर्लफ्रेंड.

में: समझी अब. मैं उसके पास जाकर उसके बगल में उसके तरफ होकर बैठी और बाते करने लगी.

मैं: तो हाउ इस योर रिलेशनशिप विथ हर ?

नवीन: ठीक ही है.

मैं: काम के बीच वक़्त निकाल लेते हो?

नवीन: हाँ कभी कभार, काम तो ऐसे करना ही पड़ता है.  वह भी बिजी रहती है अपने काम में.

मैं: क्या करती है वह?

नवीन: वह तो थोड़ा पर्सनल है और मैं वह बताना नहीं चाहता इतनी जल्दी.

मैं: है है है! कोई बात नहीं नहीं बताना तो मत बताओ. वैसे भी मैं हमारी कोई बात उसे ढून्ढ कर बताने वाली नहीं हूँ घबराओ मत.

नवीन मेरे होठो के पास आकर बोलो: वैसे कौनसी बात बताने की बात कर रही हो?

मैं थोड़ी पीछे हटी और बोली: यही सब जो सुबह हुआ और अब शायद होने वाला है.

नवीन: तो फिर दूर क्यों जा रही हो पास आओ न . Shobha Bhabhi Ki Chudai

मैं: तुम्हे क्या लगता है की मैं इतनी आसानी से हाथ आ जाउंगी?

नवीन मेरे जांगों पर अपना हाथ रखता हुआ बोलै: सुबह तो खुद ही आ गयी थी?

मैं: क्या करू तुमसे काम जो निकलवाना था .

नवीन: तो अब क्या नहीं निकलवाना? क्या लोन नहीं चाहिए? अब भी बॉल मेरे हाथ में है.

मैं अपना हाथ लेकर उसके पैंट के बीच में ठीक उसके लंड के नीचे उसके अंडो को ऊपर से पकड़ाऔर बोली: ऐसा मुझे तो नहीं लगता बॉल तो मेरे ही हाथ में है.

नवीन के मुँह से आह निकली और वह बोला: यार तुमने तो सच मे बॉल अपने हाथो में ले लिए.अपने हाथ को थोड़ा ऊपर लेते हुए पैंट के ऊपर से उसके तने हुए लंड को हलके से दबोचती हुई बोली: बॉल भी और तुम्हारा बात भी मेरे ही हाथो में है.

नवीन: बस एक बार बैटिंग तो करने दो फिर देखो कैसे छक्के छुड़ाता हूँ.

मैं: इतना ओवर कॉन्फिडेंस?

नवीन: एक बार एक मैच खेल कर तो देखो फिर बताता हूँ ओवर कॉन्फिडेंस है या मेरा भरोसा. अब मैं उसके लंड को पैंट  के ऊपर से ही ऊपर नीचे सहला रही थी.

उसे काफी मज़ा आ रहा था और यही मैं चाहती थी की इसका कैसे भी जल्दी से छूट जाए और सारा मामला जल्दी निपट जाए.

मैं: ओके ये बताओ ऐसा क्या है जो तुमने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आज तक नहीं किया?

नवीन: क्यों? जान कर क्या करोगी?

मैं: बताओ तो! क्या पता शायद वह मैं कर दूँ तुम्हारे लिए!

नवीन के मुँह पर एक मुस्कान उमड़ पड़ी मानो कोई लॉटरी जीता हो और बोला: अगर बताऊंगा तो करने दोगी ?

मैं: बोलो.

नवीन: मुझे चुदाई करते हुये गालिया और गन्दी बाते करना बहुत पसंद है.

मैं: गालिया ठीक है पर गन्दी बाते? कैसी गन्दी बाते?

नवीन: जैसे की कोई रंडी बात करती हो?

मैं: ओह! यू लिखे डर्टी टॉक्स?

नवीन: सेक्स करते वक़्त बहुत पसंद है पर मेरी गर्लफ्रेंड कभी उसमे इंटरेस्ट नहीं दिखाती .

मैं: तुमने बताया उसे की तुम्हारी ऐसी कोई पसंद है?

नवीन: बताया तो है पर वह काफी मॉडर्न टाइप है और उसे ये काफी लौ ग्रेड हरकत लगती है.

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मैं: और मैं क्या मॉडर्न नहीं लगती क्या मैं लौ ग्रेड औरत हूँ जो मुझसे उम्मीद कर रहे हो.

नवीन: मैंने तो नहीं कहा था तुम ही पूछ रही थी. Shobha Bhabhi Ki Chudai

मैं नवीन के पास गयी और उसके कान को हलके से काटती हुई बोली: तो फिर आज के लिए मुझे अपनी रंडी समझ लो.

मेरी मुँह से रंडी शब्द सुनकर नवीन को मानो अजीभ सी उत्तेजना हुयी. ऐसी ख़ुशी मिली की वह मेरे कमर को पकड़ मुझे अपने ऊपर अपनी गोद पर बैठते हुए कहा: आज तक किसी रंडी को चोदा नहीं पर आज तुम्हे सच मे एक रंडी की तरह चोदुगा .

मैं उसकी गोद में बैठ उसकी आँखों से आंखे मिलाती हुई बोली: आज तक मुझे भी किसी ने रंडी की तरह नहीं चोदा .आज मेरी भी वह कसर तुम पूरी कर दो.

नवीन: ऐसे नहीं, थोड़ी गालिया भी दोना.

मैं: कैसी गालियां? मुझे तो बहुत सारी आती है! सोच लो है है है!

नवीन: सब! सारी गालियां मेरी कोई लिमिट नहीं शोभा डार्लिंग!

मैं: तो फिर कुत्ते की तरह बस भौकना बंद कर और चालू हो जा कमीने.

नवीन: ये हुई न बात माय बीच! इतना कहते हुए नवीन मुझे सोफे के दूसरे तरफ गिराता हुआ मेरे ऊपर आ गया.

मैं उसके छाती के नीचे दबती हुई अपनी टाँगो से उसके कमर को जकड़ती हुई,

नवीन: नहीं शोभा! इंग्लिश मैं मज़ा नहीं आता. हिंदी मैं बोलो. जो भी अभी बोली हिंदी मैं बोलो.

मैं उसको अपनी टाँगो के घेरे मे और जकड़ती हुई उसे अपने ओर पास लाती हुई बोली: आज मुझे अपनी रंडी समझ. और ऐसा चोद मुझे की तेरा पूरा पैसा वसूल हो जाए.

नवीन अपने एक हाथ से मेरे टॉप के ऊपर से ब्रा को दबाते हुए बोला : क्या कीमत है तेरी बोल कमीनी साली.

मैं: 8 लाख, पूरे 8 लाख लोन का.

नवीन: काफी ज़्यादा भाव है तेरा तब तो अच्छे से जम कर चोदुगा आज, चोद  कर तेरी चूत को गड्डा बना दूंगा.

मैं: कुछ करने में तेरी फट रही है क्या. मेरी इस बात पर उसने मेरे होंटो से होंठ मिलाकर काफी जानवरो के तरह किश करने लगा. वैसे तो आज तक राकेश भी मुझे इतने वाइल्ड तरीके से किश नहीं किया होगा.

और रही बात गन्दी बातो की तो मुझे उसमे कोई मज़ा नहीं मिल रहा था पर मैं ऐसा करने की कोशिश कर रही थी क्यों की इस हरामी को कैसे भी मुझे जल्दी बेहाल कर अपनी सारा काम निकलवाना था . Shobha Bhabhi Ki Chudai

वह ऐसे किश कर रहा था मानो उसने सच मे मुझे पैसे दिए हो. अपने मुँह से मेरे होंटो को नोच खा रहा था.कभी अपना जीभ मेरी मुँह में घुसा देता तो कभी मेरी जीभ अपने मुँह में खींच कर चूसता.

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 मैं उसे एक धक्का मारती हुई अपने से अलग किया और वह मेरी टाँगो की जकड से अलग हो कर नीचे फ्लोर पर घुटनो पर जा बैठा. मेरी टाँगे फैली हुई थी और उसकी नज़र ठीक मेरी शार्ट पर मेरी चूत पर थी.

मैं अपने एक हाथ से टॉप के ऊपर से अपनी एक निप्पल को मसलती हुई बोली: क्या देख रहे हो ऐसे?

नवीन: तुम्हारी कमीनी चूत को शोभा.

मैं अपनी एक टांग को थोड़ा नीचे कर उसके कंधे पर अपना पाँव रख बोली: आँखों पे अक्षरे लगे है क्या जो शार्ट के अंदर देख लेते हो? उसने मेरे पाँव को किश किया और बोला : हाँ लगा है और दिख रहा है की तुम्हारी चूत कैसे रस से गीली हो रही है.

मैं: अच्छा ? ऐसा है तो ज़रा देखे की तुम्हारी क्ष रे आँखे सच बोल रही है या नहीं.

नवीन मेरे इशारे को समझ गया और मेरे पाँव को चूमता हुआ आगे बढ़ने लगा. पहले मेरे पाँव फिर मेरे घुटने और फिर मेरी जांघ से होता हुआ, वह मेरे पास आया और मेरी आँखों से आँखे मिलाता हुआ मेरी शॉर्ट्स को नीचे खींचने लगा.

नवीन: नो पैंतीस?

मैं: हाँ तेरी ये रंडी तुम्हारे लिए तैयार बैठी थी.

नवीन को मेरे मुँह से रंडी सुनकर हर बार उत्तेजित कर रही थी. मैं इसका फायदा उठाकर इसका खेल जल्दी ही ख़तम करना चाहती थी.

मैं अपनी गांड उठाकर उसे मेरी शार्ट निकालने में मदत की. और वह मेरी शार्ट को धीरे से खींच टाँगो से घुटनो और घुटनो से पाँव तक लगाया. तभी मैंने अपना दूसरे हाथ से अपनी चूत को छुपा लिया तो उसने मेरी शार्ट को चूमते हुये बोला: ये क्या? छुपा क्यों रही  हो?

मैं: तो तुम भी उतारो अपने कपड़े.

नवीन: मेरी शार्ट को अपने मुँह पर लगाकर सुंघा और फिर उठ खड़ा हुआ.

मेरे सामने वह पहले अपना कोट उत्तारा और फिर अपनी टाई और फिर अपनी शर्ट निकाल फेका, वह अपना बेल्ट खोल ही रहा था की मैंने उसे अपने एक हाथ से चूत छुपाती हुई ओर अपने दुसरे हाथ से ऊँगली के इशारे से अपने पास बुलाया.

वह मेरे पास आने लगा तो मैंने अपनी एक टांग से उसके छाती पर ज़ोर से लाथ मारी और उठ कर भाग के सोफे के पीछे जा कर खड़ी हो गयी.

मैं: इतना आसान नहीं मुझे पाना आओ आओ पकड़ो मुझे पकड़ो अपनी रंडी को. Shobha Bhabhi Ki Chudai

नवीन को मेरा उकसाना काफी पसंद आ रहा था और ये उसकी पैंट में उबरते लंड से साफ़ दिख था मुझे की वह चलकर मेरे पास आने लगा तो मैं धीरे धीरे अपनी कदम पीछे बढ़ाती हुई उससे दूर जाने लगी.

तभी वह मेरी तरफ तेज़ी से आने लगा और मैं भागने लगी.

इस तरह से एक अनजान आदमी के सामने अपने घर सिर्फ एक टॉप और नीचे से पूरी नंगी दौड़ भाग करने में काफी मज़ा आ रहा था मुझे.

वह भी मेरे पीछे पीछे भागने लगा, मैं भी अपनी नंगी गांड का प्रदर्शन कर उसे उत्तेजित करती हुई अपने पीछे पीछे भगाने लगी, लिविंग रूम के सोफे के 2 से 3 चकर भागने के बाद मैं डाइनिंग टेबल के तरफ भागी.

वहा फिर से हम दोनों हस्ते और दौड़ते हुए टेबल के 2 चक्कर काटे और फिर मैं वापस लिविंग रूम को जा ही रही थी की उसके मज़बूत हाथो ने मेरी कमर को पकड़ लिया और अपने से चिपका लिया.

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मेरी कमर पर हाथ जकड कर वह मुझे खिलौने के तरह हवा में उठा दिया. मैं अपनी टाँगो को हवा में लहलहाती हुई मचल रही थी थोड़ा आगे बढ़ते हुए उसने मुझे सोफे के पीछे से सोफे के रेस्ट पर पेट के बल झुकाया.

 फिर मेरी नंगी गांड पर चमत मारते हुए बोला : बड़ी भागती है साली कुत्ती.

मैं: यू क्नोव व्हाट?

नवीन: हाँ बोलो!

मैं: मुझे अपनी गांड पर चमत खाना बहुत पसंद है.

नवीन: अच्छा ! सिर्फ चमत खाना या गांड के अंदर लंड खाना भी पसंद है? ऐसा कहते हुए उसने मेरी गांड पर एक और ज़ोर की चमत दे मारी.

मैं: अपनी गांड मे लंड लेना भी पसंद है कुत्ते. वह मेरी बात पर पागल होता हुआ 3 से 4 ज़ोर के चमत दे मारा.

मैं: आआअह्ह्ह! मार के लाल कर दो  क्या?

नवीन: है है है! हाँ बिलकुल टमाटर के तरह.

मैं: दर्द हो रहा है. चलो किश करो.

नवीन थोड़ा झुक कर मेरे गले पर किश करने आया तो मैं बोली: यहाँ नहीं.नवीन: तो?

मैं: वहा जहा तुमने मार कर लाल कर दिया, नवीन मुझे सोफे के पीछे थोड़ा और झुकाते हुए पेट के बल लेटाया. फिर नीचे होकर बैठा और मेरी गांड पर किश करने लगा. उसके चमत मारे हुये हिस्से पर किश पाकर बड़ी राहत मिल रही थी.

कुछ 5 मिनट वह उसी जगह किश करने के बाद चाटने लगा तभी मैंने अपनी एक टांग उठा कर सोफे के रेस्ट पर रखी जिससे मेरी जांगे पूरी खुली, अब उसे चूत और गांड की छेद का नज़ारा देने लगी.

सर मुड़कर जब मैंने पीछे देखा तो मुझे अपनी चूत और गांड दिखते हुये उसकी आँखों में हवस का जानवर दिखा मुझे.

उसे और उकसाने के लिए मैंने अपनी एक ऊँगली मुँह में डाल कर चूसी और पीछे ले जाकर अपनी गांड की छेद को गीली ऊँगली से सहलाती हुई बोली: चलो अब मेरी चूत को चाटो और बोली  शुरू हो जा कुत्ते, उसने एक सेकंड न बर्बाद किया और अपना मुँह मेरी जांघो के बीच घुसाकर मेरी गीली हो चुकी चूत को चाटने लगा.

मैं: यस! और चाटो अच्छे  से चाट कुत्ते, उसकी जीभ मेरी गीली चूत की हर नमी को चाट चाट कर साफ़ कर रही थी.

और साथ ही कभी कभी मेरी चूत के होठो को फैलाता हुआ थोड़ा अंदर तक चाट जाता, मैं अपनी आँखे बंद कर उसकी जीभ का मज़ा लेने लगी. इतना मज़ा आ रहा था मानो मेरी ऊँगली मेरी गांड की छेद में धीरे धीरे घुसती हुई और भी मज़ा बढ़ा रही थी.

थोड़ी ही देर मे मुझे उसी ऊँगली पर उसकी जीभ महसूस हुई तो मैंने अपनी गांड में थोड़ी घुसी हुई ऊँगली बहार निकाली तो बिना बोले ही नवीन उस ऊँगली को अपने मुँह में लेकर लोल्लिपोप की तरह चूसने लगा. Shobha Bhabhi Ki Chudai

मानो उसे मेरी गांड का स्वाद बेहद मीठा लगा हो ऊँगली को चाट ने के बाद वह मेरी गांड की छेद पर अपने जीभ की नोक से चुभने लगा, जिससे मैं ‘आह’ बोल पड़ी.

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इसके बाद वह नीचे से ऊपर अपना जीभ दौडाते हुए मेरी चूत और गांड दोनों एक साथ चाटने लगा.

मैं: हाँ ऐसे ही मेरे प्यारे कुत्ते चाट अच्छे से चाट मेरी बाते सुन उसकी जीभ और तेज़ी से चाटने लगा, कई बार ऐसा महसूस हो रहा था मानो वह अपनी जीभ की नोक मेरी गांड में धकेल रहा हो.

उसकी ऐसी गन्दी हरकत से मेरे अंदर भी अब हवस का नशा उमड़ रहा था . कुछ 5 मिनट ऐसे ही करने के बाद वह उठ खड़ा हुआ. और अपनी पैंट की बेल्ट खोलने लगा.

मैं समझ गयी और उसे आँख मारती हुई बोली: याद है ना! पूरा पैसा वसूल करना है तुम्हे.

मैं उसे ऐसे इस लिए बोली ताकि वह पागल होकर मुझे जल्दी जल्दी चोदे और जल्दी झड़ जाए. वह अपनी पैंट को नीचे धकेल कर अपने घुटनो तक ले गया.

फिर अपने लंड को अपने हाथ में लेकर थोड़ा हिलाते हुए पीछे से मेरी चूत के मुँह पर रखा, फिर मुझे ऐसा महसूस हुआ मानो किसी ने मेरी चूत में मोटा सख्त 8 इंच का लोहा डाल दिया हो.

मैं: इतनी ज़ोर से नहीं.

नवीन: अपने लंड को पूरा बहार निकालते हुए बोला तुमने ही तो कहा पूरा पैसा वसूल करू.

मैं: पागल धीरे डालो पहले फिर करना वसूल, उसने मेरे बात की कोई लाज नहीं रखी और फिर से ज़ोर के धक्के के साथ मेरी चीख निकालते हुए मेरी चूत को फैलाता हुआ अपना पूरा लंड मेरी चूत मे घुसेड़ दिया. Shobha Bhabhi Ki Chudai

मैं: आह! वह फिर से अपना लंड पूरा निकाला और फिर से उसके झटके से मेरी चीख निकल पड़ी और फिर मेरी कमर को पकड़ सहारा बनाते हुए मेरी चूत को चोदने लगा.

मैं: अहह! यस! फ़कमी ! यस! नवीन अब चुप था मानो वह अपनी पूरी ताकत मुझे धक्के मारने में लगा रहा था और मुँह से आवाज़ नहीं निकल रही थी मेरी कमर को कस कर पकडे वह मुझे अपनी कुतिया बना कर मुझे पीछे से धना धन चोद रहा था.

अगर वह ऐसे ही 5 मिनट चोदे तो यकीनन वह झड़ ही जाए और इसी लिए उसे उकसाने के लिए मैं गन्दी बाते बोल रही थी.

मैं: नवीन यस! चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो अपनी रंडी क्लाइंट को.

और और और ज़ोर से, वह मेरी गांड पर चमाट मरता हुआ मेरी चूत में अपना लंड कई बार लगातार उतार रहा था अपने पति को ऐसे धोका देने में काफी मज़ा आ रहा था मुझे उसके हर धक्के पर मेरी चूत से रस की बूँद उमड़ रही थी.

जिसके सहारे उसका लंड हर बार मेरी चूत में और तेज़ी और आसानी से जा रहा था, उसने करीब 5 मिनट ऐसे ही चोदा वहा पर उसकी रफ़्तार में कोई कमी नहीं दिख रही थी.

मैं: और तेज़ मुझे और तेज़ पसंद है नवीन और तेज़! पता नहीं ये सुपरमैन था या क्या ऐसा तो सिर्फ राकेश मुझे टेबलेट खाने के बाद ही चोदता था, पर नवीन तो बिना टेबलेट के ही मुझे जानवरो के तरह चोद रहा था. मैं उससे चुदवाने का मज़ा लिए पड़ी थी की तभी टेबल पर मेरी फ़ोन बजने लगा.

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दूर से ही फोन की स्क्रीन पर एक अननोन नंबर दिखा और मैं सोची की बजने दो कोई अननोन नंबर है कुछ देर बाद फिर से उसी नंबर से कॉल आयी पर मैंने ध्यान नहीं दिया और फिर से रिंग बजी तीसरी बार जब रिंग बजी तो नवीन बोला : एक बार देखलो कोई इम्पोर्टेन्ट कॉल तो नहीं.

मैं: नहीं शट उप, तुम बस चोदो मुझे.

मुझे ब्रेक नहीं लेना तो इस पर वह मेरी कमर पर अपनी बाज़ुओ से जकड़ा और बिना अपना लंड मेरी चूत से निकाले मुझे सोफे से उठा कर आगे चोदते हुए चलवाने लगा. Shobha Bhabhi Ki Chudai

वह ऐसे चोदते हुए आगे झुक कर चलने में बहुत मज़ा आ रहा था और टेबल के पास जाते ही वह बोला लो विथाउट ब्रेक अब उठाकर बात करो. मैंने अपना एक हाथ टेबल पर टिका कर झुक कर उससे चुदवाती हुई फ़ोन लेकर अटेंड की.

मैं: हेलो!………………………….

मैं: तुम! ये..ये किस….किसका नंबर…..है?………………………….

मैं: क्यों? तुम्हारा नंबर क्या हुआ फ़ोन पर राकेश था और नवीन के चोदने के कारन मेरी हर शब्द कट रहा था .

मैं: क्यों होटल का नंबर तुम हरा नंबर कहा गया.………………………….

मैं: हाँ यही है.………………………….

मैं: नहीं कुछ पेपर दिखा रहा था जी जिस पर साइन कर रही हु और मुझे अच्छे से बैंक के नियम कायदे समझा रहा है.………………………….

मैं: क्यों क्या हुआ?………………………….

मैं: वह पता नहीं शायद नेट वर्क प्रॉब्लम होगा.………………………….

मैं: ओके राकेश बाद में कॉल करती हूँ मैंने तुरंत कॉल काटी और फिर मुड़कर नवीन को देख बोली पागल मेरे हस्बैंड थे थोड़ा रुक नहीं सकते थे मैं बात कर रही थी न?

नवीन: तुमने ही तो कहा तुम्हे ब्रेक पसंद नहीं, मैं उसे देख मुस्कुरायी और फिर नवीन फिर से मेरी चूत में धना धन मुझे टेबल के सहारे हाथ टिका कर खड़े रख चोदने लगा.

5 मिनट मुझे बिना रुके चोदने के बाद उसकी रफ़्तार में थोड़ी कमी आयी तो मैं समझ गयी की उसका होने वाला है मैं मन ही मन  खुश होने लगी की चलो इससे पीछा छूटेगा पर ऐसा हुआ नहीं वह अपना लंड निकला और फिर मुझे बालो से पकड़ फ्लोर पर घुटनो पर बैठाते हुए अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया. Shobha Bhabhi Ki Chudai

मेरी चूत का और उसके लंड का मिला झूला स्वाद उसके लंड से मैं चूस चूस कर पी रही थी, 2 मिनट ऐसे ही चूसने के बाद वह मेरा हाथ पकड़ उठाया और बड़े वाले सोफे पर ऐसे धकेला की मैं बेसहारा होकर पीठ के बल सोफे पर गिर पड़ी, मेरे गिरने के साथ ही जैसे मेरी दोनों टाँगे हवा में उछली उसने उन दोनों को अपने हाथो से वैसे ही पकड़ा और दोनों टाँगो को हवा में लाकर अपने बड़े से लंड को मेरी पहले से चढ़ कर खुली चूत में धकेल दिया.

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लंड काफी आसानी से मेरी चूत में चला गया इतना देर जिस तरह से ये बिना रुके अपना लोहा मेरे अंदर डाला उस हिसाब से तो मेरी चूत अब खुल ही चुकी थी, मेरी टाँगो को पकड़ सहारा बनाकर वह मेरी चूत में अपना लंड चोदने लगा, मैं अब भी अपने टॉप में थी और अपने टॉप के ऊपर से ही अपनी दोनों निप्पल को मसलती हुई उसके चोदने का मज़ा ले रही थी, अब तो मेरी मुँह से भी एक शब्द नहीं निकल रहा था.

मैंने जैसा सोचा था वैसा हुआ नहीं नवीन तो मेरी उम्मीद के पार मुझे चोद रहा था और उस पर थकान की कोई निशान नहीं दिख रहा था, मैं मन ही मन उसकी ताकत और चुदाई के मज़े के सामने हारने लगी, और आंखे बंद कर चुदवाने लगी करीब 4 से 5 मिनट ऐसे मुझे एक खिलौने के तरह चोदने पर मेरा जिस्म अकड़ने लगा, यकीन नहीं हो रहा था मुझे की कैसे कोई ऐसे बिना रुके लगातार इतनी तेज़ चोद रहा था.

एक बार तो मेरे मन में ये भी बात आ गयी की इसके सामने तो राकेश मेरा हस्बैंड टेबलेट खा कर भी हार जायेंगे,नवीन सच मे बहुत बढ़िया चोद रहा था फिर मेरे मुँह से दबी आवाज़ में उसे रोकने की बोली, पर उसके धक्को से मेरी आवाज़ मुँह से बहार नहीं निकल पा रही थी.

कुछ ही देर बाद मेरी कमर अकड़ कर ऊपर उठने लगी और मैं आहे भर्ती हुई झड़ने लगी पर बेरहम नवीन न रुका और न थका मेरी झड़ती चूत मैं भी धक्के मारता रहा फिर अपनी जिस्म में बची ताकत समेट कर मैंने उसे धक्का दिया.

अपने से अलग कर उसके लंड को अपनी चूत से बहार निकाल अकड़ कर अपनी झांघो को दबाकर चूत छुपाती हुई पड़ी रही आंखे बंद कर अपने आप को होश में लायी पता नहीं कितनी देर मे वही लेटी रही बस एक टॉप में, जब आँख खोली तो सामने नवीन अपना खड़ा लंड हिलाते हुए मुझे देख मुस्कुराया.

वह बोला : चलो एक साइन हो गया जब तक मैं न साइन कर लु तब तक तुमसे ऐसे ही साइन करवाता रहना है।

मैं: हिमत?

मैं लम्बी साँसे छोड़ती हुई बोली, अब मुजमे ओर बरदास्त करने की ताकत नहीं है आज तुमने मेरी चूत फाड़ दी है हफ्फ्फ्फ़!

बस दोस्तो आज इस कहनी मे इतना ही बाकी अगले भाग मे.

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